जमशेदपुर. केपीएस बर्मामाइंस के छात्र अमर कुमार पोद्दार ने एसजीएफआई राष्ट्रीय स्तर ताइक्वांडो में प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह कार्यक्रम रांची के खेल गांव स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में 3 अक्टूबर से 5 तक का आयोजन था जिसमें की आज संपन्न हुआ। बता दे की एसबीएम स्कूल, मानगों के प्रांगण में सिलेक्शन ट्रायल के आधार पर केरला पब्लिक स्कूल बर्मामाइन्स के 12वीं कक्षा के छात्र अमर कुमार पोद्दार का चयन एसजीएफआई जिला के लिए किया गया था।
जिसमें अमर कुमार ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अर्जित कर राष्ट्रीय एसजीएफआई ताइक्वांडो प्रतियोगिता के लिए अपना स्थान चयनित किया। इस विषय में विद्यालय के ताइक्वांडो कोच सह खेल शिक्षक राकेश कुमार के उनके अच्छे प्रदर्शन के लिए बधाई दी और आगे उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं भी दी है।
जमशेदपुर : काशीडीह हाई स्कूल, जमशेदपुर के विद्यार्थियों ने नेशनल मेटलर्जिकल लेबोरेटरी (एनएमएल) का शैक्षिक दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य विद्यार्थियों को मेटलर्जी और विज्ञान के क्षेत्र में नवीनतम अनुसंधान और तकनीकी प्रगति के बारे में जागरूक करना था।
दौरे के दौरान, एनएमएल के वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों का स्वागत किया और उन्हें मेटल रिसर्च, टेस्टिंग और डेवलपमेंट की विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों को प्रयोगशाला के उन्नत उपकरणों और मेटल टेस्टिंग के आधुनिक तरीकों का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे उन्हें औद्योगिक प्रक्रियाओं की गहरी समझ प्राप्त हुई।
दौरे के दौरान विद्यार्थियों ने एनएमएल के रिसर्च और विकास कार्यों का अवलोकन किया, जिसमें उन्नत सामग्री, पर्यावरणीय सुरक्षा और इंडस्ट्रियल टेस्टिंग पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके साथ ही, विद्यार्थियों को नए शोध कार्यों और उनके औद्योगिक अनुप्रयोगों के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई।
काशीडीह हाई स्कूल के प्रधानाचार्य फ्रांसिस जोसेफ ने इस दौरे की सराहना की और कहा कि इससे छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने एनएमएल का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे शैक्षिक दौरों के आयोजन की उम्मीद जताई।
दौरे के अंत में विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और एनएमएल में बिताए गए समय को अपने शैक्षिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। इस शैक्षणिक दौरे में काशीडीह हाई स्कूल के शिक्षक कमलेश ओझा, ट्विंकल जग्गी एवं रीता पिल्लै का सहयोग रहा।
जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्तिथ एनी टाइम फिटनेस द्वारा नवरात्र के अवसर पर, फिटनेस के सदस्यों के लिए डांडिया नाइट के कार्यक्रम का आयोजन किया। सर्वप्रथम युवा सिख नेता सतवीर सिंह सोमू जो की फिटनेस क्लब के सदस्य भी है, उन्होंने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुवात की और उन्होंने उपस्थित सदस्यों को नवरात्र की बधाई दी।
आज के इस आयोजन में कई सदस्य उपस्थित रहे, कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिऐ मुख्य रूप से फिटनेस के मैनेजर नवीन कुमार, कोच विनोद सिंह शेखावत, हिमांसु कुमार, गणेश चंद्रा, चारु, साहिबा का सहयोग रहा।
जमशेदपुर : ब्लड बैंक द्वारा चंचल भाटिया से संपर्क किया गया तो सामाजिक दायित्व का निर्वाह करते हुए जमशेदपुर ब्लड बैंक में जाकर प्लेटलेट्स दान किए. उन्होंने 14वीं बार प्लेटलेट्स दान किया है. चंचल भाटिया इससे पूर्व 13 बार प्लेटलेट्स दान कर चुके हैं. ब्लड बैंक के डॉ संजय चौधरी ने चंचल भाटिया का आभार किया कि वे लगातार जरूरतमंद मरीजों के लिये प्लेटलेट्स एवं रक्तदान करते रहते हैं. यह प्रेरणादायक है.
