जमशेदपुर : भारत सरकार के केंद्र मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बयान के विरोध में कांग्रेस द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में भाजपा नेता सह पूर्व डीआईजी राजीव रंजन ने झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री जमशेदपुर पश्चिम के विधायक बन्ना गुप्ता के द्वारा पगड़ी लगे हुए पोस्टर को पैर से कुचलने वाले कृत पर घोर निराशा जताते हुए कहा की यह सिख समुदाय के भावना को आहत किया है।
बन्ना जी को सिखों की पगड़ी का महत्व जानने की जरूरत है। यह कृत कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता हैं। इस घृणित काम के लिए बन्ना गुप्ता से मांग करते हुए कहा कि वह सिख समुदाय से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे,शायद सिख समुदाय के लोगो का आक्रोश माफी मांगने से कम हो जाएगा।
प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी वरिष्ठ भाजपा नेता सह सामाजिक कार्यकर्ता शिव शंकर सिंह के केबुल टाऊन, गोलमुरी स्थित कार्यालय में भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा अर्चना के उपरांत महाभोग कार्यक्रम के आयोजन में हजारों की संख्या में लोग सम्मिलित हुए।
विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र से जुड़े प्रमुख लोग इस भोग वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए और भगवान विश्वकर्मा जी को भोग लगा प्रसाद ग्रहण किया। पूजन के उपरांत दिन से ही लगा रहा लोगों का तांता, बारी बारी से लोगों का शिव शंकर सिंह से मिलने का सिलसिला जारी रहा।
आज विश्वकर्मा पूजा के दिन ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जन्मदिवस है। इस देखते हुए भाजपा नेता शिव शंकर सिंह ने जन जन के चहेते और विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता नरेंद्र मोदी का जन्मदिन महंत श्री विद्यानंद सरस्वती जी महाराज जी के हाथों से केक कटवाकर मनाया और उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुदीर्घ जीवन की कामना की।
जमशेदपुर : कांग्रेस सिखों की शुरू से दुश्मन रही है और मंत्री बन्ना गुप्ता ने इसे साबित भी कर दिया है। भाजपा के युवा सिख नेता सतबीर सिंह सोमू ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का पुतला दहन करने के साथ ही उसकी तस्वीर पर मंत्री बन्ना गुप्ता ने पैर रखा था। बन्ना गुप्ता ने ऐसा कर केवल सिखों का ही नहीं बल्कि पूरे देश के नागरिकों का अपमान किया है। रवनीत सिंह बिट्टू ने पगड़ी पहन रखी है और पगड़ी भारत की आन बान शान का प्रतीक है जिस पर हर भारतीय गर्व करता है।
इस भाजपा नेता के अनुसार षड्यंत्र के तहत सिखों को हासिये पर लाने के लिए पहले पंजाब का बंटवारा करवाया गया। अकाली दल की सरकार बर्खास्त की जाती रही आनंदपुर प्रस्ताव को देश विरोधी बताकर पूरे देश में सिखों के खिलाफ नफरत का माहौल कांग्रेस बनाती रही। पवित्र स्थल स्वर्ण मंदिर में हमला करवाया गया। और हजारों निर्दोष सिखों को मारा गया। जो काम मुगलों ने किए थे वही काम सिखों के साथ कांग्रेस आज भी कर रही है। सिखों की पगड़ी नहीं देश का ताज है और इसके लिए कुर्बानी भी दी है। बन्ना गुप्ता देखें देश की आजादी निर्माण में सिखों की क्या भूमिका रही है और इनका इतिहास पढ़ ले।
