एक नई सोच, एक नई धारा

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तीसरी धारा न्यूज: खेल के मैदान से महा-अपडेट

IND vs PAK: पाकिस्तान सरकार का यू-टर्न! 15 फरवरी को कोलंबो में होगा ‘महामुकाबला’, शहबाज सरकार ने वापस लिया मैच न खेलने का आदेश

कोलंबो/इस्लामाबाद | स्पोर्ट्स डेस्क

क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी राहत की खबर है! भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी 2026 को होने वाले टी20 विश्व कप के मुकाबले पर मंडरा रहे अनिश्चितता के बादल छंट गए हैं। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने अपना पिछला फैसला बदलते हुए टीम को भारत के खिलाफ मैदान पर उतरने की हरी झंडी दे दी है।

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बैठक के बाद बदला फैसला

​रविवार को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC), पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के बीच एक हाई-लेवल मीटिंग हुई। इस चर्चा के बाद पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया कि उनकी टीम तय शेड्यूल के अनुसार ही खेलेगी।

सरकार ने फैसले के पीछे दिए ये तर्क:

  • दोस्ताना देशों का दबाव: पाकिस्तान सरकार के अनुसार, श्रीलंका, यूएई और अन्य सदस्य देशों ने उनसे अपना फैसला बदलने का आग्रह किया था।
  • लीडरशिप की मांग: पाकिस्तान ने दावा किया कि अन्य देशों ने क्रिकेट की हालिया चुनौतियों के समाधान के लिए पाकिस्तान से नेतृत्व (Leadership) दिखाने की अपील की थी।
  • औपचारिक अनुरोध: बीसीबी (BCB) द्वारा भेजे गए औपचारिक अनुरोधों के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मैच खेलने का आदेश जारी किया।

15 फरवरी: कोलंबो में थमेगी दुनिया की रफ्तार

​टी20 विश्व कप 2026 का यह सबसे हाई-वोल्टेज मुकाबला श्रीलंका की धरती पर खेला जाएगा। पाकिस्तान की टीम हाइब्रिड मॉडल के तहत अपने मैच श्रीलंका में खेल रही है।

मैच की पूरी जानकारी:

  • तारीख: 15 फरवरी 2026
  • स्थान: आर. प्रेमदासा स्टेडियम, कोलंबो
  • समय: शाम 7:00 बजे (भारतीय समयानुसार)
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तीसरी धारा न्यूज: चुनावी सरगर्मी के बीच न्यायिक विवाद

फरार होकर भी मैदान में! वार्ड 32 की प्रत्याशी ममता देवी पर गैर-जमानती वारंट और कुर्की का आदेश, फिर भी कर रहीं चुनाव प्रचार

जमशेदपुर | मुख्य संवाददाता

जमशेदपुर के वार्ड नंबर 32 में पार्षद चुनाव के बीच एक बड़ा कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव लड़ रही प्रत्याशी ममता देवी और उनके पति विनय सिंह के खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानती वारंट और कुर्की (धारा 82/83) का आदेश प्रभावी होने के बावजूद, उनकी गिरफ्तारी न होना पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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क्या है मामला? (मुकदमा संख्या: C1 539/15)

​यह पूरा मामला ₹3,00,000 के चेक बाउंस से जुड़ा है, जो सेवानिवृत्त डीएसपी अशोक कुमार सिंह द्वारा दर्ज कराया गया था। पिछले 10 वर्षों से यह मामला जमशेदपुर न्यायालय में लंबित है, जिसमें आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय ने कई कड़े आदेश जारी किए हैं:

तिथिअदालती कार्रवाई / आदेश
19 जून 2015गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी
01 अगस्त 2016धारा 82 (फरारी की उद्घोषणा)
30 अगस्त 2017धारा 83 (संपत्ति की कुर्की का आदेश)
14 फरवरी 2023एसपी (SP) को आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पत्र
13 नवंबर 2025थाना प्रभारी को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause)

