एक नई सोच, एक नई धारा

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चार सत्रों की 323 छात्राओं को मिले प्रमाण पत्र

घाटशिला के काशिदा स्थित बीडीएसएल महिला महाविद्यालय में बुधवार को दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ. यहां मुख्य अतिथि बहरागोड़ा के पूर्व विधायक सह झामुमो केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी, जिप सदस्य देवयानी मुर्मू, प्रखंड प्रमुख सुशीला टुडू, सोसायटी के अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह और सचिव कुमार सत्यम उपस्थित थे.

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प्रभारी प्राचार्या पुष्पा गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया. अतिथियों ने चार सत्रों की कुल 323 छात्राओं को डिग्री प्रमाण पत्र प्रदान किये. महाविद्यालय की 8 टॉपर छात्राओं को सम्मानित किया गया. इनमें गोल्ड मेडलिस्ट निकिता पाती सहित अनुप्रिया मंडल, गुलनाज परवीन, सावित्री पूर्ति, अर्चना पाल, नीमा महतो, स्मृति डे और मधुमिता मन्ना हैं.

लड़की शिक्षित होती है, तो पूरा परिवार आगे बढ़ता है : कुणाल षाड़ंगी

मुख्य अतिथि कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि बीडीएसएल महाविद्यालय ने बेटियों को शिक्षित कर समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि लड़की शिक्षित होती है, तब पूरा परिवार ज्ञान व जागरुकता से आगे बढ़ता है. महिला शिक्षा समाज की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने छात्राओं को जीवन की चुनौतियों से नहीं डरने और सोशल मीडिया के अति उपयोग से सावधान रहने की नसीहत दी. छात्राएं अपनी क्षमता, रुचि और मेहनत के आधार पर आगे बढ़ें. उन्होंने कहा कि जो काम आपको पसंद हो, उसी में आगे बढ़ें तभी आप उत्कृष्ट बन सकती हैं. प्रभारी प्राचार्या पुष्पा गुप्ता ने कहा कि महाविद्यालय गरीब, पिछड़े और आदिवासी समुदाय की लड़कियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध करा रहा है. पिछले वर्षों में महाविद्यालय का परीक्षा परिणाम 73 प्रतिशत से 96 प्रतिशत के बीच रहा है. समारोह में गणेश मुर्मू, एसके पति, डॉ डीपी कुंडू, रूमा सीट, अरविंद घोष समेत शिक्षक उपस्थित थे।

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स्वास्थ्य विभाग में योजना राशि निकासी को नियुक्त होंगे बिल क्लर्क

पूर्वी सिंहभूम जिला में केंद्र द्वारा संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के कार्यक्रम की राशि निकासी के लिए प्रखंड स्तर पर बिल क्लर्क की नियुक्ति होगी ताकि, योजना से जुड़े खर्च की निकासी और भुगतान सुगमता से हो सके।

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इससे प्रखंड के अकाउंट मैनेजर व प्रभारी को बिल क्लर्क बनाने की तैयारी शुरू है। 2 सितंबर को राज्य के अपर मुख्य सचिव ने इस मुद्दे पर झारखंड ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन समिति की कार्यकारणी के साथ बैठक की थी, जिसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के क्रियान्नवयन में किसी तरह की दिक्कत नहीं हो।

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दिल्ली धमाके की जांच के बीच झारखंड के हजारीबाग में NIA का छापा, डॉक्टर के घर पहुंची

दिल्ली में लाल किला के पास हुए विस्फोट की जांच के बीच एनआईए ने झारखंड के हजारीबाग में छापेमारी की है। एनआईए और एटीएस की टीम हजारीबाग के पेलावल थाना क्षेत्र के अंसार नगर पहुंची और एक संदिग्ध डॉक्टर के घर पर दबिश दी।

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सूत्रों की मानें तो यह कार्रवाई पूर्व में गिरफ्तार किए गए संदिग्ध डॉक्टर के इनपुट पर की गई है।

