पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राज्यसभा चुनाव को लेकर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। टीएमसी की तरफ से से सुष्मिता देव को राज्यसभा भेजा जाएगा।
इसके अलावा पत्रकार सागरिका घोष, ममता बाला ठाकुर और सांसद नदीमुल हक के नाम सूची में शामिल हैं।
TMC ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट में लिखा, ‘ हमें आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए सागरिका घोष, सुष्मिता देव, सांसद मो नदीमुल हक और ममता बाला ठाकुर की उम्मीदवारी की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। हम उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं और आशा करते हैं कि वे हर भारतीय के अधिकारों के लिए अदम्य भावना और वकालत की तृणमूल की स्थायी विरासत को बनाए रखने की दिशा में काम करेंगे।’
दुनिया को अपनी ताकत का अहसास कराने और चीन की घेराबंदी करने के लिए इंडियन नेवी अब ‘विश्वविजय’ अभियान की शुरूआत कर रही है और फरवरी 2024 के अंत में भारत मिलान अभ्यास में अपनी नौसेना का प्रदर्शन करना शुरू करेगा।
चीन पर नजर रखते हुए, 50 नौसेनाओं का एक दस्ता रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंगाल की खाड़ी में जुटेगा, जो क्षेत्र में चीन की आक्रामकता को मुंहतोड़ जवाब देगा, जिसका मकसद एक सुरक्षित और स्थिर इंडो-पैसिफिक सुनिश्चित करने का एक चेतावनी संदेश होगा।
भारतीय नौसेना के जुड़वां एयरक्राफ्ट कैरियर (आईएनएस विक्रमादित्य और आईएनएस विक्रांत) और विदेशी पनडुब्बियां, इस सैन्य अभ्यास के सितारे होंगे, जिसका मकसद साफ शब्दों में ये होगा, कि समुद्री स्वतंत्रता और शांति को बिगाड़ने की कोशिश चीन हरगिज ना करे।
क्या है इंडियन नेवी का मिलान समुद्री अभ्यास?
मिलान समुद्री अभ्यास में क्वाड देशों – अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के अलावा, दक्षिण-पूर्वी देशों की नौसेनाएं भाग ले रही हैं। भारत 19 से 27 फरवरी तक अभ्यास के लिए अपने दोनों एयरक्राफ्ट कैरियर- आईएनएस विक्रमादित्य और आईएनएस विक्रांत को तैनात करेगा। इनके अलावा, 20 नौसैनिक युद्धपोत, पी-8आई जैसे समुद्री गश्ती विमान और पनडुब्बियां भी अभ्यास में हिस्सा लेंगी।
यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सैन्य अधिकारी ने कहा, कि “नौसेना अभ्यास के समुद्री चरण में बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास, एडवांस एयर डिफेंस ऑपरेशन, पनडुब्बी रोधी युद्ध और सतह रोधी ऑपरेशन शामिल होंगे।” यह मिलान अभ्यास का 12वां संस्करण होगा और इस बार के अभ्यास का मकसद चीन को संदेश देना होगा।
सैन्य अभ्यास के ‘हार्बर चरण’ में एक अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सेमिनार, इंटरनेशनल सिटी परेड, समुद्री टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी, सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट एक्सचेंज , युवा अधिकारियों का मिलन और विभिन्न खेल कार्यक्रम शामिल होंगे।
एक साथ भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका
भारत के अलावा, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, इंडोनेशिया और मलेशिया की नौसेनाओं के इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं। इस अभ्यास का मकसद, क्षेत्र में मित्रवत नौसेनाओं को तालमेल हासिल करने और इंडो-पैसिफिक में खुले, समावेशी और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराने में मदद करना है, जिसे चीन की बढ़ती आक्रामकता से खतरा हो रहा है।
चीन हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी ताकत दिखा रहा है, जिससे जापान और अमेरिका के साथ उसका सीधा टकराव हो रहा है, खासकर पूर्वी और दक्षिणी चीन सागर में। फिलीपींस और ताइवान के साथ भी स्थिति कई वर्षों से अस्थिर रही है।
भारत, अपनी ओर से, दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ रहा है, और क्वाड देशों के साथ भी इसका जुड़ाव काफी बढ़ गया है।
लेकिन यह अभ्यास न केवल ताकत दिखाने के लिए है, बल्कि यूनाइटेड किंगडम, इज़राइल, सऊदी अरब, इराक, ईरान, ओमान, कतर, कुवैत और यूएई, ब्रुनेई, फिलीपींस, मालदीव जैसे कई प्रमुख खिलाड़ियों के बीच राजनयिक पहुंच के लिए भी है, जिसमें केन्या, इंडोनेशिया और मॉरीशस भी शामिल हैं।
हूती लुटेरों को भी काउंटर की कोशिश
यह समुद्री अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है, जब हूती मिलिशिया और सोमाली समुद्री डाकु लगातार लाल सागर में हमले कर रहे हैं, जिससे व्यापारिक जहाजों के ऑपरेशन पर भारी खतरा मंडरा रहा है।
ईरान समर्थित हूती विद्रोही वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं, जिससे व्यापार महंगा हो गया है। भारतीय नौसेना अरब सागर में समुद्री डकैतों के खिलाफ ऑपरेशन चला रही है और जहाजों को बचाने का काम कर रही है। मुख्य रूप से अदन की खाड़ी और अफ्रीका के हॉर्न के आसपास, जहां सोमालिया के समुद्री डाकुओं ने समुद्री खतरा पैदा कर दिया है, वहां तक इंडियन नेवी अपना ऑपरेशन चला रही है।
भारतीय नौसेना का प्रभाव क्षेत्र पश्चिम में अदन की खाड़ी से लेकर पूर्व में मलक्का जलडमरूमध्य तक फैला हुआ है। इसके लिए, उसने 490 समुद्री मील लंबे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुशंसित ट्रांजिट कॉरिडोर (आईआरटीसी) के माध्यम से व्यापारी जहाजों को ले जाने के लिए 50 युद्धपोत तैनात किए हैं।
भारत के रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने संसद को बताया है, कि “2008 से इंडियन नेवी ने समुद्री डकैती रोधी गश्त के लिए अदन की खाड़ी और अफ्रीका के पूर्वी तट तक कई इकाइयां तैनात की हैं और कुल 3,440 जहाजों और 25,000 से ज्यादा नाविकों को सुरक्षित निकाला है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को मध्य प्रदेश के झाबुआ पहुंचे, जहां उन्होंने 7,550 करोड़ रुपये के विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया. प्रधानमंत्री मोदी ने इसके बाद आदिवासी महाकुंभ में भी हिस्सा लिया, जिसमें लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मैं सेवक के तौर पर यहां आया हूं.
पीएम मोदी ने इस दौरे के जरिये झाबुआ की सीमा से लगे राजस्थान और गुजरात के आदिवासियों को भी साधने का प्रयास किया.
