नीतीश कुमार नवीं बार बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलकर एनडीए की सरकार बनाने दावा पेश कर दिया है. बताया जा रहा है कि कुल 128 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा गया है.
आज शाम पांच बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा. इस बीच नीतीश कुमार के साथ सम्राट चौधरी को डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा है. बिहार में कुल 9 लोगों के शपथ लेने की संभावना है जिनके संभावित नाम नीचे दिए गए हैं.
बताया जा रहा है कि कुल 9 लोग शपथ लेंगे. इनके संभावित नाम नीचे दिए गए हैं. बताया जा रहा है कि इसमें जदयू के तीन और भाजपा के तीन मंत्री होंगे. वहीं एक निर्दलीय और एक जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के एक मंत्री शपथ ले सकते हैं. संभावित सूची निम्नलिखित है.
नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री) सम्राट चौधरी (भाजपा) विजय सिन्हा (भाजपा) डॉ प्रेम कुमार (भाजपा) विजय कुमार चौधरी (जेडीयू) विजेन्द्र प्रसाद यादव (जेडीयू) श्रवण कुमार (जेडीयू) संतोष कुमार सुमन (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) सुमित कुमार सिंह (निर्दलीय)
बता दें कि नीतीश कुमार ने अपने साथ 128 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया है. नीतीश के दावों पर भरोसा जताते हुए राज्यपाल ने उन्हें आज शाम शपथ लेने का न्योता दिया है. नीतीश के साथ जो पार्टियां हैं उनमें सबसे ज्यादा विधायक बीजेपी के पास है. बीजेपी के 78 विधायक हैं. वहीं जेडीयू के पास 45 विधायक हैं.
वहीं, जीतन राम मांझी की पार्टी हम के 4 विधायकों का समर्थन नीतीश कुमार के पास है. इन सबके अलावा एक निर्दलीय विधायक सुमित कुमार सिंह का भी समर्थन नीतीश कुमार के पास है. इन सबों को मिलाकर संख्या 128 पहुंच जाती है.
सरायकेला : सरायकेला प्रखंड अंतर्गत मोहितपुर पंचायत के स्वर्णपुर वार्ड में आंगनबाड़ी बनाए जाने वाले जमीन पर जबरन घर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। स्वर्णपुर स्थित आंगनबाड़ी बनाए जाने वाले चिह्नित किए गए गैरमजरूवा जमीन पर पुनः रंजन झा द्वारा मुरूम भरा जा रहा है। (जारी…)
ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि रात के अंधेरे में ट्रैक्टर से मुरूम डाल कर भरा जा रहा है। गौरतलब हो कि स्वर्णपुर में बहुत जल्द आंगनबाड़ी बनाए जाने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी ने स्वयं दिंनाक 24/01/2024 को आश्वासन दी थी। उन्होंने बहुत जल्द ग्रामीणों द्वारा मांग को पूर्ण किये जाने की बात कही थी। बताया जा रहा है कि इसी बात से घबराकर आनन फानन में गैरकानूनी रूप से जनहित के विरुद्ध कार्य करते हुए जमीन को भरने का कार्य किया जा रहा है। (जारी…)
ग्रामीणों ने थाना और अनुमंडल पदाधिकारी से आग्रह करते हुए माँग की है कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें और स्वर्णपुर वार्ड के लोगों को उचित न्याय दिलाने के लिए आवश्यक पहल करते हुए दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
