एक नई सोच, एक नई धारा

1002302000
भारतीय इंजीनियरिंग का लोहा: NHAI ने हाईवे निर्माण में बनाए 4 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, गडकरी ने दी बधाई

नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सड़क निर्माण के क्षेत्र में एक नया वैश्विक मानदंड स्थापित करते हुए इतिहास रच दिया है। बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण के दौरान एनएचएआई ने लगातार बिटुमिनस कंक्रीट बिछाने के कार्य में एक साथ चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।

1002302000

टूटा पुराना रिकॉर्ड: 156 लेन-किलोमीटर का नया कीर्तिमान

​एनएचएआई ने हाईवे इंजीनियरिंग में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए कुल 156 लेन-किलोमीटर सड़क पर लगातार बिटुमिनस कंक्रीट की परत बिछाई। इस विशाल कार्य में कुल 57,500 मीट्रिक टन सामग्री का उपयोग किया गया।

​उल्लेखनीय है कि पिछला विश्व रिकॉर्ड केवल 84.4 लेन-किलोमीटर का था, जिसे भारत ने लगभग दोगुने अंतर से पीछे छोड़ दिया है।

नितिन गडकरी ने थपथपाई टीम की पीठ

​इस असाधारण सफलता पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एनएचएआई की टीम और कंसेशनायर कंपनी राजपथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को हार्दिक बधाई दी।

​उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी साझा करते हुए कहा:

​”यह सफलता आधुनिक तकनीक और सख्त गुणवत्ता मानकों का परिणाम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर रहा है। यह रिकॉर्ड हमारी बढ़ती इंजीनियरिंग क्षमता का जीवंत प्रमाण है।”

दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

​यह प्रोजेक्ट केवल रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी आर्थिक लाभ भी होंगे:

  • आर्थिक गलियारा: बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा कॉरिडोर से दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के बीच की दूरी कम होगी।
  • व्यापार को बढ़ावा: बेहतर कनेक्टिविटी से माल ढुलाई आसान होगी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
  • समय की बचत: आधुनिक तकनीक से बनी ये सड़कें लंबी अवधि तक टिकाऊ रहेंगी और यात्रा समय को कम करेंगी।

सफलता के मुख्य बिंदु:

  • रिकॉर्ड की संख्या: 04 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड।
  • काम की लंबाई: 156 लेन-किलोमीटर (लगातार)।
  • सामग्री की खपत: 57,500 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट।
  • प्रमुख सहयोगी: राजपथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड।
1002301545
झारखंड की उच्च शिक्षा संकट में: 60 छात्रों पर महज एक शिक्षक; बिहार से थोड़ी बेहतर, लेकिन राष्ट्रीय औसत से कोसों दूर

रांची: झारखंड के उच्च शिक्षण संस्थानों से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। राज्य विधानसभा में प्रस्तुत झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2024-26 के आंकड़ों ने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों की भारी किल्लत है, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता और छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है।

1002301545

राष्ट्रीय औसत बनाम झारखंड: एक कड़वा सच

​आंकड़े बताते हैं कि झारखंड में छात्र-शिक्षक अनुपात राष्ट्रीय मानकों की तुलना में बेहद निराशाजनक है। जहाँ पूरे देश में उच्च शिक्षा का स्तर सुधर रहा है, वहीं झारखंड इस दौड़ में पिछड़ता दिख रहा है।

क्षेत्रझारखंड (छात्र:शिक्षक)भारत (छात्र:शिक्षक)
कुल उच्च शिक्षण संस्थान54 : 123 : 1
विश्वविद्यालय एवं कॉलेज60 : 124 : 1

झारखंड की स्थिति केवल पड़ोसी राज्य बिहार से कुछ बेहतर है, लेकिन देश के अन्य विकसित राज्यों के मुकाबले यह बेहद गंभीर है।

सफेद हाथी साबित हो रहे हैं विश्वविद्यालय?

