एक नई सोच, एक नई धारा

ऐतिहासिक क्षण: बंगाल में भाजपा सरकार का उदय, पीएम मोदी ने 98 वर्षीय कार्यकर्ता माखनलाल सरकार के पैर छूकर लिया आशीर्वाद

कोलकाता | तीसरी धारा न्यूज:

​पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नए युग की शुरुआत हुई है। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भारतीय जनता पार्टी की पहली सरकार का गठन हुआ, जहाँ सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लेकिन इस भव्य समारोह में सत्ता के हस्तांतरण से भी ज्यादा चर्चा एक भावुक कर देने वाले पल की हो रही है—जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर भाजपा के सबसे पुराने कार्यकर्ता माखनलाल सरकार के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।IMG 20260509 132739

कौन हैं माखनलाल सरकार?

​माखनलाल सरकार पश्चिम बंगाल, विशेषकर उत्तर बंगाल और सिलीगुड़ी क्षेत्र में भाजपा के स्तंभ माने जाते हैं। करीब 98 साल के माखनलाल जी उस समय से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, जब राज्य में भाजपा का जनाधार नगण्य था।

  • संस्थापक सदस्य: वे सिलीगुड़ी में पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं और सिलीगुड़ी संगठनात्मक जिले के पहले जिला अध्यक्ष रह चुके हैं।
  • संघर्ष की मिसाल: उन्होंने दार्जिलिंग, तराई और उत्तर बंगाल के सुदूर गांवों में पैदल घूमकर पार्टी की विचारधारा को घर-घर पहुँचाया।
  • मार्गदर्शक की भूमिका: आज भी दार्जिलिंग सांसद राजू बिस्ता और प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार जैसे बड़े नेता उनके अनुभव से मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं।b 1

पीएम मोदी का सम्मान: कार्यकर्ताओं के लिए बड़ा संदेश

​शपथ ग्रहण समारोह के दौरान जैसे ही पीएम मोदी मंच पर पहुँचे, उन्होंने सुवेंदु अधिकारी के मंत्रिमंडल के साथ-साथ वहाँ मौजूद माखनलाल सरकार का विशेष सम्मान किया। पीएम ने उनके पैर छुए और उन्हें गले लगाया। भाजपा नेताओं का मानना है कि यह केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि उन लाखों कार्यकर्ताओं के संघर्ष को नमन है जिन्होंने दशकों तक विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी का झंडा थामे रखा।a 2

सादगी और निष्ठा का संगम

​माखनलाल सरकार अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। जुलाई 2025 में भी जब सुकांता मजूमदार उनके घर पहुँचे थे, तब भी उनकी निष्ठा और ऊर्जा ने सबको प्रभावित किया था। राजनीति के गलियारों में चर्चा है कि आज बंगाल में भाजपा जिस मुकाम पर पहुँची है, उसकी नींव में माखनलाल सरकार जैसे ‘जमीनी योद्धाओं’ का त्याग और समर्पण ही है।

​इस ऐतिहासिक समारोह में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे, लेकिन माखनलाल सरकार और पीएम मोदी की वह तस्वीर सोशल मीडिया पर आज सबसे ज्यादा वायरल हो रही है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

सफलता की उड़ान: नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के 3 छात्रों का ‘ए.एस कंस्ट्रक्शन’ में चयन, ‘अकाउंट मैनेजर’ के पद पर मिली नियुक्ति

जमशेदपुर | तीसरी धारा न्यूज

​जमशेदपुर स्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी (NSU) के मैनेजमेंट विभाग के विद्यार्थियों ने अपनी पेशेवर योग्यता और वित्तीय कौशल का लोहा मनवाते हुए एक बार फिर संस्थान का मान बढ़ाया है। शहर की प्रतिष्ठित निर्माण कंपनी ‘ए.एस कंस्ट्रक्शन’ ने कैंपस प्लेसमेंट के जरिए यूनिवर्सिटी के 3 प्रतिभावान छात्रों को ‘अकाउंट मैनेजर’ के महत्वपूर्ण पद के लिए चुना है।IMG 20260509 WA0021