जमशेदपुर : झारखंड असंगठित मजदूर यूनियन, झारखंड बैंक यूनिट की ओर से आज एचडीएफसी बैंक में चल रहे वेतन में विसंगतियों एवं सेवा शर्तों को लेकर आंदोलन से संबंधित प्रेस वार्ता एटक यूनियन कार्यालय साकची में किया गया। जिसमें यह बात कही गयी कि राष्ट्र में दो प्रकार के बैंक है एक सरकारी बैंक और दूसरा निजी बैंक सरकारी बैंको में साफ सफाई एवं सेनेटाइजेशन का कार्य सुरक्षा गार्ड, ऑफिस बॉय, पैंट्री बॉय एवं रनर बॉय के कार्य करने वाले मजदूर बैंक प्रतिष्ठान के स्थाई मजदूर होते हैं। जिसे अच्छा वेतन एवं अन्य सेवा शर्तों का लाभ मिलता है। (जारी…)
दूसरी तरफ निजी बैंक में काम करने वाले साफ सफाई एवं सेनेटाइजेशन मजदूर को हाउसकीपिंग बॉय कहा जाता है, जबकि यह कोई कार्य नहीं है। इस कार्य को ठेका के माध्यम से करवाने पर प्रतिबंधित है। हाउसकीपिंग के नाम से श्रम विभाग में लाइसेंस लेकर इन कार्यों को करवाया जा रहा है। इसके अलावे सुरक्षा गार्ड को पूरे महीना 30 या 31 दिन कार्य करना पड़ता है और इन्हें अतिरिक्त कार्य का ओटी नहीं मिलता है। (जारी…)
हमारी यूनियन ने झारखंड के एचडीएफसी बैंक में कार्य करने वाले इस तरह के ठेका मजदूरों का विवाद श्रम विभाग के उप मुख्य श्रमायुक्त धनबाद भारत सरकार के समक्ष पेश किए हुए हैं। जिसकी निराकरण अब तक नहीं हो पाया है। जितने भी निजी बैंक है ठेका चलाने के लिए ठेका प्रतिष्ठानों को बिना सर्टिफिकेट आफ रजिस्ट्रेशन तथा ठेकेदारों को ठेका लाइसेंस लिए बिना कार्य चला रही है और इसके कारण सरकार के कोष का क्षति हो रहा है और श्रम कानून का पालन नहीं होने के कारण मजदूरों का शोषण हो रहा है। (जारी…)
पूरे राष्ट्र में निजी बैंकों में इस तरह के काम करने वाले लाखों लाख मजदूर कार्यरत है जो कि अधिकतर दलित आदिवासी एवं अन्य निम्न तबके के लोग हैं। जिसका चरम आर्थिक शोषण हो रहा है। दोनों प्रकार के बैंकों को भारतीय रिजर्व बैंक के अधीन गाइड लाइन में चलती हैं, तो इस तरह का भेदभाव क्यों ? यह भेदभाव भारतीय संविधान के विपरीत है, विरुद्ध है। हमारी यूनियन ने भारतीय रिजर्व बैंक एवं मुख्य श्रम आयुक्त भारत सरकार नई दिल्ली को पत्र देकर निजी बैंकों के मजदूरों के साथ जो भेदभाव चल रहा है इसे समाप्त करने के लिए साफ सफाई एवं सेनिटेशन मजदूरों को सुरक्षा गार्ड, पैंट्री बॉय, ऑफिस बॉय, एवं रनर बाय मजदूरों को परमानेंट कर्मचारी घोषित करने के लिए निर्देश प्रदान करें, अन्यथा चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए हम बाध्य होंगे। (जारी…)
इस संवाददाता सम्मेलन में मुख्य रूप से यूनियन के महासचिव कामरेड सपन कुमार घोषाल, सचिव कामरेड रमेश मुखी, उमेश मुखी, अमित ठाकुर, दिलीप मिश्रा,नीरज मुखी,सावन मुखी, विष्णु मुखी आलोक, प्रकाश, रामदास करूवा, आदि उपस्थित थे
महागठबंधन के नेता के तौर पर नीतीश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और एनडीए गठबंधन में शामिल होने के बाद दोनों ही तरफ से आरोप प्रत्यारोप का नया दौर भी शुरु हो गया है।
कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीतीश कुमार को देश में ‘आया राम-गया राम’ का प्रतीक बता दिया तो वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने नीतीश कुमार को गिरगिट तक कहा।
खरगे और जयराम रमेश के बयान पर पलटवार करते हुए नीतीश कुमार के करीबी जेडीयू के प्रवक्ता एवं राजनीतिक सलाहकार केसी त्यागी ने कहा कि उन्हें कांग्रेस के कारण ही एनडीए में जाना पड़ा और कांग्रेस का एक धड़ा तो इंडिया गठबंधन के नेतृत्व को ही हड़पना चाहता है और गठबंधन में शामिल क्षेत्रीय दलों को समाप्त करना चाहता है।
