कुछ दिनों पहले एक निजी समाचार चैनल को एक इमेल आता है। इस इमेल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी लिखी होती है। समाचार चैनल तुरंत इस मेल के बारे में पुलिस को सूचना देते हैं और पुलिस मामला दर्ज करके हाईलेवल की जांच शुरू कर देते हैं। जांच के दौरान पता चलता है कि ईमेल लखनऊ से भेजा गया था।
16 साल का है आरोपी लड़का
जिसके बाद नोएडा पुलिस ने शुक्रवार को लखनऊ से एक किशोर को पकड़ा। सहायक पुलिस आयुक्त (नोएडा) रजनीश वर्मा ने बताया कि बिहार के रहने वाले 16 वर्षीय लड़के को शुक्रवार की सुबह राज्य की राजधानी के चिनहट इलाके से पकड़कर यहां लाया गया। उन्होंने कहा, ‘‘यहां सेक्टर-20 थाने में पांच अप्रैल के मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद मामले की जांच की गई। धमकी भरा ई-मेल भेजने वाले का पता लगाने के लिए तकनीकी टीम को भी शामिल किया गया।’’
आरोपी नाबालिग को अब किशोर अदालत में पेश किया जाएगा
उन्होंने कहा, ‘‘जांच के आधार पर, ईमेल भेजने वाले का पता लगाया गया और लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में उसकी मौजूदगी का पता चला। ई-मेल भेजने वाला एक स्कूली छात्र निकला, जिसने अभी-अभी अपनी 11वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी की है और इस सत्र में 12वीं कक्षा में पढ़ाई शुरू करेगा।’’ वर्मा ने कहा कि लड़के को यहां एक किशोर अदालत में पेश किया जा रहा है। एक मीडिया हाउस के प्रतिनिधि ने अपनी शिकायत में कहा था कि उन्हें प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की हत्या की धमकी देने वाला एक ई-मेल मिला है। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
कर्नाटक में कुछ ही दिनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनावों से पहले सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारी में लगे हुए हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस ने चुनाव को लेकर कल 41 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। दूसरी सूची में पार्टी ने तीन ऐसे उम्मीदवारों को भी टिकट दिया है जिन्होंने अपनी मूल पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा है। इस लिस्ट में कांग्रेस ने हाल ही में बीजेपी और जनता दल (एस) छोड़कर पार्टी में शामिल तीन नेताओं को भी टिकट दिया है। लेकिन, सूची जारी किये जाने के बाद पार्टी की स्टेट यूनिट में असहमति दिखाई दे रही है। केवल यहीं नहीं टिकट नहीं मिलने पर कई नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर नाराजगी भी जाहिर की है।
पार्टी की राज्य यूनिट के एक वर्ग में असंतोष
कांग्रेस की कर्नाटक यूनिट ने राज्य विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची की घोषणा कर दी है जिसके बाद से पार्टी की राज्य यूनिट के एक वर्ग में असंतोष दिख रहा है और कुछ नेताओं ने टिकट नहीं मिलने पर सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जताई है। कुछ नेताओं ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है और कुछ नेताओं ने कहा है कि वे अपने समर्थकों के साथ विचार-विमर्श करेंगे एवं भविष्य के कदम को लेकर फैसला करेंगे।
सुनिश्चित करेंगे कि कांग्रेस को जिले की सभी सीट पर हार मिले
