एक नई सोच, एक नई धारा

खेलों में सिख बच्चों को मिल रही उपलब्धियों पर भगवान सिंह ने खुशी जतायी

भजन कौर, हरजस सिंह व हरकीरत सिंह सिख युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत: भगवान सिंह

विश्व पटल पर खेल के क्षेत्र में सिख युवाओं को मिल रही उपलब्धि पर सीजीपीसी के प्रधान ने प्रसन्नता जताते हुए टाटा आर्चरी ऐकेडमी की कैडेट भजन कौर ने युवा विश्वकप तीरंदाजी के लिये भारतीय टीम में चुने जाने पर युवा तीरंदाज को बधायी और शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।

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भगवान सिंह ने रविवार को भजन कौर को विश्वकप तीरंदाजी में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने तथा उससे पूर्व टाटा स्पोटर्सपर्सन ऑफ द ईयर चुने जाने पर भारतीय तीरंदाजी का भविष्य बताया। भजन कौर इसी वर्ष टर्की में आयोजित होने वाले तीरंदाजी विश्वकप में भारतीय टीम का हिस्सा होंगी।

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दुसरी तरफ़ भगवान सिंह ने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 क्रिकेट टीम में चुने गये दो सिख युवकों हरजस सिंह और हरकिरत सिंह को भी बधाई देते हुए उन्हें सिख युवाओं का प्रेरणास्रोत बताया है। उन्होंने कहा की वे भजन कौर, हरजस सिंह व हरकीरत सिंह के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं तथा उम्मीद करते हैं कि और सिख भी इनसे प्रेरित होकर खेलों के क्षेत्र में सफलता हासिल करेंगे।

आखिर क्यों नशे की आदी हो रही युवा पीढ़ी

संसार में जब बच्चे का जन्म होता है तो माता-पिता खुशी से फूले नहीं समाते हैं और उनके अरमान इतने ज्यादा बढ़ जाते हैं कि हम अपने बेटे या बेटी को बड़ा होकर एक अच्छी पदवी पर देखना चाहते हैं, लेकिन आज की युवा पीढ़ी मां-बाप को धोखा देकर उनके अरमानों को चकनाचूर करते हुए नशे को अपना साथी मान रही है। जो उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो ही रहा है। साथ में भविष्य भी अंधकार बनता जा रहा है। बचपन में मां-बाप अपने बच्चों को उंगली पकड़कर चलना सिखाते हैं, कंधों पर बिठाते हैं कई तरह की लोरियां सुनाते हैं लेकिन आज वही भविष्य माता-पिता के सपनों को चकनाचूर कर रहा है। 

भारत में नशे की लत युवाओं के बीच में इतनी बढ़ चुकी है जिसका अंदाजा आए दिन समाचार पत्रों में पढऩे को मिलता है कि युवाओं से नशीले पदार्थ पकड़े गए और कुछ नशे की लत के लिए पैसे न मिलने पर मां-बाप के ऊपर हमला कर दे रहे हैं।

जिसके कारण मां-बाप मृत्यु की आगोश में समा रहे हैं और वह नशे से चूर होते जा रहे हैं। 

यह नशा समाज के प्रत्येक वर्ग को खोखला कर रहा है,  लेकिन अकेली सरकारें कुछ नहीं कर सकती हैं जब तक जन-सहयोग समाज में नहीं मिलता है तब तक समाज नशा मुक्त नहीं हो सकता है। नशे के सौदागरों को समाज और पुलिस मिलकर समाप्त कर सकती है। जब तक समाज के बुद्धिजीवी लोग पुलिस और प्रशासन का सहयोग नहीं देंगे, तब तक यह नशा बढ़ता ही रहेगा।  आज देखने और सुनने को मिलता है कि स्कूल और कॉलेजों में पढऩे वाले छात्र भी नशे की चपेट में आ चुके हैं। यही नहीं कहीं-कहीं बड़े संस्थानों में तो लड़कियां भी इसकी चपेट से अछूती नहीं हैं। जो समाज के लिए बहुत बड़ा कलंक है। 

