एक नई सोच, एक नई धारा

जमशेदपुर: टाटानगर स्टेशन के पास हथियार के साथ युवक गिरफ्तार, पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश

जमशेदपुर/डेस्क: लौहनगरी में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में जमशेदपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बिष्टुपुर थाना पुलिस ने टाटानगर रेलवे स्टेशन के समीप घेराबंदी कर एक युवक को अवैध हथियार के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस संबंध में गुरुवार को सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी साझा की।

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गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई

​पुलिस के अनुसार, 11 मार्च 2026 को वरीय पुलिस अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि टाटानगर स्टेशन के आसपास एक संदिग्ध युवक अवैध हथियार के साथ घूम रहा है और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश और सिटी एसपी के मार्गदर्शन में बिष्टुपुर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।

तलाशी में मिला पिस्टल और कारतूस

​स्टेशन क्षेत्र में छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक युवक को संदिग्ध अवस्था में पाया। पुलिस को देखते ही उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उसे धर दबोचा। तलाशी लेने पर उसके पास से निम्नलिखित सामान बरामद हुआ:

  • 01 अवैध पिस्टल
  • 01 जिंदा कारतूस
  • 01 बैग

आरोपी की पहचान और आपराधिक इतिहास

​गिरफ्तार आरोपी की पहचान आकाश गोराई उर्फ छोटू (24 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से सोनारी थाना क्षेत्र के मंदिर रोड का निवासी है और वर्तमान में सोनारी के ही मिलन नगर (बी ब्लॉक) में रह रहा था। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि आरोपी हथियार लेकर स्टेशन क्यों पहुंचा था और उसका अगला टारगेट कौन था।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

​इस घटना को लेकर बिष्टुपुर थाना में कांड संख्या 19/2026 दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)a/26/35 के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

छापेमारी टीम में शामिल सदस्य:

सफल छापेमारी दल में बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे, पुलिस अवर निरीक्षक प्रकाश कुमार पांडेय, सहायक अवर निरीक्षक सरत कोरर, सुशील कुमार मिश्रा और सहदेव उरांव समेत अन्य पुलिसकर्मी मुख्य रूप से शामिल थे।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

माता-पिता की टेंशन खत्म! बच्चों के लिए आ रहा है WhatsApp का ‘Parent-Managed Accounts’ फीचर, ऐसे करेगा काम

जमशेदपुर/डेस्क: आज के डिजिटल युग में व्हाट्सएप (WhatsApp) संवाद का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। बड़ों से लेकर बच्चों तक, हर कोई इस इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन, इंटरनेट की इस दुनिया में बच्चों तक पहुंचने वाला ‘अनुचित कंटेंट’ हमेशा माता-पिता के लिए चिंता का विषय रहा है। इसी समस्या का समाधान निकालते हुए मेटा (Meta) अब ‘Parent-Managed Accounts’ नाम का एक क्रांतिकारी फीचर लेकर आ रहा है।

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क्या है ‘Parent-Managed Accounts’ फीचर?

​यह विशेष फीचर 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है। इसके जरिए माता-पिता अपने बच्चों के व्हाट्सएप अकाउंट पर पूर्ण नियंत्रण (Full Control) रख सकेंगे। मेटा का उद्देश्य बच्चों के लिए एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना है, जहाँ वे केवल सीमित और सुरक्षित दायरे में ही बातचीत कर सकें।

कैसे काम करेगा यह सुरक्षा कवच?

  • सीमित संपर्क: इस फीचर के सक्रिय होने पर बच्चे केवल उन्हीं लोगों से चैट या वॉयस कॉल कर पाएंगे, जिनका नंबर फोन में सेव होगा। कोई भी अनजान व्यक्ति उनसे संपर्क नहीं कर सकेगा।
  • रियल-टाइम मॉनिटरिंग: माता-पिता देख पाएंगे कि उनका बच्चा किससे और कब बात कर रहा है।
  • इंस्टेंट नोटिफिकेशन: अगर बच्चा किसी नए कॉन्टैक्ट को सेव करता है, किसी को ब्लॉक या रिपोर्ट करता है, तो उसका तुरंत नोटिफिकेशन माता-पिता के फोन पर जाएगा।

बच्चों को नहीं मिलेंगे ये ‘एडवांस’ फीचर्स

​सुरक्षा की दृष्टि से, बच्चों वाले अकाउंट में कुछ फीचर्स को प्रतिबंधित रखा जाएगा:

  1. व्हाट्सएप स्टेटस (Status Update)
  2. व्हाट्सएप चैनल (Channels)
  3. मेटा एआई (Meta AI)
  4. डिसअपीयरिंग मैसेजेस (Disappearing Messages)

स्टेप-बाय-स्टेप: कैसे सेट करें यह फीचर?

