जमशेदपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर की पीएच.डी. शोधार्थी प्रीति कुंडू ने अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक और शोध क्षमता का लोहा मनवाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्थान का मान बढ़ाया है। प्रीति कुंडू को उनके अभूतपूर्व शोध कार्य के लिए प्रतिष्ठित “डॉ. जयश्री कुलकर्णी अवार्ड फॉर आउटस्टैंडिंग पेपर इन द डिज़ाइन एंड एप्लीकेशन ऑफ वेयरेबल एंटेना” से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान उन्हें हैदराबाद में आयोजित 5वें IEEE वायरलेस, एंटेना एंड माइक्रोवेव सिम्पोजियम (WAMS 2026) के दौरान एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
10,000 रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र से हुईं सम्मानित
प्रीति कुंडू को यह गौरवशाली पुरस्कार उनके उच्च स्तरीय शोध पत्र “An Ultra-Compact Flexible Wideband Antenna for Wearable Body Area Network Applications” (पेपर आईडी #793) के लिए दिया गया है। पुरस्कार के रूप में उन्हें 10,000 रुपये की नकद राशि, एक आकर्षक स्मृति चिह्न (प्लाक) और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
स्वास्थ्य और वायरलेस तकनीक में क्रांतिकारी साबित होगा शोध
प्रीति वर्तमान में एनआईटी जमशेदपुर के डॉ. सुरजीत कुंडू के कुशल निर्देशन में अपना शोध कार्य पूरा कर रही हैं। उनका मुख्य शोध क्षेत्र वाइडबैंड वेयरेबल एवं बायोमेडिकल एंटेना है। इस तकनीक का सीधा उपयोग स्वास्थ्य निगरानी (हेल्थ मॉनिटरिंग) और अगली पीढ़ी की वायरलेस संचार प्रणालियों को और अधिक प्रभावी बनाने में किया जाता है।
अपनी इस शैक्षणिक जिम्मेदारी के साथ-साथ प्रीति कुंडू वर्तमान में मैरीलैंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, गलूडीह में सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट प्रोफेसर) एवं विभागाध्यक्ष (एचओडी) के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रही हैं।
संस्थानों और शुभचिंतकों में हर्ष की लहर
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके गाइड और शोध निर्देशक डॉ. सुरजीत कुंडू ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रीति की यह सफलता अन्य शोधार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। उन्होंने प्रीति के उज्ज्वल भविष्य और आगामी शोध परियोजनाओं के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं भी दीं।
यह सफलता न केवल एनआईटी जमशेदपुर बल्कि मैरीलैंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के लिए भी बड़े गौरव का विषय है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि क्षेत्र के तकनीकी संस्थान वायरलेस एवं बायोमेडिकल प्रौद्योगिकी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में वैश्विक स्तर का योगदान दे रहे हैं।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज











