पाकिस्तान आर्थिक रूप से कंगाल हो चुका है जिसका सीधा असर वहां लोगों पर पड़ रहा है। इतना ही नहीं बल्कि जो लोग भारत पाकिस्तान बंटवारे के समय पाकिस्तान चले गए थे उनकी नस्लें अब अपने बाप दादाओं को कोस रहे हैं। उन लोगों में अब पाकिस्तान की मशहूर पत्रकार आरजू काज़मी भी शामिल हो गई है। अपनी हालत को लेकर आरजू ने एक ट्वीट किया है जो वायरल हो रहा है। अपने इस ट्वीट में आरजू ने लिखा है कि वह असल में हिंदुस्तान की रहने वाली हैं, लेकिन उनके दादा बंटवारे के समय दिल्ली और प्रयागराज से पाकिस्तान चले गए थे। आपको बता दें कि पाकिस्तान में अभी आर्थिक हालात बेहद खराब चल रहे हैं। यहां को लोगों को आटा तक नहीं मिल रहा। यहां खाने पीने के सामानों की कीमत आसमान पर चली गई हैं।
भारत छोड़ने का पछतावा
आरजू काजमी ने अपने पूर्वजों के 1947 में भारत से पाकिस्तान चले जाने के फैसले पर अफसोस जताया है और ट्वीट किया, मेरे भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों को लगता है कि उनका पाकिस्तान में कोई भविष्य नहीं है। मेरे दादाजी और उनका परिवार पाबेहतर भविष्य के लिए प्रयागराज और दिल्ली से पाकिस्तान चला आया था। वाट लगा दी दादा जी। आरजू का यह ट्वीट जबरदस्त रूप से वायरल हो रहा है।
भारत आने का मिला न्यौता
इस पर अफशान नाम की ट्वीटर यूजर ने लिखा कि, मेरे दादा-दादी बिहार और यूपी से पलायन कर पाकिस्तान आए थे और उन्हें अंतिम सांस लेने तक अपने फैसले पर पछतावा हो रहा था। वहीं, समीर अहमद नाम के एक यूजर ने लिखा, मैं बेहतर तरीके समझ सकता हूं। मेरे दादा ने भी यही किया था और अंत में हमारी हालत खराब हो गई। वहीं, जगदीश नाम के यूजर ने कारजू के ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए लिखा, योगी जी घर वापसी करा देंगे। वहीं, मंजूर अहमद ने लिखा-चिंता की बात नहीं है अब्बा (भारत) का दिल बहुत बड़ा है। इसी के साथ ही आरजू को इसके बाद कई लोगों ने भारत में आने का न्यौता दिया।
टिनप्लेट कंपनी की विस्तारीकरण परियोजना का सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कंपनी परिसर में शिलान्यास किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि आज टाटा समूह की टिनप्लेट कंपनी की विस्तारीकरण किया जा रहा है। बहुत जल्द जमशेदपुर में होटल ताज और रांची में टाटा स्टील द्वारा निर्मित टाटा कैंसर हॉस्पिटल लोगों के लिए खुलेगा। इससे शहर और राज्य की जनता के साथ बाहर के लोगों को भी इसका फायदा होगा। इंडस्ट्री को चलाने और उसके बेहतर प्रबंधन और मजदूर कैसे अच्छे से काम करें, इस पर टाटा समूह काम करता है। इसमें टाटा समूह की बहुत बड़ी भूमिका होती है। सरकार के रूप में हमारी यह सोच रहती है कि राज्य में उद्योग लगेंगे तो रोजगार का सृजन होगा। इसके लिए कौन-कौन सी नीतियां बनानी हैं, उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कैसे नीतियां बनानी हैं, इस पर हमारा ज्यादा फोकस रहता है। सरकार बनने के बाद हमने नई उद्योग नीति बनाई है। इसके बाद कई उद्योगों के प्रबंधन ने यहां आने की इच्छा जताई है। संयोग से उस उद्योग नीति को सार्वजनिक करने के मौके पर कई उद्योग घराने के लोग समारोह में शामिल थे। उस पर सहमति भी बनी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की उद्योग नीति के तहत टाटा स्टील अपना एक्सटेंशन भी करेगी। कोरोना के कारण कई चुनौतियां भी खड़ी थीं। फिर भी राज्य में आर्थिक गतिविधि बनाए रखने के लिए उद्योग के साथ-साथ आम जीवन सामान्य बना रहे, इसका भी हमलोगों ने भरसक प्रयास किया था। आज जिस उद्योग नीति को लेकर कई बेहतर परिणाम भी देखने को मिले। उनमें से एक टिनप्लेट कंपनी के विस्तारीकरण योजना है। इससे पहले