एक नई सोच, एक नई धारा

IMG 20260207 092632
मानगो निकाय चुनाव: करोड़पति ‘महारानियों’ के सामने 16 हजार वाली चुनौती, शिक्षा और संपत्ति का दिलचस्प मुकाबला

जमशेदपुर/मानगो: मानगो की ‘सरकार’ चुनने की घड़ी नजदीक आ रही है। 23 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए प्रत्याशियों ने अपनी संपत्ति और शिक्षा का ब्यौरा सार्वजनिक कर दिया है। हलफनामों के अनुसार, चुनावी मैदान में एक ओर जहाँ 3.65 करोड़ की मालकिन हैं, वहीं दूसरी ओर अशिक्षित लेकिन सेवा के जज्बे से भरी महिलाएं भी ताल ठोक रही हैं।

संपत्ति का गणित: सुधा सबसे अमीर, सुशीला की पूंजी सबसे कम

​मानगो मेयर पद की दौड़ में धनबल का पलड़ा सुधा गुप्ता की ओर झुकता दिख रहा है, जबकि सुशीला सिंह सादगी की मिसाल बनी हुई हैं।

  • करोड़पति क्लब: सुधा गुप्ता 3.65 करोड़ की संपत्ति के साथ सूची में शीर्ष पर हैं। उनके बाद संध्या सिंह (2.30 करोड़) और डॉ. वनीता सहाय (1.24 करोड़) का स्थान है।
  • सादगी का चेहरा: सुशीला सिंह ने अपनी कुल पूंजी महज 16,000 रुपये घोषित की है। पार्वती देवी (20 हजार) और इंदिरा मुंडा (70 हजार) भी इसी कतार में हैं, जो दिखाती हैं कि लोकतंत्र में हौसला धन से बड़ा होता है।

शिक्षा का स्तर: डिग्री बनाम जमीनी अनुभव

​उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता में भी भारी अंतर देखने को मिल रहा है:

  1. उच्च शिक्षित: सायस्ता परवीन (MA, B.Ed) और सोनामुनी सोरेन (LLB) जैसी प्रत्याशी अपनी प्रशासनिक और कानूनी समझ के साथ जनता के बीच हैं।
  2. साक्षर और अनुभवी: मैदान में वैसी महिलाएं भी हैं जिन्होंने स्कूल का मुंह नहीं देखा (जैसे इंदिरा मुंडी और सुशीला सिंह), लेकिन वे अपने सामाजिक जुड़ाव और जमीनी संघर्ष को अपनी ताकत मान रही हैं।

मानगो मेयर प्रत्याशी: एक नज़र में (तुलनात्मक चार्ट)

प्रत्याशी का नामशैक्षणिक योग्यताघोषित संपत्ति (₹ में)
सुधा गुप्तामैट्रिक3.65 करोड़
संध्या सिंहइंटर2.30 करोड़
वनीता सहायएमबीए1.24 करोड़
सायस्ता परवीनएमए, बीएड46.46 लाख
कुमकुम श्रीवास्तवस्नातकोत्तर38.48 लाख
सोनामुनी सोरेनएलएलबी6.73 लाख
सुशीला सिंहअनपढ़16 हजार

मतदाताओं के सामने बड़ी चुनौती

​मानगो की जनता अब इस कशमकश में है कि वे डिग्री (सरस्वती) को वोट दें, आर्थिक मजबूती (लक्ष्मी) को चुनें या सादगी और संघर्ष को। चुनावी गलियारों में बहस छिड़ गई है कि क्या भारी-भरकम संपत्ति विकास की गारंटी बनेगी या उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाएगी।

1002368779
चाईबासा ब्लड बैंक कांड: मासूमों को HIV+ खून चढ़ाने के मामले में FIR दर्ज, हाईकोर्ट के आदेश पर बड़ी कार्रवाई

चाईबासा: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में स्वास्थ्य विभाग की एक रूह कंपा देने वाली लापरवाही के खिलाफ आखिरकार कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। झारखंड हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद, चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक टेक्नीशियन मनोज कुमार और अन्य के खिलाफ सदर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।

1002368779

क्या है पूरा मामला?