​इस फीचर को सेटअप करना बेहद आसान है, बस इन चरणों का पालन करना होगा:

  1. अकाउंट लिंकिंग: माता-पिता को अपने और बच्चे के फोन को पास रखकर QR कोड स्कैन करना होगा।
  2. उम्र का सत्यापन: रजिस्ट्रेशन के दौरान बच्चे की जन्म तिथि दर्ज करनी होगी।
  3. ऑटो-चेक: यदि बच्चे की उम्र 13 वर्ष से अधिक पाई जाती है, तो यह फीचर काम नहीं करेगा और अकाउंट सामान्य मोड में चलेगा।

निष्कर्ष:

व्हाट्सएप का यह कदम उन अभिभावकों के लिए बड़ी राहत है जो बच्चों को तकनीक से जोड़ना तो चाहते हैं, लेकिन उनकी प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर डरे रहते हैं। जल्द ही यह अपडेट सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

तीसरी धारा न्यूज़: जमशेदपुर के हरहरगुट्टू में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष; मारपीट और छिनतई के आरोप में क्रॉस FIR दर्ज

जमशेदपुर/परसुडीह: शहर के परसुडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत हरहरगुट्टू स्थित ‘साई कॉम्पलेक्स’ में बुधवार दोपहर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और बवाल हुआ। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ परसुडीह थाने में नामजद और अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कराया है।

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पहले पक्ष का आरोप: मारपीट और सोने के जेवरों की छिनतई

​पहले पक्ष की ओर से बागबेड़ा घाघीडीह गंगोत्री कॉलोनी निवासी अमित कुमार ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आनंद कुमार और 4-5 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। अमित का आरोप है कि आरोपी योजनाबद्ध तरीके से साई कॉम्पलेक्स पहुंचे और उन पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान आरोपियों ने उनके गले से सोने की चेन और हाथ का ब्रेसलेट भी छीन लिया।

दूसरे पक्ष का पलटवार: धक्का-मुक्की और गाली-गलौज

​वहीं, दूसरे पक्ष से घाघीडीह डूप्लेक्स कॉलोनी निवासी आनंद कुमार ने भी प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने अमित कुमार, लक्ष्य भारद्वाज और एक अज्ञात व्यक्ति पर आरोप लगाया है कि बुधवार दोपहर करीब 12:25 बजे हरहरगुट्टू नाला के पास आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट की।

जांच में जुटी पुलिस

​परसुडीह थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि विवाद की असली वजह और मारपीट की सच्चाई का पता लगाया जा सके।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

तीसरी धारा न्यूज़: झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव—जमशेदपुर में वकीलों का भारी उत्साह, लंच तक 1100 अधिवक्ताओं ने डाला वोट

जमशेदपुर: झारखंड स्टेट बार काउंसिल के चुनाव को लेकर आज जमशेदपुर समेत पूरे राज्य के न्यायालय परिसरों में चुनावी सरगर्मी तेज है। गुरुवार सुबह से ही जमशेदपुर सिविल कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। मतदान को लेकर वकीलों में खासा उत्साह है और लंच ब्रेक तक अकेले जमशेदपुर में करीब 1100 अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे।

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चुनावी मैदान में जमशेदपुर के दिग्गज

​इस बार का चुनाव काफी दिलचस्प है क्योंकि जमशेदपुर के कई अनुभवी और चर्चित चेहरे अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मुख्य उम्मीदवारों में:

  • राजेश कुमार शुक्ला, अनिल कुमार तिवारी, प्रकाश झा, जितेंद्र कुमार सिंह, राजेश दास, कुमार राजेश रंजन, राजेश जायसवाल, हमीद राजा और मो. आफताब आलम खान शामिल हैं।
  • महिला सशक्तिकरण: महिला उम्मीदवारों में विनीता सिंह, रंजना कुमारी और शिल्पी प्रसाद मजबूती से चुनावी मैदान में डटी हुई हैं।

क्या है चुनाव का समीकरण?