वही इस बीजेपी सिख नेता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहा है कि ऐसे सिख धर्म विरोधी नस्लवादी कांग्रेस नेता को मंत्री पद से प्रकाश करें। अन्यथा पूरे देश में बन्ना गुप्ता के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। वही सोमू ने बताया कि बुधवार की शाम साकची में सिक्खों द्वारा मंत्री बन्ना गुप्ता का पुतला दहन किया जाएगा।
जमशेदपुर : काशीडीह हाई स्कूल के छात्रों ने “ऑटोमोबाइल प्रीसिपिटेटर” का एक मॉडल बनाया है जो पेट्रोल या डीजल वाहनों द्वारा उत्पन्न वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद करेगा। इस उपकरण को किसी भी वाहन के साइलेंसर में आसानी से फिट किया जा सकता है जो वाहन से निकलने वाले प्रदूषित धुएं को नियंत्रित करेगा।
इस आविष्कार को अंतिम प्रस्तुति के लिए झारखंड इनोवेशन काउंसिल में चुना गया है जो 23 सितंबर से 30 सितंबर 2024 के दौरान आईएसएम, धनबाद में आयोजित किया जाएगा। छात्र शुभम और हर्ष कुमार अपने शिक्षक श्री कमलेश ओझा के साथ राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध न्यायाधीशों के सामने अंतिम प्रस्तुति में अपना मॉडल प्रस्तुत करेंगे, जहां विभिन्न स्कूलों के प्रतियोगी प्रतिस्पर्धा करेंगे।
पितृपक्ष के दौरान 18 सितम्बर 2024 को लगाने जा रहा चंद्र ग्रहण भारत में आंशिक रूप से दिखाई देगा। हालांकि ज्योतिष शास्त्र की मानें तो इस ग्रहण का प्रभाव कुछ राशि वालों के लिए बड़ा ही खतरनाक होने वाला है।
चलिए जानते हैं कि चंद्र ग्रहण किन राशि वालों को परेशानियों में डाल सकता है।
वृषभ राशि
पितृपक्ष में पड़ने वाला चंद्र ग्रहण वृषभ राशि वालों के लिए शुभ रहने वाला है। चंद्र ग्रहण के आंशिक प्रभाव के कारण वृषभ राशि के जातकों का स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा। साथ ही इस राशि के जातकों के रुके हुए काम भी पूरे हो जाएंगे। वैवाहिक जीवन में भी मधुरता बनी रहेगी। आर्थिक लाभ होने की भी संभावना है।
मीन राशि
मीन राशि वालों पर चंद्र ग्रहण के अच्छे प्रभाव देखने को मिलेंगे। चंद्र ग्रहण के बाद मीन राशि वालों को आर्थिक लाभ होने की संभावना है। यदि मीन राशि वालों का कोई काम बहुत दिन से रुका हुआ है तो वह भी पूरा हो सकता है।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों पर चंद्र ग्रहण का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। चंद्र ग्रहण के प्रभाव के कारण इस राशि वालों को निवेश करते समय सावधानी बरतनी होगी नहीं तो आर्थिक नुकसान हो सकता है।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के जीवन पर चंद्र ग्रहण का अच्छा पराभव देखने को मिलेगा। इस राशि वाले जातकों का स्वास्थ्य पहले से बेहतर होगा। इस राशि के जातक जो व्यापार करने वाले हैं उन्हें बड़ी सफलता मिलेगी। साथ ही जीवन में प्रेम का भाव भी प्रबल होगा।
सिंह राशि
सिंह राशि वाले जातकों के लिए 18 सितम्बर 2024 को लगने वाला चंद्र ग्रहण सफलता प्रदान करने वाला है। इस दौरान सिंह राशि वालों को आर्थिक लाभ मिलने वाला है। ग्रहण के अच्छे प्रभाव के कारण नौकरी में पदोन्नति होने की संभावना है।
कन्या राशि
