जमशेदपुर / मुंबई:
महाराष्ट्र के ऐतिहासिक तख्त सचखंड श्री हजूर अबचलनगर साहिब के प्रबंधन से जुड़े विवाद पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा लिए गए एक संवेदनशील फैसले का झारखंड भाजपा के युवा सिख नेता सतबीर सिंह सोमू ने पुरजोर स्वागत किया है।
देश-विदेश के सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह निर्णय लिया है कि ‘हजूर साहिब बिल, 2026’ को विधानसभा में पेश करने से पहले सिख विद्वानों, जत्थेबंदियों और संबंधित हितधारकों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकार इसके लिए एक विशेष समिति का भी गठन करने जा रही है।
सिखों की भावनाओं का हुआ सम्मान: सोमू
जमशेदपुर के युवा सिख नेता सतबीर सिंह सोमू ने मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना करते हुए कहा:
”श्री हजूर साहिब सिखों की आस्था और भावनाओं से जुड़ा एक बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण तख्त है। इसलिए, वहां के प्रबंधन या नियमों से जुड़े किसी भी कार्य में सिख समुदाय और विद्वानों की राय लेना बेहद आवश्यक है। सरकार का यह फैसला लोकतंत्र और धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान करता है।”

भाजपा सिख पंथ की गरिमा के लिए प्रतिबद्ध
सोमू ने सिखों की चिंताओं पर त्वरित और संवेदनशील प्रतिक्रिया देने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुले का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हमेशा से सिख पंथ की गरिमा, परंपराओं और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रही है और इस फैसले ने इसे एक बार फिर साबित कर दिया है।
स्रोतः तीसरी धारा न्यूज डेस्क











