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महायुद्ध की आहट: अमेरिका-इजरायल का ईरान पर भीषण हमला, परमाणु ठिकानों को बनाया निशाना

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तेहरान/तेल अवीव:

मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव अब परमाणु युद्ध की खतरनाक दहलीज पर पहुंच गया है। शुक्रवार को इजरायली वायुसेना (IAF) ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के सबसे सुरक्षित और महत्वपूर्ण परमाणु केंद्रों पर बड़ा हमला किया है। इजरायल का दावा है कि उसने ईरान के यूरेनियम और प्लूटोनियम उत्पादन की क्षमता को भारी चोट पहुंचाई है।n7062360681774668500343623f6a8b957440e2e22130e9914f62f07003ee85e66f2386c5fddeeea8aae292

यज्द: यूरेनियम प्रोसेसिंग फैसिलिटी पर स्ट्राइक

​इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि उनके लड़ाकू विमानों ने ईरान के मध्य में स्थित यज्द (Yazd) की यूरेनियम प्रोसेसिंग फैसिलिटी को तबाह कर दिया है।

  • महत्व: यह केंद्र ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए कच्चा माल तैयार करने का मुख्य स्रोत था।
  • लक्ष्य: इजरायल का उद्देश्य ईरान के ‘इनरिच्ड यूरेनियम’ (Enriched Uranium) के भंडार को खत्म करना है ताकि वह परमाणु बम न बना सके।1002518072

अराक: प्लूटोनियम उत्पादन केंद्र भी निशाने पर

​यज्द के बाद दूसरा बड़ा हमला अराक (Arak) में स्थित हेवी वॉटर प्लांट पर किया गया।

  • अमेरिकी सहयोग: ईरानी मीडिया के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से खोंदाब परिसर को निशाना बनाया।
  • खतरा: IDF के अनुसार, यह प्लांट प्लूटोनियम उत्पादन का मुख्य केंद्र था। प्लूटोनियम को परमाणु हथियारों का सबसे घातक हिस्सा माना जाता है।

स्टील प्लांट और पावर स्टेशन भी हुए धुआं-धुआं

​ईरान के विदेश मंत्री ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘बड़ी कूटनीतिक धोखाधड़ी’ करार दिया है। ईरान के अनुसार, इजरायल ने केवल परमाणु ठिकानों को ही नहीं, बल्कि नागरिक सुविधाओं को भी निशाना बनाया है:

  1. अहवाज: खुजेस्तान स्टील प्लांट पर हमला।
  2. इस्फाहान: ईरान की सबसे बड़ी स्टील कंपनी ‘मोबारकेह’ को निशाना बनाया गया।
  3. पावर प्लांट: एक प्रमुख बिजली स्टेशन पर भी एयर स्ट्राइक की गई है।

बदले की आग: ‘नतांज’ से ‘डिमोना’ तक का सफर

​यह जंग पुरानी रंजिश का हिस्सा है। इससे पहले इजरायल ने ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर हमला किया था, जिसके जवाब में ईरान की IRGC ने इजरायल के गुप्त परमाणु केंद्र डिमोना (Dimona) को निशाना बनाया था। अब ताजा हमलों ने इस आग में घी डालने का काम किया है।

ईरानी विदेश मंत्री का बयान: “इजरायल अपने इन अपराधों के लिए भारी कीमत चुकाएगा। यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति की डिप्लोमेसी के वादों के बिल्कुल उलट है।”

 

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