एक नई सोच, एक नई धारा

NSU के रोटारेक्ट क्लब का वार्षिक पुरस्कार समारोह ‘द लास्ट फॉल इन’ संपन्न, शुभो पात्रा बने ‘रोटारेक्टर ऑफ द टेन्योर’

जमशेदपुर: नेताजी सुभास यूनिवर्सिटी (NSU) के रोटारेक्ट क्लब द्वारा वार्षिक पुरस्कार समारोह “द लास्ट फॉल इन” का आयोजन बेहद धूमधाम के साथ किया गया। यह विशेष समारोह रोटरी वर्ष 2025-26 के क्लब अध्यक्ष रोटारेक्टर आनंद राज सिंह के सफल कार्यकाल के दौरान सदस्यों द्वारा किए गए उत्कृष्ट और सराहनीय कार्यों को रेखांकित करने के लिए आयोजित किया गया था।IMG 20260621 WA0003

​कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ राष्ट्रगान, दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ हुआ। इस गरिमामयी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रोटेरियन कृष्ण खरिया और विशिष्ट अतिथि के रूप में रोटेरियन जितेश चौधरी उपस्थित रहे। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार श्री नागेंद्र कुमार सिंह, डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. राकेश कुमार, आईक्यूएसी (IQAC) निदेशक डॉ. श्रद्धा वर्मा, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की अध्यक्ष दीपिका कुमारी और क्लब मॉडरेटर अभिनव कुमार ने भी कार्यक्रम में शामिल होकर छात्रों का उत्साह बढ़ाया।b 1

​छात्रों के समग्र विकास के लिए हर साल होगा आयोजन: रजिस्ट्रार

​समारोह को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार श्री नागेंद्र कुमार सिंह ने छात्रों का मनोबल बढ़ाया और एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि यह आयोजन अब हर साल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह समारोह छात्रों के साल भर के कड़े परिश्रम को मान्यता देता है, जो उनके समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी है। वहीं, अन्य सम्मानित अतिथियों ने भी ऐसे कार्यक्रमों की सराहना करते हुए छात्रों को भविष्य में भी मानवीय मूल्यों पर खरा उतरने की सीख दी और विजेताओं को पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाया।a 2

​इन्हें मिला सम्मान: प्रमुख विजेताओं की सूची

​समारोह के दौरान साल भर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले क्लब के पदाधिकारियों और सदस्यों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया, जो इस प्रकार हैं:

  • रोटारेक्टर ऑफ द टेन्योर: रोटारेक्टर शुभो पात्रा
  • बेस्ट परफॉर्मर ऑफ द ईयर: रोटारेक्टर शिबांश महापात्रा
  • बेस्ट टीम प्लेयर: रोटारेक्टर श्रुति शर्मा
  • फाइनेंशियल एक्सीलेंस: रोटारेक्टर नूर अफ़शां
  • द लेगेसी ऑफ गाइडेंस अवार्ड: अभिनव कुमार सर
  • एक्सीलेंस इन सपोर्ट अवार्ड: प्रतीक झा और राज विवेक यादव

​इसके अलावा, क्लब की गतिविधियों में लगातार सक्रिय भूमिका निभाने वाले 10 जांबाज सदस्यों को ‘रोटारेक्टर ऑफ द मंथ’ के विशेष पुरस्कार से भी नवाजा गया। कार्यक्रम का समापन रोटारेक्ट क्लब की सामूहिक सेवा भावना और आपसी फेलोशिप को याद करते हुए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

तीसरी धारा न्यूज

टेक-क्रांति: अब सड़क पर ही खुलेगा अपराधियों का कच्चा चिट्ठा, अमित शाह ने लॉन्च किया ‘अभिज्ञान’ ऐप

नई दिल्ली / जमशेदपुर: देशभर में पुलिस और जांच एजेंसियों को जल्द ही एक ऐसी कमाल की तकनीक मिलने वाली है, जिससे उनका काम न सिर्फ बेहद आसान हो जाएगा बल्कि अपराधियों पर भी शिकंजा कसना तेज होगा। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने एक नया डिजिटल हथियार ‘अभिज्ञान’ (Abhigyan) ऐप तैयार किया है, जिसे गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लॉन्च किया।n7167069491781945383336fc18e1934420338abf6e57233c0525a419e855fb131e7aada790199130f1b12d

