एक नई सोच, एक नई धारा

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कोवाली: अनियंत्रित कार बिजली पोल से टकराई, आदित्यपुर के युवक की दर्दनाक मौत; सिर धड़ से हुआ अलग

कोवाली (पूर्वी सिंहभूम): जिले के कोवाली थाना क्षेत्र के पास मंगलवार रात एक भीषण सड़क हादसे में आदित्यपुर निवासी युवक रिद्धि पांडेय की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार कार के बिजली पोल से टकराने के बाद हादसा इतना भयानक था कि युवक का सिर धड़ से अलग हो गया। कार में सवार तीन अन्य युवकों को मामूली चोटें आई हैं।

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​फार्म हाउस से लौटने के दौरान हुआ हादसा

​मिली जानकारी के अनुसार, आदित्यपुर निवासी रिद्धि पांडेय का कोवाली के हेसड़ा पंचायत स्थित रोलाडीह गांव में एक फार्म हाउस है। मंगलवार को वह अपने तीन दोस्तों—राज आर्यन, राजपाल और आर्यन सिंह—के साथ अपनी ‘किया साइरस’ कार (नंबर: JH 05 EA-6677) से वहां गए थे। रात करीब 10:00 बजे जब सभी वापस लौट रहे थे, तभी कोवाली थाना के समीप कार अनियंत्रित होकर 11 हजार वोल्ट के लोहे के बिजली पोल से जा टकराई।

​टक्कर इतनी जोरदार कि कार के उड़े परखचे

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की रफ्तार बहुत तेज थी। पोल से टकराते ही कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चालक की सीट पर बैठे रिद्धि पांडेय स्टीयरिंग और डैशबोर्ड के बीच बुरी तरह फंस गए और इस भीषण टक्कर में उनका सिर धड़ से अलग होकर जमीन पर गिर गया।

​अन्य तीन दोस्त सुरक्षित

​राहत की बात यह रही कि कार में सवार अन्य तीन युवक (राज आर्यन, राजपाल और आर्यन सिंह) इस भयानक दुर्घटना में बाल-बाल बच गए। उन्हें केवल मामूली चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही कोवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया।

​पुलिस की कार्रवाई

​पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। युवक की इस आकस्मिक और वीभत्स मौत की खबर से आदित्यपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस यह जांच कर रही है कि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या तेज रफ्तार की वजह से नियंत्रण खोने के कारण।

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जमशेदपुर: टेल्को में सनसनी, गला रेतकर युवक की हत्या; साक्ष्य मिटाने के लिए दूसरी जगह फेंका शव

जमशेदपुर: लौहनगरी के टेल्को थाना क्षेत्र में बुधवार को एक अज्ञात युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। सड़क किनारे पड़े शव को देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। प्राथमिक दृष्टया यह मामला निर्मम हत्या का प्रतीत हो रहा है, जिससे क्षेत्र में सनसनी मची हुई है।

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​धारदार हथियार से किया हमला

​मौके पर पहुंची टेल्को थाना पुलिस ने जब शव का निरीक्षण किया, तो युवक के गले पर धारदार हथियार से वार के गहरे निशान मिले। अपराधियों ने युवक का गला रेतकर उसकी हत्या की है। शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस का मानना है कि हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई है।

​घटनास्थल पर साक्ष्य का अभाव, जांच का दायरा बढ़ा

​पुलिस की जांच में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। घटनास्थल पर न तो संघर्ष के कोई निशान मिले हैं और न ही वहां खून के धब्बे पाए गए हैं। इससे पुलिस अधिकारियों ने आशंका जताई है कि:

  • ​युवक की हत्या किसी अन्य स्थान पर की गई है।
  • ​साक्ष्य छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से शव को टेल्को क्षेत्र में लाकर फेंका गया है।

​शिनाख्त की कोशिशें जारी

​मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों से गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी जुटा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम (MGM) अस्पताल भेज दिया गया है, ताकि मौत के सटीक समय और कारणों का पता चल सके।

​पुलिस की कार्रवाई

​टेल्को थाना पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर काम कर रही है:

  1. CCTV फुटेज: इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है ताकि शव लाने वाले वाहन या संदिग्धों का सुराग मिल सके।
  2. पूछताछ: स्थानीय लोगों और चश्मदीदों से जानकारी ली जा रही है।
  3. फॉरेंसिक साक्ष्य: हत्या के स्थान की पहचान के लिए तकनीकी सेल की मदद ली जा रही है।

​पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया जारी है और जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

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रांची के लापता मासूमों की 13 दिन बाद चितरपुर में सकुशल बरामदगी; महिला-पुरुष हिरासत में

रांची/रामगढ़: राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र (मल्लार टोली मौसीबाड़ी) से लापता दो सगे भाई-बहनों, पांच वर्षीय अंश और चार वर्षीय अंशिका के मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। घटना के 13वें दिन बुधवार को रजरप्पा पुलिस ने दोनों मासूमों को चितरपुर के पहाड़ी इलाके से सकुशल बरामद कर लिया। इस पूरे बचाव अभियान में स्थानीय युवाओं की सतर्कता और तत्परता ने मुख्य भूमिका निभाई।

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​स्थानीय युवाओं की मुस्तैदी लाई रंग

​जानकारी के अनुसार, मंगलवार की रात बच्चों के चितरपुर क्षेत्र में होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही स्थानीय युवा—डब्लू साहू, सचिन कुमार, सुनील कुमार, सन्नी नायक और अंशु कुमार—ने सक्रियता दिखाई और पूरी रात इलाके में गश्त व खोजबीन जारी रखी।

​बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे चितरपुर लाइन पार स्थित एक पहाड़ी क्षेत्र के घर के बाहर दोनों मासूमों को बैठा देखा गया। युवाओं ने तत्काल इसकी जानकारी रजरप्पा पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को अपने संरक्षण में लिया।

​संदेही हिरासत में, जांच जारी

​पुलिस ने मौके से बच्चों के साथ मौजूद एक महिला और एक पुरुष को हिरासत में लिया है। बरामद बच्चों और पकड़े गए संदिग्धों को आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए रामगढ़ एसपी कार्यालय ले जाया गया है। पुलिस अब इस अपहरण के पीछे के असली मकसद की गंभीरता से जांच कर रही है।

​देशव्यापी बन गया था यह मामला

​अंश और अंशिका की गुमशुदगी के बाद पुलिस प्रशासन पर भारी दबाव था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कई बड़े कदम उठाए गए थे:

  • SIT का गठन: रांची पुलिस ने बच्चों की तलाश के लिए विशेष जांच दल (SIT) बनाया था, जिसने बिहार और बंगाल सहित 18 राज्यों में छापेमारी की।
  • इनाम की घोषणा: रांची पुलिस ने बच्चों का सुराग देने वालों के लिए 4 लाख रुपए और पंचायत संघ ने 21 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की थी।
  • बचपन बचाओ आंदोलन: देशभर के 439 जिलों में संगठनों और लीगल वॉलेंटियर्स को सक्रिय किया गया था।
  • राजनीतिक व प्रशासनिक दबाव: राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने डीजीपी को नोटिस जारी किया था, वहीं 13 जनवरी को भाजपा ने इस मामले को लेकर रांची एसएसपी कार्यालय का घेराव भी किया था।

​परिजनों ने ली राहत की सांस

​पिछले 13 दिनों से गहरे सदमे और डर में जी रहे परिजनों ने बच्चों के सकुशल मिलने पर ईश्वर और पुलिस-प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। इलाके में उन युवाओं की जमकर प्रशंसा हो रही है जिन्होंने अपनी नींद त्याग कर रातभर बच्चों की सुरक्षा के लिए गश्त लगाई।

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घाटशिला: 16 जनवरी से शुरू होगा आठवां ‘घाटशिला फ्लावर शो’; डॉग शो और किड्स फैशन शो होंगे मुख्य आकर्षण

घाटशिला: घाटशिला फ्लावर शो कमेटी और झारखंड उदय कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में 16 से 18 जनवरी 2026 तक आठवें ‘घाटशिला फ्लावर शो’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। मऊभंडार स्थित स्पोर्ट्स क्लब मैदान में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय उत्सव की तैयारियों को लेकर मंगलवार को प्रेस वार्ता के माध्यम से विस्तृत जानकारी साझा की गई।