पीएम मोदी ने इस दौरान रोड शो भी किया, जहां वह खुली जीप में सवार होकर सभा स्थल पर पहुंचे. लोगों ने इस दौरान मोदी-मोदी के नारे लगाकार और फूल बरसाकर पीएम मोदी का स्वागत किया. मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा भी पीएम मोदी के साथ जीप में नजर आए. इस दौरान पीएम मोदी ने सभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘लूट और फूट कांग्रेस के लिए ऑक्सीजन.’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘झाबुआ जितना मध्य प्रदेश से जुड़ा है उतना ही गुजरात से भी जुड़ा है…झाबुआ और इस पूरे इलाके की गुजरात से केवल सीमा ही नहीं लगती बल्कि दोनों तरफ के लोगों के दिल भी मजबूती से जुड़े हुए हैं… गुजरात में रहते हुए मुझे यहां के जनजीवन से, यहां की परंपराओं से करीब से जुड़ने का अवसर मिला…’
PM मोदी ने आगे कहा कि ‘कुछ देर पहले मैंने झाबुआ, खरगोन, खंडवा, बड़वानी, धार, अलीराजपुर समेत पूरे MP के लिए हजारों करोड़ रुपए की योजनाओं का लोकार्पण भी किया है. एक साथ विकास के इतने सारे काम ये बता रहे हैं, मध्य प्रदेश में नई बनी डबल इंजन की सरकार डबल तेजी से काम कर रही है. विकास के इस महाअभियान का श्रेय मध्य प्रदेश की जनता को जाता है. मैं आप सबको इसके लिए बधाई देता हूं.’ उन्होंने आगे कहा कि ‘मध्य प्रदेश में विधानसभा के नतीजों से आप पहले ही बता चुके हैं कि लोकसभा के लिए आपका मूड क्या रहने वाला है…इसलिए इस बार विपक्ष के बड़े-बड़े नेता पहले से ही कहने लगे हैं- 2024 में 400 पार, फिर एक बार मोदी सरकार…’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि ‘यहां आपके बीच आने से पहले मैंने देखा कि मेरी इस यात्रा को लेकर खूब चर्चाएं भी हो रही हैं. कुछ लोग कह रहे हैं कि मोदी मध्य प्रदेश में झाबुआ से लोकसभा की लड़ाई का आगाज करेगा. मैं बताना चाहता हूं कि मोदी लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए नहीं आया है. मोदी तो सेवक के तौर पर ईश्वर रूपी MP की जनता-जनार्दन का आभार करने आया है.’
उन्होंने आगे कहा ‘बीते वर्षों में मध्य प्रदेश ने दो अलग-अलग दौर देखे हैं- एक डबल इंजन सरकार का दौर और दूसरा कांग्रेस के जमाने का काला दौर! कम उम्र के युवाओं को शायद याद भी नहीं होगा, आज विकास के रास्ते पर तेजी से दौड़ रहा मध्य प्रदेश भाजपा सरकार से पहले देश के सबसे बीमारू राज्यों में गिना जाता था. मध्य प्रदेश को बीमारू बनाने के पीछे सबसे बड़ी वजह थी. गांव, गरीब और आदिवासी इलाकों को लेकर कांग्रेस का नफरत भरा रवैया! इन लोगों ने न कभी आदिवासी समाज के विकास की चिंता की न उसके सम्मान के बारे में सोचा. इनके लिए तो जनजातीय लोगों का मतलब केवल कुछ वोट होता था. इन्हें गांव, गरीब, पिछड़ा की याद तब आती थी, जब चुनाव की घोषणा होती थी.’
पीएम मोदी ने आगे कहा कि ‘हमारे लिए जनजातीय समाज वोट बैंक नहीं, देश का गौरव है. आपका सम्मान भी और आपका विकास भी… ये मोदी की गारंटी है. आपके सपने, आपके बच्चों के सपने, नौजवानों के सपने… ये मोदी का संकल्प है. कांग्रेस ने इतने वर्षों में 100 ही एकलव्य स्कूल खोले थे, जबकि भाजपा की सरकार ने अपने 10 साल में ही इससे चार गुना ज्यादा एकलव्य स्कूल खोल दिए हैं. एक भी आदिवासी बच्चा शिक्षा के अभाव में पीछे रह जाए, ये मोदी को मंजूर नहीं है.’
उन्होंने आगे कहा कि ‘आज जो सबसे वंचित है, सबसे पिछड़ा है, हमारी सरकार में वो सबसे पहली प्राथमिकता है. सबसे पिछड़े जनजातीय समूहों के लिए हमने पीएम-जनमन योजना शुरू की. जो जनजातीय समाज अब तक विकास की मुख्य धारा से कटा हुआ था, जनमन योजना के तहत उनका तेज विकास शुरू किया गया है. इसका लाभ यहां इस क्षेत्र की बैरा, भारिया और सहरिया जैसे जनजातीय समूहों को होगा.’