​अक्टूबर 2025 में यह मामला तब उजागर हुआ जब चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया (Thalassemia) से पीड़ित पांच मासूम बच्चों को इलाज के दौरान HIV पॉजिटिव रक्त चढ़ा दिया गया। नियमित रक्त चढ़ाने की प्रक्रिया के दौरान हुई इस भारी चूक ने इन बच्चों के भविष्य को खतरे में डाल दिया।

हाईकोर्ट का कड़ा रुख और आदेश

​मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस गौतम कुमार की अदालत ने बुधवार को स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया था:

  • ​अदालत ने पीड़ित परिवारों को सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने और थाना प्रभारी को इसे तुरंत स्वीकार करने का आदेश दिया।
  • ​न्यायालय ने इस घटना को स्वास्थ्य प्रणाली की चरम विफलता माना।

सरकारी आश्वासन और धरातल की हकीकत

​घटना के प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने चाईबासा का दौरा कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और परिवारों को आजीवन सहयोग का वादा किया था।

  • मुआवजा: अब तक परिवारों को केवल 2 लाख रुपये की सहायता राशि मिली है।
  • असंतोष: पीड़ित परिवारों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि इतने महीनों बाद भी दोषी कर्मचारियों पर कोई ठोस कानूनी कदम नहीं उठाया गया था, जिसके कारण उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

जनसंघर्ष मोर्चा की भूमिका

​झारखंड बचाओ जनसंघर्ष मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष माधव चंद्र कुंकल ने इस लड़ाई को अंजाम तक पहुँचाने में मुख्य भूमिका निभाई।

  1. धरना प्रदर्शन: पीड़ित परिवारों ने पहले विधानसभा के समक्ष धरना दिया।
  2. याचिका: न्याय न मिलने पर मोर्चा द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।
  3. मांग: कुंकल ने कहा, “यह स्वास्थ्य प्रणाली में व्याप्त लापरवाही का उदाहरण है। हमारी मांग है कि दोषियों को कठोरतम दंड मिले ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।”

आगे क्या?

​FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस इस मामले में आरोपी टेक्नीशियन और अन्य संबंधित अधिकारियों से पूछताछ करेगी। जांच का मुख्य केंद्र यह होगा कि ब्लड बैंक में रक्त की स्क्रीनिंग (Screening) के प्रोटोकॉल का उल्लंघन कैसे हुआ।

1002368766
झारखंड शराब दुकान अपडेट: आज शाम तय होगा कितनी दुकानें होंगी सरेंडर, 1343 दुकानों के भविष्य पर फैसला

रांची: झारखंड में शराब दुकानों के संचालन को लेकर आज यानी शनिवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य की कुल 1343 खुदरा शराब दुकानों के नवीनीकरण (Renewal) के लिए लाइसेंस शुल्क जमा करने की अंतिम समय-सीमा 7 फरवरी को समाप्त हो रही है। आज शाम तक यह साफ हो जाएगा कि कितनी दुकानों का संचालन निजी हाथों में रहेगा और कितनी दुकानें सरकारी नियंत्रण में वापस जाएंगी।

1002368766

आज शाम तक की समय-सीमा: क्या है नियम?

​उत्पाद विभाग के नियमों के अनुसार, जिन दुकानों के संचालकों ने आज शाम तक लाइसेंस शुल्क जमा नहीं किया, उनकी दुकानों को ‘सरेंडर’ माना जाएगा।

  • 31 मार्च के बाद का प्लान: सरेंडर की गई दुकानें 1 अप्रैल से झारखंड राज्य बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) के अधीन चली जाएंगी।
  • अगली प्रक्रिया: JSBCL इन खाली दुकानों के लिए फिर से लॉटरी प्रक्रिया शुरू करेगा। यदि लॉटरी के माध्यम से बंदोबस्ती नहीं हो पाती है, तो जेएसबीसीएल खुद इन दुकानों का संचालन करेगा।

दुकानों का वर्तमान ढांचा

​राज्य में वर्तमान में शराब दुकानों की स्थिति इस प्रकार है:

  • कुल दुकानें: 1343
  • देसी शराब दुकानें: 159
  • कंपोजिट शराब दुकानें: 1184
  • वर्तमान व्यवस्था: 1 सितंबर 2025 से ये सभी दुकानें निजी लाइसेंसियों द्वारा संचालित की जा रही हैं।

विवादों के घेरे में उत्पाद विभाग: प्लेसमेंट एजेंसियों का मुद्दा

​एक तरफ नई बंदोबस्ती की तैयारी है, वहीं दूसरी तरफ पुरानी व्यवस्था का हिसाब अब तक चुकता नहीं हो पाया है। राज्य में पिछले 7 महीनों से प्लेसमेंट एजेंसियों और उत्पाद विभाग के बीच देनदारी (Liability) का मामला अटका हुआ है।

मुख्य विवादविवरण
JSBCL का आरोपप्लेसमेंट एजेंसियों ने शराब बिक्री के करोड़ों रुपयों का गबन किया है।
एजेंसियों का पक्षजेएसबीसीएल ने मैनपावर आपूर्ति का बकाया भुगतान अभी तक नहीं किया है।
वर्तमान स्थिति1 जुलाई से सभी दुकानें JSBCL के अधीन आने के बावजूद, विभाग अभी तक यह तय नहीं कर पाया है कि किस एजेंसी पर कितनी देनदारी बनती है।

राजस्व पर पड़ सकता है असर

​अगर बड़ी संख्या में दुकानें सरेंडर होती हैं और लॉटरी प्रक्रिया में देरी होती है, तो इसका सीधा असर राज्य के राजस्व पर पड़ेगा। अंधेरे का फायदा उठाकर अवैध शराब की बिक्री बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

n69997142917704357677433543aa88be66012b1e6bd6bec09e1a5f23ed55e1166a04de913ef9b82642f438
झारखंड की पंचायतों के लिए खुशखबरी: केंद्र से 275.12 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त मंजूर

रांची: झारखंड में ग्रामीण विकास और स्थानीय निकायों के सशक्तीकरण को लेकर एक बड़ी प्रगति हुई है। केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 15वें वित्त आयोग की ‘बेसिक ग्रांट’ (Basic Grant) की दूसरी किस्त जारी करने की सिफारिश कर दी है। इसके तहत राज्य को अगले सप्ताह तक 275.12 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।

समय पर शर्तें पूरी करने का मिला लाभ

​झारखंड सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग की अनिवार्य शर्तों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के कारण यह राशि स्वीकृत की गई है। राज्य ने निम्नलिखित मानकों पर सफलता प्राप्त की है:

  • ई-ग्राम स्वराज पोर्टल: योजनाओं की समय पर अपलोडिंग।
  • वित्तीय अनुशासन: खातों का समापन, ऑडिट और पहली किस्त के उपयोग का प्रमाण पत्र।
  • हस्तांतरण: 24 दिसंबर 2025 को मिली पहली किस्त को निर्धारित समय के भीतर पंचायतों को ट्रांसफर किया गया।

फंड का त्रिस्तरीय वितरण ढांचा

​जारी होने वाली अनुदान राशि को राज्य की त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में पूर्व निर्धारित फार्मूले के अनुसार बांटा जाएगा:

पंचायत स्तरहिस्सेदारी (%)मुख्य उद्देश्य
ग्राम पंचायत75%स्थानीय बुनियादी ढांचा, स्वच्छता और जल संरक्षण
पंचायत समिति (ब्लॉक)15%ब्लॉक स्तर की विकास योजनाएं
जिला परिषद10%जिला स्तरीय समन्वय और बड़े विकास कार्य

ग्रामीण विकास मंत्री का बयान

​झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य ने सभी वैधानिक और औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। उन्होंने बताया:

“हमें केंद्र के व्यय विभाग को की गई अनुशंसा की जानकारी मिली है। राशि प्राप्त होते ही इसे बिना किसी विलंब के सीधे पंचायतों के खातों में हस्तांतरित कर दिया जाएगा ताकि ग्रामीण विकास की योजनाएं प्रभावित न हों।”