चित्रदुर्ग से टिकट नहीं दिए जाने से नाराज विधान परिषद के पूर्व सदस्य रघु अचार ने कहा कि वह जनता दल (सेक्युलर) में 14 अप्रैल को शामिल हो जाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि पार्टी चित्रदुर्ग जिले की सभी सीटों पर जीत हासिल करे। जद (एस) नेता टी. ए. श्रवण ने अचार से मुलाकात करने के बाद कहा कि उन्होंने कोई मांग नहीं रखी है, लेकिन वह उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंचाए जाने के कारण यह सुनिश्चित करेंगे कि कांग्रेस को जिले की सभी सीट पर हार मिले।
अचार से मुलाकात की और उनका सहयोग मांगा
इससे पहले के सी वीरेंद्र ने अचार से मुलाकात की थी और उनका सहयोग मांगा था, जिस पर उन्होंने कहा था- अब बहुत देर हो चुकी है। मैं पहले ही 17 अप्रैल को नामांकन दाखिल करने की घोषणा कर चुका हूं। वीरेंद्र एक अच्छे मित्र हैं, मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची में वीरेंद्र का नाम भी शामिल है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, चित्रदुर्ग से टिकट के एक अन्य दावेदार एस के बसवराजन ने पार्टी से इस्तीफा देने और अपने समर्थकों एवं शुभचिंतकों की बैठक बुलाने का फैसला किया है, ताकि वह इस पर निर्णय ले सकें कि उन्हें आगे क्या करना है।
कांग्रेस ने मांड्या से पी. रविकुमार को टिकट दिया
मांड्या से टिकट मिलने की उम्मीद कर रहे के. के. राधाकृष्ण ने अपने समर्थकों से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि वह एक सप्ताह के लिए पूरे निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करेंगे और फिर अपने अगले कदम को लेकर फैसला करेंगे। उन्होंने कहा कि वह अब भी पार्टी में हैं और वह पार्टी के नेताओं एवं उनके समर्थकों से मिलेंगे। उन्होंने कहा- मैं 13 अप्रैल के बाद अपने समर्थकों की बैठक बुलाऊंगा और अपने फैसले की घोषणा करुंगा. कांग्रेस ने मांड्या से पी. रविकुमार को टिकट दिया है।
हमारे स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई गई
वाई एस वी दत्ता को कडूर से टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं होने पर उन्होंने भी रविवार को अपने समर्थकों की एक बैठक बुलाई है। उन्होंने समर्थकों को पत्र लिखकर कहा है- हमारे स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई गई है। इस सीट से कांग्रेस ने आनंद के एस दत्ता को उम्मीदवार बनाया गया है। कांग्रेस ने 41 उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची कल जारी की थी। (भाषा इनपुट के साथ)
राँची : झारखंड पहान महासंघ, केंद्रीय सरना समिति, राजी सरना प्रार्थना महासभा एवं विभिन्न आदिवासी संगठनों के द्वारा सरना झंडा जलाने एवं अपमानित करने को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से लेकर अल्बर्ट एक्का चौक तक 8 अप्रैल को रांची बंद की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को मशाल जुलूस निकाला गया। मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में पहान पूजार, महिला, पुरुष हाथों में मशाल एवं हाथों में तख्तियां लिए हुए सरना झंडा जलाने को लेकर आक्रोश व्यक्त कर रहे थे। इस दौरान असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारी की मांग की गयी।
8 अप्रैल को रांची बंद
झारखंड पहान संघ के अध्यक्ष जगदीश पहान ने बताया कि सरना झंडा को अपमानित किया जाना निंदनीय है। इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द हो। इसी मांग को लेकर आज शुक्रवार को रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से लेकर अल्बर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस निकाला गया और विरोध दर्ज कराया गया। शनिवार 8 अप्रैल को रांची बंद का आह्वान किया गया है। सिर्फ आवश्यक सेवाओं को बंद से छूट रहेगी।
