एक नई सोच, एक नई धारा

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मानगो के ज़ाकिरनगर में भीषण अग्निकांड: लाखों का सामान राख, महिला झुलसी, दमकल के न पहुंचने पर रोष

जमशेदपुर, मानगो: सोमवार रात मानगो के ज़ाकिरनगर, रोड नंबर-10 स्थित कबीरिया स्कूल के समीप मोहम्मद अजीम के मकान में अचानक आग लग जाने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और घर में रखा लाखों का कीमती सामान जलकर खाक हो गया। इस घटना में एक महिला भी गंभीर रूप से झुलस गई, जिसे स्थानीय लोगों की तत्परता से बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया।

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पलक झपकते ही फैला आग का तांडव:

देर रात लगी इस आग ने मोहम्मद अजीम के परिवार को भारी क्षति पहुंचाई है। एयर कंडीशनर, फ्रिज, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य घरेलू सामग्रियां आग की भेंट चढ़ गईं। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि घर के अंदर रखा सामान बचाने का कोई मौका नहीं मिला।

महिला को बचाने में स्थानीय लोगों ने दिखाई बहादुरी:

आग लगने के समय घर में मौजूद एक महिला लपटों की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गई। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। बिना किसी देरी के मोहल्लेवासियों ने जान जोखिम में डालकर महिला को आग से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) रेफर कर दिया गया। टीएमएच में महिला का इलाज जारी है।

दमकल के न पहुंचने पर फूटा लोगों का गुस्सा:

भीषण आग के बावजूद दमकल विभाग की गाड़ी समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाई, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना था कि यदि दमकल समय पर पहुंच जाती तो शायद नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। हालांकि, स्थानीय निवासियों ने अपनी सूझबूझ और एकजुटता का परिचय देते हुए बाल्टी, पाइप और उपलब्ध अन्य संसाधनों की मदद से घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

शॉर्ट सर्किट बना आग का कारण?

प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। इस घटना ने घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में बिजली के बुनियादी ढांचे और अग्नि सुरक्षा उपायों की कमी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की मांग की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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झारखंड नगर निकाय चुनाव: हेमंत सोरेन ने फूंका चुनावी बिगुल, कार्यकर्ताओं को दिए तैयारी के निर्देश

रांची: झारखंड में सात वर्षों से प्रतीक्षित नगर निकाय चुनावों को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। मुख्यमंत्री सह झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने सोमवार को रांची स्थित अपने आवास पर पार्टी पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि नगर निकाय चुनाव कार्यकर्ताओं के लिए जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करने का एक बेहतरीन अवसर है।

बैठक की मुख्य बातें

​कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास के सभागार में आयोजित इस बैठक में रांची जिला के सभी स्तर के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

  • संगठनात्मक समीक्षा: मुख्यमंत्री ने संगठन के कार्यों की समीक्षा की और चुनावी रणनीति पर चर्चा की।
  • जनसंपर्क पर जोर: हेमंत सोरेन ने कहा कि कार्यकर्ताओं को वार्ड स्तर पर जनता की समस्याओं को सुनना चाहिए और सरकार की योजनाओं को उन तक पहुँचाना चाहिए।
  • प्रमुख उपस्थिति: बैठक में JMM के दिग्गज नेता विनोद कुमार पांडेय, सुप्रियो भट्टाचार्य, अभिषेक प्रसाद ‘पिंटू’ और पवन जेडिया सहित कई जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

बड़ा सवाल: क्या दलीय आधार पर होंगे चुनाव?

​निकाय चुनाव को लेकर सबसे बड़ा संशय अभी भी बरकरार है कि क्या यह चुनाव दलीय (Party-based) आधार पर होंगे या गैर-दलीय

