एक नई सोच, एक नई धारा

1681974508535
भाजपा ने जमशेदपुर हिंसा की जांच सीबीआई या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने की मांग राज्यपाल से की

भाजपा ने जमशेदपुर हिंसा की जांच सीबीआई या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने की मांग की। जमशेदपुर हिंसा को लेकर भाजपा के दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से की मुलाक़ात और निर्दोष भाजपा एवं विहिप कार्यकर्ताओं को रिहा कराने का किया अनुरोध।

जमशेदपुर स्थित कदमा के शास्त्रीनगर में हुए सांप्रदायिक हिंसा को लेकर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी के नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल से मुलाक़ात की। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री डॉ प्रदीप वर्मा, पूर्व गृह सचिव सह प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जे बी तुबीद, पूर्व आईजी सह प्रदेश कार्यसमिति सदस्य लक्ष्मण प्रसाद सिंह, पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू, भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव, महानगर उपाध्यक्ष संजीव सिन्हा, महानगर महामंत्री अनिल मोदी, राकेश सिंह, कदमा मण्डल अध्यक्ष राजेश सिंह शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल ने माननीय राज्यपाल से मुलाक़ात के दौरान ज्ञापन सौंपते हुए विगत 9 अप्रैल, 2023 को जमशेदपुर स्थित कदमा के शास्त्रीनगर में हुए साम्प्रदायिक हिंसा की जांच सीबीआई या माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने तथा सभी निर्दोष भाजपा एवं विहिप कार्यकर्ताओं को रिहा कराने का आग्रह किया। ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि विगत 9 अप्रैल, 2023 को जमशेदपुर स्थित कदमा के शास्त्रीनगर में उपद्रवी तत्वों द्वारा जटाधारी शिव मंदिर पर पथराव कर साम्प्रदायिक हिंसा फैलाई गई, उन्मादी तथा उपद्रवी तत्वों के पथराव से कई पुलिसकर्मी घायल हुए। 9 अप्रैल को ही कदमा में एक संस्था द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी से लौटकर सैकड़ों युवकों ने मंदिर पर हमला किया। इससे जाहिर है कि कुछ उपद्रवी तत्वों का शहर में साम्प्रदायिक हिंसा फैलाने की पहले से मंशा थी।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि 8 अप्रैल को शास्त्रीनगर (कदमा) स्थित जटाधारी शिव मंदिर के पास महावीर झंडा लगे खम्बे पर पोलिथीन से टांगे गए मांस के टूकड़े पाये जाने पर क्षेत्र में तनाव उत्पन्न हुआ। मंदिर समिति के लोगों ने प्रशासन से महावीर झंडे के खम्बे पर माँस का टुकड़ा टांगने वाले को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार करने, मंदिर के आसपास के इलाके में सीसीटीवी लगाने तथा मन्दिर के बगल में अवैध रुप से अतिक्रमित कर माँस बेचने वाले दुकानों के अतिक्रमण हटाने की मांग किया। प्रशासन ने तीनों मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।

1681974508535

9 अप्रैल को शाम 60-70 श्रद्धालुओं के द्वारा मंदिर परिसर के प्रांगण में हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा था,उसी समय कुछ उपद्रवी तेजी से आकर मंदिर में पत्थरबाजी कर भाग गये।इस घटना से मंदिर परिसर के लोग आक्रोशित हुए एवं जय बजरंगबली तथा जय श्रीराम के जयकारा करने लगे। पुलिस बल आकर मंदिर परिसर तथा आस-पास खड़े बहुसंख्यक समाज के लोगों को मजमा न लगाने तथा अपने घर वापस जाने के लिए दबाव दिया। बहुसंख्यक समाज के लोग अपने घरों में चले गए।

बताया कि 9 अप्रैल को ही शाम को कदमा के एक मैदान में एक संस्था के द्वारा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था जिसमें 2 से 3 हजार लोग एकत्रित हुए थे। इस इफ्तार पार्टी में कांग्रेस तथा झामुमो के कई नेता शामिल थे। इफ्तार पार्टी में कुछ अफवाह फैला। वहीं से सैकड़ों युवा शास्त्रीनगर स्थित मस्जिद के पास एकत्रित होकर उत्तेजित नारे लगाने लगे तथा मंदिर पर पत्थर फेंकने लगे। पुलिस के मना करने तथा उपद्रवियों पर बल प्रयोग करने पर उपद्रवियों ने पुलिस पर ही पत्थर फेंकने लगे, इतना ही नहीं बल्कि कुछ उपद्रवियों ने स्ट्रीट लाईट का स्वीच ऑफ कर (मस्जिद के पास एक खंम्बे में स्ट्रीट लाईट का स्विच है) दिया तथा 2 घंटे तक पुलिस पर पथराव किया। इस प्रकार पत्थर की मोटी चादर तैयार हो गई। इसी बीच किसी उपद्रवी ने झोपड़ीनुमा दुकान तथा मोटर साईकिल पर आगजनी कर साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न करने का कोशिश किया। शरारती तत्वों के द्वारा आधी रात तक शास्त्री नगर के निचले हिस्से (खरकाई नदी के तट पर अवस्थित घरों) पर पत्थरबाजी होता रहा। ऊपद्रवियों के पत्थरों से 10-12 पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए। यह आश्चर्य का विषय है कि उपद्रवियों को इतने पत्थर कहाँ से मिले मस्जिद के आस-पास के घरों की छतों पर कई दिनों से बड़े पैमाने पर पत्थरों के टूकड़े एकत्रित करने की चर्चा है। अर्थात असामाजिक कतिपय तत्वों के द्वारा साम्प्रदायिक तनाव एवं हिंसा फैलाने की पूर्व से योजना होने की आशंका है। सबसे आश्चर्य की बात है कि इस नियोजित षड़यंत्र की जानकारी सरकार के खुफिया विभाग को क्यों नहीं थी ।

10 अप्रैल को सबेरे बड़ी संख्या में पुलिस भाजपा नेता तथा जमशेदपुर महानगर के पूर्व अध्यक्ष अभय सिंह के काशीडीह (साकची थाना) स्थित घर पर पहुँची तथा अपराधी की भांति गिरफ़्तार कर उन्हें बिष्टुपुर थाना के हाजत में रखा गया। भाजपा कार्यकर्ताओं तथा लोगों के विरोध करने पर उन्हें हाजत से निकाला गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार अभय सिंह घटना स्थल पर गये ही नहीं थे। 10 अप्रैल को सुबह पूर्व महानगर अध्यक्ष नंदजी प्रसाद, महानगर उपाध्यक्ष सुधांशु ओझा समेत कई भाजपा, विहिप एवं अन्य हिन्दू नेताओं के घर पर पुलिस ने गिरफ्तार करने हेतु छापामारी किया।

10 अप्रैल को विश्व हिन्दू परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल वरीय आरक्षी अधीक्षक से मिलने उनके कार्यालय पर पहुँचापुलिस ने प्रतिनिधि मंडल को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया । प्रतिनिधिमंडल में शामिल अधिवक्ता चंदन चौबे को हथकड़ी पहनाने पर जमशेदपुर न्यायालय के अधिवक्ताओं ने एक दिवसीय हड़ताल भी किया। भाजपा महानगर उपाध्यक्ष सुधांशु ओझा पुरी (ओडिसा) गए हुए थे। पुलिस उन्हें अपराधी की तरह गिरफ्तार कर जमशेदपुर लाई तथा उन्हें जेल भेज दिया।

गिरफ्तार किए गए तथा पुलिस की प्राथमिकी में दर्ज भाजपा, विहिप एवं अन्य हिन्दू नेता एवं लोग 9 अप्रैल के उपद्रव में शामिल नहीं थेपरन्तु उन्हें गैर जमानती धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर जिला प्रशासन द्वारा जेल भेजा गया। साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति में 9 अप्रैल को कदमा गणेश पूजा मैदान में इफ्तार पार्टी आयोजित करने की अनुमति जिला प्रशासन के द्वारा दिया जाना भी आश्चर्य का विषय है ।

बताया कि जमशेदपुर में श्री रामनवमी का उत्सव बड़े धूम-धाम से तथा डीजे एवं ट्रेलर पर झांकी के साथ आयोजन होता रहा है जिसमें बड़ी संख्या में लोग उत्साह के साथ महावीर झंडा विसर्जन जूलुस में भाग लेते हैं। इस वर्ष झांकी निकालने हेतु बड़े ट्रेलर (20 चक्का) का उपयोग एवं डी.जे बजाने पर जिला प्रशासन ने रोक लगाया। 30 मार्च, 2023 को साकची स्थित बाल मंदिर अखाड़ा ने जब डी.जे. के साथ झांकी निकाला तो प्रशासन ने डी.जे. तथा ट्रेलर को जब्त कर लिया। प्रशासन के इस रवैये के खिलाफ एवं डी. जे. तथा ट्रेलर को छोड़ने की मांग को लेकर अखाड़ा समितियों ने 31 मार्च को महावीर झंडा का विसर्जन जूलुस नहीं निकालने एवं 1 अप्रैल को जमशेदपुर बंद का आह्वान किया। अखाड़ा समितियों में काफी नाराजगी होने लगी। 31 मार्च (विसर्जन) को रात्रि 8 बजे जिला प्रशासन एवं अखाड़ा समितियों की वार्ता के बाद गतिरोध समाप्त हुआ तथा 31 मार्च एवं 01 अप्रैल को विसर्जन जूलुस निकला। प्रशासन के रवैये से श्रद्धालुओं में काफी असंतोष पनपा ।

9 अप्रैल के उपद्रव के बाद जिस तरह से निर्दोष भाजपा, विहिप एवं हिन्दू कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई इससे यह प्रतीत होता है कि जिला प्रशासन पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर पक्षपात करते हुए हिन्दू नेताओं पर कारवाई की। जमशेदपुर के कदमा थाना अन्तर्गत शास्त्रीनगर में 9 अप्रैल को हुए उपद्रव तथा साम्प्रदायिक हिंसा की जांच सी.बी.आई. अथवा झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश से होना चाहिए ताकि साम्प्रदायिक हिंसा का साजिश रचनेवाले एवं हिंसा में सम्मिलित तत्वों की पहचान कर उन्हें सजा मिले। निर्दोष भाजपा, विहिप एवं हिन्दू संगठनों के नेताओं पर प्रताड़ना करने वाले अधिकारियों की भी पहचान कर कानून के दायरे के बाहर काम करने वाले अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

बताया कि मंदिर समिति तथा बहुसंख्यक समाज के लोगों ने न तो हिंसा का सहारा लिया और न ही कोई पत्थरबाजी किया। परन्तु साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न करने के आरोप में गैरजमानती धाराओं के तहत हिन्दू नेताओं को घरों से गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रशासन की मंशा समझ से परे हैप्रशासन द्वारा भाजपा, विश्व हिन्दू परिषद एवं हिन्दू संगठनों के नेताओं की इस मामले में किए गए गिरफ्तारी से समाज के एक बड़े तबके में आक्रोश है।

रामनवमी झंडा के विर्सजन जुलूस की तिथि के विवाद को लेकर जिला प्रशासन एवं रामनवमी अखाड़ा समिति के मतभेद से प्रशासन कुछ अखाड़ा समिति एवं भाजपा नेताओं के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रसित था । प्रतिनिधिमंडल ने उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में महामहिम राज्यपाल से जमशेदपुर के शास्त्री नगर में घटित उपद्रव की जांच उच्च न्यायालय के माननीय न्याधीश अथवा सीबीआई से कराने एवम निर्दोष गिरफ्तार नेताओं को रिहा कराने की मांग की।

इससे पहले, माननीय प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश के निर्देशानुसार गठित पाँच सदस्यीय समिति ने घटना से संबंधित जाँच रिपोर्ट प्रदेश को सौंपा। इस समिति में डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, विद्युतवरण महतो, सांसद, जे.बी. तुबिद, पूर्व गृह सचिव, लक्ष्मण प्रसाद सिंह, पूर्व आई.जी., लक्ष्मण टुडु, पूर्व विधायक शामिल थे।

Screenshot 2023 0420 120224
जेएनएसी ने हटाया विभिन्न बाजारों से अतिक्रमण, जुर्माना वसूला, दुकान की सील

 जमशेदपुर : जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) ने बुधवार को साकची समेत शहर के विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। खुले में भवन निर्माण सामग्रियां रख कर अतिक्रमण करने वालों एवं प्लास्टिक के कैरी बैग प्रयोग करने वाले दुकानदारों समेत नौ लोगों से ₹1,37,600 का जुर्माना वसूला। सिदगोड़ा सैरात बाजार में बिना अनुमति के दुकान की संरचना बदलने वाले दुकानदार पर कार्रवाई करते हुए उसकी दुकान को सील कर दिया गया है।

n491872166168197190610750b6864cba7c08dc36ae38f1beb906aa45752cf7ab3d49055947d671beee1cb8
धनबाद : मेले में चाट, गोलगप्पा खाना पड़ा भारी, 200 से अधिक लोग बीमार

धनबाद : बलियापुर प्रखंड की करमाटांड़ पंचायत के हुचुक टांड़ गांव में बुधवार को आयोजित भोक्ता मेला में विषाक्त चाट, गोलगप्पा व छोला-भटूरा खाकर 200 से अधिक लोग बीमार पड़ गये। फूड प्वाइजनिंग के शिकार लोग उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत लेकर रात नौ बजे से आधी रात बाद तक एसएनमएमएमसीएच व शहर के अन्य अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचते रहे। रात 11.30 बजे तक एसएनएमएमसीएच में 150 से अधिक मरीज पहुंच चुके थे। शहर के दूसरे निजी अस्पतालों में भी इलाज के लिए बीमारों को भर्ती कराया गया। बीमारों में एक वर्ष के बच्चा से लेकर 90 वर्ष के वृद्ध तक शामिल थे। इतनी संख्या में मरीजों के एक साथ आने पर एसएनएमएमसीएच में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गयी।

n491872166168197190610750b6864cba7c08dc36ae38f1beb906aa45752cf7ab3d49055947d671beee1cb8

अस्पताल प्रबंधन ने मेडिकल स्टूडेंट्स के साथ-साथ सभी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर व पारा मेडिकल स्टॉफ को इलाज में लगा दिया। इस दौरान बीमारों को प्राथमिक इलाज के साथ ग्लूकोज चढ़ाया गया। दूसरी ओर, पुलिस-प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम देर रात हुचुक टांड़ गांव पहुंची। गांव में टीम कैंप कर बीमार लोगों की खोज-खबर लेती रही।
बीमार लोग हुचुकुटांड़, करमाटांड़, बरई टोला, नीचे टोला, आदिवासी टोला, कुम्हार टोला, बीसीसीएल कॉलोनी करमाटांड़, धोखरा, कहालडीह, ढांगी आदि गांवों के रहनेवाले हैं।

