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पेपर लीक पर राज्य के शिक्षा मंत्री भी लें नैतिक जिम्मेदारी, दें इस्तीफा: पीयूष ठाकुर

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जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज): विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली और पेपर लीक मामलों को लेकर युवाओं का आक्रोश अब और तेज़ होता जा रहा है। सामाजिक संगठन सेवा ही लक्ष्य (युवा शक्ति) के संस्थापक पीयूष ठाकुर ने प्रेस बयान जारी कर केंद्र के साथ-साथ राज्यों के शिक्षा मंत्रियों की जवाबदेही तय करने की पुरज़ोर माँग की है।IMG 20260727 094953

​पीयूष ठाकुर ने केंद्र सरकार के कड़े रुख का हवाला देते हुए कहा कि जब दबाव के बाद केंद्रीय स्तर पर जवाबदेही तय हो सकती है, तो फिर विभिन्न राज्यों में लगातार हो रहे पेपर लीक पर वहाँ के शिक्षा मंत्री चुप क्यों हैं? उन्होंने कहा कि झारखंड, पंजाब समेत देश के कई राज्यों में आए दिन प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, जिससे लाखों होनहार छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।

​जंतर-मंतर से जमशेदपुर तक युवाओं में आक्रोश

​पीयूष ठाकुर ने बताया कि उन्होंने हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर और जमशेदपुर में आंदोलनरत युवाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को जाना। छात्रों का बस एक ही दर्दनाक सवाल है—“हमारी सालों की कड़ी मेहनत का क्या होगा?”

​उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी में युवा अपने जीवन के सबसे कीमती साल लगा देते हैं, लेकिन पेपर लीक माफिया उनकी मेहनत पर पानी फेर देते हैं। अगर केंद्र स्तर पर नैतिक जिम्मेदारी तय हो सकती है, तो राज्यों के शिक्षा मंत्री अपनी जवाबदेही से मुँह नहीं मोड़ सकते।

​CBI जाँच और इस्तीफे की माँग

सेवा ही लक्ष्य (युवा शक्ति) के संस्थापक ने मुख्य रूप से तीन प्रमुख माँगें रखी हैं:

    • नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा: जिन-जिन राज्यों में पेपर लीक की घटनाएँ हुई हैं, वहाँ के शिक्षा मंत्री नैतिक आधार पर तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
    • CBI जाँच: राज्यों में हुए सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की विशेष टीम से कराई जाए।
    • दोषियों पर सख्त कार्रवाई: पेपर लीक सिंडिकेट में शामिल बड़े माफियाओं और अधिकारियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।

पीयूष ठाकुर, संस्थापक (सेवा ही लक्ष्य – युवा शक्ति):

“युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर केंद्र में जवाबदेही तय हो सकती है, तो राज्यों में क्यों नहीं? जिन राज्यों में पेपर लीक हुए हैं, वहाँ के शिक्षा मंत्रियों को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष CBI जाँच होनी चाहिए।”

 

प्रकाशन: तीसरी धारा न्यूज

स्थान: जमशेदपुर

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