एक नई सोच, एक नई धारा

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झारखंड राज्य बार काउंसिल चुनाव: 1.25 लाख रुपये की जमानत राशि पर छिड़ा विवाद; वकीलों ने बताया ‘अलोकतांत्रिक’ और ‘असंवैधानिक’

रांची: झारखंड राज्य बार काउंसिल के आगामी चुनावों के लिए निर्धारित की गई ‘अतार्किक’ जमानत राशि ने कानूनी गलियारों में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। काउंसिल द्वारा नामांकन के लिए जमानत राशि को सीधे 10,000 रुपये से बढ़ाकर 1,25,000 रुपये करने के फैसले का राज्य के अधिवक्ताओं ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया है।

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विरोध के मुख्य बिंदु: क्यों नाराज हैं अधिवक्ता?

​अधिवक्ताओं के एक बड़े समूह ने इस निर्णय को ‘वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर’ वकीलों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। विरोध जता रहे वकीलों के तर्क निम्नलिखित हैं:

  • लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन: वकीलों का कहना है कि जमानत राशि में 1250% की वृद्धि पूरी तरह से अव्यावहारिक और अलोकतांत्रिक है। यह फैसला योग्य लेकिन आर्थिक रूप से अक्षम अधिवक्ताओं को नेतृत्व करने से रोकता है।
  • सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी: अधिवक्ताओं ने हवाला दिया कि जहां माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने नए अधिवक्ताओं के एनरोलमेंट शुल्क को न्यूनतम (₹1000 से कम) रखने का निर्देश दिया है, वहीं बार काउंसिल इसके विपरीत दिशा में काम कर रही है।
  • आम सभा की सहमति का अभाव: आरोप है कि इतनी बड़ी राशि तय करने से पहले बार काउंसिल ने कोई आम सभा (General Body Meeting) आयोजित नहीं की और न ही सदस्यों की राय ली। इसे ‘मनमाना और गैर-कानूनी’ निर्णय बताया जा रहा है।

बीमारू राज्य की दुहाई और विरोधाभास

​विरोध प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने याद दिलाया कि झारखंड एक गरीब राज्य है। उन्होंने सरकार के उस फैसले का भी जिक्र किया जब ₹5 से ₹10 की सरकारी फीस वृद्धि पर पूरे राज्य के वकील आंदोलित हो गए थे। ऐसे में बार काउंसिल द्वारा खुद सवा लाख रुपये की फीस वसूलना एक बड़ा विरोधाभास पैदा करता है।

​”यह निर्णय झारखंड के वकीलों की आर्थिक स्थिति के साथ एक भद्दा मजाक है। बार काउंसिल को चंदा उगाही का केंद्र नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों का संरक्षक होना चाहिए। हम इस मनमाने फैसले के खिलाफ उच्च स्तर पर हस्तक्षेप की मांग करते हैं।”

वरिष्ठ अधिवक्ता एवं प्रतिनिधि

आगे की रणनीति

​वकील समुदाय ने अब इस मामले में संबंधित अधिकारियों और न्यायिक संस्थाओं से हस्तक्षेप की अपील की है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि जमानत राशि को घटाकर न्यूनतम और तर्कसंगत नहीं किया गया, तो वे इस चुनाव प्रक्रिया के बहिष्कार और कानूनी चुनौती देने पर विचार करेंगे।

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टीनप्लेट चौक पर सेवा संकल्प: विधायक पूर्णिमा साहू के सहयोग से भाजयुमो ने बांटे कंबल, जरूरतमंदों के खिले चेहरे

जमशेदपुर: लौहनगरी में जारी शीतलहर और गिरते तापमान के बीच जमशेदपुर पूर्व की विधायक पूर्णिमा साहू के मार्गदर्शन में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) गोलमुरी मंडल ने मानवता की मिसाल पेश की है। मंगलवार को गोलमुरी के व्यस्त टीनप्लेट चौक पर एक विशेष शिविर लगाकर सैकड़ों असहाय और गरीब परिवारों के बीच कंबलों का वितरण किया गया।

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प्रमुख बिंदु:

  • आयोजक: भाजयुमो गोलमुरी मंडल (अध्यक्ष नवजोत सिंह सोहल की अगुवाई में)।
  • स्थान: टीनप्लेट चौक, जमशेदपुर।
  • सहयोग: विधायक पूर्णिमा साहू (भाजपा)।
  • उद्देश्य: ‘अंत्योदय’ की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक राहत पहुँचाना।

कार्यकर्ताओं का उत्साह और सेवा भाव

​कार्यक्रम के दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने केवल कंबल ही नहीं बांटे, बल्कि सड़क किनारे और फुटपाथ पर रहने वाले लोगों के पास जाकर उनसे संवाद किया और उनकी अन्य समस्याओं की जानकारी भी ली। कड़ाके की ठंड में नया कंबल पाकर बुजुर्गों और महिलाओं के चेहरों पर राहत की मुस्कान साफ देखी गई।

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नेताओं के विचार

​”विधायक पूर्णिमा साहू जी के नेतृत्व में हमारा संकल्प है कि जमशेदपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति ठंड से असुरक्षित न रहे। भाजयुमो का प्रत्येक कार्यकर्ता सेवा और समर्पण के साथ इस अभियान को वार्ड स्तर तक ले जाएगा।”

