एक नई सोच, एक नई धारा

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तीसरी धारा न्यूज: व्यवस्था पर सवाल

जगन्नाथपुर CHC की बदहाली: 48 घंटे से न डॉक्टर, न स्टाफ; ‘फोर्थ ग्रेड’ कर्मियों के भरोसे मरीजों की जान!

जगन्नाथपुर | ब्यूरो रिपोर्ट

झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती एक डरावनी तस्वीर जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से सामने आ रही है। पिछले 48 घंटों से यह अस्पताल ‘भगवान भरोसे’ चल रहा है। आलम यह है कि अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर मौजूद है और न ही कोई नियमित स्वास्थ्यकर्मी। पूरी व्यवस्था चतुर्थ श्रेणी (फोर्थ ग्रेड) कर्मचारियों के कंधों पर टिकी है।

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मासूम की जान पर बनी, तड़पती रही सहिया

​सोमवार की सुबह अस्पताल की इस लापरवाही ने दो परिवारों की सांसें अटका दीं:

  1. घायल बच्चा: छत से गिरकर एक मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। खून से लथपथ हालत में परिजन उसे लेकर अस्पताल भागे, लेकिन वहां कोई डॉक्टर नहीं मिला। हद तो तब हो गई जब बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे हायर सेंटर रेफर करने के लिए साइन करने वाला भी कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।
  2. घायल सहिया: कोचड़ा गांव की एक सहिया मोटरसाइकिल दुर्घटना का शिकार होकर अस्पताल पहुँची। डॉक्टर के अभाव में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने जैसे-तैसे पट्टी तो बांधी, लेकिन गंभीर चोट के कारण उसे रेफर करने वाला कोई नहीं था और वह घंटों अस्पताल परिसर में ही तड़पती रही।

क्या कागजों पर चल रहा है अस्पताल?

​स्थानीय ग्रामीणों में इस अव्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है; जगन्नाथपुर CHC में डॉक्टरों की अनुपस्थिति एक ‘नियमित बीमारी’ बन चुकी है।

  • सवाल: आखिर बिना डॉक्टर के अस्पताल के संचालन की अनुमति किसने दी?
  • खतरा: आपातकालीन स्थिति में अगर किसी मरीज की जान जाती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा—स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन?

क्षेत्र की जनता की मांग: अविलंब हो कार्रवाई

​क्षेत्र की जनता ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि:

  • ​तत्काल अस्पताल में नियमित डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
  • ​पिछले 48 घंटों से ड्यूटी से गायब कर्मियों पर कड़ी विभागीय कार्रवाई हो।
  • ​रेफरल सिस्टम को दुरुस्त किया जाए ताकि मरीजों को दर-दर न भटकना पड़े।
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तीसरी धारा न्यूज: जच्चा-बच्चा सुरक्षा सर्वोपरि

चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में उमड़ी गर्भवती महिलाएं: ‘9 तारीख’ के विशेष शिविर में हुई मुफ़्त स्वास्थ्य जांच

चक्रधरपुर | संवाददाता

क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में विशेष प्रसव पूर्व जांच (ANC) शिविर का आयोजन किया गया। सरकार की नियत तिथि के अनुसार, हर माह की 9 तारीख को आयोजित होने वाले इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से महिलाएं जांच के लिए पहुंचीं।

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विशेषज्ञ डॉक्टर की देखरेख में जांच

​अस्पताल की डॉ. लक्ष्मी कुमारी ने शिविर में मौजूद सभी गर्भवती महिलाओं की व्यक्तिगत रूप से जांच की। उन्होंने न केवल शारीरिक परीक्षण किया, बल्कि महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, उचित खान-पान और संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

एक ही छत के नीचे सभी टेस्ट

​शिविर की सबसे खास बात यह रही कि महिलाओं को अलग-अलग लैब के चक्कर नहीं काटने पड़े। एक ही स्थान पर उनकी व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें शामिल थे:

  • मुख्य रक्त जांच: हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, ब्लड ग्रुपिंग और ब्लड प्रेशर।
  • गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग: हेपेटाइटिस बी एवं सी, सिफलिस और एचआईवी (HIV) जांच।
  • शारीरिक निगरानी: वजन की जांच और हीमोग्लोबिन के स्तर के आधार पर आवश्यक दवाएं।