  • भाजपा की मांग: भाजपा ने हाल ही में रांची सहित राज्यभर के निकायों के बाहर धरना प्रदर्शन किया है। उनकी मांग है कि चुनाव दलीय आधार पर हों और EVM का प्रयोग किया जाए। भाजपा का तर्क है कि बिना दलीय आधार के चुनाव होने से प्रत्याशियों की बाढ़ आ जाएगी और वोट बिखर जाएंगे।
  • जदयू की सक्रियता: जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी अपनी कमर कस ली है। पार्टी ने सभी जिला अध्यक्षों से इच्छुक उम्मीदवारों की सूची मांगी है, जो यह दर्शाता है कि विपक्षी दल पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरना चाहते हैं।
  • सरकार का रुख: 2018 में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव दलीय आधार पर हुए थे, लेकिन हेमंत सोरेन सरकार ने बाद में नियमों में बदलाव कर इन्हें गैर-दलीय आधार पर कराने का निर्णय लिया था। हालांकि, विपक्ष के दबाव और बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच अब सबकी नजरें सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

चुनाव की वर्तमान स्थिति

​राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, फरवरी-मार्च 2026 तक चुनावों की घोषणा हो सकती है। राज्य में कुल 48 नगर निकायों (9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत) में चुनाव होने हैं। पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC Commission) ने भी अपनी ‘ट्रिपल टेस्ट’ रिपोर्ट सौंप दी है, जिससे आरक्षण का रास्ता साफ हो गया है।

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बड़ी कार्रवाई: जमशेदपुर के गोलमुरी में दिल्ली पुलिस और ATS का छापा, तीन संदिग्ध हिरासत में

जमशेदपुर: लौहनगरी के गोलमुरी थाना क्षेत्र में सोमवार को सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े ज्वाइंट ऑपरेशन को अंजाम दिया। झारखंड आतंक निरोधक दस्ता (ATS), दिल्ली पुलिस और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

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रडार पर थे संदिग्ध

​सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए तीनों व्यक्ति पिछले कई वर्षों से गोलमुरी इलाके में रह रहे थे। वे लंबे समय से जांच एजेंसियों की निगरानी (रडार) पर थे। उनकी संदिग्ध गतिविधियों और बाहरी संपर्कों की पुष्टि होने के बाद, तीनों एजेंसियों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

नेटवर्क खंगाल रही हैं एजेंसियां

​गिरफ्तारी के बाद टीम तीनों संदिग्धों को किसी अज्ञात सुरक्षित स्थान पर ले गई है, जहाँ उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। जांच का मुख्य केंद्र निम्नलिखित बिंदुओं पर है:

  • स्थानीय नेटवर्क: शहर में उनके मददगारों और संपर्कों की पहचान करना।
  • तकनीकी जांच: उनके पास से बरामद मोबाइल और डिजिटल उपकरणों के डेटा का विश्लेषण।
  • पुराना रिकॉर्ड: क्या वे किसी बड़े गिरोह या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े संगठनों के संपर्क में थे।
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आधिकारिक बयान का इंतजार

​हालांकि इस छापेमारी ने शहर में सनसनी फैला दी है, लेकिन अब तक दिल्ली पुलिस या झारखंड एटीएस की ओर से कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है। सुरक्षा कारणों से एजेंसियों ने फिलहाल विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। उम्मीद है कि पूछताछ पूरी होने के बाद इस मामले में बड़े खुलासे हो सकते हैं।

सुरक्षा अलर्ट: इस कार्रवाई के बाद जमशेदपुर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है और संदिग्धों के ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी रहने की संभावना है।

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सनसनीखेज: घाटशिला में भाजपा नेता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, बाइक सवार हमलावर फरार

घाटशिला/गालुडीह: घाटशिला के गालुडीह थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर अपराधियों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए प्रज्ञा केंद्र संचालक और भाजपा नेता उमाकांत महतो की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है।

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वारदात का विवरण

​जानकारी के अनुसार, उमाकांत महतो उलदा पंचायत स्थित खड़िया कॉलोनी बस स्टैंड के पास थे, तभी एक बाइक पर सवार तीन अज्ञात युवक वहां पहुंचे। हमलावरों ने उमाकांत महतो को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की और वारदात को अंजाम देने के बाद टाटा (जमशेदपुर) की दिशा में फरार हो गए।

हत्या के पीछे ‘जमीन विवाद’ की आशंका

​प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक उमाकांत महतो का अपने गांव में जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि इस विवाद को लेकर पहले भी कई बार मारपीट और झड़प की घटनाएं हो चुकी थीं। पुलिस इसी रंजिश को हत्या का मुख्य कारण मानकर जांच कर रही है।

