एक नई सोच, एक नई धारा

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स्वतंत्र पत्रकारिता और संविधान की रक्षा का संकल्प: इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने मनाया 77वाँ गणतंत्र दिवस

जमशेदपुर | 26 जनवरी, 2026

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​देश के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (IJA), जमशेदपुर इकाई द्वारा एक विशेष विचार गोष्ठी एवं बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु लोकतंत्र की मजबूती, भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा और स्वतंत्र पत्रकारिता के गिरते मूल्यों को पुनर्जीवित करना रहा।

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लोकतंत्र का चौथा स्तंभ और पत्रकारों की जिम्मेदारी

​गोष्ठी को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने भारतीय संविधान की गरिमा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर ज़ोर दिया। वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि:

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  • ​26 जनवरी केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति आत्मचिंतन का दिन है।
  • ​पत्रकारों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे निष्पक्ष, निर्भीक और जनहित को सर्वोपरि रखकर पत्रकारिता करें।
  • ​लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारों को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए संविधान के मूल्यों को आत्मसात करना चाहिए।
  • अतीफ़ खान – राज्य सचिव
  • मोहम्मद कलीमुल्लाह – वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष
  • मोहम्मद सलमान ख़ान – कोल्हान प्रभारी
  • मनोज शर्मा – जिला अध्यक्ष
  • अभिषेक कुमार – कोल्हान अध्यक्ष
  • सुब्रतो सिंह – जिला सचिव
  • त्रिपुरारी गौतम – जिला महासचिव
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जमशेदपुर: जमाअत-ए-इस्लामी हिंद द्वारा ‘रابطा-ए-आम’ कार्यक्रम का आयोजन, आपसी भाईचारे और सद्भावना पर दिया ज़ोर

जमशेदपुर | 26 जनवरी, 2026

​बीते कल, 25 जनवरी को शहर के ‘एशियन इन होटल’ में जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, झारखंड की ओर से एक विशेष पब्लिक रिलेशन (रابطा-ए-आम) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य समाज में आपसी भाईचारे, सद्भावना और भारत की साझा विरासत यानी ‘गंगा-जमुनी तहज़ीब’ को मज़बूत करना था।

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मुख्य अतिथि का संबोधन: पुराने भारत की झलक और भविष्य की राह

​कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री आई. करीमुल्लाह साहब ने अपने प्रभावशाली संबोधन में पुराने भारत की सहिष्णुता और प्रेमपूर्ण समाज की तस्वीर पेश की। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान दौर की चुनौतियों के बीच हमें अपने मोहल्लों, गलियों और समाज के हर स्तर पर सक्रिय होकर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने माइक्रो फाइनेंस, चेंबर ऑफ कॉमर्स, GIO, SIO, IITA, PRO और APCR जैसे विभिन्न क्षेत्रों में संगठन की भूमिका का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे ये मंच समाज सेवा में योगदान दे रहे हैं।

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प्रमुख वक्ताओं के विचार

  • शुरुआत: कार्यक्रम का आगाज़ ‘तिलावत-ए-क़ुरआन’ (क़ुरआन की आयतों के पाठ) से हुआ।
  • स्वागत भाषण: ज़फर इमाम साहब ने अतिथियों का अभिनंदन किया और आज के दौर में पब्लिक रिलेशन की प्रासंगिकता और इसके सामाजिक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
  • संगठन का परिचय: झारखंड के संपर्क-ए-आम सचिव साजिद साहब ने जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के कार्यक्षेत्रों और उनकी कार्यप्रणाली से लोगों को अवगत कराया।
  • विशेष विचार: रामगढ़ से आए असद बारी साहब ने भी सामाजिक समरसता के विषय पर अपने विचार साझा किए।
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बुद्धिजीवियों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

​कार्यक्रम को सफल बनाने में शाहिद अख्तर और हैदर इमाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी सराहना अमीर मकाम (जमशेदपुर) तौहीदुल हसन ने की। इस अवसर पर जमशेदपुर के कई बुद्धिजीवी, समाजसेवी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