​यह तकनीक मूल रूप से एक पोर्टेबल फिंगरप्रिंट स्कैनर की तरह काम करेगी, जो सीधे स्मार्टफोन के जरिए 1.3 करोड़ आपराधिक संदिग्धों और दोषियों के राष्ट्रीय डेटाबेस से जुड़ी होगी।

​सड़क पर चलते-चलते ही हो सकेगी संदिग्धों की चेकिंग

​इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को किसी संदिग्ध की पहचान करने के लिए उसे थाने लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

  • 35 सेकंड में परिणाम: इस ऐप की मदद से पुलिस सड़क चलते भी किसी संदिग्ध को रोककर उसके अंगूठे के निशान (बायोमेट्रिक) ले सकेगी। ऐप के डेमो में देखा गया है कि फिंगरप्रिंट डेटाबेस से मैच होने में महज 35 सेकंड का समय लगता है।
    • तुरंत सामने आएगा इतिहास: चंद सेकंड के भीतर ही पुलिसकर्मी अपने स्मार्टफोन पर संदिग्ध का पूरा आपराधिक इतिहास देख सकेंगे, जिससे वांटेड अपराधियों और भगोड़ों को पकड़ना बेहद आसान हो जाएगा।b 1

​स्मार्टफोन पर रियल-टाइम पहचान, डेटाबेस है बेहद मजबूत

​वर्तमान व्यवस्था की बात करें तो फिंगरप्रिंट चेक करने की सुविधा देशभर के थानों और जिला मुख्यालयों में लगे मात्र 1,556 वर्कस्टेशनों पर ही उपलब्ध है। ऐसे में किसी भी संदिग्ध का रिकॉर्ड जांचने के लिए उसे थाने ले जाना अनिवार्य होता था।

सुरक्षा और डेटा का बड़ा नेटवर्क

यह नया ऐप सीधे ‘नाफिस’ (NAFIS) सेंट्रल प्लेटफॉर्म से जुड़ा है। इस डेटाबेस में वर्तमान में 9.91 लाख नशीले पदार्थों के तस्करों, 3.65 लाख मानव तस्करी के आरोपियों और जेल के कैदियों का विशाल डेटा शामिल है। सुरक्षा के लिहाज से यह ऐप पूरी तरह ‘टू-स्टेप ऑथेंटिकेशन’ से सुरक्षित है और रियल टाइम में सटीक रिजल्ट देती है।

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​पुलिस को आधुनिक बनाने और सजा दिलाने पर जोर

​अभिज्ञान ऐप को लॉन्च करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सिर्फ अपराधियों को पकड़ना ही काफी नहीं है, बल्कि कानून के दायरे में तय समय सीमा के भीतर उन्हें कड़ी सजा दिलाना भी बेहद जरूरी है। इसके लिए उन्होंने जांच में आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया।

​उन्होंने कहा कि फिंगरप्रिंट, डीएनए (DNA), मोबाइल टावर डेटा, फेशियल रिकॉग्निशन और आईरिस स्कैन जैसे वैज्ञानिक सबूतों को अगर चार्जशीट का हिस्सा बनाया जाए, तो अदालत में अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना और आसान हो जाएगा। इस नई तकनीक के आने से भारतीय पुलिसिंग के इतिहास में एक नया और आधुनिक अध्याय शुरू होने जा रहा है।

तीसरी धारा न्यूज

श्रीनाथ कॉलेज और श्रीनाथ पब्लिक स्कूल में एआई पर कार्यशाला आयोजित, ऑक्सफोर्ड और एडिनबर्ग की रिसोर्स पर्सन डॉ. दीपशिखा ने साझा किए विचार

आदित्यपुर: आदित्यपुर स्थित श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन तथा श्रीनाथ पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों के लिए ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) पर आधारित एक बेहद महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉ. दीपशिखा बेहरा उपस्थित रहीं। डॉ. दीपशिखा वर्तमान में एडिनबर्ग विश्वविद्यालय (यूनाइटेड किंगडम) के ‘इंस्टीट्यूट फॉर एडवांस्ड स्टडीज इन द ह्यूमैनिटीज’ में पोस्ट डॉक्टोरल फेलो हैं और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ‘ऑक्सफोर्ड कम्पेरेटिव क्रिटिसिजम एंड ट्रांसलेशन रिसर्च सेंटर’ में परियोजना सहयोगी के रूप में कार्यरत हैं।IMG 20260619 WA0082