बोकारो का सीमेंट प्लांट भी अपने एक्सटेंशन की स्थिति में था, लेकिन कई कारणों से वह अपने आपको फैला नहीं पाया। लेकिन हमारी उद्योग नीति के साथ आगे बढ़ा और उसमें उत्पादन भी शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यहां टाटा समूह की ओर से यहां दो हजार करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट हो रहा है। प्रत्यक्ष रूप से एक हजार लोगों को इसमें रोजगार मिलेगा। निश्चित ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कम से कम पांच से सात हजार लोग इसका लाभ उठाएंगे। उन्होंने कहा कि इस देश को लोगों ने जाना है तो टाटा और बिड़ला समूह की वजह से ही जाना है। देश और राज्य को आगे बढ़ाने में टाटा समूह की बहुत बड़ी भूमिका रही है। राज्य के व्यावसायिक घरानों के साथ मिलकर राज्य में व्यावसायिक व्यवस्थाएं मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। टाटा समूह होटल व्यवसाय में भी अपनी अलग पहचान रखता है। राज्य में खनिज सम्पदा काफी मात्रा में है। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मजबूती से कई काम किए हैं। इस कारण टाटा समूह यहां अपने ताज समूह को भी यहां लाने के प्रयास में है। इसके लिए हर प्रयास किए जाएंगे।
टाटा स्टील के सीईओ सह प्रबंध निदेशक (एमडी) टीवी नरेंद्रन ने कहा कि टिनप्लेट कंपनी की इस प्रोजेक्ट के लिए दो-तीन साल पहले दिल्ली में एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ था। यह प्रोजेक्ट जमशेदपुर और टाटा स्टील के लिए काफी महत्वपूर्ण है। टाटा स्टील लगातार आगे बढ़ रहा है। टिनप्लेट कंपनी का 100 साल का इतिहास है। पैकेजिंग स्टील में भारत में नंबर वन कंपनी है। जमशेदपुर में टाटा समूह का जिंजर होटल है। जमशेदपुर में बहुत जल्द ताज का भी होटल आने वाला है। रांची में टाटा कैंसर हॉस्पिटल बनकर तैयार है, जो बहुत जल्द लोगों के लिए शुरू हो जाएगा।
समारोह में स्वागत भाषण टिनप्लेट कंपनी के एमडी आरएन मूर्ति ने दिया। उन्होंने मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विशिष्ट अतिथि परिवहन मंत्री चंपई सोरेन, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन व सभी विधायकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। समारोह में मुख्यमंत्री को मोमेंटो भी भी दिया गया। समारोह में टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट सर्विसेज) चाणक्य चौधरी, जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय, पोटका के विधायक संजीव सरदार, जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी, घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन, बहरागोड़ा के विधायक समीर महंती, ईचागढ़ की विधायक सविता महतो उपस्थित थे। इनके अलावा मुख्य सचिव वंदना डाडेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, उद्योग विभाग के सचिव जितेंद्र सिंह, डीसी विजया जाधव, एसएसपी प्रभात कुमार मौजूद थे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन टिनप्लेट कंपनी के महाप्रबंधक (वर्क्स) एसके वत्स ने किया।
वैश्विक महामारी कोरोना का भारत में पिछले कुछ दिनों से एकबार फिर से खौफ बढ़ने लगा है। पिछले कई दिनों से देश में कोरोना के मामलों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। इससे पहले देश में कोरोना धीरे-धीर दम तोड़ता नजर आ रहा था लेकिन मौसम में बदलाव के बीच एकबार फिर से कोरोना के नए मामले तेजी से बढ़ने लगी है। कोरोना मामलों में बढ़ोतरी पिछले 8 हफ्तों से लगातार बढ़ रही है। आलम यह है कि देश में पिछले कई दिनों से कोरोना के 3000 से ज्यादा नए केस सामने आ रहे हैं।
24 घंटे में कोरोना के 3641 नए केस आए
