एक नई सोच, एक नई धारा

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UP में सियासी उबाल: AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली का विवादित बयान– “सिर्फ 11 विधायक दे दो, एनकाउंटर करने वालों का भी होगा एनकाउंटर”

मेरठ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली ने मेरठ में आयोजित एक ‘ईद मिलन’ कार्यक्रम के दौरान बेहद विवादित बयान दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाई को चुनौती देते हुए ‘एनकाउंटर के बदले एनकाउंटर’ की बात कही है।1002518072

“111 नहीं, सिर्फ 11 विधायक ही काफी हैं”

​शौकत अली ने जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर तंज कसा और मुस्लिम मतदाताओं से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा:

“आपने जिसके 111 विधायक जिताए (सपा), वे आज कह रहे हैं कि हमारी सरकार नहीं है तो हम क्या कर सकते हैं? मैं आपसे वादा करता हूँ कि आप हमें 111 नहीं, सिर्फ 11 विधायक दे दें, हम अपनी ताकत दिखा देंगे।”

 

एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई पर निशाना

​सबसे विवादित बयान देते हुए शौकत अली ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में किसी मुसलमान का एनकाउंटर होता है, तो एनकाउंटर करने वालों का भी एनकाउंटर होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में मदरसों पर ताले लटकाए जा रहे हैं और बिना किसी ठोस सबूत के केवल आरोपों के आधार पर लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। उन्होंने देश की आजादी में मुसलमानों की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि आज उन्हीं के साथ सबसे ज्यादा ज्यादती हो रही है।IMG 20260324 143846

‘एक डंडा, एक झंडा’ का नारा

​मस्जिदों और मदरसों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए AIMIM नेता ने समर्थकों से अपील की कि वे ‘एक डंडा, एक झंडा और एक नेता’ के सिद्धांत पर एकजुट हों। उन्होंने मेरठ के पुलिस कप्तान के उस बयान पर भी सवाल उठाए जिसमें सड़क पर नमाज पढ़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई थी। शौकत अली ने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए और रामनवमी के जुलूसों के दौरान भी वैसी ही सख्ती दिखनी चाहिए।

विकास के मुद्दे पर घेरा

​विकास कार्यों को लेकर सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश का विकास केवल गोरखपुर और सैफई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। मेरठ जैसे बड़े शहरों को भी उनका हक मिलना चाहिए।

सियासी हलचल तेज

​शौकत अली के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। बीजेपी और अन्य विपक्षी दलों ने इस बयान की तीखी निंदा की है। जानकारों का मानना है कि इस तरह के बयानों से आने वाले समय में ध्रुवीकरण की राजनीति और तेज हो सकती है। प्रशासन भी इस भड़काऊ भाषण को लेकर वीडियो फुटेज की जांच कर सकता है।

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सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: धर्म परिवर्तन करते ही खत्म हो जाएगा SC का दर्जा, मुस्लिम-ईसाई बनने पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ

नई दिल्ली: देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने आरक्षण और धर्म परिवर्तन को लेकर एक बड़ा और युगांतकारी फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अनुसूचित जाति (SC) से संबंधित कोई व्यक्ति मुस्लिम या ईसाई धर्म अपनाता है, तो उसका अनुसूचित जाति का दर्जा स्वतः ही समाप्त हो जाएगा।n705749004177434284726332648dd3b50db2b3acb653d75466a21d8c42f7ba5c4a3fa04145104471ee86a7

क्या है सुप्रीम कोर्ट का आदेश?

​सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में संविधान के 1950 के आदेश की धारा 3 का हवाला देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति का लाभ केवल उन्हीं व्यक्तियों को मिल सकता है जो उन धर्मों का पालन करते हैं जिन्हें संविधान के तहत अधिसूचित किया गया है। कोर्ट के अनुसार:

  • हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म को मानने वाले दलितों को ही अनुसूचित जाति की श्रेणी में रखा जाएगा।
  • ​इन तीन धर्मों के अलावा किसी भी अन्य धर्म (जैसे इस्लाम या ईसाइयत) में परिवर्तन करने पर, व्यक्ति चाहे किसी भी परिवार में जन्मा हो, उसका SC दर्जा तुरंत खत्म हो जाएगा।1002518072

वापसी पर क्या हैं शर्तें?

​अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति दूसरे धर्म में जाने के बाद पुनः हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म में वापस लौटता है और दोबारा SC दर्जे का दावा करता है, तो उसे तीन अनिवार्य शर्तें पूरी करनी होंगी, जिससे यह साबित हो सके कि वह पुनः अपने मूल समुदाय और परंपराओं का हिस्सा बन गया है।

1950 का राष्ट्रपति आदेश और अनुच्छेद 341

​संविधान के अनुच्छेद 341 के तहत अनुसूचित जातियों की सूची तैयार की गई है। साल 1950 में जारी राष्ट्रपति के आदेश में स्पष्ट किया गया था कि केवल हिंदू धर्म के दलितों को ही एससी माना जाएगा। बाद में संशोधनों के जरिए इसमें सिख (1956) और बौद्ध (1990) धर्म को भी शामिल किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने अब इसी संवैधानिक व्यवस्था को पुनः पुख्ता किया है।

क्यों अहम है यह फैसला?

​केंद्र सरकार ने 2022 में पूर्व सीजेआई केजी बालाकृष्णन के नेतृत्व में एक आयोग का गठन किया था, जिसे धर्मांतरित दलितों को आरक्षण देने के मुद्दे पर जांच करनी थी। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना के अनुसार:

“आरक्षण का आधार जाति है, धर्म नहीं। धर्म बदलने के बाद व्यक्ति की सामाजिक और धार्मिक पहचान बदल जाती है। यदि धर्मांतरण करने वालों को भी आरक्षण का लाभ दिया जाता है, तो यह मूल एससी समुदाय के अधिकारों का हनन और संविधान की मूल भावना के खिलाफ होगा।”

 

निष्कर्ष

​इस फैसले से यह साफ हो गया है कि आरक्षण की सुविधा केवल उन्हीं समुदायों तक सीमित रहेगी जो भारतीय मूल के उन धर्मों से जुड़े हैं जिन्हें ऐतिहासिक रूप से जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा और जिन्हें संविधान में मान्यता दी गई है।

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जमशेदपुर: सोनारी में घर के अंदर फटा फ्रिज, मची चीख-पुकार; जान बचाने के लिए खिड़की से कूदे लोग

जमशेदपुर: शहर के सोनारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सी-रोड (C-Road) में मंगलवार की सुबह एक भयानक हादसा होते-होते बचा। एक रिहायशी मकान में रखे फ्रिज में अचानक हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि कुछ ही सेकंडों में आग की लपटों ने पूरे कमरे को अपनी आगोश में ले लिया।Screenshot 2026 0324 142635

खिड़की से कूदकर बचाई जान

​प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना अचानक हुआ कि घर के अंदर मौजूद लोगों को मुख्य दरवाजे से निकलने का मौका तक नहीं मिला। चारों तरफ धुआं और आग फैलती देख, अपनी जान बचाने के लिए घर के सदस्यों को मजबूरी में खिड़की से कूदना पड़ा। इस दौरान इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

आधे घंटे बाद पहुँची दमकल की टीम

​स्थानीय निवासियों ने अपनी ओर से बाल्टियों और उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि उन पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था। घटना की सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया, जिससे इसे पड़ोस के घरों में फैलने से रोका जा सका।1002518072

लाखों का नुकसान, जांच में जुटी पुलिस

​राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है और सभी सुरक्षित हैं। हालांकि, घर में रखा कीमती सामान, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जलकर खाक हो गए हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। सोनारी थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है कि आखिर फ्रिज में इतना शक्तिशाली विस्फोट कैसे हुआ।

विशेषज्ञों की सलाह: फ्रिज का इस्तेमाल करते समय बरतें ये सावधानियां

​इस तरह के हादसों से बचने के लिए विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जिन्हें आप अपने पाठकों के साथ साझा कर सकते हैं:

  • पुराने मॉडल: यदि फ्रिज बहुत पुराना है और उसकी सर्विसिंग नहीं हुई है, तो उसे चेक करवाएं।
  • गैस लीकेज: यदि फ्रिज के पास से किसी तरह की गंध आए, तो तुरंत टेक्नीशियन को बुलाएं।
  • वेंटिलेशन: फ्रिज के पीछे की दीवार और फ्रिज के बीच कम से कम 6-10 इंच की जगह रखें ताकि कंप्रेसर को हवा मिलती रहे।
  • स्टेबलाइजर: वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से कंप्रेसर फटने का डर रहता है, इसलिए अच्छी गुणवत्ता वाला स्टेबलाइजर इस्तेमाल करें।
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जमशेदपुर: बर्मामाइंस के लकड़ी गोदाम में भीषण आग, गार्ड की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

जमशेदपुर: शहर के औद्योगिक इलाके बर्मामाइंस में मंगलवार की तड़के एक लकड़ी गोदाम में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। घटना मिल एंड गोदाम एरिया की है, जहाँ कारोबारी इम्तियाज खान के गोदाम में सुबह करीब 4 बजे लपटें उठने लगीं। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ी तबाही टल गई।WhatsApp Image 2026 03 24 at 10.01.23 AM 1 1200x900 1

तड़के सुबह गार्ड ने दिखाई तत्परता

​हादसा उस वक्त हुआ जब पूरा इलाका नींद में था। गोदाम में तैनात सुरक्षा गार्ड ने सबसे पहले धुएं का गुबार और आग की लपटें देखीं। गार्ड ने बिना वक्त गंवाए तुरंत गोदाम मालिक को इसकी सूचना दी। यदि गार्ड ने तत्परता न दिखाई होती, तो सूखी लकड़ी होने के कारण आग पूरे रिहायशी और गोदाम इलाके को अपनी चपेट में ले सकती थी।1002518072

फायर ब्रिगेड की मशक्कत से बुझी आग

​आग की भयावहता को देखते हुए तत्काल सूचना अग्निशमन विभाग को दी गई। मौके पर टाटा स्टील की फायर ब्रिगेड और झारखंड अग्निशमन विभाग की कई गाड़ियां पहुँचीं। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद घंटों की कोशिशों के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।WhatsApp Image 2026 03 24 at 10.01.24 AM 1200x900 1

नुकसान का आकलन: मशीनें सुरक्षित

​प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, आग मुख्य रूप से गोदाम में रखे लकड़ी के बोटों (Logs) तक ही सीमित रही। राहत की बात यह है कि गोदाम के भीतर स्थित कीमती मशीनें सुरक्षित हैं। घटना के समय कोई कर्मचारी अंदर नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। मौके पर मौजूद अनिकेत ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, हालांकि संपत्ति के कुल नुकसान का सटीक आकलन अभी किया जा रहा है।WhatsApp Image 2026 03 24 at 10.01.22 AM 1200x900 1

शॉर्ट सर्किट की आशंका

​आग लगने के कारणों का अभी तक आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन प्राथमिक रूप से इसे शॉर्ट सर्किट से जोड़कर देखा जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग मामले की जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

तीसरी धारा न्यूज का सुझाव: गोदाम संचालक रखें इन बातों का ध्यान

  • ​लकड़ी जैसे ज्वलनशील पदार्थों वाले गोदामों में Fire Extinguishers और पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखें।
  • ​समय-समय पर बिजली के तारों (Wiring) की जांच करवाते रहें।
  • ​रात के समय तैनात गार्ड्स को अग्नि सुरक्षा उपकरणों को चलाने का प्रशिक्षण दें।
राजधानी में हड़कंप: दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को बम से उड़ाने की धमकी, पीएम मोदी और गृहमंत्री भी निशाने पर

नई दिल्ली: देश की राजधानी से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आई है। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को एक धमकी भरा ईमेल मिला है, जिसमें विधानसभा भवन (असेंबली बिल्डिंग) और दिल्ली मेट्रो स्टेशन को बम से उड़ाने की बात कही गई है। इस धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।IMG 20260324 114058