नीतीश कुमार पर बड़ा हमला बोलते हुए कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और लालू यादव ने यह सूचना उन्हें पहले ही दे दी थी जो आज सच हो गया। खरगे ने नीतीश कुमार को देश में ‘आया राम-गया राम’ का प्रतीक बताते हुए यहां तक कह दिया, “देश में ‘आया राम-गया राम’ जैसे कई लोग हैं। पहले वो और हम मिलकर लड़ रहे थे। जब मैंने लालू यादव और तेजस्वी यादव से बात की तो उन्होंने भी कहा कि नीतीश जा रहे हैं। अगर वह रुकना चाहते तो रुक जाते लेकिन वह जाना चाहते हैं, इसलिए ये बात हमें पहले से ही पता थी, लेकिन इंडिया गठबंधन को बरकरार रखने के लिए हमने कुछ नहीं कहा।”
वहीं जयराम रमेश ने नीतीश कुमार को गिरगिट बताते हुए एक्स पर पोस्ट कर कहा, “बार-बार राजनीतिक साझेदार बदलने वाले नीतीश कुमार रंग बदलने में गिरगिटों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। इस विश्वासघात के विशेषज्ञ और उन्हें इशारों पर नचाने वालों को बिहार की जनता माफ़ नहीं करेगी। बिलकुल साफ़ है कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा से प्रधानमंत्री और भाजपा घबराए हुए हैं और उससे ध्यान हटाने के लिए यह राजनीतिक ड्रामा रचा गया है।”
कांग्रेस के दोनों नेताओं — खरगे और जयराम रमेश के बयान पर पलटवार करते हुए नीतीश कुमार के करीबी जेडीयू के प्रवक्ता एवं राजनीतिक सलाहकार केसी त्यागी ने कांग्रेस को ही इसके लिए जिम्मेदार बताते हुए कहा कि नीतीश कुमार को कांग्रेस के कारण ही एनडीए में जाना पड़ा और कांग्रेस का एक भाग तो इंडिया गठबंधन के नेतृत्व को ही हड़पना चाहता है।
उन्होंने कहा कि उन्हें अफसोस है कि देश की राजनीति में अछूत हो चुकी कांग्रेस को उन्होंने (जेडीयू ) देश की राजनीति में स्वीकार्यता दिलाई। टीएमसी,आप और सपा सहित सभी पार्टियां गैर भाजपा- गैर कांग्रेस गठबंधन बनाना चाहती थी लेकिन सिर्फ नीतीश कुमार की वजह से ये सभी दल कांग्रेस के साथ आने को तैयार हुए और इंडिया गठबंधन बना।
त्यागी ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का एक धड़ा इंडिया गठबंधन के नेतृत्व को हड़पना चाहता है और 19 दिसंबर को अशोका होटल में हुई गठबंधन की बैठक में एक साजिश के तहत गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए मल्लिकार्जुन खरगे का नाम सुझाया गया, जबकि इससे पहले मुंबई की बैठक में सर्वसम्मति से यह तय हुआ था कि यह गठबंधन किसी भी नेता का चेहरा आगे रखे बिना ही काम करेगा।
जेडीयू नेता ने आगे कहा कि सपा, बसपा, लोकदल, जेडीयू, आरजेडी, टीएमसी और एनसीपी सहित अन्य गैर कांग्रेसी दल कांग्रेस से ही लड़कर मजबूत हुए हैं और अब कांग्रेस पार्टी इन्ही क्षेत्रीय दलों के नेतृत्व को समाप्त करना चाहती है। इसलिए जानबूझकर कांग्रेस ने टिकट बंटवारे की प्रक्रिया को लंबा खींचने का काम किया।
बिहार में बदलते सियासी घमासान के बीच जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने अपनी ये मांग रखी है. HAM के नेता श्याम सुंदर ने कहा कि हमारी पार्टी जिस प्रकार से गरीबों की बात करती है और गरीबों के बीच में काम करती है वैसी परिस्थिति में हमें लगता है कि हमारी पार्टी को कम से कम दो मंत्री तो चाहिए.
अगर पार्टी के पास मंत्री रहेंगे तो हम जनता को बेहतर सेवा दे सकेंगे.
