एक नई सोच, एक नई धारा

​5 आधार प्रोफाइल एक ही ऐप में होंगे मैनेज; पुराना डेटा खुद ट्रांसफर नहीं होगा, तुरंत करें यह काम

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जमशेदपुर। अगर आप भी अपने स्मार्टफोन में डिजिटल आधार कार्ड रखने के लिए mAadhaar ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो आज यानी 30 जून 2026 से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने पुराने mAadhaar ऐप को पूरी तरह से बंद (Phase Out) करने का फैसला किया है। इसकी जगह अब बिल्कुल नया, हाईटेक और सुरक्षित ‘Aadhaar App’ लॉन्च कर दिया गया है।IMG 20260630 154440

​आइए जानते हैं कि इस नए ऐप में क्या खास है और आपको इसके लिए क्या कदम उठाने होंगे।

​क्या पुराना डेटा नए ऐप में खुद-बखुद ट्रांसफर होगा?

​हर आधार कार्ड धारक के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है। इसका सीधा जवाब है— नहीं! UIDAI के मुताबिक, पुराना mAadhaar ऐप और नया Aadhaar ऐप तकनीकी रूप से आपस में जुड़े नहीं हैं। इसलिए आपका पुराना डेटा नए ऐप में ऑटोमैटिक ट्रांसफर नहीं होगा।b 1

आपको तुरंत क्या करना होगा?

  1. ​अपने ऑफिशियल ऐप स्टोर (Google Play Store या Apple App Store) पर जाकर नया Aadhaar App डाउनलोड करें।
  2. ​नए ऐप में अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिए दोबारा अपनी प्रोफाइल रजिस्टर करें।
  3. ​नया प्रोफाइल सफलतापूर्वक बन जाने के बाद, आप पुराने mAadhaar ऐप को अपने फोन से अनइंस्टॉल (Delete) कर सकते हैं।

​”वन फैमिली – वन ऐप”: एक ही फोन में 5 आधार कार्ड

​इस नए ऐप की सबसे बड़ी और शानदार खासियत इसका “One Family – One App” कॉन्सेप्ट है। अब आपको परिवार के अलग-अलग सदस्यों के डिजिटल आधार के लिए अलग-अलग स्मार्टफोन की जरूरत नहीं होगी। आप अकेले अपने एक ही स्मार्टफोन में परिवार के अधिकतम 5 आधार प्रोफाइल को आसानी से मैनेज और सुरक्षित रख सकते हैं।a 2

​नए Aadhaar App के 5 सबसे दमदार और एडवांस फीचर्स

​यह नया ऐप पुराने के मुकाबले काफी तेज है और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट के नियमों के तहत ‘प्राइवेसी-फर्स्ट’ डिजाइन पर तैयार किया गया है:

  • घर बैठे बदलें मोबाइल नंबर और पता: अब आप न सिर्फ अपना पता (Address), बल्कि अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी इसी ऐप के जरिए आसानी से अपडेट कर सकते हैं।
  • बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉकिंग: अपनी उंगलियों के निशान (Biometrics) को सुरक्षित रखने के लिए आप सिर्फ एक क्लिक में उसे लॉक या अनलॉक कर सकते हैं, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाती है।
  • सिलेक्टिव क्रेडेंशियल शेयरिंग (स्मार्ट प्राइवेसी): जब आप किसी होटल चेक-इन या सिनेमा हॉल के लिए आधार शेयर करेंगे, तो नया ऐप एक कस्टमाइज्ड QR कोड जनरेट करेगा। इससे सामने वाले को आपका पूरा आधार नंबर नहीं दिखेगा, बल्कि सिर्फ उतनी ही जानकारी (जैसे सिर्फ उम्र या नाम) जाएगी जितनी वहां जरूरी है।
  • फेस वेरिफिकेशन (Face Verification): अब फिंगरप्रिंट के अलावा आप अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए चेहरे (Face) के जरिए भी ऑथेंटिकेशन कर सकते हैं।
  • ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री: आप ऐप में यह भी चेक कर सकते हैं कि आपके आधार कार्ड का कब और कहां इस्तेमाल या वेरिफिकेशन किया गया है।

​इन जगहों पर तुरंत काम आएगा यह नया ऐप

​UIDAI के अनुसार, इस ऐप में दिखने वाला डिजिटल आधार पूरी तरह से वैध कानूनी आईडी प्रूफ है। आप इसका इस्तेमाल इन जगहों पर बेझिझक कर सकते हैं:

  • ​होटल चेक-इन के दौरान ऑफलाइन वेरिफिकेशन (OVSE) के लिए।
  • ​सिनेमा हॉल में टिकट बुकिंग के समय उम्र वेरिफिकेशन के लिए।
  • ​अस्पतालों में विजिटर्स और अटेंडेंट्स के एडमिशन के लिए।
  • ​गिग वर्कर्स (जैसे डिलीवरी बॉय, सर्विस पार्टनर्स) के वेरिफिकेशन के लिए।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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