​राज्यभर से करीब 100 अधिवक्ता मैदान में हैं, जो बार काउंसिल के कुल 23 पदों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। चुनाव की प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. प्रत्यक्ष मतदान: 18 पुरुष और 5 महिला सदस्यों का चयन सीधे वोटिंग के जरिए होगा।
  2. को-ऑप्शन: 2 महिला सदस्यों का चयन बाद में विशेष प्रक्रिया द्वारा किया जाएगा।

शांतिपूर्ण मतदान की व्यवस्था

​कोर्ट परिसर में सुरक्षा और सुचारु मतदान के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जैसा कि तीसरी धारा न्यूज़ ने पहले भी बताया था, मतदाताओं की सुविधा के लिए वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू द्वारा ‘हेल्प डेस्क’ भी संचालित किया जा रहा है, ताकि किसी भी वकील को अपना क्रमांक खोजने या अन्य जानकारी प्राप्त करने में परेशानी न हो।

​शाम तक मतदान के आंकड़े और बढ़ने की उम्मीद है, जिसके बाद प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हो जाएगा।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

तीसरी धारा न्यूज़: आदित्यपुर में कल सजेगा ‘रोजगार का मेला’, 10 कंपनियां 1312 पदों पर करेंगी सीधी भर्ती

आदित्यपुर/सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर सामने आया है। श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के तत्वावधान में कल, यानी 13 मार्च को जिला नियोजनालय आदित्यपुर द्वारा एक दिवसीय विशाल भर्ती कैंप का आयोजन किया जा रहा है।

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कहाँ और कब होगा आयोजन?

​यह भर्ती कैंप आदित्यपुर स्थित दुर्गा पूजा मैदान में आयोजित किया जाएगा। कैंप की शुरुआत पूर्वाह्न 10:00 बजे से होगी। इस मेले के माध्यम से कुल 1312 पदों पर युवाओं का चयन किया जाएगा।

इन प्रमुख कंपनियों में मिलेगी नौकरी

​रोजगार मेले में कुल 10 प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। प्रमुख रिक्तियां इस प्रकार हैं:

  • मेटलमैने ऑटो लिमिटेड: 600 पद
  • स्विगी (Swiggy): 200 पद
  • टैलेंटनेक्सा सर्विस: 200 पद
  • पैंथर सिक्योरिटी सर्विस: 150 पद
  • GD टेक सर्विस: 70 पद
  • डेल्टा सिक्योरिटी व NTTF TVS चेन्नई: 50-50 पद
  • सुदिसा फाउंड्री व अन्य: 62 पद

कौन कर सकता है आवेदन?

​इस कैंप में 8वीं पास से लेकर डिप्लोमा और बीटेक धारक अभ्यर्थी भी भाग ले सकते हैं। उम्मीदवारों के पास झारखंड के किसी भी नियोजनालय का वैध निबंधन (Registration) होना अनिवार्य है। जिन युवाओं ने अब तक निबंधन नहीं कराया है, वे www.jharniyojan.jharkhand.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं।

साथ लाना न भूलें ये दस्तावेज

​जिला नियोजन पदाधिकारी ने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार अपने साथ निम्नलिखित दस्तावेज जरूर लाएं:

  1. ​सभी मूल प्रमाण पत्र एवं उनकी एक छायाप्रति (Photocopy)।
  2. ​बायोडाटा (Resume)।
  3. ​पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ।
  4. ​नियोजनालय का मूल निबंधन कार्ड।

तीसरी धारा न्यूज़ सभी स्थानीय युवाओं से अपील करता है कि इस अवसर का लाभ उठाएं और समय पर दुर्गा पूजा मैदान, आदित्यपुर पहुंचें।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

तीसरी धारा न्यूज़: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बेटियों ने सीखे आत्मरक्षा के गुर, जमशेदपुर में सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग कैंप का भव्य समापन

