जमशेदपुर : कपाली ओपी के मिल्लत नगर में शनिवार को जमीन विवाद में बेटे अहमद अली ने अपने पिता मोहम्मद अली पर रॉड से हमला कर दिया। इस मारपीट में मोहम्मद अली गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। उनके सर में चोट आई है। उनके छोटे बेटे अमजद अली ने मोहम्मद अली को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया है। कपाली ओपी में मामले की शिकायत कर दी गई है। अमजद अली ने बताया कि उनके पिता के साथ बड़े भाई ने मारपीट की है। उनका बड़ा भाई गाय पालने का धंधा करता है। वह कई गाय खरीद कर लाया है और डेढ़ कट्ठा जमीन पर गाय बांधना चाहता है। पिता ने मना किया कि इस जमीन पर गाय ना बांधो। इस पर उसने अमजद अली की बाइक जलाने की कोशिश की। पिता ने बीच-बचाव किया तो उसे मारपीट कर जख्मी कर दिया। अमजद अली ने बताया कि उसका बड़ा भाई पिता से जमीन मांग रहा है। लेकिन, खाना खर्चा उनको नहीं दे रहा है। कपाली के मिल्लत नगर में जमीन विवाद में बेटे ने पिता पर राड से कर दिया हमला, गंभीर हालत में एमजीएम में भर्ती।
जमशेदपुर : धोखाधड़ी के आरोप में यूपी पुलिस ने बिस्टूपुर से असलहा कारोबारी के बेटे को गिरफ्तार किया। उत्तरप्रदेश पुलिस ने शनिवार को बिष्टुपुर पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर असलहा कारोबारी कमलजीत सिंह के बेटे सिमरपाल सिंह को गिरफ्तार किया है। सिमरपाल पर कानपुर के कोहना थाना में धोखाधड़ी करने और अपहरण कर जान से मारने का आरोप लगाते हुए गुरदीप सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
शिकायत में गुरदीप ने बताया था कि कमलजीत सिंह और उनके बेटे सिमरपाल सिंह ने उन्हें भरोसा दिलाया थ कि वह उनके बेटे के नाम पर बंदूकों की दुकान खोलने के लिए ट्रेडिंग का लाइसेंस दिलवा देंगे। इसकी एवज में उन्होंने उनसे 9.5 लाख रुपये ले लिए। जब काम नहीं हुआ और उन्होंने पैसा वापस मांगना शुरू किया तो कमलजीत सिंह ने पैसा देने से मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने 23 जनवरी 2010 को कमलजीत सिंह और उनके बेटे सिमरजीत सिंह के खिलाफ अमानत में खयानत का मुकदमा दायर करा दिया था।
सिमारपाल सिंह असलहा कारोबारी कमलजीत सिंह का बेटा है। कमलजीत की बिष्टुपुर चौक रीगल बिल्डिंग में बंदूक की दुकान है। गुरदीप सिंह ने कमलजीत और सिमरपाल के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर कमलजीत के कानपुर स्थित आवास में कुर्की भी की था। सिमरपाल फरार चल रहा था जिसके बाद 3 मार्च 2023 को न्यायालय ने सिमरपाल की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। जिसके बाद यूपी पुलिस शहर पहुंची और सिमरपाल को गिरफ्तार किया। शनिवार को एमजीएम अस्पताल में मेडिकल के बाद कोर्ट में प्रस्तुत कर ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई।
रांचीः सूरत ट्रायल कोर्ट द्वारा फैसला सुनाये जाने के बाद रांची में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मानहानि के केस की स्पीडी ट्रायल कराने की मांग उठने लगी है। रांची में राहुल गांधी के खिलाफ केस करने वाले प्रदीप मोदी ने मीडियाकर्मियों से बात की। शिकायत कर्ता प्रदीप मोदी ने कहा कि जिस कांग्रेस को उनके दादा स्व. शिवनारायण मोदी ने कार्यालय चलाने के लिए भवन दान में दिया, जो आज भी श्रद्धानंद रोड में कांग्रेस भवन के रुप में जाना जाता है, उसी कांग्रेस के आला नेता राहुल गांधी ने मोदी सरनेम के विरुद्ध अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया है। प्रदीप मोदी ने राहुल गांधी की सदस्यता रद्द होने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा है कि हमारे दादाजी कांग्रेस के समर्थक रहे और आज कांग्रेस प्रदेश कार्यालय भी हमारे दादा की ही देन है। हमारे पूर्वज 1867 मे रांची आए थे, उस समय रांची की आबादी उतनी नहीं थी। आजादी के लिए आंदोलन की रणनीति मेरे दादाजी के घर में बनती थी। इसके बाद में उन्होंने एक घर खरीदकर कांग्रेस पार्टी को कार्यालय चलाने के लिए दान दिया था।
