जमशेदपुर के परसुडीह थाना अंतर्गत सालगाझरी में एक पिता ने गुस्से में आकर अपने एक साल के बच्चे तनीश सरदार का गला दबा दिया. इस घटना में जब तनीश की स्थिति बिगड़ गई तब माता-पिता ने तनीश को तत्काल एमजीएम पहुंचाया जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने तनीश को मृत घोषित कर दिया. घटना सोमवार सुबह 11 बजे की है.
अस्पताल में तनीश के पिता से जब डॉक्टरों ने घटना के बारे में पूछा तो पहले माता-पिता बहाना बनाने लगे. जब कड़ाई से पूछताछ की तो पिता ने बताया कि गुस्से में आकर उसने बच्चे का गला दबा दिया जिससे तनीश की मौत हो गई. पुलिस के डर से परिजन तनीश के शव को अपने साथ घर ले गए. इस मामले में पुलिस को किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई. हालांकि सिटी एसपी मुकेश कुमार लुणायत ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी. मामला सही होने पर उचित कार्रवाई की जाएगी.
जमशेदपुर : सिदगोड़ा में चोरी के आरोपी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. घटना सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के जाहेर टोला के पास सोमवार तड़के चार बजे की है.भीड़ ने चोरी के दो आरोपियों की बुरी तरह से पिटाई कर दी. घटना की सूचना पाकर सिदगोड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल पहुंचाया. वहां इलाज के दौरान अमन मुंडा की मौत हो गई, जबकि घायल संजीत धान का इलाज चल रहा है.संजीत का दायां हाथ टूट गया है.
घायल संजीत ने बताया कि सुबह अमन ने उसे फोन किया और कहा कि सिलेंडर को बेचकर पैसे ले लेते हैं. दोनों सुबह चार बजे चोरी का सिलेंडर बेचने निकले थे. इतने में जाहेर टोला के पास 20 से 25 की संख्या में बस्ती वालों ने उन्हें घेर लिया और पिटाई शुरू कर दी. सभी लाठी डंडे से पिटाई कर रहे थे. पुलिस ने दोनों को बचाया और इलाज के लिया अस्पताल पहुंचाया. इधर सूचना पाकर डीएसपी सिटी सुधीर कुमार मौके पर पहुंचे और पूछताछ शुरू कर दी है.
राँची : सांसद संजय सेठ सहित 1328 रामभक्तों को लेकर आस्था ट्रेन सोमवार को अयोध्या के लिए रवाना हुई. इसमें रांची लोकसभा के रामभक्त शामिल थे. ये सभी अयोध्या में रामलला के दर्शन करेंगे. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी एवं प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने भगवा ध्वज दिखाकर ट्रेन को रवाना किया. इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सभी रामभक्त भाग्यशाली हैं कि चंद घंटों में आप अयोध्या में भव्य एवं दिव्य मंदिर में रामलला का दर्शन करेंगे.
राम मंदिर सिर्फ प्रभु राम का मंदिर नहीं भारत का मंदिर है… राष्ट्र का मंदिर है… 1992 में जब मैं गया था तब वहां प्रभु श्रीराम टेंट में हुआ करते थे… आज वहां भव्य एवं दिव्य मंदिर बन कर तैयार है और भारत की सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को दुनिया के पटल में प्रकाशमय कर रहा है. अयोध्या का राम मंदिर देश के एक-एक सनातनियों के साथ जुड़ा हुआ है. भारत की पहचान राम, कृष्ण, शिव, दुर्गा से है. जो भारत को जानना और समझना चाहते हैं वो इन सभी देवी – देवताओं और महापुरुषों को जाने बगैर भारत को नहीं जान सकते.
प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि प्रभु श्री राम ने आप सभी को अपने पास बुलाया है. हमारे पूर्वजों के लंबे संघर्ष के बाद आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर मिला है. जिस प्रकार प्रभु श्री राम 14 वर्षों के यात्रा में अनुशासन के साथ रहे, उसी अनुशासन के साथ रामभक्तों को भी अनुशासन का पूर्ण पालन करने को कहा. सभी राम भक्त वहां से पूजा का प्रसाद और स्मृतियों को संजो कर वापस आएंगे और अपने-अपने गांव-मोहल्लों में लोगों के बीच बैठकर प्रसाद वितरण करेंगे साथ ही उस भव्य मंदिर का चित्रण करेंगे कि पहले रामलला टेंट में थे और अब विशाल मंदिर में विराजमान हैं.