पीएम मोदी और गृहमंत्री समेत कई दिग्गजों को धमकी

​दिल्ली विधानसभा स्पीकर कार्यालय ने मंगलवार (24 मार्च) को इस ईमेल की पुष्टि की। जानकारी के अनुसार, इस मेल में न केवल स्पीकर विजेंद्र गुप्ता, बल्कि देश और दिल्ली के कई शीर्ष नेताओं को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। मेल में निम्नलिखित दिग्गजों के नाम शामिल हैं:

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
  • विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर
  • उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू
  • दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
  • दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा

विधानसभा और मेट्रो स्टेशन उड़ाने की साजिश

​धमकी भरे मेल में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि दिल्ली विधानसभा भवन के साथ-साथ दिल्ली मेट्रो स्टेशन को भी बम से दहला दिया जाएगा। मंगलवार सुबह जैसे ही यह जानकारी सार्वजनिक हुई, सुरक्षा बलों ने विधानसभा परिसर और प्रमुख मेट्रो स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ा दी है।1002518072

जांच में जुटी एजेंसियां

​दिल्ली पुलिस और साइबर सेल अब इस ईमेल के सोर्स (IP Address) का पता लगाने में जुट गई है। शुरुआती जांच में इसे किसी बड़ी साजिश या दहशत फैलाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वे इस धमकी को पूरी गंभीरता से ले रहे हैं और संबंधित नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।

राजनीतिक हलकों में हलचल

​इस घटना के बाद दिल्ली की राजनीति में हड़कंप मच गया है। विधानसभा के भीतर और बाहर सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय और एलजी सचिवालय को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है।

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जमशेदपुर: सिदगोड़ा सूर्य मंदिर में चैती छठ की तैयारियां पूर्ण, पूर्व सीएम रघुवर दास के मार्गदर्शन में व्रतियों के लिए खास इंतजाम

जमशेदपुर: आस्था के महापर्व चैती छठ को लेकर लौहनगरी जमशेदपुर के सिदगोड़ा स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सूर्य मंदिर समिति ने व्रतधारियों की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं।712532eef991f9b0123c379c3f53afe189a16eecf4cbdb87998ae3b9bcef138c.0

स्वच्छता और सजावट पर विशेष ध्यान

​सूर्य मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि समिति के मुख्य संरक्षक एवं पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास तथा संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह के कुशल मार्गदर्शन में तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। मंदिर परिसर के दोनों तालाबों (छठ घाटों) की गहन सफाई कराई गई है और उनमें स्वच्छ जल भरा गया है। पूरे परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है।1002518072

व्रतियों के लिए सेवा शिविर और सुविधाएं

​समिति द्वारा छठ व्रतियों की सेवा के लिए विशेष शिविर लगाए गए हैं:

  • संध्या अर्घ्य (मंगलवार): श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय और शरबत के वितरण की व्यवस्था।
  • प्रातः अर्घ्य (बुधवार): गाय का कच्चा दूध, अगरबत्ती, चाय और शुद्ध पेयजल का निःशुल्क वितरण।
  • अन्य सुविधाएं: घाटों पर मेडिकल कैंप और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम (कपड़े बदलने के कमरे) की समुचित व्यवस्था की गई है।

सुरक्षा और नियम: ‘पहले आओ-पहले पाओ’

​भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है। स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर मंदिर समिति के पदाधिकारी और सैकड़ों स्वयंसेवक मुस्तैदी से तैनात रहेंगे। अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालु “पहले आओ-पहले पाओ” की तर्ज पर घाटों पर स्थान ग्रहण कर भगवान भास्कर को अर्घ्य दे सकेंगे।

समय सारणी:

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर के सभी घाटों के प्रवेश द्वार दोपहर 2 बजे खोल दिए जाएंगे। समिति ने सभी शहरवासियों से सूर्य मंदिर आकर इस पावन पर्व में सम्मिलित होने और भगवान भास्कर का आशीर्वाद लेने का आग्रह किया है।