संदिग्ध डॉक्टर एम्स में पढ़ाई करने के बाद रांची में काम करता था। साथ ही वह हजारीबाग में भी एक डायग्नोस्टिक सेंटर में काम करता था। एनआईए उसे पिछले साल भी गिरफ्तार कर चुकी है। NIA ने डॉक्टर को पिछले साल आतंकी घटना में संलिप्त पाए जाने के कारण गिरफ्तार कर लिया था। एनआईए की टीम ने दूसरी बार डॉक्टर के घर पर दबिश दी है।

एनआईए के अधिकारी एटीएस के साथ तीन गाड़ियों से गुरुवार की सुबह इलाके में पहुंचे और संदिग्घ के घर पर दबिश दी। एनआईए की टीम ने घर के सदस्यों से पूछताछ की। मौके पर अतिरिक्त फोर्स भी तैनात कर दी गई है। सूत्रों ने बताया कि एनआईए संदिग्ध आतंकी शाहनवाज को लेकर मिले इनपुट पर पहुंची है। उसे 2023 में गिरफ्तार किया गया था।

बताया जाता है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अक्तूबर 2023 में शहनवाज आलम को राष्ट्रीय राजधानी से गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी पुणे टेरर मॉड्यूल के मामले में हुई थी।वह मूल रूप से हजारीबाग का रहने वाला है। वह 2019 में हजारीबाग में डकैती और चोरी के कई मामलों में भी गिरफ्तार हो चुका है।

वह 8 से 9 महीने जेल में रहा फिर दिसंबर 2020 में उसे जमानत मिल गई थी। इसके बाद वह कथित तौर पर हैंडलर के संपर्क में आया। पुणे पुलिस की हिरासत से भागने के बाद एनआईए ने उस पर 3 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

गौरतलब है कि एनआईए की यह कार्रवाई ऐसे वक्त में सामने आई है जब एनआईए दिल्ली में लाल किला के पास हुए धमाके की छानबीन में जुटी है। दिल्ली ब्लास्ट में व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का लिंक सामने आया है। इस मामले में एनआईए ने व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़े कई डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है।

एनआईए ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर में बारामूला जिले के रफियाबाद इलाके के निवासी डॉ. बिलाल नसीर मल्ला को अरेस्ट किया है। उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। डॉ. बिलाल नसीर मल्ला दिल्ली ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार होने वाला 8वां आरोपी है। डॉ. मल्ला अल-फलाह यूनिवर्सिटी में भी काम कर चुका है।

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शिकंजे में आए गोवा अग्निकांड के आरोपी लूथरा ब्रदर्स, थाईलैंड में हिरासत में लिए गए, भारत किया जाएगा डिपोर्ट

गोवा नाइटक्लब अग्निकांड के आरोपी लूथरा ब्रदर्स को हिरासत में ले लिया गया है। इन्हें थाईलैंड से भारत डिपोर्ट किया जाएगा और इस संबंध में प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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गोवा के नाइट क्लब में लगी आग में 25 लोगों की मौत हुई थी और इसके बाद से ही दोनों भाई गौरव और सौरभ लूथरा थाईलैंड फरार हो गए थे। दोनों भाइयों को भारत में मुकदमे के लिए वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

दोनों भाइयों पर रॉ की भी थी नजर

सूत्रों के मुताबिक, ब्लू कॉर्नर नोटिस के जरिए लूथरा बंधुओं की लोकेशन ट्रेस होने के बाद सौरभ और गौरव दोनों थाईलैंड में रिसर्च एंड एनालिसिस विंग रॉ के अधिकारियों की भी लगातार निगरानी में थे। उनकी हर गतिविधि को मॉनिटर किया जा रहा था।

दोनों भाइयों के पासपोर्ट रद्द

इससे पहले गोवा नाइट क्लब आग मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों भाइयों के पासपोर्ट रद्द कर दिए थे। सूत्रों ने टाइम्स नाउ को बताया कि विदेश मंत्रालय ने अग्निकांड के मुख्य आरोपियों एवं ‘बर्च बाय रोमियो लेन’नाइट क्लब के मालिकों सौरभ और गौरव लथूरा के पासपोर्ट रद्द कर दिए। गोवा सरकार ने दोनों भाइयों का पासपोर्ट रद्द करने का अनुरोध किया था। दोनों भाई सात दिसंबर की सुबह देश छोड़कर थाईलैंड के फुकेट चले गए।