परिवार में छाया मातम

​घटना के बाद घटनास्थल पर हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला। उमाकांत की पत्नी आशा महतो, पुत्र अनुप महतो और बड़े भाई सृष्टिपद महतो का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्यों के करुण विलाप से वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

पुलिस की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया

  • सीसीटीवी और घेराबंदी: सूचना मिलते ही गालुडीह पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिले की सीमाओं पर नाकेबंदी कर दी गई है।
  • भाजपा का आक्रोश: भाजपा नेता की हत्या की खबर मिलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
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जमशेदपुर: दोमुहानी संगम पर 13 और 14 जनवरी को बिखरेगी बनारस जैसी आभा, 11 पुरोहित करेंगे भव्य महाआरती

जमशेदपुर: लौहनगरी के बिष्टुपुर स्थित गोस्वामी मंदिर में बुधवार को हिन्दू उत्सव समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि सोनारी स्थित दोमुहानी नदी घाट (स्वर्णरेखा और खरकई नदी का संगम) पर 13 और 14 जनवरी को भव्य ‘दोमुहानी संगम महोत्सव 2026’ का आयोजन किया जाएगा।

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​यह महोत्सव ‘हिन्दू उत्सव समिति’ और ‘उम्मीद एक अभियान’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा है, जिसका मुख्य आकर्षण बनारस और हरिद्वार की तर्ज पर होने वाली भव्य गंगा आरती होगी।

कार्यक्रम की रूपरेखा:

  • 13 जनवरी (शुक्रवार): शाम को महोत्सव का विधिवत उद्घाटन होगा। सबसे पहले पर्यावरण और नदी संरक्षण पर व्याख्यान होगा, जिसके बाद भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान धर्म और पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं को सम्मानित भी किया जाएगा।
  • 14 जनवरी (शनिवार): मकर संक्रांति के अवसर पर शाम 3 बजे से नदी पूजन शुरू होगा, जिसके बाद भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा।

नदी संरक्षण का अनूठा संदेश

​समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि इस वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शहर की जीवन रेखा स्वर्णरेखा नदी को आस्था से जोड़कर इसके प्रदूषित हो रहे स्वरूप को बचाना है। लोगों को प्रकृति और नदियों के प्रति संवेदनशील बनाना ही इस महोत्सव का मूल लक्ष्य है।

बनारस के 11 पुरोहितों का शंखनाद

​महोत्सव की भव्यता के लिए विशेष रूप से बनारस से 11 पुरोहितों को आमंत्रित किया गया है। ये पुरोहित अपने पारंपरिक परिधानों में डमरू और शंखनाद के साथ 48 मिनट तक निरंतर महाआरती करेंगे, जिससे पूरा संगम तट भक्तिमय हो उठेगा।

बैठक में उपस्थित गणमान्य

​बैठक में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित थे, जिनमें समाजसेवी मनोज सिंह, बन्दे शंकर, जटाशंकर पाण्डेय, अश्वनी झा, विहिप के जेएन दास, उम्मीद एक अभियान के अध्यक्ष सुखदेव सिंह, आरएसएस के संजय कुमार और बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल थीं। सभी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्य बिंदु: > * स्थान: दोमुहानी संगम तट, सोनारी।

  • विशेष: 48 मिनट की महाआरती और पर्यावरण संरक्षण पर जोर।
  • तैयारी: सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था।
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अंतिम विदाई: मानगो में एक साथ उठी पति-पत्नी की अर्थी, मासूम बच्चों की चीखें सुन हर आंख हुई नम

जमशेदपुर: 10 जनवरी को मानगो बस स्टैंड के पास हुई भीषण सड़क दुर्घटना ने आज उस वक्त पूरे शहर को रुला दिया, जब मृतक दंपति का अंतिम संस्कार किया गया। मानगो पोस्ट ऑफिस रोड स्थित विश्वकर्मा कॉलोनी से जब लाल कुमार और उनकी पत्नी नीलम की अर्थी एक साथ निकली, तो इलाके का माहौल अत्यंत गमगीन हो गया।