​कार्यशाला का विषय: स्कूली शिक्षा में एआई और भाषा अनुवाद

​इस विशेष कार्यशाला का मुख्य विषय “ट्रांसलेटिंग मल्टीलिंगुअल वर्ल्डस यूजिंग एलएलएमएस: एथिक्स ऑफ एआई ट्रांसलेशन इन स्कूल एजुकेशन इन द ग्लोबल साउथ” (Translating Multilingual Worlds using LLMs: Ethics of AI Translation in School Education in the Global South) था।IMG 20260619 WA0084

​एआई मानव निर्मित है, इंसान नहीं: डॉ. दीपशिखा

​कार्यशाला के दौरान डॉ. दीपशिखा ने विद्यार्थियों से एआई की समझ को लेकर बातचीत की। उन्होंने एआई के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को इस पर अपने विचार लिखने को कहा। उन्होंने महत्वपूर्ण बातें साझा करते हुए कहा:

  • ​एआई को हम केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में उपयोग करते हैं। इसे इंसानों ने ही बनाया है, लेकिन यह इंसान नहीं है।
  • ​अत्यधिक निर्भरता के कारण एआई लोगों को निष्क्रिय बना रहा है, जिससे उनकी सृजनात्मक (क्रिएटिव) शक्ति प्रभावित हो रही है।
  • ​एआई हमेशा सही नहीं होता, कई बार यह गलत और भ्रामक जानकारियां भी देता है।IMG 20260619 WA0086b 1

​प्रैक्टिकल एक्टिविटी से बच्चों को समझाया एआई और मानवीय सोच का अंतर

​कार्यशाला को रोचक बनाने के लिए डॉ. दीपशिखा ने विद्यार्थियों को कुछ व्यावहारिक गतिविधियां (Activities) भी कराईं:

  • ​उन्होंने कुछ पुरानी कविताओं की पंक्तियां देकर उन्हें नए शब्दों से पूरा करने को कहा, जिसे छात्रों ने अपनी कल्पना से पूरा किया।
  • ​एक अधूरी कहानी के रिक्त स्थानों को भी बच्चों ने अपने-अपने हिसाब से भरा।
  • ​उन्होंने चैट जीपीटी (ChatGPT) से जुड़ी कई महत्वपूर्ण और तकनीकी बातों को छात्र-छात्राओं के साथ साझा किया।
  • ​एक हिंदी कविता को विद्यार्थियों की अपनी-अपनी मातृभाषा में अनुवाद करने को कहा गया। इस दौरान उन्होंने समझाया कि यदि भारतीय भाषाओं के सटीक अनुवाद का जिम्मा पूरी तरह एआई पर छोड़ दिया जाए, तो इसके परिणाम हमेशा सही नहीं होते हैं। मानवीय भावना और संस्कृति का सटीक अनुवाद एआई नहीं कर सकता।a 2

​प्राचार्यों ने बताया आज के दौर में क्यों जरूरी है एआई की जानकारी

  • डॉ. मौसुमी महतो (प्राचार्या, श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन): उन्होंने कहा कि आज के समय में एआई का प्रयोग लगभग हर व्यक्ति कर रहा है। इसलिए इससे जुड़ी बारीकियों और महत्वपूर्ण बातों को जानना हमारे लिए बेहद जरूरी है।
  • श्री संजय कुमार सिंह (प्राचार्य, श्रीनाथ पब्लिक स्कूल): उन्होंने इस कार्यशाला को विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि आज का दौर एआई और चैट जीपीटी का है, इसलिए स्कूली बच्चों को इसके सही और गलत प्रभावों की पूरी जानकारी होनी ही चाहिए।

​इस ज्ञानवर्धक कार्यशाला में श्रीनाथ पब्लिक स्कूल और श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी कॉलेज की मीडिया प्रभारी रचना रश्मि द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई।

तीसरी धारा न्यूज

बागबेड़ा में बिहार विभूति डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह की जयंती पर ‘जयंती सह प्रतिभा सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन, मेधावी छात्र हुए सम्मानित

जमशेदपुर: आधुनिक बिहार के निर्माता, महान स्वतंत्रता सेनानी एवं बिहार के प्रथम उप-मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री ‘बिहार विभूति’ डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह की जयंती के पावन अवसर पर आज अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान, बागबेड़ा में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ‘जयंती सह प्रतिभा सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन हुआ, जहाँ शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 होनहारों को सम्मानित किया गया।IMG 20260619 WA0079