बंद से आवश्यक सेवाओं को छूट
केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि आदिवासी अपनी परंपरा व संस्कृति के प्रति जागरूक हो चुके हैं एवं अपने सम्मान बचाने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। 8 अप्रैल को रांची बंद ऐतिहासिक होगा। बंदी में एंबुलेंस, स्कूल बस, दूध, दवा दुकान को बंदी से छूट दी गई ह।. मौके पर केंद्रीय सरना समिति के संरक्षक भुनेश्वर लोहरा, महासचिव संजय तिर्की, उपाध्यक्ष प्रमोद एक्का, सचिव विनय उरांव, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के महासचिव विमल कच्छप, बाना मुंडा, महिला शाखा अध्यक्ष नीरा टोप्पो, सुखवारो उरांव, धर्म कुमार, दीपक जायसवाल, जय आदिवासी के केंद्रीय परिषद की अध्यक्ष निरंजन हेरेंज टोप्पो, कांके सरना समिति के अध्यक्ष रंजीत टोप्पो, शिवा कच्छप, राजी पड़हा प्रार्थना सभा के संजय कुजूर, आदिवासी सरना विकास समिति के अध्यक्ष अशोक मुंडा, डब्लू मुंडा एवं अन्य शामिल थे।
जमशेदपुर :- मानगो थाना क्षेत्र के आजादबस्ती में हथियार का भय दिखाकर दो युवकों का कार समेत अपहरण कर लेने का एक मामला सामने आया है। यह मामला शुक्रवार को तब सामने आया जब भालुबासा के एग्रिको मुस्लिम बस्ती के रहनेवाली मेराज परवीन ने थाने में शिकायत की। शिकायत में कहा गया है कि उनके बेटे कैफ अंसारी और उसके साथी को पिस्टल का भय दिखाकर लाल भाई और डाबर भाई ने 2 अप्रैल की देर रात 11 बजे कार समेत अपहरण कर लिया। दोनों की रातभर पिटाई करने के बाद दूसरे दिन सुबह छोड़ दिया गया।
दोस्त के घर जाते समय घटी थी घटना
घटना के बारे में बताया गया कि घटना की रात अरशद खान को छोड़ने के लिये बेटा कैफ अंसारी गया हुआ था। इस बीच ही 20-25 की संख्या में आये लोगों ने उसके कनपट्टी पर पिस्टल सटा दिया और कार की चाभी छीन ली। इसके बाद दोनों को लेकर आजादबस्ती रोड नंबर 16 में चला गया. वहां पर रातभर मारपीट की गयी। लाल भाई और डाबर भाई के बारे में मेराज परवीन का कहना है कि उनके दूर का बहनोई हीरा है. हीरा ने आरोपियों से किसी काम से रुपये लिया था और वह फरार हो गया है। जब आरोपियों को पता चला कि मेराज उसकी रिश्तेदार है तब उसकी कार पर कब्जा जमाने के लिये इस तरह की हरकत की गयी है. मेराज का कहना है कि कार उनकी है और इसे तीन माह पूर्व ही फाइनांस में खरीदी थी।
जेल में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर को लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि सुकेश चंद्रशेखर रोहिणी जेल से वसूली का रैकेट चला रहा था। जेल से वसूली रैकेट चलाने में तीन जेल अधिकारी मदद कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार सुकेश ने प्रोटेक्शन मनी के रूप में करोड़ो रुपये जेल अधिकारियों को दिए थे। सूत्रों के अनुसार अधिकारी इस रिश्वत के बदले सुकेश को जेल में सुविधाएं देते थे।
सूत्रों के अनुसार दो अधिकारियों सुंदर बोरा को हर महीने 1.5 करोड़ रुपए और महेंद्र प्रसाद सुंदरीलाल को 25 लाख रुपए मिले थे। सूत्रों के अनुसार सुकेश चंद्रशेखर ने कथित तौर पर डीजी जेल को हर महीने करीब 2 करोड़ देने की बात कबूल की। सुकेश जेल से आईफोन 12 प्रो के ज़रिए वसूली करता था, यह फोन उसने पैरोल के दौरान चेन्नई से खरीदा था।
