जमशेदपुर : आज वित्त मंत्री सीतारमण द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 का अंतरिम बजट पेश किया गया। जिसके बाद भाजपा नेता सह हजारीबाग प्रभारी अभय सिंह ने कहा कि यह बजट किसानों के लिए, महिलाओं के लिए, साथ ही नई रोजगार की सृजन को पैदा करने वाला बजट है। जहां पर रेल कॉरीडोर को बढ़ावा मिला है, जिससे आवागमन के साधन को मजबूत और सहज उपलब्ध किया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ सरकार ने अपने लक्ष्य को तीन करोड़ नए घर की योजना लाने से गरीबों के बीच में एक बहुत बड़ी राहत प्रस्तुत किया गया है।
श्री सिंह ने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान है, किसान हमारे अन्नदाता है, किसान सम्मान योजना के तहत किसानों के राहत के लिए एवम सहायता भी लाने कि लिए भारी बजट प्रस्तुत किया गया। किसानों को ‘किसान सम्मान निधि योजना’ मिला। चार करोड़ से अधिक किसानों को ‘फसल बीमा योजना’ का लाभ देने से किसानों में बहुत बड़ी राहत मिली है। यह 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य निर्धारण करेगा।
वहीं हेल्थ के मामले में कैंसर की रोकथाम के लिए 2 से 14 साल की बच्चियों का टीकाकरण एक बहुत बड़ा राहत योजनाएं साबित होगा।आयुष्मान भारत का फायदा अब सभी आशा वर्कर,आंगनबाड़ी वर्कर्स को भी मिलेगा। यह अपने आप में ही एक अतुलनीय योजना है।
इस बजट के तहत दो करोड़ घर अभी 5 साल में और बनाए जाएंगे, भारत की अर्थव्यवस्था को एक नई ताकत मिलेगी। युवाओं को सशक्त करने के उद्देश्य को लेकर शिक्षा नीति में बदलाव लाया जा रहा, बच्चों के विकास के लिए भी यह सरकार ने अच्छी शिक्षा देने का संकल्प लिया गया है।
अब बजट से उम्मीद है मोदी सरकार इस बार कुछ बड़े एलान करके भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की बचट को मंजूरी दी। यह बजट गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओ एवम देश को विकसित राष्ट्र बनाने वाला बजट है।
भाजयुमो के प्रदेश मीडिया प्रभारी कृष्णा शर्मा उर्फ काली शर्मा ने गुरूवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्धारा वित्तीय वर्ष 2024-25 का संसद में पेश किये गये अंतरिम बजट को आत्मनिर्भर और उत्साहवर्धक बताया। यह बजट विकसित भारत के चार स्तंभ क्रमशः युवा, गरीब, महिला, किसान सभी को सशक्त करेगा।
यह बजट देश के भविष्य के निर्माण का बजट है। उन्होंने कहा कि सबका विकास, सबका विश्वास और सबके लिए प्रयास के साथ आने वाले दिनों में जब हम विकसित भारत की ओर बढ़ रहे हैं ऐसे में यह बजट उसके लिए एक प्रारंभिक प्रयास है। काली शर्मा ने कहा कि यह बजट पिछले 10 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था के गुणात्मक और मात्रात्मक परिवर्तन का एक उत्कृष्ट सारांश है।
जमशेदपुर : झारखंड की सियासी खेल हर मिनट बदलती हुई नजर आ रही है। हेमन्त सोरेन की गिरफ्तारी से लेकर चम्पई सोरेन के विधायक दल के नेता बनाये जाने के बीच कई अटकलें लगी। 43 विधायकों के हस्ताक्षर किए हुए लेटर देने के बाद भी यह कयास लगाया जा रहा है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार अब नहीं बनने वाली।
इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि भाजपा सूत्रों का कहना है कि गठबंधन के 18 विधायकों का उनको समर्थन प्राप्त है और वे भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाएंगे। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बी एल संतोष भी शाम 4 बजे बैठक करने वाले हैं। जिसके बारे में भाजपा सूत्रों का यह कहना है कि इस बैठक के बाद झारखंड में कमल खिलेगा।