​महापुरुषों को माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ शुरुआत

​कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों और संस्था के पदाधिकारियों द्वारा डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह (अनुग्रह बाबू) की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि और दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहने वालों में शामिल थे:

  • ​संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह, शंभू सिंह, शिव शंकर सिंह, विमल सिंह, कमलदेव सिंह।
  • ​टेल्को यूनियन के अध्यक्ष एवं महामंत्री आरके सिंह।
  • ​मानगो नगर निगम के डिप्टी मेयर राहुल कश्यप।
  • ​संस्था के अध्यक्ष अखिलेश्वर सिंह, महामंत्री सी एस पी सिंह, एवं सचिव डॉ. कविता परमार।IMG 20260619 WA0080b 1

​अनुग्रह बाबू के आदर्श युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा: शंभू सिंह

​समारोह को संबोधित करते हुए झारखंड क्षत्रिय संघ के अध्यक्ष शंभू सिंह और संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह ने कहा, “अनुग्रह बाबू का जीवन और उनके आदर्श, विशेष रूप से उनकी सादगी, ईमानदारी और राष्ट्र-निर्माण के प्रति समर्पण, आज की युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। उन्होंने चंपारण सत्याग्रह और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जो अमूल्य योगदान दिया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।”

​30 मेधावी छात्र-छात्राओं को मिला ‘प्रतिभा सम्मान’

​कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में मैट्रिक (10वीं) परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विभिन्न स्कूलों के 30 मेधावी छात्र-छात्राओं को ‘प्रतिभा सम्मान’ से नवाजा गया।

​इन स्कूलों के छात्र हुए सम्मानित:

​दीपिका इंग्लिश स्कूल, सेंट जेवियर्स इंग्लिश हाई स्कूल, श्री कृष्णा पब्लिक स्कूल, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सेंट मेरिज इंग्लिश स्कूल, इंदिरा ज्योति स्कूल और गायत्री शिक्षा निकेतन स्कूल।

​सम्मानित होने वाले प्रमुख विद्यार्थी:

​श्रुति झा, सिमरन महतो, फैंसी कुमारी, रोहित कुमार, अभिषेक प्रजापति, कार्तिक कुमार सिंह, रूद्र सिंह, आदित्य राज, साक्षी शर्मा, नैतिक कुमार, रिया सिंह, अर्पण कुमारी, अभिषेक शाह, सोनम कुमारी, राजवीर कुमार गुप्ता, खुशी साहू, कृष्णा यादव, अंशु सिंह, समिता कुमारी सिंह, आकृति चौधरी, निखिल कुमार, सौम्या सिंह, सोनम कुमारी शर्मा, शानू कुमारी और श्रद्धा सिन्हा।IMG 20260619 WA0076

​विशेष उपलब्धि: गोल्ड मेडलिस्ट और पीएचडी होल्डर सम्मानित

​समारोह में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल करने वाली प्रतिभाओं को भी विशेष रूप से मंच पर गौरव प्रदान किया गया:

  • श्रद्धा सिन्हा: जमशेदपुर वूमेंस कॉलेज की छात्रा श्रद्धा सिन्हा को एम.ए. इकोनॉमिक्स (M.A. Economics) में गोल्ड मेडल प्राप्त करने के उपरांत संस्थान द्वारा सम्मानित किया गया।
  • डॉ. निखिल कुमार सिंह: अपनी पीएचडी (PhD) की उपाधि सफलतापूर्वक संपन्न करने के उपरांत डॉ. निखिल कुमार को संस्थान द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

​सभी अतिथियों ने छात्रों को मेडल, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।IMG 20260619 WA0075a 2

​युवाओं को सही दिशा देना हमारा उद्देश्य: अखिलेश्वर सिंह

​संस्था के अध्यक्ष अखिलेश्वर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “हमारा उद्देश्य न केवल डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना है, बल्कि हमारे समाज के होनहार युवाओं को प्रोत्साहित कर उन्हें सही दिशा प्रदान करना भी है।”

​इस कार्यक्रम में जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य अतिथियों के साथ-साथ बागबेड़ा के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता सहित भारी संख्या में महिलाएं, शिक्षक, छात्र और उनके अभिभावक उपस्थित थे। गरिमामय समारोह के समापन के बाद सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रात्रि भोज का आनंद लिया।

तीसरी धारा न्यूज

लद्दाख में भारतीय बाइकर्स के साथ बड़ा ‘डिजिटल खेल’; भारत की जमीन पर मोबाइल में दिखा चीन का टाइम ज़ोन, छिड़ी बहस

तीसरी धारा न्यूज: लद्दाख के बर्फीले पहाड़, खुली सड़कें और रोमांचक सफर हर साल लाखों बाइकर्स और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। लेकिन हाल ही में लद्दाख गए कुछ भारतीय बाइकर्स के साथ एक ऐसी हैरान करने वाली घटना हुई, जिसने देश की डिजिटल और नेटवर्क सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो आते ही तूफान आ गया है।

​क्या है पूरा मामला?

​सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर @EinstYdv नाम के यूजर ‘Einstein Yadav’ ने एक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में एक भारतीय बाइक राइडर लद्दाख की सड़कों पर घूमता नजर आ रहा है। इसी दौरान अचानक उसके मोबाइल की स्क्रीन पर एक नोटिफिकेशन फ्लैश होता है— “Your time zone changed. You’re now in China Standard Time” (आपका टाइम ज़ोन बदल गया है। अब आप चीन मानक समय में हैं)।https://x.com/i/status/2067138372729262345

तीसरी धारा न्यूज के अनुसार, वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नोटिफिकेशन आते ही बाइकर का फोन शाम के 7:38 बजे का समय दिखाने लगा, जबकि उस वक्त भारत में शाम के करीब 5:00 बज रहे थे। भारत और चीन के समय में यह अंतर ढाई घंटे से भी ज्यादा का है। भारत की सीमा के भीतर खड़े होने के बावजूद फोन द्वारा चीनी समय दिखाए जाने वाले इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर अब तक 14 हजार से ज्यादा लाइक्स और 4 हजार से अधिक रिट्वीट मिल चुके हैं।b 1

​आखिर क्यों बदल गया मोबाइल का टाइम ज़ोन? (तकनीकी कारण)

​इस पूरी घटना के पीछे एक बड़ी तकनीकी वजह सामने आई है:

  • ऑटोमैटिक टाइम ज़ोन सेटिंग: हमारे स्मार्टफोन में ‘Automatic Time Zone’ नाम का एक इन-बिल्ट फीचर होता है। यह फीचर फोन को नजदीकी मोबाइल टावर के सिग्नल के आधार पर स्थानीय समय तय करने की अनुमति देता है।
  • कमजोर भारतीय नेटवर्क बनाम मजबूत चीनी टावर: लद्दाख के इस सीमावर्ती इलाके में भारतीय टेलीकॉम कंपनियों का नेटवर्क काफी कमजोर है। इसके विपरीत, चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के बेहद करीब अपने बेहद शक्तिशाली मोबाइल टावर स्थापित कर रखे हैं।
  • सिग्नल ओवरलैपिंग: इन चीनी टावरों का मजबूत सिग्नल भारतीय सीमा के काफी अंदर तक आ जाता है। जैसे ही भारतीय बाइकर उस कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्र से गुजरे, उनके फोन ने भारतीय सिग्नल छोड़कर चीनी नेटवर्क को कैच कर लिया, जिससे फोन का टाइम ज़ोन अपने आप ‘China Standard Time’ (CST) में बदल गया।a 2

​सोशल मीडिया पर छिड़ी ‘डिजिटल संप्रभुता’ की बहस

​वीडियो के वायरल होते ही कमेंट सेक्शन में एक बड़ी बहस छिड़ गई है। जहां मुकेश कुमार कस्वां नाम के एक यूजर ने सवाल उठाते हुए लिखा, “भाई, अगर आप चीन की धरती पर खड़े होगे तब CST आएगा, अब आप ही देख लो आप कहाँ खड़े हो।” यानी कुछ लोग यह आशंका जताने लगे कि कहीं राइडर अनजाने में एलएसी (LAC) पार तो नहीं कर गए थे।

​वहीं, मौके का फायदा उठाकर एक चीनी यूजर @yongshi ने भ्रामक दावा करते हुए लिख दिया कि “लद्दाख प्राचीन काल से चीनी क्षेत्र रहा है”, जिसे भारतीय यूजर्स ने तुरंत और पूरी तरह से नकार दिया।

तीसरी धारा न्यूज के मुताबिक, इस पूरी बहस पर खुद वीडियो पोस्ट करने वाले आइंस्टीन यादव ने कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कमेंट बॉक्स में अज्ञानता फैलाने वालों को यह समझना चाहिए कि यह कोई भौगोलिक घुसपैठ नहीं, बल्कि सीधे तौर पर भारत की ‘डिजिटल और नेटवर्क सुरक्षा’ से जुड़ा एक गंभीर मामला है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।