जेल अधिकारियों ने दिया था सिम कार्ड
सूत्रों के अनुसार जेल अधिकारियों ने सुकेश को एयरटेल सिम कार्ड मुहैया कराया था, जिससे वह जेल में इंटरनेट का इस्तेमाल करता था। सूत्रों के मुताबिक सुकेश चन्द्रशेखर जेल में टेलीग्राम और व्हाट्सऐप का इस्तेमाल करता था। सूत्रों ने बताया कि सुकेश को जेल में अलग बैरक में रखा गया था, कोरोना काल में भी उसको अलग बैरक में रखा गया था। सूत्रों की मानें तो सुकेश ने सेल में CCTV को पानी की बोतलों और पर्दों से ढक दिया था। इतना ही नहीं वह जेल में वकीलों से बात करने के लिए जेल अधीक्षक का ऑफिस इस्तेमाल करता था।
सूत्रों के अनुसार धर्म सिंह मीणा दीपक से पैसे लेता था और उसको जेल अधिकारियों के बीच बांटता था। जेल अधिकारियों को पैसे बाटने के लिए धर्म सिंह मीणा को अलग से पैसे मिलते थे। सूत्रों के मुताबिक सुकेश से मिलने वालों का पैसों का इस्तेमाल अधिकारी घरेलू खर्च, फ्लैट खरीदने और डाकघर बचत खाते समेत अन्य जगहों पर निवेश करते थे।
जमशेदपुर :- विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आनंद मार्ग एवं पूर्णिमा नेत्रालय के सहयोग से आज गदरा आनंद मार्ग जागृति में 309 वा सप्ताहिक नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया था आज लगभग 50 लोगों की आंखों का जांच हुआ 5 लोग आज मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए पूर्णिमा नेत्रालय भेजा गया जिनका ऑपरेशन कल 8 अप्रैल को किया जाएगा निशुल्क लेंस लगाया जाएगा प्रीवेंशन आफ क्रुएलिटी एनिमल्स एंड प्लांट्स की ओर से लग्भग 100 निशुल्क पौधा का वितरण किया गया
9 अप्रैल रविवार को 310 वा मासिक नेत्र जांच शिविर का आयोजन सोनारी कबीर मंदिर के पास किया गया है जो लोग भी मोतियाबिंद के लिए चयनित होंगे उनका ऑपरेशन 10 अप्रैल को ही किया जाएगा
जमशेदपुर/गोविंदपुर :- एयर फ़ोर्स में काम करने वाला पति ने अपनी पत्नी और दो बच्चों को छोड़ा,पत्नी ने प्रसाशन से मदद की लगाई गुहार। वहीं पत्नी ने कहा मेरा पति तपन कुमार महतो आगरा में एयर फ़ोर्स में करते हैं काम।जमशेदपुर गोविंदपुर के रहने वाली पीड़ित महिला गीतांजलि महतो ने कहा की हमारी शादी का 24 साल हो चूकी हैं और पिछले आठ महीने से पति तपन कुमार महतो ने हमें और मेरे दोनों बेटों को छोड़ दिया हैं,और घर से भी निकाल दिया हैं ,मुझको काफी दिक्क़त का सामना करना पड़ रहा हैं, हमने जिला के तमाम जगह अपने पति के खिलाफ शिकायत किये हैं ताकि मुझे न्याय मिल सकें।
सामाजिक महिला सह कांग्रेस नेत्री संध्या दास ने कहा की हम प्रशासन से मांग करते हैं कि पीड़ित महिला गीतांजलि महतो को न्याय मिले।…..वहीं पीड़ित महिला साथ दे रही संध्या दास,शशि कश्यप भी उपस्थित थी।
सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी) में सम्मान समारोह का दौर लगातार जारी है। शुक्रवार को कदमा के नवनियुक्त प्रधान सरदार बलदेव सिंह व झारखण्ड गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के प्रधान सरदार शैलेन्द्र सिंह को सम्मानित किया गया। जमशेदपुर में सिखों की सर्वोच्च संस्था सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह ने दोनों शख्सियतों को शॉल और सरोपा भेंट कर सम्मान किया। भगवान सिंह ने सीजीपीसी के महासचिव अमरजीत सिंह, सलाहकार गुरचरण सिंह बिल्ला, गुरनाम सिंह बेदी, कुलविंदर सिंह पन्नू, सुरेंदर सिंह छिंदे और सुखविंदर सिंह राजू सहित अन्य सदस्य संग सरदार बलदेव सिंह को कदमा गुरुद्वारा जाकर सम्मनित किया।
