जमशेदपुर : जमशेदपुर में शनिवार दोपहर तकरीबन 3:30 बजे पुरुलिया से जमशेदपुर आ रही मजदूर से भरी बस बोड़ाम मोड़ में दुर्घटना का शिकार हो गई। बोड़ाम मोड में मजदूरों से भरी बस पलटी हो गई। इस कारण बस में सवार 6 मजदूर घायल हो गए, बस में कुल 40 लोग सवार थे। जिनमें ज्यादातर जमशेदपुर आकर काम करने वाले मजदूर शामिल थे। (जारी…)
कुल 6 घायल लोगों को बोड़ाम पुलिस ने एमजीएम अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया है। घायलों में सनत सरदार, जीवन सरदार, जोखू सरदार, रामपतिक और जानुम सरदार हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
जमशेदपुर : जमशेदपुर के जुगसलाई विधानसभा अंतर्गत परसुडीह कालिंदी बस्ती में छोटी बेटी के सकुशल घर लौटने पर मां ने एसपी सुमित कुमार अग्रवाल और भाजपा नेता विमल बैठा का धन्यवाद किया। वहीं उन्होंने एसपी सुमित कुमार को बुके के देकर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि एसपी ने मां की पीड़ा को समझी। और महिम चलाते हुए छोटी बेटी को सकुशल घर वापस लौटाया। इसके लिए उन्होंने जमशेदपुर पुलिस की पूरी टीम को धन्यवाद दी है। (जारी…)
गौरतलब है कि एक महीना पूर्व दो बच्चियों को अपहरण करके गुजरात और राजस्थान में बेचा गया था। दोनों ही बच्ची अपने घर लौट गई है। बड़ी बच्ची पहले ही लौट गई थी और जमशेदपुर पुलिस के प्रयास से गुरुवार को दूसरी बच्ची भी घर वापस आ गई। वही बच्ची के माता ने रो रो कर भाजपा नेता विमल बैठा को धन्यवाद किया। साथ ही एसपी सुमित कुमार अग्रवाल को बुके देकर खुशी जाहिर की।
राष्ट्रकवि दिनकर जयंती स्पेशल : रामधारी सिंह दिनकर की आज 115वीं जयंती है। इनका जन्म 23 सितंबर 1908 को बिहार के बेगूसराय जिले के सिमरिया गांव में हुआ था। राष्ट्रकवि के बारे में कई दिलचस्प बातें है। उनका बचपन संघर्षों से भरपूर था। वह स्कूल जाने के लिए पैदल चलकर गंगा घाट तक का सफर तय किया करते थे। इसके बाद फिर गंगा के पार उतरकर यह पैदल चलते थे। “राष्ट्रकवि” रामधारी सिंह दिनकर का जन्म एक किसान परिवार में हुआ था। ओज, विद्रोह, आक्रोश के साथ ही कोमल शृंगारिक भावनाओं के कवि रामधारी सिंह दिनकर का पहला काव्य संग्रह 1928 में प्रकाशित “बारदोली – विजय” संदेश था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कवि ने हिन्दी को दिलाई थी पहचान
रामधारी सिंह दिनकर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी को पहचान दिलाई थी। बीसवीं सदी में जिन लेखकों ने हिंदी भाषा और साहित्य को राष्ट्रीयस्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलायी, उनमें रामधारी सिंह दिनकर का नाम सर्वोपरि है। वह एक ऐसे लेखक थे, जिनमें राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक चेतना के साथ साथ सांस्कृतिक चेतना भी गहरे रूप से मौजूद थी। वह उद्घोष और उद्बोधन के कवि थे, तो प्रेम और सौंदर्य के भी कवि थे। वह सत्ता के करीब थे, तो व्यवस्था के एक आलोचक भी थे। दिनकर पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास से हाल ही में एक पुस्तक आयी है। उनके गृह जिले बेगूसराय में जन्में वरिष्ठ पत्रकार और प्रसार भारती के वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी सुधांशु रंजन ने इस किताब को लिखा है। पत्रकार अरविंद कुमार ने इस किताब के बहाने दिनकर को उनकी 115वीं जयंती पर याद किया है।
