कोल्हान विश्वविद्यालय इंटर कॉलेज क्रिकेट टूर्नामेंट का सेमीफाइनल मैच जीत कर जमशेदपुर कोऑपरेटिव कॉलेज ने फाइनल मैच के लिए क्वालीफाई कर लिया है।वहीं दूसरा सेमीफाइनल मैच जीतकर करीम सिटी कॉलेज, जमशेदपुर फाइनल मैच के लिए अपना जगह बनाया।
पहला मैच जमशेदपुर कोऑपरेटिव कॉलेज बनाम एबीएम कॉलेज, जमशेदपुर के बीच खेला गया। जमशेदपुर कोऑपरेटिव कॉलेज ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का निर्णय किया। एबीएम कॉलेज के खिलाड़ी 20 ओवर पर 141 रन बनाया। एबीएम कॉलेज के अजय ने सर्वाधिक 41 रन बनाएं। इसके जवाब में कोऑपरेटिव कॉलेज के खिलाड़ी 142 रन का लक्ष्य 14. 5 ओवर में ही हासिल कर लिए।
जमशेदपुर कोऑपरेटिव कॉलेज के दिव्यांशु सर्वाधिक 59 रन बनाएं। मैन ऑफ़ द मैच दिव्यांशु को घोषित किया गया। दूसरे सेमीफाइनल मैच में करीम सिटी कॉलेज पहले बैटिंग करते हुए 259 रन बनाएं। करीम सिटी कॉलेज के आदित्य राज ने सर्वाधिक 102 रन बनाया। इसके जवाब में जी आई आई टी की टीम 16 ओवर दो गेंद में ही मात्र 71 रन बनाकर सिमट गई। करीम सिटी के आदित्य राज को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।
कांग्रेस नेता स्वर्गीय भोगेंद्र मिश्रा के स्मृति में मंगलवार को जुगसलाई नगर परिषद के सभागार में रक्तदान और स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दर्जनों मरीज की आंख, दांत, ब्लड प्रेशर, शुगर एवं अन्य बीमारियों की जांच की है।
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रक्तदान और स्वास्थ्य जांच शिविर में सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार भगवान सिंह, अध्यक्ष सरदार शैलेंद्र सिंह, कांग्रेस नेता केके शुक्ला, सैल्यूट तिरंगा के रवि शंकर तिवारी समेत दर्जनों लोगों ने भाग लेकर युवाओं को रक्तदान किया प्रति जागरूक किया।
हवाई यात्रा बाधित होने के मुद्दे पर सरकार ने IndiGo के खिलाफ बड़े ऐक्शन की तैयारी कर ली है। केंद्र सरकार ने कोर्ट में कहा है कि कंपनी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। साथ ही कहा है कि किसी भी कंपनी को यात्रियों को परेशान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इससे पहले ही इंडिगो के रूट्स में 5 फीसदी की कटौती करने का फैसला लिया गया था।
इंडिगो संकट पर लोकसभा में बोलते हुए, केंद्रीय उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा, ‘ऑपरेशन तेजी से स्थिर हो रहे हैं, सुरक्षा पूरी तरह से लागू है, इंडिगो को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, यात्रियों की सुविधा और सम्मान की रक्षा की जा रही है और भारत के उड्डयन सेक्टर को और ज्यादा यात्री-केंद्रित बनाने के लिए लंबे समय के उपाय किए जा रहे हैं…।’
उन्होंने कहा, ‘इंडिगो की दिक्कतें अब ठीक हो रही हैं। देशभर में अन्य एयरलाइन्स आराम से काम कर रही हैं। देशभर के एयरपोर्ट्स पर हालात सामान्य हैं। मंत्रालय की देखरेख में रिफंड्स, सामान का पता लगाना और यात्रियों की मदद करने के उपाय किए जा रहे हैं। DGCA की तरफ से इंडिगो नेतृत्व को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं और जांच शुरू की गई है।’
उन्होंने कहा, ‘रिपोर्ट के आधार पर उचित और कठोर कार्रवाई की जाएगी। कोई भी एयरलाइन्स हो, फिर भले ही वह कितनी भी बड़ी क्यों न हो। उसे यात्रियों को ऐसे परेशान नहीं करने दिया जाएगा।’
सिदगोड़ा थाना पुलिस ने 50 लाख रुपये के चर्चित चिटफंड घोटाले में आठ महीने से फरार चल रही मां-बेटी की जोड़ी शिल्पा राय और साइना राय को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों दर्जनों लोगों से लाखों रुपये जमा कराने के बाद फरार हो गई थीं।
पुलिस ने सोमवार को दोनों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बागुन नगर की रहने वाली शिल्पा राय और उसकी बेटी साइना राय शहर छोड़कर कोलकाता में छिपी हुई हैं।
सर्विलांस और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने उनका सटीक ठिकाना एए-32, शकुंतला पाली, पोस्ट- कृष्णापुर, थाना- न्यू टाउन (कोलकाता) चिह्नित किया। विशेष टीम ने वहां छापा मारकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
मामला अप्रैल में दर्ज हुआ था
बारीडीह निवासी मुरली राव ने 10 अप्रैल को सिदगोड़ा थाना में दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि शिल्पा और साइना ने चिटफंड योजना के नाम पर उनसे और अन्य कई लोगों से लाखों रुपये जमा कराए।