​आर्थिक सर्वेक्षण में स्पष्ट किया गया है कि राज्य के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों (Assistant Professors) के लगभग आधे पद रिक्त पड़े हैं। वहीं, सह प्राध्यापक (Associate Professor) और प्राध्यापक (Professor) के पद तो ‘नहीं के बराबर’ भरे हुए हैं।

मुख्य कारण:

  • नियुक्ति में विलंब: लंबे समय से राज्य के विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों में नियमित शिक्षकों की बहाली नहीं हुई है।
  • AISHE रिपोर्ट: यह विश्लेषण एआईएसएचई (AISHE) 2021-22 की रिपोर्ट पर आधारित है, और तब से अब तक नियुक्तियां न होने के कारण स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।

सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख

​शिक्षकों की इस कमी का सीधा असर राज्य के सकल नामांकन अनुपात (GER) और शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। इस बीच, सर्वोच्च न्यायालय ने देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक रिक्त पदों को चार माह के भीतर भरा जाए।

विशेषज्ञों की राय

​शिक्षाविदों का मानना है कि यदि जल्द ही नियुक्तियां नहीं की गईं, तो झारखंड के छात्र दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर होंगे। आर्थिक सर्वेक्षण में भी इस स्थिति पर चिंता जताते हुए इसे राज्य के विकास में बड़ी बाधा माना गया है।

1002301536
जमशेदपुर: निजी स्कूलों के नामांकन में फर्जीवाड़े की आहट; 35 जन्म प्रमाण पत्र संदिग्ध, JNAC से मांगी गई रिपोर्ट

जमशेदपुर: शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कूलों की आरक्षित सीटों (BPL कोटा) पर नामांकन के लिए जमा किए गए दस्तावेजों की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती स्क्रूटनी के दौरान 35 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए हैं। इस खुलासे के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी है।

1002301536

JNAC और मानगो अंचल को भेजा गया पत्र

​शिक्षा विभाग ने इन संदिग्ध दस्तावेजों की सत्यता की जांच के लिए जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। विभाग ने उन 35 संदिग्ध जन्म प्रमाण पत्रों की सूची जेएनएसी को भेजी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे आधिकारिक रूप से जारी किए गए हैं या फर्जी तरीके से तैयार किए गए हैं।

आय प्रमाण पत्रों पर भी गहराया शक

​जांच का दायरा केवल जन्म प्रमाण पत्र तक सीमित नहीं है। शिक्षा विभाग को मानगो नगर निगम क्षेत्र से संबंधित 5 आय प्रमाण पत्रों में भी विसंगतियां मिली हैं। इन प्रमाण पत्रों को सत्यापन के लिए मानगो अंचल कार्यालय भेजा गया है। अधिकारियों का मानना है कि आरक्षित सीटों का लाभ लेने के लिए कुछ आवेदकों ने गलत आय का विवरण प्रस्तुत किया है।

फर्जी पाए जाने पर सीधे निरस्त होंगे आवेदन

​शिक्षा विभाग ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि:

  • ​यदि जेएनएसी या अंचल कार्यालय से प्रमाण पत्रों के फर्जी होने की पुष्टि होती है, तो संबंधित बच्चों के आवेदनों को तत्काल निरस्त (Cancel) कर दिया जाएगा।
  • ​विभाग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षित सीटों का लाभ केवल वास्तविक और योग्य बच्चों को ही मिले।

पिछले साल के मुकाबले सुधरी स्थिति

​राहत की बात यह है कि विभाग के अनुसार इस वर्ष फर्जीवाड़े के मामलों में गिरावट आई है।

  • पिछला रिकॉर्ड: पिछले वर्षों में लगभग 100 प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए थे।
  • वर्तमान सत्र: इस वर्ष 3,000 से अधिक आवेदनों में से अब तक 35 संदिग्ध पाए गए हैं।

अगला कदम: विभाग ने संबंधित निकायों को अविलंब रिपोर्ट सौंपने को कहा है ताकि नामांकन प्रक्रिया में देरी न हो और योग्य बच्चों का भविष्य प्रभावित न हो।

1002301531
नितिन नवीन के नेतृत्व में भाजपा का ‘नवीन’ उदय; जमशेदपुर में जश्न और सेवा का संगम

