सीनी : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सीनी संस्थान में भी योग दिवस मनाया गया। सीनी स्थित रेलवे इंस्टीट्यूट सीनी में मुख्य अतिथि सहायक कार्मिक पदाधिकारी कारखाना के श्री पी रवि किरण योगा शिक्षक श्री सुदर्शन राव, श्री राजेश कुमार, वरिष्ठ अनुभाग अभियंता चितरंजन पटनायक, आर के दास, राजेश प्रसाद, अरविंदो सतपती के द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया और योगा शिक्षक को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सुदर्शन राव, राजेश कुमार ने योगा के विभिन्न प्रकार के योगा टिप्स योगासन बताये।
इस कार्यक्रम में कर्मचारी, शिक्षक, विद्यार्थियों ने भाग लिया अंत में प्रतिभागियों को प्रथम श्रुति प्रधान, द्वितीय अनुष्का दास घोष, तृतीय गौतम कुमार को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से पी रवि किरण, चितरंजन पटनायक, देवाशीष दास, व्यास कुमार रजक, कमल पंडा, अजय प्रसाद, पवित्रो महतो इत्यादि उपस्थित थे।
जमशेदपुर : झारखंड सरकार द्वारा जातिगत सर्वेक्षण के निर्णय पर भाजपा नेता राजीव रंजन सिंह (सेवानिवृत आईपीएस) ने पटना उच्च न्यायालय द्वारा नीतिगत निर्णय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिहार सरकार द्वारा 9 नवंबर 2023 को जातिगत जनगणना के आधार पर एस.सी, एस.टी, ई.वी.एस के आरक्षण सीमा को 50%से बढ़ा कर 65% किया गया था, इस पर पटना उच्च न्यायालय ने संविधान के विरुद्ध और धारा 14,15 और 16 का उल्लंघन करार करते हुए रद्द कर दिया गया है।
श्री सिंह ने झारखंड सरकार के मुखिया को इस मामले को देखते हुए गंभीरता से विचार करने का सलाह देते कहा है कि जाति सर्वेक्षण से झारखंड में कोई लाभ नहीं होने वाला है। इसे हमारी बगल के राज्य में अमान्य कर दिया है कानून के आधार पर।
जाति जनगणना,बाहरी भीतरी के चक्कर को छोड़ कर झारखंड के विकास पर ध्यान आकर्षित ज्यादा लाभदायक होगा,क्युकी झारखंड राज्य विकसित होगा तभी यहां रहने वाले सभी जातियों का विकास होगा। पहले ही यहां के लोग आदिवासी और गैर आदिवासी, बाहरी भीतरी जैसी भावना युवा वर्ग में आ गई है, इससे और दूरियां बढ़ेगी ही।
जमशेदपुर : 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर विहिप बजरंगदल जमशेदपुर महानगर के बैनर तले संगठन के सदस्यों ने साकची स्थित जुबलीपार्क और गोविंदपुर में स्कूली बच्चों के साथ योग दिवस मनाया। निरोग और उत्तम स्वास्थ्य शरीर हेतू प्राचीन काल मे ही हमारे पूर्वज ऋषि मुनियों द्वारा योग की क्रियाओं की खोज की गई। जिससे मनुष्य शरीर विभिन्न रोग से सदा मुक्त रहे तथा आंतरिक रूप से शरीर मजबूत और स्वस्थ रहे। जिससे मनुष्य का जीवनकाल रोगमुक्त और दीर्घायु बना रहे।
योग दिवस के मौके पर विहिप विभाग विशेष संपर्क प्रमुख एवं प्रांत प्रचार टोली सदस्य हरेराम ओझा जी, जिला से मंत्री चंद्रिका भगत , उपाध्यक्ष गोपी राव, सहमंत्री उतम कुमार दास, बजरंगदल सह संयोजक चंदन दास, दुर्गावाहिनी संयोजिका पूनम रेड्डी, सोनारी प्रखंड मंत्री राजेश ठाकुर, कदमा प्रखंड संयोजिका लक्की कर्मकार, बजरंगदल सहसंयोजक रोहित जगदल्ला जी व अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे।