पिछले कुछ दिनों से देश में एकबार फिर से कोरोना के मामलों में तेजी देखी जा रही है। हालांकि कल के मुकाबले देश में आज कोरोना के दैनिक मामले में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है। देश में आज कोरोना के 3641 नए केस सामने आए हैं। इस दौरान कोरोना संक्रमण की वजह से 11 लोगों की मौत की खबर है। इससे पहले पिछले दिन रविवार को देश में कोरोना के 3824 नए केस सामने आए थे जबकि 4 लोगों की मौत हुई थी। यानी कल के मुकाबले आज देश में कोरोना के 183 कम नए केस सामने आए हैं। वहीं शनिवार को देश में कोरोना के 2994 नए केस सामने आए थे जबकि 9 लोगों की मौत की खबर थी। वहीं शुक्रवार को देश में कोरोना के 3095 नए मामले आए थे, जबकि 5 लोगों की मौत की मौत हुई थी।
देश में फिर डराने लगा है कोरोना
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आज सुबह जारी आंकड़े के मुताबिक बीते 24 घंटे में देश में कोरोना संक्रमण के 3641 नए केस सामने आए। इस दौरान कोरोना संक्रमण की वजह से 11 व्यक्तियों की मौत की खबर है। वहीं इस दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण को 1800 लोग मात देने में कामयाब रहे, यानी स्वस्थ्य हुए। इसके साथ ही देश में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या उछलकर 20,000 के पार पहुंच गई है। आज देश में कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या 20,219 हो गई है। इस तरह पिछले 24 घंटे में एक्टिव केस की संख्या में 2035 की तेजी दर्ज की गई है।
देश में अब तक कोरोना संक्रितों की संख्या 4,47,26,459 हुई
इसके साथ ही देश में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 47 लाख 26 हजार 459 हो गई है। जबकि ठीक होने वाले लोगों का आंकड़ा बढ़कर 4 करोड़ 41 लाख 75 हजार 135 हो गया है। वहीं देश में अब तक कुल 5 लाख 30 हजार 892 लोग कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से दम तोड़ चुके हैं।
देश में अबतक कोरोना की ताजा स्थिति
अभी कुल एक्टिव केस- 20 हजार 219 अबतक कुल संक्रमित- 4 करोड़ 47 लाख 26 हजार 459 अबतक कुल डिस्चार्ज- 4 करोड़ 41 लाख 75 हजार 135 अबतक कुल मौतें- 5 लाख 30 हजार 892
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, डेली पॉजिटिव रेट इस समय 2.87 फीसदी तो वीकली पॉजिटिव रेट 2.24 प्रतिशत है। कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। देश में अब रिकवरी रेट बढ़कर 98.77 फीसदी पहुंच गया है। जबकि मृत्यु दर 1.19 फीसदी पर बरकरार है। वहीं सक्रिय मामलों में कुल संक्रमणों का 0.04 प्रतिशत शामिल है। मंत्रालय की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक करीब कोविड-19 रोधी टीकों की 220.66 करोड़ खुराक दी जा चुकी है।
केरल के कोझिकोड में एक सिरफिरे ने चलती ट्रेन में दूसरे यात्रियों पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगा दी। बोगी में अचानक भड़की आग देखकर एक साल के बच्चे को लेकर सफर कर रही महिला ने चलती ट्रेन से ही छलांग लगा दी। पुलिस को पटरियों से उन दोनों के अलावा एक और शख्स की लाश मिली है। पुलिस ने मामला दर्ज कर उस शख्स की तलाश शुरू कर दी है, जिसने ट्रेन की बोगी में आगजनी को अंजाम दिया। आगजनी के दौरान ट्रेन में सवार 9 लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आगजनी कर फरार हो गया शख्स
पुलिस ने एजेंसी को बताया कि घटना अलप्पुझा-कन्नूर एग्जीक्यूटिव एक्सप्रेस में रविवार रात 9.45 बजे हुई। कोझिकोड शहर को क्रॉस करने के बाद ट्रेन जैसे ही कोरापुझा रेलवे पुल पर पहुंची एक अज्ञात व्यक्ति ने दूसरे यात्रियों पर ज्वलनशील पदार्थ डाला और आग लगा दी। इस आगजनी में 9 लोग बुरी तरह से झुलस गए। घटना को अंजाम देने के बाद संदिग्ध आरोपी वहां से फरार हो गया।
