एक नई सोच, एक नई धारा

फेक विज्ञापनों को लेकर सचिन तेंदुलकर ने साइबर सेल में दर्ज कराई एफआईआर

मुंबई : इंटरनेट पर चल रहे फेक विज्ञापनों में अपने नाम, फोटो और आवाज का इस्तेमाल होने से नाराज मशहूर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच में मामला दर्ज कराया है। सचिन तेंदुलकर द्वारा दर्ज कराए गए मामले में कहा गया है कि उनके नाम, इमेज और आवाज का इस्तेमाल करके लोगों से ठगी की जा रही है। इसके बाद मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने अज्ञात शख्स के खिलाफ आईपीसी की धारा 420,465, और 500 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

भारत और पूरी दुनिया में मशहूर हस्तियों ने इसी तरह के मामलों का सामना करना पड़ता है। इंटरनेट पर लोगों को धोखा देने के लिए फर्जी ढंग से बिजनेस को बढ़ाने के लिए उनकी तस्वीरों या आवाज का उपयोग किया जाता है। कई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सचिन तेंदुलकर के निजी सहायक को फेसबुक पर एक तेल कंपनी का एक विज्ञापन मिला। जिसने अपने प्रचार के लिए तेंदुलकर की तस्वीर का इस्तेमाल किया। जिसमें कहा गया था कि इस महान क्रिकेटर ने उनके प्रोडक्ट की सिफारिश की है और इसी तरह के विज्ञापन इंस्टाग्राम पर भी पाए गए थे। इस मामले में मुंबई पुलिस की साइबर सेल द्वारा भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जिनमें धोखाधड़ी और जालसाजी और आईटी अधिनियम से संबंधित धाराएं शामिल हैं।

यह पहली बार नहीं है जब किसी ने अपने प्रोडक्ट के विज्ञापन के लिए सचिन तेंदुलकर की तस्वीर या आवाज का दुरुपयोग किया है या लोगों को ऑनलाइन धोखा दिया है। इससे पहले 2020 में भी तेंदुलकर की टीम ने एक बयान जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि वे उन कंपनियों और व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे, जो उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, फोटो का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बाद तेंदुलकर ने विज्ञापनों में उनकी एक फर्जी तस्वीर का इस्तेमाल करने के लिए गोवा में एक कैसीनो के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

error: Content is protected !!