इन स्वास्थ्य कर्मियों का रहा सहयोग

​शिविर को सफल बनाने में अनुमंडल अस्पताल की पूरी टीम मुस्तैद रही। इसमें मुख्य रूप से:

  • लैब टेक्नीशियन: जगन्नाथ प्रसाद महतो।
  • स्वास्थ्य कर्मी: सीएचओ गीता सामड, भुवनेश्वर प्रधान, जानकी मुंडा।
  • एमपीडब्ल्यू: चंचल प्रधान और दिनेश कुमार महतो। इसके अलावा बड़ी संख्या में सहिया साथी भी महिलाओं को गांव से अस्पताल तक लाने और उनकी सहायता करने के लिए मौजूद रहीं।
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तीसरी धारा न्यूज: शिक्षा की ओर बढ़ते कदम

टिस्को मजदूर यूनियन की अनूठी पहल: नवोदय प्रवेश परीक्षा के लिए मेधावी बच्चों के बीच बांटी गई पुस्तकें

छोटा गम्हरिया | ब्यूरो रिपोर्ट

औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों के हक की आवाज उठाने वाली टिस्को मजदूर यूनियन अब ग्रामीण शिक्षा की तस्वीर बदलने के मिशन में भी जुट गई है। सोमवार को छोटा गम्हरिया स्थित प्राथमिक विद्यालय में एक सादे समारोह का आयोजन कर क्षेत्र के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों का वितरण किया गया।

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नवोदय का सपना होगा साकार

​यूनियन का मुख्य फोकस उन बच्चों पर है जो संसाधनों की कमी के कारण बेहतर शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इस कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के 20 मेधावी प्रतिभागियों को विशेष रूप से नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी पुस्तकें प्रदान की गईं।

कंपनी के आसपास के गांवों पर विशेष ध्यान

​कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए यूनियन के महामंत्री शिवलखन सिंह ने कहा:

​”नवोदय विद्यालय में प्रवेश एक छात्र के जीवन की दिशा बदल सकता है। यूनियन का उद्देश्य टीजीएस (TGS) कंपनी के इर्द-गिर्द बसे गांवों के प्रतिभावान बच्चों को सही संसाधन उपलब्ध कराना है। हमारा प्रयास केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हम आगे भी ऐसी मदद जारी रखेंगे।”

यूनियन की सक्रियता से ग्रामीणों में हर्ष

​इस नेक कार्य को सफल बनाने में यूनियन के ट्रेजरर (कोषाध्यक्ष) दिलीप महतो की अहम भूमिका रही। उन्होंने आयोजन की रूपरेखा तैयार की और यह सुनिश्चित किया कि सहायता सही और जरूरतमंद बच्चों तक पहुँचे।

​कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, विद्यालय के शिक्षक और यूनियन के सदस्य उपस्थित थे। ग्रामीणों ने यूनियन के इस सामाजिक सरोकार की सराहना करते हुए इसे शिक्षा के प्रति एक सराहनीय कदम बताया।

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तीसरी धारा न्यूज: जमशेदपुर की सुलगती समस्या

मानगो पुल पर ‘महाजाम’: घंटों रेंगती रही लौहनगरी की लाइफलाइन, फ्लाईओवर के काम और अतिक्रमण ने बिगाड़ी चाल

जमशेदपुर | सिटी रिपोर्टर

लौहनगरी की धड़कन कहे जाने वाले मानगो पुल और आसपास के इलाकों में आज एक बार फिर ‘ब्लैक मंडे’ जैसी स्थिति रही। सोमवार की सुबह जैसे ही पीक आवर शुरू हुआ, मानगो की सड़कें वाहनों के समंदर में तब्दील हो गईं। सुबह से शुरू हुआ यह गतिरोध दोपहर तक जारी रहा, जिसने हजारों शहरवासियों के पसीने छुड़ा दिए।

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पुराने और नए पुल पर वाहनों का ‘रेला’

