एक नई सोच, एक नई धारा

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गढ़वा में भीषण सड़क हादसा: स्कॉर्पियो और ट्रक की टक्कर में चार की मौत, अनियंत्रित होकर घर में घुसा वाहन

गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले में रविवार की रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। गढ़वा सदर थाना क्षेत्र के बेलचंपा गांव में एक तेज रफ्तार अज्ञात ट्रक और स्कॉर्पियो के बीच हुई जोरदार टक्कर में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और वह सड़क किनारे स्थित एक घर की दीवार तोड़कर अंदर जा घुसी।

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तेज रफ्तार बनी काल

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्कॉर्पियो की गति बेहद तेज थी, जो लगभग 100 किमी प्रति घंटे से अधिक बताई जा रही है। इसी दौरान एक अज्ञात ट्रक ने वाहन को जोरदार टक्कर मारी, जिससे चालक ने संतुलन खो दिया। गनीमत रही कि जिस घर में स्कॉर्पियो घुसी, वहां मौजूद लोग बाल-बाल बच गए, वरना हताहतों की संख्या और बढ़ सकती थी।

रिश्तेदार के घर से लौट रहे थे मृतक

पुलिस जांच में सामने आया है कि स्कॉर्पियो सवार सभी चार लोग आपस में रिश्तेदार थे। वे उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित बिलासपुर गांव में एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होकर वापस अपने घर लौट रहे थे।

  • मृतकों का निवास: मृतक पलामू जिले के पांडु थाना क्षेत्र और विश्रामपुर थाना क्षेत्र के भंडार गांव के रहने वाले थे।

पुलिस की कार्रवाई और फरार ट्रक की तलाश

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद शवों को वाहन से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेजा। परिजनों का आरोप है कि ट्रक ने पीछे से टक्कर मारी और चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस फिलहाल आसपास के क्षेत्रों के CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि अज्ञात ट्रक की पहचान की जा सके।

राजनीतिक शोक और संवेदनाएं

इस दुखद घटना पर पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता रामचंद्र चंद्रवंशी ने गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने इसे एक अत्यंत पीड़ादायक हादसा बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। घटना के बाद से ही मृतकों के गांवों (पांडु और भंडार) में मातम पसरा हुआ है।

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

  • स्थान: बेलचंपा गांव, गढ़वा सदर थाना क्षेत्र।
  • कारण: अज्ञात ट्रक से टक्कर और स्कॉर्पियो की अत्यधिक गति।
  • नुकसान: 4 की मौत, वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त, एक घर को भी नुकसान।
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रेलवे का बड़ा फैसला: आज से बिना आधार लिंक वाले यूजर्स ओपनिंग डे पर नहीं बुक कर पाएंगे एडवांस टिकट

नई दिल्ली/जमशेदपुर: भारतीय रेलवे ने टिकट दलालों पर नकेल कसने और आम यात्रियों को कंफर्म टिकट दिलाने की दिशा में एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। 12 जनवरी से लागू हुए नए नियम के तहत, अब बिना आधार लिंक (Non-Aadhaar Linked) वाले IRCTC यूजर्स एडवांस रिजर्वेशन पीरियड के पहले दिन (Opening Day) टिकट बुक नहीं कर पाएंगे।

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क्या है नया नियम?

रेलवे द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, यात्रा की तारीख से 60 दिन पहले जब एडवांस बुकिंग की खिड़की खुलती है, तो उस पहले दिन:
* प्रतिबंध: जिन यूजर्स का IRCTC अकाउंट आधार से लिंक नहीं है, वे सुबह 8:00 बजे से रात 12:00 बजे तक टिकट बुक नहीं कर सकेंगे।
* विकल्प: ऐसे यूजर्स रात 12:00 बजे के बाद ही अपनी बुकिंग कर पाएंगे।
* उद्देश्य: इस नियम का मुख्य उद्देश्य फर्जी सॉफ्टवेयर और टिकट दलालों द्वारा ओपनिंग डे पर की जाने वाली बल्क बुकिंग को रोकना है।

एडवांस बुकिंग का ’60 दिन’ वाला नियम

आपको बता दें कि रेलवे ने हाल ही में एडवांस टिकट बुकिंग की समय सीमा को 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दिया है। आज से शुरू हुआ यह नया नियम इसी 60-दिन वाली विंडो के पहले दिन पर प्रभावी होगा।

कैसे लिंक करें अपना आधार?