2.8 लाख का वार्षिक पैकेज

​विशेष रूप से MBA फाइनेंस के छात्रों के लिए आयोजित इस प्लेसमेंट ड्राइव में विद्यार्थियों के वित्तीय विश्लेषण, लेखांकन (Accounting) और प्रबंधन कौशल की गहन जांच की गई। सफल उम्मीदवारों को कंपनी की ओर से 2.8 लाख रुपये प्रति वर्ष का आकर्षक वार्षिक पैकेज ऑफर किया गया है।b 1

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने जताई खुशी

​छात्रों की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा:

​”निर्माण क्षेत्र में अकाउंटिंग और फाइनेंस का प्रबंधन एक बड़ी जिम्मेदारी है। हमारे छात्रों का चयन यह दर्शाता है कि वे कॉर्पोरेट जगत की जटिल वित्तीय जिम्मेदारियों को संभालने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। मैं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।”

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​वहीं, कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि फाइनेंस के छात्रों के लिए ‘अकाउंट मैनेजर’ का पद करियर की एक ठोस शुरुआत है। यह न केवल उनके कौशल को निखारेगा बल्कि उन्हें उद्योग के व्यावहारिक अनुभवों से भी अवगत कराएगा।

प्लेसमेंट सेल की मेहनत लाई रंग

​इस सफलता से पूरे प्रबंधन विभाग में खुशी की लहर है। चयनित छात्रों ने अपनी जीत का श्रेय शिक्षकों के मार्गदर्शन और यूनिवर्सिटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल को दिया है। प्लेसमेंट सेल का कहना है कि वे निरंतर प्रयासरत हैं कि विद्यार्थियों को देश की बेहतरीन कंपनियों में अवसर मिले और उनका करियर नई ऊंचाइयों को छुए।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

राकेश चौबे बने भाजपा बागबेड़ा मंडल के नए अध्यक्ष, भाजपा नेता अजीत सिंह ने जताई खुशी

जमशेदपुर | तीसरी धारा न्यूज

​भारतीय जनता पार्टी के सांगठनिक विस्तार और मजबूती को देखते हुए शीर्ष नेतृत्व द्वारा एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। युवा मोर्चा के जिला मंत्री राकेश चौबे को भाजपा बागबेड़ा मंडल का नवनियुक्त अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। राकेश चौबे को यह महत्वपूर्ण दायित्व मिलने पर कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।IMG 20260509 WA0019

​राकेश चौबे की इस नियुक्ति पर भाजपा नेता अजीत सिंह ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि संगठन ने एक कर्मठ और समर्पित कार्यकर्ता पर भरोसा जताया है। श्री सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि राकेश चौबे के नेतृत्व में बागबेड़ा मंडल में संगठन न केवल अधिक सशक्त और सक्रिय होगा, बल्कि जनसेवा के कार्यों में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा।b 1

संगठन को मिलेगी नई मजबूती

अजीत सिंह ने बधाई देते हुए कहा, “संगठन के प्रति राकेश जी की निष्ठा और समर्पण जगजाहिर है। उनके अध्यक्ष बनने से पार्टी के सिद्धांतों और विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में मदद मिलेगी। हमें पूरा विश्वास है कि उनके कार्यकाल में पार्टी को धरातल पर निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी।”a 2

​राकेश चौबे को बधाई देने वालों में क्षेत्र के कई सक्रिय कार्यकर्ता और गणमान्य लोग शामिल हैं। सभी ने उम्मीद जताई है कि वे युवाओं को पार्टी से जोड़ने और जन समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाएंगे।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

बंगाल में ‘कमल’ राज: सुवेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, 5 मंत्रियों के साथ शुरू हुआ नया अध्याय

कोलकाता | तीसरी धारा न्यूज:

पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। कोलकाता के प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। सुवेंदु के साथ पांच अन्य कैबिनेट मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली, जो राज्य में भाजपा की नई सरकार की नींव रखेंगे।n71158436417783087397084b9f2826a733efc6ee6dd348ace84099ee70ff2232aded7422c25b5c8e3ec27f

​यह शपथ ग्रहण समारोह गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के पावन अवसर पर आयोजित किया गया, जिसने इस राजनीतिक घटनाक्रम को सांस्कृतिक और भावनात्मक गरिमा भी प्रदान की।

नए मंत्रिमंडल का स्वरूप: क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों का मेल

​सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली इस नई टीम में अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलन देखने को मिला है:

  • दिलीप घोष: खड़गपुर सदर से विधायक दिलीप घोष ने मंत्री पद की शपथ ली।
  • अग्निमित्रा पॉल: आसनसोल दक्षिण से दूसरी बार विधायक बनीं अग्निमित्रा पॉल ने भी कैबिनेट में जगह बनाई है।
  • अशोक कीर्तनीय: बनगांव उत्तर से विधायक और मतुआ समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले कीर्तनीय को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
  • खुदीराम टूडु: रानीबांध सीट से पहली बार विधायक बने और पेशे से सरकारी शिक्षक रहे टूडु को बंगाल में भाजपा के आदिवासी चेहरे के रूप में जगह मिली है।
  • निसिथ प्रमाणिक: कूचबिहार के पूर्व सांसद और अब माथाभांगा से विधायक निसिथ प्रमाणिक ने भी शपथ ली। उन्होंने 2019 में भाजपा का दामन थामा था।b 1

दिग्गजों का जमावड़ा

​इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत तमाम दिग्गज नेता ब्रिगेड परेड मैदान में मौजूद रहे।a 2

​शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के विकास और जनता की सेवा का संकल्प दोहराया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टैगोर जयंती के दिन शपथ ग्रहण कर भाजपा ने बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने का संदेश दिया है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

झारखंड में गुटखा और पान मसाला पर पूर्ण प्रतिबंध: सरकार ने स्वास्थ्य हित में लिया बड़ा फैसला

रांची: झारखंड सरकार ने जन-स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक कड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा एवं पान मसाला के निर्माण, भंडारण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी यह आदेश पूरे राज्य में लागू हो गया है।gutka pan masala 698

एक वर्ष तक रहेगा कड़ा प्रतिबंध

​स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के हस्ताक्षर से जारी आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रतिबंध एक वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। सरकार ने यह निर्णय खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम-2006 की धाराओं के तहत लिया है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​इस आदेश की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

  • व्यापक दायरा: प्रतिबंध उन सभी उत्पादों पर लागू होगा जिनमें तंबाकू या निकोटीन का मिश्रण पाया जाता है, चाहे वे किसी भी नाम या ब्रांड से बेचे जा रहे हों।
  • सख्त कार्रवाई: यदि कोई व्यक्ति या संस्थान इस आदेश का उल्लंघन करते हुए (निर्माण, स्टॉक या बिक्री) पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
  • प्रशासनिक निर्देश: सरकार ने सभी जिला प्रशासनों और संबंधित विभागों को इस आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

कैंसर जैसे खतरों को रोकने की कोशिश

​स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, तंबाकू और निकोटीन युक्त उत्पादों का सेवन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का प्रमुख कारण है। राज्य सरकार का उद्देश्य इन हानिकारक पदार्थों की उपलब्धता को समाप्त कर आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं को गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचाना है।

​प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि वे इन घातक उत्पादों के सेवन का त्याग करें और एक स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं।

तीसरी धारा न्यूज

बंगाल में ‘खूनी खेल’ जारी: सुवेंदु के खासमखास की सरेराह हत्या, 12 राउंड गोलियां दागकर फैलाई दहशत

कोलकाता/मध्यमग्राम: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन की आहट और चुनावी नतीजों के बाद शुरू हुआ मौत का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए हमलावरों ने अब बीजेपी के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी की ‘दाहिनी आंख’ कहे जाने वाले उनके निजी सहायक (PA) चंद्र नाथ रथ को मौत के घाट उतार दिया है। मध्यमग्राम में जिस तरह सरेराह इस वारदात को अंजाम दिया गया, उसने ममता सरकार के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है।n711287764177812011789715624742cd6ec497cf37380d6843438488b52ef181c899f555dd7fabace4b92a

शार्प शूटरों का तांडव: पीछा किया, घेरा और फिर छलनी कर दिया सीना

​जानकारी के मुताबिक, यह कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि एक सोची-समझी ‘पॉलिटिकल हिट’ थी। चंद्र नाथ रथ अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तभी पेशेवर शार्प शूटरों ने फिल्मी अंदाज में उनकी कार का पीछा किया। हमलावरों ने पहले गाड़ी को ओवरटेक कर उनका रास्ता रोका और फिर चंद सेकंड के भीतर करीब 12 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियां चंद्र नाथ के सिर, सीने और पेट को पार कर गईं, जिससे उनकी मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। उनके साथ मौजूद एक साथी भी इस हमले में लहूलुहान हुआ है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

“ममता सुवेंदु की जान लेना चाहती हैं” – बीजेपी का सीधा आरोप

​इस जघन्य हत्याकांड के बाद सूबे की सियासत में उबाल आ गया है। बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए इसे एक बड़ा राजनैतिक षड्यंत्र करार दिया है। उन्होंने दहाड़ते हुए कहा:

“ममता बनर्जी सत्ता जाते देख अब बंगाल को जिहादियों के हवाले कर रही हैं। यह शार्प शूटरों का काम है और साफ दिख रहा है कि अगला निशाना सुवेंदु अधिकारी हैं। अब बंगाल में ‘योगी मॉडल’ के बिना इलाज मुमकिन नहीं है।”

 

​वहीं, केया घोष ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि एक पूर्व एयरफोर्स कर्मी, जो सुवेंदु दा का साया बनकर रहता था, उसे इसलिए मार दिया गया क्योंकि वह टीएमसी के खूनी खेल के आड़े आ रहा था। उन्होंने साफ चेतावनी दी— “यह बीजेपी की गारंटी है कि हत्यारों को पाताल से भी खोज निकाला जाएगा।”

सुवेंदु अधिकारी के ‘चाणक्य’ थे चंद्र नाथ

​चंद्र नाथ रथ केवल एक पीए नहीं थे, बल्कि पिछले 10 सालों से सुवेंदु अधिकारी के हर राजनैतिक दांव-पेंच के पीछे का दिमाग थे। भवानीपुर के चुनावी रण से लेकर सांगठनिक मजबूती तक, वह सुवेंदु के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार थे। उनकी हत्या कर सीधे तौर पर सुवेंदु अधिकारी की राजनैतिक कमर तोड़ने की कोशिश की गई है।

तीसरी धारा न्यूज इस घटना की कड़ी निंदा करता है। क्या बंगाल में लोकतंत्र अब सिर्फ गोलियों के दम पर चलेगा? क्या प्रशासन की चुप्पी अपराधियों को संरक्षण दे रही है? सवाल बड़े हैं, लेकिन जवाब देने वाला कोई नहीं।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

आम जन संघर्ष मोर्चा की बैठक में संगठन विस्तार और पंचायत चुनाव पर रणनीति तैयार

चाईबासा। स्थानीय सँवैया होटल में बुधवार को आम जन संघर्ष मोर्चा की जिला कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष दुर्गा चरण सुरेन ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन की मजबूती और आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर रणनीति तैयार करना था।IMG 20260506 WA0021

संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान पर जोर

​बैठक के दौरान संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए संगठन विस्तार और व्यापक स्तर पर सदस्यता अभियान शुरू करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय अध्यक्ष दुर्गा चरण सुरेन ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मोर्चा की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाना और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना वर्तमान समय की प्राथमिकता है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

आगामी पंचायत चुनाव में उतरने का निर्णय

​इस बैठक का सबसे अहम फैसला आगामी पंचायत चुनाव को लेकर रहा। मोर्चा ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि आम जन संघर्ष मोर्चा इस बार पंचायत चुनाव में अपने उम्मीदवार मैदान में उतारेगा। इस निर्णय से क्षेत्र के राजनीतिक गलियारे में हलचल तेज होने की उम्मीद है।

बैठक में उपस्थित मुख्य सदस्य

​इस महत्वपूर्ण बैठक में मोर्चा के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • हीरालाल हेंब्रम (उपाध्यक्ष)
  • मुकरू हेंब्रम (महासचिव)
  • ज्वाला कोड़ा (सचिव)
  • अजय पूर्ती
  • संजय कुंकल (जिला अध्यक्ष)
  • सुसरी तिरिया (प्रखंड अध्यक्ष)
  • सालगे मुर्मू
  • रानी मेलगंडी
  • मनीष कालोंडिया (पूर्व मुखिया)

​इसके अलावा जिला कार्यकारिणी के अन्य सदस्य भी बैठक में मौजूद थे, जिन्होंने संगठन की भविष्य की योजनाओं पर अपनी सहमति व्यक्त की।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

विकास की फाइलों में उलझा डुमरिया का नया अस्पताल: भवन तैयार, पर बिजली कनेक्शन न होने से सेवाएं ठप

डुमरिया: एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विभागों की आपसी खींचतान और सुस्ती जनता की उम्मीदों पर पानी फेर रही है। डुमरिया प्रखंड के भालुकपतड़ा मौजा में करोड़ों की लागत से निर्मित 30 बेड का अस्पताल आज बिजली के अभाव में ‘सफेद हाथी’ बनकर खड़ा है। अस्पताल की चकाचक इमारत तो तैयार है, लेकिन इसके भीतर की रोशनी और जीवनरक्षक मशीनें बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रही हैं।1778054366314

फंड के अभाव में अटकी हाईटेंशन लाइन

​अस्पताल को चालू करने में सबसे बड़ा रोड़ा विद्युत विभाग और स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय की कमी है। विद्युत विभाग के सहायक अभियंता अभिषेक कुमार ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल तक हाईटेंशन लाइन पहुँचाने के लिए आवश्यक प्राक्कलन (Estimate) तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को काफी पहले भेजा जा चुका है। नियमतः, जब तक स्वास्थ्य विभाग इस प्राक्कलन की राशि जमा नहीं करता, तब तक बिजली विभाग सामग्री की खरीद और लाइन जोड़ने का काम शुरू नहीं कर सकता।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

200 मीटर की दूरी और ‘शो-पीस’ बने उपकरण

​हैरानी की बात यह है कि मुख्य हाईटेंशन लाइन अस्पताल से महज 200 मीटर की दूरी पर है। अस्पताल परिसर में संवेदक द्वारा नया ट्रांसफार्मर भी स्थापित कर दिया गया है, लेकिन जब तक इसे हाईटेंशन लाइन से नहीं जोड़ा जाता, यह बेकार है। इसके अभाव में अस्पताल में लगाए गए आधुनिक चिकित्सा उपकरण धूल फांक रहे हैं और शो-पीस बनकर रह गए हैं।

जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग

​अस्पताल तैयार होने के बावजूद इलाज न मिल पाने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बेहतर इलाज के लिए आज भी ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इस समस्या के समाधान और प्रशासनिक सुस्ती को दूर करने के लिए ग्रामीणों ने अब सांसद विद्युत वरण महतो और विधायक संजीव सरदार से मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है, ताकि जल्द से जल्द अस्पताल में बिजली बहाल हो और सेवाएं शुरू हो सकें।

तीसरी धारा न्यूज

टाटानगर स्टेशन पर बड़ा हादसा: मालगाड़ी पर चढ़ा युवक हाई वोल्टेज तार की चपेट में आया, हालत गंभीर

जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन पर बुधवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जहाँ एक युवक प्लेटफार्म पर खड़ी मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया और ओवरहेड हाई टेंशन (OHE) तार की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गया। इस घटना के बाद स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया।1778053486354

कैसे हुआ हादसा?