पर्व का दिन

तिथि

मुख्य अनुष्ठान

अर्घ्य का समय (अनुमानित)

तीसरा दिन

24 मार्च (मंगलवार)

संध्या अर्घ्य (डूबते सूर्य को अर्घ्य)

सायं 05:58 बजे

चौथा दिन

25 मार्च (बुधवार)

उषा अर्घ्य (उगते सूर्य को अर्घ्य)

प्रातः 5:46 बजे

नोट: सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में स्थानीय भौगोलिक स्थिति के अनुसार 1-2 मिनट का अंतर हो सकता है। सिदगोड़ा सूर्य मंदिर के द्वार मंगलवार दोपहर 02:00 बजे से ही श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

 

व्रतियों के लिए विशेष निर्देश (सूर्य मंदिर समिति द्वारा):

  • नियम: घाटों पर स्थान ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर मिलेगा।
  • सुविधा: अर्घ्य के समय घाट परिसर में ही गाय का कच्चा दूध और पूजन सामग्री सेवा शिविरों द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।
  • सुरक्षा: भीड़ को देखते हुए कीमती आभूषण पहनकर आने से बचें और मंदिर समिति के स्वयंसेवकों के निर्देशों का पालन करें।
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शहीद दिवस पर नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में उमड़ा राष्ट्रप्रेम: भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

जमशेदपुर: 23 मार्च को शहीद दिवस के अवसर पर नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय परिवार ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायकों—भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव—के बलिदान को याद किया और युवाओं में देशभक्ति की अलख जगाई।IMG 20260324 WA0007

पुष्पांजलि और दो मिनट का मौन

​कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत वीर शहीदों की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान परिसर में उपस्थित सभी पदाधिकारियों, प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं ने दो मिनट का मौन रखकर देश के सपूतों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। वक्ताओं ने अपने संबोधन में 1931 के उस ऐतिहासिक बलिदान का जिक्र किया जिसने पूरे देश में आजादी की ज्वाला सुलगा दी थी।

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कुलाधिपति का संदेश: ‘राष्ट्रहित सर्वोपरि’

​विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा:

“23 मार्च केवल एक तिथि नहीं, बल्कि अदम्य साहस का प्रतीक है। हमें शहीदों के आदर्शों को केवल याद नहीं करना है, बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देना चाहिए।”

 

कुलपति एवं कुलसचिव ने युवाओं को प्रेरित किया

​कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि ने युवाओं को उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए कहा कि आज की स्वतंत्रता अनगिनत बलिदानों का फल है, इसलिए अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देश के विकास के लिए करें। वहीं, कुलसचिव नागेंद्र सिंह ने जोर दिया कि ऐसे कार्यक्रम सामाजिक चेतना और राष्ट्रप्रेम को मजबूत करने के लिए आवश्यक हैं।

गणमान्य व्यक्तियों की रही गरिमामय उपस्थिति

​इस अवसर पर प्रशासनिक अधिष्ठाता प्रो. नाजिम खान, अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. दिलीप शोम, मुख्य वित्त अधिकारी वाई ज्योति, और परीक्षा नियंत्रक प्रो. मोईज़ अशरफ़ सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और शिक्षक मौजूद रहे।

छात्रों का संकल्प:

कार्यक्रम के अंत में बड़ी संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में देश के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करेंगे और शहीदों के सपनों का भारत बनाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।

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खुलासा: चंद रुपयों के लालच में कारोबारियों की मुखबिरी कर रहे थे रांची और बोकारो के युवक, प्रिंस खान गैंग से जुड़े तार

रांची/बोकारो: झारखंड में आतंक का पर्याय बने और पाकिस्तान में छिपे गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि रांची और बोकारो के कुछ स्थानीय युवक महज 5,000 रुपये जैसी मामूली रकम के लिए बड़े कारोबारियों, बिल्डरों और रसूखदार लोगों की निजी जानकारी और मोबाइल नंबर गैंगस्टर तक पहुंचा रहे थे।718e9a5b4134e16049d4e0ac9fbaa7029710e392f70b52801ad48d5b663b854b.0

कैसे काम करता था यह ‘इन्फॉर्मेशन नेटवर्क’?

​जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रिंस खान का यह नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। इसमें शामिल युवक स्थानीय स्तर पर व्यापारियों के संपर्क में आते थे और धीरे-धीरे उनके मोबाइल नंबर, टर्नओवर की जानकारी और यहां तक कि उनके परिवार का विवरण भी जुटा लेते थे। इसके बाद यह डेटा डिजिटल माध्यमों से सीधे प्रिंस खान तक भेज दिया जाता था।

इन नामों का हुआ खुलासा:

एजेंसियों ने इस नेटवर्क में कुछ प्रमुख संदिग्धों की पहचान की है:

  • बोकारो से: सुदीश ओझा और राकेश सिंह (इनका काम व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पहुंच बनाकर नंबर हासिल करना था)।
  • रांची से: राहुल राणा और कौशल पंडित (ये तकनीकी माध्यमों से जानकारी गैंग तक पहुंचाने का काम करते थे)।

5,000 रुपये में दांव पर कारोबारियों की सुरक्षा

​इस मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि संवेदनशील जानकारी साझा करने के बदले इन युवकों को मात्र 5,000 रुपये तक का भुगतान किया जाता था। इस मामूली लालच में ये युवक स्थानीय उद्यमियों की जान और सुरक्षा को जोखिम में डाल रहे थे। जैसे ही जानकारी प्रिंस खान तक पहुंचती, वहां से कारोबारियों को धमकी भरे कॉल और रंगदारी के वीडियो संदेश आने शुरू हो जाते थे।

युवतियों की संलिप्तता की भी आशंका

​जांच का दायरा अब और बढ़ गया है। सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क में रांची की कुछ युवतियों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है। एजेंसियां फिलहाल इस कड़ी की विस्तृत जांच कर रही हैं ताकि यह पता चल सके कि हनीट्रैप या किसी अन्य माध्यम से जानकारी तो नहीं जुटाई जा रही थी।

एजेंसियों का कड़ा रुख

​गैंगस्टर प्रिंस खान विदेश में बैठकर झारखंड के इस रंगदारी नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब इस पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चला रही हैं। कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और तकनीकी सर्विलांस के जरिए नेटवर्क की हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है।

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श्रीनाथ विश्वविद्यालय में ‘एआई फॉर डेवलपर्स’ पर सेमिनार: छात्रों को थ्योरी नहीं, प्रैक्टिकल पर जोर देने की मिली सीख

जमशेदपुर: तकनीक के बदलते दौर में विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से जमशेदपुर स्थित श्रीनाथ विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। “एआई फॉर डेवलपर्स: फ्रॉम लर्निंग टू बिल्डिंग” विषय पर आधारित इस सेमिनार में छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बारीकियों और इसके व्यावहारिक उपयोग से अवगत कराया गया।IMG 20260324 WA0005

व्यावहारिक ज्ञान ही सफलता की कुंजी: यशवर्धन शर्मा

​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, प्रसिद्ध एआई एजुकेटर एवं ‘आइडिया टू एक्शन टेक्नोलॉजी’ व ‘लूटलिंक’ के संस्थापक श्री यशवर्धन शर्मा ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि एआई के क्षेत्र में केवल किताबी ज्ञान (थ्योरी) पर्याप्त नहीं है।

​उन्होंने कहा, “आज के समय में डेवलपर्स को लर्निंग से बिल्डिंग की ओर बढ़ना होगा। छात्र छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स पर काम करें और आधुनिक एआई टूल्स का प्रयोग कर अपने कौशल को निखारें।” श्री शर्मा ने इस क्षेत्र में उभरते करियर विकल्पों और वैश्विक स्तर पर बढ़ती संभावनाओं पर भी विस्तृत प्रकाश डाला।