(स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
यदि आप चाहते हैं कि आपको एडवांस बुकिंग में परेशानी न हो, तो नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:
* IRCTC वेबसाइट/ऐप पर लॉग इन करें।
* ‘My Profile’ सेक्शन में जाएं।
* ‘Link Your Aadhaar’ या ‘Aadhaar KYC’ विकल्प पर क्लिक करें।
* अपना आधार नंबर दर्ज करें और ‘Send OTP’ पर क्लिक करें।
* आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए OTP को भरें और वेरिफिकेशन पूरा करें।

काउंटर टिकट के लिए भी बदला नियम

रेलवे ने केवल ऑनलाइन ही नहीं, बल्कि ऑफलाइन बुकिंग में भी पारदर्शिता बढ़ाई है। अब रेलवे काउंटर (PRS) से टिकट बुक कराते समय भी OTP (वन टाइम पासवर्ड) अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए आपका मोबाइल नंबर आधार या सिस्टम में अपडेट होना जरूरी है।

आम यात्रियों को क्या होगा फायदा?

मजदूर नेता और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि:
* फेक अकाउंट्स पर लगाम: आधार लिंक होने से लाखों फर्जी अकाउंट्स पहले ही ब्लॉक किए जा चुके हैं।
* कंफर्म टिकट की संभावना: ओपनिंग डे पर आम यात्रियों के लिए कंफर्म टिकट मिलने के अवसर बढ़ जाएंगे।
* पारदर्शिता: ओटीपी आधारित बुकिंग से दलाली प्रथा पर काफी हद तक रोक लगेगी।

> विशेष नोट: जिन यात्रियों के पास आधार नहीं है या जो लिंक नहीं करना चाहते, वे या तो काउंटर से टिकट ले सकते हैं या ओपनिंग डे की समय सीमा खत्म होने के बाद (अगले दिन) बुकिंग कर सकते हैं।

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जमशेदपुर: मकर संक्रांति और टुसू पर प्रशासन सख्त, 14 और 15 जनवरी को भारी वाहनों के लिए ‘नो एंट्री’ लागू

जमशेदपुर: मकर संक्रांति और लोक आस्था के महापर्व टुसू को देखते हुए जिला प्रशासन ने शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। डीसी, एसएसपी और ट्रैफिक डीएसपी द्वारा जारी संयुक्त आदेश के अनुसार, 14 और 15 जनवरी को शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी रहेगी।

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नो एंट्री का समय और नियम

प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक:

  • तारीख: 14 और 15 जनवरी 2026।
  • समय: सुबह 4:00 बजे से रात 11:00 बजे तक नो एंट्री प्रभावी रहेगी।
  • प्रतिबंध: सभी प्रकार के भारी वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
  • छूट: यात्री बसों को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है ताकि आम जनता को आवागमन में असुविधा न हो।

क्यों लिया गया यह निर्णय?

मकर संक्रांति और टुसू पर्व के अवसर पर जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों और नदी घाटों (जैसे दोमुहानी, बिष्टुपुर, और सिदगोड़ा) में विशाल मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। इन कार्यक्रमों में शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों में दुर्घटनाओं को रोकने और जाम की स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने यह ‘नो एंट्री’ लागू की है।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने सभी भारी वाहन मालिकों और चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय का पालन करें और यातायात नियमों का उल्लंघन न करें। शहर के मुख्य प्रवेश द्वारों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि भारी वाहनों को शहर के बाहर ही रोका जा सके।

मुख्य आकर्षण:

  • सुरक्षा: मेलों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम।
  • ट्रैफिक रूट: प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती।
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एमजीएम अस्पताल में चोरी की कोशिश: ऑक्सीजन पाइप लाइन से कॉपर वायर निकालते युवक रंगे हाथ गिरफ्तार

जमशेदपुर: शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) अस्पताल परिसर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सुरक्षा में तैनात होम गार्ड के जवानों ने एक युवक को कीमती सामान चोरी करते हुए रंगे हाथ धर दबोचा। पकड़ा गया आरोपी अस्पताल की जीवन रक्षक प्रणालियों (Life Support Systems) को निशाना बना रहा था।

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घटना का विवरण

जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक अस्पताल परिसर में लगे एसी (AC) यूनिट और ऑक्सीजन पाइप लाइन से जुड़े कीमती कॉपर मर्करी वायर को काटकर निकाल रहा था। उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखकर ड्यूटी पर तैनात होम गार्ड के जवान सतर्क हो गए और घेराबंदी कर उसे मौके पर ही दबोच लिया।