दिनकर ने लिखी “विपथगा” जैसी क्रांतिकारी कविता
1935 में दिनकर का कविता संग्रह रेणुका प्रकाशित हुआ था। इसमें उसकी भूमिका माखनलाल चतुर्वेदी ने लिखी थी। हालांकि, उसमें देशभक्ति की कविताओं के कारण सरकार ने उनकी दरियाफ्त की और चेतावनी देकर छोड़ दिया था। इससे पहले 26 दिसम्बर 1933 को वह तांडव कविता लिख चुके थे। इसमें उग्र राष्ट्रीयता है और इसका पाठ उन्होंने वैद्यनाथ मंदिर (देवघर) में सांध्य श्रृंगार के समय किया था। 1931 में वह कसमें देवाय जैसी कविता लिख चुके थे, जिसमें लेखक के शब्दों में “शोषण और अन्याय के प्रति महाविद्रोह है।” (जारी…)
1934 में बोधिसत्व नामक कविता लिखी, जिसमें सामाजिक भेदभाव, द्वेष और असहिष्णुता के विरुद्ध चीत्कार है, जहां अछूत गरीबों को मंदिरों में प्रवेश नहीं मिलता। दिनकर ने “विपथगा” जैसी क्रांतिकारी कविता लिखी, जिसके बारे में बेनीपुरी की राय थी कि वह दुनिया की किसी श्रेष्ठ क्रांतिकारी कविता के समकक्ष है। “श्वानों को मिलते दुग्ध वस्त्र भूखे बच्चे अकुलाते हैं, मां की हड्डी से चिपक ठिठुर जाड़ों की रात बितातें हैं।”
प्रसिद्ध आलोचक डॉक्टर कुमार विमल के अनुसार, ”दिनकर की तुलना ” अग्निवीणा के कवि नजरुल इस्लाम के साथ की जा सकती है। लेकिन, दिनकर सौंदर्य प्रेम और काम के भी कवि थे। ऊर्वशी इसका प्रमाण है लेकिन, उनके जीवन काल में ही ऊर्वशी को लेकर विवाद हुआ। वामपंथी आलोचकों ने उसके विरोध में तीखा लिखा। (जारी…)
भगवत शरण उपाध्याय जैसे प्रसिद्ध इतिहासकार और आलोचक ने “कल्पना” जैसी प्रसिद्ध पत्रिका में इस किताब के खिलाफ 40 पेज का लेख लिखा। कल्पना का ऊर्वशी विवाद पर अंक ही आया था। अब वह किताब के रूप में आ गया है। सुधांशु का कहना है कि दिनकर को समग्रता में नहीं देखा गया है, इसलिए उनका सम्यक मूल्यांकन साहित्य में नहीं किया गया। पाठकों में वे लोकप्रिय बहुत हुए पर वामपंथी आलोचना ने उनके साथ न्याय नहीं किया, क्योंकि उनकी दृष्टि में दिनकर का राष्ट्रवाद उग्र रूप लिये हुए था।
1933 में जब दिनकर 26 वर्ष के थे। इस दौरान उन्होंने “हिमालय के प्रति” कविता, जो बाद में उनकी बहुचर्चित कविता बन गयी और पाठ्यक्रमों में भी लगी। भागलपुर के कवि सम्मेलन में इन्होंने यह कविता सुनायी, तो श्रोताओं में काशी प्रसाद जायसवाल भी झूम उठे।
जमशेदपुर : ग्रेजुएट कॉलेज के हिन्दी विभाग द्वारा शनिवार को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती मनाई गई. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कॉलेज की प्राचार्या डॉ वीणा सिंह प्रियदर्शी और विभागाध्यक्ष डॉ भारतीय कुमारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा दिनकर की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया गया। (जारी…)
इस अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि रामधारी सिंह दिनकर ओज के कवि थे। उन्होंने अपनी कविताओं में भारतीय जनमानस में चल रही परिस्थितियों का चित्र उकेरा। बिना लाग-लपेट के स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखते थे। मौके पर हिन्दी विभाग के प्राध्यापक राकेश कुमार पांडे ने कहा कि दिनकर अपनी कविताओं में भारतीय चिंतन को व्यक्त करते हैं। (जारी…)