मामला अप्रैल में दर्ज हुआ था
बारीडीह निवासी मुरली राव ने 10 अप्रैल को सिदगोड़ा थाना में दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि शिल्पा और साइना ने चिटफंड योजना के नाम पर उनसे और अन्य कई लोगों से लाखों रुपये जमा कराए।
कुछ समय तक मनमाफिक ब्याज देने का वादा कर विश्वास जीता और फिर अचानक पैसे लेकर फरार हो गईं। जांच में पता चला कि दोनों का स्थायी पता बी/35, इंदिरा रोड, बागुन नगर, बारीडीह है।
40-50 लाख रुपये से अधिक की ठगी की आशंका
शिकायतें बढ़ने के बाद पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की, लेकिन वे शहर छोड़कर पश्चिम बंगाल चली गई थीं। थाना प्रभारी के अनुसार, अब तक दर्जनों लोग शिकायत लेकर थाने पहुंच चुके हैं।
सभी ने समान तरीके से ठगे जाने की बात कही है। प्राप्त शिकायतों के आधार पर घोटाले की राशि 40 से 50 लाख रुपये से अधिक होने का अनुमान है। पुलिस का कहना है कि यह सुनियोजित आर्थिक अपराध है, जिसमें मां-बेटी ने व्यवस्थित तरीके से लोगों का भरोसा जीता और फिर जीवनभर की पूंजी लेकर गायब हो गईं।
जमशेदपुर में बार-बार दोहराया जा रहा चिटफंड पैटर्न
शहर में चिटफंड और कमेटी के नाम पर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले वर्ष मानगो और टेल्को क्षेत्रों में “बीसी/कमेटी” चलाकर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोहों का भंडाफोड़ हुआ था।
दो साल पहले सोनारी में एक निजी फाइनेंस कंपनी ने दोगुने पैसे लौटाने का झांसा देकर सैकड़ों लोगों से धोखाधड़ी की थी। साकची बाजार में भी निवेश और मोटा मुनाफा देने के नाम पर कई दुकानदारों को चूना लगाया गया था।
सिदगोड़ा में सामने आया यह मामला शहर में सक्रिय ऐसे ठगी नेटवर्कों का ताजा उदाहरण है, जहां लालच और भरोसा हथियार बनाकर आम लोगों की जमा-पूंजी पर वार किया जाता है। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे और भी खुलासे होने की संभावना है, क्योंकि कई पीड़ित अब भी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करा रहे हैं।
आदित्यपुर थाना क्षेत्र के जयप्रकाश उद्यान से लापता हुई 30 वर्षीय मुन्नी देवी की मौत रेलवे ट्रैक पर हो गई। पुलिस के अनुसार उन्होंने रांची-हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।
घटना आदित्यपुर स्टेशन के पास हुई। आरपीएफ इंस्पेक्टर एके. सिंह ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिला अचानक चलती ट्रेन की ओर बढ़कर ट्रैक पर चली गई।
चूंकि मामला स्टेशन क्षेत्र से जुड़ा है, इसलिए आगे की जांच जीआरपी को सौंप दी गई है। मुन्नी देवी के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट लिखा है कि उनकी किसी भी अनहोनी के लिए उनके पति को जिम्मेदार न ठहराया जाए।
नोट में उन्होंने अपनी मर्जी से घर छोड़ने की बात कही है और बच्चों को पिता के संरक्षण में रखने की इच्छा व्यक्त की है। हालांकि आत्महत्या के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
स्थानीय लोगों में घटना को लेकर चर्चा है कि संभवतः पारिवारिक विवाद की वजह से उन्होंने यह कदम उठाया। लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
उधर, मुन्नी देवी के पति विजय कुमार राय ने उनके गायब होने के बाद आदित्यपुर थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी, इसी बीच रेलवे की ओर से महिला के ट्रेन से कटकर गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिली।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जीआरपी पूरे मामले की जांच कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) पर हो रहे हमलों और धमकियों को बेहद गंभीर मानते हुए चुनाव आयोग ऑफ इंडिया (ECI) को नोटिस जारी कर दिया है।
एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ कहा कि BLO ग्राउंड लेवल पर भारी दबाव और तनाव में काम कर रहे हैं, उन्हें सुरक्षा मिलनी ही चाहिए।
याचिका में कहा गया था कि पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में BLO घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थानीय गुंडों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं से लगातार धमकियां मिल रही हैं, कुछ जगह तो मारपीट भी हुई है।
‘ये डेस्क का काम नहीं, घर-घर जाना पड़ता है’