भाजपा सिख नेता सतवीर सिंह सोमू ने कहा कि मौसम बदलाव के कारण डेंगू का प्रकोप आज कल बढ़ा हुआ है एवं प्लेटलेट्स के जरूरतमंद की कतार बढ़ती जा रही है. इस दौरान हौसला अफजाई के लिये ब्लड बैंक के प्रमुख डॉ. संजय चौधरी, सतबीर सिंह सोमू, इंद्रजीत सिंह इंदर, डॉ मनोज महतो, प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन के अरिजीत सरकार, हरभजन सिंह, आकाश सिंह, कुमारेश आदि उपस्थित थे.
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में शुक्रवार दोपहर सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में 14 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों की सीमा पर अबूझमाड़ जंगल में दोपहर करीब एक बजे मुठभेड़ शुरू हुई. इस दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद हुए.
पुलिस के मुताबिक, नारायणपुर-दंतेवाड़ा सीमावर्ती दक्षिण अबूझमाड़ के क्षेत्र में माओवादियो की उपस्थिति की सूचना मिलने पर नारायणपुर-दंतेवाड़ा पुलिस की टीम सर्च ऑपरेशन पर निकली थी. दंतेवाड़ा के एसपी गौरव राय ने कहा कि सर्चिंग के दौरान दोपहर एक बजे से लगातार पुलिस और माओवादियों के बीच गोलीबारी जारी है. पुलिस के अनुसार अब तक 14 नक्सली मुठभेड़ में मारे गए, वहीं AK 47, SLR सहित कई अन्य हथियार बरामद हुए.
नक्सलियों के गढ़ पर अटैक
फोर्स लगातार नक्सलियों के गढ़ पर अटैक कर रही है. बीते महीने नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत दंतेवाड़ा की पुलिस ने 8 नक्सलियों को मार गिराने में बड़ी सफलता हासिल की थी. वहीं इस बार भी बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए हैं. ऐसे में इन आंकड़ों को देखकर इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि नक्सलियों का सबसे मजबूत इलाका अबूझमाड़ भी अब उनके लिए सुरक्षित पनाहगाह नही रहा.
गुरुवार को नक्सल कैंप का हुआ था भंडोफोड़
बता दें कि सुरक्षा बलों ने गुरुवार को मुठभेड़ के बाद बस्तर क्षेत्र के सुकमा जिले में एक नक्सली शिविर का भंडाफोड़ किया था और भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामग्री बरामद की थी.
इस आईएएस अधिकारी का नाम है आईएएस मंजूनाथ भजंत्री. वह झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. 2011 बैच के आईएएस अफसर आईएएस मंजूनाथ भजंत्री और गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के बीच तानातनी चल रही है, जो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हो चुकी है.
अभी सरकार की ओर से जारी की गई तबादला सूची में आईएएस मंजूनाथ भजंत्री (IAS Manjunath Bhajantri) का भी नाम था. उन्हें रांची उपायुक्त बनाया गया है. जिस पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने आपत्ति भी दर्ज कराई है. रांची में उपायुक्त बनाए जाने से पहले मंजूनाथ भजंत्री मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसायटी रांची के पद के साथ अतिरिक्त प्रभार-मनरेगा आयुक्त के पद पर रांची में ही तैनात थे. बता दें कि आईएएस मंजूनाथ भजंत्री आईआईटी बॉम्बे से ग्रेजुएट हैं और ग्रामीण पष्ठभूमि से आते हैं. 2010 में यूपीएससी पास करने के बाद वह आईएएस बने थे.
किन किन पदों पर रहे मंजूनाथ झारखंड में एडीएम गुमला के पद से वर्ष 2012 में अपने प्रशासनिक करियर की शुरूआत करने के बाद मंजूनाथ भजंत्री रांची, खूंटी, लोहरदगा आदि जगहों पर भी रहे. इसके अलावा वह एनर्जी डिपार्टमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर भी रहे. मंजूनाथ भजंत्री माइन्स एंड जियोलॉजी डिपार्टमेंट, एग्रीकल्चर व एनिमल हैसबेंडरी डेयरी डिपॉर्टमेंट भी रहे. 2019 में प्रतिनियुक्ति पर नीति आयोग के वाइस चेयरमैन के पर्सनल सेक्रेटरी भी रहे. इसके बाद 6 मार्च 2020 से मिनिस्टर ऑफ स्टेट रेलवे के पर्सनल सेक्रेटरी रहे. 4 नवंबर 2020 को वह अपने मूल कैडर झारखंड में वापस लौटे, जिसके बाद वह अलग अलग कई पदों पर तैनात रहे. अब उन्हें रांची का उपायुक्त बनाया गया है.