जमशेदपुर: भारतीय जनता पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नवीन के कमान संभालते ही दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल में नए उत्साह का संचार हुआ है। मंगलवार को जैसे ही उनके निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा हुई, लौहनगरी जमशेदपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच खुशियों का सैलाब उमड़ पड़ा। साकची से लेकर बागबेड़ा तक, कार्यकर्ताओं ने इस उपलब्धि को उत्सव और सेवा के रूप में मनाया।

1002301531

साकची: नारों और गुलाल से गूँजा जिला कार्यालय

​साकची स्थित भाजपा जिला कार्यालय में नवनियुक्त जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा के नेतृत्व में विजय जुलूस निकाला गया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और मिठाइयां बांटकर इस जीत का जश्न मनाया। कार्यालय के बाहर का पूरा वातावरण ‘भारत माता की जय’ और ‘नितिन नवीन जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा।

​जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा:

​”नितिन नवीन जैसे युवा और कर्मठ नेता का चयन भाजपा के आंतरिक लोकतंत्र की विजय है। यह केवल भाजपा में ही संभव है कि एक साधारण कार्यकर्ता अपनी मेहनत के दम पर संगठन के सर्वोच्च शिखर तक पहुँच सके।”

​इस उत्सव में चंद्रशेखर मिश्रा, राजकुमार श्रीवास्तव, दिनेश कुमार, नीरज सिंह सहित सैकड़ों वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बागबेड़ा: सेवा कार्यों से मनाया नूतन नेतृत्व का स्वागत

​एक ओर जहाँ साकची में जीत का शोर था, वहीं बागबेड़ा की लोको कॉलोनी में खुशियों ने ‘मानवीय संवेदना’ का रूप लिया। मंडल अध्यक्ष अश्विनी तिवारी के नेतृत्व में कड़ाके की ठंड को देखते हुए सांसद बिद्युतबरण महतो के सौजन्य से एक विशेष सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया।

  • कंबल वितरण: क्षेत्र के वृद्धजनों और दिव्यांगों के बीच कंबलों का वितरण किया गया।
  • जनसेवा ही नारायण सेवा: कार्यकर्ताओं ने बुजुर्गों को लड्डू खिलाकर उनका आशीर्वाद लिया।
  • संदेश: कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि भाजपा के लिए राजनीति केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि नर सेवा का जरिया है।
1002301528
झारखंड की जुरासिक विरासत को बचाने की मुहिम: विधायक सरयू राय विधानसभा में पेश करेंगे ‘भू-विरासत विधेयक’

रांची/जमशेदपुर: झारखंड की कोख में दफन करोड़ों साल पुराने प्राकृतिक रहस्यों और काष्ठ जीवाश्मों (Petrified Wood) को कानूनी सुरक्षा देने के लिए जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने बड़ी पहल की है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो को सूचित किया है कि वे आगामी बजट सत्र-2026 में ‘झारखंड भू-विरासत (जीवाश्म) विधेयक’ पेश करेंगे।

1002301528

क्यों पड़ी इस कानून की जरूरत?

​साहेबगंज में एक जीवाश्म पार्क होने के बावजूद, साहेबगंज और पाकुड़ के विशाल क्षेत्रों में ये अनमोल जीवाश्म आज भी खुले आसमान के नीचे असुरक्षित बिखरे पड़े हैं। सरयू राय ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि:

  • खनन माफिया का खतरा: स्पष्ट कानून न होने के कारण खनन और क्रशर गतिविधियों से ये धरोहरें नष्ट हो रही हैं।
  • अज्ञानता की मार: स्थानीय लोग और माफिया इन बेशकीमती जीवाश्मों को साधारण पत्थर समझकर निर्माण कार्यों में इस्तेमाल कर रहे हैं।
  • वैज्ञानिक साक्ष्यों का नुकसान: मानवीय हस्तक्षेप के कारण पृथ्वी के विकास से जुड़े करोड़ों साल पुराने वैज्ञानिक साक्ष्य हमेशा के लिए खत्म हो रहे हैं।