कन्या राशि वाले जातकों को चंद्र ग्रहण के अच्छे प्रभाव के कारण पारिवारिक रिश्ते मजबूत होंगे। इस राशि के जातक जो निवेश करने वाले हैं उन्हें निवेश से अच्छा आर्थिक लाभ मिलेगा। इस राशि वाले जातकों के मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वाले जातकों पर पितृपक्ष के दौरान लगने वाला चंद्र ग्रहण का अच्छा प्रभाव देखने को मिलेगा। इस राशि के जिन जातकों के विवाह में रुकावटें आ रही है वह दूर हो जाएगी। जीवन में किसी नए प्यार का आगमन हो सकता है। चंद्र ग्रहण के प्रभाव से मिथुन राशि वालों को किस्मत का साथ मिलेगा और आर्थिक पक्ष भी मजबूत होगा।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव लाभकारी सिद्ध हो सकता है। चंद्र ग्रहण के प्रभाव से कर्क राशि वाले अपना नौकरी बदल सकते हैं। हालांकि नौकरी बदलने का फैसला लेते समय सावधानी बरतनी होगी। इसलिए निर्णय लेते समय अपने परिवार के सदस्यों के साथ अवश्य सलाह लें। गलत निर्णय से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों पर पितृ पक्ष के दौरान लगने वाला चंद्र ग्रहण बुरा प्रभाव डालेगा। चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव से इन राशि वाले जातकों को कई तरह के परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बनी रहेगी। परिवार में बड़ों के साथ रिश्ते बिगड़ सकते हैं। स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ सकता है।
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए चंद्र ग्रहण काफी दुखदायी रहने वाला है। चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव के कारण नौकरी जा सकती है। पारिवारिक रिश्तों में भी मन-मुटाव देखने को मिल सकता है। आस-पास व्याप्त शत्रु आपको परेशान कर सकते हैं।
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए यह चंद्र ग्रहण सबसे ज्यादा आर्थिक संकट ला सकता है। ग्रहण के प्रभाव से इन राशि वालों के खर्चे बढ़ सकते हैं। इसलिए आपको सोच-समझकर खर्च करना होगा।
मेष राशि
पितृ पक्ष के दौरान लगने वाला चंद्र ग्रहण मेष राशि वालों के रिश्ते को प्रभावित कर सकता है। चंद्र ग्रहण का प्रभाव इन राशि वालों को किसी के साथ रिश्ते खत्म करने को प्रेरित कर सकता है।
बांग्लादेश के तट पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर झारखंड में देखने को मिला. राज्य के कई जिलों में पिछले 24 घंटे से रुक-रुक कर बारिश हो रही है.
सोमवार की अहले सुबह से राज्य के लगभग सभी जिलों में तेज बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने कई जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. राज्य में छह जिले गुमला, खूंटी, सिमडेगा, सरायकेला खरसांवां, पूर्वी सिंहभूम व पश्चिमी सिंहभूम में रेड अलर्ट जारी किया गया है.
वहीं रांची, लोहरदगा, लातेहार, पलामू व गढ़वा में ऑरेंज और चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो व धनबाद में येलो अलर्ट जारी किया गया है. 16 व 17 सितंबर को गढ़वा, पलामू, लातेहार में ऑरेंज अलर्ट, वहीं चतरा, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान कहीं-कहीं पर गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना है. हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटा रह सकती है.
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान साइक्लोनिक सर्कुलेशन डिप्रेशन के धीरे-धीरे कमजोर होकर दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाने तथा झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना जताई है. पिछले 24 घंटे में राज्य में मॉनसून गतिविधि अति सक्रिय रही. राज्य में लगभग सभी स्थानों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. कहीं-कहीं पर भारी से बहुत भारी बारिश भी दर्ज की गई. सबसे अधिक वर्षा 152.8 एमएम मेराल (गढ़वा) में दर्ज किया गया.
