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बंगाल में ‘कमल’ खिलने के बाद अब सीएम की बारी: रेस में ये 5 दिग्गज, क्या महिला चेहरे पर दांव खेलेगी बीजेपी?

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझानों और नतीजों ने राज्य की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) 124 सीटों पर जीत और कई अन्य पर बढ़त के साथ पूर्ण बहुमत की ओर कदम बढ़ा चुकी है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर बंगाल की सत्ता का ताज किसके सिर सजेगा?n7110520631777952749974aeec34e364e2dc9578341ffc591e81f6e36f319c26105542da4730f90241077a

​बीजेपी की रणनीति हमेशा से ‘सरप्राइज’ देने वाली रही है, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह के ‘बंगाली सीएम’ वाले वादे ने स्थानीय नेताओं की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। आइए नजर डालते हैं उन चेहरों पर जो मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे हैं:

1. शुभेंदु अधिकारी: जमीन से जुड़े कद्दावर नेता

​ममता बनर्जी को नंदीग्राम में धूल चटाने वाले शुभेंदु अधिकारी इस पद के सबसे स्वाभाविक दावेदार माने जा रहे हैं। उनका सांगठनिक कौशल और जमीनी पकड़ बेजोड़ है। हालांकि, विरोधियों द्वारा नारदा स्टिंग जैसे पुराने मुद्दों को उछाले जाने की चुनौती उनके सामने हो सकती है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

2. दिलीप घोष: संगठन के शिल्पकार

​बंगाल में बीजेपी को फर्श से अर्श तक ले जाने का श्रेय काफी हद तक दिलीप घोष को जाता है। कार्यकर्ताओं के बीच उनकी लोकप्रियता और आक्रामक भाषण शैली उन्हें एक मजबूत विकल्प बनाती है।

3. समीक भट्टाचार्य: संतुलित और सौम्य चेहरा

​मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य को पार्टी के भीतर एक ‘सबको साथ लेकर चलने वाले’ नेता के रूप में देखा जाता है। उनकी साफ-सुथरी छवि और बौद्धिक क्षमता उन्हें आलाकमान की पसंद बना सकती है।

4. अग्निमित्रा पॉल: ‘नारी शक्ति’ का नया चेहरा

​फैशन की दुनिया से राजनीति में आईं अग्निमित्रा पॉल ने अपनी बेबाकी से खास पहचान बनाई है। चूंकि बीजेपी ने महिला सुरक्षा को चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बनाया था, इसलिए अग्निमित्रा को सीएम बनाकर पार्टी एक बड़ा संदेश दे सकती है।

5. रूपा गांगुली: अनुभव और लोकप्रियता का संगम

​पूर्व राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली न केवल बंगाल बल्कि देश भर में एक जाना-पहचाना नाम हैं। महिला मोर्चा की अध्यक्ष के तौर पर उनके पास जमीनी काम का लंबा अनुभव है, जो उन्हें इस दौड़ में बनाए रखता है।

क्या होगा बीजेपी का ‘प्लान बी’?

इतिहास गवाह है कि बीजेपी कई बार स्थापित नामों के बजाय किसी नए और चौंकाने वाले चेहरे को कमान सौंप देती है। पार्टी का लक्ष्य एक ऐसे ‘ताकतवर मुख्यमंत्री’ को चुनना है जो अगले पांच सालों तक बंगाल में बीजेपी की जड़ों को और गहरा कर सके।

 

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रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज

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