प्रकृति से जुड़ने का अनूठा प्रयास

​कमेटी के अध्यक्ष निर्मल झुनझुनवाला ने बताया कि एक छोटे स्तर से शुरू हुआ यह सफर आज एक विशाल रूप ले चुका है। इस शो का एकमात्र उद्देश्य लोगों में प्रकृति के प्रति प्रेम जगाना और उन्हें पर्यावरण से जोड़ना है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस आयोजन के प्रभाव से ही शहर में नर्सरियों की संख्या एक से बढ़कर आधा दर्जन से अधिक हो गई है।

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तीन दिनों का पूरा कार्यक्रम (शेड्यूल):

​झारखंड उदय के प्रबंध निदेशक रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि उत्सव में हर आयु वर्ग के लिए प्रतियोगिताएं रखी गई हैं:

  • 16 जनवरी (शुक्रवार): शाम 4 बजे फ्लावर शो का विधिवत उद्घाटन।
  • 17 जनवरी (शनिवार): दोपहर 2 बजे से रोमांचक डॉग शो का आयोजन।
  • 18 जनवरी (रविवार): * सुबह 10 बजे: वेल बेबी कॉम्पिटिशन (3 साल तक के बच्चों के लिए)।
    • ​सुबह 11 बजे: लाइव सिट एंड ड्रॉ प्रतियोगिता।
    • ​शाम 4 बजे: किड्स फैशन शो
    • ​शाम 6 बजे: पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह

इनकी रही उपस्थिति

​प्रेस वार्ता में रश्मि सिंह (संस्थापिका, किडजी), शिक्षक उत्तम दास, सौरभ ठाकुर और आर्किटेक्ट विनीत झुनझुनवाला भी मौजूद थे। कमेटी ने घाटशिला अनुमंडल सहित पूरे प्रदेश के लोगों से इस रंगारंग उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।

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झामुमो का ‘मिशन असम’: आदिवासियों की स्थिति जानने पहुंचेगी हेमंत सोरेन की हाई-लेवल टीम; 10 दिनों में मांगी रिपोर्ट

रांची: झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने असम में रह रहे आदिवासियों की बदहाली और उनकी वास्तविक स्थिति का अध्ययन करने के लिए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर गठित यह समिति असम में आदिवासियों की सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों का गहरा अध्ययन करेगी।

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हाई-प्रोफाइल कमेटी में कौन-कौन?

​पार्टी के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने मंगलवार को इस समिति के गठन की आधिकारिक पुष्टि की। इस महत्वपूर्ण दल में राज्य के कद्दावर नेताओं को शामिल किया गया है:

  • विजय हांसदा: सांसद (राजमहल)।
  • चमरा लिंडा: मंत्री, झारखंड सरकार।
  • भूषण तिर्की: विधायक (गुमला)।
  • मो. ताजुद्दीन राजा: विधायक (राजमहल)।

10 दिनों का ‘डेडलाइन’ और मिशन का उद्देश्य

​मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने टीम को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे 10 दिनों के भीतर असम का दौरा संपन्न करें। टीम वहां के चाय बागान श्रमिकों और वर्षों से रह रहे झारखंडी मूल के आदिवासियों से मुलाकात करेगी।

  • अध्ययन के बिंदु: आदिवासियों को मिल रहे संवैधानिक अधिकार, उनकी आर्थिक स्थिति और सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण।
  • प्रतिवेदन: दौरे के बाद टीम एक विस्तृत लिखित रिपोर्ट सीधे पार्टी अध्यक्ष हेमंत सोरेन को सौंपेगी।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा: क्या है इसके पीछे का संकेत?