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मासूमों का करुण विलाप

​दो दिनों से अपने माता-पिता के घर लौटने का इंतजार कर रहे दो मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। जब उन्होंने अपने माता-पिता के पार्थिव शरीर को देखा, तो वे उनसे लिपटकर फूट-फूट कर रोने लगे। बच्चों की चित्कार सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। परिजनों और पड़ोसियों ने भारी मन से बच्चों को संभाला और देर शाम अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न हुई।

परिजनों में प्रशासन और कंपनी के प्रति भारी आक्रोश

​एक तरफ जहां परिवार इस अपूरणीय क्षति से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर टाटा मोटर्स के चेचिस प्रबंधक के रवैये को लेकर परिजनों में गहरा रोष है।

  • अनदेखी का आरोप: मृतक के मौसेरे भाई महेश ने बताया कि मुआवजे और सहायता के संबंध में कई बार प्रबंधन से मिलने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
  • प्रशासनिक गुहार: परिजनों का कहना है कि उन्होंने उपायुक्त (DC) स्तर पर भी संपर्क साधा, लेकिन कंपनी का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी सामने नहीं आया।

भविष्य की चिंता और कानूनी लड़ाई

​लाल कुमार अपने पांच भाइयों में चौथे नंबर पर थे और परिवार के मुख्य आधार थे। अब उनके जाने के बाद परिवार के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

  • कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे परिजन: बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने और न्याय पाने के लिए परिजन अब कानूनी रास्ता अपनाने और कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
  • सरकारी सहायता: फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कागजी कार्रवाई पूरी होने का इंतजार है, जिसके बाद ही प्रशासन की ओर से मिलने वाली राहत राशि आश्रितों को मिल पाएगी।
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ऐतिहासिक पल: जमशेदपुर में ‘स्टील सिटी गोल्फ’ की प्लैटिनम जुबली, 16 जनवरी से शुरू होगा 75वाँ संस्करण

जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर एक बार फिर भारतीय गोल्फ के मानचित्र पर अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। आगामी 16 से 18 जनवरी तक प्रतिष्ठित स्टील सिटी गोल्फ टूर्नामेंट का 75वाँ संस्करण आयोजित होने जा रहा है। 1951 में शुरू हुआ यह ऐतिहासिक सफर अब अपने ‘प्लैटिनम जुबली’ वर्ष में प्रवेश कर चुका है, जो टाटा स्टील के निरंतर सहयोग और खेल के प्रति शहर के जुनून का प्रतीक है।

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दो प्रतिष्ठित कोर्स, 250 से अधिक गोल्फर

​इस साल प्रतियोगिता का स्तर बेहद ऊंचा होने वाला है। बिष्टुपुर स्थित 18-होल बेल्डीह गोल्फ कोर्स और गोलमुरी गोल्फ कोर्स संयुक्त रूप से इस भव्य आयोजन की मेजबानी करेंगे। टूर्नामेंट में देशभर के प्रमुख गोल्फ केंद्रों जैसे दिल्ली, पटना, भुवनेश्वर, पारादीप और रांची से 250 से अधिक गोल्फर शिरकत करेंगे।

विरासत का उत्सव: अधिकारियों का संदेश

​टूर्नामेंट की कमान संभाल रहे टाटा स्टील के शीर्ष अधिकारियों ने इसे शहर के लिए गौरव का क्षण बताया है:

  • डीबी सुंदरा रामम (गोल्फ कैप्टन): “यह सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अनुशासन और खेल भावना की विरासत का जश्न है। बेल्डीह और गोलमुरी कोर्स ने पीढ़ियों के गोल्फरों को संवारा है।”
  • नीरज सिन्हा (गोल्फ सचिव): “यह उत्सव उन सभी संरक्षकों और कर्मचारियों को श्रद्धांजलि है जिन्होंने जमशेदपुर को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रतिष्ठित गोल्फ गंतव्य बनाया।”

पुरस्कार वितरण और मुख्य अतिथि

​प्रतियोगिता के समापन दिवस पर टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उनकी मौजूदगी खेल उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की टाटा स्टील की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी। विजेता न केवल खिताब जीतेंगे, बल्कि विभिन्न श्रेणियों में आकर्षक पुरस्कारों के लिए भी मुकाबला करेंगे।