विशेषज्ञों का मिला मार्गदर्शन

​सेमिनार की सफलता में विश्वविद्यालय के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर श्री मिधात और चीफ टेक्निकल ऑफिसर श्री हमजा आलम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके तकनीकी मार्गदर्शन और सहयोग ने सत्र को बेहद प्रभावी और ज्ञानवर्धक बनाया।

इंटरैक्टिव रहा सत्र

​सेमिनार के दौरान विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों और छात्रों में भारी उत्साह देखा गया। प्रश्नोत्तर सत्र (Q&A) के दौरान छात्रों ने एआई टूल्स और उनके भविष्य को लेकर विशेषज्ञों से सीधे संवाद किया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें उद्योग जगत की जरूरतों के अनुसार ‘स्किल-बेस्ड’ शिक्षा प्रदान करना है।

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झारखंड में राशन कार्ड पर बड़ी स्ट्राइक: 2.43 लाख फर्जी कार्ड रद; डुप्लीकेट आधार और बाहरी राज्यों में भी नाम होने पर गिरी गाज

रांची: झारखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त अभियान ने फर्जीवाड़ा करने वालों की कमर तोड़ दी है। आधार सीडिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान राज्य भर में 2,43,408 राशन कार्ड रद कर दिए गए हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि ये लाभुक फर्जी आधार कार्ड, डुप्लीकेट प्रविष्टियों या बिहार और बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों में भी राशन का लाभ ले रहे थे।n705696080177428767394748f74b5bdcbedac2da99dbfa92d892aa8e367cce22d8047373f29680dc959d44

फर्जीवाड़े का खुलासा: एक आधार, कई राशन कार्ड

​विभागीय जांच में सामने आया कि हजारों लोग एक ही आधार नंबर का उपयोग कर अलग-अलग क्षेत्रों में राशन उठा रहे थे।

  • प्रमुख कारण: बायोमेट्रिक विसंगतियां, डुप्लीकेट आधार, और मृत व्यक्तियों के नाम पर वर्षों से उठ रहा राशन इस कार्रवाई की मुख्य वजह बने।
  • बड़ी उपलब्धि: रद किए गए 2.43 लाख कार्डों की जगह पर अब उतने ही नए और पात्र लाभुकों को कार्ड जारी कर दिए गए हैं, जो लंबे समय से प्रतीक्षा सूची में थे।

सत्यापन की सच्चाई: सिर्फ 11 हजार निकले ‘सही’

​सरकार ने संदिग्ध पाए गए कुल 2,54,887 राशन कार्डों की बारीकी से जांच की थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से महज 11,479 कार्ड धारी ही पात्र और सही पाए गए, जिनका नाम सूची में बरकरार रखा गया है। बाकी सभी 2.43 लाख नाम फर्जी पाए जाने पर हटा दिए गए।

जिलावार रिपोर्ट: कहाँ गिरी सबसे ज्यादा गाज?

​आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम और धनबाद जिलों में सबसे बड़े पैमाने पर फर्जी कार्ड पकड़े गए हैं।

जिला

रद किए गए कार्ड

सही पाए गए पात्र लाभुक

पूर्वी सिंहभूम

22,689

286

रांची

20,681

489

धनबाद

18,464

96

पश्चिम सिंहभूम

15,324

22

दुमका

12,992

331

गिरिडीह

12,341

1,341

पलामू

12,869

360

नाम कटने पर क्या करें?

सरकार ने पारदर्शिता बरतते हुए उन लोगों को एक मौका दिया है जिनके नाम इस सूची से कटे हैं।

विभागीय निर्देश: यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम गलती से कट गया है, तो वे अपने संबंधित प्रखंड आपूर्ति कार्यालय (BSO) या जिला आपूर्ति पदाधिकारी के पास साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

सरकारी राशन के दुरुपयोग पर लगाम

इस अभियान का उद्देश्य सरकारी अनाज की चोरी रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि लाभ केवल उन्हीं को मिले जो इसके वास्तविक हकदार हैं। राज्य सरकार का यह अभियान अब भी जारी है, जिससे आने वाले दिनों में और भी अपात्र नाम हटने की संभावना है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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