एक नई सोच, एक नई धारा

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सरस्वती पूजा को लेकर धनबाद पुलिस के सख्त निर्देश: डीजे पर पूर्ण रोक, रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद

धनबाद: आगामी सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न कराने के लिए धनबाद पुलिस ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एसएसपी प्रभात कुमार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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​प्रमुख दिशा-निर्देश और पाबंदियां:

  • डीजे पर पूरी तरह रोक: पूजा और मूर्ति विसर्जन के दौरान डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियम तोड़ने पर न केवल आयोजकों, बल्कि डीजे संचालकों पर भी कार्रवाई होगी।
  • रात 10 बजे के बाद सन्नाटा: रात्रि 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर या तेज संगीत बजाने पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही, अश्लील या आपत्तिजनक गाने बजाने पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।
  • जबरन चंदा वसूली पर कार्रवाई: पुलिस ने चेतावनी दी है कि सरस्वती पूजा के नाम पर राहगीरों को रोककर या दबाव बनाकर चंदा मांगना दंडनीय अपराध माना जाएगा। चंदा पूरी तरह स्वैच्छिक होना चाहिए।
  • सड़कों पर पंडाल निर्माण प्रतिबंधित: यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और दुर्घटनाओं से बचने के लिए बीच सड़क पर पूजा पंडाल बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • नशाखोरी और हुड़दंग पर नजर: पूजा पंडालों के आसपास शराब या किसी भी प्रकार का नशा करने वालों के खिलाफ पुलिस विशेष अभियान चलाएगी। पकड़े जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

​सुरक्षा के इंतजाम:

​शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले के सभी थाना क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें की जा रही हैं। असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और नियमित गश्त (पेट्रोलिंग) की व्यवस्था की गई है।

​पुलिस ने सभी पूजा समितियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और ज्ञान व विद्या के इस पर्व को सादगी और शालीनता के साथ मनाएं।

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जामताड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: झाड़ियों में बैठकर ठगी कर रहे तीन साइबर अपराधी गिरफ्तार

जामताड़ा: नारायणपुर थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों के खिलाफ जामताड़ा पुलिस ने एक बार फिर कड़ा प्रहार किया है। साइबर अपराध थाना की पुलिस ने एक विशेष छापेमारी अभियान चलाकर तीन शातिर अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ये अपराधी ‘फोन पे’ (PhonePe) के जरिए लोगों को अपना शिकार बना रहे थे।

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गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी

​पुलिस अधीक्षक (SP) राजकुमार मेहता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि पुलिस को कशियाटांड़ स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के आगे सिनबार की झाड़ियों में कुछ संदिग्धों के छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:

  1. हातिम अंसारी (मुख्य आरोपी, पूर्व में भी 2018 में जेल जा चुका है)
  2. बिनोद मंडल
  3. नजरूद्दीन अंसारी

बरामदगी और कार्यशैली

​पुलिस ने मौके से अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे निम्नलिखित उपकरण बरामद किए हैं:

  • 7 मोबाइल फोन
  • 7 सिम कार्ड

​पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे PhonePe के फर्जी अधिकारी बनकर या कैशबैक और केवाईसी (KYC) अपडेट के नाम पर लोगों को झांसा देते थे और उनके खातों से पैसे उड़ा लेते थे।

पुलिस की अपील और आगे की जांच

​SP राजकुमार मेहता ने बताया कि हातिम अंसारी एक आदतन अपराधी है। पुलिस अब इन तीनों के मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए उनके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि उनके गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों को भी दबोचा जा सके।

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बर्मामाइंस में प्रदूषण का कहर: जन सत्याग्रह ने मुख्य सचिव के नाम सौंपा मांग पत्र, TSUIL और टाटा स्टील के प्लांट बंद करने की मांग

जमशेदपुर: लौहनगरी के बर्मामाइंस क्षेत्र में वायु प्रदूषण की विकराल स्थिति को देखते हुए सामाजिक संस्था ‘जन सत्याग्रह’ ने कड़ा रुख अपनाया है। संस्था ने आज उपायुक्त (DC) पूर्वी सिंहभूम के माध्यम से झारखंड के मुख्य सचिव को एक मांग पत्र सौंपा। इसमें क्षेत्र में प्रदूषण फैला रही बड़ी कंपनियों के प्लांटों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

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बैचिंग प्लांट हटने के बाद भी स्थिति जस की तस

​संस्था ने प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा कि कुछ समय पहले जिला प्रशासन के आदेश पर कुछ छोटे बैचिंग प्लांट हटाए गए थे, लेकिन इसके बावजूद बर्मामाइंस में वायु प्रदूषण के स्तर में कोई सुधार नहीं हुआ है।

इन दो बड़े प्लांटों पर कार्रवाई की मांग

​मांग पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में प्रदूषण के दो मुख्य कारक हैं:

  1. TSUIL (JUSCO): ट्यूब कंपनी के बगल में संचालित बैचिंग प्लांट।
  2. टाटा स्टील: संचालित WRP क्रशर प्लांट।

​संस्था का आरोप है कि ये दोनों प्लांट नियमों की अनदेखी कर रहे हैं और स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

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‘नो एंट्री’ में स्लैग ढुलाई और धूल का संकट

​जन सत्याग्रह ने एक और गंभीर मुद्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि बर्मामाइंस HSM गेट और ट्यूब कंपनी के बगल से निकलने वाली स्लैग लदी गाड़ियां ‘नो एंट्री’ (No Entry) के समय भी बेखौफ चलती हैं। इन वाहनों से उड़ने वाली धूल और स्लैग के कण सड़कों पर गिरते हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है।

संस्था की चेतावनी

​संस्था के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदूषण फैलाने वाले इन प्लांटों और अवैध ढुलाई पर जल्द ही नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे। उन्होंने मांग की है कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए इन इकाइयों को तत्काल बंद किया जाए।

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फिनटेक जगत में धमाका: PhonePe को मिली SEBI की मंजूरी, ₹12,000 करोड़ का मेगा IPO लाने की तैयारी

बेंगलुरु: भारत के डिजिटल भुगतान बाजार की दिग्गज कंपनी PhonePe के बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) का रास्ता साफ हो गया है। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने कंपनी को पब्लिक इश्यू लाने की हरी झंडी दे दी है। इस मंजूरी के साथ ही PhonePe देश की नई अर्थव्यवस्था (New Economy) का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ लाने की राह पर है।

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IPO से जुड़ी मुख्य बातें

  • वैल्यूएशन: कंपनी करीब 15 अरब डॉलर (लगभग ₹1.25 लाख करोड़) के वैल्यूएशन पर बाजार में उतर सकती है।
  • इश्यू साइज: इस पेशकश के जरिए लगभग 12,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।
  • ऑफर फॉर सेल (OFS): यह आईपीओ पूरी तरह OFS के जरिए आने की संभावना है, जिसमें वॉलमार्ट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट जैसे मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।

UPI बाजार में एकतरफा दबदबा

​PhonePe की सबसे बड़ी मजबूती उसका विशाल यूजर बेस और ट्रांजैक्शन वॉल्यूम है:

  • मार्केट शेयर: UPI बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी लगभग 45% है।
  • ट्रांजैक्शन: कंपनी हर महीने करीब 10 अरब ट्रांजैक्शन प्रोसेस करती है।
  • कुल वैल्यू: मासिक ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।

Paytm और Swiggy से तुलना

​PhonePe का यह आईपीओ Paytm (₹18,000 करोड़) के बाद दूसरा सबसे बड़ा फिनटेक आईपीओ होगा। हाल ही में आए Swiggy के ₹11,300 करोड़ के आईपीओ को भी यह पीछे छोड़ सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि PhonePe की मजबूत वित्तीय स्थिति और डिजिटल पेमेंट में उसकी पकड़ इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है।

विस्तार और भविष्य की योजनाएं

​हालांकि PhonePe की 90% कमाई पेमेंट बिजनेस से आती है, लेकिन कंपनी अब स्टॉक ट्रेडिंग, लेंडिंग (कर्ज) और इंश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से पैर पसार रही है। आईपीओ के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी और मॉर्गन स्टेनली जैसे बड़े संस्थान सलाहकार के रूप में जुड़े हैं।

अगला कदम: कंपनी अगले कुछ दिनों में अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर सकती है, जिससे आईपीओ की सटीक तारीखों का पता चलेगा।

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झारखंड हाईकोर्ट सख्त: 8 साल से लापता 6 साल की बच्ची के मामले में गुमला SP को किया तलब

रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने गुमशुदा बच्चों के मामले में पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया है। वर्ष 2018 से लापता गुमला की एक 6 वर्षीय बच्ची के मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने गुमला पुलिस अधीक्षक (SP) को बुधवार को सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

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“प्रयास जारी है” कहना पर्याप्त नहीं: हाईकोर्ट