खेल के साथ मनोरंजन का तड़का

​75वें वर्ष को यादगार बनाने के लिए गोल्फ के साथ-साथ कई सांस्कृतिक और सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा:

  • 16 जनवरी: बारबेक्यू डिनर।
  • 17 जनवरी: गाला लंच और भव्य डिनर।
  • 18 जनवरी: समापन लंच और लाइव म्यूजिक बैंड की प्रस्तुतियां।
  • विशेष आकर्षण: 75 वर्षों की यात्रा को दर्शाने वाला ‘हेरिटेज शोकेस’ और पूर्व चैंपियनों का सम्मान समारोह।
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साइबर ठगों के निशाने पर देश के वीआईपी: केंद्रीय मंत्री संजय सेठ को ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी, सतर्कता से टला बड़ा फ्रॉड

रांची/जमशेदपुर: साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे आम आदमी के साथ-साथ देश के शीर्ष पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों को भी अपना शिकार बनाने से नहीं हिचक रहे हैं। इसका सबसे ताजा और चौंकाने वाला उदाहरण केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ हैं, जिन्हें हाल ही में साइबर ठगों ने धोखाधड़ी के जाल में फंसाने की कोशिश की। हालांकि, मंत्री की सूझबूझ और तत्काल की गई कार्रवाई ने ठगों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

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मंत्री को दी ‘पद’ छीनने की धमकी

​रांची में आयोजित एक साइबर सुरक्षा सेमिनार के दौरान रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने इस आपबीती का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ठगों ने उन्हें फोन कर खुद को एक परिचित के रूप में पेश किया और उनके दिल्ली स्थित बड़े भाई की व्यक्तिगत जानकारी का हवाला देकर डराने की कोशिश की।

​ठगों ने डराते हुए यहाँ तक कह दिया कि “यदि इस कॉल की जानकारी किसी को दी, तो आपका मंत्री पद भी जा सकता है।” यह दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति थी, जिसे आजकल ‘डिजिटल अरेस्ट’ की संज्ञा दी जाती है।

एसएसपी को लाइन पर लेते ही कटे ठगों के फोन

​संजय सेठ ने बताया कि कॉल के दौरान ही उन्हें संदेह हो गया था। ड़रने के बजाय उन्होंने तुरंत उस कॉल को कॉन्फ्रेंस कॉल में बदला और रांची के एसएसपी (SSP) को लाइन पर ले लिया। जैसे ही ठग को पुलिस अधिकारी की आवाज सुनाई दी, उसने घबराकर फोन काट दिया और फरार हो गया। मंत्री ने संदेश दिया कि यदि वे दबाव में आकर कोई जल्दबाजी करते, तो बड़ी वित्तीय हानि या मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो सकते थे।

झारखंड और MSME सेक्टर पर बढ़ा खतरा

​मंत्री ने झारखंड में बढ़ते साइबर अपराधों, विशेषकर MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र पर चिंता जताई। उन्होंने कुछ प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला:

  • MSME की संवेदनशीलता: संसाधनों और तकनीकी जानकारी की कमी के कारण छोटे उद्यमी ठगों के आसान लक्ष्य बन रहे हैं।
  • एआई (AI) का दुरुपयोग: अपराधी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर आवाज और वीडियो बदल रहे हैं, जिससे ठगी पहचानना मुश्किल हो रहा है।
  • सतर्कता ही बचाव: किसी भी अनजान लिंक, व्हाट्सएप वीडियो कॉल या संदिग्ध संदेश से दूरी बनाना ही खुद को सुरक्षित रखने का एकमात्र तरीका है।

‘गोल्डन टाइम’ का रखें ध्यान

​रांची में आयोजित ‘नेशनल यूथ एआई साइबर सुरक्षा कार्यक्रम’ में साइबर पीस फाउंडेशन के अध्यक्ष मेजर विनीत कुमार ने महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड होने के बाद के शुरुआती 1-2 घंटे ‘गोल्डन टाइम’ होते हैं। यदि इस दौरान पीड़ित तुरंत 1930 नंबर पर या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराता है, तो बैंक खातों को फ्रीज कर पैसे बचाए जाने की संभावना बहुत अधिक होती है।

विशेष नोट: केंद्रीय मंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और किसी भी अजनबी के झांसे में आकर अपनी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा न करें।