स्कूल और कॉलेजों के बाहर मादक पदार्थों को बेचने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है लेकिन फिर भी देखने को मिलता है कि इसके सौदागर चोरी छुपे स्कूल या कॉलेजों के बच्चों को इस्तेमाल करके इस नशे की खेप को संस्थान और होस्टल तक पहुंचा रहे हैं जो एक गंभीर समस्या उभर रही है। नशे की लत एक ऐसी गंभीर और विनाशकारी समस्या है जिसने हमारे देश की युवा पीढ़ी को कठोर रूप से फंसा लिया है, आज अगर हम आंकड़े देखते हैं तो 17-20 की शुरूआत में अधिकांश किशोरों को अनैतिक पदार्थ के दुरुपयोग या नशे की लत के लिए गंभीरता से आदी पाया गया है। 

यहां तक कि गैर-कानूनी और गरीब बच्चे भी नशीली दवाओं के दुरुपयोग व्यसन में शामिल हुए हैं। इसे भारतीय सरकार के सामने एक खतरनाक मुद्दे के रूप में सामने रखा गया है क्योंकि युवा पीढ़ी देश के भविष्य के लिए संभावित शक्ति है और यदि उनके वर्तमान जीवन इस तरह के व्यसनों के तहत डूब गए हैं तो देश का भविष्य निश्चित रूप से अंधेरे में बदल जाएगा। 

यह वास्तव में भारतीय समाज के लिए भी एक गंभीर मामला है, और इस मामले को समाज के लोगों के सामूहिक प्रयासों के साथ हल किया जाना चाहिए। समाज का वर्तमान परिदृश्य पहले के मुकाबले पूरी तरह से बदल गया है। अब शहरी क्षेत्रों में परिवार एकल हो रहे हैं। माता-पिता दोनों कामकाजी हैं इसलिए वे अपने बच्चों को गुणात्मक समय नहीं दे पा रहे हैं। 

नैतिक मूल्यों में महत्व और विश्वास परिवारों में भी कम हो गया है, बड़ों की उपेक्षा हो रही है, बच्चे ज्यादातर समय अपने घरों से बाहर किसी को सांझा करने और खुद को अभिव्यक्त करने के लिए देखते हैं और यह भी कभी-कभी उन्हें गलत साथियों के समूह में शामिल करने के लिए प्रेरित करता है। परिवार के सदस्यों के बीच संचार, बातचीत, समझ धीरे-धीरे कम हो रही है और आधुनिक शिक्षा प्रणाली ने भी छात्रों पर बहुत दबाव डाला है, गरीब परिवारों में अत्यधिक गरीबी के कारण माता-पिता और बच्चे सभी आजीविका कमाने में लगे हुए हैं। शिक्षा प्राप्त करने के लिए पैसा और समय नहीं है और इस प्रकार अशिक्षा अनैतिक कार्यों और दोस्तों की बुरी संगत में शामिल होती है। 

प्रारंभिक अवस्था में किसी को यह एहसास नहीं हो सकता है कि नशीली दवाओं का उपयोग कब एक लत में बदल सकता है और जिस क्षण यह एक लत बन जाती है। बहुत देर हो चुकी होती है, इसलिए माता-पिता, बड़ों और दोस्तों को हमेशा सावधान और सतर्क रहना चाहिए। शायद सबसे गंभीर चिंता 14-15 वर्ष की आयु के युवाओं की भागीदारी है। रिपोर्ट स्थापित करती है कि शराब सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला साइकोएक्टिव पदार्थ है। इसके बाद भांग और ओपिओइड है। 

भांग के सर्वाधिक प्रचलन वाले राज्य उत्तर प्रदेश, पंजाब, सिक्किम, छत्तीसगढ़ हैं। 10 अन्य चिकित्सा संस्थानों और 15 एन.जी.ओ. के नैटवर्क के सहयोग से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय सर्वेक्षण किया गया था। भारत में नशीली दवाओं और मादक द्रव्यों के सेवन में शामिल 13 प्रतिशत से अधिक लोग 20 वर्ष से कम उम्र के हैं, जो किशोरों को लक्षित करने वाले सामुदायिक हस्तक्षेप और निवारक तंत्र को आगे बढ़ाने की आवश्यकता का सुझाव देते हैं।