इंटरपोल ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था

मंत्रालय को गोवा सरकार से गौरव और सौरभ लूथरा के संबंध में एक पत्र मिला था। मंत्रालय नियमों के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट अधिनियम के तहत उनके पासपोर्ट रद्द किए गए। गोवा के अरपोरा स्थित नाइट क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा छह दिसंबर की रात को हुई घटना के बाद थाईलैंड भाग गए थे। उनके खिलाफ इंटरपोल ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था।

अधिकारियों के अनुसार, गौरव और सौरभ ने 7 दिसंबर की सुबह 1:17 बजे मेकमाईट्रिप पर टिकट बुक किए थे। उस समय दमकलकर्मी और पुलिस अरपोरा के बिर्च बाय रोमियो लेन नाइट क्लब में आग बुझाने और फंसे लोगों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। एक अधिकारी ने बताया, गोवा पुलिस और गोवा अग्निशमन सेवा आग बुझाने और अंदर फंसे लोगों को बचाने के लिए जूझ रही थी, उसी दौरान लूथरा बंधुओं ने देश से भागने की तैयारी शुरू कर दी थी।

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एमजीएम अस्पताल में 600 कर्मचारियों की बायोमीट्रिक जांच शुरू, ड्यूटी से गायब रहने वालों पर गिरेगी गाज

कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लंबे समय से बनी अव्यवस्थाओं को सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।

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उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने अस्पताल में तैनात लगभग 600 कर्मचारियों, जिनमें डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, तकनीकी कर्मी, वार्ड बॉय और सफाई कर्मचारी शामिल हैं, की बायोमिट्रिक अटेंडेंस आईडी तलब की है।

शिकायतों के अंबार के बाद प्रशासन ने कसा शिकंजा

इस कदम से पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप की स्थिति है और सभी कर्मचारी खुद को जांच के दायरे में महसूस कर रहे हैं। बीते कई महीनों से मरीजों, परिजनों और संस्थान से जुड़े विभिन्न स्रोतों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं।

एमजीएम से कई डॉक्टर ड्यूटी समय में अस्पताल में मौजूद नहीं रहते, ओपीडी नियत समय पर शुरू नहीं होती, इमरजेंसी में मरीजों को समय पर चिकित्सक नहीं मिलते। वार्डों में नियमित राउंड नहीं लगाए जाते। कुछ डॉक्टरों पर यह आरोप भी लग रहा है कि वे ड्यूटी के समय निजी प्रैक्टिस में ज्यादा सक्रिय रहते हैं।

बायोमिट्रिक से खुलेगी हर कर्मचारी की हकीकत

बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू होने के बाद एमजीएम का हर कर्मचारी, चाहे वह डॉक्टर हो या सफाईकर्मी, रियल टाइम डिजिटल निगरानी के दायरे में होगा। इससे स्पष्ट रूप से पता चलेगा कि कौन समय पर आता है, कौन देर से पहुंचता है, कौन बिना सूचना के गायब रहता है और किसने कितने घंटे का कार्य किया।

बायोमीट्रिक सिस्टम के चलते अब न तो रजिस्टर में मनमर्जी से हाजिरी दर्ज की जा सकेगी और न ही किसी दूसरे कर्मचारी से उपस्थिति दर्ज करवाने की कोई गुंजाइश बचेगी। प्रत्येक शिफ्ट की रिपोर्ट सीधे प्रशासन तक पहुंचेगी, जिससे ड्यूटी की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

एमजीएम अस्‍पताल के 600 कर्मचारियों की सतत निगरानी

एमजीएम में लगभग 600 कर्मी कार्यरत हैं। पहली बार ऐसा हो रहा है कि अस्पताल के सभी विभागों के डॉक्टर, नर्स, तकनीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ, वार्ड बॉय, सफाईकर्मी को एक साथ डिजिटल अटेंडेंस मॉनिटरिंग में शामिल किया गया है।