​मानगो चौक से लेकर जयप्रकाश नारायण सेतु (पुराना पुल) और नए पुल तक जिधर नजर गई, सिर्फ वाहनों की लंबी कतारें ही दिखाई दीं।

  • फंसे रहे मासूम: जाम का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों पर पड़ा। तपती धूप और उमस के बीच स्कूल बसें घंटों फंसी रहीं, जिससे छोटे बच्चे बेहाल नजर आए।
  • ड्यूटी वाले परेशान: दफ्तर और फैक्ट्री जाने वाले कर्मचारी समय पर नहीं पहुंच सके, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखी गई।

जाम के तीन प्रमुख विलेन

​तीसरी धारा न्यूज की टीम ने जब मौके का मुआयना किया, तो जाम के पीछे तीन मुख्य कारण उभर कर आए:

  1. अतिक्रमण की मार: सड़क किनारे अवैध रूप से सजी दुकानों और ठेलों ने पहले से ही संकरी सड़क को और छोटा कर दिया है।
  2. फ्लाईओवर निर्माण: मानगो फ्लाईओवर का काम चल रहा है, लेकिन वैकल्पिक ट्रैफिक प्लान (Traffic Plan) का सही क्रियान्वयन जमीन पर नहीं दिख रहा।
  3. भारी वाहनों का दबाव: नो-एंट्री खुलने के बाद भारी वाहनों के अचानक दबाव ने स्थिति को नियंत्रण से बाहर कर दिया।

प्रशासन के दावे बनाम हकीकत

​पुलिस प्रशासन का दावा है कि मानगो चौक और डिमना रोड में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। हालांकि, बढ़ती गाड़ियों की संख्या और बेतरतीब पार्किंग के आगे ये इंतजाम ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ साबित हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन केवल आश्वासन देता है, जबकि आम जनता हर दिन ‘नर्क’ जैसे हालात झेल रही है।

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तीसरी धारा न्यूज: स्वास्थ्य सेवा की नई पहल

सदर अस्पताल में उमड़ी गर्भवती महिलाओं की भीड़: 230 महिलाओं की हुई मुफ्त जांच, बांटी गई दवाएं

चाईबासा | स्वास्थ्य ब्यूरो

गर्भवती महिलाओं और सुरक्षित प्रसव को प्राथमिकता देते हुए सोमवार को सदर अस्पताल परिसर स्थित एमसीसी (MCC) भवन में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सदर के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में लगभग 230 गर्भवती महिलाओं का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

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ए टू जेड जांच और मुफ्त परामर्श

​शिविर के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से महिलाओं की कई महत्वपूर्ण जांचें की गईं। डॉ. जगन्नाथ हेंब्रम ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान करना और प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं को कम करना है।

शिविर में की गई मुख्य जांचें:

  • रक्त परीक्षण: हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर और एचआईवी (HIV) जांच।
  • शारीरिक जांच: ब्लड प्रेशर (BP) और यूरिन टेस्ट।
  • विशेष जांच: अल्ट्रासाउंड के जरिए भ्रूण के स्वास्थ्य की निगरानी।
  • दवा वितरण: जांच के बाद आवश्यकतानुसार सभी महिलाओं को आयरन, फोलिक एसिड और अन्य जरूरी दवाएं मुफ्त प्रदान की गई।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने दी सेवा

​इस शिविर में विशेष रूप से डॉ. संगीता मुंडरी और डॉ. सुजाता महतो ने महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें पोषण संबंधी सलाह दी। कार्यक्रम को सफल बनाने में सदर अस्पताल के सभी लैब टेक्नीशियन, एएनएम (ANM) और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

​”हम हर महीने इस तरह के शिविर का आयोजन करते हैं। हमारा लक्ष्य है कि क्षेत्र की हर गर्भवती महिला को समय पर जांच और इलाज मिले, ताकि मातृ-शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम किया जा सके।” – डॉ. जगन्नाथ हेंब्रम

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तीसरी धारा न्यूज: वीरों को नमन

हूल विद्रोह के नायक शहीद चानकु महतो की जयंती मनाई गई, भालूकविंदा चौक पर उमड़ा जनसैलाब