कार्यक्रम में सांसद संजय सेठ, मनोज सिंह, सीपी सिंह, नवीन जायसवाल, समरी लाल, शशिभूषण भगत, योगेंद्र प्रताप सिंह, बबन गुप्ता, वरुण साहू, सुरेंद्र महतो, सुबोध सिंह गुड्डू, संजीव विजयवर्गीय, रामकुमार पाहन, रमेश सिंह, नीरज सिंह, बलराम सिंह, राजू सिंह, जितेंद्र पटेल, जितेंद्र वर्मा, सूरज चौरसिया, संजय जायसवाल, अनिल कुमार सिंह, चंदन गुप्ता, धीरज महतो, विश्वजीत सिंह, रोमित नारायण सिंह, अश्विनी सिखुजा, अनिता वर्मा, रामलगन राम, गुरुविंदर सिंह सेठी, सोनू सिंह, ज्योति सिन्हा, दिव्या साहू, वीणा मिश्रा, नम्रता सोनी, धर्मवीर सिंह, सचिन साहू, तरुण दास, सहित कई लोग मौजूद थे.
चांडिल : ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा संगठन में गुटबाजी चरम पर पहुंच गया था. ईचागढ़ भाजपा में जितने नेता उतने गुट की चर्चा चारों ओर थी. भाजपा के पूर्व विधायक साधुचरण महतो की मृत्यु के बाद ईचागढ़ में नेतृत्व की कमी साफ देखा जा रहा था. बीते दिनों संगठन के सदस्यों ने ही एक-दूसरे पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए थाना में मामला भी दर्ज कराया था.
एक ही दिन एक ही स्थान पर कुछ दूरी में संगठन के अलग-अलग कार्यक्रम भी कर चुके हैं. वहीं गुटबाजी को पाटने और सभी को एक मंच पर लाने के लिए प्रयास भी किए जा रहे थे. इसी बीच पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह की भाजपा में वापसी की खबर आ गई. मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ पूर्व विधायक अरविंद सिंह भाजपा में वापसी करेंगे. इसको लेकर चांडिल डैम के निकट रिसोर्ट में कार्यक्रम होगा, जिसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी शामिल होंगे.
भाजपा में वापसी के बाद क्या पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह सभी नेता व कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने में सफल होंगे. वर्ष 2009 और 2014 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान दिवंगत साधुचरण महतो और अरविंद सिंह के समर्थकों के बीच मारपीट की घटना घटी थी. 2014 के चुनाव के दौरान घटी मारपीट की घटना में दिवंगत साधुचरण महतो और अरविंद सिंह भी शामिल थे. घटना में दिवंगत साधुचरण महतो के हाथ की अंगुली टूट गया था और कई लोगों को चोटें लगी थी. पूर्व विधायक साधुचरण महतो की मृत्यु हो चुकी है.
उनके समर्थक अब भी भाजपा में ही हैं. ऐसे में पूर्व विधायक अरविंद सिंह के भाजपा में वापसी के बाद क्या दिवंगत साधुचरण महतो के समर्थक उनके साथ एक मंच पर आएंगे. ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग गुटों में बंटी भाजपा कार्यकर्ताओं को क्या अरविंद सिंह एक मंच पर ला पाएंगे. सभी को एकजूट कर संगठन को मजबूत बनाने में सफल हो पाएंगे. इन सवालों को लेकर अब चर्चा का बाजार गर्म है. ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में किसी भी राजनीतिक दल का दबदबा नहीं रहा है. चुनाव के दौरान ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का मिजाज कुछ जुदा ही रहा है.
अधिकतर चुनाव में मतदाताओं ने परिवर्तन का जनादेश दिया है. यही कारण रहा कि अब तक के चुनावी इतिहास में कोई भी प्रत्याशी यहां हैट्रिक नहीं लगा सका है. वर्ष 1967 में अस्तित्व में आए ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में अब तक दो ही विधायक ऐसे रहे जिन्होंने लगातार दो बाद चुनाव जीता है. वर्ष 1977 व 1980 में हुए विधानसभा चुनाव में फारवर्ड ब्लॉक के उम्मीदवार घनश्याम महतो (अब स्वर्गीय) ने और वर्ष 1995 व 2000 में हुए विधानसभा चुनाव में एक बार निर्दलीय और एक बार भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में अरविंद कुमार सिंह उर्फ मलखान सिंह ने लगातार दो चुनाव जीते हैं. उनकी छवि एक कद्दावर नेता के रूप में है.