ट्रेन में मिला महिला का मोबाइल
ट्रेन की बोगी में धधकती आग को देखकर दूसरे यात्रियों ने चेन पुलिंग की और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। यहां से आगे चलने के बाद जब ट्रेन कन्नूर पहुंची, तो कुछ यात्रियों ने घटना के बाद से एक महिला और एक बच्चे के लापता होने की शिकायत की। आगजनी में घायल एक शख्स दोनों की तलाश कर रहा था। काफी तलाश करने के बाद ट्रेन से महिला का मोबाइल फोन और बच्चे का एक जूता मिला।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने महिला और बच्चे की खोजबीन शुरू की तो इलाथुर रेलवे स्टेशन के पास पटरियों पर महिला और बच्चे के अलावा एक और शख्स की लाश पड़ी मिली। पुलिस को अंदेशा है कि आग देखने के बाद उन्होंने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। पुलिस इस घटना की सत्यता पता करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
यहां चल रहा घायलों का इलाज
एजेंसी सूत्रों के मुताबिक महिला बच्चे की आंटी थी। आगजनी में कुल 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका कोझिकोड मेडिकल कॉलेज सहित अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
चतरा : चतरा जिले से सटे पलामू सीमा पर सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हो रही है। सुरक्षा बलों ने पलामू-चतरा सीमा पर लावालौंग थाना क्षेत्र में माओवादियों खिलाफ अभियान शुरू किया था। इस अभियान में सीआरपीएफ 190, कोबरा बटालियन, जैप, आईआरबी के साथ- साथ पलामू और चतरा के जिला बल को लगाया गया था। एंटी नक्सल अभियान के दौरान लावालौंग थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने पांच माओवादियों को मार गिराया है। वहीं मुठभेड़ में आधा दर्जन अन्य माओवादियों को गोली लगने की भी सूचना है। मुठभेड़ के दौरान मौके से सुरक्षाबलों ने माओवादियों का भारी मात्रा में हथियार और नक्सल सामान भी बरामद किया है। एसपी राकेश रंजन ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि अभियान के दौरान जवानों को बड़ी सफलता हाथ लगी है और हथियार बरामद किया गया है।
सरायकेला : ज़िले के चौका थाना क्षेत्र के मुटुदा जंगल से पुलिस ने दो नर कंकाल बरामद किये हैं। रविवार को चौका पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि जंगल में दो नर कंकाल मिले हैं। जिसके बाद पुलिस ने जांच प्रारंभ किया। जिसमें दोनों नर कंकाल मुटूदा गांव निवासी दंपत्ति सोमा मुंडा और एतवारी देवी के निकले।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक के 12 वर्षीय बेटे बाजू मुंडा ने अपने मामा और अन्य परिजनों के साथ चौका थाने में रविवार को नर कंकाल मिलने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस मुटूदा गांव पहुंची और घने जंगल से नर कंकाल बरामद किया। मृत एतवारी देवी के भाई सनातन मुंडा ने चौका थाने में पड़ोसियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मिली जानकारी के अनुसार 3 महीने पहले जनवरी माह में दंपत्ति सोमा मुंडा और एतवारी देवी का गांव के पड़ोसियों से झगड़ा हुआ था। जिसके कुछ दिन बाद ये दोनों लापता हो गए थे। इधर मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया है कि मारपीट के बाद हत्या कर पड़ोसियों ने शव को जंगल में फेंक दिया था, जो अब बरामद हुआ है। इधर पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ कर दिया गया है।
2024 में पहले लोकसभा और उसके कुछ ही महीनों बाद झारखंड में विधानसभा के चुनाव संभावित हैं. इसे लेकर राज्य की सियासी फिजां में अभी से गरमाहट महसूस की जा सकती है.