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई के दौरान BLO के काम की कठिनाई को पूरी तरह स्वीकार किया। जस्टिस बागची ने कहा, “ये कोई डेस्क का काम नहीं है। वे हर घर जाते हैं, वहां जाकर वेरिफिकेशन करते हैं, फॉर्म भरवाते हैं, फिर उसे लेकर आते हैं और अपलोड करते हैं। घर-घर जाना, फिर वापस आकर अपलोड करना ये भारी दबाव और तनाव का काम है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम किसी राजनीतिक नैरेटिव में नहीं पड़ रहे हैं। हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि ग्राउंड लेवल पर SIR का काम बिना किसी रुकावट और डर के पूरा हो सके।”
अफसरों को डर के साए में नहीं छोड़ा जा सकता है
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी टिप्पणी की कि अगर BLO को सुरक्षा नहीं दी जा रही है तो ये बहुत गंभीर विषय है। कोर्ट ने साफ किया कि मतदाता सूची को साफ-सुथरा और सही बनाना लोकतंत्र की बुनियाद है और इसके लिए काम करने वाले अफसरों को डर के साए में नहीं छोड़ा जा सकता है।
कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा है कि आखिर BLO की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? पश्चिम बंगाल में SIR का काम तेजी से चल रहा है और इसके लिए हजारों BLO-टीचर और सरकारी कर्मचारी लगाए गए हैं। कई जगहों से शिकायत आई है कि कुछ राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता BLO को काम नहीं करने दे रहे और धमका रहे हैं।
अब चुनाव आयोग को देना होगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर दो हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि BLO को सुरक्षित माहौल में काम करने का पूरा हक है, क्योंकि वे निष्पक्ष तरीके से मतदाता सूची तैयार करने का महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में अगले साल पंचायत चुनाव और उसके बाद लोकसभा की तैयारी को देखते हुए यह SIR ड्राइव बहुत अहम है। कोर्ट का साफ कहना है कि इस काम में कोई राजनीतिक दखल या हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जमशेदपुर: अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा के जिलाध्यक्ष राकेश साहू की अध्यक्षता में साकची आमबगान मैदान स्थित हॉल मैं हुई बैठक में मुख्य रूप से नये साल 2026 में साहू समाज का वन भोज सह पारिवारिक मिलन समारोह एवं जिला कमेटी का कार्यकाल 2 फरवरी को संपन्न होने के बाद जिला कमेटी का चुनाव सहित समाज को नई दिशा देने को लेकर महत्वपूर्ण मुददों पर चर्चा हुई। बैठक में मुख्य रूप से यह निर्णय लिया गया कि पहले जनवरी में पारिवारिक वन भोज मिलन समारोह का आयोजन किया जाएगा, उसके बाद फरवरी में जिला चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।
बैठक में अलग-अलग क्षेत्रों से शामिल समाज बंधुओं ने अपने-अपने मूल्यवान सुझाव रखे और सामूहिक रूप से निर्णय को समर्थन दिया। जिला अध्यक्ष राकेश साहू ने कहा कि 11 जनवरी 2026 का पारिवारिक मिलन समारोह होगा। स्थान की सूचना बाद में दी जाएगी।
उसके बाद जिला कमेटी का चुनाव भी संपन्न होगा। जिला समिति का चुनाव करने के लिए चुनाव संचालन समिति के प्रमोद गुप्ता के अलावा 11 सदस्यों की एक टीम का गठन किया गया, जो पारिवारिक मिलन समारोह कार्यक्रम के बाद चुनाव की जिम्मेदारी संभालेगी।
बैठक में मुख्य रूप से संचालन समिति के सदस्य प्रमोद गुप्ता, चंद्रिका प्रसाद साव, जिला कोषाध्यक्ष सुरेश कुमार, वरीय उपाध्यक्ष शिव लोचन शाह, रंजीत कुमार साव, बागबेड़ा थाना क्षेत्रीय अध्यक्ष संतोष गुप्ता, सिदगोड़ा क्षेत्रीय अध्यक्ष मनोज शाह, जिला सचिव अशोक साहू, युवा जिला अध्यक्ष आदित्य धनराज साह, महिला अध्यक्ष पूजा साहू जिला सलाहकार अवधेश कुमार प्रसाद, जितेंद्र प्रसाद, आनंद गुप्ता, जितेंद्र प्रसाद दिलीप कुमार, सत्यनारायण साहू, मानगो महिला अध्यक्ष कंचन देवी साव, रीता साहू, गौतम साहू, दिलीप साहू, आयुष गुप्ता, संतोष साहू, परमेश्वर साहू, राजेश्वर साहू, राजेश प्रसाद, शैलेंद्र कुमार, आशीष प्रसाद, उमा प्रसाद, आनंद गुप्ता, दरोगा साहू, राजेश्वर साहू के अलावा साहू समाज के सैकड़ो साथी मौजूद थे।
कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्दू पर बड़ी कार्रवाई की है. नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया है. नवजोत कौर पर यह कार्रवाई पार्टी नेताओं पर विवादित टिप्पणी को लेकर की गई है.