बीजेपी विधायक बिरंचि नारायण ने की स्पीडी ट्रायल की मांगः
भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंचि नारायण ने न्यायालय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि कोर्ट की ओर से जो भी फैसला आया है, वह बिल्कुल सही है और झारखंड से भी एक मोदी परिवार की तरफ से केस दर्ज किया गया था, उस मामले में भी स्पीडी ट्रायल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब झारखंड में आए थे तब मोरहाबादी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने मोदी सरनेम पर टिप्पणी की थी। जिससे आहत होकर प्रदीप मोदी ने राहुल गांधी के विरुद्ध अवमानना वाद दायर किया था। विधायक बिरंचि नारायण ने गुरुवार को सदन में प्रदीप यादव द्वारा न्यायालय के विरुद्ध की गई बयानबाजी की निंदा करते हुए कहा कि उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
बोकारो : बोकारो स्टील सिटी के सिटी पार्क में शनिवार को कस्तूरबा अंतर्विद्यालीय संगम 2023 का दीप प्रज्ज्वलित कर उपायुक्त श्री कुलदीप चौधरी, उप विकास आयुक्त श्रीमती कीर्तीश्री जी, अपर नगर आयुक्त चास श्री अनिल कुमार सिंह, डीपीएलआर श्रीमती मेनका कुमारी आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। 400 छात्राएं दिन भर आयोजित होने वाले दो दर्जन से ज्यादा प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे।
इन प्रतियोगिताओं का हो रहा आयोजन
कस्तूरबा अंतर्विद्यालीय संगम 2023 का आयोजन बोकारो स्टील सिटी क्षेत्र के सिटी पार्क एवं कुमार मंगलम स्टेडियम में हो रहा है। इसके तहत फुटबॉल, खो- खो, रनिंग (100 मीटर), रनिंग (400 मीटर) रिले, हाई जंप, शॉट पुट, लोंग जंप, डिस्कस थ्रो, सेक रेस 50/30 मीटर, योगा, ऑन द स्पॉट फोटो कांटेस्ट, कबड्डी, पेंटिंग, रंगोली, मेहंदी, प्रदर्शनी,निबंध, टग आफ वार क्विज, कराटे, तिरंदाजी,डिबेट, स्लो साइकिल रेसिंग, मॉक पार्लियामेंट, बोटिंग आदि प्रतियोगिता का आयोजन होगा।
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में 20 मार्च से 03 अप्रैल तक पोषण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। पोषण पखवाड़ा 2023 की थीम – “सभी के लिए पोषण: एक साथ, स्वस्थ भारत की ओर” है । साथ ही वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय ‘मोटे अनाज’ वर्ष के रूप में घोषित किया गया है वहीं इस वर्ष पोषण पखवाड़ा का केंद्र-बिंदु, कुपोषण को दूर करने के लिए एक मूल्यवान संपत्ति के रूप में ‘श्री अन्न’ जिसे सभी अनाजों की जननी कहा जाता है, को लोकप्रिय बनाने पर है । इसी कड़ी में उचित पोषण के प्रति जिलेवासियों में जागरूकता लाने को लेकर उपायुक्त श्रीमती विजया जाधव ने समाहरणालय से जागरुकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । मौके पर एसडीओ धालभूम श्री पीयूष सिन्हा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री रोहित कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती नेहा संजना खलखो, जिला शिक्षा पदाधिकारी सुश्री निशु कुमारी, सीडीपीओ श्रीमती दुर्गेश नंदिनी समेत महिला पर्यवेक्षिका श्रीमती सविता सिन्हा व अन्य मौजूद रहीं।