श्याम सुंदर ने आगे कहा कि कार्यकर्ताओं की जो एक आकांक्षा है उसकी पूर्ति होनी चाहिए. हमारे नेता प्रधानमंत्री के साथ खड़े हैं लेकिन हमारी इच्छा है कि पार्टी को कम से कम दो मंत्री मिले. बता दें कि बिहार में सियासी उथल पुथल के बीच जीतन राम मांझी के आवास के बाहर पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टरों में लिखा है, ‘बिहार में बहार है, बिना मांझी सब बेकार है.’
जहां प्रधानमंत्री मोदी वहां हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा
बता दें कि बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी के आवास पर पार्टी की बैठक के बाद हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने कहा कि यह स्पष्ट है कि जैसे हमलोग एनडीए में थे और एनडीए में हैं. पीएम मोदी के नेतृत्व में NDA गठबंधन का जो फैसला होगा, उसके साथ हम मजबूती से खड़े रहेंगे. बिहार में चल रहे सियासी घमासान में जीतन राम मांझी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है.
मांझी की पार्टी के पास 4 विधायक
बता दें कि जीतन राम मांझी की पार्टी के पास चार विधायक हैं. अगर ये विधायक आरजेडी के पाले में चले जाते है, तो महागठबंधन 118 सीटों का आकंड़ा छू लेगा. इसमें आरजेडी के 79, कांग्रेस के 19 और लेफ्ट के 16 विधायक भी शामिल हैं. वहीं अगर ओवैसी की पार्टी AIMIM का एक और एक निर्दलीय विधायक भी लालू-राहुल के साथ आ जाते हैं तो ये आंकड़ा 120 तक पहुंच जाएगा. हालांकि सरकार बनाने के लिए दो और विधायकों की जरूरत पड़ेगी क्योंकि बहुमत का आंकड़ा 122 है.
बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. नीतीश कुमार ने राज्यपाल राजेंद्र वी आर्लेकर को इस्तीफा सौंपा.
नीतीश कुमार ने पाला बदलने की पूरी रणनीति बना ली है. कुछ देर में बीजेपी, हम और जेदीयू की संयुक्त बैठक होने वाली है. नीतीश कुमार को बीजेपी और हम विधायक समर्थन पत्र सौंपेंगे. इसके बाद नीतीश कुमार, एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे. नीतीश के साथ उनके नए सहयोगी भी शपथ ग्रहण कर सकते हैं. राजभवन अधिकारी ने बताया कि बिहार के राज्यपाल ने नीतीश कुमार का इस्तीफा स्वीकार किया, नयी सरकार के गठन तक उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है.
नीतीश कुमार ने आज बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे उनकी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) का राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के साथ दो साल का रिश्ता खत्म हो गया. नीतीश कुमार के भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन में लौट रहे हैं, जिसने पहले ही जद (यू) नेता के लिए समर्थन पत्र एकत्र कर लिया है. सुनने में यह भी आ रहा है कि भाजपा और जदयू ने तीन महीने के भीतर होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे के समझौते को भी अंतिम रूप दे दिया है.
नीतीश कुमार ने 2022 में बीजेपी से नाता तोड़कर और लालू यादव की राजद, कांग्रेस और वाम दलों के साथ ‘महागठबंधन’ में सरकार बनाई. 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में राजद वर्तमान में 79 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन राजद भी बहुमत के आंकड़े- 122 से 43 सीटें पीछे है. 78 विधायकों की संख्या के साथ भाजपा विधानसभा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है.
नीतीश कुमार के जाने पर अब ‘महागठबंधन’ का क्या होगा?
जद (यू) सत्तारूढ़ गठबंधन से अलग हो गया है, तो उसके पास बहुमत के आंकड़े से आठ विधायक कम हो गए हैं. राजद नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने हालांकि, संकेत दिया है कि वे सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. कांग्रेस और वाम दलों के समर्थन से गठबंधन के पास 114 विधायक होंगे – जो बहुमत से आठ कम है.
भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सभी राज्यों के प्रदेश चुनाव प्रभारी और सह चुनाव प्रभारियों की घोषणा कर दी है. डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी को झारखंड का चुनाव प्रभारी बनाया गया है. वे प्रदेश प्रभारी के साथ-साथ चुनाव प्रभारी की भी भूमिका निभाएंगे. झारखंड के 2 नेता भी चुनाव प्रभारी की लिस्ट में हैं. राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश बिहार में प्रदेश चुनाव सह प्रभारी बनाये गये हैं. वहीं रांची की पूर्व मेयर आशा लकड़ा पश्चिम बंगाल में चुनाव सह प्रभारी बनाई गई हैं.
जमशेदपुर : भाजपा गोलमुरी मंडल अंतर्गत निलडीह पार्क के समीप आज 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मंडल अध्यक्ष अजय सिंह के नेतृत्व में वरिष्ठ नेता मिथलेश सिंह यादव के द्वारा झंडा फहराया गया। लोगों ने बहुत ही हर्षोल्लास के साथ राष्ट्रीय पर्व को मनाया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अमरजीत सिंह राजा, महामंत्री नरेंद्र ओझा, सीनू राव, रंजीत गुप्ता, कोकण कुमार, देबाशिष् झा, साहेब सिंह, मानी मोहंती, प्रकाश बंजारा, उमेश गिरी, राकेश गिरी, अशोक सिंह,विमला साहू, सरबजीत कौर, आदि उपस्थित रहे।
जमशेदपुर : जमशेदपुर के केबल टाउन स्थित न्यू डीएस फ्लैट में हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी गणतंत्र दिवस आयोजन किया गया। यह आयोजन मुखी समाज के अध्यक्ष संजय मुखी के नेतृत्व में किया गया एवं कार्यक्रम का संचालन देवाशीष झा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जरूरतमंदों के बीच 101 कंबल एवं खाद्य सामग्री का वितरण भी किया गया। (जारी…)
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड प्रदेश इंटक के अध्यक्ष एवं मजदूर नेता राकेश्वर पांडे जी उपस्थित रहे। उनके साथ जयंती दास, यूनियन उपाध्यक्ष परविंदर सिंह सोहल, महामंत्री मनोज सिंह, गुरुचरण मुखी, सुमित मुखी, आकाश मुखी, सिकंदर मुखी, स्नेह मुखी, ज्योति मुखी, अरुण मुखी, सहिद मुखी, मिलन मुखी, तिपन मुखी, अरुण कुमार, रितेश नाग, अनिल सेनापति, सौरव आदि टाउन वासी एवम कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
टाटानगर-चक्रधरपुर पैसेंजर ट्रेन की सुविधा बंद होने के कगार पर है, क्योंकि चक्रधरपुर रेल मंडल ने 15 जनवरी से अप-डाउन में ट्रेन को अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दिया है। इससे कोल्हान स्थित सात ग्रामीण स्टेशनों के यात्रियों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। विशेषकर गम्हरिया, सीनी, राजखरसावां, महलीमरूप, बीरबांस एवं अन्य स्टेशन के ग्रामीण यात्रियों को टाटानगर आने में परेशानी हो रही है। इससे पहले भी रेलवे ने ट्रेन को एक सप्ताह तक रद्द किया था, जबकि हर महीने में दो-चार दिन यह ट्रेन हमेशा रद्द होती थी। (जारी…)
दरअसल, टाटानगर स्टेशन होकर राउरकेला बादामपहाड़ मेमू ट्रेन शुरू होने से रेलवे चक्रधरपुर पैसेंजर के परिचालन पर ध्यान नहीं देता है, क्योंकि टाटानगर से चक्रधरपुर पैसेंजर दोपहर तीन बजे रवाना होती थी, जबकि बादामपहाड़ राउरकेला मेमू ट्रेन टाटानगर से साढ़े तीन बजे खुलती है। आधे घंटे के अंतराल में एक मार्ग पर दो-दो ट्रेनों के परिचालन से लाइन की समस्या उत्पन्न होती है। स्थिति यह है कि चक्रधरपुर मंडल से सुझाव मांगने पर टाटानगर के रेलवे अधिकारी चक्रधरपुर पैसेंजर को बंद करने पर सहमति जता सकते हैं, ताकि अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए उक्त समय में प्लेटफार्म की लाइन खाली रहे। जानकार बताते हैं कि मेमू ट्रेन शुरू होने के बाद टाटानगर चक्रधरपुर पैसेंजर को यात्री भी नहीं मिल रहे थे।