पक्ष-विपक्ष के दलों की गोलबंदी की कोशिशों के बीच झारखंड में जो तस्वीर बनती दिख रही है, उसमें दो बातें साफ हो जाती हैं. पहली यह कि राज्य में झामुमो-कांग्रेस-राजद के मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन की कमान निर्विवाद रूप से हेमंत सोरेन (Hemant Soren) के पास रहेगी. दूसरी बात यह कि भाजपा यहां किसी एक चेहरे को आगे करने के बजाय सामूहिक नेतृत्व का फार्मूला अपनाएगी. हेमंत सोरेन आज झारखंड में झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन के सबसे बड़े एवं सर्वमान्य सेनापति की भूमिका में हैं और आगामी लोकसभा-विधानसभा चुनावों में भी उनकी यह हैसियत बरकरार रहने वाली है. दूसरी तरफ भाजपा नरेंद्र मोदी-अमित शाह यानी केंद्रीय नेतृत्व की छत्रछाया में झारखंड भाजपा के चार-पांच बड़े चेहरों बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, अन्नपूर्णा देवी आदि को सामूहिक तौर पर चुनावी अभियान की जिम्मेदारी सौंपेगी. इन सभी के सामने एक लक्ष्य होगा कि वे हेमंत सोरेन और उनकी अगुवाई वाले गठबंधन पर जोरदार हमला बोलें
प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर दोनों तरफ से राज्य में चुनावी अभियान का आगाज हो चुका है. भाजपा की सियासी रणनीति के चाणक्य माने जाने वाले अमित शाह ने 7 जनवरी को चाईबासा और 4 फरवरी को देवघर में विजय संकल्प रैली के साथ ही राज्य में चुनावी अभियान का बिगुल फूंक दिया था. दूसरी तरफ राज्य में झामुमो-कांग्रेस और राजद गठबंधन वाली सरकार के अगुआ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी जनवरी-फरवरी में खतियानी जोहार यात्रा निकाली और 12 जिलों में सभाएं कीं. अमित शाह ने झारखंड की अपनी दोनों रैलियों में कांग्रेस के बजाय हेमंत सोरेन पर हमला बोला. हेमंत सोरेन ने भी अमित शाह के प्रहारों का जवाब देने में देरी नहीं की. अमित शाह की पहली रैली चाईबासा में हुई थी. इसके ठीक 17 दिन बाद 24 फरवरी को हेमंत सोरेन ने भी खतियानी जोहार यात्रा के तहत यहां बड़ी रैली को संबोधित किया. सोरेन ने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से वे सभी का आशीर्वाद लेने आए हैं. उन्होंने कहा कि 15 साल दीजिए, झारखंड गुजरात से ऊपर होगा. अब भाजपा आगामी 11 अप्रैल को हेमंत सोरेन सरकार की विफलताओं को उजागर करने के लिए रांची में रैली और प्रदर्शन की तैयारियों में जुटी है. इसमें गांव-गांव से भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के जुटान की योजना है.
इसकी तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में पार्टी के संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा, भाजपा कार्यकर्ता हेमंत सरकार के निकम्मेपन का संदेश हर बूथ और हर व्यक्ति तक पहुंचाएं. हर कार्यकर्ता के लिए लक्ष्य यही है कि चुनाव में वह अपने बूथ पर पार्टी को बढ़त दिलाए. झारखंड में आदिवासी वोट बैंक पर हेमंत सोरेन और उनकी पार्टी की मजबूत पकड़ है. भाजपा जानती है कि वह इस वोट बैंक को दरकाने में जितनी सफल रही, लोकसभा के साथ-साथ 2024 में ही होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में उसकी राह उतनी आसान होगी. इसलिए भाजपा राज्य में भ्रष्टाचार, संथाल परगना इलाके में बांग्लादेशियों की घुसपैठ, नौकरी और रोजगार के मामलों में राज्य सरकार की विफलताओं, आदिवासियों से जुड़े मुद्दों पर हेमंत सरकार की घेराबंदी में जुटी है. रांची में 11 अप्रैल को होने वाली रैली के बाद विभिन्न जिला मुख्यालयों और प्रखंडों में राज्य सरकार के खिलाफ जनसभाएं आयोजित करने की तैयारी है. झारखंड प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दीपक प्रकाश कहते हैं, हेमंत सरकार ने झारखंड को लूट खंड बनाकर छोड़ दिया है. पार्टी इस सरकार को अपदस्थ करने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी. आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में इनका बोरिया-बिस्तर बांध दिया जाएगा.