झारखण्ड गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के प्रधान सह सीजीपीसी के चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह को कार्यालय में प्रधान भगवान सिंह ने सरोपा व पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान दिया गया। सरदार शैलेंदर सिंह को तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के अध्यक्ष सरदार जगजोत सिंह सोही एवं महासचिव सरदार इंद्रजीत सिंह ने विभिन्न स्थानों पर होने वाले निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए तीन सदस्य निर्माण को-ऑर्डिनेटर कमेटी में शामिल किया जो एक उपलब्धि है। इस अवसर पर संरक्षक गुरदीप सिंह पप्पू के अलावा सीजीपीसी के महासचिव अमरजीत सिंह, सलाहकार गुरचरण सिंह बिल्ला, परविंदर सिंह सोहल, सुरेंदर सिंह छिंदे, जगजीत सिंह गाँधी, सुखदेव सिंह बिट्टू और अमरजीत सिंह भामरा समेत अन्य सदस्य रहे। इस अवसर पर बोलते हुए भगवान सिंह ने सरदार शैलेन्द्र सिंह को बधाई दी और सिख समाज के हित में कार्य और कौम की और अधिक सेवा की उम्मीद जताई। सरदार शैलेंदर सिंह ने कहा की दी गयी सेवा का वे पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन करेंगे। गौरतलब है कि तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब कमेटी द्वारा सरदार शैलेंद्र सिंह को पत्र भेजकर उन्हें तख्त साहिब से सटे दीवान हाल की जमीन, लंगर हॉल के सामने वाली जमीन, रस्तोगी भवन वाली जमीन एवं लंगर हाल के पीछे वाली जमीन यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए जाने वाले कमरे, कंगन घाट वाली जमीन पर स्कूल का निर्माण करने के लिए कार्रवाई करने की सेवा दी गई है।
जमशेदपुर : जमशेदपुर के काशीडीह स्थित ठाकुर प्यारा सिंह दुर्गा पूजा मैदान में आज जमशेदपुर के 200 से भी अधिक अखाड़ा समितियों की बैठक ठाकुर प्यारा सिंह धुरंधर सिंह अखाड़ा समिति के संरक्षक अभय सिंह के नेतृत्व में हुई। सर्वप्रथम अखाड़ा समितियों के सभी उपस्थित लोगों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात अभय सिंह ने विगत रामनवमी में घटित घटना के तथ्यों को सबके सामने रखा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार ने डीजे और टेलर में पाबंदी लगाई थी और साथ ही 24 मार्च 2023 को सिदगोड़ा टाउन हॉल में शांति समिति की बैठक में यह प्रस्ताव लाया गया था तब तत्कालीन केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के अध्यक्ष समेत कोई भी अधिकारी ने इसका विरोध नहीं किया और उनकी हां में हां मिला दिए, जबकि उनके नेतृत्व होने के नाते अविलंब इस पर अंकुश लगाना चाहिए और यह व्यथा पूरे जमशेदपुर के अखाड़ा समितियों को बताना चाहिए था। केवल मैंने 25 मार्च को सभी मीडिया के सम्मुख में कहा कि हम जिला प्रशासन या सरकार के सारे शर्तों को मानेंगे लेकिन टेलर और डीजे में कोई भी प्रतिबंध स्वीकार नहीं करेंगे। यह बात 26 मार्च के अखबारों में प्रकाशित भी हुआ था। इसके बावजूद जिला प्रशासन या केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति या शांति समिति की किसी भी लोगों ने ना ही संपर्क किया और ना ही इस पर गंभीरता दिखाई।