पुलिस की भूमिका पर कोर्ट सख्त

​हैरानी की बात यह है कि जिस प्रत्याशी के खिलाफ कुर्की जब्ती तक के आदेश जारी हैं, वह न केवल क्षेत्र में घूम रही हैं बल्कि वार्ड 32 से पार्षद पद के लिए नामांकन भी दाखिल कर चुकी हैं। इस लापरवाही पर माननीय न्यायालय ने कड़ी नाराजगी जताते हुए थाना प्रभारी को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है कि आखिर अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।

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25 फरवरी 2026: अगली सुनवाई पर टिकी नजरें

​माननीय न्यायालय रिचेस कुमार (प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी, जमशेदपुर) की अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी 2026 को होनी है। कोर्ट ने आरोपियों को उपस्थिति हेतु अंतिम निर्देश दिए हैं।

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तीसरी धारा का सवाल: कानून से ऊपर कौन?

​एक तरफ प्रशासन निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर ‘फरार’ घोषित प्रत्याशी का खुलेआम चुनाव लड़ना चुनावी प्रक्रिया और पुलिस की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। क्या 25 फरवरी से पहले पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पाएगी?

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तीसरी धारा न्यूज: कानून का शिकंजा

30 लाख के गबन का मामला: मुजफ्फरपुर की महिला समेत दो की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने फर्जी हस्ताक्षर को माना गंभीर

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जमशेदपुर | विधि संवाददाता

जमशेदपुर की जिला अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश (तृतीय) नीति कुमारी की अदालत ने धोखाधड़ी और गबन के एक बड़े मामले में कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने बिहार के मुजफ्फरपुर (बरियारपुर) निवासी आरोपी सुषमा पांडे और रंजीत कुमार की अग्रिम जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया है। वहीं, इसी मामले के दो अन्य आरोपियों को सशर्त राहत दी गई है।

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क्या है पूरा मामला?

​सोनारी स्थित ‘केयर ट्रेडर्स’ के मालिक संजय कुमार ने साकची थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनके अनुसार:

  • लुभावना ऑफर: आरोपी आयुष और शत्रुंजय सिंह ने उन्हें रंजीत और सुषमा से मिलवाया। उन्होंने मंगलौर (MRPL) में 50 लाख के फायर सेफ्टी वर्क और 2 करोड़ के स्क्रैप शिफ्टिंग काम का झांसा दिया।
  • बकाया राशि: नवंबर 2023 में काम शुरू हुआ, लेकिन 6 महीने बाद आरोपियों ने रॉयल्टी दर बढ़ा दी और टीडीएस (TDS) व जीएसटी (GST) का पैसा हड़प लिया। कुल 30,87,586 रुपए का भुगतान बकाया रह गया।
  • फर्जीवाड़े का खेल: जब पैसे मांगे गए, तो आरोपियों ने एक रसीद दिखाई जिसमें सूचक (संजय कुमार) के फर्जी हस्ताक्षर बने हुए थे।
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अदालत का फैसला और शर्तें

​अदालत ने दलीलों को सुनने के बाद दो अलग-अलग आदेश पारित किए:

  1. जमानत खारिज: मुख्य भूमिका में नजर आ रहे सुषमा पांडे और रंजीत कुमार की जमानत याचिका रद्द कर दी गई।
  2. सशर्त जमानत मंजूर: आरोपी निशांत कुमार और आयुष कुमार की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली गई है।
    • शर्त: उन्हें 3 सप्ताह के भीतर अदालत में आत्मसमर्पण (Surrender) करना होगा और जांच अधिकारी (अनुसंधानक) को सहयोग देना होगा।
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पक्ष और विपक्ष की दलीलें

​सूचक (संजय कुमार) की ओर से अदालत में अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू, पूर्व लोक अभियोजक सुशील कुमार जायसवाल और अधिवक्ता बबीता जैन ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि फर्जी हस्ताक्षर के जरिए करोड़ों के टर्नओवर वाले काम में लाखों का गबन करना एक सुनियोजित साजिश है।

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तीसरी धारा न्यूज: अपराध का आतंक