सांसद और आईएएस के बीच क्या है विवाद 31 अगस्त 2022 को देवघर डीसी रहते मंजूनाथ भजंत्री और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बीच एयरपोर्ट में एंट्री को लेकर कुछ विवाद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने भाजपा सांसद समेत 9 लोगों पर एफआईआर दर्ज किया गया. एफआईआर में आरोप लगाया गया कि संबंधित लोगों ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल में घुसकर चार्टर्ड प्लेन के उड़ान के लिए जबरन क्लियरेंस ली. हालांकि दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने इस मामले को निरस्त कर दिया था. सांसद के खिलाफ देवघर प्रशासन की ओर से पांच थानों में मामला दर्ज कराया गया था, वहीं सांसद की ओर से आईएएस की शिकायत चुनाव आयोग में की गई थी. चुनाव आयोग ने आईएएस मंजूनाथ भजंत्री से जवाब मांगा और उन्हें हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दिया था.
फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसे ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर मोबाइल, फ्रीज, एसी, कूलर समेत कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अन्य प्रोडक्ट्स पर तगड़ा डिस्काउंट मिलता है, साथ में उन पर बैंक क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर अतिरिक्त छूट भी मिलती है.
ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर ये ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म इतना सस्ता सामान कैसे बेचते हैं. क्योंकि, जो मोबाइल बाजार में 11000 का मिल रहा है वह ऑनलाइन 9000 का मिल जाता है.
ई-कॉमर्स साइट पर मिलने वाले तगड़े डिस्काउंट के कारण ज्यादातर लोग मार्केट के बजाय ऑनलाइन सामान खरीदना पसंद कर रहे हैं. इस वजह से खुदरा कारोबारियों को काफी नुकसान हो रहा है. व्यापारियों के संगठन ‘कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स’ (CAIT) और खुदरा मोबाइल विक्रेताओं के संगठन ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) से फ्लिपकार्ट और अमेजन के ऑपरेशन तुरंत निलंबित करने की मांग की है. इन व्यापरी संगठनों ने फ्लिपकार्ट और अमेजन पर गंभीर आरोप लगाए, साथ ही यह बताया कि आखिर कैसे ये ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म प्रोडक्ट्स पर इतना तगड़ा डिस्काउंट देते हैं.
व्यापारी संगठनों ने बताया सच!
फ्लिपकार्ट और अमेजन पर इतने सस्ते सामान क्यों मिलते हैं, इसे लेकर लोगों के बीच अलग-अलग कई थ्योरी हैं. कुछ लोगों के बीच धारणा है कि ये प्लेटफॉर्म सीधे कंपनी से माल उठाते हैं और बेच देते हैं. ऐसे में सामान सस्ता पड़ता है. लेकिन, व्यापारी संगठनों ने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियां अवास्तविक मूल्य निर्धारण में शामिल हैं और प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट देने के लिए नकदी खर्च कर रही हैं. कैट और एआईएमआरए ने कहा कि इस अनफेयर प्रैक्टिस के कारण मोबाइल फोन का एक अनधिकृत बाजार या ग्रे मार्केट बन रहा है. इस तरह के बाजार में कारोबारी टैक्स की चोरी करते हैं, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हो रहा है.
नकदी लुटा रही ये कंपनियां
व्यापारी संगठनों का आरोप है कि फ्लिपकार्ट और अमेजन ने फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) पॉलिसी और अन्य एक्सचेंज फ्रेमवर्क का उल्लंघन कर रहे हैं. दिल्ली से बीजेपी सांसद और कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, ”फ्लिपकार्ट और अमेजन, अवास्तविक मूल्य निर्धारण, बंपर डिस्काउंट दे रहे हैं और इससे होने वाले घाटे को लेकर उन्हें वित्तीय मदद मिल रही है, वे जो भी निवेश ला रहे हैं, उसका इस्तेमाल नकदी खर्च करने और भारत में अपने ऑपरेशन के दौरान होने वाले घाटे को पूरा करने के लिए किया जा रहा है.”
एआईएमआरए के संस्थापक और चेयरमैन कैलाश लख्यानी ने आरोप लगाया कि कुछ ब्रांड और बैंक भारी छूट के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ सांठगाठ कर रहे हैं. एआईएमआरए ने ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ कथित तौर पर मिलीभगत करने के लिए चीनी मोबाइल फोन विनिर्माताओं वनप्लस, आईक्यूओओ और पोको के ऑपरेशन को निलंबित करने की मांग की है.
झारखंड के संथाल परगना में जन सांख्यिकीय बदलाव को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बांग्लादेशी घुसपैठिए आदिवासी परिवारों को कर्ज में फंसा रहे हैं फिर कर्ज से छुटकारा पाने के लिए उनकी बेटियों की शादी कर रहे हैं.