वर्गप्रमुख नाम
राजनीतिक एवं सामाजिक नेतृत्वरियाज़ ख़ान (कांग्रेस नेता), रियाज़ शरीफ, सतेंद्र सिंह, सुनील बर्नवाल
शिक्षाविद एवं बुद्धिजीवीप्रोफेसर फ़ख़रुद्दीन, प्रोफेसर ज़की अख्तर, रविंद्र कुमार (मंथन)
एनजीओ एवं सेवा संगठनख़लील अंसारी (अल-मनार), भोमा पाजी, आबिद हुसैन
अन्य गणमान्यजवादुल हसन, एन. कुमार, हसन इमाम मलिक, तनवीर अख्तर रोमानी
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जमशेदपुर: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर परेड का भव्य फुल ड्रेस रिहर्सल संपन्न

जमशेदपुर | 25 जनवरी, 2026

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​कल होने वाले 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जमशेदपुर पूरी तरह से देशभक्ति के रंग में सराबोर होने के लिए तैयार है। मुख्य समारोह की अंतिम तैयारियों को परखने के उद्देश्य से आज शहर में परेड का फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित किया गया।

अनुशासन और समन्वय का प्रदर्शन

​रिहर्सल के दौरान परेड की विभिन्न टुकड़ियों ने शानदार अनुशासन और तालमेल का परिचय दिया। इस पूर्वाभ्यास का मुख्य उद्देश्य मुख्य समारोह के दिन कार्यक्रम को बिना किसी त्रुटि के सुचारु और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न कराना है।

रिहर्सल में शामिल प्रमुख दल:

  • ​जिला पुलिस बल की विभिन्न इकाइयाँ।
  • ​होम गार्ड के जवान।
  • ​NCC (नेशनल कैडेट कोर) के कैडेट्स।
  • ​विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं।

प्रशासनिक मुस्तैदी और निरीक्षण

​मौके पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने मार्च पास्ट की सलामी ली और परेड की बारीकियों का निरीक्षण किया। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:

  1. सुरक्षा घेरा: कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में कड़े सुरक्षा इंतजाम।
  2. यातायात प्रबंधन: समारोह के दौरान आम जनता को असुविधा न हो, इसके लिए ट्रैफिक रूट में आवश्यक बदलाव।
  3. निर्देश: रिहर्सल के बाद संबंधित पदाधिकारियों को व्यवस्थाओं को और पुख्ता करने के निर्देश दिए गए।
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क्रिकेट वर्ल्ड में हड़कंप: बांग्लादेश के बाद पाकिस्तान पर भी ‘बैन’ की तलवार, ICC ने दी सख्त चेतावनी

नई दिल्ली/दुबई: टी20 विश्व कप 2026 से पहले क्रिकेट की दुनिया एक बड़े प्रशासनिक युद्ध के मुहाने पर खड़ी है। बांग्लादेश को विश्व कप से बाहर करने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के बीच ठन गई है। ICC ने पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वे पीछे हटते हैं, तो उन पर वैश्विक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

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ICC की सख्त चेतावनी: क्या-क्या छिन सकता है पाकिस्तान से?

​’द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा विश्व कप के बहिष्कार की धमकी से ICC बेहद नाराज है। सूत्रों के मुताबिक, यदि पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटता है तो उस पर निम्नलिखित प्रतिबंध लग सकते हैं:

  • द्विपक्षीय सीरीज पर रोक: पाकिस्तान किसी भी अंतरराष्ट्रीय टीम के साथ द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेल पाएगा।
  • PSL को बड़ा झटका: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में विदेशी खिलाड़ियों को मिलने वाली NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) रद्द की जा सकती है, जिससे लीग का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।
  • एशिया कप से बाहर: पाकिस्तान को आगामी एशिया कप टूर्नामेंटों में हिस्सा लेने से रोका जा सकता है।

मोहसिन नकवी का विवादित बयान और ‘दोहरे मापदंड’ का आरोप

​PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने बांग्लादेश का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने ICC की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा:

​”बांग्लादेश के साथ अन्याय हुआ है। जब ICC भारत और पाकिस्तान के वेन्यू अपनी सुविधा और फायदे के लिए बदल सकता है, तो बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं को क्यों नहीं सुना गया? ऐसा लगता है कि कोई एक देश (भारत की ओर इशारा) अनुचित दबाव डाल रहा है और शर्तें तय कर रहा है।”