एक ओर वे युद्ध को अनिवार्य बतलाते हैं तो दूसरी ओर उसके भयंकर परिणाम से भी अवगत कराते हैं। रश्मिरथी में जहां उन्होंने न्याय अन्याय की बात कही है तो परशुराम की प्रतीक्षा में उन्होंने भारतीय जनमानस को उनकी पौरुषता को जगाने का कार्य किया है। दिनकर अपनी रचनाओं में कलम और तलवार के महत्व बताते हैं तो लोकतंत्र की शक्ति का भी आभास कराते है। कहा जाय तो दिनकर लोकतंत्र के कवि हैं। (जारी…)
कार्यक्रम में स्वागत भाषण विभागाध्यक्ष डॉ भारती कुमारी ने, संचालन सुष्मिता महतो एवं धन्यवाद ज्ञापन संतोषी कुमारी ने किया। इस अवसर पर स्नेहा मुर्मू, संतोषी, लक्ष्मी कालिंदी ने नृत्य प्रस्तुत किया। जबकि श्रुति कुमारी,ने दिनकर की कविता पाठ किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कंचन कुमारी, आशा गोप, जयश्री महतो, शकुंतला सरदार, कविता महतो, संगीता महतो, सोनी कुमारी, खुशी मंडल, संतोषी बेसरा, शिवानी प्रधान, सहित सेमेस्टर 6, सेमेस्टर 4, सेमेस्टर 2 और सेमेस्टर,1 की छात्राएं उपस्थित थी।
भारतीय रिजर्व बैंक लगातार बैंकों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, जो नियमों को नहीं मानते। RBI ने 21 सितंबर को तिरुवनंतपुरम को अनंतशयनम सहकारी बैंक लिमिटेड का लाइसेंस कैंसिल कर दिया था।
अब केंद्रीय बैंक ने दो अन्य बैंकों के लाइसेंस भी कैंसिल कर दिये हैं। उनके बैंकिंग कारोबार पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। आरबीआई के मुताबिक अगर बैंकों को अपने बैंकिंग कारोबार जारी रखने की इजाजत दी गई तो इससे आम जनता के हित प्रभावित होंगे। अब आरबीआई ने 2 और बैंकों का लाइसेंस कैंसिल कर दिया है। इमें कर्नाटक का मल्लिकार्जुन पट्टाना सहकारी बैंक और यूपी के बहराइच का नेशनल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड शामिल है।
RBI ने इस कारण कैंसिल किया लाइसेंस
आरबीआई ने कहा कि इन बैंकों के पास कैपिटल और कमाई की कैपेसिटी नहीं है। ये दोनों बैंक बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 56 के सेक्शन 11 (1) और सेक्शन 22 (3) (D) के प्रावधानों का पालन करने में विफल रहे। ये बैंक अपनी फाइनेंशियल स्थिति के कारण ग्राहकों को पूरा पेमेंट करने में भी असमर्थ है। जिसके कारण RBI ने इन बैंकों की पब्लिक डीलिंग पर रोक लगा दी है।
ग्राहकों पर पड़ेगा असर
रिजर्व बैंक ने 22 सितंबर से मल्लिकार्जुन पट्टाना सहकारी बैंक नियामिता और नेशनल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के बैंकिंग कारोबार पर प्रतिबंध लगा दिया है। बैंक अब कैश नहीं ले सकता और न ही पेमेंट कर सकता है। जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (DICGC) नियमों के तहत बैंक 5 लाख रुपये तक की अपनी जमा पर पैसा क्लेम करने के हकदार हैं।
जमशेदपुर : भाजपा महानगर लोकसभा और विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एक-एक बूथ को मजबूत करने के उद्देश्य से शनिवार को किशोर संघ में बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए झारखंड प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कालीचरण सिंह ने कहा बूथ सशक्तीकरण अभियान के दूसरे चरण के कार्यों को बिन्दुवार बारीकियों से विस्तारपूर्वक बताया। (जारी…)