— तीसरी धारा न्यूज

होमगार्ड जवानों के 3 महीने के बकाया वेतन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन; JLKM नेता राजा कालिंदी ने की पहल

राँची: झारखंड के होमगार्ड जवानों के पिछले तीन महीनों से लंबित वेतन भुगतान की समस्या को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने आवाज उठाई है। JLKM एससी मोर्चा के कोल्हान प्रमंडल अध्यक्ष राजा कालिंदी ने नया विधानसभा स्थित कार्यालय में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात की और उन्हें इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा।IMG 20260619 WA0007

तीसरी धारा न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण इन जवानों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

​आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं जवान और उनके परिवार

​स्वास्थ्य मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में राजा कालिंदी ने बताया कि राज्य के कई होमगार्ड जवानों को पिछले तीन महीनों से मानदेय/वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। कर्तव्य पर डटे रहने वाले इन जवानों को रोजमर्रा की जरूरतों और परिवार के भरण-पोषण के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।b 1

​शीघ्र भुगतान और स्थायी व्यवस्था की मांग

​ज्ञापन के माध्यम से JLKM नेता ने स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया कि:

  • ​होमगार्ड जवानों के बकाया वेतन का भुगतान शीघ्र से शीघ्र सुनिश्चित कराया जाए।
  • ​इसके लिए संबंधित विभाग को तुरंत आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।
  • ​भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने और जवानों को समय पर वेतन मिले, इसके लिए एक ठोस और स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।a 2

​स्वास्थ्य मंत्री ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन

​इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे इस मामले को पूरी गंभीरता से देखेंगे। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग से इस देरी के कारणों की जानकारी प्राप्त कर जवानों के हित में जल्द से जल्द उचित और सकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

— तीसरी धारा न्यूज

श्रीनाथ विश्वविद्यालय और NISM के बीच MoU: वित्तीय शिक्षा और रोजगार के अवसरों को मिलेगा नया आयाम

तीसरी धारा न्यूज

झारखंड | देश | शिक्षा | रोज़गार

जमशेदपुर: उद्योग और शिक्षा क्षेत्र के बीच की दूरी को कम करने और विद्यार्थियों को कॉर्पोरेट जगत के लिए तैयार करने की दिशा में जमशेदपुर के श्रीनाथ विश्वविद्यालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा स्थापित देश के प्रतिष्ठित संस्थान राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान (NISM) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।IMG 20260618 WA0003

​इस ऐतिहासिक समझौते पर NISM के सहायक महाप्रबंधक शुभायु दास और श्रीनाथ विश्वविद्यालय के डीन प्रशासन डॉ. जे. राजेश ने हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी के साथ ही दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक और औद्योगिक सहयोग के एक नए युग की शुरुआत हो गई है।

विद्यार्थियों और शिक्षकों को मिलेंगे ये बड़े लाभ:

​इस MoU के तहत विश्वविद्यालय के छात्रों और फैकल्टी मेंबर्स को वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी कई विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी:

  • सर्टिफिकेशन कोर्सेज: विद्यार्थियों को NISM के मान्यता प्राप्त प्रमाणन पाठ्यक्रमों का सीधा लाभ मिलेगा।
  • इंटर्नशिप के अवसर: छात्रों को वित्तीय और प्रतिभूति बाजारों में व्यावहारिक अनुभव के लिए इंटर्नशिप मिलेगी।
  • फैकल्टी डेवलपमेंट: शिक्षकों के लिए विशेष संकाय विकास कार्यक्रम (FDP) आयोजित किए जाएंगे।
  • कौशल विकास: बैंकिंग, निवेश, वित्तीय सेवाओं और पूंजी बाजार (Capital Market) जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।b 1

उद्योग की मांग के अनुरूप तैयार होगा नया सिलेबस

​इस समझौते की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब दोनों संस्थान मिलकर उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार संयुक्त स्नातक (UG) एवं स्नातकोत्तर (PG) कोर्सेज का विकास करेंगे। इससे छात्रों को केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि बाजार की व्यावहारिक समझ भी हासिल होगी।