आरोपी की पहचान

पकड़ा गया युवक पूर्व में उलीडीह थाना क्षेत्र में एक प्राइवेट ड्राइवर के रूप में काम कर चुका है। पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या वह पहले भी अस्पताल में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है या वह किसी बड़े संगठित गिरोह का हिस्सा है।

सुरक्षा पर उठे सवाल

अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर, जहाँ ऑक्सीजन पाइप लाइन सीधे मरीजों की जान से जुड़ी होती है, वहां हुई इस चोरी की कोशिश ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
* बरामदगी: सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी के पास से चोरी किया गया कॉपर वायर बरामद कर उसे हिरासत में ले लिया।
* पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि इस घटना के पीछे के अन्य नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

> अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा गार्डों की मुस्तैदी के कारण एक बड़ी अनहोनी और पाइपलाइन क्षति को टाल दिया गया।

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टाटा पावर जोजोबेड़ा में मजदूरों का आक्रोश: आर्थिक शोषण और दमनात्मक स्थानांतरण के खिलाफ गेट पर जोरदार प्रदर्शन

जमशेदपुर: टाटा पावर के जोजोबेड़ा प्लांट में कार्यरत ठेका मजदूरों के सब्र का बांध अब टूट गया है। वर्षों से सेवा दे रहे श्रमिकों के आर्थिक शोषण और प्रबंधन की कथित ‘दमनकारी नीतियों’ के खिलाफ सोमवार को प्लांट के मुख्य द्वार पर सैकड़ों मजदूरों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मजदूर यूनियन ने प्रबंधन पर स्थानीय आदिवासियों और मूलवासियों के हक मारने का गंभीर आरोप लगाया है।

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प्रमुख मुद्दे और यूनियन के आरोप

मजदूर नेता अंबुज ठाकुर के नेतृत्व में यूनियन ने प्लांट के भीतर चल रही अव्यवस्थाओं को उजागर किया है। यूनियन के मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:
* स्थायी बनाम ठेका मजदूर: कंपनी में जहां मात्र 100 स्थायी कर्मचारी हैं, वहीं लगभग 600 ठेका मजदूर 15-20 वर्षों से महत्वपूर्ण विभागों (जैसे- ईएसपी, बॉयलर, टरबाइन, रेलवे ट्रैक, और सिक्योरिटी) में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
* सुविधाओं का अभाव: मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा, ग्रेड रिवीजन, उचित ओवरटाइम भुगतान, भुगतान पर्ची (Pay Slip) और हाजिरी कार्ड जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।
* भ्रष्टाचार का आरोप: चर्चा है कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान ठेकेदारों से कथित वसूली की जाती है, जिसका सीधा असर मजदूरों के वेतन और सुविधाओं पर पड़ता है।

‘बदले की कार्रवाई’ से भड़का गुस्सा


यूनियन का दावा है कि 15 दिसंबर 2025 को उप श्रमायुक्त (DLC) को ज्ञापन सौंपने के बाद प्रबंधन ने दमनकारी रुख अख्तियार किया है। आरोप है कि आईआर मैनेजर सुभोजित घोष के निर्देश पर ठेकेदार आर.के. इरेक्टर ने दो सक्रिय मजदूरों—पवन कुमार और संजीव प्रसाद—का जोजोबेड़ा से साकची (पावर हाउस-7) स्थानांतरण कर दिया।

> “इन दोनों मजदूरों ने पूर्व में 30 दिनों तक लगातार काम कराए जाने के खिलाफ आवाज उठाई थी। यह स्थानांतरण सीधे तौर पर उनकी आवाज दबाने की कोशिश है।” — अंबुज ठाकुर, मजदूर नेता

प्रशासनिक हस्तक्षेप और आगामी वार्ता

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और श्रम विभाग रेस हो गया है।
* अगली सुनवाई: उप श्रमायुक्त कार्यालय ने 15 जनवरी 2026 को डीएलसी कार्यालय में त्रिपक्षीय वार्ता निर्धारित की है।
* यूनियन की चेतावनी: यूनियन ने स्पष्ट किया है कि जब तक पवन कुमार और संजीव प्रसाद की जोजोबेड़ा में वापसी नहीं होती और मांगें पूरी नहीं की जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।