दूसरी तरफ हेमंत सोरेन राज्य में सरकार चलाते हुए आदिवासियों और झारखंड के मूल निवासियों से जुड़े जमीनी और भावनात्मक मुद्दों पर एक के बाद एक महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं. 1932 के खतियान पर आधारित डोमिसाइल और रिक्रूटमेंट पॉलिसी लाकर उन्होंने झारखंड के आदिवासियों और मूल निवासियों को गोलबंद करने के लिए सबसे बड़ा तुरूप का पत्ता चला था. हालांकि हाईकोर्ट ने इस पॉलिसी को खारिज कर दिया. अभी विधानसभा के बजट सत्र में इसे लेकर भाजपा ने लगातार सरकार को घेरने की कोशिश की. इसपर हेमंत सोरेन ने अपने जवाब में कहा कि 1932 के खतियान की पॉलिसी को भाजपाइयों ने कोर्ट तक पहुंचाकर भले रोड़ा अटकाने की कोशिश की, लेकिन हमने यह मुद्दा छोड़ा नहीं है. हम इसके लिए रास्ता निकालेंगे. ओबीसी-एससी-एसटी आरक्षण में वृद्धि, निजी कंपनियों में 40 हजार तक की पगार वाले पदों पर झारखंड के स्थानीय लोगों के लिए 75 फीसदी आरक्षण जैसे फैसलों के जरिए भी हेमंत सोरेन आने वाले चुनावों के मद्देनजर अपने पक्ष में नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं.
हेमंत सोरेन सरकार के कई फैसलों पर पूरी तरह सहमत न होने के बावजूद राज्य में कांग्रेस और राजद जैसी पार्टियां उनके साथ खड़ी हैं. हाल में राजद नेता और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने रांची में हेमंत सोरेन से मुलाकात की. इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, हम आने वाला चुनाव झारखंड में हेमंत सोरेन जी के नेतृत्व में मिलकर लड़ेंगे. झारखंड में लोकसभा की 14 सीटें हैं. 2019 के चुनाव में इनमें से 11 सीटों पर भाजपा और एक पर एनडीए फोल्डर की पार्टी आजसू ने जीत दर्ज की थी. इस बार एनडीए के लिए यह परिणाम दोहरा पाना बड़ी चुनौती है. पिछले लोकसभा चुनाव के वक्त राज्य में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार थी. अभी राज्य में झामुमो की अगुवाई वाले गठबंधन की सरकार है. अगर कोई अप्रत्याशित स्थिति नहीं बनी तो यह सरकार वर्ष 2024 तक कायम रह सकती है और ऐसे में यहां सोरेन की अगुवाई में ज्यादा बेहतर संसाधनों के साथ चुनाव लड़ने का फायदा यूपीए को मिल सकता है.
पिछले लोकसभा चुनाव में यूपीए फोल्डर के तहत चार दलों राजद, झामुमो, कांग्रेस और झारखंड विकास मोर्चा ने 14 में से 13 सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ा था. इसके बावजूद इनके हिस्से मात्र 2 सीटें आई थीं. झारखंड विकास मोर्चा अब विघटित हो चुका है. संभावना यही है कि इस बार यूपीए फोल्डर में झामुमो, कांग्रेस और राजद एक साथ मिलकर लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे और हेमंत सोरेन इस एका की सबसे बड़ी धुरी होंगे. फिलहाल इनकी एकता में कोई बड़ी मुश्किल नहीं दिख रही. हेमंत सोरेन कहते हैं, मैं आने वाले चुनावों को लेकर कोई भविष्यवाणी नहीं करता, लेकिन इतना तय है कि झारखंड में हम काफी बेहतर स्थिति में हैं. हम अपने विपक्षियों के सपने पूरे नहीं होने देंगे. हमने झारखंड और राज्य की जनता के लिए जमीनी काम किया है, जबकि भाजपा ने 20 सालों के शासन में इस राज्य के लोगों को सिर्फ धोखा दिया. आने वाले चुनावों में हम अपने विपक्षियों के सपने पूरे नहीं होने देंगे.