जमशेदपुर : जांच के नाम पर लोगों को परेशान करने और रुपये की वसूली मामले को लेकर यातायात पुलिस हमेशा चर्चा में रहती है। चेकिंग प्वाइंट पर अगर रोक गए तो कुछ ना कुछ कमी निकालकर लोगों को परेशान करने लगते है। कुछ ऐसा ही मामला मानगो यातायात थाना क्षेत्र का आया है। शनिवार को सिपाही पंकज कुमार यादव ने बाइक सवार से 500 रुपये वसूली कर ली। वो भी नगद नहीं बल्कि पेटीएम से रुपये लिए। विरोध पर उसे वाहन सवार को डराया-धमकाया। मामले की शिकायत एसएसपी तक पहुंची।
शिकायत की जांच डीएसपी से कराई गई
शिकायत की जांच डीएसपी संजय कुमार सिंह से एसएसपी ने कराई। आरोप को सत्य पाया गया। जांच रिपोर्ट के बाद एसएसपी ने सिपाही को निलंबित कर दिया। वहीं सहायक अवर निरीक्षक (एएसआइ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
पहले सब इंस्पेक्टर और दो टाइगर मोबाइल जवान हुए थे निलंबित
इससे पहले एसएसपी ने जुगसलाई में सब इंस्पेक्टर और दो टाइगर मोबाइल जवान को निलंबित किया था। पुलिसकर्मियों ने बाइक सवारों की पिटाई कर दी थी। एसएसपी प्रभात कुमार के कार्यकाल में गोविंदपुर में यातायात थाना के एएसआइ को वृद्ध महिला से 50 रुपये लेने के आरोप में निलंबित किया था।
टाटानगर स्टेशन रोड महुआ गली के पास जुगसलाई यातायात थाना की पुलिस ओडिशा और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले वाहन सवारों को चेकिंग के नाम पर परेशान करते है और रुपये की वसूली करते है।
जमशेदपुर : जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र में सफाई का दावा करती है लेकिन जुगसलाई में प्रवेश करते ही लोगों का सामना कचरे के देर से होता है। यह स्थिति नया बाजार वेस्ट रोड में ग्रामीण बैंक के पास की है।
बताया जाता है कि नगर परिषद के कर्मचारी हर एक-दो दिन पर सड़क से कचरा उठाते हैं लेकिन बागबेड़ा के डीबी रोड व बजरंग टेकरी के दुकानदार और निवासी कचरे का ढेर फैला देते हैं। लोगों को कचरा फेंकने से रोकने के लिए नगर परिषद ने बोर्ड भी लगाया है लेकिन जागरूकता नहीं आई और जुगसलाई की छवि आने जाने वालों में खराब हो रही है
नई दिल्ली : कर्मचारी चयन आयोग कॉन्स्टेबल जीडी भर्ती परीक्षा का आयोजन 20 फरवरी से होने जा रहा है। परीक्षा 20, 21, 22, 23, 24, 26, 27, 28, 29 फरवरी, 1, 5, 6, 7, 11 और 12 मार्च को आयोजित की जाएगी।गृह मंत्रालय ने कहा है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में कॉन्स्टेबलों की भर्ती के लिए कॉन्स्टेबल (जीडी) परीक्षा पहली बार हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित की जाएगी।
एसएससी कॉन्स्टेबल जीडी भर्ती परीक्षा 20 फरवरी से देशभर के 128 शहरों में आयोजित होने जा रही है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि परीक्षा में 48 लाख उम्मीदवार शामिल होंगे। भर्ती अभियान का लक्ष्य विभाग में कुल 26,146 जीडी कॉन्स्टेबल रिक्तियों को भरना है।
गृह मंत्रालय ने कहा है कि एसएससी कॉन्स्टेबल जीडी भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र हिंदी और अंग्रेजी के अलावा असमिया, बंगाली, गुजराती, मराठी, मलयालम, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, उड़िया, उर्दू, पंजाबी, मणिपुरी और कोंकणी सहित 13 क्षेत्रीय भाषाओं में तैयार किया जाएगा।