चक्रधरपुर/भालूकविंदा | ब्यूरो रिपोर्ट

झारखंड की माटी के महान सपूत और हूल विद्रोह के प्रखर नायक वीर शहीद चानकु महतो की जन्म जयंती सोमवार को पूरे श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। वीर शहीद चानकु महतो स्मारक समिति की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम मेम क्लब स्थित भालूकविंदा चौक पर संपन्न हुआ, जहाँ समाज के विभिन्न वर्गों ने जुटकर शहीद की शहादत को याद किया।

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पारंपरिक विधि से पूजा और श्रद्धांजलि

​कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गरिमा के साथ हुआ। लाया लखन महतो ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और शहीद चानकु महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने पुष्प अर्पित कर ‘शहीद चानकु महतो अमर रहे’ के नारों से परिसर को गुंजायमान कर दिया।

“नई पीढ़ी के प्रेरणास्रोत हैं शहीद चानकु”

​सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने शहीद चानकु महतो के साहस और अंग्रेजों के खिलाफ उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डाला।

  • त्याग की प्रतिमूर्ति: वक्ताओं ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए चानकु महतो का बलिदान अविस्मरणीय है।
  • इतिहास से सीख: कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास और बलिदानों से प्रेरणा लेकर समाज सेवा का संकल्प लेना चाहिए।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से हरिशंकर महतो, अमित महतो, स्वपन महतो, कोकिल चंद्र महतो, मनोरंजन महतो, चंदन महतो, जितेन महतो और पुरुषोत्तम महतो शामिल हुए। इनके अलावा विकास महतो, पूर्णेंदु महतो, भुवन महतो, दिलीप महतो, लखी महतो, हांसू महतो, कालू महतो, समीर महतो, रतन किस्कू और हाराधन महतो समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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तीसरी धारा न्यूज: शहर की सेहत पर प्रशासन की पैनी नजर

जुगसलाई में नगर परिषद का ‘हल्ला बोल’: प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त, सड़क पर अतिक्रमण करने वालों को सख्त हिदायत

जुगसलाई | प्रतिनिधि शहर को प्रदूषण मुक्त और जाम मुक्त बनाने की दिशा में जुगसलाई नगर परिषद ने अपनी कमर कस ली है। सोमवार को नगर परिषद की टीम ने क्षेत्र में औचक जांच अभियान (Surprise Inspection) चलाकर प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान दुकानदारों से जुर्माना वसूला गया और सड़क पर सामान रखने वालों को अंतिम चेतावनी दी गई।

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प्लास्टिक पर प्रहार: जुर्माने के साथ जागरूकता भी

​नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में प्लास्टिक की खरीद-बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक है। जांच के दौरान कई दुकानों से प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया गया।

  • विकल्प का सुझाव: नगर परिषद के अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि सामुदायिक आयोजनों, शादी-विवाह या किसी भी घरेलू कार्यक्रम में प्लास्टिक के बजाय कागज के पत्तल, प्लेट और गिलास का इस्तेमाल करें।
  • पर्यावरण संरक्षण: अभियान का मुख्य उद्देश्य सिंगल-यूज प्लास्टिक को जड़ से खत्म करना है।

अतिक्रमण पर चेतावनी: “सड़क दुकानदारों के लिए नहीं, राहगीरों के लिए है”

​जांच अभियान के दौरान टीम ने उन दुकानदारों को भी आड़े हाथों लिया जिन्होंने अपनी दुकान का सामान सड़क पर फैला रखा था।

​”सड़क पर सामान रखने से यातायात बाधित होता है और अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। अगली बार पकड़े जाने पर न केवल सामान जब्त होगा, बल्कि भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।” – नगर परिषद प्रशासन

जांच दल में शामिल रहे मुख्य सदस्य

​इस अभियान को सफल बनाने के लिए नगर परिषद और संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों ने मोर्चा संभाला, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • नगर प्रबंधक: राजेंद्र कुमार
  • राजस्व निरीक्षक: राहुल कुमार दास एवं उमेश प्रजापति
  • स्पैरो सॉफ्टेक टीम: टीम लीडर बुद्धेश्वर मंडल एवं टैक्स कलैक्टर विजय
  • सुरक्षा बल: गृह रक्षक संतोष कुमार यादव एवं अन्य कार्यालय कर्मी।
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तीसरी धारा न्यूज: खेल जगत की बड़ी खबर