​न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति एके राय की खंडपीठ ने ‘हेबियस कॉर्पस’ (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इतने वर्षों बाद भी बच्ची का पता न चल पाना पुलिस प्रशासन के लिए चिंताजनक है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल यह कहना कि “प्रयास जारी हैं”, कोर्ट को संतुष्ट नहीं करता।

मामले की पृष्ठभूमि

  • घटना: सितंबर 2018 में गुमला से 6 साल की बच्ची लापता हुई थी।
  • याचिकाकर्ता: बच्ची की माँ चंद्रमुनि उराइन ने पुलिस से न्याय न मिलने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
  • कोर्ट की टिप्पणी: अदालत ने कहा कि यह केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि एक नाबालिग के मौलिक अधिकारों का हनन है।

जांच और एसआईटी पर सवाल

​राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। हालांकि, खंडपीठ ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि आखिर इतने लंबे समय तक कोई ठोस परिणाम क्यों नहीं आया? कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि जांच में लापरवाही पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अगली सुनवाई का महत्व: बुधवार को होने वाली सुनवाई में गुमला एसपी को यह बताना होगा कि बच्ची की बरामदगी के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं और वर्तमान में जांच की स्थिति क्या है। इस आदेश के बाद अब पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

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त्रिपुरा में जमशेदपुर का जलवा: बाबा बंदा सिंह बहादुर अखाड़े के गतका प्रदर्शन से मंत्रमुग्ध हुए महाराजा प्रद्योत बर्मन

जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर की बाबा बंदा सिंह बहादुर गतका अखाड़ा की टीम ने त्रिपुरा राज्य में अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान शौर्य और वीरता का ऐसा प्रदर्शन किया कि वहां के राजघराने से लेकर धार्मिक जत्थेबंदियों तक हर कोई उनका कायल हो गया। त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 359वें प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित इस विशेष समागम में टीम को विशेष आमंत्रण मिला था।

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त्रिपुरा राजघराने और पंथ अकाली तरना दल ने नवाजा

​अखाड़े के हैरतअंगेज प्रदर्शन से प्रभावित होकर पंजाब के प्रतिष्ठित पंथ अकाली तरना दल ने इस टीम को अपनी सांस्थानिक मान्यता प्रदान की है। जत्थेदार प्रगट सिंह ने टीम को अपने दल का हिस्सा बताते हुए भविष्य में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

​वहीं, दूसरी ओर त्रिपुरा राजघराने के महाराजा और जनप्रिय नेता प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देब बर्मन ने व्यक्तिगत रूप से पूरी टीम से मुलाकात की। उन्होंने टीम के साहस और पारंपरिक युद्ध कला की जमकर सराहना की।

जमशेदपुर के लिए गर्व का क्षण

​अखाड़े के प्रमुख और गुरुद्वारा सिंह सभा मानगो के महासचिव सरदार जसवंत सिंह जस्सू ने जमशेदपुर लौटने पर अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा:

​”अगरतला के गांधीघाट गुरुद्वारा साहिब में टीम को मिली सराहना न केवल हमारे अखाड़े के लिए, बल्कि पूरे जमशेदपुर के लिए गौरव की बात है। महाराजा प्रद्योत बर्मन जैसे व्यक्तित्व का मिलना और हमारी कला को सराहने से बच्चों का मनोबल बढ़ा है।”

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प्रदर्शन करने वाली 12 सदस्यीय टीम

​इस ऐतिहासिक दौरे में जसवंत सिंह जस्सू के नेतृत्व में 12 सदस्यों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिनमें शामिल थे:

  • ​हरप्रीत सिंह, गगनदीप सिंह, मनप्रीत सिंह, तरणप्रीत कौर, सिमरप्रीत कौर।
  • ​मनिंदर सिंह, लवप्रीत सिंह, जगदीप सिंह, गुरविंदर सिंह और मनप्रीत सिंह (बारीडीह व न्यू बारीडीह)।

खास बात: यह जमशेदपुर का पहला ऐसा गतका ग्रुप है जो बंगाल, ओडिशा, बिहार, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में जाकर सिख परंपराओं का प्रचार-प्रसार कर रहा है और शहर का नाम रोशन कर रहा है।

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भक्तिमय हुआ हल्दीपोखर: 351 कलशों के साथ भव्य शोभायात्रा, श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ

पोटका (हल्दीपोखर): पोटका प्रखंड के हल्दीपोखर क्षेत्र में मंगलवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का विधिवत एवं भव्य शुभारंभ हुआ। भक्ति और श्रद्धा के इस महाकुंभ की शुरुआत एक विशाल कलश यात्रा के साथ हुई, जिससे पूरा क्षेत्र ‘राधे-राधे’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

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351 महिलाओं ने उठाये कलश

​यज्ञ के प्रथम दिन हल्दीपोखर के कमल तालाब से 351 महिलाओं और युवतियों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ कलश में जल भरकर वे कथा स्थल की ओर प्रस्थान किया। यह भव्य यात्रा क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों— शिव मंदिर, दुर्गा मंदिर, रंकणी मंदिर और राधा गोविंद मंदिर की परिक्रमा करते हुए कथा स्थल तक पहुंची।

रथ पर सवार होकर पहुंचे कथावाचक

​कलश यात्रा के दौरान मुख्य आकर्षण वृंदावन से पधारे कथावाचक पंडित उमाशंकर शुक्ल जी महाराज रहे, जो रथ पर सवार होकर भक्तों का अभिवादन कर रहे थे। कथा के प्रथम दिन महाराज जी ने श्रीमद्भागवत की महिमा का वर्णन करते हुए कहा:

“श्रीकृष्ण ही भागवत हैं और भागवत ही श्रीकृष्ण हैं। यह कथा मोक्षदायिनी है और जो भी श्रद्धापूर्वक इसे श्रवण करता है, वह पुण्य का भागी बनता है।”

​प्रवचन के दौरान उन्होंने धुंधकारी मोक्ष की कथा सुनाकर भक्तों को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि हल्दीपोखर आज साक्षात वृंदावन के रूप में परिवर्तित हो गया है।

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आयोजन में प्रमुख लोगों का योगदान

​इस सात दिवसीय अनुष्ठान को सफल बनाने में पार्षद सूरज मंडल, मुखिया देवी कुमारी भूमिज, आयोजन समिति के अध्यक्ष नरेंद्र नाथ मंडल, सचिव चिंटू अग्रवाल सहित निलय मंडल, दिलीप राम, विक्की गुप्ता, निलेश खंडेलवाल और रासबिहारी राणा जैसे कई गणमान्य लोग सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

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चक्रधरपुर: नारी शक्ति के जागरण हेतु ‘सप्तशक्ति संगम’ का आयोजन, संस्कारों और नैतिकता पर दिया गया बल

चक्रधरपुर: विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की योजना के अंतर्गत, स्थानीय पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में ‘सप्तशक्ति संगम’ कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में नारी शक्ति की महत्ता को रेखांकित करना और भावी पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण करना था।

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दीप प्रज्ज्वलन से हुआ भव्य शुभारंभ

​कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूजा गुप्ता, विशिष्ट अतिथि प्रियंका महाजन, सुनीता दीघार, प्रिया शर्मा और विद्यालय प्रबंध समिति की उपाध्यक्ष दमयंती नाग ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आचार्या मीना कुमारी ने सभी अतिथियों का परिचय कराया।

नारी में निहित हैं ‘सप्तशक्तियां’

​प्रस्तावना रखते हुए प्रियंका महाजन ने भारतीय नारी को देवी की प्रतिमूर्ति बताया। उन्होंने नारी में निहित सात शक्तियों— कीर्ति, श्री, धन, वाणी, स्मृति, धैर्य और क्षमा की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि इन शक्तियों के जागरण से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।

संस्कारों की पाठशाला है ‘संयुक्त परिवार’

​मुख्य अतिथि पूजा गुप्ता ने अपने संबोधन में संयुक्त परिवार की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार ही वह पाठशाला है जहाँ बच्चों को नैतिकता और जीवन कौशल की शिक्षा मिलती है। वहीं सुनीता दीघार ने महिलाओं को राष्ट्र की चेतना बताते हुए देश के विकास में उनकी भूमिका को सर्वोपरि बताया।

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प्रतिभाशाली माताओं का सम्मान

​कार्यक्रम के दौरान उन माताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिनके बच्चों ने शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल की हैं। आचार्या शांति देवी द्वारा आयोजित प्रश्नोत्तरी और ‘सप्तशक्ति गीत’ की प्रस्तुति कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे।

निष्कर्ष: प्रधानाचार्य आनंद चन्द्र प्रधान के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माताओं ने भाग लिया और अपने बच्चों को सुसंस्कृत बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन मीना कुमारी ने और धन्यवाद ज्ञापन जय श्री दास ने किया।