विकास कार्यों को मिलेगी गति

​इस ‘अनटाइड ग्रांट’ (Untied Grant) का उपयोग पंचायतें अपनी आवश्यकतानुसार स्थानीय विकास कार्यों के लिए कर सकेंगी। इसमें मुख्य रूप से नालियों का निर्माण, पीसीसी सड़कें, सार्वजनिक भवनों का रखरखाव और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।

1002368741
झारखंड के कोडरमा में बड़ी वारदात: बिरहोर समुदाय के 10 आदिवासी बच्चे लापता, मानव तस्करी की आशंका

कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) ‘बिरहोर’ समुदाय के 10 बच्चे पिछले एक सप्ताह से रहस्यमयी ढंग से लापता हैं। 31 जनवरी से गायब इन बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

1002368741

श्राद्ध कार्यक्रम में गए थे बच्चे, फिर नहीं लौटे

​घटना जयनगर थाना क्षेत्र के गदियाई बिरहोर टोला (खारियोडीह पंचायत) की है। पुलिस के अनुसार:

  • 31 जनवरी को गांव के लगभग 60-70 लोग 15 किलोमीटर दूर परसाबाद में एक श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने गए थे।
  • ​इन ग्रामीणों के साथ ही ये 10 बच्चे भी कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे।
  • ​कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वयस्क ग्रामीण तो लौट आए, लेकिन ये बच्चे घर वापस नहीं पहुंचे।

मानव तस्करी का गहराता साया

​एक साथ 10 बच्चों का गायब होना सामान्य घटना नहीं मानी जा रही है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने मानव तस्करी (Human Trafficking) की गंभीर आशंका जताई है। बिरहोर समुदाय अपनी मासूमियत और बाहरी दुनिया से कम संपर्क के लिए जाना जाता है, जिसका फायदा उठाकर तस्करों द्वारा उन्हें निशाना बनाए जाने का डर बना हुआ है।

पुलिस की कार्रवाई: CCTV और सर्विलांस पर टिकी उम्मीद

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है:

  • गठित टीमें: डीएसपी (ट्रेनी) दिवाकर कुमार के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया है।
  • CCTV फुटेज: परसाबाद और रेलवे स्टेशन के आसपास के कैमरों की बारीकी से जांच की जा रही है।
  • हाई अलर्ट: बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों और नेशनल हाईवे पर चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि बच्चों को जिले से बाहर ले जाने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

​बिरहोर टोला में पिछले एक सप्ताह से चूल्हा नहीं जला है। गायब हुए बच्चों के माता-पिता की आंखों के आंसू नहीं सूख रहे हैं। परिजनों का कहना है कि उन्होंने रिश्तेदारों और नजदीकी गांवों में काफी तलाश की, लेकिन जब कहीं पता नहीं चला तब पुलिस की शरण ली।

थाना प्रभारी का बयान: जयनगर थाना प्रभारी उमा नाथ सिंह ने कहा है कि, “पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ बच्चों की बरामदगी में जुटी है। हम हर संभव तकनीकी और मानवीय इनपुट का सहारा ले रहे हैं।”

1002368731
झारखंड में पश्चिमी विक्षोभ का असर: अगले 48 घंटों में गिरेगा पारा, ठिठुरन बढ़ने के आसार

राँची: झारखंड में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र, राँची के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से राज्य के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। अगले 24 से 48 घंटों के भीतर न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की संभावना है, जिससे सुबह और देर रात की कनकनी बढ़ेगी।

1002368731

आसमान साफ होते ही बढ़ेगी ठंड

​मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ. बाबूराज पीपी ने बताया कि शनिवार से आसमान साफ होने की उम्मीद है। जैसे ही बादल छंटेंगे, उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं का प्रवेश राज्य में सुगम हो जाएगा। इससे न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट आएगी। सुबह के समय राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे का कुहासा (Fog) छाया रहेगा।

क्षेत्रवार तापमान का पूर्वानुमान (अगले 5 दिन)

क्षेत्रजिलेअधिकतम तापमानन्यूनतम तापमान
उत्तर-पश्चिमगढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार25°C – 29°C7°C – 9°C
मध्य झारखंडरांची, बोकारो, हजारीबाग, गुमला25°C – 27°C7°C – 11°C
पूर्वोत्तरदेवघर, धनबाद, गिरिडीह, साहिबगंज26°C – 28°C8°C – 11°C
दक्षिण झारखंडजमशेदपुर, सिमडेगा, सरायकेला29°C – 30°C8