​नकवी ने दोहराया कि पाकिस्तान की भागीदारी का अंतिम फैसला प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार करेगी।

विवाद का फ्लैशबैक

​यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत आने से इनकार कर दिया और अपने मैच श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग की। ICC ने इस मांग को ठुकराते हुए बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया और उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया।

पाकिस्तान के बहिष्कार का संभावित असर

​यदि पाकिस्तान भी टूर्नामेंट से बाहर होता है, तो:

  1. ​ICC के राजस्व और ब्रॉडकास्टिंग राइट्स को भारी नुकसान होगा।
  2. ​पाकिस्तान को मिलने वाली आईसीसी की सालाना फंडिंग रुक जाएगी।
  3. ​विश्व क्रिकेट में पाकिस्तान पूरी तरह अलग-थलग पड़ सकता है।
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ICC का बड़ा फैसला: बांग्लादेश टी20 विश्व कप 2026 से बाहर, स्कॉटलैंड को मिली जगह

दुबई/नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लेते हुए बांग्लादेश को आगामी टी20 विश्व कप 2026 से बाहर कर दिया है। बांग्लादेश की जगह अब स्कॉटलैंड इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेगा। ICC ने शनिवार को नया शेड्यूल भी जारी कर दिया है, जिसमें बांग्लादेश के सभी मैचों के स्थान पर स्कॉटलैंड का नाम दर्ज किया गया है।

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विवाद की जड़: सुरक्षा चिंताएं और अड़ियल रुख

​यह विवाद तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया।

  • मांग: बीसीबी चाहता था कि उनके मैच श्रीलंका स्थानांतरित किए जाएं या उनका ग्रुप आयरलैंड के साथ बदल दिया जाए।
  • अस्वीकृति: आयरिश क्रिकेट बोर्ड ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
  • ICC का रुख: बोर्ड की बैठक में 14-2 के भारी बहुमत से फैसला हुआ कि बांग्लादेश को भारत में ही खेलना होगा। बीसीबी को अपना स्टैंड बदलने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया था, जिसे उन्होंने नहीं माना।

स्कॉटलैंड का शेड्यूल (ग्रुप चरण)

​स्कॉटलैंड अब ग्रुप चरण में अपनी चुनौती पेश करेगा। उनके मैचों का विवरण इस प्रकार है:

तारीखप्रतिद्वंद्वीस्थान
7 फरवरीवेस्टइंडीजकोलकाता
9 फरवरीइटलीकोलकाता
14 फरवरीइंग्लैंडकोलकाता
17 फरवरीनेपालमुंबई

बांग्लादेश को करोड़ों का फटका

​खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ नजरुल के कड़े रुख के कारण बांग्लादेश क्रिकेट को न केवल खेल के मैदान पर, बल्कि आर्थिक रूप से भी भारी क्षति होगी:

  1. भागीदारी शुल्क: $500,000 (लगभग 4.2 करोड़ रुपये) का तत्काल नुकसान।
  2. सालाना राजस्व: आईसीसी से मिलने वाले सालाना 330 करोड़ टका (करीब $27 मिलियन) पर संकट, जो उनके बजट का 60% हिस्सा है।
  3. प्रायोजक: टूर्नामेंट से बाहर होने के कारण स्पॉन्सरशिप की बड़ी राशि हाथ से निकल जाएगी।

पाकिस्तान ने भी दी ‘बॉयकॉट’ की धमकी

​बांग्लादेश के बाहर होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने भी कड़े तेवर दिखाए हैं। पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने कहा:

​”हम टी20 विश्व कप खेलेंगे या नहीं, इसका अंतिम फैसला प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ करेंगे। सरकार का निर्णय ही अंतिम और बाध्यकारी होगा। यदि सरकार मना करती है, तो आईसीसी किसी अन्य टीम को बुलाने के लिए स्वतंत्र है।”

मुख्य अपडेट: आईसीसी चेयरमैन जय शाह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने दुबई में शुक्रवार को हुई बैठक के बाद बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल को ईमेल के जरिए इस फैसले की आधिकारिक जानकारी दे दी है।

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विशेष रिपोर्ट: पेसा कानून की ‘आत्मा’ पर प्रहार? झारखंड में आदिवासी अधिकारों को लेकर छिड़ा विवाद