जमशेदपुर: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर ‘सेल्फ डिफेंस एसोसिएशन ऑफ झारखंड’ और ‘झारखंड मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और युवतियों को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना था।

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मुख्य अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह

​कार्यक्रम के समापन समारोह में ‘सेवा ही लक्ष्य’ संस्था (युवा शक्ति) के अध्यक्ष बिकास कुमार डे एवं संस्थापक पीयूष ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। अतिथियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं का उत्साहवर्धन किया और उन्हें प्रमाण पत्र भी प्रदान किए।

“आत्मरक्षा आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता”

​समारोह को संबोधित करते हुए ‘सेवा ही लक्ष्य’ के संस्थापक पीयूष ठाकुर ने कहा, “आज के समय में महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस (आत्मरक्षा) सीखना और उसके प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है। यह न केवल उन्हें सुरक्षित बनाता है, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास भी पैदा करता है ताकि वे समाज में बिना किसी डर के आगे बढ़ सकें।”

​संस्था के अध्यक्ष बिकास कुमार डे ने भी प्रशिक्षण की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कैंप हर बस्ती और हर स्कूल में आयोजित होने चाहिए ताकि हमारी बेटियां खुद अपनी सुरक्षा करने में सक्षम हों।

बेटियों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

​समापन के अवसर पर ट्रेनिंग कैंप में शामिल युवतियों ने मार्शल आर्ट और आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया। प्रशिक्षकों ने बताया कि कैंप के दौरान छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों से बचने और हमलावर को धूल चटाने के खास पैंतरे सिखाए गए हैं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

तीसरी धारा न्यूज़: बिहार की सियासत में ‘नीतीश युग’ के अंत की आहट! सम्राट के कंधे पर हाथ और राज्यसभा की राह—क्या है भाजपा का ‘सरप्राइज’ प्लान?

पटना/डेस्क: बिहार की राजनीति इस वक्त एक बड़े ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली (राज्यसभा) जाने की चर्चाओं के बीच एक तस्वीर ने पूरे प्रदेश के सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। मधेपुरा से आई इस तस्वीर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का हाथ उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कंधे पर है, जिसे सत्ता के हस्तांतरण के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

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तस्वीर के मायने: क्या सम्राट होंगे अगले ‘सरताज’?

​मधेपुरा की जनसभा में नीतीश कुमार द्वारा सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखना और सम्राट का हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन करना, भाजपा समर्थकों के बीच उत्साह भर गया है। हालांकि, भाजपा की कार्यशैली हमेशा ‘सरप्राइज’ देने वाली रही है। चाहे मध्य प्रदेश हो या छत्तीसगढ़, भाजपा ने हमेशा अंतिम समय में चौंकाने वाले नाम सामने रखे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय या विजय सिन्हा में से कोई चेहरा सामने आएगा, या फिर दिल्ली से कोई नया नाम ‘पर्ची’ के जरिए मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचेगा।

16 मार्च को राज्यसभा चुनाव: गणित हुआ दिलचस्प

​बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। मैदान में 6 उम्मीदवार होने के कारण मुकाबला काफी रोचक हो गया है।

  • मैदान में दिग्गज: नीतीश कुमार, नितिन नवीन (भाजपा), रामनाथ ठाकुर, शिवेश राम और अमरेंद्र धारी सिंह (RJD)।
  • फंसी है 5वीं सीट: असली मुकाबला उपेंद्र कुशवाहा और राजद के एडी सिंह के बीच है। जीत के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। वर्तमान गणित के हिसाब से कुशवाहा को 3 और एडी सिंह को 6 वोटों की कमी खल रही है।

अगली सरकार भी नीतीश की मर्जी से?

​केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान ने इस चर्चा को और हवा दे दी है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद भी बिहार की अगली सरकार उनकी मर्जी और मार्गदर्शन में ही चलेगी। ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान सीमांचल में घूम रहे सम्राट चौधरी भी बार-बार दोहरा रहे हैं कि एनडीए सरकार नीतीश के नेतृत्व में काम करती रहेगी, लेकिन भविष्य के गर्भ में क्या छिपा है, इसका फैसला 16 मार्च के बाद ही होगा।

तीसरी धारा न्यूज़: झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव—मतदाताओं की सुविधा के लिए सुधीर कुमार पप्पू की बड़ी पहल, खुलेगा ‘हेल्प डेस्क’

जमशेदपुर: झारखंड राज्य बार काउंसिल के बहुप्रतीक्षित चुनाव को निष्पक्ष और सुगम बनाने के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। मतदाताओं को होने वाली किसी भी प्रकार की असुविधा को दूर करने के लिए वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

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न्याय सदन के पास मिलेगी हर जानकारी

​आगामी 12 मार्च 2026 को मतदान के दिन, न्याय सदन के समीप एक विशेष ‘हेल्प डेस्क’ स्थापित किया जाएगा। इस हेल्प डेस्क के माध्यम से मतदाता अधिवक्ताओं को मतदाता सूची में उनके क्रम संख्या (Serial Number) और मतदान से जुड़ी अन्य आवश्यक जानकारियां तुरंत उपलब्ध कराई जाएंगी।

निष्पक्ष चुनाव के लिए सख्त निर्देश

​चुनाव की शुचिता बनाए रखने के लिए वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू और अधिवक्ता पंकज कुमार सिन्हा द्वारा जताई गई आपत्तियों पर चुनाव प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सह चुनाव प्रभारी, अधिवक्ता रथिन दास ने स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया है कि:

  • नो-गो ज़ोन: बार भवन के पहले तल पर स्थित मतदान केंद्र के भीतर चुनाव समिति से जुड़ा कोई भी सदस्य प्रवेश नहीं करेगा।
  • अध्यक्ष की घोषणा: निष्पक्षता के मानक तय करते हुए अध्यक्ष ने स्वयं भी मतदान केंद्र के भीतर न जाने का निर्णय लिया है।
  • निगरानी: मतदान प्रक्रिया की निगरानी केवल बार काउंसिल द्वारा अधिकृत चार ऑब्जर्वर (पर्यवेक्षक) ही करेंगे।

​इस पहल का उद्देश्य अधिवक्ताओं के बीच विश्वास जगाना और मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

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तीसरी धारा न्यूज़: रसोई गैस को लेकर देशभर में हाहाकार, इंडेन का बुकिंग सिस्टम हुआ क्रैश; जानें क्या है असली वजह

नई दिल्ली/जमशेदपुर: देश के करोड़ों रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। पिछले कुछ दिनों से देशभर में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की बुकिंग और सप्लाई को लेकर भारी अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। आलम यह है कि लोग गैस एजेंसियों के गोदामों के बाहर लंबी कतारों में लगने को मजबूर हैं।

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क्यों ठप पड़ा है बुकिंग सिस्टम?

​इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के लोकप्रिय ब्रांड इंडेन के उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, अचानक कॉल ट्रैफिक बढ़ने की वजह से रिफिल बुकिंग सिस्टम पूरी तरह क्रैश हो गया है। सामान्य दिनों के मुकाबले बुकिंग के लिए आने वाली कॉल्स की संख्या 8 से 10 गुना तक बढ़ गई है, जिससे सिस्टम बार-बार रिस्पॉन्स देना बंद कर रहा है।

सप्लाई में 50% की भारी कमी

​संकट सिर्फ बुकिंग तक सीमित नहीं है। जमीनी स्तर पर पड़ताल करने पर पता चला है कि मांग में जहाँ 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, वहीं पीछे से होने वाली सप्लाई में 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वेंडर इनवॉइस मैनेजमेंट सिस्टम ठप होने के कारण होम डिलीवरी में भारी देरी हो रही है, जिससे लोग खुद सिलेंडर ढोने को मजबूर हैं।

सरकार और कंपनी के कदम

तीसरी धारा न्यूज़ को मिली जानकारी के अनुसार, इस संकट से निपटने के लिए इंडेन ने अपने सिस्टम की क्षमता बढ़ाना शुरू कर दिया है। बुकिंग प्रक्रिया को तेज करने के लिए IVRS (फोन पर मिलने वाले निर्देश) की अवधि कम कर दी गई है।