धनबाद : धनबाद, आसनसोल व हावड़ा रेल मंडल में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 103 अभ्यर्थियों से लाखों रुपए की ठगी की गई है. मामले का भंडाफोड़ होने के बाद सरगना संगीता सिंह मोबाइल बंद कर फरार हो गई, लेकिन उसका पार्टनर अजीत सिंह पकड़ा गया. अजीत सिंह का कहना है कि वह संगीता से बात कर सभी को एक सप्ताह के भीतर पैसे दिला देगा. भूली निवासी संगीता सिंह पिछले कई वर्षों से आसनसोल के अजीत सिंह के साथ मिलकर ठगी का कारोबार कर रही थी. दोनों जालसाज चार लड़के-लड़कियों को 20-20 हजार महीने की तनख्वाह पर रखे हैं, जो युवक-युवतियों को जाल में फंसाकर जोड़ाफाटक रोड, आसनसोल, बर्नपुर और भूली में किराये के घर में बुलाकर पहले एडवांस के तौर पर 20 हजार रुपये ले लेते थे और ज्वाइनिंग लेटर देते समय एक लाख रुपये लेने की बात कहते थे.
गैंग की सरगना संगीता सिंह युवक-युवतियों को परीक्षा दिलाने, मेडिकल कराने व ज्वाइनिंग लेटर देकर असिस्टेंट ट्रेन ड्राइवर, गार्ड व टीटीई की नौकरी दिलाने के लिए सब्जबाज दिखाती थी. रेलवे में आउटसोर्सिंग कंपनी में भी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करती थी. भूली के सतीश कुमार, मीणा कुमारी समेत कई युवक-युवतियों ने बताया कि संगीता सिंह व अजीत सिंह जालसाज हैं, जो धनबाद से लेकर बिहार-बंगाल के युवक-युवतियों से ठगी का कारोबार कर रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, रिटायर्ड रेलकर्मी कैलाश प्रसाद के बेटे कमल प्रसाद को जब संगीता व अजीत सिंह ने अपने जाल में फंसाया तो जालसाजी का राज खुल गया. कैलाश प्रसाद का कहना है कि वे पहले संरक्षा विभाग में काम करते थे. संरक्षा विभाग में आउटसोर्सिंग पर बहाली नहीं होती है. जबकि संगीता व अजीत उसके बेटे कमल को ट्रेन ड्राइवर या गार्ड के हेल्पर के पद पर नौकरी दिलाने का वादा कर रहे थे. साथ ही ट्रेनिंग में 31 हजार वेतन और बाद में 40 हजार रुपए तनख्वाह दिलाने की बात कर रहे थे. जब उन्होंने धनबाद से लेकर आसनसोल व हावड़ा रेल मंडल के पदाधिकारियों से पता किया तो संगीता व अजीत के होश उड़ गए. थाना में शिकायत करने की बात कही तो दोनों ने कहा कि वे लोग सभी को पैसा लौटा देंगे. रिटायर्ड रेलकर्मी के बेटे से भी उनलोगों ने 20 हजार की ठगी की है.
झारखंड के चर्चित जमीन घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अभी राहत नहीं मिलती दिख रही है। हेमंत सोरेन की ईडी की कस्टडी तीन दिनों के लिए बढ़ा दी गई है। PMLA कोर्ट ने हेमंत सोरेन को तीन दिनों के लिए ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय की रिमांड पर भेजे जाने का आदेश सुनाया है। कोर्ट के विशेष जज राजीव रंजन ने सोरेन को रिमांड पर भेजे जाने का आदेश दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत में ED ने हेमंत सोरेन की चार दिनों की रिमांड मांगी थी।
कोर्ट में मौजूद सोरेन के वकील ने उन्हें रिमांड पर दिए जाने का विरोध किया। हेमंत सोरेन के वकील की तरफ से अदालत में दलील दी गई थी कि हेमंत सोरेन से जितनी पूछताछ की जरूरत थी वो हो चुकी है लिहाजा अब उन्हें रिमांड पर ना भेजा जाए। लेकिन अदालत ने सोरेन को फिलहाल तीन जिनों के लिए ईडी की रिमांड पर भेज दिया है।
कोर्ट में सुनवाई के बाद हेमंत सोरेन के कोर्ट से बाहर निकलने का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में नजर आ रहा है कि अदालत से बाहर निकलने के बाद हेमंत सोरेन ने मुस्कुरा कर अपना हाथ उठाया और लोगों का अभिवादन किया। इसके बाद वो पुलिस की गाड़ी में बैठ कर निकल गए। वीडियो में वहां तैनात सुरक्षाकर्मी भी नजर आ रहे हैं। इससे पहले सात फरवरी को ईडी ने हेमंत सोरने की हिरासत 5 दिनों के लिए बढा़ई थी। जिसके बाद अब एक बार फिर उनकी हिरासत बढ़ी है।
झारखंड के पूर्व सीएम को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में सात घंटे की लंबी पूछताछ के बाद 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। हालांकि, हेमंत सोरेन ने ईडी की इस कार्रवाई को झारखंड हाई कोर्ट में चुनौती भी दी है।
रांची : झारखंड सरकार ने बड़े पैमाने पर आइएएस का तबादला कर दिया है. इसके तहत जमशेदपुर के डीसी मंजूनाथ भजंत्री का तबादला कर दिया गया है. उनको स्वर्णरेखा परियोजना का प्रशासक बना दिया गया है. उनकी जगह जमशेदपुर के नये डीसी के तौर पर पश्चिम सिंहभूम के डीसी रहे अनन्य मित्तल को जमशेदपुर का डीसी बनाया गया है. पस्चिम सिंहबूम जिले के डीसी के तौर पर जमशेदपुर की पहले डीसी रह चुकी विजया जाधव को पदस्थापित किया गया है. वहीं, अजय कुमार सिंह को ग्रामीण कार्य विभाग के साथ स्वास्थ्य विभाग का सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है जबकि उनको प्रधान सचिव मंत्रिमंडल सचिवालय बनाया गया है. वंदना डाडेल को मंत्रिमंडल सचिवालय से हटाकर वन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है. रांची : झारखंड सरकार ने बड़े पैमाने पर आइएएस का तबादला कर दिया है. इसके तहत जमशेदपुर के डीसी मंजूनाथ भजंत्री का तबादला कर दिया गया है. उनको स्वर्णरेखा परियोजना का प्रशासक बना दिया गया है. उनकी जगह जमशेदपुर के नये डीसी के तौर पर पश्चिम सिंहभूम के डीसी रहे अनन्य मित्तल को जमशेदपुर का डीसी बनाया गया है. पश्चिम सिंहभूम के डीसी के तौर पर जमशेदपुर की पहले डीसी रह चुकी विजया जाधव को पदस्थापित किया गया है. वहीं, अजय कुमार सिंह को ग्रामीण कार्य विभाग के साथ स्वास्थ्य विभाग का सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है जबकि उनको प्रधान सचिव मंत्रिमंडल सचिवालय बनाया गया है. वंदना डाडेल को मंत्रिमंडल सचिवालय से हटाकर वन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है.
उनके पास महिला बार विकास विभाग का प्रधान सचिव का भी प्रभार होगा. मनीष रंजन को राजस्व सचिव के पद से हटाकर भवन निर्माण विभाग का सचिव और एमडी भवन निर्माण निगम लिमिटेड बनाया यगा है. अरवा राजकमल को प्रझान सचिव अनुसूचित जनजाति के पद से हटाकर अगले आदेश तक ग्रेटर रांची विकास एजेंसी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. उनके पास नगर विकास विभाग और मद्य निषेध विभाग का भी प्रधान सचिव का प्रभार होगा. उमाशंकर सिंह को प्रभारी सचिव स्कूली शिक्षा के साथ सिद्धो कान्हू कृषि व वनोपज राज्य सहकारी संघं का भी अतिरिक्त प्रभार दिया है.