नतीजा निकला रामनवमी के दिन जानबूझकर के जिला प्रशासन राज्य सरकार के दिशा निर्देश और राज्य के मंत्री श्री बन्ना गुप्ता के इशारे पर साकची के बाल मंदिर श्री सुमन अग्रवाल जी के अखाड़ा को बाधित करने का प्रयास किया और ट्रेलर एवं डीजे को जप्त कर थाना ले जाया गया। रात भर नवमी के दिन बाल मंदिर समेत सारे विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल , दुर्गा वाहिनी एवं विभिन्न अखाड़ा समिति के लोगों के द्वारा धरना दिए जाने के बावजूद कोई राहत नहीं मिली।
जमशेदपुर के सांसद ने भी संपर्क स्थापित किया, लेकिन वे भी निरुत्तर हो गए। तब विवश होकर दूसरे दिन 31 मार्च को 9 बजे बाल मंदिर के परिसर में सारे अखाड़ा समिति के लोग एकत्रित होने लगे। राज्य सरकार को जो अल्टीमेटम दिया गया उसके बावजूद राज्य सरकार या उनके कोई भी प्रतिनिधि संपर्क करने नहीं आए। जिसके बाद 14 सदस्य समिति के द्वारा जमशेदपुर में अखाड़ा नहीं निकले यह प्रस्ताव लाया गया। यह प्रस्ताव लाने के बावजूद केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति हो या शांति समिति हो या जिला प्रशासन के अधिकारी हो किसी ने इस पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई।
जानबूझकर के केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति पुलिस कंट्रोल रूम में बैठ कर के लोगों को चिन्हित करते रहे। जिनको रक्षक बनाया गया था वे भक्षक बनकर प्रशासन को दिग्भ्रमित करते रहे। उनके द्वारा प्रशासन को भ्रमित रखने के कारण सारा शहर जलता रहा। अखाड़ा समिति और प्रशासन की डोर की कड़ी को उन्होंने जानबूझकर अपने निजी स्वार्थ को साधने के लिए बस तोड़ने का काम किया। जब प्रशासन ने संध्या 7:00 बजे इस बाबत अखाड़ा समितियों से संपर्क स्थापित करने के लिए कहा, तब सांसद की मध्यस्था में अखाड़ा समिति एवं जिला प्रशासन जिसमें वर्तमान उपायुक्त एवं आरक्षी अधीक्षक शामिल हुए। जिसमें सौहार्दपूर्ण वातावरण में अखाड़ा समिति के साथ सर्किट हाउस में बैठक प्रारंभ हुई।
अभय सिंह ने बताया कि मेरे द्वारा डीजे में प्रतिबंध हटाया जाए, टेलर को नहीं रोका जाए, एवं बाल मंदिर के जप्त किए गए ट्रेलर एवं डीजे को रिलीज कर दिया जाए, यह जिला प्रशासन से दो टूक बाते की गई। इन सारे शब्दों को जिला प्रशासन द्वारा माना गया तभी जाकर समझौता हुआ। इसके बावजूद यह भी तय हुआ कि जो अखाड़ा समिति ने जैसे सक्षम है वैसे जुलूस निकाले, अखाड़ा समिति 2 दिन झंडा निकाल सकते हैं यह फरमान जारी किया गया। जिसे सभी लोगों ने सर्वसम्मति से स्वीकारा।
अखाड़ा समिति का अध्यक्ष वही होगा जो किसी अखाड़े का लाइसेंसी या अखाड़ा स्वयं चलाता हो
अभय सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि ऐसे केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के रहने का कोई औचित्य नहीं है, जो प्रशासन को दिग्भ्रमित करते हो,अपनी राजनीति रोटी सेकते हो और किसी मंत्री के इशारे में पूरे जमशेदपुर के हिंदू समाज को कलंकित करने का काम करते हो। अखाड़ा समिति का अध्यक्ष वही होगा जो किसी अखाड़े का लाइसेंसी या अखाड़ा स्वयं चलाता हो। उन्होंने आगे कहा कि यह वही चेहरे हैं जो दुर्गा पूजा समिति में भी सिरमौर बन जाते हैं। केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति में भी अध्यक्ष स्वयंभू बन जाते हैं, शांति समिति के विषय में अध्यक्ष हो जाते हैं, सरस्वती पूजा काली पूजा होली के भी स्वयंभू अध्यक्ष बन जाते हैं। ऐसे लोगों