गृह मंत्रालय ने कहा है कि इस निर्णय के परिणामस्वरूप लाखों युवा अपनी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में परीक्षा में भाग लेंगे और उनकी चयन संभावनाओं में सुधार होगा। इसके परिणामस्वरूप पूरे देश में अभ्यर्थियों के बीच इस परीक्षा की पहुंच बढ़ेगी और सभी को रोजगार का समान अवसर मिलेगा। कॉन्स्टेबल जीडी परीक्षा कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) द्वारा आयोजित प्रमुख परीक्षाओं में से एक है, जिसमें देश भर से लाखों युवा शामिल होते हैं। गृह मंत्रालय और कर्मचारी चयन आयोग ने हिंदी और अंग्रेजी के अलावा उपर्युक्त 13 क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा आयोजित करने की सुविधा के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। SSC ने 2024 में कॉन्स्टेबल (जीडी) परीक्षा अंग्रेजी और हिंदी के अलावा 13 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित करने के लिए एक अधिसूचना जारी की है। गृह मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है।
नई दिल्ली : पेट्रोनेट द्वारा 2029 से 20 साल के लिए कतर से सालाना 75 लाख टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) खरीद अनुबंध का नवीकरण संभवत: दुनिया में इस ईंधन की खरीद का सबसे बड़ा सौदा है। इससे भारत को स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों ने यह बात कही है। पेट्रोनेट के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि मूल 25-वर्षीय समझौते पर 1999 में हस्ताक्षर किए गए थे और इसमें आपूर्ति 2004 में शुरू हुई थी। तब से कतर ने कभी एक भी खेप में चूक नहीं की है और न ही उसने दाम काफी ऊंचे होने के दौरान भारतीय कंपनी द्वारा आपूर्ति नहीं लेने की वजह से ‘खरीदों या भुगतान करो’ प्रावधान के तहत कोई जुर्माना लगाया है।
विस्तारित अनुबंध के तहत आपूर्ति पेट्रोनेट द्वारा उन 52 खेप (कार्गो) की डिलिवरी लेने के बाद शुरू होगी जो वह 2015-16 में कीमतों में उछाल की वजह से लेने में विफल रही थी। हालांकि, अनुबंध की मात्रा कभी नहीं बदली है, लेकिन कीमत में चार बार बदलाव हुआ है। इसमें ताजा मामला भी शामिल है, जिसमें अनुबंध विस्तार पर नए सिरे से बातचीत हुई है। इसके अलावा जिस गैस की आपूर्ति का वादा किया गया था उसकी संरचना भी बदल गई है।
रासगैस (अब कतरएनर्जी) ने मूल रूप से ईथेन और प्रोपेन तत्वों वाली ‘रिच’ गैस की आपूर्ति के लिए अनुबंध किया था, जिसका इस्तेमाल पेट्रोरसायन परिसरों में किया जाता है। इसने सालाना 50 लाख टन (एमटी) एलएनजी की आपूर्ति की है जिसमें मीथेन (बिजली उत्पादन, उर्वरक बनाने, सीएनजी या खाना पकाने के ईंधन के उत्पादन के लिए इस्तेमाल होता है) के साथ-साथ ईथेन और प्रोपेन युक्त गैस की आपूर्ति शामिल है। पिछले सप्ताह हुए संशोधित अनुबंध के तहत दाम कम है। इसमें कतरएनर्जी इथेन और प्रोपेन रहित ‘लीन’ या गैस की आपूर्ति करेगी। हालांकि, पेट्रोनेट के अधिकारियों ने कहा कि कतर तबतक ‘रिच’ गैस की आपूर्ति जारी रखेगा जबतक उनके पास ईथेन और प्रोपेन का उपयोग करने की सुविधा नहीं है।
कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, “हमें ‘रिच’ एलएनजी प्राप्त होती रहेगी।” सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) ने कतर से आने वाली एलएनजी से ईथेन और प्रोपेन का उपयोग करने के लिए गुजरात के दहेज में एक पेट्रोरसायन परिसर के निर्माण पर 30,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इससे ऐसे उत्पाद बनाए जा सकेंगे जिनका इस्तेमाल प्लास्टिक और डिटर्जेंट विनिर्माण में होता है।