खूंटी में बेखौफ लुटेरों का तांडव: लूट के विरोध पर युवक को मारी गोली, जांघ के पार हुई बुलेट; बाल-बाल बची जान

खूंटी/मुरहू | ब्यूरो रिपोर्ट

झारखंड के खूंटी जिले में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। रविवार, 08 फरवरी 2026 की रात मुरहू थाना क्षेत्र में हथियारबंद बदमाशों ने लूटपाट के इरादे से सड़क घेराबंदी की और विरोध करने पर एक युवक को गोली मार दी। घायल युवक ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए लहूलुहान हालत में भी बाइक चलाकर अपनी जान बचाई।

मेले से लौटते वक्त घात लगाकर बैठे थे अपराधी

​घटना मुरहू थाना क्षेत्र के पोसेया गांव (गंडू सिरमली) के पास की है।

  • शिकार: घायल युवक की पहचान गुरमी गांव निवासी विश्वनाथ महतो (उर्फ विष्णु महतो) के रूप में हुई है।
  • घटनाक्रम: रविवार रात करीब 8 बजे विश्वनाथ महतो गंडू सिरमली में लगे मेले से घूमकर अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे।
  • हमला: रास्ते में चार से पांच नकाबपोश अपराधियों ने टॉर्च जलाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। अपराधी सड़क पर राहगीरों को रोककर लूटपाट कर रहे थे।

साहस ने बचाई जान: भागने पर पीछे से दागी गोली

​विश्वनाथ ने जैसे ही संदिग्ध गतिविधियां देखीं, उन्होंने रुकने के बजाय बाइक की रफ्तार बढ़ा दी। अपराधियों ने खुद को विफल होता देख पीछे से उन पर फायरिंग कर दी।

  1. गंभीर चोट: एक गोली विश्वनाथ की जांघ में लगी और मांस को चीरते हुए आर-पार निकल गई।
  2. सकुशल वापसी: गोली लगने के बावजूद वे रुके नहीं और किसी तरह सुरक्षित स्थान तक पहुंचे, जहाँ से परिजनों ने उन्हें खूंटी सदर अस्पताल में भर्ती कराया।

पुलिस की कार्रवाई और इलाके में दहशत

​अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, विश्वनाथ महतो की स्थिति फिलहाल स्थिर है। घटना की जानकारी मिलते ही मुरहू पुलिस सक्रिय हो गई है।

  • SDPO का बयान: एसडीपीओ वरुण रजक ने बताया कि अपराधियों की पहचान के लिए तकनीकी अनुसंधान और छापेमारी शुरू कर दी गई है।
  • इलाके में तनाव: इस वारदात के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है। लोगों ने पुलिस से रात के समय गश्त बढ़ाने की मांग की है।

तीसरी धारा अलर्ट: सुरक्षित रहें

​खूंटी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रात के समय सुनसान रास्तों पर अकेले यात्रा करने से बचें। संदिग्ध हलचल दिखने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।

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तीसरी धारा न्यूज: मौत के साये में मंडी

परसुडीह हाट: जर्जर छतों के नीचे सज रहीं 200 दुकानें, बिना भूकंप कांपती हैं दीवारें; क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?

जमशेदपुर | विशेष संवाददाता

लौहनगरी के परसुडीह स्थित कृषि उत्पादन बाजार समिति (मंडी) का ‘हाट’ इन दिनों एक खतरनाक जुए का केंद्र बना हुआ है। यहाँ व्यापार तो लाखों का हो रहा है, लेकिन इंसान की जान की कीमत शून्य नजर आ रही है। भवन निर्माण विभाग द्वारा ‘खतरनाक’ घोषित की जा चुकी पक्की दुकानों के नीचे रोज 200 से अधिक दुकानें खुल रही हैं, जहाँ दुकानदार और ग्राहक दोनों हर पल मौत के साये में खरीदारी कर रहे हैं।

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बिना भूकंप के कांपती हैं छतें, झड़ता है प्लास्टर

​हाट की स्थिति इतनी भयावह है कि बगल से कोई भारी वाहन गुजरता है, तो दुकानों की छतों में कंपन शुरू हो जाता है।

  • जर्जर ढांचा: आए दिन छतों का प्लास्टर, छज्जा और रेलिंग गिरते रहते हैं।
  • खतरे का संकेत: तकनीकी जांच में इंजीनियरों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह ढांचा अब मरम्मत के लायक भी नहीं बचा है और इसे तत्काल ध्वस्त करने की जरूरत है।
  • असामाजिक तत्वों का अड्डा: प्रथम तल की दुकानें पूरी तरह टूट चुकी हैं, जहाँ शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है।

अजीब फैसला: नीचे दुकान, ऊपर मौत!

