शहीद बाबा दीप सिंह जी के जयकारों से गूंजा एग्रिको: शहीदी दिहाड़े पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, अमृतसर से आए रागी जत्थों ने किया निहाल
जमशेदपुर | धार्मिक ब्यूरो
‘धन-धन बाबा दीप सिंह जी’ के शहीदी दिहाड़े के अवसर पर एग्रिको स्थित ट्रांसपोर्ट मैदान में दो दिवसीय भव्य कीर्तन दरबार का शुभारंभ सोमवार को हुआ। जमशेदपुर की सिख संगत ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ पहले दीवान में अपनी हाजिरी भरी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

कीर्तन और कथा से महका दरबार
सजे हुए दीवान में अमृतसर के दरबार साहिब और अन्य पवित्र स्थलों से आए महान रागी जत्थों और विद्वानों ने संगत को गुरुबाणी और इतिहास से जोड़ा:
- भाई अमनदीप जी (माता कौलां जी, अमृतसर): इनके मधुर कीर्तन ने संगत को भाव-विभोर कर दिया।
- भाई बनता सिंह जी (कथा वाचक): उन्होंने बाबा दीप सिंह जी के अदम्य साहस और शहादत की गाथा सुनाते हुए बताया कि कैसे बाबा जी ने शीश हथेली पर रखकर धर्म की रक्षा की।
- बीबी अमनदीप कौर (पटना साहिब): उनकी व्याख्या और स्थानीय रागियों के कीर्तन ने दरबार में आध्यात्मिक ऊर्जा भर दी।
बाबा दीप सिंह जी की जीवनी: प्रेरणा का स्रोत
कथा के दौरान बाबा दीप सिंह जी के जीवन पर प्रकाश डाला गया कि कैसे 75 वर्ष की आयु में उन्होंने श्री हरमंदिर साहिब को आजाद कराने का संकल्प लिया और अपनी अद्वितीय वीरता से मुगल सेना के छक्के छुड़ा दिए।
सितारामडेरा गुरुद्वारा कमेटी का आभार
आयोजन की कमान संभाल रही सितारामडेरा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने पहले दिन के सफल आयोजन पर खुशी जाहिर की। कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा:
”जमशेदपुर की संगत का उत्साह सराहनीय है। हम सभी का दिल से शुकराना (धन्यवाद) करते हैं और अपील करते हैं कि बाकी के तीनों दीवानों में भी इसी तरह बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और गुरु घर की खुशियां प्राप्त करें।”
आगामी कार्यक्रम की जानकारी
- स्थान: ट्रांसपोर्ट मैदान, एग्रिको।
- विशेष: लंगर की अटूट व्यवस्था और गुरुबाणी का निरंतर प्रवाह।