राजमहल की पहाड़ियां: 14 करोड़ साल पुराना इतिहास

​राजमहल की पहाड़ियों में मौजूद ये जीवाश्म करीब 12 से 14 करोड़ साल पुराने हैं। यह उस जुरासिक काल की कहानी बयां करते हैं जब ज्वालामुखी विस्फोटों के कारण विशाल जंगल लावे और मिट्टी के नीचे दब गए थे। लाखों वर्षों तक विशेष रसायनों के प्रभाव से ये प्राचीन वृक्ष सड़ने के बजाय हू-ब-हू पत्थर में तब्दील हो गए।

गोंडवानालैंड का अवशेष और दुर्लभ वनस्पतियां

​भू-वैज्ञानिकों के अनुसार, राजमहल की पहाड़ियां शोध के लिए एक खुली प्रयोगशाला की तरह हैं। यहाँ के अवशेष उस दौर के हैं जब भारत गोंडवानालैंड का हिस्सा था।

  • ​यहाँ ‘पेंटाक्सीलान’ जैसी विलुप्त और दुर्लभ वनस्पतियों के अवशेष मिलते हैं।
  • ​ये वनस्पतियां दुनिया के किसी अन्य हिस्से में मिलना लगभग असंभव है।

विधेयक का मुख्य उद्देश्य

​सरयू राय द्वारा प्रस्तावित इस गैर-सरकारी विधेयक का मुख्य उद्देश्य सरकार को एक ऐसी सख्त नियमावली बनाने के लिए बाध्य करना है, जिससे इन जीवाश्म क्षेत्रों का संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित हो सके। यह झारखंड की वैश्विक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने की एक साहसिक कोशिश है।

1002301521
कांग्रेस में सिर्फ एक खानदान का राज, भाजपा में लोकतंत्र: नितिन नवीन के अध्यक्ष बनने पर बोले सीएम साय

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्वाचन का स्वागत करते हुए कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में ‘परिवारवाद’ हावी है, जबकि भाजपा में एक साधारण कार्यकर्ता भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए सर्वोच्च पद तक पहुँच सकता है।

1002301521

भाजपा में ‘वंश’ नहीं, ‘विचार’ का सम्मान

​रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी और सच्ची लोकतांत्रिक पार्टी है। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा:

  • कांग्रेस का परिवारवाद: कांग्रेस में केवल एक ही खानदान के लोग अध्यक्ष बनते हैं।
  • भाजपा का लोकतंत्र: भाजपा में स्थानीय समिति से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का चयन ‘संगठन महापर्व’ जैसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होता है। यहाँ हर बार जिम्मेदारी बदलती है और नए कार्यकर्ताओं को अवसर मिलता है।
  • सफलता का रिकॉर्ड: नितिन नवीन के मार्गदर्शन में ही भाजपा ने छत्तीसगढ़ में विधानसभा, लोकसभा और पंचायती राज चुनावों में ऐतिहासिक जीत हासिल की।
  • अनुभव: वे लंबे समय से संगठन से जुड़े रहे हैं और जनप्रतिनिधि के रूप में उनका अनुभव देश और पार्टी के लिए फायदेमंद होगा।
  • संकल्प: उनके नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ और सुशासन का संकल्प और अधिक मजबूत होगा।
1002301516
दावोस में गूँजा झारखंड का ‘आदिवासी मॉडल’; कल्पना सोरेन ने विश्व मंच पर रखा महिला सशक्तिकरण का विजन

दावोस/रांची: विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में मंगलवार को झारखंड ने अपनी प्रगतिशील नीतियों और महिला-केंद्रित विकास मॉडल से दुनिया को प्रभावित किया। झारखंड विधानसभा की सदस्य और महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष कल्पना मुर्मू सोरेन ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए बताया कि कैसे झारखंड अपनी परंपराओं और महिलाओं की शक्ति के दम पर एक टिकाऊ अर्थव्यवस्था का निर्माण कर रहा है।

1002301516

ब्रिक्स (BRICS) पैनल में साझा किया विकास का मंत्र

​ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित उच्च स्तरीय पैनल चर्चा में कल्पना सोरेन ने “महिला उद्यमिता: विकास को गति देना और एक सतत अर्थव्यवस्था का निर्माण” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड की प्रगति में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्य शर्त है।