​राजनीतिक जानकारों का मानना है कि झामुमो का यह कदम झारखंड से बाहर अन्य राज्यों में भी अपनी पैठ बनाने और ‘आदिवासी अस्मिता’ के मुद्दे को धार देने की रणनीति का हिस्सा है। विशेष रूप से असम में रह रहे ‘चाय जनजाति’ के लोग लंबे समय से अनुसूचित जनजाति (ST) के दर्जे की मांग कर रहे हैं, जो झामुमो के लिए एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।

​”असम में हमारे पूर्वज और आदिवासी भाई किस हाल में हैं, यह जानना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर यह टीम धरातल पर जाकर सच्चाई का पता लगाएगी।”

विनोद पांडेय, महासचिव, झामुमो

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तिसरी: शादी के 6 माह बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत; पिता ने लगाया हत्या का आरोप, पति हिरासत में

तिसरी (गिरिडीह): तिसरी प्रखंड के लोकाय पंचायत अंतर्गत पनियाय गांव में सोमवार रात एक नवविवाहिता, सूरजमुनि मरांडी, का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मृतका के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर गला दबाकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है, जबकि ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है।

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क्या है पूरा मामला?

​सूरजमुनि की शादी छह महीने पहले पनियाय गांव निवासी अशोक मुर्मू के साथ हुई थी। परिजनों के अनुसार:

  • विवाद की पृष्ठभूमि: हाल ही में सोहराय त्योहार के दौरान सूरजमुनि अपने मायके गई थी, जहाँ उसके पति अशोक मुर्मू के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।
  • समझौता और घर वापसी: सामाजिक स्तर पर समझौते के बाद सोमवार को ही वह अपने ससुराल लौटी थी। लेकिन ससुराल पहुंचने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत की खबर आ गई।

दावों में विरोधाभास: हत्या या आत्महत्या?

  • सास का दावा: मृतका की सास का कहना है कि सोमवार शाम बहू ने जहर खा लिया था। आनन-फानन में उसे तिसरी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई।
  • पिता का आरोप: मृतका के पिता अरुण मरांडी ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। मंगलवार सुबह जब परिजनों ने शव देखा, तो सूरजमुनि के गले पर गहरे निशान पाए गए। पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या की गई है और इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है।

पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ़्तारी

​घटना की सूचना मिलते ही लोकाय थाना प्रभारी अमित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

  1. हिरासत: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति अशोक मुर्मू को हिरासत में ले लिया है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है।
  2. पोस्टमार्टम: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों (जहर या गला घोंटना) का पता चल सकेगा।
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गम्हरिया में रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात: कलयुगी बेटे ने दावली से काटकर की पिता की निर्मम हत्या, शव के पास बैठा रहा आरोपी

गम्हरिया (सरायकेला-खरसावां): जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत टायो कॉलोनी में मंगलवार को रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी खौफनाक दास्तां सामने आई, जिसने मानवीय संवेदनाओं को सुन्न कर दिया है। यहाँ एक बेटे ने अपने ही पिता की दावली (धारदार हथियार) से काटकर नृशंस हत्या कर दी। मृतक की पहचान रामा नाथ दास (55) के रूप में हुई है, जो टीजीएस (TGS) के कर्मी थे और हाल ही में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (ESS) ले चुके थे।

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वारदात का खौफनाक मंजर

​टायो कॉलोनी स्थित जीएफ फ्लैट संख्या दो में घटित इस घटना का दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों की भी रूह कांप गई।

  • हमले की क्रूरता: आरोपी पुत्र मनसा दास ने अपने पिता पर दावली से ताबड़तोड़ वार किए। प्रहार इतने घातक थे कि पिता के सिर, शरीर और गुप्तांगों पर गहरे जख्म बन गए, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
  • शव के पास बैठा रहा हत्यारा: हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भागने के बजाय खून से लथपथ शव के पास ही बैठा रहा।

पुलिसिया कार्रवाई और जांच

​घटना की सूचना मिलते ही गम्हरिया थाना पुलिस और एसडीपीओ (SDPO) समीर कुमार सवैया दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।

  • हिरासत में आरोपी: पुलिस ने आरोपी पुत्र मनसा दास को मौके से ही हिरासत में ले लिया है।
  • साक्ष्य संकलन: फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया गया है।
  • जांच के बिंदु: पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस जघन्य हत्याकांड के पीछे तात्कालिक विवाद था या कोई पुरानी रंजिश या मानसिक विक्षिप्तता।

पारिवारिक पृष्ठभूमि: अकेले रहते थे पिता-पुत्र

​स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रामा नाथ दास का परिवार पिछले कुछ समय से बिखराव के दौर से गुजर रहा था।