रांची: झारखंड में पेसा अधिनियम (PESA Act) 1996 की नियमावली को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आदिवासी संगठनों और जानकारों का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई नई नियमावली इस कानून की मूल अवधारणा को संरक्षित करने के बजाय उसे कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश है।

मूल भावना से छेड़छाड़ का आरोप

​पेसा कानून का मुख्य उद्देश्य आदिवासियों की रूढ़िजन्य विधि (Customary Laws), सामाजिक-धार्मिक प्रथाओं और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था का संरक्षण करना था। लेकिन विशेषज्ञों का दावा है कि झारखंड की नियमावली में इन प्रमुख प्रावधानों को ही दरकिनार कर दिया गया है।

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विवाद के मुख्य बिंदु: क्यों उठ रहे हैं सवाल?

विषयनियमावली पर आपत्ति
ग्राम सभा की शक्ति‘अनुमति’ शब्द को ‘सहमति’ में बदलना और 30 दिनों में ‘स्वतः स्वीकृति’ का प्रावधान ग्राम सभा के अधिकारों का हनन है।
जमीन का अधिकारCNT और SPT एक्ट के उल्लंघन पर जमीन वापसी का अधिकार ग्राम सभा से छीन लिया गया है।
परंपरागत ढांचाग्राम प्रधानों के साथ अन्य श्रेणियों के लिए पिछला दरवाजा खोलकर पारंपरिक स्वशासन को कमजोर किया जा रहा है।
राज्यपाल की भूमिकाशेड्यूल एरिया में राज्यपाल के अधिकारों को सीमित कर सारी शक्तियां उपायुक्त (DC) को सौंपने का विरोध हो रहा है।

नियमगिरि का हवाला और धार्मिक आस्था

​आदिवासी समाज का तर्क है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा के नियमगिरि मामले में आदिवासियों की धार्मिक आस्थाओं को सर्वोपरि मानते हुए खनन पर रोक लगा दी थी, तो राज्य सरकार उनकी मान्यताओं और परंपराओं को दरकिनार कैसे कर सकती है?

‘जल, जंगल, जमीन’ के हक पर संकट

​आरोप है कि पेसा कानून के तहत मिलने वाले जल, जंगल और जमीन के अधिकारों को नियमावली से हटा दिया गया है। पहले उपायुक्त के लिए जमीन हस्तांतरण से पूर्व ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य थी, जिसे अब शिथिल कर दिया गया है।

“जो कानून हमारी संस्कृति और अस्तित्व की रक्षा के लिए ढाल बनना चाहिए था, उसी कानून की नियमावली को हथियार बनाकर हमें हाशिये पर धकेलने की साजिश रची जा रही है।” > — स्थानीय आदिवासी संगठन के प्रतिनिधि

निष्कर्ष

​फिलहाल, यह मामला राज्य की राजनीति और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई के केंद्र में आ गया है। सवाल यह उठता है कि क्या सरकार इन आपत्तियों पर पुनर्विचार करेगी या प्रशासन ‘मनमर्जी’ के इन आरोपों के बीच ही आगे बढ़ेगा?

प्रमुख सुर्खियां (Headlines) जो इस्तेमाल की जा सकती हैं:

  1. झारखंड पेसा नियमावली: आदिवासी स्वशासन के ‘संवैधानिक कवच’ में छेद की कोशिश?
  2. पेसा कानून 1996: अधिकारों की रक्षा या अस्तित्व पर प्रहार? रांची में उठा विरोध का स्वर।
  3. ग्राम सभा बनाम प्रशासन: झारखंड में पेसा नियमावली पर छिड़ी कानूनी और सामाजिक जंग।
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भगत सिंह स्पोर्ट्स एकेडमी ने प्रभात फेरी निकाल दी नेताजी को श्रद्धांजलि

सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने गगनभेदी नारों से किया नगर भ्रमण, ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ के नारों से गूंजा शहर

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जमशेदपुर, 23 जनवरी 2026: स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक और गैरसमझौतावादी विचारधारा के प्रणेता नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जन्मजयंती के अवसर पर आज शहर में देशभक्ति का अनूठा उत्साह देखने को मिला। भगत सिंह स्पोर्ट्स एकेडमी द्वारा आयोजित ‘प्रभात फेरी एवं माल्यार्पण’ कार्यक्रम में युवाओं ने भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