बच्चों एवं महिलाओं में सही पोषण के प्रति जागकरूकता लाने को लेकर समाहरणालय परिसर में एक प्रदर्शनी भी लगाया गया जिसका उपायुक्त ने अवलोकन कर आंगनबाड़ी के माध्यम से इसके व्यापक प्रचार प्रसार के निर्देश दिए । उन्होने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में जहां कुपोषण की समस्या ज्यादा आती हैं ,वहां बच्चों का पहला स्कूल आंगनबाड़ी केन्द्र होते हैं, ऐसे में वहां आने वाली गर्भवती माताओं एवं धात्री माताओं का उचित पोषण एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरुक करना बहुत जरूरी है। उपायुक्त ने कहा कि कुपोषण का सामना करने के लिए कोई बाहर की चीजें खाने की जरूरत नहीं है, जो चीजें हमारे दैनंदिन खानपान में है उनका सही तरीके से व स्थानीय स्तर पर उपलब्ध साग सब्जी का उपयोग करें तो कुपोषण पर हम विजय प्राप्त कर सकते हैं । उपायुक्त ने हस्ताक्षर अभियान में शामिल होकर कुपोषण के विरूद्ध इस लड़ाई में जीत की शुभकामना दी वहीं एसडीओ धालभूम श्री पीयूष सिन्हा ने आह्वान किया कि आइए देश और राज्य को कुपोषण मुक्त बनायें। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने मोटा अनाज अपनाने का संदेश दिया।
पोषण पखवाड़ा के दौरान निम्न कार्यक्रम किए जा रहे-
मोटे अनाज आधारित खाद्य पदार्थों को पूरक पोषण से जोड़ने, घर-घर तक पहुंचाने, आहार परामर्श शिविर आदि के आयोजन के माध्यम से पोषण-कल्याण के लिए श्री अन्न/मोटे अनाज को बढ़ावा देना और इन्हें लोकप्रिय बनाना।
स्वस्थ बालक प्रतिस्पर्धा : अच्छे पोषण, अच्छे स्वास्थ्य और तंदुरूस्ती के लिए प्रतिस्पर्धा की स्वस्थ भावना पैदा करके परिभाषित मानकों के अनुरूप ‘स्वस्थ बालक’ की पहचान करना और इसका उत्सव मनाना
सक्षम आंगनबाड़ियों को लोकप्रिय बनाना: आंगनबाड़ी केन्द्रों को लोकप्रिय बनाने और जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाए जा रहे, इसके लिए आंगनबाड़ियों को बेहतर पोषण, प्रारंभिक बचपन की देखभाल और शिक्षा के केंद्रों के रूप में उन्नत अवसंरचना और सुविधाओं के साथ सक्षम करने का प्रयास है।
करौली बाबा का सबसे पहले चिकित्सक से विवाद हुआ था. फिर कानपुर के एक अधिवक्ता ने वीडियो वायरल करके बाबा को चैलेंज दिया था. अब झारखंड के युवक ने आरोप लगाया है कि आश्रम से उसके पिता गायब हो गए हैं.
उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के बिधनू थाना क्षेत्र से लेकर आसपास के तमाम इलाकों में हर किसी की जुबां पर जिस बाबा की सबसे अधिक चर्चा है, वह करौली बाबा हैं. नोएडा के एक डॉक्टर से सबसे पहले विवाद के बाद लगातार बाबा पर विवादों में घिरते जा रहे हैं. कानपुर शहर के एक अधिवक्ता ने तो बाबा को खुला चैलेंज देते हुए वीडियो वायरल किया था, जिसमें वह कह रहा था कि अगर उसके दोनों बेटों का बाबा इलाज कर देंगे तो वह अपनी पूरी संपत्ति बाबा के नाम कर देगा. इसके बाद एक झारखंड के युवक ने बाबा पर आरोप लगाया है कि उसके पिता करौली आश्रम से लापता हो गए.
हालांकि, अब बाबा भी अपने बचाव में नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं. मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अब बहती गंगा में सभी हाथ धोएंगे. इस वाक्य से उनका संदर्भ उनके प्रति रचने वाली गहरी साजिश से था, जो बात वह पहले दिन से कह रहे हैं. उन्होंने कहा कि जितनी जांचें होनी हैं हो जाएं, सब दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा. आश्रम में हजारों लोग रोज आते हैं तो क्या हम सभी पर नजर रखेंगे? उन्होंने कहा, अब हमारे अधिवक्ता अपने तरीके से पक्ष रखेंगे.