कार में अचानक लगी आग, लोगों के सूझ-बूझ से पाया काबू

जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल के डॉक्टर्स हॉस्टल के गेट पर खड़ी एक कार में रविवार को दिन के एक बजे अचानक से आग लग गयी और वह धू-धू कर जल गयी। घटना की भनक मिलते ही आस-पड़ोस के लोग मदद के लिये आगे आये और बाल्टी- डेकची से पानी फेंककर आग को बुझाने का काम किया। लोगों की सूझ-बूझ के कारण करीब 20 मिनट में ही आग पर काबू पा लिया गया।

भ्रष्टाचार का सागर बन गया है मानगो नगर निगम उपायुक्त से करूंगा शिकायत – विकास सिंह, जाने पूरा मामला

जमशेदपुर : मानगो के संकोसाई के रोड नंबर एक के संजीवनी पथ में विधायक निधि से बनी नाली एक माह के अंदर भरभरा कर टूटने लगी है। स्थानीय लोग आक्रोशित होकर जमकर इसका विरोध किया और भाजपा नेता विकास सिंह को मौके में बुलाकर यथास्थिति से अवगत कराया। स्थानीय लोगों ने मौके में पहुंचे भाजपा नेता विकास सिंह को बताया कि कुछ दिन पहले मानगो नगर निगम के द्वारा नाली का निर्माण कराया गया। आरंभ से ही नाली का घटिया निर्माण कराया जा रहा था बस्ती वासियों ने जब इसका विरोध किया तो मौके में मौजूद संवेदक ने कहा कि मैं मंत्री का आदमी हूं, जैसा मन करेगा वेसा काम करूंगा, जहां शिकायत करना है कर दीजिए। तब बस्ती वासियों ने कार्यस्थल में पहुंचे कनीय अभियंता नंदू प्रसाद को मामले की जानकारी दिया तो मौके में पहुंचे नंदू प्रसाद ने कहा कि काम का विरोध करोगे तो काम पूरी तरह बंद करवा देंगे।

कनीय अभियंता और संवेदक की बात से स्थानीय लोग डर गए। जैसे मन चाहा वैसे संवेदक ने काम किया जब मात्र एक महीने के अंदर नाली भरभरा कर टूटने लगा तब स्थानीय लोगों ने भाजपा नेता विकास सिंह को मौके में बुलाकर स्थिति से अवगत कराया। विकास सिंह ने कहा कि मानगो नगर निगम भ्रष्टाचार का सागर बन गया है नाली लोगों की सुविधा के लिए बनना था लेकिन यहां मामला पूरी तरह उल्टा हो गया है। जगह-जगह नाली का स्लैब और क्षतिग्रस्त हो गए हैं। स्थानीय लोगों को कहना है बहुत कम मात्रा में सरिया देकर नाली का निर्माण कराया गया है। मौके में पहुंचे भाजपा नेता विकास सिंह ने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया कि सारे मामले की जानकारी उपायुक्त महोदया के साथ-साथ नगर विकास के सचिव को दूंगा और भ्रष्टाचार में विराम लगाने के लिए लगातार संघर्ष जारी रखेंगे।

मौके में पहुंचे विकास सिंह ने कहा नाली को तोड़कर दोबारा नहीं बनाया गया तो कार्यस्थल में स्थानीय लोगों के साथ धरना प्रदर्शन का भी काम किया जाएगा, कमीशन खोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौके में मुख्य रूप से विकास सिंह के साथ अजीत प्रजापति, दीनानाथ शर्मा, शंकर कालिंदी, रीता देवी, विमला देवी, कौशल्या देवी, सुशांतो रूहीदास, दीपाली कालिंदी, छोटू कालिंदी, सीता देवी, सुशीला शर्मा, सावित्री भारती, नगीना देवी, मुख्य रूप से उपस्थित थे।

नाबालिग की अगवा कर किया दुष्कर्म, आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही पुलिस

धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र की रहनेवाली 17 साल की नाबालिग लड़की को अगवा कर दुष्कर्म करने का एक सनसनीखेज मामला शनिवार को सामने आया है। घटना के बाद भी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। जबकि नाबालिग लड़की के परिवार के लोगों को मामले को दबा देने का दबाव भी बना रही है। शनिवार को अचानक नाबालिग की हालत बिगड़ने पर एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके पहले नाबालिग को घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था।