​मामला जब जिला की ‘दिशा’ बैठक में पहुँचा, तो एक अजीबोगरीब बीच का रास्ता निकाला गया। प्रशासन ने प्रथम तल (First Floor) को तो पूरी तरह कंडम मानकर बंद कर दिया, लेकिन ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें चलाने की अनुमति दे दी।

सवाल यह है कि यदि ऊपर का ढांचा कमजोर है, तो क्या उसके गिरने पर नीचे बैठे दुकानदार और ग्राहक सुरक्षित रहेंगे?

किराये का खेल और सुरक्षा से पल्ला

​हैरानी की बात यह है कि जिस भवन को सरकारी तौर पर ‘असुरक्षित’ माना गया है, वहां के ग्राउंड फ्लोर से बाजार समिति आज भी किराया वसूल रही है। नियमतः कंडम घोषित इमारत में व्यावसायिक गतिविधि अवैध होती है। यदि समिति किराया ले रही है, तो क्या वह किसी हादसे की स्थिति में जिम्मेदारी लेने को तैयार है?

प्रशासन का पक्ष: “सुरक्षा सर्वोपरि है”

​कृषि उत्पादन बाजार समिति के सचिव अभिषेक आनंद के अनुसार:

  • ​दुकानों का री-डेवलपमेंट (Re-development) प्रस्तावित था, लेकिन दुकानदारों ने जगह खाली करने से मना कर दिया।
  • ​फिलहाल प्रथम तल से किराया नहीं लिया जा रहा है, केवल ग्राउंड फ्लोर से वसूली हो रही है।
  • ​दुकानदारों की सुरक्षा के लिए जल्द ही ठोस कदम उठाए जाएंगे।

तीसरी धारा का कड़ा सवाल: ‘राम भरोसे’ क्यों है जनता?

​बाजार समिति ने अब तक दुकानदारों के लिए किसी वैकल्पिक शेड या अस्थायी स्थान की व्यवस्था नहीं की है। बिना किसी ठोस प्लान के नोटिस जारी करना केवल कागजी खानापूर्ति नजर आता है। क्या प्रशासन तब जागेगा जब कोई बड़ी त्रासदी इन मासूम ग्राहकों और दुकानदारों को अपनी चपेट में ले लेगी?

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तीसरी धारा न्यूज: कोल्हान की बड़ी खबर

झारखंड क्षत्रिय संघ (गम्हरिया) के अध्यक्ष संतोष सिंह का निधन, TMH में भारी हंगामा; धरने पर बैठे पूर्व CM चंपई सोरेन

जमशेदपुर/गम्हरिया | मुख्य संवाददाता

लौहनगरी जमशेदपुर के प्रतिष्ठित अस्पताल टीएमएच (TMH) में रविवार देर रात उस वक्त भारी तनाव व्याप्त हो गया, जब झारखंड क्षत्रिय संघ, गम्हरिया इकाई के अध्यक्ष संतोष सिंह (55 वर्ष) के निधन के बाद परिजनों और समर्थकों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

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पिकनिक से लौटने के बाद आया हार्ट अटैक

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, संतोष सिंह रविवार को जगन्नाथपुर के देवनगरी में आयोजित झारखंड क्षत्रिय संघ के मिलन समारोह और पिकनिक में शामिल हुए थे। वहां से शाम करीब साढ़े पांच बजे घर लौटने के बाद उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई।