यह रिपोर्ट अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा द्वारा राष्ट्रपति, झारखंड के राज्यपाल केंद्रीय गृह मंत्री को सौंपी गई थी, यह आयोग के सदस्यों द्वारा संथाल परगना के छह जिलों में किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है.रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बांग्लादेशी आदिवासी महिलाओं से शादी करते हैं फिर उन्हें राजनीति में लाकर सत्ता पर कब्जा कर लेते हैं. उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान बनाने की आड़ में वे जमीन पर कब्जा कर राशन कार्ड आधार कार्ड हासिल कर लेते हैं. जो कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है.
32 पन्नों की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
32 पन्नों की रिपोर्ट संथाल परगना की जनसांख्यिकी में बड़े पैमाने पर बदलाव के बारे में बताता है क्योंकि 1971 के बाद साहिबगंज अन्य जिलों में बांग्लादेशी घुसपैठिए तेजी से बढ़ रहे हैं. एसटी आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि “घुसपैठियों के असल नंबर का पता लगाना मुश्किल है क्योंकि बांग्लादेशी घुसपैठियों के आंकड़े बदलते रहते हैं. लेकिन जांच के दौरान ऐसे सबूत मिले हैं जो बड़े पैमाने पर बांग्लादेशी घुसपैठ की पुष्टि करते हैं.
भुगतान ना करने पर बेटियों से शादी
आशा लकड़ा ने कहा “साहिबगंज में आदिवासी परिवारों को 5000 रुपये का ऋण देकर उन्हें कर्ज के जाल में फंसाया जा रहा है. जिससे कुछ ही महीनों में धीरे-धीरे 50,000 रुपये से अधिक का कर्ज हो जाता है. भुगतान ना करने पर बांग्लादेशी कर्ज के चलते अपनी बेटियों से शादी करने की मांग करते हैं. इसके बाद उन्होंने बताया कि वे नोटरी से प्राप्त दान पत्रों के माध्यम से आदिवासी जमीन पर भी कब्जा कर लेते है. संथाल परगना टेनेंसी (एसपीटी) अधिनियम के तहत, आदिवासी अपनी जमीन किसी को नहीं बेच सकते हैं इसलिए घुसपैठियों ने उनकी जमीन हड़पने का एक नया तरीका ढूंढ लिया है. घुसपैठिए फर्जी दस्तावेज तैयार करके आदिवासियों से दान पत्र प्राप्त करते हैं फिर जमीन दान कर देते हैं. जिसका उपयोग अवैध काम के लिए किया जाता है.
बांग्लादेशी घुसपैठियों ने बसाया देश
लकड़ा के मुताबिक, आदिवासी परिवार को इसके एवज में पैसे की पेशकश भी की जाती है. “बांग्लादेशी पहले आदिवासी महिलाओं से शादी करते हैं फिर उन्हें राजनीति में लाते हैं उन्हें ग्राम प्रधान बनाने की आड़ में अपने स्वार्थों को पूरा करने के लिए सत्ता पर कब्ज़ा कर लेते हैं. वे आदिवासी जमीन पर कब्जा करके राशन कार्ड आधार कार्ड प्राप्त करते हैं जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है. उन्होंने कहा, संथाल परगना में ‘जमाईपाड़ा’ (जमाईटोला) जैसी कई ऐसी छोटी-छोटी बस्तियां या समूह हैं, जहां बांग्लादेशी घुसपैठियों ने आदिवासी लड़कियों से शादी करके गांव बसा लिए हैं.
भूमि-जिहाद के जरिए फंसाया
लाकड़ा ने कहा, “इसके अलावा, अगर किसी पहाड़िया या आदिवासी परिवार के पास अधिक जमीन संपत्ति है, तो बांग्लादेशी घुसपैठिए लव जिहाद के जरिए लड़कियों से शादी करके ‘भूमि-जिहाद’ के जरिए उन्हें फंसा रहे हैं.इसके बाद उन्होंने बताया कि एट्रोसिटी एक्ट लागू होने के बावजूद एसटी समुदाय के लोगों को प्रावधानों के तहत अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि जब एसटी समुदाय के लोग एट्रोसिटी एक्ट का मामला दर्ज कराते हैं तो प्रशासन द्वारा मामले को संज्ञान में नहीं लिया जाता है.
संगम नगरी प्रयागराज श्रृंगवेरपुर धाम में एक मंदिर से चोरी की गई मूर्ति को चोर वापस लौटा गया. मंदिर से मूर्ति चोरी के मामले में नवाबगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी. मूर्ति को पुलिस बरामद नहीं कर पाई. खुद चोर ने ही मंदिर के पास माफीनामे के साथ मूर्ति को छोड़कर चला गया.