जमशेदपुर : झारखंड विधानसभा चुनाव से पूर्व परिवर्तन महारैली को संबोधित करने बिष्टुपुर के गोपाल मैदान पहुंचें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत में भाजपा नेता शिव शंकर सिंह ने विशाल बाइक रैली निकाली।
बाइक रैली के आयोजन में बारिश ने खलल डाला तो भाजपा कार्यकर्ताओं के जोश और जुनून के आगे उसे भी नतमस्तक होना पड़ा। यह बाइक रैली शिव शंकर सिंह के केबुल टाउन स्थित कार्यालय से गोलमुरी, कालीमाटी रोड साकची होते हुए रैली स्थल गोपाल मैदान बिष्टुपुर पहुंची। गोलमुरी चौक स्थित बजरंगबली मंदिर में पूजा अर्चना कर सभी आगे बढ़े। बाइक रैली के दौरान उत्साही भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत है भाई स्वागत है, मोदी जी का स्वागत है और भारत माता की जय तथा भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाते रहे।
भारी बारिश ने डाली बाधा लेकिन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के प्रति कार्यकर्ताओं के उत्साह में कमी नही आई। बारिश जैसे-जैसे तेज होती गई कार्यकर्ताओं की बाइक रैली निकालने के प्रति दिवानगी वैसे-वैसे उनमें जज्बा बढ़ाती गई। बड़ी संख्या में लोग इस बाइक रैली में शामिल हुए और समर्पित भाजपा कार्यकर्ता शिव शंकर सिंह के प्रति अपना समर्थन दिखाया। शिव शंकर सिंह भी बीच बीच में कार्यकर्ताओ में जोश भरते रहे और उन्हें सभा स्थल तक लेकर पहुंचें।
इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से 6 वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, जिसपर प्रतिक्रिया देते हुए शिव शंकर सिंह ने कहा ‘बेहतर रेल कनेक्टिविटी से प्रदेश के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
इस अवसर पर, जोगिंदर सिंह सोनू, जितेंद्र सिंह जीतू, रवि सिंह, अभिमन्यु सिंह, शाहरुख मल्लिक, प्रिंस सिंह, भूपेंद्र सिंह सहित कई अन्य लोग सम्मिलित हुए।
जमशेदपुर : पूर्व सांसद सह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. अजय कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि आदिवासियों को विश्वास था कि शायद नरेंद्र मोदी परिवर्तन रैली में सरना धर्म कोड लागू करने की घोषणा करेंगे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरना धर्म कोड लागू करने की घोषणा नहीं की। जिससे एक बार फिर झारखंड की आदिवासियों को निराशा हुई।
पिछले कई वर्षों से आदिवासी समुदाय अपने सांस्कृतिक और धार्मिक आजादी की प्रतिक सरना धर्म कोड को लागू करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। दो वर्ष पूर्व हेंमत सरकार ने सरना धर्म कोड से संबंधित विधेयक पास कर केंद्र को भेज दिया। लेकिन मोदी सरकार इस ओऱ ध्यान ही नहीं दे रही है। आदिवासियों की हमदर्द बनने का नाटक कर रही भाजपा की पोल खुल गई। झारखंड में आ कर भी मोदी ने सरना धर्म कोड लागू करने की घोषणा नहीं की।
गृह मंत्रालय के पास घुसपैठियों का नहीं रिकार्ड
रविवार को प्रेस बयान जारी कर डॉ. अजय कुमार ने जमशेदपुर में आयोजित परिवर्तन महारैली में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए भाषण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झूठ बोलने में प्रधानमंत्री को महारत हासिल है। भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं जिनके नाम लगातार झूठ बोलने के रिकार्ड दर्ज है। उन्होंने कहा कि जब गृह मंत्रालय के पास झारखंड में घुसपैठियों का कोई आंकड़ा नहीं है तो फिर किस आधार पर मोदी ने आदिवासियों की जमीन हड़पने की बातें कहीं। उन्हें झारखंड की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मोदी और बीजेपी के नेता लगातार बंगलादेशी घुसपैठियों द्वारा आदिवासियों की जमीन हड़पने का झूठा प्रचार कर रहे हैं। जबकि 12 सितंबर 2024 को गृह मंत्रालय द्वारा रांची हाईकोर्ट में जमा किए गए शपथपत्र में साफ कहा गया है कि झारखंड में आदिवासियों से विवाह कर उनकी जमीन हड़पने से संबंधित कोई आकड़े गृह मंत्रालय के पास नहीं है।