प्रशासनिक स्तर पर अलग-अलग विभागों का विश्लेषण भी किया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस विभाग में सबसे अधिक अनुपस्थिति है। कहां स्टाफ की वास्तविक कमी है और कहां केवल कागजों में संख्या पूरी दिखायी जा रही है।

मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार बायोमीट्रिक रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में कई कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की संभावना बनती दिख रही है। इनमें लगातार अनुपस्थिति पर वेतन कटौती, बार-बार ड्यूटी से गायब रहने पर शोकॉज नोटिस, गंभीर मामलों में विभागीय कार्रवाई या निलंबन और ओवरटाइम व अतिरिक्त भुगतान अब पूरी तरह डिजिटल डेटा के आधार पर तय होना शामिल है।

प्रशासन का मानना है कि इस सख्ती से अस्पताल की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार आएगा। ओपीडी और इमरजेंसी में समय पर डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे।

उपचार में होने वाली देरी कम होगी और वार्डों में नियमित निगरानी सुनिश्चित होगी। इसका सबसे बड़ा लाभ मरीजों और उनके परिजनों को मिलेगा, जो लंबे समय से एमजीएम में बेहतर व्यवस्था की मांग कर रहे थे।

लंबे समय से उठते रहे हैं सवाल

एमजीएम अस्पताल को लेकर यह आरोप लगातार उठते रहे हैं कि यहां समय पर डॉक्टर नहीं मिलते, कई जांच सुविधाएं कागजों में उपलब्ध हैं, लेकिन व्यवहार में मरीजों को बाहर भेज दिया जाता है, और दवाओं व संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पाता। इन परिस्थितियों को देखते हुए उपायुक्त ने यह कार्रवाई शुरू की है।

उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के इस कदम के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अब एमजीएम में गैरजिम्मेदारी, मनमानी और ड्यूटी से गायब रहना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बायोमिट्रिक रिपोर्ट के आधार पर कुछ बड़े नामों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

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टाटा स्टील 636 करोड़ में खरीदेगी थ्रिवेणी पेलेट्स की 50.1% हिस्सेदारी, 9.06 लाख शेयर खरीदे जाएंगे

टाटा स्टील 636 करोड़ रुपये में थ्रिवेणीपेलेट्स प्राइवेट लिमिटेड (टीपीपीएल) की 50.1 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। बुधवार को टाटा स्टील बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

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9,06,801 शेयर खरीदेगी टाटा स्टील

कंपनी ने इस अधिग्रहण की सूचना स्टॉक एक्सचेंज को भेजकर पुष्टि की। टाटा स्टील अगले 3-4 महीनों के भीतर नकद भुगतान के माध्यम से 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 9,06,801 शेयरों का अधिग्रहण करेगी।

टीपीपीएलओडिशा के जेयपुर में संचालित होता है। इसके पास ब्राह्मणी रिवरपेलेट्स लिमिटेड (बीआरपीएल) की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

बीआरपीएल की सालाना उत्पादन क्षमता चार मिलियन टन है और इसके पास लगभग 212 किलोमीटर लंबी सलरी पाइपलाइन भी है, जो इस अधिग्रहण को टाटा स्टील के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है। यह अधिग्रहण टीपीपीएल की कुल 50.1 प्रतिशत हिस्सेदारी का प्रतिनिधित्व करता है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन

वित्तीय वर्ष 2024-25 में टीपीपीएल ने 2,479.34 करोड़ रुपये का टर्नओवर किया। हालांकि टैक्स अदायगी के बाद कंपनी को 45.14 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। कंपनी की कुल नेटवर्थ 1,472.80 करोड़ रुपये दर्ज की गई है।

टाटा स्टील प्रबंधन के अनुसार, यह अधिग्रहण भारत में लौह अयस्क पेलेट की आपूर्ति को मजबूत और सुगम बनाने की रणनीति के तहत किया जा रहा है। इससे कंपनी की पेलेट निर्माण क्षमता और लॉजिस्टिक ढांचा और अधिक सुदृढ़ होगा।