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विश्वासघात: जमशेदपुर में तेल कारोबारी का स्टाफ 44 लाख रुपये लेकर फरार

जमशेदपुर: परसुडीह थाना क्षेत्र के कृषि उत्पाद बाजार समिति (मंडी) परिसर में एक सनसनीखेज धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहाँ एक तेल कारोबारी की दुकान में काम करने वाले कर्मचारी ने ही अपने मालिक के भरोसे का कत्ल करते हुए 44 लाख रुपये का गबन कर लिया।

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ऑडिट में खुली पोल

​दुकान के मालिक संजय शर्मा को वित्तीय गड़बड़ी का अंदेशा तब हुआ जब उन्होंने पिछले दिनों अपनी दुकान की ऑडिट कराई। ऑडिट रिपोर्ट में लाखों रुपये की हेराफेरी सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए संजय शर्मा ने परसुडीह थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

कौन है आरोपी और कैसे दिया अंजाम?

​आरोपी की पहचान सुंदरनगर के ब्यांगबिल हाड़तोपा निवासी अर्पित ऋषि के रूप में हुई है। अर्पित पिछले पांच महीनों से दुकान में कार्यरत था और डिलीवरी से लेकर बिलिंग और रजिस्टर तक का सारा काम संभालता था।

ठगी का तरीका:

  • फर्जी डिलीवरी: अर्पित माल को निर्धारित स्थान पर न पहुंचाकर कहीं और बेच देता था।
  • फर्जी बिलिंग: वह दुकान में फर्जी बिल जमा कर देता था ताकि हिसाब बराबर दिखे।
  • बड़ी हेराफेरी: 20 फरवरी 2025 से 20 जुलाई 2025 के बीच उसने करीब 9 लाख रुपये प्रतिमाह की दर से कुल 44 लाख रुपये उड़ा लिए।

भनक लगते ही फरार हुआ आरोपी

​जैसे ही दुकान में ऑडिट शुरू हुई और अर्पित को पकड़े जाने का डर सताया, वह दुकान आना बंद कर फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

पुलिस का बयान: “मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”

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सांसद पप्पू यादव का बाबा बागेश्वर पर बड़ा हमला: “चोर-उचक्कों को कथावाचक बना रहे हो”

पटना: पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मंगलवार को पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने धीरेंद्र शास्त्री पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘चोर-उचक्का’ तक कह डाला।

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तिरंगे वाले बयान पर भड़के सांसद

​पत्रकारों ने जब धीरेंद्र शास्त्री के उस हालिया बयान पर प्रतिक्रिया मांगी, जिसमें उन्होंने कहा था कि “जिस दिन तिरंगे में चांद आ जाएगा, उस दिन देश सुरक्षित नहीं रहेगा”, तो पप्पू यादव भड़क गए। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा, “ये कौन है धीरेंद्र शास्त्री? चोर-उचक्का को कथावाचक बना रहे हो। क्या वो ओशो या आचार्य राममूर्ति हैं?”

ढोंग बनाम असल संत

​पप्पू यादव ने असली संतों का उदाहरण देते हुए प्रेमानंद बाबा की सराहना की। उन्होंने कहा:

​”हमारे एक बाबा हैं प्रेमानंद जी, जो बहुत प्यारे हैं और हमेशा मुस्कुराते रहते हैं। ऐसे बाबाओं की इज्जत करो। ये लोग जो सनातन का नाम लेकर ढोंग कर रहे हैं, उनका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।”

300 करोड़ की शादी पर तंज

​सांसद ने केवल धीरेंद्र शास्त्री ही नहीं, बल्कि वृंदावन के कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की हालिया शादी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि “300 करोड़ खर्च कर शादी करने वाले बाबाओं की इस चकाचौंध की धर्म में क्या जरूरत है?” उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को ‘ढोंगीवादी’ बनाने के बजाय कृष्ण, बुद्ध, नानक और आंबेडकर के मार्ग पर चलने की जरूरत है।

क्या था धीरेंद्र शास्त्री का विवादित बयान?

​यह पूरा विवाद धीरेंद्र शास्त्री के उस बयान से शुरू हुआ जो उन्होंने उत्तर प्रदेश के बांदा में आयोजित ‘शताब्दी हिंदू सम्मेलन’ में दिया था। वहां उन्होंने हिंदुओं को एकजुट होने का आह्वान करते हुए तिरंगे और चांद वाला विवादित बयान दिया था, जिसे विपक्षी नेता देश की एकता के खिलाफ बता रहे हैं।

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