बाबा के बदले चेहरे के भाव: जैसे-जैसे मीडियाकर्मी सवाल पूछ रहे थे, वैसे-वैसे बाबा के चेहरे का भाव बदल रहा था. आवेशित होकर बाबा ने कहा कि चैलेंज वालों का तो बुखार नहीं ठीक होता, फिर कोई दूसरी समस्या कैसे सही होगी? उन्होंने कहा, कि इस आश्रम में जो भक्ति और आस्था के साथ आता है, उसे ही शांति मिलती है, बाकी को नहीं.
पुलिस के आला अफसर कर रहे जांच: कानपुर पुलिस के आला अफसर एक ओर जहां बाबा के विवादों संबंधी सभी मामलों की जांच कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वह बाबा को बदनाम किए जाने व उनके खिलाफ अगर साजिश रची गई तो उन साजिशकर्ताओं को लेकर भी गोपनीय ढंग से जानकारी कर रहे हैं. पूरे मामले पर संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने कहा कि जो साक्ष्य हैं उनके आधार पर ही कार्रवाई होगी. बिना किसी तथ्य के हम कार्रवाई नहीं कर सकते.
आश्रम की कैंटीन में करते भोजन, बुक कराते रेलवे व एयर टिकट: बिधनू क्षेत्र के करौली आश्रम की सुविधाएं दिल्ली व अन्य बड़े शहरों के आश्रमों जैसी हैं. यहां भक्त कैंटीन में मनपसंद भोजन करते हैं, जबकि उनकी सुविधा के लिए रेलवे व एयर टिकट की बुकिंग भी आसानी से हो जाती है. आश्रम में जहां बाबा का दरबार लगता है, वहां एक साथ 500 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था है. भक्त बताते हैं, कि अगर कोई नौ दिन रुककर हवन करा लेता है तो बाबा का दावा है उसकी मनोकामना पूरी हो जाती है.
आरा जिले में सुपारी किलिंग का एक दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां बदमाश एक व्यक्ति की हत्या करने आए थे, लेकिन वह अपने घर में नहीं मिले तो बदमाशों ने जाते जाते उनकी बेटी को ही गोली मार दी और मौके से फरार हो गए.
यह वारदात आरा जिले के उदवंतनगर थाना क्षेत्र में भेलाई गांव की है. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची आरा पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है. अभी तक बदमाशों के बारे में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है. हालांकि बताया जा रहा है कि यह वारदात एक जमीनी विवाद के चलते अंजाम दी गई है.
पुलिस के मुताबिक मृत बच्ची की पहचान रोहतास जिले के कुंड गांव में रहने वाले कृष्णा सिंह की बेटी आराध्या (8) के रूप में हुई है. कृष्णा सिंह काफी समय पहले अपना गांव छोड़ कर आरा के भेलाई गांव आ गए थे और यहीं पर अपना घर बनाकर रह रहे थे. पुलिस की जांच में पता चला है कि रोहताश जिले में करीब 25 एकड़ जमीन को लेकर कृष्णा सिंह का कुछ लोगों से विवाद चल रहा था. इस विवाद में कृष्णा सिंह और उनके भाई पर पहले भी एक बार फायरिंग हो चुकी है.
इसमें उनके भाई की तो मौत हो गई थी, लेकिन खुद कृष्णा सिंह एक गोली लगने के बाद भी जिंदा बच गए थे. पुलिस के मुताबिक इसी मामले में दूसरे पक्ष के लोगों ने कृष्णा सिंह की हत्या की सुपारी दी थी. इसके बाद दो बदमाश शुक्रवार की दोपहर उनके भेलाई स्थित घर पहुंचे थे. यहां बदमाश धड़धड़ाते हुए उनके घर में घुसे और चारो तरफ तलाश किया, लेकिन जब कहीं उनका पता नहीं चला तो जाते जाते बदमाशों ने उनकी बेटी आराध्या पर गोली चला दी.
इससे मौके पर ही तड़प तड़प कर उसकी मौत हो गई. आनन फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मासूम बच्ची का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है. वहीं परिजनों के बयान के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है. इसी क्रम पुलिस की एक टीम बदमाशों की पहचान और धरपकड़ के लिए रोहतास भी भेजी गई है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अभी तक हत्यारोपियों की पहचान नहीं हो पायी है. फिलहाल इतनी ही जानकारी मिली है कि हत्यारोपी हॉयर किए गए थे. इसके लिए उन्हें सुपारी दी गई थी.
दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया को राहत नहीं मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई पांच अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी।
दरअसल, सिसोदिया के वकील को इस जमानत याचिका पर ईडी की ओर से दाखिल किए गए जवाब पर अपना पक्ष रखना था लेकिन उन्होंने अदालत से ईडी के जवाब का अवलोकन करने के लिए कुछ समय दिए जाने की गुजारिश की, जिसे अदालत ने मान लिया।
मालूम हो कि मनीष सिसोदिया को दिल्ली के कथित शराब घोटाले में पहले सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद इससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सिसोदिया को जमानत नहीं मिल सकी है। सिसोदिया जेल में है। विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने मामले पर सुनवाई इसलिए स्थगित कर दी क्योंकि सिसोदिया के वकील ने जमानत याचिका पर ईडी की ओर से दायर जवाब पर प्रतिक्रिया देने के लिए समय दिए जाने का अनुरोध किया। सिसोदिया के वकील ने अदालत से कहा कि उन्हें मामले पर विस्तार से दलीलें रखने के लिए कुछ समय चाहिए।
प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया को नौ मार्च को तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था। सिसोदिया सीबीआई के एक अन्य मामले में भी बंद हैं। सीबीआई ने आप नेता सिसोदिया को दिल्ली की नई आबकारी नीति 2021-22 के क्रियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार के संबंध में 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था। यह शराब नीति रद्द की जा चुकी है। अदालत ने शुक्रवार को कहा था कि वह सीबीआई के मामले में सिसोदिया की जमानत याचिका पर अपना आदेश 31 मार्च को सुनाएगी।
देखना होगा कि 31 मार्च को सीबीआई मामले में सिसोदिया को अदालत से राहत मिलती है या नहीं। वैसे यदि सिसोदिया को सीबीआई मामले में 31 मार्च को जमानत मिल भी जाती है तो भी उन्हें पांच अप्रैल तक जेल में ही रहना होगा। ऐसा इसलिए राउज एवेन्यू कोर्ट कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई पांच अप्रैल तक के लिए टाल दी है। आम आदमी पार्टी सिसोदिया पर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर है। सीएम केजरीवाल का कहना है कि ये लोग (केंद्र सरकार) हमें जेल में डाल दें फिर भी हमारे हौसले नहीं तोड़ पाएंगे।
टेट (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) पास पैरा शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सुनवाई के दौरान सेवा नियमितीकरण और समान काम के बदले समान वेतन देने के मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने झारखंड सरकार को नोटिस जारी किया। सरकार को इस मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
सुनील कुमार यादव एवं अन्य की ओर से दायर एसएलपी पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने यह नोटिस जारी किया। इस मामले में पहले प्रार्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 16 दिसंबर 2022 को याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद प्रार्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की। प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य के करीब 11 हजार टेट पास लोग पैरा टीचर के पद पर 15 साल से अधिक समय से काम कर रहे हैं। ये सभी टेट पास हैं और शिक्षक बनने के लिए आवश्यक पात्रता रखते हैं। राज्य में शिक्षकों के पद रिक्त भी हैं। लिहाजा सभी को राज्य में सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर समायोजित कर देना चाहिए। शिक्षक बनने की सभी अर्हता रखने के बाद भी उन्हें नियमित शिक्षक से काफी कम मानदेय मिलता है। समान काम के बदले उन्हें समान वेतन मिलना चाहिए।