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लेडी इंद्रा सिंह हाई स्कूल के 1983 बैच का छठा मिलन समारोह संपन्न

जमशेदपुर: पुरानी यादों को ताजा करने और आपसी रिश्तों को और मजबूत करने के उद्देश्य से, लेडी इंद्रा सिंह हाई स्कूल (बांग्ला माध्यम) के 1983 बैच के पूर्व छात्र-छात्राओं ने अपना छठा वार्षिक मिलन समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया।

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​यह कार्यक्रम टेल्को स्थित क्वार्टर नंबर K3-87 में आयोजित किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में पूर्व सहपाठी एकत्रित हुए।

​कार्यक्रम की मुख्य बातें:

  • यादों का पिटारा: समारोह के दौरान सभी पूर्व छात्रों ने अपने स्कूल के दिनों की सुनहरी यादें साझा कीं और पुराने किस्सों को याद कर भावुक नजर आए।
  • स्वाद और संवाद: उपस्थित लोगों ने एक साथ बैठकर स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया और एक-दूसरे के वर्तमान जीवन के बारे में जानकारी साझा की।
  • समापन: कार्यक्रम का समापन एक भव्य सामूहिक फोटो (ग्रुप फोटो) के साथ हुआ। अंत में सभी का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

​इस तरह के आयोजनों से न केवल पुराने मित्र आपस में जुड़ते हैं, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी के लिए भी एकजुटता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है।

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EPFO का बड़ा धमाका: अब UPI से चुटकियों में निकलेगा PF का पैसा, पेपरवर्क का झंझट खत्म

नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने करोड़ों अंशधारकों को नए साल का बड़ा तोहफा देते हुए पीएफ निकासी की प्रक्रिया में ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब पीएफ खाते से पैसा निकालने के लिए कर्मचारियों को हफ्तों का इंतजार नहीं करना होगा। NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) के साथ साझेदारी के बाद अब UPI के जरिए पीएफ का पैसा सीधे और तुरंत बैंक खाते में ट्रांसफर हो सकेगा।

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सेकंडों में होगा ट्रांसफर, खत्म होगी कागजी कार्रवाई

​अब तक पीएफ निकासी के लिए लंबे फॉर्म भरने, बैंक वेरिफिकेशन और कई स्तरों की जांच से गुजरना पड़ता था, जिसमें अक्सर 7 से 15 दिन का समय लगता था। नई सुविधा के तहत:

  • तुरंत भुगतान: UPI के माध्यम से पैसा सेकंडों में ट्रांसफर होगा।
  • डिजिटल पारदर्शिता: मैन्युअल हस्तक्षेप कम होने से क्लेम रिजेक्शन (अस्वीकृति) की दर में भारी कमी आएगी।
  • आसान प्रक्रिया: कर्मचारियों को केवल अपना KYC अपडेट रखना होगा और UPI ID को ईपीएफओ ऐप से लिंक करना होगा।

निकासी की सीमा और सुरक्षा

​RBI की गाइडलाइन्स के अनुसार, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रांजैक्शन की सीमाएं तय की गई हैं:

  • सामान्य निकासी: ₹1 लाख प्रतिदिन तक।
  • विशेष परिस्थिति (मेडिकल/एजुकेशन/IPO): ₹5 लाख तक की सीमा।

​शुरुआत BHIM UPI से होगी, जिसके बाद जल्द ही Paytm, PhonePe और Google Pay जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म भी इस सुविधा से जुड़ जाएंगे।

“डिजिटल इंडिया” की दिशा में मजबूत कदम

​केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम कर्मचारियों को पेपरवर्क से मुक्ति दिलाएगा और वित्तीय आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह फिनटेक सेक्टर के लिए भी एक बड़ा अवसर है, जो डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को और अधिक व्यापक बनाएगा।

कर्मचारियों के लिए जरूरी निर्देश

​ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए सदस्यों को:

  1. ​अपना UAN (Universal Account Number) सक्रिय रखना होगा।
  2. ​आधार और बैंक खाते के साथ KYC अपडेट अनिवार्य है।
  3. ​ईपीएफओ के आधिकारिक ऐप पर अपनी UPI ID लिंक करनी होगी।
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