चाईबासा : केन्द्र और राज्य सरकार के किसी भी जातीय सूची में मुंडारी जाति अंकित नहीं है। कोल्हान प्रमंडल के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला खरसावाँ के मूल मुंडा जनजाति के सर्वे सेटेलमेंट के समय खतियान में मुंडारी जाति दर्ज होना आदिवासी के साथ धोखा है। मुंडारी, मुंडा जनजाति की भाषा है न की जाति। मुंडारी जातीय विसंगति एक गंभीर मामला है। इसे निदान किए बगैर मूल मुंडा समाज का विकास असंभव है। यह बातें मनोहरपुर प्रखंड के ग्राम गिन्दुंग में डॉक्टर रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान, झारखंड सरकार रांची द्वारा आयोजित सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण में हुए बैठक को संबोधित करते हुए आदिवासी मुंडा समाज विकास समिति के केंद्रीय अध्यक्ष बुधराम लागुरी ने कही।
श्री लागुरी ने कहा कि गत 30 जून 2015 को समिति की ओर से सचिव, भू राजस्व विभाग, झारखंड सरकार को एक आवेदन लिख कर मांग की गई थी कि प्रमंडल के तीनों जिलों के अधिकांश गांव में मूल मुंडा जनजाति के लोगों के खतियानो में जाति मुंडारी अंकित हो गया है। इसलिए इस जातीय विसंगति को दूर कर लोगों को न्याय देने की जरुरत है। जबकि मुंडारी एक मुंडा जनजाति की भाषा है। श्री लागुरी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के किसी भी जातीय सूची में मुंडारी जाति अंकित नहीं होने के कारण मूल मुंडा जाति के लोगों को जाति प्रमाण पत्र कानूनन रुप में नहीं मिल रही है। लेकिन बुधराम लागुरी द्वारा सरकार को लिखा गया पत्र के आलोक में शोध संस्थान रांची ने 8 वर्षों बाद इस पर हो रही कार्रवाई से समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है।
इस मौके पर समाजसेवी शंकर सिंह मुंडारी ने कहा कि 1964 के सर्वे सेटेलमेंट में एक साजिश के तहत मूल मुंडा के खतियान में मुंडारी जाति अंकित किया गया , जिसके कारण अब कानूनन रुप से जाति प्रमाण पत्र बनाने दिक्कत हो रही है। इस मामले को लेकर पूर्व में भी कई बार सरकार को स्तिथि से अवगत कराया गया था। परंतु सरकार की ओर अब जाकर इस पर कार्रवाई होना सुखद कार्य है। श्री मुंडारी ने कहा कि वर्ष 2002 में मुंडारी जातीय विसंगति को लेकर झारखंड सरकार के शोध संस्थान रांची से सहायक निदेशक श्री सोमा सिंह मुंडा के नेतृत्व में गांव गांव जाकर शोध प्रतिवेदन तैयार किया गया था और पाया गया कि खतियान में दर्ज मुंडारी लोग मूल रूप से मुंडा वंशज के ही हैं।
इस मैके पर पान/ तांती समाज के राजू पान, कृष्णा चंद्र मुंडारी, कुंपाट मुंडा समाज के अध्यक्ष नंदलाल मुंडारी, उपाध्यक्ष जयराम मुंडारी, सचिव साधुचरण समद, पूर्ण चंद्र पड़ेया, लक्ष्मण सोय, शशि नाग, रामचंद्र हेंब्रम, बीरेंद्र हेंब्रम, लक्ष्मण मुंडारी, भगवान विरगम समेत काफी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे।
जमशेदपुर : आज जमशेदपुर से हेमकुंड साहिब के लिए गुरु रामदास सेवक जत्था के सोलह श्रद्धालु रवाना हुए। जिसमें सिख नौजवान सभा के अध्यक्ष अमरीक सिंह भी शामिल हैं। श्रद्धालुओं का यह जत्था सड़क मार्ग के द्वारा हेमकुंड साहिब जा रही है। जत्था का कारवां जमशेदपुर से ऋषिकेश होते हुए गोविंदघाट, उसके बाद हेमकुंड साहिब, फिर पोंटा साहिब से अमृतसर के अनंदपुर साहिब और डेरा साहिब होते हुए जमशेदपुर वापस आएगी।