  • ​मृतक की पत्नी का देहांत पहले ही हो चुका था।
  • ​पुत्री का विवाह हो चुका है और वह अपने ससुराल में रहती है।
  • ​आरोपी पुत्र मनसा दास की पत्नी भी पारिवारिक विवाद के कारण उससे अलग रह रही थी। वर्तमान में उक्त फ्लैट में पिता-पुत्र अकेले ही रहते थे, जिसके कारण घर के भीतर होने वाले विवादों की भनक पड़ोसियों को भी नहीं लग पाई।
टाटानगर रेल खंड पर बड़ा हादसा टला: ओएचई तार में फंसा कपड़ा, घंटों खड़ी रही बादामपहाड़ पैसेंजर

जमशेदपुर/परसुडीह: बादामपहाड़ से टाटानगर आ रही पैसेंजर ट्रेन मंगलवार को एक अनहोनी का शिकार होते-होते बची। परसुडीह थाना क्षेत्र के मखदुमपुर फाटक के समीप ट्रेन के ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) तार में लाल रंग का एक बड़ा कपड़ा फंस गया। लोको पायलट की सूझबूझ और सतर्कता के कारण एक संभावित गंभीर दुर्घटना को समय रहते टाल दिया गया।

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लोको पायलट की सतर्कता ने बचाया ‘पैंटो’

​झारखंड नगर के समीप जब ट्रेन गुजर रही थी, तभी लोको पायलट की नजर बिजली के तारों (OHE) में फंसे लाल कपड़े पर पड़ी।

  • तकनीकी खतरा: लोको पायलट के अनुसार, यदि ट्रेन को उसी गति में आगे ले जाया जाता, तो इंजन के ऊपर लगा पैंटोग्राफ (Panto) उस कपड़े में फंसकर टूट सकता था।
  • गंभीर परिणाम: पैंटो गिरने से न केवल पूरी ओएचई लाइन क्षतिग्रस्त हो जाती, बल्कि ट्रेन के ऊपर हाई-वोल्टेज शार्ट सर्किट होने का भी खतरा था। खतरे को भांपते हुए लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी और रेलवे कंट्रोल को सूचित किया।

यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें: पैदल ही निकले लोग

​ट्रेन के घंटों तक मखदुमपुर फाटक के पास खड़े रहने से यात्रियों का सब्र जवाब दे गया।

  • असुविधा: उमस और गर्मी के बीच ट्रेन में फंसे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी हुई।
  • पैदल मार्च: टाटानगर स्टेशन नजदीक होने के कारण कई यात्री ट्रेन से उतरकर पटरियों के सहारे पैदल ही अपने गंतव्य की ओर निकल पड़े। यात्रियों ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर नाराजगी भी जाहिर की।

शरारत या लापरवाही?

​स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और रेलवे सूत्रों का मानना है कि यह किसी शरारती तत्व की करतूत हो सकती है। आशंका है कि किसी ने कपड़े को पत्थर में बांधकर बिजली के तारों की ओर फेंका होगा।

​”रेलवे की बिजली लाइनों के साथ इस तरह की छेड़छाड़ करना न केवल दंडनीय अपराध है, बल्कि यह सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डालने जैसा है।” — रेलवे सुरक्षा बल (RPF) सूत्र

रेलवे की कार्रवाई

​सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम (TRD विभाग) टावर वैगन के साथ मौके पर पहुंची। सीढ़ी की मदद से ओएचई तार में फंसे कपड़े को हटाया गया और पूरी लाइन की जांच की गई। तकनीकी क्लियरेंस मिलने के बाद ही ट्रेन को टाटानगर की ओर रवाना किया गया।

रेलवे की अपील: रेल प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे रेलवे ट्रैक के आसपास ऐसी गतिविधियों से बचें जिससे परिचालन प्रभावित हो।

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शोक समाचार: बिष्टुपुर राम मंदिर के महासचिव दुर्गा प्रसाद का निधन, शहर में शोक की लहर

जमशेदपुर: लौहनगरी के प्रतिष्ठित एवं प्राचीन बिष्टुपुर राम मंदिर के महासचिव दुर्गा प्रसाद (57 वर्ष) का मंगलवार सुबह निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर फैलते ही मंदिर समिति, श्रद्धालु और शहर के गणमान्य लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है।