पवन कुमार को अपर सचिव श्रम विभाग से हटाकर झारखंड एड्स कंट्रोल सोसाइटी का परियोजना निदेशक बनाया गया है. श्रमायुक्त संजीव कुमार बेसरा को झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी के मिशन निदेशक का प्रभार दिया गया है. निदेशक हस्तकरघा आकांक्षा रंजन को एमडी झारखंड अन्वेषण एवं खनन का एमडी और एमडी झारक्राफ्ट का भी अतिरिक्त प्रभार दिाय गया है. उनको माटी कला बोर्ड का भी एमडी बनाया गया है. एमडी जियाडा शशिवंजन को मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के सीइओ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है जबकि उनको एमडी जेएसएमडीसी बनाया गया है. अपर सचिव श्रम सत्येंद्र कुमार को हटा दिया गया है.
उनको एमडी एफसीआइ बनाया गया है. एमडी झारखंड औद्योगिक आधारभूत संरचना विकास निगम माधवी मिश्रा को अगले आदेश तक कार्यपालक निदएशक झारखंड राज्य आरोग्य सोसाइटी का एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर और झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्र्क्चर का एमडी का प्रभार भी दिया गया है. साहेबगंज के डीसी रामनिवास यादव को निदेशक हायर एजुकेश़ बनाया गया है. गरिमा सिंह को निदेशक उच्च शिक्षा को हटाते हुए लातेहार का उपायुक्त बनाया गया है. लातेहार का उपायुक्त हिमांशु मोहन को निदेशक माध्यमिक शिक्षा बनाया गया है. गुमला के डीडीसी हेमंत सती को साहेबगंज का डीसी बनया गया है. विस्पुते श्रीकांत यशवंत को गिरीडीह का एसडीओ बनाया गया है.
हरियाणा के करनाल शहर का रहने वाले लवप्रीत सिंह अपने तमाम रिश्तेदारों और अजीज दोस्तों के साथ इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचा था. सब इस बात को लेकर बेहद खुश थे कि उनके दोस्त लवप्रीत का न केवल सालों पुराना सपना आज पूरा होने जा रहा था, बल्कि वह अपने सपनों की दुनिया में जीने के लिए कनाडा जा रहा था.
लवप्रीत सिंह अपने सभी अजीजों से विदा लेकर एयरपोर्ट टर्मिनल में दाखिल हो गया और बैगेज चेक-इन की प्रक्रिया पूरी कर इमीग्रेशन जांच के लिए आगे बढ़ गया.
इमीग्रेशन अधिकारी ने जैसे ही लवप्रीत के पासपोर्ट को स्वैप किया, उसके चेहरे की सिकन बढ़ती चली गई. वह कभी पासपोर्ट, कभी कंप्यूटर स्क्रीन तो कभी लवप्रीत के चेहरे को देख रहा था. अब तक लवप्रीत को भी थोड़ा डर लगने लगा था. उसके अगल-बगल वाले काउंटर से अब तक न जाने कितने लोग निकल गए थे, लेकिन उसके पासपोर्ट और वीजा को अभी भी बार-बार अलट-पलट कर देखा जा रहा था. तभी उस इमीग्रेशन अधिकारी ने किसी से फोन पर बात की और कुछ ही देर में कुछ लोग वहां पहुंचे और लवप्रीत को अपने साथ चलने के लिए कहने लगे.
लवप्रीत को इमीग्रेशन एरिया में स्थिति एक कमरे में ले जाया गया, जहां पर पहले से मौजूद कुछ अधिकारियों ने उससे कनाडा के वीजा के बारे में पूछताछ शुरू की. पूछताछ के दौरान, उसे पता चला कि उसके पास मौजूद कनाडा का वीजा फर्जी है. इसके बाद, लवप्रीत को आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस के हवाले कर दिया गया. वहीं आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने लवप्रीत के खिलाफ आईपीसी की धारा 420/468/471 और पासपोर्ट एक्ट की धारा 12 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद लवप्रीत से एक बार फिर पूछताछ का सिलसिला शुरू हुआ.
आईजीआई एयरपोर्ट की डीसीपी ऊषा रंगनानी के अनुसार, आरोपी लवप्रीत ने पुलिस ने पूछताछ में बताया कि उसे यह वीजा प्रदीप वर्मा नामक एक व्यक्ति के जरिए मिला था. इस वीजा के एवज में 25 लाख रुपए की मांग की गई थी, जिसमें 12 लाख रुपए का भुगतान वह कर चुका था, जबकि बाकी की राशि का भुगतान कनाडा के टोरंटो शहर पहुंचने के बाद होना था. पुलिस ने लवप्रीत के कबूलनामें के आधार पर प्रदीप वर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उसकी तलाश में संभावित इलाकों में छापेमारी की गई है.