  • ​परिजन उन्हें तुरंत टीएमएच लेकर पहुंचे।
  • ​अस्पताल पहुँचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का गंभीर आरोप: “पैसे के लिए इलाज में की गई देरी”

​संतोष सिंह की मौत के बाद उनके परिजनों और समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल इलाज शुरू करने के बजाय कागजी कार्रवाई और पैसे की मांग को लेकर समय बर्बाद किया। समर्थकों का कहना है कि यदि समय पर प्राथमिक चिकित्सा मिल जाती, तो संतोष सिंह की जान बचाई जा सकती थी।

पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन पहुंचे अस्पताल, धरने पर बैठे

​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भारी संख्या में समर्थकों के साथ टीएमएच पहुंचे। अस्पताल प्रबंधन के अड़ियल रवैये और इलाज में हुई कथित देरी के विरोध में वे अस्पताल परिसर में ही धरने पर बैठ गए।

  • माहौल तनावपूर्ण: रात भर अस्पताल परिसर में समर्थकों की भीड़ जुटी रही और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को तैनात करना पड़ा।
  • प्रबंधन का पक्ष: टाटा स्टील कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस के प्रवक्ता ने फिलहाल इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।
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तीसरी धारा न्यूज: असम का रण

असम में ‘झामुमो’ की दस्तक: हेमंत सोरेन का तिनसुकिया दौरा बना चर्चा का विषय, 40 सीटों पर सियासी समीकरण बदलने की तैयारी

गुवाहाटी/रांची | विशेष संवाददाता

झारखंड की राजनीति के धुरंधर और झामुमो अध्यक्ष हेमंत सोरेन अब पूर्वोत्तर के ‘लाल मैदान’ यानी असम में अपनी नई सियासी बिसात बिछा रहे हैं। 2026 में होने वाले असम विधानसभा चुनाव से पहले हेमंत सोरेन की तिनसुकिया यात्रा ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। आदिवासियों और चाय बागान मजदूरों के बीच उनकी बढ़ती सक्रियता को भाजपा के ‘मजबूत किले’ में सेंधमारी के रूप में देखा जा रहा है।

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तिनसुकिया में उमड़ा जनसैलाब: ‘एकजुट हों तो बदल देंगे दिशा’

​01 फरवरी 2026 को तिनसुकिया में आयोजित 21वीं आदिवासी महासभा में हेमंत सोरेन बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस दौरान लगभग 30 हजार आदिवासियों के जमावड़े को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट राजनीतिक संदेश दिया:

  • एकजुटता की अपील: हेमंत सोरेन ने कहा कि यदि असम का आदिवासी और चाय मजदूर संगठित होकर मतदान करे, तो वह राज्य की सत्ता की चाबी अपने पास रख सकता है।
  • मजदूरी का मुद्दा: उन्होंने चाय बागान मजदूरों की 250 रुपये की कम दिहाड़ी पर सवाल उठाते हुए इसे ‘शोषण’ करार दिया और झारखंड की तर्ज पर कल्याणकारी योजनाओं का भरोसा दिलाया।

35 से 40 सीटों पर झामुमो की नजर

​सूत्रों के अनुसार, झामुमो असम की उन 35 से 40 विधानसभा सीटों का गहराई से आकलन कर रहा है जहाँ आदिवासी और चाय जनजाति (Tea Tribes) निर्णायक भूमिका में हैं।

  • रणनीतिक दौरा: जनवरी के मध्य में जनजातीय कार्य मंत्री चमरा लिंडा, सांसद विजय हांसदा और विधायकों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने असम के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हकीकत परखी थी।
  • पहचान की लड़ाई: बैठकों में यह बात निकलकर सामने आई कि यहाँ का आदिवासी समुदाय अब केवल ‘टी-ट्राइब’ बनकर नहीं रहना चाहता, बल्कि पूर्ण अनुसूचित जनजाति (ST) के दर्जे की मांग कर रहा है।

आंकड़ों की बाजीगरी और भाजपा की प्रतिक्रिया

​असम में करीब 70 लाख आदिवासी आबादी है, जो कुल जनसंख्या का लगभग 20% है। झामुमो इसी वोट बैंक के सहारे असम में अपनी जड़ें जमाने की कोशिश में है। हालांकि, असम की सत्तारूढ़ भाजपा इस सक्रियता को चुनौती नहीं मान रही है। भाजपा का तर्क है कि झामुमो का वहां कोई सांगठिक ढांचा नहीं है।

तीसरी धारा विश्लेषण: क्या सफल होगा ‘झारखंड मॉडल’?