घटना के बारे में परिवार के लोगों का कहना है कि आरोपी आबिद अली धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र के दोलकी गांव का रहने वाला है। वह लकड़ी का व्यापारी होने के साथ-साथ उंची पहुंच भी रखता है। रात के 2 बजे आबिद नाबालिग लड़की के घर पर पहुंचा था और उसे अगवा कर अपने घर लेकर चला गया। वहां पर उसने दुष्कर्म किया। परिवार के लोगों ने रात को जब बेटी को गायब पाया तब उसकी खोज-बीन करने लगे। इस बीच पता चला कि आबिद अली उसे अगवा कर अपने घर पर लेकर गया है।

घटना के बाद पंचायत तक भी मामला पहुंचा था। इसके बाद पंचायत भी बैठी लेकिन आरोपी और उसके परिवार के लोग नाबालिग लड़की को अपनाने के लिये तैयार नहीं हुए। बल्कि नाबालिग लड़की की हत्या तक कर देने की धमकी वे दे रहे हैं।
इधर जब नाबालिग को एमजीएम अस्पताल लाया गया तब भी पुलिस मामले को दबाने का काम कर रही है। परिवार के लोगों को साफ कह दिया है कि पत्रकारों तक मामला नहीं पहुंचना चाहिये। हम सुलह करवा देंगे। इधर परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिये। या तो आरोपी बालिग होने के बाद शादी कर ले या जेल की हवा खाये।

नाबालिग लड़की की बात करें तो वह गांव के ही सरकारी स्कूल में 8वीं कक्षा तक पढ़ी लिखी है। इसके बाद गांव से स्कूल काफी दूर होने के कारण उसने पढ़ाई छोड़ दी है। घटना धालभूमगढ़ में ही नहीं बल्कि पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस मामले को दबाने में जुटी हुई है।

दुःखद खबर : शादी में आई बच्ची की तालाब में डूब कर मौत

जमशेदपुर : एमजीएम थाना क्षेत्र के भिलाई पहाड़ी तालाब में स्नान करने के दौरान डूब जाने से 6 साल की जया बेहरा की मौत शनिवार को हो गयी। जया भिलाई पहाड़ी में अपने मामा के घर शादी समारोह में आयी हुई थी। इस बीच ही वह घर के बच्चों के साथ तालाब में स्नान करने के लिये गयी हुई थी। वह गहरे पानी में चली गयी थी। परिवार के लोगों ने तालाब से बाहर निकालने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां पर डॉक्टरों ने जांच के क्रम मृत घोषित कर दिया।

गुवा की रहनेवाली थी जया बेहरा

मासूम बच्ची जया बेहरा के बारे में बताया जा रहा है कि वह गुवा की रहनेवाली थी। परिवार के लोगों के साथ मामा के घर पर आयी हुई थी। परिवार के लोगों ने बताया कि सुबह 11 बजे वह स्नान करने के लिये गयी थी। उसके डूब जाने की जानकारी तालाब में स्नान करने पहुंचे अन्य बच्चों ने मामा के घर पर जाकर दी थी। इसके बाद गांव के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे और किसी तरह से बच्ची को खोजकर तालाब से बाहर निकाला था।

स्थानीय नर्सिंग होम से किया एमजीएम रेफर

घटना के बाद परिवार के लोग जया को लेकर स्थानीय नर्सिंग होम में पहुंचे हुये थे। यहां पर डॉक्टरों ने उसे एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद जया को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर एमजीएम पुलिस अस्पताल पहुंची थी और शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिये एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है।

कोच्चि की समुद्री सीमा से पकड़ी गई 12000 करोड़ की हेरोइन, अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी

कोच्चि की समुद्री सीमा में बहुत बड़ी मात्रा में ड्रग्स पकड़े गए हैं। ये अब तक के सबसे बड़े ऑपरेशन है जिसे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने भारतीय नौसेना के साथ जॉइंट अंजाम दिया। NCB और भारतीय नौसेना के ऑपरेशन में 12000 करोड़ रुपये की हेरोइन पकड़ी है। हेरोइन की इतनी मात्रा अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी मानी जा रही है।