उन्होंने कहा कि जमशेदपुर महानगर की सभी बूथ मजबूत हो इसके लिए हम सभी को गंभीरता से सार्थक प्रयास करने हैं। सभी मंडलों में प्रभारी एवं प्रवासी नियुक्त किये गए हैं जो आगामी 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक बूथों पर प्रवास कर एवं बूथ सदस्यों के संग नियमित बैठक कर लोगों को जोड़ने संबंधी अन्य कार्यों के माध्यम से बूथों के सशक्तीकरण एवं सत्यापन की दिशा में कार्य करेंगे। (जारी…)
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जिलाध्यक्ष गुंजन यादव ने कहा कि कार्यकर्ता बूथ स्तर पर केन्द्र की योजनाओं से लाभान्वित परिवारों से संपर्क को तेज करेंगे। इसके साथ ही, जनता के बीच पहुंचकर राज्य की हेमंत सरकार की वादाखिलाफी और विफलता को भी प्रमुखता से उजागर करने का कार्य करेंगे। संचालन भाजपा जिला महामंत्री राकेश सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन सीतारामडेरा मंडल अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने किया। (जारी…)
भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं बैठक के प्रभारी कालीचरण सिंह विशेष रूप से शामिल हुए। इस दौरान पूर्व विधायक मेनका सरदार, प्रदेश मंत्री रीता मिश्रा, जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू, जिप उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा समेत कई नेतागण मौजूद रहे। (जारी…)
बैठक में चंद्रशेखर मिश्रा, बिनोद सिंह, राजकुमार श्रीवास्तव, दिनेश कुमार, नीरज सिंह, राजन सिंह, जटाशंकर पांडेय, अनिल सिंह, डॉ राजीव, राजकुमार सिंह, सुधांशु ओझा, बबुआ सिंह, संजीव सिन्हा, राकेश सिंह, जितेंद्र राय, पप्पू सिंह, नीलू मछुआ, बोलटू सरकार, प्रेम झा, ज्ञान प्रकाश, बिनोद सिंह, कौस्तव रॉय, मणि मोहंती, अभिमन्यु सिंह, बिनानंद सिरका, अजीत कालिंदी, मोचीराम बाउरी, ज्योति अधिकारी, सुरेश शर्मा, संतोष ठाकुर, ध्रुव मिश्रा, बबलू गोप, अजय सिंह, हेमंत सिंह, दीपक झा, बिनोद राय, नारायण प्रसाद, संजय तिवारी, राजेश सिंह, बरजंगी पांडेय, अमरेंद्र पासवान, संदीप शर्मा बौबी, संजय कुमार सिंह, चंचल चक्रवर्ती, रविन्द्र नाथ सरदार, हलधर दास, सुदीप कुमार डे, हेमेंद्र जैन, त्रिदेव चटराज, दीपक पॉल, पवन सिंह, सुनील सिंह मुंडा, शांतनु मुखर्जी, मंटू चरण दत्ता, प्रधान महतो समेत अन्य उपस्थित थे।
जमशेदपुर : सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव गुरुचरण सिंह बिल्ला जानलेवा हमले प्रकरण में शनिवार को उसकी पत्नी गुरप्रीत कौर ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार सिंह के न्यायालय में गवाही देते हुए पूर्व प्रधान गुरुमुख सिंह मुखे एवं अमरजीत सिंह अंबे के साथ ही शूटर राजकिशोर महतो एवं उत्तम पंडा की पहचान की। (जारी…)