एसएनएमएमसीएच में पांव रखने की नहीं थी जगह

एसएनएमएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में इतनी संख्या में मरीजों के एक साथ आने से एक भी बेड खाली नहीं बचा। अधिकतर मरीजों का इलाज जमीन पर लिटा कर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार अधिकतर की स्थिति नियंत्रण में है। छोटे बच्चों में अधिक उल्टी के कारण पानी की कमी हो गयी है। उनका उपचार किया जा रहा है। इधर, मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने इन्हें इएनटी, सर्जरी व पीडियाट्रिक विभाग में शिफ्ट किया। इन वार्डों में बेड कम पड़ने की वजह से एक बेड पर दो से तीन मरीजों को लिटा कर इलाज किया गया।

7383ba72c954cf9c3761c26300adfe74a85318255e7ebb5ec767d92c5057391b.0
आज प्रधानमंत्री करेंगे वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन को संबोधित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मंगलवार को यह जानकारी दी। केन्द्रीय संस्कृति, पर्यटन और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री जी.के. रेड्डी ने बुधवार को नई दिल्ली में आगामी पहले वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन के संबंध में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। जी. के. रेड्डी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 अप्रैल को नई दिल्ली में पहले वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। संस्कृति मंत्रालय अपने अनुदानग्राही निकाय अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) के सहयोग से 20-21 अप्रैल को अशोक होटल में इस वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन (जीबीएस) की मेजबानी करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि केन्द्र सरकार आजादी का अमृत महोत्सव के तहत कई कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है और केन्द्र सरकार ने यह निर्णय किया है कि पहला अंतरराष्ट्रीय वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन भारत में आयोजित किया जाएगा।

7383ba72c954cf9c3761c26300adfe74a85318255e7ebb5ec767d92c5057391b.0

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि पहली बार विभिन्न देशों के प्रमुख बौद्ध भिक्षु भारत आयेंगे और इस शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस शिखर सम्मेलन में बौद्ध दर्शन और विचार की मदद से समकालीन चुनौतियों से निपटने के बारे में चर्चा होगी। यह वैश्विक शिखर सम्मेलन बौद्ध धर्म में भारत की प्रासंगिकता और उसके महत्व को रेखांकित करेगा, क्योंकि बौद्ध धर्म का जन्म भारत में ही हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि इस दो-दिवसीय वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन का विषय ‘समकालीन चुनौतियों के प्रति प्रतिक्रिया: दर्शन से अभ्यास तक’ है।
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने यह भी बताया कि यह वैश्विक शिखर सम्मेलन अन्य देशों के साथ सांस्कृतिक और राजनयिक संबंधों को आगे बढ़ाने का एक माध्यम भी साबित होगा। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि इस शिखर सम्मेलन में लगभग 30 देशों के प्रतिनिधि और विदेशों के लगभग 171 प्रतिनिधि और भारतीय बौद्ध संगठनों के 150 प्रतिनिधि भाग लेंगे।

इस सम्मेलन में दुनिया भर के प्रतिष्ठित विद्वान, संघ के नेता और धर्म के अनुयायी भाग ले रहे हैं। भाग लेने वालों में 173 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी शामिल हैं जिनमें 84 संघ सदस्य हैं और 151 भारतीय प्रतिनिधि शामिल हैं जिनमें 46 संघ सदस्य, 40 नन और दिल्ली के बाहर के 65 सामान्य धर्मोपासक शामिल हैं। इस सम्मेलन में एनसीआर क्षेत्र के लगभग 200 व्यक्ति भी भाग लेंगे, जिनमें विदेशी दूतावासों के 30 से अधिक राजदूत शामिल हैं। इस सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रतिनिधि आज के प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे और सार्वभौमिक मूल्यों पर आधारित बुद्ध के धम्म में इसके समाधानों की खोज करेंगे।

n49187767616819711868948518541e9f1c19f1d8ec5df93ce3501908511a1c8846d517adcd357bf5437cfd
गुरुवार को भी झारखंड में जारी रहेगा गर्मी का कहर, इस दिन से लगातार होगी बारिश!

झारखंड में अप्रैल महीने में ही लोग गर्मी से त्रस्त हो रहे है. अधिकतर जिलों का पारा 40 डिग्री के पार जा रहा है. राजधानी रांची समेत करीब 19 जिलों में गर्मी हर रिकार्ड को तोड़ती नजर आ रही है.राज्य के सभी जिलों में गुरुवार को भी लू चलने की संभावना जतायी जा रही है. वहीं, शुक्रवार से मौसम बदलने का पूर्वानुमान है. कई जिलों में गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है.