को बेनकाब करते हुए यह बताना चाहता हूँ कि ऐसे कमेटी का रहना जमशेदपुर की जनता के लिए घातक होगा और हमेशा शांति व्यवस्था नष्ट होगी। इसलिए यह कमेटी को हर हालत पर भंग कर नई कमेटी का गठन करना चाहिए। जो धर्म, संस्कृति के निर्माण में सहायक हो। प्रभु राम शांति सद्भाव के प्रतीक थे, उसी मार्ग में हमें चलना है। जिसे सर्वसम्मति से लोगों ने पास किया। बैठक के अंत में झारखंड के दिवंगत शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो के पुण्यात्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रख शोक व्यक्त किया गया। बैठक में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी, हिंदू पीठ, सनातन स्वाभिमान संघ, जमशेदपुर हिंदू मोर्चा सहित कई अखाड़ा समिति के अधिकारी एवं लाइसेंसी अध्यक्ष उपस्थित थे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष अजय गुप्ता, विहिप के संजय, सोनारी अखाड़ा के पन्ना सिंह जंघेल, समाजसेवी शिवशंकर सिंह, गौ रक्षा प्रमुख श्री अवतार सिंह परमार, बिष्टुपुर के बबुआ अखाड़ा, गुरुद्वारा बस्ती बिष्टुपुर के विजय सिंह का अखाड़ा, द्विवेदी अखाड़ा के सुरंजय राय, टेल्को, जुगसलाई,परसुडीह,सीतारामडेरा, साकची, मानगो, गढ़ाबासा, टुइलाडूंगरी, बारीडीह, सिदगोड़ा, बागुनहातु, बगुननगर, मानगो, कदमा, शास्त्रीनगर, जुगसलाई, बागबेड़ा, सोनारी, भालूबासा, सहित कई अखाड़ा शामिल थे।
हरविंदर जमशेदपुरी ने सिख रहत मर्यादा की 1000 प्रतियां सीजीपीसी को सौंपी
गुरुघरों में मर्यादा लागू होने से सिखों में वहम-भरम और कर्मकांडो से निश्चित मुक्ति मिलेगी: जमशेदपुरी
जमशेदपुर के सिख प्रचारक हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने सीजीपीसी के अध्यक्ष सरदार भगवान सिंह को सिख रहत-मर्यादा की 1000 प्रतियां सौंप कर जमशेदपुर में सिखों की सर्वोच्च संस्था से अपील की है कि रहत मर्यादा को सभी गुरद्वारों में यथाशीघ्र लागू करवाने की कवायद शुरू की जाये। गुरुवार को सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के कार्यालय में गुरनाम सिंह बेदी, गुरपाल सिंह टिंकु, जगजीत सिंह विंकल, सुखविंदर सिंह राजू, पलविंदर सिंह एवं तरनप्रीत सिंह बन्नी की उपस्थिति में हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने सरदार भगवान सिंह को सिख रहत मर्यादा की प्रतियां भेंट की।
इस अवसर पर अपने विचार प्रकट करते हुए भगवान सिंह ने कहा कि सिख एक अलग कौम है और कौम की अपनी अलग परम्पराएं हैं इसलिए हर सिख का कर्तव्य होना चाहिए की रहत मर्यादा में लिखे हर एक शब्द का वो अक्षरः पालन करे। सिख रहत मर्यादा इंसान को मनमत विकारों के निकालकर गुरमत से जोड़ने का काम करती है। उन्होने कहा की सिख सिद्धांतों में जन्म से लेकर मृत्यु तक करने वाले कार्यों में फ़र्क साफ़ समझ आ जायेगा। बच्चों के जन्म संस्कार से लेकर मृतक संस्कार में एक सिख को क्या-क्या करना चाहिये रहत मर्यादा में साफ़ दर्शाया गया है। हरविंदर ने कहा गुरुघरों में मर्यादा लागू होने से सिखों में वहम-भरम और कर्मकांडो से निश्चित मुक्ति मिलेगी और समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। जमशेदपुरी ने कहा की सिख रहत मर्यादा में सबसे पहले सिख की तारीफ़ का ज़िक्र है और बताया गया है कि आखिर एक सिख की परिभाषा क्या है। इसे पढ़ने के बाद हर सिख का जीवन में बदलाव आना निश्चित है बशर्ते इसे लागू किया जाये।