बता दें कि इससे पहले साल 2021 में जब्त की गई हेरोइन से जुड़े मुंद्रा बंदरगाह मादक पदार्थ बरामदगी मामले में NIA ने शुक्रवार को ही तीसरी चार्जशीट दाखिल की है। गौरतलब है कि साल 2021 में मुंद्रा बंदरगाह पर 2,988 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी गई थी। इस मामले में अब तक कुल 42 व्यक्तियों और सात कंपनियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है। शुरुआत में यह मामला 13 सितंबर, 2021 को राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) की गुजरात स्थित गांधीधाम इकाई द्वारा दर्ज किया गया था। यह खेप कथित तौर पर ईरान के बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के रास्ते अफगानिस्तान से भारत में तस्करी कर लाई गई थी। एजेंसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि पंजाब के अमृतसर निवासी पंकज वैद्य उर्फ अमित के खिलाफ अहमदाबाद स्थित एनआईए की विशेष अदालत में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया।

फेक विज्ञापनों को लेकर सचिन तेंदुलकर ने साइबर सेल में दर्ज कराई एफआईआर

मुंबई : इंटरनेट पर चल रहे फेक विज्ञापनों में अपने नाम, फोटो और आवाज का इस्तेमाल होने से नाराज मशहूर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच में मामला दर्ज कराया है। सचिन तेंदुलकर द्वारा दर्ज कराए गए मामले में कहा गया है कि उनके नाम, इमेज और आवाज का इस्तेमाल करके लोगों से ठगी की जा रही है। इसके बाद मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने अज्ञात शख्स के खिलाफ आईपीसी की धारा 420,465, और 500 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

भारत और पूरी दुनिया में मशहूर हस्तियों ने इसी तरह के मामलों का सामना करना पड़ता है। इंटरनेट पर लोगों को धोखा देने के लिए फर्जी ढंग से बिजनेस को बढ़ाने के लिए उनकी तस्वीरों या आवाज का उपयोग किया जाता है। कई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सचिन तेंदुलकर के निजी सहायक को फेसबुक पर एक तेल कंपनी का एक विज्ञापन मिला। जिसने अपने प्रचार के लिए तेंदुलकर की तस्वीर का इस्तेमाल किया। जिसमें कहा गया था कि इस महान क्रिकेटर ने उनके प्रोडक्ट की सिफारिश की है और इसी तरह के विज्ञापन इंस्टाग्राम पर भी पाए गए थे। इस मामले में मुंबई पुलिस की साइबर सेल द्वारा भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जिनमें धोखाधड़ी और जालसाजी और आईटी अधिनियम से संबंधित धाराएं शामिल हैं।

यह पहली बार नहीं है जब किसी ने अपने प्रोडक्ट के विज्ञापन के लिए सचिन तेंदुलकर की तस्वीर या आवाज का दुरुपयोग किया है या लोगों को ऑनलाइन धोखा दिया है। इससे पहले 2020 में भी तेंदुलकर की टीम ने एक बयान जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि वे उन कंपनियों और व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे, जो उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, फोटो का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बाद तेंदुलकर ने विज्ञापनों में उनकी एक फर्जी तस्वीर का इस्तेमाल करने के लिए गोवा में एक कैसीनो के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

“यूपी में बाबा के जलवा बा” – निकाय चुनाव में भगवामय हुआ उत्तर प्रदेश

यूपी निकाय चुनाव में भाजपा को प्रचंड जीत मिली है। सभी मेयर सीटों पर बीजेपी का कब्जा होता दिख रहा है। सीएम योगी का जलवा यूपी नगर निकाय चुनाव में भी देखने को मिला है। यूपी में 760 शहरी स्थानीय निकायों में 14,864 पदों के लिए उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के लिए वोटों की गिनती आज सुबह 8 बजे शुरू हुई। मतगणना के रुझानों से ही साफ हो गया था कि राज्य के अधिकांश शहरों में बीजेपी आगे चल रही है, जहां मेयर पदों के लिए चुनाव हुए थे। दोपहर 1 बजकर 36 मिनट पर बीजेपी ने 5 शहरों में मेयर का चुनाव जीत लिया था और बाकी सीटों पर भी पार्टी आगे चल रही है। नगर पंचायतों और नगरपालिका वार्डों के चुनावों में भी भाजपा सभी पार्टियों से आगे है।

अभी तक बीजेपी बरेली, अयोध्या, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी में मेयर सीट पर कब्जा जमा चुकी है। बाकी 12 मेयर सीटों पर भी काफी वोटों से आगे चल रही है। बसपा, कांग्रेस और सपा अभी भी शून्य पर अटकी हुई है। इस बीच, 199 नगरपालिकाओं में से 158 से उपलब्ध रुझानों से पता चलता है कि भाजपा 65 पर, सपा 53 पर, बसपा 21 पर, कांग्रेस नौ पर और अन्य 10 सीटों पर आगे है। नगर पंचायत चुनाव में कुल 544 पदों में से 305 सीटों के रुझान बताते हैं कि बीजेपी 128 पर आगे चल रही है।

यूपी में स्थानीय निकाय चुनावों को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की सरकार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए लोकप्रियता की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। जिसमें सीएम योगी और उनकी सरकार बिलकुल खड़ी उतरी है। यूपी निकाय चुनाव में योगी लहर में सभी विपक्षी पार्टियों का सुपड़ा साफ हो गया है। राजनीतिक दलों में, सत्तारूढ़ भाजपा ने सबसे अधिक उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, उसके बाद समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी (बसपा), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) हैं। 4 और 11 मई को दो चरणों में हुए यूपी नगरपालिका चुनावों में नगर निगमों के लिए 1,420 नगरसेवकों और नगर पंचायतों के लिए 5,327 सदस्यों और नगर पालिका परिषदों के लिए 7,177 सदस्यों का चुनाव होना था। इसके लिए कुल 4.32 करोड़ मतदाता वोटिंग के पात्र थे। पहले चरण में जहां 52 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, वहीं दूसरे चरण के मतदान में 50 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हुई।

कांग्रेस ने ‘ऑपरेशन लोटस’ से बचने के लिए शुरू किया अभियान, बुक किए 10 चार्टर्ड

कर्नाटक में आज विधानसभा चुनाव के बाद मतों की गणना चल रही है। प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पिछड़ती नजर आ रही है जबकि कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आती नजर आ रही है।

इस बीच सूत्रों के हवाले से जो खबर सामने आ रही है उसके अनुसार कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने 10 चार्टर्ड फ्लाइट को बुक किया है। यह चार्टर पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों को बचाने के लिए बुक किए गए हैं।

जो रिपोर्ट सामने आ रही है उसके अनुसार कांग्रेस किसी भी तरह से भारतीय जनता पार्टी के ऑपरेशन लोटस को सफल नहीं होने देना चाहती है। भाजपा के ऑपरेशन लोटस को विफल करने के लिए कांग्रेस ने पहले से ही अपनी तैयारी शुरू कर दी है।

दरअसल जेडीएस प्रदेश में किंग मेकर की भूमिका में उभरती हुई नजर आ रही है। कांग्रेस और भाजपा को बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा है। लिहाजा कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश में फिर से रिजॉर्ट पॉलिटिक्स शुरू हो सकती है।

कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष रणनीतिकार प्रदेश की स्थिति को साधने में जुट गए हैं। गौर करने वाली बात है कि प्रदेश में कुल 224 विधानसभा सीटें हैं, लिहाजा किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए 113 सीटों पर जीत दर्ज करने की जरूरत है।

दरअसल कई राज्यों में कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी से आगे रहने के बाद भी सरकार बनाने में विफल रही, जिसकी वजह से कांग्रेस को आलोचना का सामना करना पड़ा। पार्टी पर आरोप लगा कि भाजपा की तुलना में कांग्रेस पार्टी सुस्त रहती है, जिसकी वजह से वह सत्ता से दूर रह जाती है। यही वजह है कि इस बार कांग्रेस किसी भी तरह की गलती नहीं करना चाहती है।

कांग्रेस के लिए कर्नाटक काफी अहम राज्य है। अगर पार्टी यहां जीत दर्ज करती है तो आने वाले समय में राजस्थान और छत्तीसगढ़ में होने वाले चुनाव काफी अहम हो सकते हैं।

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