बुधवार को तप रहा था झारखंड

बुधवार को भी अधिसंख्य जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेसि से भी अधिक रहा. राजधानी रांची का अधिकतम तापमान भी 40 डिग्री सेसि रहा, जबकि जमशेदपुर का 44.1 तथा डालटनगंज का अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेसि रिकॉर्ड किया गया. हजारीबाग, लोहरदगा और लातेहार जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेसि से नीचे रिकार्ड किया गया है. मौसम केंद्र के अनुसार, 21 से 24 अप्रैल तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गर्जन के साथ बारिश हो सकती है. तेज हवा भी चल सकती है.

21 अप्रैल से 24 अप्रैल तक बारिश की संभावना

ऐसे में राज्यवासियों के लिए यह बड़ी राहत साबित हो सकती है. बता दें कि मौसम केंद्र की ओर से यह जानकारी साझा की गयी है कि राज्य के अधिकतर जिलों में हल्के और माध्यम दर्जे के मेघगर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है. मौसम में परिवर्तन करीब 24 अप्रैल तक देखा जाने वाला है. पूर्वानुमान में पहले 19 अप्रैल को भि बारिश की संभावना जतायी गयी थी. हालांकि, आज का मौसम भी गर्म ही रहने वाला है इसलिए राज्यवासी नीचे लिखे हुए सलाह का पालन करते हुए ही घर से बाहर निकले.

लू से बचने के उपाय

घर से निकलने से पहले उचित मात्रा में पानी जरूर पिए.

जब भी घर से बाहर निकले, अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें.

धूप में निकलने से बचे. जरूरत पर सूती कपड़े से चेहरा ढककर ही बाहर निकलें.

पानी वाले फलों का सेवन जरूर करें.

हल्के रंग के कपड़े पहनकर ही बाहर निकलने को प्राथमिकता दें.

n491884762168197077660421cd91f390363ff9907cceb26be6bc3dcb377d52404931e821aa30c74243afdc
कोरोना ने तोड़े 2023 के रिकॉर्ड, एक दिन में आए सबसे ज्यादा मामले

कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है. लगातार मामले में इजाफा हो रहा है. इसके अलावा मौत के मामले भी बढ़ रहे हैं. इस बीच देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस के 12591 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जोकि इस साल के सबसे अधिक केस हैं.

n491884762168197077660421cd91f390363ff9907cceb26be6bc3dcb377d52404931e821aa30c74243afdc

वहीं, 29 मरीजों की मौत हुई है. हैरान करने वाली बात ये है कि बीते दिन के मुकाबले संक्रमण 20 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गया है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस समय डेली पॉजिटिविटी रेट 5.46 फीसदी है, जबकि साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 5.32 फीसदी है. देश में इस समय सक्रिय मामले 65,286 है और सक्रिय दर 0.15 फीसदी है. वहीं, ठीक होने की दर मौजूदा समय में 98.67 फीसदी है और पिछले 24 घंटों में 10,827 लोग ठीक हुए हैं. कुल ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 4,42,61,476 हो गई है.

पिछले 24 घंटों में सिर्फ 574 लोगों ने लगवाया कोरोना वैक्सीन का डोज

कोरोना के केस बढ़ने के साथ टेस्टिंग की गति भी बढ़ गई है. पिछले 24 घंटों में 2,30,419 लोगों ने टेस्ट करवाया है. अब तक कुल 92.48 करोड़ कोरोना सैंपल टेस्ट किए गए हैं. इसके अलावा वैक्सीनेशन अभियान के तहत पिछले 24 घंटों में सिर्फ 574 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है. अबतक वैक्सीन की कुल 220.66 करोड़ डोज लगाई जा चुकी हैं.

कोरोना का पीक इन शहरों में आएगा पहले

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी कोरोना से हालात खराब होते जा रहे हैं. लोगों में दहशत बढ़ने लग गई है क्योंकि मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है. बीते दिन दिल्ली में कोविड से 6 लोगों की जान चली गई है, जबिक 1,767 नए मामले दर्ज किए गए हैं. मंगलवार की तुलना में केस 15 फीसदी ज्यादा रिपोर्ट किए गए. फिलहास पॉजिटिविटी रेट 28.63 फीसदी है. महामारी के प्रकोप के बाद पहली बार 16 जनवरी को दिल्ली में कोरोना के मामलों की संख्या जीरो हो गई थी.

डॉक्टरों की सलाह, जरूर लें वैक्सीन का बूस्टर शॉट

डॉक्टरों का कहना है कि ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट XBB.1.16 की वजह से मामले तेजी से बढ़ रहे हैं क्योंकि ये वैरिएंट तेजी से लोगों को संक्रमित कर रहा है. हालांकि, उनका कहना है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है. लोग घरों से बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें और उनको कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने की जरूरत है. इसके अलावा डॉक्टरों ने बूस्टर शॉट्स लेने की भी सलाह दी है.