मंदिर से चोरी हुई अष्टधातु की बेशकीमती राधा-कृष्ण की मूर्ति चोरी के आठ दिन बाद वापस मिलने को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. अनूठा मामले को लेकर कुछ लोग इसे कलयुग में भगवान का चमत्कार मान रहे हैं.
शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर श्रृंगवेरपुर धाम के गऊ घाट आश्रम से राधा-कृष्ण की अष्टधातु की सैकड़ों साल पुरानी मूर्ति 24 सितंबर को मंदिर का ताला तोड़कर चोरी कर ली गई थी. मंदिर के पुजारी फलाहारी महंत स्वामी जयराम दास महाराज ने एफआईआर दर्ज कराई गई थी. पुलिस ने दो संदिग्धों को भी हिरासत में लिया था लेकिन मूर्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी. इस बीच मंगलवार को सुबह करीब 11:30 बजे हरिया कोखराज के सर्विस लेन पर आश्रम के सामने किसी व्यक्ति ने मूर्ति देखी. उसने आश्रम के महंत को इस बात की जानकारी दी.
मूर्ति के साथ मिला एक पत्र
मंदिर के महंत और पुलिस मौके पर पहुंचे. मूर्ति को अपने कब्जे में ले लिया. मूर्ति को जब देखा गया तो उसके साथ एक पत्र भी मिला. यह पत्र ही चोर का माफीनामा था. इसमें लिखा था कि अज्ञानता बस उसने मंदिर से अष्टधातु की मूर्ति चुरा ली थी लेकिन मूर्ति चुराने के बाद से ही उसे डरावने सपने आ रहे थे. उसके बेटे की भी तबीयत खराब हो गई थी जिससे उसे अपनी गलती का अहसास हुआ. उसने माफीनामे में यह भी लिखा है कि भगवान राधा-कृष्ण की मूर्ति को बेचने के लिए उसने उसके साथ छेड़छाड़ की है, इसके लिए भी वह ईश्वर से माफी मांग रहा है. चोर ने मंदिर के पुजारी से माफीनामे में मूर्ति को दोबारा मंदिर को स्थापित किए जाने की भी अपील की.
कुछ भी कहने से बच रही पुलिस
फिलहाल नवाबगंज थाना पुलिस ने कानूनी कार्रवाई के बाद मूर्ति को आश्रम के महंत को सौंप दिया है. मंदिर के महंत फलाहारी स्वामी जयराम दास महाराज ने पूजा-अर्चना के बाद मूर्ति को मंदिर में दोबारा स्थापित कर दिया है. मंदिर से प्रतिमा चुराए जाने के बाद चोर के हृदय परिवर्तन और माफनामे की इलाके में खूब चर्चा हो रही है. हालांकि पुलिस इस मामले में अभी कोई भी बयान देने से बच रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मंदिर का ताला तोड़कर मूर्ति चोरी की एफआईआर नवाबगंज थाने में दर्ज है. ऐसे में पुलिस माफी नामा लिखकर मूर्ति लौटने वाले चोर की तलाश कर रही है. पुलिस फजीहत से बचने के लिए बगैर चोर को गिरफ्तार किए हुए बयान देने से कतरा रही है.
जमशेदपुर : सेवा ही लक्ष्य के संस्थापक पीयूष ठाकुर ने आगामी त्यौहारों को लेकर नौजवानों से विनम्र अनुरोध किया है कि इस साल दुर्गा पूजा में एक संकल्प ले कि अपने परिवार के लिए शराब पीकर गाड़ी न चलाएं। उन्होंने आगामी दुर्गा पूजा में एसएसपी साहेब और डीसी महोदय एवं जिला प्रशासन से विनम्र निवेदन है कि हर-एक चौक चौराहे पर विषेश रूप से निगरानी की जाए। जो युवक शराब पीकर रैश ड्राइविंग करते है उनके ऊपर सख्त करवाई हो।
जमशेदपुर पूर्व और पश्चिम में होने वाले छोटे एवं बड़े दुर्गा पूजा पंडालों में आम जनता की सुरक्षा हेतु पुलिस कर्मी तैनात की जाए, जिस से पूजा समितियों को और पंडाल में आये हुए श्रद्धालु को भी अच्छा सहयोग मिल सके ताकि वह दुर्गोउत्सव धूम धाम हर्षोल्लास के साथ बिना किसी अनहोनी के साथ संपन्न कर सके।