झारखंड के लाल चूमने चले आसमान: ‘होमलेस वर्ल्ड कप’ के सपने के साथ गोवा रवाना हुई फुटबॉल टीम

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चक्रधरपुर/पश्चिमी सिंहभूम | ब्यूरो रिपोर्ट

झारखंड के दुर्गम जंगलों और सुदूर गांवों से निकले पैरों में अब अंतरराष्ट्रीय मैदानों को नापने का हौसला दिख रहा है। गोवा में आयोजित होने वाले 22वें नेशनल इंक्लूजन कप फुटबॉल टूर्नामेंट में शिरकत करने के लिए झारखंड की बालक और बालिका टीमें चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन से रवाना हो गई हैं।

दुर्गम राहों से राष्ट्रीय पटल तक का सफर

​इस दल में कुल 17 खिलाड़ी शामिल हैं। ये वे युवा हैं जो पश्चिमी सिंहभूम के उन इलाकों से आते हैं जहाँ बुनियादी सुविधाओं का आज भी अभाव है। तांतनगर, टोन्टो, झींकपानी, मझगांव और सदर प्रखंड के इन ‘होमग्रोन’ सितारों ने साबित कर दिया है कि अगर प्रतिभा हो, तो संसाधन मायने नहीं रखते।

मैक्सिको का टिकट पाने का सुनहरा मौका

​गोवा के एंजल ग्राउंड में 10 से 12 फरवरी तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में देशभर के 18 राज्यों की टीमें भिड़ेंगी। लेकिन असली रोमांच इसके चयन प्रक्रिया में है:

  • ​इस टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को वर्ष 2026 में मैक्सिको में आयोजित होने वाले ‘होमलेस वर्ल्ड कप’ के लिए चुना जाएगा।
  • ​झारखंड के ये खिलाड़ी न केवल राज्य बल्कि भविष्य में भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना लेकर मैदान में उतरेंगे।

सरकार और प्रशासन ने थामी बाजू

​खिलाड़ियों के इस सफर को मुमकिन बनाने में सरकार ने अहम भूमिका निभाई है:

  • मंत्री दीपक बिरूवा: खिलाड़ियों के आने-जाने का पूरा खर्च झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरूवा ने वहन किया है। उन्होंने अपनी शुभकामनाओं के साथ कहा कि ये खिलाड़ी राज्य का मान बढ़ाएंगे।
  • प्रशासनिक सहयोग: रवानगी से पूर्व जिला खेल पदाधिकारी मारकुश हेम्ब्रम ने खिलाड़ियों को खेल की बारीकियों और नई तकनीकों के टिप्स दिए।
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तीसरी धारा न्यूज: सच जो आप जानना चाहते हैं

धनबाद में सनसनी: 1 करोड़ के लोन विवाद में रिकवरी एजेंट की हत्या, पॉश सोसाइटी में मिला शव

धनबाद | विशेष संवाददाता

कोयलांचल की राजधानी धनबाद एक बार फिर दहल उठी है। सदर थाना क्षेत्र के एक पॉश इलाके में लोन रिकवरी एजेंट अमित कुमार अग्रवाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई। अपहरण के बाद 15 लाख की फिरौती मांगकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई, लेकिन अंततः कातिल पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया।

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पूरा घटनाक्रम: फिरौती की कॉल और पुलिस की दबिश

​शनिवार देर शाम अमित कुमार अग्रवाल के लापता होने के बाद परिजनों ने सदर थाना में गुहार लगाई थी। मामले ने तब गंभीर मोड़ ले लिया जब अमित के ही मोबाइल से परिजनों को फोन कर 15 लाख रुपये की मांग की गई। तीसरी धारा न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोबाइल टावर लोकेशन को ट्रेस किया, जो सूर्य हाइलैंड सोसाइटी की ओर इशारा कर रहा था।