दिल्ली के सरकारी स्कूलों के कक्षा 9वीं और 11वीं के परीक्षा परिणाम घोषित हो चुके हैं. बीते 31 मार्च को आए दिल्ली के सरकारी स्कूलों के मुख्य परीक्षा परिणाम को लेकर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बच्चों के रिजल्ट इस बार अनुमान के मुताबिक नहीं रहे हैं.
दिल्ली के ज्यादातर सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम 40 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक ही सीमित रहे हैं. यहां तक की बड़ी संख्या में छात्रों के इस बार फेल होने की भी सूचना है. शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) की ओर से दिल्ली के सरकारी स्कूलों को 6 अप्रैल तक का समय दिया गया है. इसके बाद अंक सुधार कर शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर अंकों का विवरण पुनः अपलोड किया जाएगा.
इस मामले को लेकर एबीपी लाइव ने दिल्ली के एक सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य से बात की तो वह इस मामले में पूरी तरह स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए. हालांकि, उन्होंने इस बात की जानकारी दी की कि इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों के कक्षा 9वीं और 11वीं के परिणाम अनुमान के मुताबिक नहीं रहे हैं. शिक्षकों की तरफ से अपना पूरा प्रयास किया गया, लेकिन अधिकांश सरकारी स्कूलों के कुल परिणाम 40 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक ही सीमित रहे हैं.
अलग-अलग होतें हैं हर स्कूलों के परीक्षा परिणाम- प्रधानाचार्य
उन्होंने कहा कि कक्षाओं में कुल बच्चों के पास होने के प्रतिशत में भी कमी देखी गई है. इसके अलावा जब अन्य सरकारी स्कूल के शिक्षक से इस मामले में एबीपी लाइव ने संपर्क किया तो उनका कहना था कि हर स्कूलों के परीक्षा परिणाम अलग-अलग होतें हैं, लेकिन इस बार का कक्षा 9वीं और 11वीं का परीक्षा परिणाम उत्साहजनक नहीं रहा है.
‘कोरोना काल से बच्चों की पढ़ाई हुई प्रभावित’
प्रधानाचार्य ने बताया कि कोरोना काल से ही स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बहुत हद तक प्रभावित हुई है. ऑनलाइन पढ़ाई में शिक्षकों ने पूरा प्रयास किया, लेकिन शत-प्रतिशत उसका सफल परिणाम अभी भी देखने को नहीं मिला है. इसके अलावा बहुत से स्कूलों में बच्चों की गैर हाजिरी भी ऐसे परिणाम की प्रमुख वजह बन रही है. सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी है कि दोबारा अंकों को अपडेट किए जाने वाले निर्णय को लेकर अब शिक्षकों की ओर से खुद को पास कराने के लिए कुछ कॉपिया भी लिखी गई है. इसके अलावा परिणाम को दोबारा बेहतर करने के लिए अब शिक्षकों की तरफ से प्रयास किया जा रहे हैं.
आईपीएल-2023 का आज तीसरा दिन है.शुरुआत दो दिन में खेले गए मैचों में देखा गया था कि घर में खेलने वाली टीम ने जीत हासिल की है. राजस्थान रॉयल्स ने हालांकि रविवार को इस क्रम को तोड़ दिया.
उसने सनराइजर्स हैदराबाद को उसके घर में 72 रनों के विशाल अंतर से हरा दिया.इस मैच को राजस्थान की आक्रामक बल्लेबाजी और हैदराबाद की तूफानी बल्लेबाजी के लिए बीच का मैच माना जा रहा था जिसमें राजस्थान की बल्लेबाजी जीती. लेकिन राजस्थान के एक गेंदबाज ने उसकी जीत में बड़ा रोल निभाया और हैदराबाद को कमजोर किया. ये गेंदबाज हैं ट्रेंट बोल्ट. बाएं हाथ के इस गेंदबाज ने इस मैच में एक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है और भारत के एक गेंदबाज को पीछे छोड़ दिया.
बोल्ट ने हैदराबाद के खिलाफ अपने कोटे के चार ओवर फेंके और 21 रन देकर दो विकेट लिए. इस दौरान उनका एक ओवर मेडन रहा. पहले ही ओवर में कर दिया खेल बोल्ट ने राजस्थान को पहले ही ओवर में झटके दे दिए. वो भी एक नहीं दो-दो.