‘वुड मैकेंजी’ के अनुसार, कतरएनर्जी और पेट्रोनेट के बीच 20 साल के लिए बिक्री और खरीद समझौते का विस्तार करीब 15 करोड़ टन की मात्रा को ‘कवर’ करता है। यह पिछले दो साल के दौरान चीन की नेशनल पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और सिनोपेक के साथ कतरएनर्जी द्वारा किए गए 10.8 करोड़ टन के दो समझौतों से बड़ा अनुबंध है। वुड मैकेंजी के निदेशक, वैश्विक एलएनजी (एशिया) डैनियल टोलमैन ने कहा, “यह समझौता भारत को अपने ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस के अनुपात को 2030 तक 15 प्रतिशत तक करने के लक्ष्य तक पहुंचने में मददगार साबित होगा। अभी भारत के ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस का हिस्सा 6.3 प्रतिशत है।”
भारतीय वायुसेना (IAF) में अग्निवीरवायु की नौकरी पाने का आज आखिरी मौका है. इसके बाद आप इन पदों के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं. उम्मीदवार जो भी इन पदों के लिए अप्लाई करने के लिए इच्छुक और योग्य हैं, वे वायुसेना की आधिकारिक वेबसाइट agnipathvayu.cdac.in के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं.
इससे पहले इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 6 फरवरी थी.
अग्निवीरवायु भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा 17 मार्च को आयोजित की जाएगी. इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कई पदों पर बहाली की जाएगी. जो भी उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे सबसे पहले नीचे दिए गए तमाम खास बातों को ध्यान से पढ़ें.
अग्निवीरवायु के लिए चाहिए इतनी आयु सीमा उम्मीदवार जो भी इन पदों के लिए आवेदन कर रहे हैं, उनकी अधिकतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए. 02 जनवरी 2004 और 02 जुलाई 2007 (तारीखें शामिल) के बीच जन्मे उम्मीदवार आवेदन करने के योग्य हैं.
अग्निवीरवायु बनने की योग्यता इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान या बोर्ड से मैथ, फिजिक्स और अंग्रेजी के साथ इंटरमीडिएट/10+2/समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होनी चाहिए. उम्मीदवारों को इंजीनियरिंग (मैकेनिकल/इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स/ऑटोमोबाइल/कंप्यूटर साइंस/इंस्ट्रूमेंटेशन टेक्नोलॉजी/सूचना प्रौद्योगिकी) में 50% अंकों के साथ तीन साल का डिप्लोमा होना चाहिए. इसके साथ ही डिप्लोमा पाठ्यक्रम में अंग्रेजी में कुल 50% अंक होने चाहिए. देखें यहां आवेदन लिंक और नोटिफिकेशन IAF Agniveervayu Recruitment 2024 अप्लाई करने का लिंक IAF Agniveervayu Recruitment 2024 नोटिफिकेशन
ऐसे करें आवेदन IAF अग्निवीर की आधिकारिक वेबसाइट agnipathvayu.cdac.in पर जाएं. उस लिंक पर क्लिक करें, जहां IAF Agniveervayu Recruitment 2024 लिखा हो. एक नया टैब पेज ओपेन होगा. आवेदन फॉर्म भरकर शुल्क का भुगतान करें. इसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करके पेज डाउनलोड करें. आगे की आवश्यकता के लिए इसकी एक हार्ड कॉपी अपने पास रखें.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साल 2024 में आज रविवार को पहली बार मध्यप्रदेश पहुंच रहे हैं. लोकसभा चुनाव से पहले इस साल की उनकी यह ऐसी पहली यात्रा होगी. वे झाबुआ जिले के गोपालपुरा में आदिवासी समुदाय से रूबरू होकर प्रदेश के एक बड़े वर्ग को साधने का प्रयास करेंगे.
इस दौरान वे कई परियोजनाओं का उद्घाटन करने के साथ ही आदिवासियों और महिलाओं के लिए कुछ अहम घोषणाएं भी कर सकते हैं.
