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सूर्य सिंह बेसरा ने किया खुलासा, कहा जान का है खतरा

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झारखंड राज्य आंदोलन के अग्रणी नेता और पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सनसनीखेज खुलासा किया है कि उनकी जान को खतरा है. खुफिया सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की साज़िश के तहत उनके खिलाफ हमले की योजना बनाई जा सकती है.

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सूर्य सिंह बेसरा इन दिनों ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में हैं और 19 दिसम्बर को सुबह 11 बजे वे जमशेदपुर के पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करके अपनी सुरक्षा से संबंधित मुद्दे पर बातचीत करेंगे.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनवरी 2025 में झारखंड सरकार के गृह सचिव की ओर से जमशेदपुर के पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया गया था कि पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा को अंगरक्षक उपलब्ध कराया जाए. बावजूद इसके, अब तक उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई है. श्री बेसरा ने बताया कि वे लंबे समय से बिना अंगरक्षक के असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.

बेसरा ने अपने बयान में बताया कि वे 15 से 17 दिसम्बर तक भुवनेश्वर में अपने गुरु और भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय नयन चांद हेंब्रम के श्राद्धकर्म में शामिल होने गए थे. वहां उन्हें कुछ सेवानिवृत्त खुफिया अधिकारियों से मुलाकात हुई, जिनसे बातचीत के दौरान यह जानकारी मिली कि उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है.

उन्होंने कहा कि खुफिया विभाग के पूर्व पदाधिकारियों ने उन्हें आगाह किया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा, जो उन्हें राजनैतिक प्रतिद्वंदी मानती है, उनके खिलाफ साजिश रच सकती है. श्री बेसरा ने कहा कि वे इस सूचना को काफी गंभीरता से ले रहे हैं और अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं.

सूर्य सिंह बेसरा ने बताया कि वे झारखंड राज्य आंदोलन के संस्थापकों में से एक हैं और झारखंड पीपुल्स पार्टी (JPP) एवं ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSU) के संस्थापक रहे हैं. उन्होंने बताया कि वर्ष 1990 में वे घाटशिला विधानसभा से विधायक निर्वाचित हुए थे, और 2017 में संताली भाषा में ‘गीतांजलि’ और ‘मधुशाला’ के अनुवाद के लिए साहित्य अकादमी द्वारा सम्मानित हुए थे.

उन्होंने राज्य सरकार से शीघ्र अंगरक्षक देने की मांग की है ताकि संभावित खतरे से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.