“श्रीनाथ विश्वविद्यालय लगातार उद्योगोन्मुखी (Industry-oriented) और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। NISM के साथ यह सहयोग हमारे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने और उन्हें बैंकिंग व वित्तीय क्षेत्रों में बेहतरीन करियर विकल्प दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।”

— विश्वविद्यालय प्रशासन

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रोजगार क्षमता में होगी भारी वृद्धि

​इस रणनीतिक साझेदारी से श्रीनाथ विश्वविद्यालय के छात्रों की रोजगार क्षमता (Employability) में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है। वित्तीय क्षेत्र की बारीकियों को समझकर छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह दक्ष हो सकेंगे, जिससे उन्हें कॉर्पोरेट सेक्टर में आसानी से प्लेसमेंट मिल सकेगा।

रिपोर्ट: सुब्रतो सिंह, तीसरी धारा न्यूज, जमशेदपुर।

जमशेदपुर: डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए ‘डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण’ कार्यक्रम का शुभारंभ

जमशेदपुर/बागबेड़ा: NATURE संस्था और अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान, बागबेड़ा ने टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ मिलकर एक नई व व्यापक पहल की शुरुआत की है। तेजी से बदलते डिजिटल युग में तकनीकी ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण’ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।IMG 20260617 WA0076b 1

​इस विशेष कार्यक्रम का उद्घाटन अनुग्रह नारायण संस्थान के अध्यक्ष अखिलेश्वर सिंह, महासचिव सी एस पी सिंह, नेचर संस्था की संरक्षक डॉ. कविता परमार और टाटा स्टील फाउंडेशन की मीना बाघ ने संयुक्त रूप से किया। इस पहल का मुख्य लक्ष्य समुदाय के सदस्यों, विशेषकर लड़कियों को आवश्यक डिजिटल कौशल प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना है।

​लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर

​यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेष रूप से छात्राओं और लड़कियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके तहत प्रतिभागियों को स्मार्टफोन और कंप्यूटर का सुरक्षित उपयोग, इंटरनेट ब्राउज़िंग, साइबर सुरक्षा (Cyber Security) और डिजिटल भुगतान के सुरक्षित तरीकों के बारे में व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है।

​कार्यक्रम के शुभारंभ पर अपने विचार व्यक्त करते हुए संरक्षक डॉ. कविता परमार ने कहा:

​”डिजिटल साक्षरता अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आज की बुनियादी आवश्यकता है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से, हम डिजिटल विभाजन (Digital Divide) को पाटना चाहते हैं और हर लड़की को सशक्त बनाना चाहते हैं ताकि वे भविष्य के अवसरों का पूरा लाभ उठा सकें।”

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​प्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं

​इस अभियान के तहत प्रतिभागियों को रोज़मर्रा के डिजिटल कार्यों के लिए तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • बुनियादी कंप्यूटर और इंटरनेट ज्ञान: डिजिटल उपकरणों को आसानी से ऑपरेट करना सीखना।
  • सुरक्षित ऑनलाइन अभ्यास: साइबर हमलों और वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के लिए सुरक्षा उपायों की महत्वपूर्ण जानकारी।
  • सरकारी योजनाओं तक पहुँच: डिजिटल माध्यम से विभिन्न ई-गवर्नेंस सेवाओं का लाभ उठाना। इसके तहत राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र तथा आधार कार्ड की प्रविष्टियों (जैसे उम्र व अन्य विवरण) को अपडेट एवं सुधारने की प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।
  • प्रमाणन (Certification): प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को संस्था द्वारा डिजिटल प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा।a 2

​पहले दिन 100 से अधिक छात्राओं ने लिया प्रशिक्षण

​आज आयोजित हुए इस उद्घाटन कार्यक्रम में मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान विषय की 100 से अधिक लड़कियों ने हिस्सा लिया और प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान टाटा स्टील फाउंडेशन की डिजिटल लिटरेसी प्रशिक्षक प्रीति कुमारी और रीना टुडू ने छात्राओं को व्यावहारिक ट्रेनिंग दी।

​इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में टाटा स्टील फाउंडेशन की मीना बाघ, मंजू कुमारी और नेचर संस्था की संस्कृति की सराहनीय भूमिका रही।

तीसरी धारा न्यूज

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया तीन दिवसीय झारखंड कृषि व्यापार मेले का उद्घाटन, किसानों को दिया जल संचयन का संदेश