इस अवसर पर प्रधानमंत्री जिले में 7,300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे. राज्य भाजपा मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख आशीष अग्रवाल ने बताया कि गोपालपुरा में होने वाले सम्मेलन में देश भर से आदिवासी हिस्सा लेंगे. उनकी इस यात्रा को लोकसभा चुनाव की तैयारी के हिस्से के तौर पर भी देखा जा रहा है.
लोकसभा चुनाव से पहले इस साल राज्य में मोदी की यह पहली यात्रा होगी. राज्यों में सबसे अधिक मध्य प्रदेश में आदिवासियों के छह लोकसभा सीटें आरक्षित हैं. एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राज्य की आहार अनुदान योजना के तहत लगभग दो लाख महिला लाभार्थियों को मासिक किस्त भी देंगे.
प्रधानमंत्री की इस यात्रा को लोकसभा चुनाव के नजरिये से भी देखा जा रहा है. (फाइल फोटो)
योजना के तहत विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों की महिलाओं को पौष्टिक भोजन के लिए 1,500 रुपये प्रति माह प्रदान किए जाते हैं. प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत 1.75 लाख ‘अधिकार अभिलेख’ (भूमि अधिकारों का रिकॉर्ड) भी वितरित करेंगे.
आधिकारिक बयान में कहा गया है कि वह टंट्या मामा भील विश्वविद्यालय की आधारशिला रखेंगे जो राज्य के आदिवासी बहुल जिलों के युवाओं को सुविधाएं प्रदान करेगा. 170 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाला यह विश्वविद्यालय छात्रों के समग्र विकास के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा प्रदान करेगाण
कांग्रेस ने अपने नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। आचार्य प्रमोद कृष्णम को कांग्रेस ने 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया है।
प्रमोद कृष्णम हाल के दिनों में कई बार कांग्रेस के खिलाफ की बयान दे चुके थे। साथ ही कुछ दिनों से बीजेपी की जमकर तारीफ कर रहे थे। पीएम मोदी समेत बीजेपी के कई नेताओं से मुलाकात कर चुके थे।
क्यों कांग्रेस से बाहर हुए प्रमोद कृष्णम
आचार्य प्रमोद कृष्णम पर आरोप है कि वो पार्टी के खिलाफ बयानबाज़ी कर रहे थे, अनुशासनहीनता दिखा रहे थे, जिसके बाद पार्टी ने यह कदम उठाया है। कांग्रेस की ओर से कहा गया- “पार्टी के खिलाफ अनुशासनहीनता और बार-बार बयानबाजी की शिकायतों के मद्देनजर कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रमोद कृष्णम को तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने के उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।”
पीएम मोदी से की थी मुलाकात
कृष्णम ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर “श्री कल्कि धाम” के शिलान्यास समारोह के लिए उन्हें आमंत्रित किया था। इसके अलावा प्रमोद कृष्णम स्मृति ईरानी, राजनाथ सिंह से भी मुलाकात कर चुके हैं। पिछले कुछ समय से प्रमोद कृष्णम पीएम मोदी की जमकर तारीफ करते हुए कांग्रेस की आलोचना कर रहे थे।
पीएम मोदी की जमकर तारीफ
आचार्य प्रमोद ने इस महीने शिलान्यास समारोह का निमंत्रण स्वीकार करने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए उनका आभार भी जताया था। प्रमोद ने एक्स पर पीएम मोदी की तारीफ करते हुए लिखा था कि उनपर दिव्य शक्ति का आशीर्वाद है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा- “मैं पीएम मोदी से पहली बार मिला। मुझे यह कहने में कोई झिझक नहीं है कि पीएम पर किसी दैवीय शक्ति का आशीर्वाद जरूर है। मुलाकात के बाद मुझे जो महसूस हुआ उसे, मैं कह सकता हूं कि वह दैवीय शक्ति का प्रतीक है। मैं उन भावनाओं को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता। इसे शब्दों में वर्णित नहीं किया जा सकता है।”