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एमजीएम में 120 बेड का आइसीयू बनेगा, सेंट्रल पैथोलॉजी लैब भी होगा, गंभीर मरीजों को अब बाहर नहीं भेजना पड़ेगा

महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कालेज अस्पताल में बेहतर इलाज और चिकित्सा सुविधा मजबूत करने के लिए मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कालेज के प्रिंसिपल डा. दिवाकर हांसदा ने की।

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बैठक में सभी विभागाध्यक्ष शामिल हुए। बैठक में अस्पताल की छवि सुधारने, गंभीर मरीजों की देखभाल बढ़ाने और सुविधाओं के विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई।

सभी प्रमुख विभागों में विकसित होगा आइसीयू

प्रिंसिपल डॉ. हांसदा ने कहा कि एमजीएम में इलाज की अपार संभावनाएं हैं। यदि सभी चिकित्सक एकजुट होकर कार्य करें तो यहां जटिल सर्जरी भी आसानी से की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि गंभीर मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए सभी प्रमुख विभागों में आइसीयू विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इन विभागों में आइसीयू की सुविधा विकसित की जाएगी।

उपकरणों की खरीद जारी, सेंट्रल पैथोलॉजी लैब भी जल्द शुरू

इसमें प्रमुख रूप से शिशु रोग विभाग, बर्न यूनिट, मेडिसिन विभाग, महिला एवं प्रसूति रोग विभाग, सर्जरी विभाग समेत कुल मिलाकर लगभग 120 बेड का आइसीयू तैयार किया जाएगा। अभी कुछ विभागों में आइसीयू की शुरुआत हो चुकी है, जबकि मेडिसिन विभाग में इसे जल्द शुरू किया जाएगा।

प्रिंसिपल ने बताया कि फिलहाल वेंटिलेटर का पूर्ण उपयोग ऑक्सीजन प्लांट चालू होने के बाद होगा, लेकिन तब तक सी-पैप और बी-पैप मशीनों से आइसीयू संचालित किया जाएगा। सभी आइसीयू को सुचारू करने के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद प्रक्रिया जारी है।

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भारत-अमेरिका में ट्रेड डील पर CEA का बड़ा बयान, ज्यादातर मुद्दे सुलझे, बताया कब तक हो सकता है ऐलान

भारत और अमेरिका के बीच नई दिल्ली में ट्रेड डील पर बातचीत जारी है और इस बीच भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच व्यापार से जुड़े अधिकांश मुद्दे “सुलझ गए हैं” और अगर मार्च तक कोई समझौता नहीं होता है तो उन्हें आश्चर्य होगा।

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देश के दिग्गज अर्थशास्त्री ने ब्लूमबर्ग टीवी को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि मार्च 2026 तक एक समझौता हो जाएगा।

वी अनंत नागेश्वरन का यह बयान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के उस दावे के एक दिन बाद आई हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने “वाशिंगटन को अब तक मिले सबसे अच्छे प्रस्ताव” दिए हैं, क्योंकि दोनों देश व्यापार समझौते के लिए अपनी बातचीत जारी रखे हुए हैं।

ट्रेड डील पर वार्ता जारी

नई दिल्ली में भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत जारी है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व उप अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत रिक स्विट्जर कर रहे हैं, व्यापार वार्ता के लिए वर्तमान में भारत में है। वहीं, भारत की ओर से इसका नेतृत्व ज्वाइंट सेक्रेटरी दर्पण जैन कर रहे हैं।

इससे पहले अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने अमेरिकी सांसदों को बताया कि ट्रेड वार्ता में अमेरिकी कृषि उत्पादों को लेकर भारत ने “वाशिंगटन को सर्वोत्तम प्रस्ताव” दिए हैं। अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि कुछ फसलों को लेकर भारत में कुछ विरोध है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि नई दिल्ली के लेटेस्ट प्रपोजल एक अप्रत्याशित शुरुआत का संकेत देते हैं।

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मुख्यमंत्री एसडीओ का पदस्थापन करें : सुधीर कुमार पप्पू