​हेमंत सोरेन का ‘जल, जंगल और जमीन’ का नारा असम के चाय बागानों में कितना असर दिखाएगा, यह तो वक्त बताएगा। लेकिन इतना साफ है कि झामुमो अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहना चाहती।

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तीसरी धारा न्यूज: यादें, उमंग और सामाजिक संकल्प

बोकारो में जुटी ‘GPA जमशेदपुर’ की टोली: आदित्यपुर डिप्लोमा कॉलेज के पूर्व छात्रों का मिलन समारोह, लिया समाज सेवा का संकल्प

बोकारो | ब्यूरो रिपोर्ट

समय बीत जाता है, पर यादें और दोस्ती हमेशा जवां रहती हैं। इसका जीवंत उदाहरण रविवार, 08 फरवरी 2026 को बोकारो के सिटी पार्क में देखने को मिला। आदित्यपुर स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक (GPA जमशेदपुर) के पूर्ववर्ती छात्रों ने एक भव्य मिलन समारोह का आयोजन किया, जहाँ सालों बाद पुराने सहपाठियों ने एक-दूसरे से गले मिलकर कॉलेज के सुनहरे दिनों को याद किया।

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देश के नवनिर्माण में ‘आदित्यपुरियंस’ का डंका

​इस मिलन समारोह की सबसे खास बात यह रही कि आज इस कॉलेज से निकले छात्र देश की नामी-गिरामी संस्थाओं में उच्च पदों पर आसीन हैं। कार्यक्रम में पहुंचे छात्रों ने अपनी कामयाबी साझा करते हुए बताया कि वे वर्तमान में निम्नलिखित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं:

  • स्टील सेक्टर: टाटा स्टील लिमिटेड, सेल बोकारो, सेल बर्नपुर, राउरकेला।
  • इंजीनियरिंग और पावर: भेल (BHEL), पावर ग्रिड, झारखंड बिजली विभाग।
  • रेलवे और अन्य: भारतीय रेल, श्री सीमेंट, यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया (UCIL) जादूगोड़ा, टाटा स्टील गम्हरिया।

सिर्फ जश्न नहीं, समाज सेवा का भी लिया संकल्प

​यह आयोजन केवल हंसी-मजाक और खान-पान तक सीमित नहीं रहा। वहां मौजूद छात्रों ने अपने पूर्ववर्ती छात्र ग्रुप के माध्यम से समाज को वापस लौटाने (Give Back to Society) का एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे भविष्य में:

  1. रक्तदान शिविर का नियमित आयोजन करेंगे।
  2. नदी सफाई जैसे पर्यावरण संरक्षण अभियानों से जुड़ेंगे।
  3. ​अन्य सामाजिक सरोकारों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

इनकी रही मुख्य उपस्थिति

​इस यादगार मिलन समारोह में लगभग 80 से अधिक पूर्व छात्र शामिल हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने और नेतृत्व करने वालों में मुख्य रूप से अविनाश रंजन, अविनाश राज, दीपक, चंद्रिका, अजीत, ज्योतिष, दिनेश, चंद्रशेखर और रवि समेत कई अन्य साथी मौजूद थे।

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तीसरी धारा न्यूज: अपराध पर प्रहार

गुडासाई में अवैध शराब माफियाओं पर पुलिस का शिकंजा: भट्टी ध्वस्त, 2500 किलो जावा महुआ किया गया नष्ट

चक्रधरपुर | ब्यूरो रिपोर्ट

कोल्हान क्षेत्र में अवैध नशों के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को जिला पुलिस और आबकारी (उत्पाद) विभाग की संयुक्त टीम ने चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के गुडासाई में छापेमारी कर अवैध शराब निर्माण के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया।