कुछ दिनों पहले उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपए… वाला बयान दिया था. जिससे विवाद खड़ा हुआ था. अब कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्धू पर कार्रवाई करते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी है. हालांकि बयान पर विवाद बढ़ने के बाद नवजोत कौर ने सफाई देते हुए कहा था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है.
500 करोड़ का सूटकेस देने वाला बनता है सीएम… इसी बयान पर गिरी राज
मालूम हो कि नवजोत कौर कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी है. उन्होंने शनिवार को कथित तौर पर कहा था कि ” जो 500 करोड़ रुपये का ‘सूटकेस’ देता है, वही मुख्यमंत्री बन जाता है.” नवजोत कौर ने शनिवार को पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा था कि अगर कांग्रेस उन्हें पंजाब में पार्टी का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करती है, तो उनके पति सक्रिय राजनीति में लौट आएंगे. पंजाब में 2027 में चुनाव होने हैं.
आजसू पार्टी पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह के नेतृत्व में टाटानगर रेलवे स्टेशन डायरेक्टर को डीआरएम.के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया. इस दौरान रेलवे स्टेशन के बाहर वीआईपी लेन को बैरिकेटिंग कर पूर्ण रूप से बंद होने पर नाराजगी व्यक्त की गई.
आजसू ने ये की मांग टाटानगर स्टेशन पार्किंग के वीआईपी लैन को स्टील बैरिकेट से पूरी तरह बंद कर दिया गया है जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. जैसे अगर किसी वीआईपी का आगमन टाटानगर रेलवे स्टेशन पर होता है तो उनके आने कि प्रतीक्षा में उनकी गाड़ी ड्रॉपिंग लेन में खड़ा रहेगी और आम जनता कि गाड़ी जो अपने परिजन को लेने या छोड़ने आएँगे उनकी गाड़ी पीछे खड़ी हो जाएगी. पार्किंग ठेकेदार के अनुबंध के अनुसार ड्रॉपिंग लेन में आने वाली गाड़ी अगर 10 मिनट से ज्यादा रूकती है, तो उसे 500 रु० जुर्माना देना पड़ेगा जो कि आम जनता को बिना जुर्म के जुर्माना देना पड़ेगा और अगर किसी दिव्यांग कि गाड़ी, एम्बुलेंस एवं फायर ब्रिगेड कि गाड़ियों कि जरुरत पड़ती है तो वह भी स्टेशन से दूर रखना पड़ेगा जिससे आम जनता एवं यात्री को इससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.
अन्य जगहों से टाटानगर स्टेशन को आने वाली गाड़ियां चांडिल स्टेशन, चक्रधरपुर स्टेशन एवं घाटशिला स्टेशन तक अपने सही समय पर पहुँचती है. परन्तु वहाँ से टाटानगर स्टेशन आने में 3 या 4 घंटा लग जाता है, जिससे यात्रियों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है इसमें सुधार किया जाये.
डायरेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल को ये दिया जवाब सभी विषयों के बाद स्टेशन अधीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि हमलोग राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री के बाद किसी को वी.आई.पी.की श्रेणी में नहीं आते है और इनके लिए निकास द्वार से आने और जाने की व्यवस्था रहेगी. आपातकालीन सेवाएं के लिए कोई व्यवस्था तत्काल नहीं है. उसपर बातचीत हो रही है जैसा आदेश आएगा वैसा होगा.