रांची/सरायकेला: झारखंड की राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में तीन दिवसीय ‘झारखंड कृषि व्यापार मेला’ का शानदार आगाज हो चुका है। मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने मेले का अवलोकन किया और विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों को संबोधित किया। इस अवसर पर किसानों में मेले को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।IMG 20260617 WA0066

​कृषि का कोई जाति या धर्म नहीं होता: मुख्यमंत्री

​किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खेती-बाड़ी के समृद्ध इतिहास का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कृषि एक ऐसा पावन क्षेत्र है जहां न कोई जाति देखी जाती है, न कोई धर्म और न ही कोई पंथ। यह हर वर्ग को एक सूत्र में पिरोता है, इसलिए हर किसान को अपनी खेती पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कृषि को केवल एक सरकारी योजना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे हर परिवार का एक अभिन्न अंग होना चाहिए।IMG 20260617 WA0067b 1

​आने वाले समय में पानी सबसे बड़ी चुनौती: जल संचयन की अपील

​मुख्यमंत्री ने एक सर्वे रिपोर्ट का हवाला देते हुए किसानों को भविष्य के खतरों के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पानी को लेकर बहुत बड़ी चुनौती पैदा होने जा रही है। इस संकट से निपटने के लिए उन्होंने किसानों से विशेष अपील की:

  • ​किसान भाई अविलंब जल संचयन (Water Harvesting) का कार्य शुरू कर दें।
  • ​खेती-बाड़ी के साथ-साथ जल संरक्षण के उपायों को अपनाना बेहद जरूरी है।
  • ​आज किया गया जल संचयन आने वाली पीढ़ी के लिए वरदान साबित होगा।

​भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ‘बिरसा हरित ग्राम योजना’ का भी विशेष रूप से जिक्र किया। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि किसानों के लिए एक विशेष पटल (पोर्टल/मंच) तैयार किया गया है, जिस पर किसान सीधे अपने महत्वपूर्ण सुझाव दर्ज करा सकते हैं।IMG 20260617 WA0068a 2

​मेले में गणमान्य लोगों की रही गरिमामयी उपस्थिति

​इस तीन दिवसीय कृषि व्यापार मेले के शुभारंभ के अवसर पर राजनीति और कृषि जगत से जुड़े कई दिग्गज शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से:

  • ​कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की
  • ​विभिन्न क्षेत्रों के सांसद, विधायक और मंत्रीगण
  • ​कृषि विश्वविद्यालय के वाइस चेयरमैन
  • ​संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी एवं राज्य के अलग-अलग जिलों से आए हजारों किसान उपस्थित रहे।

​यह मेला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और व्यापार के नए अवसरों से जोड़ने में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

तीसरी धारा न्यूज

कपाली पुलिस हिरासत में आदिवासी युवती से दुर्व्यवहार का आरोप, मानवाधिकार सहायता संघ ने एसपी से की निष्पक्ष जांच की मांग

सरायकेला: कपाली ओपी थाना अंतर्गत कांदरबेड़ा पुनर्वास कॉलोनी की निवासी अल्पना माहली (पिता: स्वर्गीय भजोहरि माहली) नामक एक आदिवासी युवती के साथ पुलिस हिरासत में कथित दुर्व्यवहार और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए मानवाधिकार सहायता संघ, सरायकेला-खरसावां की जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने संज्ञान लिया है। उन्होंने आरक्षी अधीक्षक (एसपी) महोदया से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।IMG 20260617 WA0065

​क्या है पूरा मामला?

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, अल्पना माहली की एक सहेली पिछले कुछ दिनों से लापता है। इसी सिलसिले में पूछताछ के लिए कपाली पुलिस द्वारा उन्हें 15 जून 2026 को फोन करके थाने बुलाया गया था। आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिस हिरासत में उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया और शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।b 1

​समाज और न्याय व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न

​श्रीमती सुमन कारूवा ने कहा कि पीड़ित आदिवासी युवती द्वारा लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर हैं। पुलिस हिरासत में एक आदिवासी बेटी के साथ दुर्व्यवहार, मारपीट और प्रताड़ना जैसी घटनाएं मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हैं। उन्होंने जोर देकर कहा:a 2

​”यह केवल एक व्यक्ति या परिवार का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की संवेदनाओं और हमारी न्याय व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। इन आरोपों की सत्यता की जांच संबंधित उच्च एजेंसियों द्वारा त्वरित रूप से की जानी चाहिए ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।”

 

​मामले की गंभीरता को देखते हुए अब स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

तीसरी धारा न्यूज

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