मतलब साफ है कि जब केंद्रीय गृह मंत्रालय यह स्वीकार कर रहा है कि बंगलादेशी घुसपैठियों से संबंधित कोई आंकड़ा उसके पास नहीं है। तो फिर किस आधार पर प्रधानमंत्री झारखंड की भोली भाली जनता को गुमराह कर रहे हैं। दरअसल भाजपा मुस्लिम और आदिवासियों के बीच विवाद पैदा कर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना चाहती है।
भाजपा ने लूटा है झारखंड को
डॉ. अजय कुमार ने कहा कि 24 वर्ष में सबसे ज्यादा लगभग 14 वर्ष से ज्यादा समय तो भाजपा ने झारखंड में शासन किया है। फिर किस मुंह से मोदी इंडिया गठबंधन पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा रहे है। आज देश के सभी बड़े भ्रष्टाचारी नेता भाजपा में हैं। मोदी को भ्रष्टाचार पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। हर समय झूठ और केवल झूठ बोलते हैं नरेंद्र मोदी। रघुवर दास पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप रघुवर सरकार के मंत्री द्वारा ही लगाए गए, लेकिन क्या हुआ, यह सबके सामने है। मोदी जी के कथनी करनी में बड़ा अंतर हैं।
अपने करते हैं वादा खिलाफी
डॉ. अजय कुमार ने कहा कि मोदी ने प्रति वर्ष दो करोड़ नौकरी देने का वादा किया था। देशवासियों को 15 लाख रुपया देने का वादा किया था। मोदी बताएं कि उन वादों का क्या हुआ। आज तक किसानों को एमएसपी देने पर मोदी सरकार निर्णय नहीं ले पाई है। मोदी को झारखंड की महिलाओं को आर्थिक रुप से मजबूत होना नहीं भा रहा है।
झारखंड की हेमंत सरकार जिस प्रकार से प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रुप से मजबूत करने के लिए कार्य कर रही है। उससे भाजपा बौखला गई है। झारखंड की जनता सब समझ रही है कि बीजेपी और नरेंद्र मोदी को झारखंड की जनता की फिक्र नहीं बल्कि उन्हें हर हाल में सत्ता हासिल करना है इसलिए वे लगातार झूठ बोल कर प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं।
जमशेदपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जमशेदपुर पहुंच गये है. वे सड़क मार्ग से कांदरबेड़ा होते हुए डोबा से होकर सोनारी फिर बिष्टुपुर गोपाल मैदान पहुंच गये. गोपाल मैदान में उनका कार्यकर्ताओं ने भारी बारिश के बीच गर्मजोशी के साथ स्वागत किया.
इस दौरान लोगों में काफी जोश देखा गया. सभी ने खड़े होकर उनके साहस को सलाम किया कि प्रधानमंत्री होते हुए भी वे सड़क मार्ग से भारी बारिश के बीच जमशेदपुर आ गये है. वे यहां आते ही स्टेज को संभाले और सबको जोहार किया. इसके बाद उनका सारे बड़े नेताओं ने उनका स्वागत किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी हुई थी. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन समेत तमाम दिग्गज मौजूद थे.
इस दौरान लोगों की भारी भीड़ जुटी हुई थी. उनका यहां जोरदार अभिनंदन किया गया. इस दौरान सारे लोग भारी बारिश के बीच गोपाल मैदान में जुटे हुए थे. अपेक्षाकृत काफी भीड़ जुटी हुई थी. लोगों ने अपने प्रधानमंत्री का इस्तकबाल किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आते ही स्टेज पर संबोधित करना शुरू कर दिया. उनका मोबाइल का टार्च जलाकर सबका अभिवादन कर दिया.
जमशेदपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रांची एयरपोर्ट से वर्चुअली छह ‘वंदे भारत ट्रेन’ को हरी झंडी दिखायी. वंदे भारत ट्रेन उद्घाटन कार्यक्रम में सीएम हेमंत सोरेन शामिल नहीं हुए.झारखंड में पीएम का यही एक मात्र सरकारी कार्यक्रम था. रेलवे अफसरों से इस कार्यक्रम के लिए सीएम को आमंत्रित किया था.
जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर की जनसभा विशुद्ध रूप से भाजपा का अपना कार्यक्रम है, इसलिए सीएम हेमंत सोरेन जमशेदपुर भी नहीं गये. बता दें कि जमशेदपुर में भारी बारिश और लो विजिबिलिटी की वजह से रांची एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर नहीं उड़ पाया. जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मे रांची एयरपोर्ट से ही वर्चुअली छह ‘वंदे भारत ट्रेन’ को हरी झंडी दिखायी. इसके बाद पीएम मोदी सड़क मार्ग से जमशेदपुर के लिए रवाना हो गये.