आदिवासी मूल्यों से प्रेरित सतत विकास

​कल्पना सोरेन ने अपने संबोधन में झारखंड के ‘जल-जंगल-जमीन’ के दर्शन को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा:

  • ​झारखंड का विकास मॉडल आदिवासी और स्वदेशी परंपराओं पर आधारित है।
  • ​यह मॉडल केवल संसाधनों के दोहन पर नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और सामूहिक जिम्मेदारी पर टिका है।
  • ​प्रकृति और समाज के बीच संतुलन ही वास्तविक सतत विकास की कुंजी है।

अदृश्य श्रम को पहचान: ‘देखभाल की अर्थव्यवस्था’

​ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं के योगदान पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों से कृषि और परिवार संभालने वाली महिलाओं का श्रम अक्सर ‘अदृश्य’ रह जाता है। झारखंड सरकार का लक्ष्य इस पारंपरिक ज्ञान और देखभाल कार्य (Care Work) को अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में लाकर उसे उचित सम्मान और पहचान दिलाना है।

बदलाव की बड़ी ताकत: स्वयं सहायता समूह (SHG)

​कल्पना सोरेन ने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की सफलता का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे राज्य की लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के जरिए खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादन से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। ये समूह केवल आय का साधन नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता विकसित करने की पाठशाला बन चुके हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विजन: ‘पीपल ओवर रिसोर्स’

​मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले शासन मॉडल की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की प्राथमिकता ‘संकीर्ण आर्थिक उत्पादन’ से ऊपर ‘जीवन की गुणवत्ता’ है। उन्होंने ‘सशक्त जड़ें, सशक्त भविष्य’ का संदेश देते हुए कहा कि जब महिलाओं को संसाधन और अवसर मिलते हैं, तो विकास की जड़ें गहरी और स्थायी होती हैं।

1002301498
तौकीर हत्याकांड: मुख्य साजिशकर्ता ‘बिल्ली’ अब भी फरार, पीड़ित पिता ने एसएसपी कार्यालय में लगाई न्याय की गुहार

जमशेदपुर: शास्त्री नगर (कदमा) के बहुचर्चित मोहम्मद तौकीर उर्फ गोरा हत्याकांड में पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मृतक के पिता मोहम्मद रियाज ने मंगलवार को एसएसपी कार्यालय का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने एसपी से मुलाकात कर मामले के मुख्य साजिशकर्ता आफताब खान उर्फ बिल्ली की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है।

1002301498

20 नवंबर की वारदात ने उजाड़ा परिवार

​बता दें कि बीते 20 नवंबर 2025 को इमामबाड़ा के समीप मोहम्मद तौकीर की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पीड़ित पिता ने बताया कि इस घटना ने पूरे परिवार को मानसिक और भावनात्मक रूप से तोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक असली मास्टरमाइंड सलाखों के पीछे नहीं जाता, उनके बेटे को सच्चा न्याय नहीं मिलेगा।

गिरफ्तारी के बाद भी मास्टरमाइंड बाहर

​पुलिस ने इस मामले में अब तक त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को जेल भेजा है, जिनमें शामिल हैं:

  1. ​विजय पांडे
  2. ​सद्दाम खान
  3. ​मसूद इकबाल
  4. ​विपुल यादव
  5. ​शुभम

​हालांकि, रियाज का दावा है कि हत्याकांड की पूरी योजना आफताब खान उर्फ बिल्ली ने रची थी। सीसीटीवी फुटेज में साजिश की कड़ियां स्पष्ट होने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी न होना प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहा है।

परिवार को जान-माल का खतरा

​मोहम्मद रियाज ने सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि मुख्य आरोपी के खुलेआम घूमने से उनका परिवार खौफ के साए में है। उन्होंने आशंका जताई है कि मामले को दबाने या सच्चाई सामने आने से रोकने के लिए आफताब उनके परिवार को निशाना बना सकता है।

​”मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी न होना कई सवाल खड़े करता है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो हम उच्च अधिकारियों और न्यायालय की शरण में जाने को मजबूर होंगे।” — मोहम्मद रियाज (मृतक के पिता)

प्रशासन से मांग:

  • ​मुख्य साजिशकर्ता आफताब खान उर्फ बिल्ली की अविलंब गिरफ्तारी।
  • ​पीड़ित परिवार को उचित पुलिस सुरक्षा प्रदान करना।
  • ​मामले की निष्पक्ष जांच और त्वरित ट्रायल।
1002301096
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने नई दिल्ली में भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से की शिष्टाचार भेंट

नई दिल्ली/जमशेदपुर: ओडिशा के राज्यपाल एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय मुख्यालय में नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नितिन नवीन को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके नए और गरिमामयी दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं दीं।

1002301096

संगठन को मिलेगी नई ऊंचाई

​मुलाकात के दौरान रघुवर दास ने विश्वास जताया कि नितिन नवीन के कुशल नेतृत्व में संगठन को एक नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और नितिन नवीन की संगठनात्मक क्षमता के मेल से भारतीय जनता पार्टी सफलता की नई ऊंचाइयों को छुएगी।

युवा नेतृत्व पर भरोसा

​रघुवर दास ने नितिन नवीन को ‘युवा और ऊर्जावान’ नेता बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा होगा। गौरतलब है कि नितिन नवीन ने हाल ही में पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला है, जिसे भाजपा के ‘युवा विजन’ के तौर पर देखा जा रहा है।

मुलाकात के मुख्य बिंदु:

  • स्थान: भाजपा केंद्रीय मुख्यालय, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, नई दिल्ली।
  • प्रमुख उपस्थिति: रघुवर दास (पूर्व मुख्यमंत्री, झारखंड) और नितिन नवीन (राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा)।
  • संदेश: संगठन की मजबूती और राष्ट्र सेवा के संकल्प को दोहराया गया।
1002300983
नितिन नवीन के भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर जमशेदपुर में हर्ष; दिनेश कुमार ने दी बधाई

जमशेदपुर: भारतीय जनता पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नवीन के ऐतिहासिक निर्वाचन पर लौहनगरी जमशेदपुर में उत्साह का माहौल है। भाजपा जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने उनके चयन का स्वागत करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

1002300983

आंतरिक लोकतंत्र की जीत

​दिनेश कुमार ने कहा कि नितिन नवीन का चयन भाजपा के सशक्त आंतरिक लोकतंत्र का एक जीवंत उदाहरण है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा ही एकमात्र ऐसा राजनीतिक दल है, जहां वंशवाद के बजाय योग्यता को प्राथमिकता दी जाती है। उनके अनुसार, यह पार्टी की विशेषता है कि एक साधारण कार्यकर्ता जो बूथ स्तर से शुरुआत करता है, वह अपनी निष्ठा और मेहनत के बल पर संगठन के सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है।

​”भाजपा में पद का अर्थ अहंकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवाओं के नवीन और प्रवीण कंधों पर विश्वास जताना संगठन के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।” — दिनेश कुमार, पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा जमशेदपुर

युवा नेतृत्व से नई ऊर्जा का संचार

​नितिन नवीन (45 वर्ष) भाजपा के इतिहास में अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। कार्यकर्ताओं का मानना है कि उनके नेतृत्व में संगठन में नई ऊर्जा का संचार होगा और पार्टी राष्ट्र सेवा के अपने संकल्प को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाएगी।

‘त्याग और उत्तरदायित्व’ का मंत्र

​पदभार ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में नितिन नवीन ने स्पष्ट किया कि जैसे-जैसे उत्तरदायित्व का दायरा बढ़ता है, वैसे-वैसे व्यक्तिगत हितों का त्याग करना भी आवश्यक हो जाता है। उन्होंने कहा कि:

  • ​पार्टी हित में त्याग ही सर्वोपरि है।
  • ​जब कार्यकर्ता निस्वार्थ भाव से कार्य करेंगे, तो पार्टी का जनाधार स्वतः बढ़ेगा।
  • ​संगठन की मजबूती से लोग प्रभावित होकर स्वयं ही भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

​नितिन नवीन का बिहार के एक विधायक से लेकर विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष बनने तक का सफर करोड़ों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

error: Content is protected !!