सभी श्रद्धालुओं को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रविंदर सिंह रिंकू ने पूरे भक्ति भाव के साथ रवाना किया और सभी के अच्छे से दर्शन हो इसके लिए अरदास भी किया। जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं में सिख नौजवान सभा के अध्यक्ष अमरीक सिंह, हरविंदर सिंह, हैप्पी सिंह, हरि सिंह, हन्नी सिंह, सन्नी सिंह, मोनी सिंह, बंटू सिंह, राजू सिंह, रमन सिंह, साबी एवं अन्य श्रद्धालु शामिल थे।
जमशेदपुर : जमशेदपुर लोक सभा 2024 में सिख मतदाताओं का वोटिंग पैटर्न परंपरागत ही रहा है। साल 1984 के बाद से इन्हें कांग्रेस विरोधी माना जाता रहा है और इसका लाभ भाजपा को मिलता रहा है। इस बार भी अपवाद नहीं रहा है और सिखों ने भाजपा उम्मीदवार को निराश नहीं किया। कई मुद्दों का हवाला देते हुए गिनती के सिख नेताओं ने भाजपा को शहरी इलाके में घेरने की कोशिश की परंतु नाकाम साबित हुए।
यहां एक तो देश में मोदी मैजिक बरकरार था वहीं विद्युत वरण महतो की सादगी विरोधियों पर भारी पड़ गई। लोकसभा चुनाव में झारखंड सिख विकास मंच के संस्थापक गुरदीप सिंह पप्पू भाजपा के युवा नेताओं के साथ दिखे और इन्होंने जमकर मेहनत की और इसका परिणाम भी पक्ष में आया।
चुनाव आयोग ने चुनावी परिणाम को सार्वजनिक कर दिया है और उससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर गुरदीप सिंह पप्पू, सतवीर सिंह सोमू, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रविंदर सिंह रिंकू, जोगिंदर सिंह जोगी, मनजीत गिल, चंचल भाटिया, चिंटू सिंह, नवजोत सिंह सोहल, रॉकी सिंह, इंदर सिंह इंदर, जत्थेदार कुलदीप सिंह, दलजीत सिंह सरीखे नेता बम बम हैं। बुधवार को प्रेस वार्ता कर इन्होंने सिख बहुत इलाकों में भाजपा प्रत्याशी विद्युत वरण महतो को मिले सिख मतों के आधार पर समुदाय के प्रति आभार जताया है।
टूइलाडूंगरी, नामदा बस्ती, 10 नंबर बस्ती, मनीफीट, जेम्को, साकची गुरुद्वारा बस्ती, बिरसानगर, फौजा बगान, रिफ्यूजी कॉलोनी, अर्जुन बागान के बूथ पर भाजपा प्रत्याशी को जितने मत मिले हैं। उसके अनुपात में इंडी गठबंधन के प्रत्याशी समीर कुमार महंती को दस से पंद्रह प्रतिशत मत ही हिस्से में आए हैं। यह बीजेपी विरोधी मुख्य पार्टी को प्राप्त होने वाला वही ट्रेंड है, जो 1985 से दिख रहा है। फिर 1995 से रघुवर दास की जीत होती रही और उन्होंने इलाके के गुरुद्वारों के विकास उन्नयन के लिए ढेर सारा काम किया, जिसका लाभ भाजपा को मिलता रहा है और इस बार भी दिख गया।
जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो रामदास भट्टा, मानगो गुरुद्वारा बस्ती, उलीडीह पंजाबी लाइन में भी बड़े अंतर से समीर महंती पीछे रहे हैं। गुरदीप सिंह पप्पू एवं सतबीर सिंह सोमू के अनुसार प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी ने पिछले 10 साल के कार्यकाल में सिख समुदाय के हित में जितने कार्य किए हैं उतना पिछले 60 सालों में भी नहीं हुआ था। उनके अनुसार कुछ स्वार्थी तत्वों ने देश भर में सिख समुदाय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा का विरोधी साबित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। सोशल मीडिया में जमकर प्रधानमंत्री एवं भाजपा के खिलाफ जहर उगला जाता रहा। उन्हें पंजाब के नतीजे से सबक लेना चाहिए।
भले ही पंजाब में भारतीय जनता पार्टी ने सीटें नहीं जीती परंतु मत का प्रतिशत दुगना-तिगुना बढ़ा है। पंजाब के सरदार हरदीप सिंह पुरी को पूर्व की भांति कैबिनेट मंत्री तथा रवनीत सिंह बिट्टू को रेल राज्य मंत्री बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने साबित कर दिया है कि सिख पंथ एवं इसके राष्ट्रवाद के सिद्धांत उनके और इस देश के लिए कितने जरूरी हैं।