अशांति की आशंका

यूनियन ने शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन साथ ही आगाह किया है कि यदि प्रबंधन की ओर से कोई उकसावा होता है या वार्ता विफल रहती है, तो होने वाली किसी भी हड़ताल या औद्योगिक अशांति की पूरी जिम्मेदारी टाटा पावर प्रबंधन और संबंधित ठेकेदारों की होगी।

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डिमना लेक की वादियों में सिख समाज का भव्य मिलन समारोह संपन्न, 350 लोगों ने लिया वन भोज का आनंद

जमशेदपुर: प्रकृति की सुरम्य वादियों में स्थित डिमना लेक में रविवार को सिख समाज द्वारा ‘वन भोज एवं मिलन समारोह’ का शानदार आयोजन किया गया। भगत सिंह फैंस क्लब (नानकनगर) के अध्यक्ष कर्मजीत सिंह कम्मे एवं उनकी टीम के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लगभग 350 लोगों ने हिस्सा लिया।

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धार्मिक और सामाजिक एकता का संगम

कार्यक्रम में रंगरेटा महासभा के हरजिंदर सिंह रिन्कू एवं अन्य पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर शहर की विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों के प्रतिनिधियों ने शिरकत कर सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया। उपस्थित जनसमूह ने एक साथ बैठकर वन भोज (पिकनिक) का आनंद लिया।

खेल और मनोरंजन की धूम

पिकनिक को यादगार बनाने के लिए विशेष गतिविधियों का आयोजन किया गया:

  • महिलाओं के लिए: विशेष खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
  • बच्चों के लिए: बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘क्विज कॉम्पिटिशन’ रखा गया।
  • सांस्कृतिक प्रस्तुति: मशहूर गायक दलजीत सिंह परवाना एवं उनकी टीम ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

मुख्य अतिथियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में शहर की प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एवं सिख नौजवान प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी।
  • बिरसानगर जीपीसी: प्रधान परमजीत सिंह रोशन एवं टीम।
  • नमदा बस्ती जीपीसी: प्रधान दलजीत सिंह।
  • टॉईलाडुंगरी जीपीसी: प्रधान सतवीर सिंह एवं टीम।
  • टिनप्लेट जीपीसी: प्रधान सुरजित सिंह एवं टीम।
  • राजनीतिक एवं सामाजिक नेता: भाजपा नेता सतवीर सिंह सोमू, रविंद्र सिंह रिन्कू, जसवंत सिंह गिल, कुलवंत सिंह संधू, और टिनप्लेट यूनियन के महासचिव पलविंदर सिंह।
  • स्त्री सभा: बिरसानगर गुरुद्वारा स्त्री सभा की प्रधान गीता कौर एवं उनकी टीम।

इसके अलावा समाजसेवी बलबीर सिंह बिट्टू, राजू सिंह काले, राजेंद्र सिंह चीमा, बलजीत सिंह, अमृत सिंह, मान सिंह खंडे, सब पाल सिंह बंटी, दिलबाग सिंह और हैप्पी सिंह समेत बड़ी संख्या में सिख संगत और नौजवान उपस्थित थे।

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पुरस्कार वितरण

कार्यक्रम के समापन पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को गणमान्य अतिथियों द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। आयोजन समिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।

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बड़ी खबर: रांची में शीतलहर का कहर, कक्षा 6 तक के स्कूल 14 जनवरी तक बंद

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में लगातार गिरते पारे और भीषण शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ‘कोल्ड वेव’ की चेतावनी के मद्देनजर, जिले के स्कूलों के संचालन समय और छुट्टियों में बदलाव किया गया है।

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मुख्य निर्णय और निर्देश:

* कक्षा KG से 6वीं तक छुट्टी: रांची जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी (प्राइवेट) स्कूलों में कक्षा KG से लेकर कक्षा 6 तक की पढ़ाई 12 जनवरी 2026 से 14 जनवरी 2026 तक पूरी तरह बंद रहेगी।
* बड़ी कक्षाओं का समय बदला: कक्षा 7 से लेकर 12वीं तक के छात्रों के लिए स्कूल खुलेंगे, लेकिन उनका संचालन सुबह 10:00 बजे से किया जाएगा।
* सभी स्कूलों पर लागू: यह आदेश अल्पसंख्यक स्कूलों सहित सभी श्रेणी के शिक्षण संस्थानों पर अनिवार्य रूप से लागू होगा।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है ताकि कड़ाके की ठंड से बच्चों को बचाया जा सके।

> नोट: मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे के निर्णय लिए जाएंगे। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे स्कूल के आधिकारिक संदेशों पर नज़र रखें।