​जानकारी के अनुसार, रात लगभग 11:07 बजे प्लेटफार्म संख्या तीन पर एक मालगाड़ी खड़ी थी। अचानक एक अज्ञात युवक ट्रेन के ऊपर चढ़ गया। जैसे ही वह ऊपर पहुँचा, वह उच्च क्षमता वाले बिजली के तारों के संपर्क में आ गया। जोरदार झटके के साथ युवक गंभीर रूप से झुलस कर नीचे गिर पड़ा।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

रेस्क्यू और उपचार

​घटना देखते ही मौके पर मौजूद यात्रियों और रेल कर्मियों ने तुरंत इसकी सूचना रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को दी। राहत कार्य शुरू करते हुए युवक को तत्काल ‘टाटा लाइफ’ एंबुलेंस के जरिए रेलवे अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए एमजीएम (MGM) अस्पताल रेफर कर दिया है।

जांच में जुटी आरपीएफ

​शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों की बातों से यह आशंका जताई जा रही है कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ हो सकता है। आरपीएफ अब स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि युवक किस रास्ते से स्टेशन में दाखिल हुआ और ट्रेन पर चढ़ने का उसका उद्देश्य क्या था। फिलहाल युवक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

रेलवे की सुरक्षा अपील

​इस दुखद घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने एक बार फिर यात्रियों और आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेनों या कोच के ऊपर न चढ़ें। ओवरहेड तारों में प्रवाहित होने वाला हाई वोल्टेज जानलेवा होता है और थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

तीसरी धारा न्यूज

मोदी सरकार का बड़ा फैसला: राष्ट्रगान के समान होगा ‘वंदे मातरम’ का दर्जा, अपमान करने पर होगी जेल

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिया गया है। केंद्र सरकार ने अब राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान वैधानिक दर्जा और सम्मान देने का फैसला किया है।n7112035751778050272254d5d0e2d14c2c50df9e4eeb32f46bacd33080cc1769a65c779b6376a163fb9824

कानून में होगा बड़ा बदलाव

​कैबिनेट ने ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971’ (Prevention of Insults to National Honour Act) में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस संशोधन के बाद:

  • ​’वंदे मातरम’ का अपमान करना या इसके गायन में बाधा डालना अब एक दंडनीय अपराध होगा।
  • ​दोषी पाए जाने पर वही सजा मिलेगी जो राष्ट्रगान के अपमान पर दी जाती है—यानी 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों।
  • ​अभी तक इस कानून के तहत केवल राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के अपमान पर ही कानूनी कार्रवाई का प्रावधान था।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

नया प्रोटोकॉल और नियम

​कैबिनेट के इस फैसले के साथ ही वंदे मातरम के गायन को लेकर कुछ कड़े प्रोटोकॉल भी लागू होंगे:

  1. गायन का समय: राष्ट्रीय गीत के सभी छह छंदों को गाने के लिए अब एक निश्चित समय सीमा तय की गई है (लगभग 3 मिनट 10 सेकंड)।
  2. समान सम्मान: सरकारी आयोजनों में जब भी वंदे मातरम गाया जाएगा, सभी को राष्ट्रगान की तरह ही सावधान की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा।
  3. वरीयता: गृह मंत्रालय के हालिया दिशा-निर्देशों के अनुसार, आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम को राष्ट्रगान से पहले गाया जाएगा।

राजनीतिक और सांस्कृतिक महत्व

​यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब देश ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। 1882 में बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा उद्घोष था।

​राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत और वहां की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह कदम राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति देशवासियों में सम्मान की भावना को और मजबूत करेगा।

तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट।

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