प्रभात फेरी से गूंजा नगर

​कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 6:00 बजे हुई, जिसमें एकेडमी के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। हाथों में तिरंगा लिए युवाओं ने नगर भ्रमण के दौरान नेताजी के आदर्शों पर आधारित गगनभेदी नारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया।

श्रद्धांजलि और माल्यार्पण

​नगर भ्रमण के पश्चात आयोजित मुख्य समारोह में महिला नेत्री व समाजसेवी लिली दास, मौसमी मित्रा और विष्णु देव गिरी ने संयुक्त रूप से नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

विचारों को आत्मसात करने की प्रेरणा

​मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित विष्णुदेव गिरी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा:

​”नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन संघर्ष और अदम्य साहस की मिसाल है। आज की युवा पीढ़ी को उनके बलिदानों से सीख लेते हुए उनके विचारों को अपने जीवन में चरितार्थ करना चाहिए। देश के प्रति समर्पण ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

उपस्थिति एवं योगदान

​इस गरिमामयी अवसर पर मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य उपस्थित रहे:

  • दीपक कुमार (संचालक, भगत सिंह स्पोर्ट्स एकेडमी)
  • मौसमी मित्रा (समाजसेवी व शिक्षिका)
  • राजन एवं विक्रम सर (फिजिकल एकेडमी ट्रेनर)

सफलता में सहयोग: कार्यक्रम को सफल बनाने में रिहान, रौनक, मुस्कान, जीतू कुमार, अंबिका, बंटी, गोली, शुभम, तपस्या, नंदिनी, संदीप और उज्ज्वल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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मानगो में दुस्साहस: गुरुद्वारा रोड पर दिनदहाड़े बंद घर में बड़ी चोरी, मजदूर बनकर आए थे नकाबपोश अपराधी

जमशेदपुर: मानगो थाना क्षेत्र के गुरुद्वारा रोड स्थित खान बिल्डिंग में शनिवार सुबह अपराधियों ने चोरी की एक बड़ी घटना को अंजाम दिया। अपराधी इतने बेखौफ थे कि सुबह 7:30 बजे जब शहर जाग रहा था, तब उन्होंने नकाब पहनकर और मजदूर का भेष धरकर घर का ताला तोड़ डाला और नकदी व जेवरात लेकर फरार हो गए।

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घटना का विवरण

​यह घटना विश्वनाथ मंदिर के सामने स्थित खान बिल्डिंग की है। यहाँ रहने वाले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव अखिलेश्वर दुबे अपने बेटे की शादी की तैयारियों के सिलसिले में सपरिवार गाँव गए हुए थे। घर बंद पाकर अपराधियों ने पहले मुख्य द्वार का ताला तोड़ा। जब अंदर के कमरों का ताला तोड़ने में समय लगा, तो उन्होंने दरवाजा ही उखाड़ दिया और अलमारी व बक्से में रखे कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।

स्थानीय लोगों को हुई गलतफहमी

​बिल्डिंग के मालिक उमाकांत सिंह ने बताया कि सुबह का समय होने और अपराधियों के हुलिए (मजदूर जैसा) के कारण किसी को शक नहीं हुआ। लोगों को लगा कि दुबे जी के घर में मरम्मत का काम चल रहा है। चोरी का खुलासा तब हुआ जब पड़ोसी ‘गेड़ीवाला’ ने दरवाजा टूटा हुआ देखा और शोर मचाया।

दो अपराधी धरे गए, नशे के बढ़ते प्रभाव पर फूटा गुस्सा

​घटना की सूचना मिलते ही भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। स्थानीय युवकों और पुलिस की तत्परता से दो अपराधियों को दबोच लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

​मौके पर विकास सिंह ने आक्रोश जताते हुए कहा:

​”पूरा क्षेत्र नशेड़ियों की गिरफ्त में है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे दिनदहाड़े वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। अगर प्रशासन जल्द कड़े कदम नहीं उठाता, तो आम जनता को सड़कों पर उतरना होगा।”

नुकसान का आकलन शेष

​मकान मालिक अखिलेश्वर दुबे के शहर लौटने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि कुल कितने लाख के जेवरात और नकदी की चोरी हुई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पकड़े गए आरोपियों से गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