मुखे की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से और अंबे ने सशरीर पेशी दी जबकि कथित शूटरों की ओर से उनके वकीलों ने उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने 9 नवंबर 2019 के भोर सवा चार बजे की घटना का जिक्र किया और बताया कि आकाशदीप प्लाजा के सामने अमरजीत सिंह अंबे गाड़ी चला रहा था और गुरमुख सिंह मुखे बैठा था। आदिवासी स्कूल के सामने तीन मोटरसाइकिल पर दो दो आदमी सवार थे। उनमें से एक ने पति के सर पर पिस्टल सटाया। पति ने झटका तो पिस्टल गिर गया और वे आगे भागे। किसी के घर में घुसने का प्रयास किया तो दरवाजा बंद था। पीछे से आ रहे हमलावरों ने उन पर चार-पांच गोलियां दागी। पति जमीन पर गिर पड़े तो उन लोगों ने कहा कि मुखे और अंबे से पंगा लेने वाले का यही अंजाम होता है। (जारी…)
इसके साथी उसने एफआईआर तथा 164 के दिए बयान की पहचान की और उसके साथ ही उसने कोर्ट को बताया कि अखबार में पढ़ा कि हमलावर गिरफ्तार हुए हैं और फिर जेल में हुए टीआई परेड में दोनों हमलावरों की पहचान की थी। गुरप्रीत कौर ने यह भी बताया कि पति झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष बने तो मुखे और अंबे उनसे खार खाते थे। उसके पति गुरु चरण सिंह टिनप्लैट गुरुद्वारा के प्रधान थे। (जारी…)
एक बार पति के साथ अंबे का झगड़ा हुआ था तो अंबे की पगड़ी गिर गई। तब अंबे ने कहा था पगड़ी तब बांधूंगा जब बिल्ला को जान से मार दूंगा। न्यायालय में शनिवार को आरोपी राज किशोर महतो एवं उत्तम पंडा की ओर से प्रति परीक्षण किया गया और इसी क्रम में गुरप्रीत कौर की तबीयत बिगड़ गई तो न्यायालय ने सुनवाई की तारीख अगली तिथि तक के लिए टाल दी।
जमशेदपुर : कोलकाता की धार्मिक संस्था सिख फोरम एंड सिख वेलफेयर एसोसिएशन ने जमशेदपुर के बच्चों को रांची में आयोजित होने वाले गुरमत सिख्या कैंप (गुरमत शिक्षा शिविर) में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के अपील की है। शनिवार को सीजीपीसी कार्यालय में प्रधान भगवान सिंह के साथ मुलाकात कर फोरम के सदस्यों ने गुरमत सिख्या कैंप का पोस्टर भी जारी किया।
शिविर में भाग लेकर गुरमत ज्ञान अर्जित करें जमशेदपुर के नौनिहाल: भगवान सिंह
सिख्या कैंप के बारे में विस्तार पूर्वक बताते हुए मानगो गुरुद्वारा के महासचिव जसवंत सिंह जस्सू ने बताया कि आगामी 20 से 26 अक्टूबर तक कोलकाता की धार्मिक संस्था सिख फोरम एंड सिख वेलफेयर एसोसिएशन और श्री गुरु सिंह सभा व गुरु नानक हायर सेकेंडरी स्कूल, रांची के संयुक्त तत्वाधान में गुरमत सिख्या कैंप (गुरमत शिक्षा शिविर) आयोजित किया जा रहा जहाँ पूर्वी भारत के अलग-अलग स्थानों से बच्चों के शामिल होने के सम्भावना है। (जारी)
सिख फोरम एंड सिख वेलफेयर एसोसिएशन और श्री गुरु सिंह सभा का एक प्रतिनिधिमंडल में शामिल गुरशरण सिंह, गुरमीत सिंह, जसमोहन सिंह, अवतार सिंह और राजेंद्र सिंह राजू ने इस बाबत सीजीपीसी प्रधान भगवान सिंह समेत कमिटी के अन्य सदस्यों संग मुलाकात कर जमशेदपुर में शिविर के प्रचार-प्रसार के निवेदन कमिटी सदस्यों से किया। भगवान सिंह ने जमशेदपुर के बच्चों को आह्वान किया है कि शिविर में भाग लेकर गुरमत ज्ञान अवश्य अर्जित करें। (जारी)
सीजीपीसी के प्रधान भगवान, चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह, महासचिव अमरजीत सिंह, उपाध्यक्ष चंचल सिंह, परबिंदर सिंह सोहल, सुखदेव सिंह बिट्टू, जसवंत सिंह जस्सू, सरबजीत सिंह ग्रेवाल, अकाली दल के प्रधान सुखदेव सिंह खालसा, रविंदर सिंह, ज्ञानी गुरप्रताप सिंह, जगतार सिंह नागी समेत अन्य सदस्यों ने पोस्टर जारी किया।
जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे ओवरब्रिज की जर्जर सड़क के लिए आवाज़ उठा रहे भाजपा नेता सतबीर सिंह सोमू एवं अन्य भाजपा सिख नेताओं की आवाज़ को सुन लिया गया। आज सुबह से ही उक्त स्थान में गड्ढे भरने का कार्य लग गया है। लोगों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही इसकी पूरी तरह से मरम्मत करके सड़क भी बना दी जाएगी। (जारी…)
गौरतलब हो कि पिछले कई दिनों ने भाजपा नेता सतबीर सिंह सोमू मीडिया एवं सोशल मीडिया के जरिये सड़क की बदतर स्थिति को लेकर और उससे लोगों को रही परेशानियों को लेकर अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे थे। उन्होंने ट्विटर के माध्यम से रेल मंत्री तक को इस बात से अवगत कराया था। जहाँ उन्हें सकारात्मक रूप से जवाब भी मिला था और संबंधित विभाग को इस पर त्वरित कार्यवाही का निर्देश भी दिया गया था। (जारी…)
आपको बता दें कि शुक्रवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन पर चक्रधरपुर डिविशन के डीआरएम जब निरीक्षण में तब भी भाजपा नेता सोमू सरदार भाजपा के अन्य सिख नेता रविंदर सिंह रिंकू, चंचल भाटिया एवं तविन्दर भाटिया के साथ उनसे मिले। जहाँ कुछ गर्मागर्मी माहौल के बाद डीआरएम ने इस मुद्दे पर जल्द ही काम शुरू करने की बात कही थी। (जारी…)
जिसका नतीजा यह निकला कि आज सुबह से ही गड्ढे भरने का कार्य शुरू हो गया। इसके बाद भाजपा के सिख नेताओं के तरफ से सोमू सरदार ने कहा कि सोमवार से शहर में जन समस्या एवं सड़कों की स्थिति के मुद्दे पर कानूनी तरीके से जन आंदोलन का मुहिम चलाया जाएगा और जनमानस की आवाज़ को बुलंद करने का कार्य किया जाएगा।
मोहाली : ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने 5 विकेट से जीत हासिल की। 22 सितंबर (शुक्रवार) को मोहाली के पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) स्टेडियम में खेले गए मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को जीत के लिए 277 रनों का टारगेट था, जिसे उसने 8 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। (जारी…)
रनचेज में भारत के लिए शुभमन गिल ने सबसे ज्यादा 74 रन बनाए। वहीं ऋतुराज गायकवाड़ ने 71, केएल राहुल ने नाबाद 58 और सूर्यकुमार यादव ने 50 रन बनाए। गिल और ऋतुराज ने पहले विकेट के लिए 142 रनों की साझेदारी की। केएल राहुल ने सीन एबॉट की गेंद पर छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई। वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला 24 सितंबर को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा।
भारत ने हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि
इस शानदार जीत के साथ ही भारतीय टीम क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में नंबर-1 बन गई। भारत आईसीसी की टी20 और टेस्ट रैंकिग में पहले ही नंबर-1 पर थी। अब उसने वनडे रैंकिंग में भी पहला स्थान हासिल करके यह खास उपलब्धि हासिल की। भारत ऐसी दूसरी टीम है जिसने एक ही समय में तीनों फॉर्मेट में नंबर-1 का तमगा हासिल किया। इससे पहले साउथ अफ्रीका ही ऐसा कर पाई थी। साउथ अफ्रीका ने 28 अगस्त 2012 को यह उपलब्धि हासिल की थी। (जारी…)