दूसरी ओर राज्यपाल से 3 बजे का समय मांग कर अपनी बहुमत पेश करने की चाह रखे चम्पई सोरेन को राज्यपाल ने 5:30 बजे का समय दिया है। झामुमो के अंदर मुख्यमंत्री पद के लिए आपसी सहमति भी नहीं दिखाई दे रही है और इसका सबसे बड़ा कारण है शिबू सोरेन के परिवार के बाहर किसी को मुख्यमंत्री पद के लिए चुनना। तो क्या यह बढ़ते समय के साथ घटते समर्थन का डर चम्पई सोरेन के मुख्यमंत्री बनने के सफर में रुकावट पैदा करेगी ? अब देखना यह है कि राज्यपाल के दिये गए समय पर असल खेला क्या होगा।
राँची : झारखंड में सियासी संकट के बीच विधायक दल के नेता चंपई सोरेन को राज्यपाल ने शाम साढ़े 5 बजे राजभवन बुलाया है। चंपई ने मिलने के लिए 3 बजे का समय मांगा था। इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम 2.30 बजे हेमंत सोरेन को लेकर कोर्ट पहुंची है। ED ने 10 दिन की रिमांड मांगी है।
इससे पहले गिरफ्तारी को लेकर सोरेन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में अर्जेंसी नहीं दिखती। कपिल सिब्बल ने भी मामले पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर कल सुनवाई हो सकती है।
वहीं, महागठबंधन (जेएमएम, आरजेडी, कांग्रेस) अपने विधायकों को हैदराबाद शिफ्ट कर सकता है। सर्किट हाउस में दो ट्रैवलर और एक बस खड़ी है। विधायक दल के नेता चंपई सोरेन सहित 5 MLA रांची में रहेंगे, जो हालात पर नजर रखेंगे। बीजेपी ने भी कल (2 फरवरी) अपने विधायक दल की बैठक बुलाई है।
राँची : हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद झारखंड की प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा में रांची से दिल्ली तक हलचल तेज हो गयी है. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष रांची पहुंच गये हैं. इससे पहले बुधवार को भाजपा के प्रदेश प्रभारी सह लोकसभा प्रभारी लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी रांची पहुंचे थे. आज 1 फरवरी की शाम 4 बजे बीएल संतोष प्रदेश कार्यालय में प्रदेश भाजपा के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और प्रदेश की ताजा राजनीतिक हालात पर विपक्षी पार्टी की भूमिका पर चर्चा करेंगे. इस बैठक में आगे की रणनीति भी तैयार होगी. (जारी…)
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो ने कहा कि दुर्भाग्यवश अगर चंपाई सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री बनते हैं तो झारखंड में भ्रष्टाचार और बढ़ेगा. पहले भ्रष्टाचार और लूट का हिस्सा हेमंत सोरेन तक जाता था, लेकिन अब भ्रष्टाचार कर जो लूट होगा, उसमें एक बड़ा हिस्सा चंपाई सोरेन से होते हुए हेमंत सोरेन तक पहुंचेगा. ऐसे में लूट का प्रतिशत भी बढ़ेगा.
बजट 2024 (Budget 2024) की घोषणा हो चुकी है. हालांकि, ये अंतरिम बजट था. माने बहुत बदलाव की उम्मीद नहीं थी.लेकिन कुछ तो थी ही. वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण (Finance Minsiter Nirmala Sitharaman) ने बजट पेश करते हुए कुल 57 मिनट का भाषण दिया.
11:01 बजे भाषण शुरू हुआ, 11:58 पर ख़त्म. लगभग घंटे भर में वित्त मंत्री के भाषण से क्या मुख्य बातें निकल कर आईं, उस पर ग़ौर कर लेते हैं.
– अपने भाषण के शुरूआत में ही वित्त मंत्री ने मोदी सरकार की कई उपलब्धियां गिनाईं. कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में कई सकारात्मक परिवर्तन देखे गए हैं. प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना और किसान सम्मान योजना का ज़िक्र किया.
– नरेंद्र मोदी सरकार का इनफ़्रास्ट्रक्चर पर ख़ास फ़ोकस रहता है. वित्त मंत्री ने इसे लेकर एलान किया:
“पिछले 4 सालों में पूंजीगत ख़र्च में तीन गुना बढ़त देखी गई है. नतीजा ये कि आर्थिक विकास और रोज़गार बढ़ा है.”