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‘आप सिर्फ हाथ बढ़ाएं, मंजिल तक पहुंचाना सरकार का काम’: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के युवाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करते हुए एक बड़ा भरोसा दिया है। खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इनडोर स्टेडियम में 10वीं और 12वीं के हजारों छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “विद्यार्थी पढ़ाई की सारी चिंता छोड़ दें, उनकी चिंता अब सरकार कर रही है। आप बस एक कदम आगे बढ़ाएं, सरकार आपके लिए 10 कदम बढ़ाएगी।”

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यह संबोधन दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती के अवसर पर ‘गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया गया।

देश में सबसे सस्ता और बड़ा शिक्षा ऋण (Education Loan)
मुख्यमंत्री ने योजना की विशिष्टताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि झारखंड देश का एकमात्र राज्य है जो शिक्षा के लिए सबसे उदार शर्ते प्रदान कर रहा है।

*अधिकतम लोन राशि, ₹3 लाख से ₹7 लाख तक, ₹15 लाख (विशेष परिस्थिति में ₹25 लाख तक)*

*ब्याज दर, 11% – 12%, मात्र 4%*

उन्होंने यह भी दावा किया कि झारखंड की इस पहल को देखते हुए ही भारत सरकार ने भी शिक्षा ऋण की सीमा को बढ़ाकर ₹7 लाख किया है।

*“झारखंड पूरे देश का पेट भरता है, फिर हम क्यों मोहताज?”*

मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि झारखंड खनिज संसाधनों से समृद्ध है और पूरे देश के घरों को रोशन करता है, लेकिन यहाँ के लोग अब भी गरीबी से जूझ रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि यदि वे इस योजना का ईमानदारी से लाभ उठाएं, तो अगले 5-10 वर्षों में झारखंड से गरीबी का कलंक पूरी तरह मिट जाएगा।

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> “हम युवाओं को सिर्फ सरकारी नौकरियों के भरोसे नहीं छोड़ सकते। हम उन्हें इतना सक्षम बनाना चाहते हैं कि वे IAS, IPS, डॉक्टर या इंजीनियर बनने के लिए पैसों की कमी को बाधा न मानें।”

*तकनीकी नवाचार: AI चैटबोट और डैशबोर्ड का शुभारंभ*

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए दो महत्वपूर्ण तकनीकी टूल्स लॉन्च किए:
* डिजिटल डैशबोर्ड: इसके जरिए छात्र योजना की प्रगति और प्रावधानों की रियल-टाइम जानकारी ले सकेंगे।
* AI चैटबोट: NIT जमशेदपुर के छात्रों द्वारा विकसित इस चैटबोट के माध्यम से विद्यार्थी योजना से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं। वर्तमान में यह हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है, लेकिन जल्द ही इसे क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं में भी अपडेट किया जाएगा।

*युवाओं को सौंपा ‘गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड’ का फॉर्म*

अंत में, मुख्यमंत्री ने छात्रों से आग्रह किया कि वे यहाँ से फॉर्म भरकर ले जाएं और अपने दोस्तों व परिजनों को इस योजना के बारे में जागरूक करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सही समय पर लिया गया सही निर्णय ही युवाओं को अंधकार से बाहर निकाल सकता है।

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‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन की 82वीं जयंती: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिता की याद में साझा किया भावुक संदेश

राँची: झारखंड आंदोलन के पुरोधा और ‘दिशोम गुरु’ के नाम से विख्यात दिवंगत नेता शिबू सोरेन की आज 11 जनवरी को 82वीं जयंती मनाई जा रही है। 4 अगस्त 2025 को उनके निधन के बाद यह उनकी पहली जन्मजयंती है, जिसे लेकर पूरे राज्य में भावुक माहौल है। इस विशेष अवसर पर उनके पुत्र और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक अत्यंत मार्मिक पोस्ट साझा कर अपने पिता को नमन किया।

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पिता नहीं, जीवन की पाठशाला थे बाबा: हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए लिखा कि यह दिन उनके लिए केवल एक महान नेता का जन्मदिन नहीं, बल्कि उस मार्गदर्शक की याद है जिन्होंने उन्हें गढ़ा है। उन्होंने अपने पोस्ट में पिता से मिली सीखों का जिक्र करते हुए कहा:

> “बाबा ने मुझे जीवन जीने की कला और संघर्ष करना सिखाया। सबसे महत्वपूर्ण बात जो मैंने उनसे सीखी, वह है—बिना झुके अपनी गरिमा, मूल्यों और सच्चाई पर अडिग रहना।”


संघर्ष और सिद्धांतों की विरासत


सीएम हेमंत ने अपने पोस्ट में शिबू सोरेन के जीवन के उन पहलुओं को साझा किया जो जनता के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने लिखा कि:

* अटूट इच्छाशक्ति: “मैंने उन्हें कई बार थका हुआ देखा, लेकिन टूटते कभी नहीं देखा।”
* आदिवासी अस्मिता: उन्होंने जंगल, जमीन और आदिवासी पहचान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
* सादगी और सेवा: सत्ता को हमेशा जन-सेवा का माध्यम माना, कभी उसे अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।

दिशोम गुरु का महाप्रयाण और झारखंड की राजनीति

झारखंड अलग राज्य आंदोलन के नायक शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त 2025 को 81 वर्ष की आयु में हुआ था। उनके जाने से न केवल सोरेन परिवार बल्कि झारखंड की राजनीति में एक ऐसा शून्य पैदा हुआ है जिसे भरना नामुमकिन है। शिबू सोरेन ने महाजनी प्रथा के खिलाफ आंदोलन से लेकर अलग राज्य की लड़ाई तक, दशकों तक आदिवासियों और पिछड़ों की आवाज बुलंद की थी।

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संकल्प: “आपके दिखाए मार्ग पर चलता रहूँगा”

पोस्ट के अंत में मुख्यमंत्री ने अपने पिता और गुरु के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त करते हुए संकल्प लिया। उन्होंने लिखा, “बाबा, आपके दिखाए मार्ग और आदर्शों पर मैं जीवन भर चलता रहूँगा, चाहे कितनी भी चुनौतियां आएं। जय झारखंड! जय दिशोम गुरु!”

मुख्य बिंदु:

* तिथि: 11 जनवरी (82वीं जयंती)
* विशेष: शिबू सोरेन के निधन के बाद पहली जयंती।
* संदेश: सादगी, साहस और जन-सेवा का संकल्प।

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सरायकेला: धूमधाम से हुआ ‘आंबेडकर नगर’ का नामकरण, लक्ष्मी सरदार ने किया बोर्ड का अनावरण

सरायकेला: जिले के स्थानीय क्षेत्र में सामाजिक चेतना और पहचान को नया आयाम देते हुए ‘आंबेडकर नगर’ के आधिकारिक नामकरण हेतु बोर्ड स्थापित किया गया। इस गौरवशाली अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला परिषद सदस्य श्रीमती लक्ष्मी सरदार ने विधिवत फीता काटकर बोर्ड का अनावरण किया।

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ऐतिहासिक पल की गूँज

समारोह को संबोधित करते हुए लक्ष्मी सरदार ने कहा कि आज का दिन इस क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अब इस क्षेत्र की पहचान बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम से होगी, जो पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है।

संघर्ष और स्थापना की कहानी
मानवाधिकार सहायता संघ के वरिष्ठ संघ मित्र सह अनुसूचित जाति जनजाति एकता मंच के जिला संरक्षक रंजन कारूवा ने सभा को संबोधित करते हुए इस स्थान के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि:

  • आंबेडकर नगर की स्थापना कई वर्षों पूर्व उनके और समाज के वरिष्ठ सदस्यों के सामूहिक प्रयासों से की गई थी।
  • यहाँ आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना की गई थी, जिसका उद्घाटन तत्कालीन टीओपी थाना प्रभारी अखिलेश राणा द्वारा किया गया था।

“यह नामकरण केवल एक बोर्ड लगाना नहीं, बल्कि हमारे समाज के अग्रणी नेताओं और वरिष्ठ सदस्यों के वर्षों के संघर्ष और समर्पण का प्रतीक है।” — रंजन कारूवा

कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति
इस गरिमामय अवसर पर समाज के कई गणमान्य व्यक्ति और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

व्यास कुमार रजक,रवि कुमार रवि ,विरेन्द्र उरांव, श्याम बिहारी दास, मिथलेश कुमार, मुकुट धारी मुंडा,देवाशीष दास, अशोक पासवान,मुरली रजक,धनपति नायक,अमर प्रसाद, रविशंकर मुखी, सुदर्शन मुखी एवं अन्य ग्रामीण
इस आयोजन से स्थानीय ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया और सभी ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए बाबा साहेब के पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया।

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