हाईकोर्ट में इस मामले में राज्य की ओर से बताया गया था कि पैरा शिक्षकों की सेवा को नियमित करने और उन्हें अन्य सुविधाएं देने के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना ने एक कमेटी बनायी है। कमेटी की अनुशंसा के आधार पर पैरा शिक्षकों को सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही सहायक शिक्षकों की नियुक्ति में पारा शिक्षकों को 50 फीसदी आरक्षण का लाभ भी दिया जा रहा है। इस नियम के तहत कई पैरा शिक्षकों की सेवा नियमित हो गयी है। राज्य सरकार के अनुसार ऐसे में बिना परीक्षा में शामिल किए शिक्षकों की सेवा नियमित नहीं की जा सकती। मानदेय में बढ़ोतरी की गयी है। अलग अलग श्रेणी के शिक्षकों का मानदेय बढ़ाया गया है। जो पैरा शिक्षक टेट पास किए हैं उनका मानदेय भी निर्धारित है। ऐसे में सिर्फ टेट पास शर्त पर सेवा नियमित नहीं की जा सकती या उनका समायोजन नहीं किया जा सकता।
पैरा शिक्षकों की नियुक्ति की घोषणा
राज्य में बनी जिस नियोजन नीति के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति होनी थी, वह रद्द कर दी गयी है। ऐसे में जब तक नई नियोजन नीति धरातल पर नहीं आती तब तक बच्चों की पढ़ाई में बाधा न हो इसके लिए पैरा शिक्षकों को नियुक्त करने की मंत्री ने घोषणा की है। इनकी नियुक्ति दिल्ली और गोवा के तर्ज पर होगी। इसमें प्रशिक्षित और टेट पास अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा। उन्हें वर्तमान में कार्यरत सहायक अध्यापकों के समान 22,500 का मानदेय दिया जाएगा। जब शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति हो जाएगी, तब इनकी सेवा समाप्त हो जाएगी। उनकी नियुक्ति इसी शर्त पर किए जाने पर विचार चल रहा है।
पंचायत, स्कूल प्रबंधन समिति से नियुक्ति
शिक्षा मंत्री ने जगरनाथ महतो ने मामले में पूर्व में कहा था कि पैरा शिक्षकों की नियुक्ति 2012 से बंद है। पहले की नियुक्ति में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं होता था, अब नियुक्ति में आरक्षण रोस्टर का पालन होगा। नियुक्ति पंचायत या स्कूल प्रबंधन समिति करेगी। नियुक्ति स्कूल या पंचायत स्तर पर उपलब्ध सीटों की संख्या के आधार पर की जायेगी।
चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्मांडा की पूजा की जाती है। माँ कूष्मांडा माँ दुर्गा की चौथी शक्ति हैं। धार्मिक मान्यता है कि माँ कूष्मांडा की पूजा करने से भक्तों के समस्त प्रकार के रोग-दोष मिट जाते हैं। इनकी आराधना से भक्तों की आयु, यश, बल आरोग्य, संतान सुख की वृद्धि होती है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार, माँ कूष्मांडा के बारे में ऐसा कहा जाता है कि जब ब्रह्मांड में चारो ओर अंधकार था, जीव-जंतुओं का अस्तित्व नहीं था तब माँ कूष्मांडा ने इस सृष्टि की रचना की थी। इसी कारण माँ को कूष्मांडा कहा जाता है।
एक अन्य मान्यता के अनुसार, मां कूष्मांडा को कुम्हड़े (कद्दू) की बलि बहुत ही प्रिय है, इसलिए मां दुर्गा का नाम कूष्मांडा पड़ा। मां कूष्मांडा की आठ भुजाएं हैं। इनके सात हाथों में क्रमशः कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा है। आठवें हाथ में जपमाला है। मां शेर की सवारी करती हैं। माँ कूष्मांडा सूर्यमंडल के भीतर के लोक में निवास करती हैं।
मां कूष्मांडा की पूजा विधि और भोग
सुबह उठकर सबसे पहले स्नान कर लें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद माँ कूष्मांडा का ध्यान कर उनको धूप, गंध, अक्षत्, लाल पुष्प, सफेद कुम्हड़ा, फल, सूखे मेवे और सौभाग्य का सामान अर्पित करें। फिर मां कूष्मांडा को हलवे और दही का भोग लगाएं। मंत्र सहित मां का ध्यान करें और अंत में आरती करें।
मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु माँ कूष्मांडा रूपेण संस्थिता. नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
कूष्मांडा जय जग सुखदानी। मुझ पर दया करो महारानी॥ पिगंला ज्वालामुखी निराली। शाकंबरी मां भोली भाली॥ लाखों नाम निराले तेरे । भक्त कई मतवाले तेरे॥ भीमा पर्वत पर है डेरा। स्वीकारो प्रणाम ये मेरा॥ सबकी सुनती हो जगदंबे। सुख पहुंचती हो मां अंबे॥ तेरे दर्शन का मैं प्यासा। पूर्ण कर दो मेरी आशा॥ मां के मन में ममता भारी। क्यों ना सुनेगी अरज हमारी॥ तेरे दर पर किया है डेरा। दूर करो मां संकट मेरा॥ मेरे कारज पूरे कर दो। मेरे तुम भंडारे भर दो॥ तेरा दास तुझे ही ध्याए। भक्त तेरे दर शीश झुकाए॥