प्रमुख अपडेट्स:

  • सबसे ज्यादा ठंड: गुमला, खूंटी, गढ़वा और पलामू में पारा 7 डिग्री तक गिरने की संभावना है, जिससे यहाँ शीतलहर जैसे हालात बन सकते हैं।
  • दिन और रात के तापमान में अंतर: दक्षिण झारखंड (कोल्हान क्षेत्र) में दिन का तापमान 30 डिग्री तक रहेगा जबकि रात में यह 8 डिग्री तक गिर जाएगा। तापमान में इस बड़े अंतर के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
  • खगोल गणना: 7 फरवरी को सूर्योदय सुबह 06:21 बजे और सूर्यास्त शाम 05:33 बजे होगा। धूप की अवधि कम होने से शाम होते ही ठंड का अहसास तेज होगा।

सावधानी की सलाह

​मौसम विभाग ने लोगों को विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिन में धूप के बावजूद रात के समय अचानक गिरते तापमान से वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

1002368721
बोकारो में हाथियों का खूनी तांडव: गोमिया में 48 घंटे के भीतर 5 की मौत, ग्रामीणों में दहशत

गोमिया (बोकारो): झारखंड के बोकारो जिले का गोमिया प्रखंड इन दिनों हाथियों के भीषण आतंक से थर्रा उठा है। पिछले 48 घंटों के भीतर हाथियों ने अलग-अलग गांवों में हमला कर 5 निर्दोष ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया है। गुरुवार रात गांगपुर गांव में दादा-पोते की मौत के साथ ही इस क्षेत्र में मातम और आक्रोश का माहौल है।

1002368721

गांगपुर में आधी रात का कहर: दादा और पोते की जान गई

​महुआटांड़ पंचायत के गांगपुर गांव में गुरुवार रात करीब 8:30 बजे तीन हाथियों का झुंड अचानक घुस आया। गांव में बिजली नहीं होने के कारण अंधेरे का फायदा उठाकर हाथियों ने घरों पर हमला करना शुरू कर दिया।

  • मृतक: 60 वर्षीय सोमर साव और उनका 8 वर्षीय पोता अमन कुमार (आयुष)।
  • घायल: हाथियों ने घर की दीवारें तोड़कर अंदर मौजूद लोगों को निशाना बनाया, जिसमें 10 वर्षीय राहुल कुमार, शांति देवी और राशि कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
  • लापता: ग्रामीणों के अनुसार एक व्यक्ति अभी भी लापता है, जिसकी तलाश वन विभाग और स्थानीय लोग कर रहे हैं।

बड़की पन्नू गांव: एक ही परिवार के तीन लोगों को कुचला

​इससे पूर्व बुधवार देर रात करीब 3 बजे बड़की पन्नू गांव में हाथियों के पांच सदस्यीय झुंड ने भीषण तबाही मचाई थी। यहाँ हाथियों ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों को बेरहमी से मार डाला:

  1. गंगवा करमाली: घर से बाहर भागते समय हाथियों ने सूंड में लपेटकर पटक दिया।
  2. कमली देवी: पति की चीख सुनकर बाहर निकलीं पत्नी को भी हाथियों ने कुचल दिया।
  3. भगिया देवी: जान बचाने की कोशिश कर रही गंगवा करमाली की भाभी को भी हाथियों ने अपना शिकार बनाया।

प्रशासनिक विफलता और अंधेरे का फायदा

​ग्रामीणों में प्रशासन और वन विभाग के प्रति भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि:

  • ​गांवों में बिजली की अनुपलब्धता के कारण हाथियों की आवाजाही का पता नहीं चल पाता।
  • ​हाथी घरों के दरवाजे और दीवारें तोड़कर सीधे रिहायशी इलाकों में हमला कर रहे हैं।
  • ​वन विभाग की गश्त और हाथियों को भगाने के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।
1002367521
जमशेदपुर में गूंजेगा ‘जय भवानी, जय शिवाजी’: 19 फरवरी को निकलेगी भव्य भगवा शोभायात्रा

जमशेदपुर: हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती के अवसर पर इस वर्ष भी जमशेदपुर की सड़कें भगवामय होने वाली हैं। ‘छत्रपति शिवाजी सेना’ द्वारा आयोजित होने वाली यह भव्य शोभायात्रा लगातार तीसरे वर्ष 19 फरवरी 2026 को निकाली जाएगी।

1002367521

बारीडीह से एग्रीको तक उमड़ेगा जनसैलाब

​एक प्रेस वार्ता के दौरान आयोजन की रूपरेखा साझा करते हुए छत्रपति शिवाजी सेना के संस्थापक मनीष कुमार प्रसाद (मनीष सिंदे) ने बताया कि शोभायात्रा बारीडीह दुर्गा पूजा मैदान से शुरू होगी और एग्रीको पुराने दुर्गा पूजा मैदान तक जाएगी। इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं और युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है।

शौर्य और संस्कृति का अनूठा संगम

​शोभायात्रा को भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं:

  • पारंपरिक छटा: शोभायात्रा में लहराते भगवा ध्वज, ढोल-नगाड़ों की थाप और पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु आकर्षण का केंद्र होंगे।
  • राष्ट्रभक्ति का संदेश: देशभक्ति के नारों और शिवाजी महाराज के जीवन दर्शन की झांकियों के माध्यम से युवा पीढ़ी को उनके गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया जाएगा।
  • अनुशासन सर्वोपरि: मनीष कुमार प्रसाद ने जोर दिया कि आयोजन पूरी तरह से अनुशासित और सामाजिक सौहार्द के साथ संपन्न होगा।

तीसरे वर्ष भी ऐतिहासिक होगा आयोजन

​संस्थापक ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा:

​”छत्रपति शिवाजी महाराज केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि सुशासन और राष्ट्र निर्माण के प्रतीक हैं। हर साल लोगों का उत्साह बढ़ रहा है और यह तीसरा वर्ष जमशेदपुर के इतिहास में ऐतिहासिक होगा। हम सभी को मिलकर इस राष्ट्रभक्ति के उत्सव को सफल बनाना है।”

युवाओं को जोड़ने का संकल्प

​आयोजकों का मुख्य उद्देश्य आधुनिक युवाओं को शिवाजी महाराज के आदर्शों, स्वाभिमान और राष्ट्र सेवा की भावना से जोड़ना है। प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कार्यकर्ताओं की टोलियां भी तैनात रहेंगी।

कार्यक्रम का विवरण:

  • दिनांक: 19 फरवरी 2026
  • प्रारंभ: बारीडीह दुर्गा पूजा मैदान
  • समापन: एग्रीको पुराना दुर्गा पूजा मैदान
  • आयोजक: छत्रपति शिवाजी सेना
1002367191
प्रतिभा का महाकुंभ: नेताजी सुभाष पब्लिक स्कूल राखामाइंस में वार्षिकोत्सव की धूम, बच्चों ने बिखेरे संस्कृति के रंग

राखामाइंस: नेताजी सुभाष पब्लिक स्कूल, राखामाइंस के सभागार में आयोजित वार्षिक समारोह (Annual Day) में छात्र-छात्राओं की रचनात्मकता और भारतीय संस्कृति की अनुपम झलक देखने को मिली। दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम ने पूरे वातावरण को भक्ति और उत्साह से सराबोर कर दिया।

1002367191

दिग्गजों की मौजूदगी में निखरी बच्चों की कला

​समारोह के मुख्य अतिथि नेताजी सुभाष ग्रुप ऑफ स्कूल के संस्थापक श्री मदन मोहन सिंह रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने की। इस दौरान शिक्षा जगत की कई जानी-मानी हस्तियां मंचासीन रहीं, जिनमें डॉ. आर. एन. शर्मा, तनवीर आलम और विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपल्स शामिल थे।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

​विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नृत्य, संगीत और नाटकों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छोटे-छोटे बच्चों का आत्मविश्वास और उनकी टीमवर्क देख अभिभावकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। विद्यालय की प्रिंसिपल वाई. मांगा लक्ष्मी ने स्पष्ट किया कि स्कूल का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें ‘संस्कारवान नागरिक’ बनाना है।

