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राँची के हिन्दूवादी नेता भैरव सिंह घाघीडीह जेल में अभय सिंह से मिले, कहा – तुष्टिकरण की राजनीति के कारण फँसाया गया

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जमशेदपुर : भाजपा नेता अभय सिंह पिछले 3 महीने से ज्यादा समय से घाघीडीह कारावास में है, उनसे मिलने आज राँची के हिंदूवादी नेता और समाजसेवक भैरव सिंह पहुँचे और अभय सिंह से मुलाकात कर सारी स्थिति को जाना। जिसके बाद उन्होंने एक प्रेस वार्ता रखा और अभय सिंह को जमानत मिलने के बाद भी लगातार लग रहे प्रोडक्शन को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह एक तुष्टिकरण की राजनीति के तहत अभय सिंह को फँसाया गया है। विगत 9 अप्रैल को कदमा के शास्त्रीनगर में हुए हिंसा में अभय सिंह का कहीं नामो निशान नहीं था। जटाधारी मंदिर में माँस का टुकड़ा लटकाने वाले के विरोध करने पर इफ़्तार पार्टी से उठ कर आये लोगों ने प्रशासन और हिंदुओं पर हमला करते हैं लेकिन एक षड्यंत्र के तहत इसमें अभय सिंह जी को फंसाया गया। जबकि अभय सिंह की उपस्थिति कदमा के आस पास कहीं थी भी नही, न मोबाइल लोकेशन से, न किसी कैमरे के माध्यम से प्रशासन यह साबित कर पाई की अभय सिंह इसमें संलिप्त हैं। फिर भी उन्हें जेल में रखा गया, परन्तु प्रशासन ने वो मांस के टुकड़े लगाने वाले कि जांच नहीं की।(जारी…)

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भैरव सिंह ने कहा कि झारखंड उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद अभय सिंह पर कदमा मामले से पूर्व घटित जुगसलाई मामले में अज्ञात के तौर पर नाम डाल कर केस किया गया और प्रोडक्शन लगा दिया गया और जब उसमें भी जमानत मिल गयी तो उन्होंने बरसों पुराने किसी मामले में झूठा केस बना कर फिर से प्रोडक्शन लगा दिया गया। जिसमें धारा 307 का भी उल्लेख किया गया है लेकिन यह पूरी तरह से फर्जी केस है क्योंकि 307 की धारा लगाने के लिए सबसे अहम जो दस्तावेज होते है वही प्रशासन ने नहीं दिया, क्योंकि प्रशासन के पास वह दस्तावेज है ही नहीं। (जारी…)

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अभय सिंह को फंसाने में किसका हाथ है इस मामले में पूछे जाने पर भैरव सिंह ने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली यह सरकार समझ चुकी है कि अभय सिंह इनकी हक़ीक़त जनता के सामने खोल कर रख देंगे जिससे इस सरकार को डर लगने लगा और उन्होंने हिन्दू विरोधी तत्वों के साथ मिलकर प्रशासनिक अधिकारों का गलत तरीकें से उपयोग करते हुए अभय सिंह को फंसाने के कार्य कर रही है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से सरकार से कहा है कि अभय सिंह आज न केवल जमशेदपुर अपितु पूरे झारखण्ड में हिंदुओं की आवाज़ बन चुके हैं और हिन्दू विरोधी तत्वों को यह गंवारा नहीं है और हमें डर है कि जनता की आवाज बनने वाले नेताओं पर जिस तरह से हमले हो रहें हैं कहीं अभय सिंह पर भी न हो जाये इसलिए उनके बाहर आने के बाद सरकार उन्हें सुरक्षा प्रदान करने की व्यवस्था करें।


नए प्रोडक्शन पर अभय सिंह की जमानत याचिका खारिज होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह न्याययिक प्रक्रिया है और हमें न्यायालय पर भरोसा है कि न्यायालय सारे तत्वों को देखते हुए उन्हें जल्द से जल्द जमानत देगी। जब उनसे पूछा गया कि अभय सिंह पर फिर कोई केस बनाकर प्रोडक्शन लगा दिया गया तो आगे की रणनीति क्या होगी तो उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन हिन्दू विरोधी तत्वों के इशारे पर यदि फिर से इस तरह का कोई घृणित कार्य करती है तो हम चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य के हर जिले में एक विशाल आंदोलन खड़ा करेंगे।
अभय सिंह की रिहाई के बाद किस तरह से उनका स्वागत होगा इस बात पर उन्होंने बताया कि हम सभी जानते है कि अभय सिंह आज न सिर्फ जमशेदपुर के नेता है अपितु पूरे झारखण्ड में उनका नाम है तो उनके रिहाई के बाद एक विशाल आयोजन के माध्यम से उनका स्वागत किया जाएगा जिसे पूरा देश देखेगा।