टैक्स में कोई बदलाव नहीं
वित्त मंत्री ने कहा कि आयात शुल्क समेत डायरेक्ट और इन-डायरेक्ट टैक्सों की समान दरें बरक़रार रखी जाएंगी. मार्च की आख़िरी तारीख़ों में इनकम टैक्स की वेबसाइट खोेलने या अपने CA मित्रों को परेशान करने वालों को ये उम्मीद थी कि इनकम टैक्स के सेक्शन-80C के तहत मिलने वाली छूट बढ़ेगी. निवेश कर के जो डेढ़ लाख तक बचाया जा सकता है, वो ढाई लाख तक बच पाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
– हालांकि, वित्त मंत्री ने बताया कि टैक्स फ़ाइल करने वालों की संख्या 2.4 गुना बढ़ गई है. बीते दस सालों में – 2014 के बाद से – डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन तीन गुना हो गया है.
– ‘तकनीक-प्रेमी युवाओं के लिए ये एक स्वर्ण युग होगा’ – ऐसा वित्त मंत्री का कहना है. उन्होंने एलान किया कि 1 लाख करोड़ रुपये का कोष स्थापित किया जाएगा. यहां से कम या शून्य ब्याज दरों पर फ़ाइनैंस दिया जाएगा. इससे प्राइवेट सेक्टर में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा.
– एलान किया गया है कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्यों को दीर्घकालिक ब्याज मुक्त क़र्ज़ दिया जाएगा.
रेलवे को लेकर घोषणाएं
‘मेट्रो’ और ‘नमो भारत’ समेत और परियोजनाओं को ज़्यादा से ज़्यादा शहरों तक फैलाया जाएगा. क़रीब 40,000 रेल बोगियों को ‘वंदे भारत’ कोच में बदला जाएगा. साथ में तीन नए रेल कॉरिडोर लाने की बात कही है –
ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर
पोर्ट कनेक्टिविटी कॉरिडोर
उच्च यातायात घनत्व कॉरिडोर.
– राजकोषीय घाटा, यानी देश के राजस्व और ख़र्च के बीच के अंतर को घटाना है. टार्गेट ये है कि मौजूदा 5.8% से घटाकर वित्त वर्ष 2025 तक 5.1% किया जाए. और, वित्त वर्ष 2026 में इसे 4.5% से कम करने का लक्ष्य रखा गया है.
बजट में इनकम टैक्स को लेकर वित्त मंत्री ने क्या ऐलान किया?
ग़रीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए क्या?
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि ये वर्ग सरकार का फ़ोकस एरिया हैं. उनकी ज़रूरतें, उनकी आकांक्षाएं और उनका कल्याण प्राथमिकता है. हालांकि, उनके लिए कोई विशेष स्कीम या योजना लॉन्च नहीं की गई है.
– सरकार एक ऐसी योजना शुरू करने का दावा कर रही है, जिसका मक़सद मध्यम वर्ग को छत देना है. वो वर्ग, जो किराए के घरों, झुग्गियों, चॉल या अनधिकृत कॉलोनियों में रहते हैं. वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 2 करोड़ और घर बनाने की भी घोषणा की गई है.
– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत स्वास्थ्य सेवा कवर सभी आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं तक बढ़ाया जाएगा.
जमशेदपुर : सीतारामडेरा थाना अंतर्गत शहीद बाबा दीप सिंह जी गुरुद्वारा के मौजूदा प्रधान सरदार हरजिंदर सिंह जी की अध्यक्षता में बुधवार शाम एक बैठक बुलाई गई। जिसका मुख्य एजेंडा था सीतारामडेरा गुरुद्वारा का रजिस्ट्रेशन आवेदक संख्या 6413, निबंधन संख्या 710, 28 दिसम्बर 2016 को करवाया गया था। जिसकी ऑडिट रिपोर्ट को रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा करवाना अनिवार्य था। (जारी…)
इस बाबत रजिस्टर्ड सदस्य सरदार परम जीत सिंह प्रधान से मांग की गयी कि 28 दिसंबर 2016 से 31 मार्च 2023 तक की ऑडिट रिपोर्ट रजिस्टर्ड सदस्यों को अविलंब देने की कृपा करें ताकि ऑडिट रिपोर्ट को रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा किया जा सके। बैठक में यह भी कहा गया कि अगर दो दिन के अन्दर रजिस्टर्ड सदस्यों को ऑडिट रिपोर्ट नहीं मिलती है तो सदस्य कानूनी कार्रवाई करने में बाध्य होंगे। शहीद बाबा दीप सिंह जी गुरुद्वारा के रजिस्टर्ड सदस्य हैं – बलबीर सिंह, सुरजीत सिंह, अमरजीत सिंह, परमजीत सिंह, गुरपाल सिंह।
चार साल तक सरकार चलाने के बाद कथित जमीन घोटाले में घिरे हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटना पड़ा। 6 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया। 15 नवंबर 2000 को अस्तित्व में आए झारखंड में अब तक 6 नेता सीएम बने और इनमें से तीन की गिरफ्तारी हो चुकी है। ढाई दशक के इतिहास में झारखंड में अब तक तीन बार राष्ट्रपति शासन भी लग चुका है, जबकि एक ही सीएम रघुबर दास 5 साल का कार्यकाल पूरा कर पाए।
झारखंड में अब तक 6 छह मुख्यमंत्री बने हैं इनमें से तीन गिरफ्तार हुए। हेमंत सोरेन से पहले उनके पिता शिबू सोरेन और मधु कोड़ा गिरफ्तार हो चुके हैं। बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा और रघुवर दास को ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा। तीनों बीजेपी के ही मुख्यमंत्री रहे हैं।
मधु कोड़ा को क्यों जाना पड़ा था जेल? मुख्यमंत्री रहते हुए मधु कोड़ा भ्रष्टाचार के केस में फंस गए थे। 2006 से 2008 तक यूपीए के साथ गठबंधन सरकार चलाने वाले मधु कोड़ा को जेल जाना पड़ा था। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति के आरोप लगे थे। कोड़ा कथित तौर पर माइनिंग घोटाले में शामिल थे। सीबीआई और ईडी ने आरोप लगाया कि कोयला खदानों के आवंटन के बदले कोड़ा ने सीएम रहते रिश्वत ली थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक कोड़ा और उनके सहयोगियों ने इस तरह 4 हजार करोड़ रुपए कमाए। एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनकी 144 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई थी। 2009 में गिरफ्तारी के बाद कोड़ा को 2013 में जमानत मिली। 2017 में उन्हें दोषी करार दिया गया और 25 लाख जुर्माने के साथ 3 साल की सजा सुनाई गई। उन्हें हवाला लेनदेन के चार और केस और आय से अधिक संपत्ति वाले मामले में भी दोषी करार दिया गया।
शिबू सोरेन भी हो चुके गिरफ्तार हेमंत सोरेन के पिता और पूर्व सीएम शिबू सोरेन को भी गिरफ्तार हो चुके हैं। शिबू सोरेन को दिल्ली की एक अदालत ने 5 दिसंबर 2006 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। 1994 में उनके निजी सचिव शशि नाथ झा की हत्या के मामले में उन्हें दोषी बताया गया था। शिबू सोरेन उस वक्त मनमोहन सिंह सरकार में कोयला मंत्री थे। हालांकि, 2007 में दिल्ली हाई कोर्ट ने शिबू सोरेन को बरी कर दिया था और सबूतों के अभाव को लेकर सीबीआई की खिंचाई की थी। अप्रैल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था
पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की याचिका पर आज गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हालांकि एक्टिंग चीफ न्यायाधीश जस्टिस एस चंद्रशेखर और जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की बेंच से आज उन्हें कोई राहत नहीं मिली है. ED की ओर से ASGI एस वी राजू ने अपना पक्ष रखा. दोनों पक्षों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष अपनी अपनी दलीलें पेश की.
ईडी के समन के खिलाफ सोरेन ने हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका
बता दें कि हेमंत सोरेन ने ईडी के समन के खिलाफ हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी. इस याचिका में सीएम ने ED द्वारा उनको सेक्शन 50 के तहत दिये गये समन को चुनौती दी. याचिका में कहा गया कि ईडी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर बार-बार उन्हें समन कर रही है. दायर याचिका में ईडी की कार्यवाही को गलत बताया गया. सोरेन का कहना कि ईडी के अधिकारी उन पर जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं. इस आधार पर उन्हें गिरफ्तार करना चाहते हैं. याचिका में सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हावाला दिया है, जिसमें कहा गया है कि जांच एजेंसी के अधिकारी जांच में सहयोग नहीं करने के आधार पर किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकते हैं.
आदिवासी मूल संघ ने आज एक फरवरी को झारखंड बंद बुलाया है. इसको लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पांडे ने कहा कि आज के झारखंड बंद से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है.