1002367189

अतिथियों के विचार: शिक्षा और सर्वांगीण विकास

​कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शिक्षा के बदलते स्वरूप और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के महत्व पर जोर दिया:

  • मदन मोहन सिंह (संस्थापक): “वार्षिकोत्सव बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने का सशक्त माध्यम है।”
  • मृत्युंजय कुमार झा (अध्यक्ष): “नैतिक मूल्यों के बिना शिक्षा अधूरी है, और हमारे बच्चे सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”
  • तनवीर आलम (मार्केटिंग हेड): “ऐसे आयोजनों से बच्चों में अनुशासन और नेतृत्व क्षमता (Leadership) का विकास होता है।”

सराहनीय रहा शिक्षकों का मार्गदर्शन

​नेताजी सुभाष हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज के प्रतिनिधि डॉ. आर. एन. शर्मा और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने शिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रस्तुतियों का स्तर विद्यालय में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को दर्शाता है।

समापन और आभार: कार्यक्रम का समापन शिक्षक समन्वयक सतीश झा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विशेष रूप से कड़ी मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावकों ने भी विद्यालय के इस प्रयास की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

1002366176
जमशेदपुर: अपहरण कर कोरे कागज पर कराए हस्ताक्षर, कार भी छीनी; 20 दिन बाद भी ‘करणदीप’ पुलिस की पकड़ से बाहर

जमशेदपुर: लौहनगरी में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे दिनदहाड़े अपहरण और लूट जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। सोनारी निवासी नरेश कुमार के साथ हुई खौफनाक वारदात को 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन बिष्टुपुर पुलिस और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को लिखित शिकायत देने के बावजूद अब तक न तो आरोपी करणदीप सिंह की गिरफ्तारी हुई है और न ही पीड़ित की कार बरामद की जा सकी है।

1002366178

बातों में फंसाया, फिर साथियों संग किया अपहरण

​पीड़ित नरेश कुमार (निवासी: सीपी क्लब, सोनारी) ने बताया कि घटना 11 जनवरी की शाम की है। वे बिष्टुपुर स्थित जुडिओ मॉल जाने के लिए अपनी कार (JH-05DD-9486) पार्क कर रहे थे। तभी करणदीप सिंह नामक युवक उनके पास आया और बातों में उलझा लिया। देखते ही देखते एक दूसरी कार में करणदीप के 5-6 साथी वहां आ धमके।

गाढ़ाबासा में बंधक बनाकर मारपीट और जबरन हस्ताक्षर

​अपराधियों ने नरेश को जबरन अपनी कार में बैठा लिया और साकची के गाढ़ाबासा स्थित एक कमरे में ले गए। पीड़ित के अनुसार:

  • मारपीट: कार के अंदर और कमरे में उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उनके चेहरे, आंख और छाती पर गंभीर चोटें आईं।
  • जबरन वसूली का तरीका: डरा-धमकाकर अपराधियों ने एक कोरे कागज पर यह लिखवा लिया कि नरेश ने पैसे के एवज में अपनी कार बेच दी है। साथ ही कई सादे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर भी करवा लिए गए।
  • धमकी: अपराधियों ने नरेश और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी, जिसके डर से पीड़ित ने वही किया जो हमलावरों ने कहा।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल

1002366171

​नरेश कुमार ने न्याय के लिए कानून का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन मिला है:

  1. 11 जनवरी: बिष्टुपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
  2. 14 जनवरी: वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को मामले की गंभीरता से अवगत कराया।

​20 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई न होना पुलिस की गश्ती और अनुसंधान पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है। पीड़ित अब भी डरा हुआ है और अपनी संपत्ति (कार) वापस पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है।

1002366182

मुख्य बिंदु:

  • आरोपी: करणदीप सिंह और उसके 5-6 अज्ञात साथी।
  • कार नंबर: JH-05DD-9486 (अभी तक बरामद नहीं)।
  • चोटें: पीड़ित के चेहरे और छाती पर हमले के निशान।
error: Content is protected !!