बोल्ट ने पहले ओवर की तीसरी गेंद पर अभिषेक शर्मा को बोल्ड कर दिया. बोल्ट ने यॉर्कर फेंकी जिसे अभिषेक समझ नहीं पाए और गच्चा खा गए. बोल्ट की आउटस्विंग यॉर्कर का अभिषेक के पास कोई जवाब नहीं था. इसके बाद पांचवीं गेंद पर भी बोल्ट ने हैदराबाद को एक और झटका दे दिया.
सामने थे हैदराबाद की बल्लेबाजी की धुरी राहुल त्रिपाठी. बोल्ट ने पांचवीं गेंद ऑफ स्टंप के बाहर फुल लैंग्थ फेंकी जिसे त्रिपाठी ने बल्ले के इशारे से थर्डमैन की तरफ खेलना चाहा.लेकिन गेंद ने बल्ले का किनारा लिया और स्लिप में गई. वहां खड़े थे जेसन होल्डर जिन्होंने अपने बाईं तरफ डाइव मार शानदार कैच लपका और त्रिपाठी को विदा कर दिया. बोल्ट द्वारा दिए गए इन दो झटकों से हैदराबाद उबर नहीं पाई. पहले ओवर में उसका खाता भी नहीं खुला था और उसने अपने दो विकेट खो दिए थे.
इसी के साथ बोल्ट ने भारत के पूर्व तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार को पीछे छोड़ दिया. बोल्ट आईपीएल में पहले ओवर में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर आ गए हैं. उन्होंने पहले ओवर में 17 विकेट लिए.
उनसे आगे हैदराबाद के भुवनेश्वर कुमार हैं जिन्होंने 20 विकेट लिए हैं. प्रवीण के नाम पहले ओवर में कुल 15 विकेट हैं. चहल ने किया ढेर बोल्ट ने शुरुआती ओवर में अपनी टीम को जो सफलता दिलाई थी उसका फायदा लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने पूरी तरह से उठाया और हैदराबाद मिडिल ओवरों में हैदराबाद के बल्लेबाजों को रन नहीं बनाने दिए साथ ही विकेट भी निकाले. चहल ने अपने कोटे के चार ओवरों में महज 17 रन दिए और चार विकेट लिए. उन्होंने मयंक अग्रवाल, हैदराबाद के सबसे महंगे खिलाड़ी हैरी ब्रूक, आदिल रशीद और कप्तान भुवनेश्वर कुमार को आउट किया. हैदराबाद की तरफ से सबसे ज्यादा नाबाद 32 रन इम्पैक्ट प्लेयर अब्दुल समद ने बनाए.
धनबाद जेल में बंदियों के दो गुटों में रविवार को भिड़ंत हो गई। मारपीट में छह से अधिक बंदियों को चोटें लगी हैं। दोनों गुटों में भिड़ंत की शुरुआत होते ही जेल प्रशासन ने आठ बार पगला सायरन बजाया।इससे हड़कंप मच गया। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
जेल सूत्रों की मानें तो कुछ दिन पहले धनबाद के एक भगोड़े अपराधी ने वीडियो जारी कर एक दबंग घराने के लोगों को बलिया भेज देने की धमकी दी थी। इसके बाद से घराना समर्थको के बीच भगोड़ा अपराधी के खिलाफ आक्रोश व्याप्त था। आज जेल में घटी घटना का तार भी धमकी भरे वायरल वीडियो के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।
जेल प्रशासन खंगाल रहा सीसीटीवी फुटेज
जेल प्रशासन जेल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहा है। प्रथमदृष्टया देखा गया है कि बिनोद सिंह अकेला जा रहा था जिसे रोककर दो बंदियों ने मारपीट की। इसके कुछ देर बाद बिनोद सिंह अपने समर्थकों के साथ दूसरे गुट पर हमला कर देता है। जेल सूत्रों के अनुसार जेल के भीतर दो राउंड में झड़प हुई थी।
जेल के भीतर अनवर हथेला और बिनोद सिंह के बीच झड़प की शुरुआत हुई थी। बता दें कि नीरज हत्याकांड में बिनोद सिंह जेल में है तो अनवर प्रिंस खान गुट का सदस्य बताया जाता है। अनवर को हाल ही में पुलिस ने जेल भेजा है। इस झड़प में किसी को गंभीर चोट नहीं लगी है।