डीआरएम की कार्यशैली जनभावना के विरुद्ध आजसू करेगी जन आंदोलन : सहिस पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस ने कहा कि जमशेदपुर के लिए यह बहुत ही गंभीर विषय है और डी.आर.एम.की कार्यशैली जनभावना के विरुद्ध है. इसके लिए आजसू जरूर आंदोलन करेगी, लेकिन इससे पूर्व उन्हें अवगत कराया जा रहा है और यह बताने का प्रयास किया जा रहा है कि जमशेदपुर की जनभावना के साथ खिलवाड़ करने का हक किसी भी व्यक्ति को नहीं है.
बैरिकेटिंग बंद होने से वी.आई.पी के आलावे आपातकालीन सेवाएं भी होंगी प्रभावित, जल्द करें समाधान अन्यथा करेंगे अनशन : कन्हैया सिंह सिंह
आजसू जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने कहा कि स्टील बैरिकेटिंग से आम जनता को भी परेशानी हो रही है. वी.आई.पी.के आगमन पर उनके आने की प्रतिक्षा में खड़ी गाड़िया ड्रॉपिंग लाइन में खड़ी हो जायेंगी, तो ड्रॉपिंग वाली गाड़िया क्या करेंगी. इसके अलावे आपातकालीन सेवाओं का भी आगमन बन्द हो जाएगा. दिव्यांग के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है. कोई दुर्घटना होने पर अविलंब कोई भी सेवा बहाल नहीं हो सकता है. अगर इन सारे विषयो पर रेलवे प्रबंधन ध्यान नहीं देती है तो आजसू उग्र आंदोलन करेगी.
ज्ञापन देने ये पहुंचे ज्ञापन देने में मुख्य रूप से आजसू पार्टी के कमलेश दुबे, संजय सिंह, अप्पू तिवारी, प्रकाश विश्वकर्मा, कृतिवास मंडल, धीरज यादव, बबलू करुआ, मनोज महतो, ललन झा, मृत्युंजय सिंह, ललित सिंह, सुधीर सिंह, अरूप मल्लिक, कमलेश सिंह, सौरभ, राहुल सिंह, मुन्ना यादव, संजय प्रसाद समेत अन्य मौजूद रहे.
भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह को अज्ञात नंबर से फोन कॉल और मैसेज के जरिए जान से मारने की धमकी दी गई है. धमकी देने वाले ने खुद को कुख्यात बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया और चेतावनी दी कि अगर उन्होंने ‘बिग बॉस 19’ में सुपरस्टार सलमान खान के साथ स्टेज शेयर किया, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
जान से मिली धमकी के बावजूद पवन सिंह रविवार रात ‘बिग बॉस 19’ के ग्रैंड फिनाले में पहुंचे और सलमान खान के साथ स्टेज शेयर किया. उन्होंने ‘बिग बॉस’ की एक्स कंटेस्टेंट नीलम गिरी के साथ डांस परफॉर्मेंस भी दी.
पवन सिंह के मैनेजर ने बताया कि धमकी भरा पहला कॉल 6 दिसंबर की रात लगभग 10 बजे आया. इस कॉल में अज्ञात व्यक्ति ने लगातार धमकियां देना शुरू कर दिया और पवन सिंह की टीम के सदस्य प्रियांशु को कॉल किया. कॉलर ने पवन सिंह के मैनेजर और टीम के अन्य सदस्यों को लगातार मैसेज भेजे. शुरुआत में कॉलर को यह समझाने की कोशिश की गई कि शायद यह गलत नंबर पर कॉल हो रही है, बावजूद इसके लगातार धमकियां मिलती रहीं.
इस धमकी में कॉलर ने पवन सिंह से मोटी रकम की भी मांग की.
पवन सिंह के मैनेजर के अनुसार, कॉलर ने 15 से 20 लाख रुपये की डिमांड की और कहा कि यह पैसा जल्द से जल्द जमा करना होगा. साथ ही, कॉलर ने धमकी दी कि अगर पवन सिंह ने सलमान खान के साथ मंच साझा किया, तो उनके साथ वही हाल होगा, जो उन्होंने सिद्धू मूसेवाला के साथ किया था.
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पवन सिंह की टीम ने तुरंत सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को जानकारी दी. मुंबई के एक पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई, और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कॉल करने वाला कौन था, वह कहां से था, और किस गिरोह से जुड़ा था.