• टी-20 रैंकिंग: भारत नंबर-1, 264 रेटिंग्स • वनडे रैंकिंग: भारत नंबर-1, 116 रेटिंग्स • टेस्ट रैंकिंग: भारत नंबर-1, 118 रेटिंग्स
रैंकिंग में भारतीय खिलाड़ियों का भी जलवा
देखा जाए तो क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम का कोई ना कोई खिलाड़ी किसी एक रैंकिंग में नंबर-1 जरूर है। टी20 में सूर्यकुमार यादव टॉप बल्लेबाज हैं, वनडे में मोहम्मद सिराज टॉप बॉलर हैं और टेस्ट में आर. अश्विन नंबर-1 गेंदबाज हैं। वनडे रैंकिंग में शुभमन गिल नंबर-2 बल्लेबाज हैं। वहीं रवींद्र जडेजा टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 ऑलराउंडर हैं।
पहले वनडे मुकाबले में भारतीय केएल राहुल ने टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया को पहले बैटिंग के लिए आमंत्रित किया। ऑस्ट्रेलिया को पहला झटका शुरुआती ओवर ही ओवर में लग गया, जब मोहम्मद शमी ने एक खूबसूरत गेंद पर मिचेल मार्श (4) को बोल्ड कर दिया। इसके बाद डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ ने दूसरे विकेट के लिए 94 रन की साझेदारी की, जिसे रवींद्र जडेजा ने 19वें ओवर में तोड़ा। जडेजा ने गिल को शुभमन गिल के हाथों कैच आउट कराया।
शमी ने चटकाए पांच विकेट
वॉर्नर ने 53 गेंद पर 52 रन बनाए, जिसमें छह चौके और दो छक्के शामिल रहे। फिर शमी ने अपने दूसरे स्पैल में क्रीज पर अच्छा समय बिता चुके स्टीव स्मिथ (41 रन) को चलता कर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को दबाव में ला दिया। बाद में विकेटकीपर जोस इंगलिस (45 रन) और मार्कस स्टोइनिस (29 रन) ने छठे विकेट के लिए 62 रन की साझेदारी कर टीम को 250 के करीब पहुंचाया।
इस साझेदारी को शमी ने 47वें ओवर में स्टोइनिस को बोल्ड कर तोड़ा। अगले ओवर में बुमराह ने इंगलिस को अय्यर के हाथों कैच कराया। शमी ने आखिरी ओवरों में स्टोइनिस के अलावा मैथ्यू शॉट और सीन एबॉट को भी पवेलियन की राह दिखाई। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने नौ गेंद में नाबाद 21 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को 276 रनों के स्कोर तक पहुंचाया। भारत की ओर से मोहम्मद शमी ने सबसे ज्यादा पांच विकेट हासिल किए। वहीं बुमराह, अश्विन और जडेजा को एक-एक विकेट मिला।
वॉर्नर, स्मिथ, इंगलिस के अलावा मार्नस लाबुशेन (49 गेंद में 39 रन) भी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में नाकाम रहे। भारतीय प्रशंसकों की नजरें ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन पर थी। इस गेंदबाज को पहले स्पैल में थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन उन्होंने दूसरे स्पैल में लय हासिल कर ली। अश्विन ने 10 ओवरों में 47 रन देकर मार्नस लाबुशेन का विकेट लिया।
भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली के मैदान पर 27 साल बाद जीत हासिल की है। इससे पहले इस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे इंटरनेशनल में भारत की आखिरी जीत नवंबर 1996 में आई थी। तब उसने कंगारू टीम को पांच रन से पराजित किया था। उसके बाद अब भारत ने इस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया को दूसरी बार वनडे इंटरनेशनल में पराजित किया है।