विकास खंडेलवाल के घर से बरामद हुआ शव

​पुलिस ने लोकेशन के आधार पर दबिश देकर विकास खंडेलवाल को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के सामने आरोपी का झूठ ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने अमित की हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने विकास के ही आवास से अमित अग्रवाल का शव बरामद किया, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

हत्या की वजह: 1 करोड़ का विवाद

​पुलिसिया जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मृतक और आरोपी के बीच 1 करोड़ रुपये के लोन सेटलमेंट को लेकर पुराना विवाद चल रहा था।

  • ​आरोपी विकास खंडेलवाल कर्ज के बोझ और सेटलमेंट के दबाव में था।
  • ​साजिश के तहत अमित को बातचीत के बहाने बुलाया गया और फिर उसका अपहरण कर लिया गया।
  • ​पुलिस का मानना है कि फिरौती की मांग सिर्फ एक सोची-समझी चाल थी ताकि मामला ‘किडनैपिंग फॉर रैनसम’ लगे और हत्या की असली वजह छिपी रहे।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल

​हाई-प्रोफाइल सोसाइटी के अंदर इस तरह की वारदात ने धनबाद की सुरक्षा व्यवस्था और सोसाइटी मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

तीसरी धारा न्यूज़ अपडेट्स: पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और विकास खंडेलवाल के अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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T20 वर्ल्ड कप 2026: क्या होगा भारत-पाक मुकाबला?

​रविवार, 8 फरवरी को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में ICC और PCB चीफ मोहसिन नकवी के बीच करीब चार घंटे तक मैराथन बैठक चली। इस बैठक में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम भी शामिल थे। पाकिस्तान ने साफ किया है कि वह भारत के खिलाफ मैच खेलने को तभी तैयार होगा, जब उसकी तीन मांगें मानी जाएंगी।

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पाकिस्तान की 3 ‘विवादास्पद’ शर्तें

शर्त नंबरPCB की मांगप्रभाव/चुनौती
1ICC रेवेन्यू में बड़ा हिस्सापाकिस्तान चाहता है कि उसे ICC की कमाई से मिलने वाले सालाना हिस्से (करीब $38 मिलियन) में बढ़ोतरी की जाए।
2द्विपक्षीय सीरीज की बहालीपाकिस्तान की सबसे बड़ी मांग है कि भारत के साथ रुकी हुई द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) फिर से शुरू हो।
3हैंडशेक प्रोटोकॉल का सख्ती से पालनPCB चाहता है कि एशिया कप 2025 में ‘नो-हैंडशेक’ विवाद जैसी स्थिति न बने और भारतीय खिलाड़ी अनिवार्य रूप से पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाएं।

क्यों फंसा है पेंच? (भारत का रुख)

​पाकिस्तान की दूसरी शर्त यानी द्विपक्षीय सीरीज की बहाली पर भारत का सहमत होना लगभग नामुमकिन है।

  • राजनीतिक तनाव: भारत और पाकिस्तान के बीच 2012 के बाद से कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं हुई है।
  • BCCI का स्टैंड: BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार की अनुमति के बिना पाकिस्तान के साथ खेलना संभव नहीं है। भारत ने सुरक्षा और सीमा पार आतंकवाद का हवाला देते हुए पाकिस्तान से हाथ मिलाना भी सीमित कर दिया है।
  • ICC का क्षेत्राधिकार: द्विपक्षीय सीरीज दो देशों के बोर्ड का निजी मामला है, जिसमें ICC हस्तक्षेप नहीं कर सकता।

आगे क्या?

  • प्रधानमंत्री की मंजूरी: मोहसिन नकवी आज (सोमवार) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मिलकर अंतिम राय लेंगे।
  • ICC की सख्ती: ICC ने चेतावनी दी है कि बहिष्कार की स्थिति में पाकिस्तान पर भारी जुर्माना और सदस्यता निलंबन जैसी कार्रवाई हो सकती है।
  • मैच की उम्मीद: सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के 99% खेलने की उम्मीद है क्योंकि बहिष्कार से उसे अंक और आर्थिक, दोनों तरह का भारी नुकसान होगा।
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