जमशेदपुर : नए एवं पुराने न्यायालय परिसर में इन दिनों जमकर टिकटों की कालाबाजारी हो रही है। निर्धारित कीमत से ज्यादा कीमत जरूरतमंद ग्राहकों से वसूले जा रहे हैं। स्टांप पर ज्यादा कीमत वसूल करने वाले वेंडर अलग-अलग व्यक्तियों से वकालतनामा की अलग मूल्य वसूलते हैं। अन्य स्टेशनरी की कीमत भी बाजार से दुगने कीमत पर बेच रहे हैं। शायद ही कोई विरला स्टांप वेंडर है जो इमानदारीपूर्वक निर्धारित कीमत पर ही स्टांप एवं अन्य टिकट बिक्री कर रहा है।
यह कार्य पिछले कई दिनों से चल रहा है और अधिवक्तागण खामोश रहते हैं, क्योंकि उनके पॉकेट पर इसका बोझ नहीं पड़ता है। जरूरतमंद मुवक्किल के पास कोई विकल्प नहीं होने के कारण ज्यादा कीमत पर वेंडर से सामग्री खरीदने को मजबूर रहता है। अब तो आलम यह है कि बार एसोसिएशन द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले वकालतनामा एवं अधिवक्ता कल्याण कोष का टिकट ज्यादा कीमत पर बेचा जाने लगा है।
बुधवार की सुबह वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने अपने एक मुवक्किल सुशांत धीवर को ₹100 मूल्य का टिकट लाने के लिए भेजा। वह नए न्यायालय परिसर के नए बार भवन स्थित दुबे लॉ हाउस गया। संचालक में ₹100 की बजाय उसे 110 रुपए कीमत वसूल किया। उक्त जानकारी जब अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू को मिली तो वह संचालक के पास गए। संचालक में गलती के लिए न माफी मांगी ना खेद जताया। बल्कि उसने 110 रुपए वापस कर दिए और कहा कि आप टिकट वापस कर दीजिए। अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने उसे टिकट वापस कर दिए और दूसरे दुकानदार से टिकट खरीदे। दुकानदार ने अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू को देखा तो उसने उससे ज्यादा कीमत नहीं लिया।
सुधीर कुमार पप्पू ने बार एसोसिएशन से इसकी लिखित शिकायत की है और कार्रवाई करने का आग्रह किया है। वहीं इसकी प्रतिलिपि उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम को भी उन्होंने भेज दी है। उन्होंने उपायुक्त से आग्रह किया है कि समय-समय पर इसकी विजिलेंस जांच होनी चाहिए। जिससे आम आदमी को इस तरह की कालाबाजारी का सामना नहीं करना पड़े।
जमशेदपुर : बारीडीह गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान और राष्ट्रीय सनातन सिख सभा के संयोजक अधिवक्ता कुलविंदर सिंह ने टीनप्लेट गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सुरजीत सिंह खुशीपुर से आग्रह किया है कि वह सीजीपीसी को जेबी संस्था बनाने से रोकें और संविधान का कड़ाई से पालन करवाएं। सुरजीत सिंह मुझे नहीं बल्कि प्रधान सरदार भगवान सिंह को निशाने पर ले रहे हैं।
क्योंकि वह पहले अकेले सलाहकार थे और अभी आलम यह है कि रोज नए – नए लोगों को सलाहकार का पद रेवड़ी की तरह बांटा जा रहा है। अब भगवान सिंह को पूरे जमशेदपुर की संगत को बताना चाहिए कि वह संविधान का पालन कब और कैसे करेंगे? नियम के विपरीत तीसरी बार मानगो कमेटी के प्रधान बने? अंगुली उठी तो शहर के लोगों को यह बता दिया गया कि मेरा रिश्तेदार हरजिंदर सिंह प्रधान बन गया है? भगवान सिंह खुलासा करें कब वहां आम सभा हुई थी. फिर भगवान से यह भी बताएं क्या संविधान का पालन कर उनका चुनाव हुआ था?
एक राजनीतिक दल को खुलेआम समर्थन देने का क्या संविधान में प्रावधान है? मुझे सनातनी कहने वाले सिख मिशनरी कॉलेज के लोगों पर कब टिप्पणी करेंगे? भगवान सिंह बताएं संविधान के किस प्रावधान के तहत मुझे हटाया और मेरी कमेटी भंग की? एक तरफ प्रधान भगवान सिंह कहते हैं कि इलाके की हदबंदी होनी चाहिए। जब सुरजीत सिंह खुशीपुर ने बहादुर बागान अर्जुन बागान को अपने इलाके से बाहर कर दिया तो बारीडीह कार्यकारिणी की बैठक में 10 नंबर बस्ती को बाहर कर दिया गया।
सुरजीत सिंह यह भी बताएं कि उन्होंने अपने भाई कुलदीप सिंह खुशीपुर को कैसे क्लब में तंदूर चूल्हा अथवा फूलों की सजावट का काम संविधान के किस प्रावधान के तहत दिया है? 12 अप्रैल 2022 के बारीडीह के समझौते को सुरजीत सिंह खुशीपुर अच्छी तरह बार-बार पढ़ें, उसमें कई लोग पंच हैं और उनकी अनदेखी नहीं हो सकती? असल में सुरजीत सिंह खुशीपुर संविधान की व्याख्या केवल अपने और अपने हितों की पूर्ति के लिए करते हैं और सामने वाले को बेवकूफ समझते हैं?
जमशेदपुर : सिख जगत के मशहूर इतिहासकार एवं कविशर जसबीर सिंह मत्तेवाल एवं उनके दामाद हरचरण प्रीत सिंह के दसहरा समागम अंतिम अरदास गुरु रामदास की नगरी अमृतसर के तरनतारन रोड स्थित गुरूद्वारा संग्राणा साहिब में संपन्न हुई, जिसमें सिखों की सिरमौर संस्था श्री अकाल तख्त साहब के जत्थेदार सिंह साहब ज्ञानी रघुवीर सिंह, खडूर साहब के सांसद अमृतपाल सिंह के चाचा, पूर्व मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया, दमदमी टकसाल के मुख्य प्रवक्ता सुखदेव सिंह सहित कौम की नामचीन सिख संस्थाओं के मुखी शामिल हुए। दर्शन एवेन्यू स्थित आवास में साधारण पाठ का भोग डालने के उपरांत बड़ी संख्या में लोग गुरुद्वारा साहिब में उपस्थित हुए।
तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के महासचिव सरदार इंद्रजीत सिंह, पूर्व जत्थेदार रंजीत सिंह गौहर ए मस्कीन, टाटा मोटर्स यूनियन के अध्यक्ष गुरमीत सिंह तोते, साकची गुरुद्वारा साहिब कमेटी के चेयरमैन सतनाम सिंह सिद्धू, सीजीपीसी महासचिव गुरु चरण सिंह बिल्ला के परिवार के साथ जमशेदपुर से लगभग 30 लोग शामिल हुए। तीन घंटे तक शब्द कथा विचार हुई। सरदार इंद्रजीत सिंह, दमदमी टकसाल के मुख्य प्रवक्ता सुखदेव सिंह, तरसेम सिंह रियाड़, परविंदर पाल सिंह बुटड़ आदि ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कविसर जसबीर सिंह मतेवाल एवं उनके दामाद तथा श्री अकाल तख्त साहब जी के मुख्य ग्रंथी सिंह साहब मलकीत सिंह के पुत्र हरचरण प्रीत सिंह की असामयिक मौत पर शोक जताते हुए कहा कि ये कौम के अनमोल हीरे थे। हमें वाहेगुरु का भाणा मानना है।