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SP और उत्पाद अधीक्षक के निर्देश पर बड़ी रेड

​पुलिस अधीक्षक और उत्पाद अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि गुडासाई के जंगलों और रिहायशी इलाकों के समीप बड़े पैमाने पर अवैध देशी शराब बनाई जा रही है। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए एक संयुक्त टीम का गठन किया गया।

भारी मात्रा में सामग्री बरामद और नष्ट

​छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से भारी मात्रा में अवैध शराब बनाने की सामग्री जब्त की:

  • जावा महुआ: लगभग 2500 किलोग्राम जावा महुआ बरामद किया गया, जिसे शराब बनाने के लिए सड़ाया जा रहा था।
  • देशी शराब: मौके से 160 लीटर तैयार अवैध देशी शराब भी जब्त की गई।
  • मौके पर कार्रवाई: पुलिस ने विधिसम्मत तरीके से जब्त जावा महुआ और शराब को मौके पर ही नष्ट कर दिया और भट्टी को पूरी तरह जमींदोज कर दिया।

छापेमारी की भनक लगते ही कारोबारी फरार

​पुलिस की गाड़ी पहुँचने से पहले ही अवैध शराब के धंधेबाज मौके से भागने में सफल रहे। हालांकि, पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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तीसरी धारा न्यूज: बदहाल शिक्षा व्यवस्था

पटमदा: 200 बच्चों पर सिर्फ एक गुरुजी! कमलपुर मध्य विद्यालय में फूटा अभिभावकों का गुस्सा, तालाबंदी की चेतावनी

पटमदा | संवाददाता

एक तरफ सरकार ‘शिक्षा के अधिकार’ की बात करती है, वहीं दूसरी ओर पटमदा प्रखंड के कमलपुर मध्य विद्यालय की हकीकत सिस्टम की पोल खोल रही है। 200 से अधिक छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ से नाराज अभिभावकों ने सोमवार को विद्यालय परिसर में जमकर प्रदर्शन किया।

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एक शिक्षक के भरोसे 8 कक्षाएं: कैसे होगा भविष्य निर्माण?

​विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष आदित्य गोराई के नेतृत्व में दर्जनों अभिभावक सोमवार सुबह 10 बजे विद्यालय पहुंचे। अभिभावकों का कहना है कि 200 से अधिक बच्चों के लिए मात्र एक शिक्षक उपलब्ध है। ऐसे में न तो पढ़ाई हो पा रही है और न ही विद्यालय का प्रशासनिक कार्य सही ढंग से चल रहा है।

मुखिया की पहल और प्रशासन का आश्वासन

​प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय मुखिया जामिनी बेसरा मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) को फोन लगाया।

  • डीएसई से संपर्क नहीं: हालांकि डीएसई से सीधा संपर्क नहीं हो सका, लेकिन उनके प्रधान सहायक से दूरभाष पर बात हुई।
  • एक सप्ताह की मोहलत: प्रधान सहायक ने मुखिया को आश्वासन दिया है कि एक सप्ताह के भीतर विद्यालय में नए शिक्षकों की पदस्थापना (Posting) कर दी जाएगी।

ग्रामीणों का अल्टीमेटम: “अगले मंगलवार से होगा उग्र आंदोलन”

​मुखिया के समझाने-बुझाने के बाद अभिभावक शांत तो हुए, लेकिन उन्होंने साफ चेतावनी दी है:

​”यदि अगले सोमवार तक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती है, तो मंगलवार से ग्रामीण और अभिभावक सड़कों पर उतरेंगे और उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।”

तीसरी धारा की ग्राउंड रिपोर्ट

​कमलपुर मध्य विद्यालय की यह स्थिति जिले के कई अन्य ग्रामीण स्कूलों की भी कहानी है। भारी छात्र संख्या के बावजूद शिक्षकों की कमी से मिड-डे मील से लेकर पठन-पाठन तक सब कुछ ठप पड़ा है। अब देखना यह है कि प्रशासन अपना वादा निभाता है या ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ेगा।

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