बुकिंग से पहले ध्यान दें: 25 दिन का नया नियम

​सरकार ने घरेलू सिलेंडर की रिफिल बुकिंग का वेटिंग पीरियड अब 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। तकनीकी पाबंदी न होने के कारण लाखों उपभोक्ता 25 दिन पूरे होने से पहले ही कॉल कर रहे हैं, जिससे सर्वर पर बोझ और बढ़ गया है।

सावधानी की अपील: उपभोक्ता कृपया अपनी पिछली बुकिंग के 25 दिन पूरे होने के बाद ही दोबारा प्रयास करें, ताकि सिस्टम पर दबाव कम हो सके और जरूरतमंदों को समय पर गैस मिल सके।

ट्रंप प्रशासन का बड़ा प्रहार: भारत समेत 16 देशों के खिलाफ ‘सेक्शन 301’ जांच शुरू, फिर बढ़ सकते हैं आयात शुल्क

वाशिंगटन/नई दिल्ली: वैश्विक व्यापार जगत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने भारत सहित दुनिया की 16 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के खिलाफ एक नई और व्यापक जांच शुरू करने का ऐलान किया है। ‘व्यापार अधिनियम 1974’ की धारा 301 (Section 301) के तहत शुरू की गई इस जांच का सीधा असर आने वाले समय में इन देशों से अमेरिका निर्यात होने वाले उत्पादों पर पड़ सकता है।

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क्या है ‘सेक्शन 301’ और क्यों हो रही है जांच?

​अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर के अनुसार, यह जांच मुख्य रूप से ‘अतिरिक्त उत्पादन क्षमता’ (Excess Capacity) को लेकर है। अमेरिका का आरोप है कि भारत, चीन और जापान जैसे देशों ने अपनी घरेलू मांग से कहीं अधिक उत्पादन क्षमता विकसित कर ली है, जो बाजार के संकेतों से मेल नहीं खाती।

​अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि ये देश सब्सिडी और सरकारी नीतियों के जरिए अनुचित लाभ ले रहे हैं और अपना अतिरिक्त माल अमेरिकी बाजार में डंप कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी घरेलू उद्योगों और वहां के रोजगार को नुकसान हो रहा है।

जांच के दायरे में कौन-कौन से देश?

​इस नई लिस्ट में एशिया और यूरोप के दिग्गज व्यापारिक साझेदार शामिल हैं:

  • एशिया: भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर, कंबोडिया और बांग्लादेश।
  • यूरोप: यूरोपीय संघ (EU), स्विट्जरलैंड और नॉर्वे।
  • उत्तर अमेरिका: मैक्सिको। (नोट: दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े भागीदार ‘कनाडा’ को इस लिस्ट से बाहर रखा गया है।)

भारत के लिए नई चुनौती: ‘ऐतिहासिक समझौते’ पर संकट?

​यह जांच भारत के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि अभी पिछले महीने (फरवरी 2026) ही भारत और अमेरिका के बीच एक ‘ऐतिहासिक अंतरिम व्यापार समझौता’ हुआ था।

  • ​इस समझौते के तहत, अमेरिका ने भारतीय सामानों पर प्रभावी टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया था।
  • ​यह राहत तब मिली थी जब भारत ने रूस से तेल खरीद कम करने और अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ाने पर सहमति जताई थी।
  • ​इससे पहले, अगस्त 2025 में रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर 25% अतिरिक्त दंडात्मक टैरिफ लगाया गया था।

​विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई जांच के परिणाम स्वरूप इस साल गर्मियों तक भारत पर फिर से नए आयात कर (Import Taxes) लग सकते हैं, जिससे हालिया समझौते से मिली राहत खत्म हो सकती है।

ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य: ‘अमेरिका फर्स्ट’

​ट्रंप प्रशासन का यह कदम उनके ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडे का हिस्सा है, जिसके तहत वे अमेरिकी औद्योगिक आधार को मजबूत करना और सप्लाई चेन को वापस देश के भीतर लाना चाहते हैं।

निष्कर्ष: यदि इस जांच के बाद अमेरिका नए प्रतिबंध या टैरिफ लगाता है, तो इसका असर न केवल भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार पर पड़ेगा, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन भी पूरी तरह प्रभावित हो सकती है। आने वाले कुछ महीने अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं।

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