जमशेदपुर: समाजवादी चिंतक एवं अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया है कि धालभूम अनुमंडल के एसडीओ का पदस्थापन शीघ्र करें।
सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि पिछले छह महीने से ज्यादा समय हो गया है और यहां पद रिक्त है और कार्यपालक दंडाधिकारी ही प्रभारी के तौर पर काम कर रहे हैं।

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कार्यपालक दंडाधिकारी पर एसडीओ के साथ-साथ अन्य विभागों की भी जिम्मेदारी है और ऐसे में शहर के लोगों, पक्षकारों तथा वकीलों का काम प्रभावित हो रहा है।
कानून व्यवस्था के साथ ही अन्य जरूरी मसले हैं और जमशेदपुर जैसे बड़े शहर के मद्देनजर पूर्णकालिक एसडीओ का होना नितांत आवश्यक है। पूर्णकालिक एसडीओ नहीं होने के कारण उनके न्यायालय का काम भी प्रभावित हो रहा है।
वहीं वकील सुधीर कुमार पप्पू ने सिविल कोर्ट की तरह कार्यपालक न्यायालयों में भी ऑनलाइन व्यवस्था की वकालत की है और वकीलों को इससे जोड़ने की जरूरत पर भी बल दिया है। ऑनलाइन होने से दिन प्रतिदिन की कार्य पक्षकार एवं अधिवक्ता को जानकारी मिलते रहने से किसी प्रकार की परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी
जिससे वकील सुगमता पूर्वक न्यायालय के कामकाज में अपनी सहभागिता दे सकें। माननीय उपायुक्त महोदय से अपील है कि जिला व्यवहार न्यायालय में ही अनुमंडल दंडाधिकारी का न्यायालय सुचारू रूप होने की व्यवस्था की जाए जिससे पक्षकार एवं वकील को काफी राहत मिलेगी

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‘राहुल गांधी थेथरोलॉजी में मास्टर’, कांग्रेस नेता पर भड़के गिरिराज सिंह, ममता बनर्जी पर भी हमला

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बीजेपी के फायर ब्रिगेड नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बुधवार (10 दिसंबर, 2025) को जमकर हमला किया. दिल्ली से पटना पहुंचने पर मीडिया से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी थेथरोलॉजी के मास्टर हैं.

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उन्होंने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा. साथ ही विपक्ष पर भ्रम की राजनीति करने का आरोप लगाया.

पत्रकारों ने गिरिराज सिंह से सवाल पूछा कि कांग्रेस मंदिर के पक्ष में फैसला लाने वाले जज के खिलाफ महाभियोग ला रही है तो उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि विनाश काले विपरीत बुद्धि. राहुल गांधी थेथरोलॉजी के मास्टर हैं. उनको न तो संविधान पर भरोसा है और न संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा है.

गिरिराज सिंह ने कहा कि उन्हें (राहुल गांधी) अहंकार के सिवाय कुछ नहीं दिखता है. एक गरीब के बेटे नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बन जाने की वजह से राहुल गांधी फ्रस्ट्रेशन में चले गए हैं. इसी वजह से कभी वे चीफ जस्टिस या जस्टिस पर आरोप लगाते हैं तो कभी वोट चोरी का आरोप लगाते हैं, लेकिन एक भी प्रमाण नहीं दे पाते हैं.

‘मीठा को पीना और तीता को बाहर करना यही उनकी थेथरोलॉजी’

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “जिस राज्यों में उन्होंने जीत हासिल की, चाहे तेलंगाना हो, कर्नाटक हो, हिमाचल हो, अगर उस राज्य की सरकार को वे भंग कर देते और कहते कि ये गलत है, मैं इसे स्वीकार नहीं करता हूं. तब उनकी बात देश की जनता को समझ में आती. मीठा को पीना और तीता को बाहर करना यही उनकी थेथरोलॉजी है.”

गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद के शिलान्यास को लेकर कहा, “पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी घृणा की राजनीति करती हैं. बाबर और अन्य आक्रांताओं के नाम पर बंगाल पर ध्रुवीकरण करने के लिए ऐसा काम किया है. अगली सरकार भाजपा की बनेगी और फिर वे सभी एक एक चीज का सफाया हो जाएगा.”

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