जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला समन्वय समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं में विभागों के बीच संवादहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए अंतर-विभागीय समन्वय पर विशेष जोर दिया।

मइयां सम्मान योजना: लापरवाही पर बर्खास्तगी की चेतावनी
बैठक में ‘मइयां सम्मान योजना’ की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि एक लाख से अधिक लाभुकों का भौतिक सत्यापन अभी लंबित है। उपायुक्त ने इसे जल्द पूर्ण करने का निर्देश देते हुए कड़ी चेतावनी दी:
- शून्य सहिष्णुता: सत्यापन कार्य में यदि किसी भी कर्मी द्वारा अनैतिक गतिविधि या भ्रष्टाचार की शिकायत मिली, तो उसे तत्काल नौकरी से हटा दिया जाएगा।
सबर परिवारों के लिए ‘सैचुरेशन मोड’ में काम करने का निर्देश
आदिम जनजाति सबर परिवारों के उत्थान को लेकर उपायुक्त ने सभी बीडीओ (BDO) को निर्देशित किया:
- शिक्षा से जुड़ाव: सर्वे के आधार पर सबर समुदाय के ‘ड्रॉप आउट’ बच्चों को चिन्हित कर उन्हें वापस स्कूल भेजें।
- पूर्ण लाभ: सबर परिवारों के प्रत्येक सदस्य को सरकार की सभी योजनाओं से जोड़ते हुए ‘सैचुरेशन मोड’ (शत-प्रतिशत लाभ) में लाएं।
छात्रावासों का होगा भौतिक सत्यापन
जिला कल्याण पदाधिकारी को उन हॉस्टलों की रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है जहाँ ऑक्यूपेंसी (छात्रों की उपस्थिति) शून्य या 50 फीसदी से कम है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जो हॉस्टल तैयार हैं, उनका संचालन तुरंत शुरू किया जाए। साथ ही, स्कूलों के भवन निर्माण और हैंडओवर की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए बीडीओ और सीओ को समन्वय बनाने को कहा गया।

अतिक्रमण रोकने के लिए लगेंगे बोर्ड
विकास कार्यों के लिए अंचलों द्वारा जिन विभागों को जमीन हस्तांतरित कर दी गई है, वहां संबंधित विभाग को तुरंत अपना सूचना बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया है, ताकि जमीन पर कब्जा या विवाद की स्थिति न बने।
बैठक के मुख्य दिशा-निर्देश:
- क्षेत्र भ्रमण: विभागीय पदाधिकारी केवल कागजों पर नहीं, बल्कि क्षेत्र भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करें।
- त्वरित निष्पादन: भूमि हस्तांतरण, बिजली कनेक्शन और भुगतान से जुड़े लंबित मामलों को आपसी समन्वय से तुरंत सुलझाएं।
- अंतिम व्यक्ति तक लाभ: जिला प्रशासन का लक्ष्य केवल आंकड़ों में लक्ष्य पाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है।