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अस्वस्थता और अस्पताल में उपचार

​पारिवारिक सूत्रों और उनके करीबी सहयोगी दीनू (कदमा निवासी) के अनुसार, दो दिन पूर्व दुर्गा प्रसाद जी से बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया था कि उनका ब्लड प्रेशर (BP) अनियंत्रित होकर काफी बढ़ गया था, जिसके बाद उन्हें तुरंत टीएमएच में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद मंगलवार सुबह करीब 9 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

मिलनसार और सेवाभावी व्यक्तित्व

​दुर्गा प्रसाद जी को उनके व्यवहार कुशल और मिलनसार स्वभाव के लिए जाना जाता था।

  • संगठनात्मक कुशलता: वे लगातार दो कार्यकाल से महासचिव पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
  • धार्मिक सक्रियता: राम मंदिर में होने वाले हर छोटे-बड़े आयोजन, विशेषकर रामनवमी और स्थापना दिवस कार्यक्रमों में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहती थी। वे समाज सेवा के कार्यों में भी अग्रणी रहते थे।

समाज में शोक और श्रद्धांजलि

​उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कांग्रेस नेता एआर कैलाश ने कहा, “दुर्गा प्रसाद जी का निधन समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपना जीवन मंदिर और सामाजिक सेवा को समर्पित कर दिया था।” शहर के विभिन्न संगठनों और मंदिर समितियों ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

कल होगी अंतिम विदाई

​दुर्गा प्रसाद जी का अंतिम संस्कार बुधवार (14 जनवरी) को किया जाएगा।

  • अंतिम यात्रा: सुबह 10 बजे उनके बागबेड़ा गणेश नगर (रोड नंबर-3) स्थित आवास से निकलेगी।
  • अंतिम संस्कार स्थल: बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट पर उनका दाह संस्कार संपन्न होगा।
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झारखंड भाजपा में ‘आदित्य’ युग का उदय: आदित्य साहू ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए किया नामांकन, 14 जनवरी को होगी औपचारिक घोषणा

रांची: झारखंड भारतीय जनता पार्टी (BJP) में संगठन के शीर्ष पद को लेकर चल रहा इंतजार अब समाप्त होने वाला है। सोमवार को राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने औपचारिक रूप से प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन के दौरान जिस तरह से राज्य के तमाम दिग्गजों का जमावड़ा लगा, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि पार्टी के केंद्रीय और राज्य नेतृत्व ने सर्वसम्मति से उनके नाम पर सहमति जताई है।

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वरिष्ठ नेताओं का भारी समर्थन: एकजुटता का शक्ति प्रदर्शन

​नामांकन की प्रक्रिया महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भाजपा की अंदरूनी एकजुटता का संदेश भी थी। इस अवसर पर पार्टी के कई दिग्गज चेहरे एक साथ नजर आए:

  • बाबूलाल मरांडी: नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री।
  • अर्जुन मुंडा: पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ नेता।
  • अन्नपूर्णा देवी: केंद्रीय मंत्री।
  • बिद्युत बरण महतो: जमशेदपुर सांसद।

रणनीतिक चयन: ‘सिंगल नामांकन’ का संदेश

​भाजपा ने इस बार चुनावी राजनीति के बजाय सहमति आधारित चयन को प्राथमिकता दी है।

  • एक ही नाम पर मुहर: पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष के लिए केवल आदित्य साहू का ही नामांकन कराया गया है। यह ‘सिंगल नामांकन’ की रणनीति आगामी चुनौतियों को देखते हुए संगठन में किसी भी तरह के अंतर्विरोध को समाप्त करने के लिए अपनाई गई है।
  • संगठनात्मक अनुभव: आदित्य साहू को संगठन के कार्यों का गहरा अनुभव है और वे कार्यकर्ताओं के बीच भी लोकप्रिय माने जाते हैं।

14 जनवरी का इंतजार

​नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब केवल औपचारिक घोषणा बाकी है।

  • घोषणा की तिथि: 14 जनवरी तक आधिकारिक रूप से उनके नाम की घोषणा कर दी जाएगी।
  • भविष्य की चुनौतियां: आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को देखते हुए आदित्य साहू के कंधों पर संगठन को धार देने और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
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