उपस्थित मतेवाल के बुजुर्ग पिता जोगिंदर सिंह, पत्नी, बेटी, रिश्तेदार, शुभचिंतक सैकड़ो लोगों की आंखें तब द्रवित हो गई जब हरचरनप्रीत सिंह के दो वर्षीय भुजंगी को सिंह साहब ज्ञानी रघुवीर सिंह ने अकाल तख्त साहब की ओर से दस्तार भेंट की। तख्त श्री दमदमा साहिब, तख्त श्री केशगढ़ साहिब आनंदपुर, दमदमी टकसाल, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी प्रधान अधिवक्ता हरजिंदर सिंह धामी, बाबा बुद्ध निहंग तरना दल, विधिचंद बाबा बुड्ढा निहंग दल के साथ ही कई जत्थेबंदियों की और से मतवाल के बेटे को भी दस्तार भेंट की गई। ज्ञानी सर्वजीत सिंह, गुरु चरण सिंह, किरनजोत कौर, वरयाम सिंह, गुरमीत सिंह, जीवन सिंह, मेजर सिंह सोढ़ी सहित देश विदेश से नामी हस्तियां शामिल रहीं।
जमशेदपुर : इस बार जमशेदपुर में भीषण गर्मी पड़ रही है और स्कूली बच्चों को काफी दिक्कत हो रही है। सरकार से मांग है कि सरकारी और निजी सभी स्कूलों के क्लास रूम को वताकुलुनित बनाया जाए। बच्चों के पैसे से प्रबंधन के लोग और प्रिंसिपल वताकुलुनित कमरे में रहते हैं और बच्चे भीषण गर्मी में बगैर वताकुलुनित क्लास रूम में गर्मी से परेशान रहते हैं। निजी स्कूलों का टर्नओवर करोड़ों में है। जिला प्रशासन की ओर से भीषण गर्मी के समय स्कूलों में अवकाश की जाती है इससे बच्चे का पढ़ाई भी बाधित होता है।
शिक्षा और छात्रों की भलाई के लिए स्कूलों में एसी और कूलर लगाने की जरूरत गर्मियों के मौसम में बच्चों के लिए स्कूलों को वेकेशन बढ़ाने की बजाय उनकी कक्षाओं में एसी और कूलर लगाने की आवश्यकता है। पाठ्यक्रम विशाल होता है और उसे समय सीमा में पूरा करना बच्चों पर अत्यधिक दबाव डालता है। इसके परिणामस्वरूप, छात्रों पर आत्महत्या का दबाव बढ़ सकता है।
गर्मियों में विद्यालयों में एसी और कूलर स्थापित करने से छात्रों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा। गर्मी के दिनों में शिक्षा प्राप्त करना अधिक सहज और प्रभावी होगा, जिससे उनका शिक्षानुभव सकारात्मक बनेगा। इससे न केवल शिक्षार्थियों की शिक्षा में स्थिरता आएगी, बल्कि उनके पारिवारिक संबंधों में भी सुधार आएगा। समाज में उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा और उनकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
यह व्यवस्था न केवल शिक्षा प्रणाली को और प्रभावी बनाएगी, बल्कि शिक्षार्थियों के विभिन्न विद्यालयी गतिविधियों में भी सुधार ला सकती है। गर्मियों में यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि बच्चे अध्ययन के समय ठंडे माहौल में रहें ताकि उनकी शिक्षा में अविरलता और प्रभावशीलता आ सके।इस योजना के माध्यम से, सरकारी और निजी स्कूलों दोनों को छात्रों के शिक्षानुभव में सुधार करने का अवसर मिलेगा। विद्यालयों को इस दिशा में कदम उठाना चाहिए ताकि बच्चे शांति और स्थिरता के साथ अपने अध्ययन को पूरा कर सकें।
इस प्रकार, हम न केवल बच्चों के शिक्षानुभव को सुधारेंगे, बल्कि समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन भी लाएंगे जो उनके स्वास्थ्य और शिक्षा में समृद्धि लाएगा। इस उद्येश्य को प्राप्त करने के लिए, सभी स्कूलों को एकजुट होकर काम करना होगा ताकि हम समाज के नवीनीकरण में मदद कर सकें।