भारत का यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI ग्लोबल होता जा रहा है और कई देशों ने इसे अपनाने में दिलचस्पी दिखाई है. अब इसका और विस्तार होने जा रहा है और इसके तहत मॉरिशस और श्रीलंका में भी यूजर्स यूपीआई का इस्तेमाल कर सकेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 12 फरवरी को दोपहर 1 बजे दोनों देशों में इस सर्विस को लॉन्च करेंगे.
UPI के साथ RuPay कार्ड की भी सुविधा विदेश मंत्रालय द्वारा रविवार को इस लॉन्च के बारे में एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए जानकारी शेयर की गई थी. श्रीलंका और मॉरिशस में UPI सर्विसेज लॉन्च होने के बाद दोनों देश के लोग अपने-अपने यहां इसका इस्तेमाल कर पाएंगे. इसके अलावा भारत से मॉरिशस और श्रीलंका जाने वाले पर्यटक और वहां से भारत में आने वाले टूरिस्ट भी इसके जरिए पेमेंट कर पाएंगे. मॉरिशस में सिर्फ UPI ही नहीं, बल्कि RuPay कार्ड सर्विस भी लॉन्च की जाएगी.
दोपहर 1 बजे PM Modi करेंगे लॉन्च मॉरिशस और श्रीलंका में UPI लॉन्च इवेंट दोपहर 1 बजे होगा और पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसे लॉन्च करेंगे. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे और मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जुगनौथ के साथ तीनों देशों के सेंट्रल बैंक के गवर्नर भी उपस्थित रहेंगे. गौरतलब है कि हाल ही फ्रांस में भी UPI सर्विस शुरू की गई है. इसके जरिए एफिल टावर के टिकट बुक कराने की सुविधा भी दी जा रही है.
2016 में UPI की हुई थी शुरुआत भारत के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है. नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संचालित इस सर्विस को मोदी सरकार ने 2016 में लॉन्च किया था. इसने पैसों के लेन-देन से ऑनलाइन पेमेंट को बेहद आसान बनाने का काम किया है. यूपीआई से आसान तरीके से सीधे बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा मिलती है. ये रियल टाइम फंड ट्रांसफर करने में सक्षम है और इसे IMPS मॉडल से डेवलप किया गया है.
फ्रांस-सिंगापुर समेत कई देशों में एक्टिव श्रीलंका और मॉरिशस में होने वाली यूपीआई लॉन्चिंग से पहले भारतीय पेमेंट सिस्टम फ्रांस, सिंगापुर, यूएई, नेपाल, भूटान एक्टिव है. बता दें कि UPI के आने के बाद से ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस में खासी तेजी देखने को मिली है. इसमें साल दर साल इजाफा हो रहा है और इसका अंदाजा NPCI के आंकड़ों को देखकर लगाया जा सकता है. इसके मुताबिक, बीते साल दिसंबर 2023 में भी UPI से 18.23 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड का लेन-देन किया गया था, जो कि इससे पिछले साल 2022 की समान अवधि की तुलना से 54 फीसदी अधिक था.
राँची : झारखंड हाई कोर्ट में हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर आज सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामले में अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी। बता दें कि इससे पहले हेमंत सोरेन की याचिका पर 5 फरवरी को झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई थी। उस दौरान कोर्ट की ओर से हेमंत सोरेन को कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट ने ईडी को मामले में जवाब दाखिल करने का आदेश देते हुए सुनवाई की अगली तारीख 12 फरवरी तय की थी।
गौरतलब है कि कस्टडी में लिए जाने से पहले ही हेमंत सोरेन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी की आशंका जता दी थी। उन्होंने अदालत से आग्रह किया था कि पूछताछ के दौरान उनके खिलाफ कोई भी पीड़क कार्रवाई ना हो, लेकिन 1 फरवरी को यह कहते हुए हाई कोर्ट से समय मांगा गया कि उनकी गिरफ्तारी हो चुकी है और उन्होंने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। हेमंत सोरेन की ओर से हाई कोर्ट को बताया गया है कि उनके खिलाफ ईडी के अधिकारी वैसी शक्तियों का इस्तेमाल कर रहे हैं जो पीएमएलए में है ही नहीं। उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव नजदीक होने की वजह से उन्हें टारगेट किया गया है।