1734561 surya grahan 8
साल का पहला सूर्यग्रहण कल, भारत में क्या होगा असर? सूतक का समय

ग्रहण का मोक्ष यानी पूरा समय होने के बाद मकान, दुकान, प्रतिष्ठान की साफ सफाई कर अच्छे से धुलाई करें.संभव हो तो पूरे घर को नमक के पानी से धोएं. इसके बाद खुद भी स्नान कर देवी देवताओं को स्नान कराएं. इसके बाद खाद्य पदार्थों पर गंगाजल छिड़क कर उनको शुद्ध करें. ग्रहण के प्रभाव सभी तरह के ग्रहण यानि सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण पर लागू होते हैं.
ग्रहण के बाद खुद भी स्नान करें और देवी-देवताओं को भी स्नान कराएं. खाने की चीजों पर गंगाजल छिड़क कर उन्हें शुद्ध करें और उसके बाद ही ग्रहण करें.

1734561 surya grahan 8

सूर्य ग्रहण कहां-कहां दिखेगा

साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा यह कंबोडिया, चीन, अमेरिका, माइक्रोनेशिया, मलेशिया, फिजी, जापान, समोआ, सोलोमन, बरूनी, सिंगापुर, थाईलैंड, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम, ताइवान, पापुआ न्यू गिनी, इंडोनेशिया, फिलीपींस, दक्षिण हिंद महासागर, दक्षिण प्रशांत सागर, और न्यूजीलैंड में आसानी से देखा जा सकेगा.

100 साल बाद एक ही दिन में 3 सूर्य ग्रहण

अप्रैल में लगने वाला सूर्य ग्रहण बहुत ही खास है. इसकी वजह यह है कि 19 साल बाद सूर्य ग्रहण मेष राशि में लगने जा रहा है. साथ ही ये सूर्य ग्रहण हाइब्रिड सूर्य ग्रहण होगा और तीन रूपों आंशिक, पूर्ण और कुंडलाकार तीनों रूपों में देखा जा सकेगा. ऐसा संयोग 100 साल बाद बन रहा है जब एक ही दिन में 3 तरह का सूर्य ग्रहण दिखेगा.

सूर्य ग्रहण में गर्भवती महिलाएं दें ध्यान

  • सूतक काल से ग्रहण काल के दौरान तक गर्भवती स्त्रियां चाकू, कैंची आदि किसी भी नुकीली चीज का इस्‍तेमाल न करें. न ही सिलाई-कढ़ाई करें.
  • सूर्य ग्रहण के दौरान वे घर से बाहर न निकलें. अपने पेट के हिस्से पर गेरू लगाएं. मान्यता है ऐसा न करने पर गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान हो सकता है.
  • सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सब्जी काटने या फिर अन्य किसी यंत्र का प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि मान्यता है कि ऐसा करने पर बच्चे में शारीरिक विकृति आती है.

सूर्य ग्रहण देखने के दौरान सावधानियां

नासा का कहना है कि सूर्य ग्रहण को बिना आंखों की सुरक्षा के देखने से आंखों को स्थायी नुकसान हो सकता है जिससे अंधापन भी हो सकता है. इसलिए, सूर्य ग्रहण (solar eclipse) को देखने के लिए, ब्लैक पॉलीमर, एल्युमिनाइज्ड माइलर, या शेड नंबर 14 के वेल्डिंग ग्लास जैसे उचित फिल्टर का उपयोग किया जा सकता है. इसके अलावा, आप टेलीस्कोप द्वारा व्हाइटबोर्ड पर सूर्य की छवि को प्रक्षेपित करके आसानी से सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) देख सकते हैं.

भारत में सूर्य ग्रहण क्यों नहीं दिखेगा?

हाइब्रिड सूर्य ग्रहण या ‘वार्षिक रिंग ऑफ फायर’ ग्रहण भारतीय और प्रशांत महासागरों में केवल कुछ सेकंड के लिए ही देखा जा सकेगा. यह जमीन पर कहीं दिखाई नहीं देगा. कुल ग्रहण केवल तीन स्थानों में दिखाई देगा जिनमें एक्समाउथ, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया, तिमोर लेस्ते और पश्चिम पापुआ शामिल हैं.

ग्रहण के दौरान न करें ये काम

ग्रहण काल के दौरान सोना भी निषिद्ध माना गया है इसलिए इस समय भूलकर भी नहीं सोना चाहिए. विशेष परिस्थितियों में या वृद्ध एवं बच्चों के लिए सोने का नियम मान्य नहीं है.

साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण भारत में कब दिखेगा?

साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण बहुत कम स्थानों से ही देखा जा सकेगा. ऑस्ट्रेलिया, पूर्व और दक्षिण एशिया, प्रशांत महासागर, अंटार्कटिका और हिंद महासागर में दिखेगा. इन जगहों से सूर्य में होने वाले पर्विरतन का देखा जा सकेगा. जबकि भारत में यह ग्रहण बिल्कुल भी नजर नहीं आयेगा.

हाइब्रिड सूर्य ग्रहण कैसे देखें?