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जमशेदपुर: उपकार संघ और सोनारी थाना समिति का रक्तदान शिविर संपन्न, 141 यूनिट रक्त संग्रह

जमशेदपुर: उपकार संघ एवं सोनारी थाना समिति के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को सोनारी स्थित उपकार संघ प्रांगण में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में समाज सेवा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा का अनूठा संदेश दिया गया। दिनभर चले इस अभियान में कुल 141 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।

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हेलमेट देकर सड़क सुरक्षा का संदेश

​रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए आयोजकों द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। प्रत्येक रक्तदाता को न केवल प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से उन्हें हेलमेट भी प्रदान किया गया।

अतिथियों ने पौधों को सींचकर किया उत्साहवर्धन

​शिविर का शुभारंभ सुबह 9 बजे वरिष्ठ नागरिकों (कनान कुटी, शंकर मास्टर, गुहाराम, श्याम लाल साहू, गोविंद जी), अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू और सामाजिक कार्यकर्ता अन्नी अमृता द्वारा किया गया।

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​कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल हुए अतिथियों ने दीप प्रज्वलन के स्थान पर पौधों में पानी डालकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अतिथियों में प्रमुख रूप से शामिल थे:

  • धनंजय कुमार (DTO)
  • मनोज ठाकुर (CCR DSP)
  • आनंद मिश्रा (साकची थाना प्रभारी)
  • मंगल कालिंदी (विधायक)
  • दिनेश साहू (पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष)

जरूरतमंदों की सेवा ही मुख्य लक्ष्य

​सोनारी थाना समिति के सचिव व अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने बताया कि उपकार संघ सदैव सामाजिक कार्यों में अग्रणी रहता है। वहीं संघ के अध्यक्ष सतपाल साहू ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि संग्रहित रक्त कई जीवन बचाने में सहायक होगा।

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​”रक्तदान के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और पर्यावरण को जोड़ना समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता है।” — अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू

इनका रहा विशेष योगदान

​कार्यक्रम को सफल बनाने में सतपाल साहू, अशोक वर्मा, नरेंद्र कुमार साहू, प्रदीप लाल, हरिदास, अशोक सिंह, अभय कुमार, जय साहू (अध्यक्ष, महिला साहू समाज) और उपकार संघ व सोनारी थाना समिति के सभी सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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जमशेदपुर: उलीडीह थाने के पास भीषण सड़क हादसा, अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत

जमशेदपुर: शहर के उलीडीह थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में 35 वर्षीय युवक की जान चली गई। घटना थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर पिंकी होटल के पास हुई। मृतक की पहचान उलीडीह रोड नंबर-5, हयातनगर (डिमना बस्ती) निवासी सिराजुद्दीन अंसारी के रूप में की गई है।

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ड्यूटी से घर लौटते समय हुआ हादसा

​जानकारी के अनुसार, सिराजुद्दीन अंसारी कांड्रा स्थित ‘स्पेक्ट्रा सुपर एलॉयज लिमिटेड’ कंपनी में वाहन चालक के रूप में कार्यरत थे। रोज की तरह वे अपनी ड्यूटी समाप्त कर बाइक से घर लौट रहे थे। रात करीब 12 बजे जैसे ही वे पिंकी होटल के पास पहुँचे, किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया।

थाने के करीब हुई घटना, मौके पर ही तोड़ा दम

​टक्कर इतनी भीषण थी कि सिराजुद्दीन उछलकर सड़क पर काफी दूर जा गिरे, जिससे उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। घटनास्थल थाने के बिल्कुल करीब होने के कारण पुलिस सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुँची। लहूलुहान हालत में उन्हें तत्काल एमजीएम (MGM) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिवार में छाया मातम

​सिराजुद्दीन की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजनों में कोहराम मच गया है। हयातनगर इलाके में भी इस घटना के बाद शोक की लहर है। पुलिस ने शुक्रवार को शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस

​उलीडीह थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि टक्कर मारकर भागने वाले अज्ञात वाहन की पहचान की जा सके। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि रात के समय इस मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए पुलिस गश्त और सख्त की जाए।

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