2023 में कुल चार ग्रहण पड़ेंगे, जिनमें दो चंद्र ग्रहण और दो सूर्य ग्रहण शामिल हैं. सूर्य ग्रहण देखते समय, सुरक्षा सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है क्योंकि वे आंखों को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं और अंधेपन का कारण बन सकते हैं. नासा 14-शेडेड वेल्डिंग ग्लास, ब्लैक पॉलीमर या एल्युमिनाइज्ड माइलर जैसे उपयुक्त फिल्टर का उपयोग करने का सुझाव देता है. एक अन्य विकल्प दूरबीन के माध्यम से सूर्य को देखने के लिए एक टेलीस्कोप का उपयोग करना है.

महामृत्युंजय मंत्र का करें जाप

ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र या भगवान शिव के नाम का जाप करें. ग्रहण खत्म होने के बाद फिर से नहाना चाहिए. ग्रंथों के अनुसार ऐसा करना जरूरी है.

ग्रहण खत्म होने पर करें ये उपाय

ग्रहण के बुरे प्रभावों से बचने के लिए महा मृत्युंजय मंत्र का जाप करें. ग्रहणकाल के बाद गंगाजल छिड़क कर घर का शुद्धिकरण कर लें. सूर्य ग्रहण के अगले दिन धनु संक्रांति है तो आप सूर्य से संबंधित कोई वस्तु दान करें. आप अगले दिन तांबा, गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र और तांबे की कोई वस्तु दान कर सकते हैं.

ग्रहण के दौरान रखें इन बातों का ध्यान

ग्रहण काल ​​के दौरान, कई प्रकार की अशुद्ध और हानिकारक किरणें निकलती हैं. तो, कुछ कार्य हैं जिन्हें ग्रहण काल ​​के दौरान किया जाना चाहिए

ग्रहण के दौरान बरतें ये सावधानियां

ग्रहण काल में खाना-पीना, शोर मचाना या किसी भी प्रकार का शुभ कार्य जैसे पूजा-पाठ आदि नहीं करना चाहिए. वहीं, सूतक लगने के बाद से ही गर्भवती स्त्रियों को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. क्योंकि सूर्य से निकलने वाली पराबैगनी किरणें गर्भस्थ शिशु के लिए हानिकारक होती हैं.

सूर्य ग्रहण पर स्नान दान करने का है विशेष महत्व

सूर्य ग्रहण के दिन भी दान का बहुत महत्व होता है. शास्त्रों के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान किया गया दान राहु, केतु और शनि के गलत प्रभावों को भी सही करता है.

भारत पर क्या होगा असर?

20 अप्रैल को लगने वाला यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा जिस कारण से इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. हालांकि इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव हर एक राशि के जातकों के जीवन पर अवश्य ही पड़ेगा.

e52dee6e70de8834e740f97a4fff165691002fbe9a6434ae99f5ec87101e2122.0
नियोजन नीति के विरोध में आज झारखंड बंद, प्रशासन अलर्ट मोड में

नियोजन नीति के विरोध में आज झारखंड बंद का आह्वान किया गया है। नियोजन नीति के खिलाफ झारखंड बंद का आह्वान किया गया है। झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन की ओर से आज सुबह 6:00 बजे से ही शहर के विभिन्न इलाकों में बंद कराया गया। मोरहाबादी में बंद समर्थकों ने सब्जी मंडी और आसपास लगने वाले दुकानों को बंद कराया।

सड़क पर उतरे बंद समर्थक

बंद समर्थकों की ओर से किसी तरह का हंगामा ना किया जाए, इसके लिए पुलिस भी मुस्तैद है। अल्बर्ट एक्का चौक पर कोतवाली डीएसपी की ओर से पुलिस के जवानों को ब्रीफिंग की गई। वही मोराबादी में बंद कराए की सूचना मिलने के बाद सिटी डीएसपी दीपक कुमार जवानों के साथ पहुंचे और 1 समर्थकों को खदेड़ा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार रामगढ़ बोकारो रांची से सटे सिल्ली कई इलाकों में बंद को सफल बनाने की कोशिश की जा रही है। वहीं शहर के विभिन्न क्षेत्र में युवा जुट रहे हैं और लोगों से दुकानें बंद करने का आह्वान कर रहे हैं। तीन दिनों से छात्र महा आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के पहले दिन मुख्यमंत्री आवास घेरने की कोशिश हुई, दूसरे दिन मशाल जुलूस निकाला गया और तीसरे दिन यानी आज झारखंड बंद का आह्वान किया गया है। सड़क पर छात्र आज बंद कराने उतरे हैं।

छात्रों ने की आम लोगों से अपील

कल छात्रों ने रांची के मोरहाबादी मैदान सहित कई इलाकों में घूम- घूम कर अपील की है कि कल झारखंड बंद है। हमें नौकरी नहीं मिल रही है, सरकार की यही नियोजन नीति का असर है कि हमें अबतक रोजगार नहीं मिला है। यही वजह है कि हम झारखंड बंद कर रहे हैं, हमें उम्मीद है कि आपका साथ हमें मिलेगा। इस बंद को कई आदिवासी संगठन का भी साथ मिला है। राज्य में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। छात्र संगठनों के बंद को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी 24 जिलों को अलर्ट किया है।

नियोजन नीति वापस लेने की मांग

राज्य में 60-40 नियोजन नीति को वापस करने की मांग की जा रही है। स्टूडेंट्स यूनियन ने 72 घंटे के महाआंदोलन का ऐलान पहले ही किया था। छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि 19 अप्रैल की सुबह से सड़क पर उतर कर झारखंड बंद को ऐतिहासिक रूप से बंद को सफल कराया जायेगा।

आपात सेवाओं को बंद से रखा गया है मुक्त

इस बंद से आपात सेवाओं को मुक्त रखा गया है। झारखंड बंद को लेकर रांची पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। रांची में ढाई हजार से अधिक पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है।

8843b7a106c876f55382af223acabb82f9ecddb744a543389deecefd6555cc5c.0
शास्त्रीनगर हिंसा के मामले में जाँच को लेकर एसएसपी से मिले प्रतिनिधिमंडल

जमशेदपुर : जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर में हुए सांप्रदायिक बवाल के मामले में दर्ज एफआईआर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के 13 ऐसे पदाधिकारियों के नाम हैं. जिनको उनके संगठन का कहना है कि यह निर्दोष हैं. जांच कर एफआईआर से इनका नाम निकालने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को साकची में एसएसपी प्रभात कुमार से मिला. प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने बताया कि एसएसपी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कराई जाएगी और जो लोग भी निर्दोष पाए जाएंगे उन का नाम एफआईआर से हटाया जाएगा. बजरंग दल के संयोजक दीपक ठाकुर ने बताया कि 9 अप्रैल को जिस दिन शास्त्री नगर में घटना हुई थी.

उस समय शाम को 6:00 से 6:30 के बीच विश्व हिंदू परिषद के दीपक वर्मा, सुभाष चटर्जी, उत्तम दास, प्रदीप सिंह, शंभू प्रमाणिक, सूरज राज खत्री और रोशन कुमार डीएसपी कमलकिशोर से बात करने कदमा थाने में गए थे. उसी समय डीएसपी के फोन पर काल आई कि शास्त्रीनगर में पथराव हो रहा है. इसके बाद डीएसपी वहां से चले गए और विहिप के लोग भी अपने घर चले गए. इसलिए यह लोग बेकसूर हैं. उन्होंने बताया कि इसी समय अजय गुप्ता, चंदन दास और डॉ भोला लोहार टेल्को में भारत माता पूजन कार्यक्रम में शाम 6:00 बजे से रात 9:00 बजे तक थे. इसलिए यह लोग बेकसूर हैं. विहिप के सोनारी के रहने वाले संजय सिंह अस्वस्थ थे और घर पर थे. इसलिए वह भी बेकसूर हैं. दीपक ठाकुर ने बताया कि जनार्दन पांडे, भीम यादव, चंदन चौबे, अनिरुद्ध गिरी, राजेश चौबे, शंकरराव और कन्हैया पांडे अपने निजी काम में व्यस्त थे और वह भी इस मामले में बेकसूर हैं. एसएसपी ने मामले में जांच करने का आश्वासन दिया है.

1681839378651
सुबह 6 बजे से खुलेगा अब जुबली पार्क का गेट – पवन अग्रवाल

जमशेदपुर : जुबिली पार्क के गेट को देरी से खोले जाने पर स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी के आलोक में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा जिला के उपायुक्त के नाम एक ज्ञापन उनकी अनुपस्थिति में डीआरडीए के निदेशक सौरव सिन्हा को सौंपा गया। गर्मी के मद्देनजर सारे सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों के समय मे परिवर्तन किया गया है। परन्तु जुबिली पार्क का गेट अभी भी सुबह 7 बजे खोला जा रहा है। जिसके कारण बाग ए जमशेद गोलचक्कर के पास घंटो जाम की स्थिति रही। जिसके कारण आज काफी संख्या में बच्चे समय पर स्कूल नहीं जा सके।

1681839378651

बच्चों को हो रही समस्या के समाधान हेतु भाजपा नेता पवन अग्रवाल के नेतृत्व में मंगलवार को ज्ञापन के माध्यम से पार्क के गेट को सुबह 6 बजे खोलने की मांग की गई। उचित मांग के समाधान हेतू तत्काल सौरव सिन्हा ने जुस्को के वरीय महाप्रबंधक कैप्टन धनंजय मिश्रा को बुधवार से जुबली पार्क का गेट सुबह 6 बजे खोलने का आदेश निर्गत किया। जिसके कारण अब बच्चों को सुबह स्कूल जाने में परेशानी नहीं होगी। भाजपा नेता पवन अग्रवाल ने त्वरित संज्ञान लेकर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

error: Content is protected !!