नवजोत सिंह सोहल, अध्यक्ष, भाजयुमो गोलमुरी मंडल

​”यह कार्यक्रम जनसेवा के प्रति हमारे अटूट संकल्प का प्रमाण है। पूर्णिमा साहू जी के मार्गदर्शन में हम राजनीति को माध्यम बनाकर समाज के वंचित वर्गों की सेवा कर रहे हैं।”

अभिमन्यु सिंह चौहान, जिला महामंत्री, भाजयुमो

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उपस्थिति: इस अवसर पर इंद्रजीत सिंह, बलवीर सिंह फौजी, कुलविंदर सिंह, कुलवंत सिंह कांटे, अमनदीप सिंह, कुलवंत पाली, राकेश गिरी, पीयूष पॉल सहित भाजयुमो के कई समर्पित कार्यकर्ता मौजूद थे।

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आदित्यपुर: ईमली चौक पर ‘सड़क सुरक्षा’ का संदेश; नुक्कड़ नाटक और काउंसलिंग के जरिए वाहन चालकों को किया गया जागरूक

आदित्यपुर/सरायकेला: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 (1 जनवरी से 31 जनवरी) के तहत मंगलवार को आदित्यपुर के ईमली चौक पर एक व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) गिरिजा शंकर महतो के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और आम जनमानस को यातायात नियमों के प्रति संवेदनशील बनाना था।

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कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं

  • नुक्कड़ नाटक का मंचन: कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बिना हेलमेट व लाइसेंस के वाहन चलाने और असुरक्षित ड्राइविंग के गंभीर परिणामों को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।
  • विधिक एवं दंडात्मक जानकारी: डीटीओ ने वाहन चालकों को ‘हिट एंड रन’ के नए विधिक प्रावधानों, ‘गुड समैरिटन’ (नेक मददगार) कानून और मोटरयान अधिनियम के तहत लगने वाले जुर्मानों की सरल भाषा में जानकारी दी।
  • ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई: जागरूकता के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों की मौके पर ही काउंसलिंग की गई और कई वाहनों का ऑनलाइन चालान भी काटा गया।

जागरूकता रथ और सूचनात्मक प्रचार

​सड़क सुरक्षा जागरूकता वाहन (जागरूकता रथ) ने गम्हरिया और आदित्यपुर के विभिन्न रिहायशी व औद्योगिक क्षेत्रों का भ्रमण किया।

  • पंपलेट वितरण: टीम द्वारा राहगीरों और वाहन चालकों के बीच सुरक्षा नियमों और दंडात्मक प्रावधानों से संबंधित हजारों सूचनात्मक पत्रक बांटे गए।
  • ओवरलोडिंग पर लगाम: विशेष रूप से ओवरलोडेड मालवाहक वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाकर उन्हें दुर्घटनाओं के जोखिम के प्रति आगाह किया गया।
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झारखंड-बंगाल सीमा पर रणक्षेत्र बना बराकर: बच्चों के विवाद में चलीं गोलियां, भारी पत्थरबाजी और लाठीचार्ज

बराकर/मैथन: झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित बराकर इलाके में सोमवार को क्रिकेट के मैदान से शुरू हुआ एक मामूली विवाद भीषण सांप्रदायिक और राजनीतिक तनाव में बदल गया। खेल के दौरान बच्चों के बीच हुई कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक मोड़ ले लिया, जिसके बाद इलाके में गोलीबारी और जमकर पत्थरबाजी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए हैं।

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खेल के मैदान से थाने तक का घटनाक्रम

​घटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब मैदान में क्रिकेट खेल रहे बच्चों के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में यह मामला मामूली था और दोनों पक्ष थाने भी पहुंचे, जहाँ पुलिस ने मामला शांत कराने की कोशिश की।

हिंसा की क्रोनोलॉजी:

  • विवाद की शुरुआत: बच्चों के बीच खेल-खेल में झड़प।
  • असामाजिक तत्वों का प्रवेश: जैसे ही मामला थाने से बाहर निकला, कुछ असामाजिक तत्वों ने इसे राजनीतिक और सांप्रदायिक रंग देना शुरू कर दिया।
  • गोलीबारी और पथराव: देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई। उपद्रवियों ने न केवल पत्थरबाजी की, बल्कि हवाई फायरिंग भी की, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
  • पुलिस की कार्रवाई: बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। जवाब में भीड़ ने पुलिस टीम पर भी पथराव किया।

भारी नुकसान और तनावपूर्ण स्थिति

​इस झड़प में दोनों ओर से कई ग्रामीणों को चोटें आई हैं। वहीं, भीड़ को शांत करने की कोशिश में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। उपद्रवियों ने इलाके में खड़ी कुछ गाड़ियों और दुकानों को भी निशाना बनाया।

वर्तमान स्थिति:

झारखंड और बंगाल दोनों राज्यों की पुलिस सीमावर्ती इलाकों में गश्त कर रही है। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस अब उन असामाजिक तत्वों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने बच्चों के विवाद को जानबूझकर तूल दिया और हिंसा भड़काई।

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रामगढ़: गोला वन क्षेत्र में नर जंगली हाथी का शव बरामद, इलाके में दहशत का माहौल

रामगढ़, गोला: झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला वन क्षेत्र से एक दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है। मंगलवार सुबह चौपा दारू पेट्रोल पंप के समीप एक खेत में एक विशालकाय नर जंगली हाथी का मृत शरीर पाया गया। हाथी की सूंड से खून बहता देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी गई।

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घटना का विवरण

​स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, वे सुबह जब अपने कुओं से पानी भरने और खेतों की ओर निकले, तो उन्होंने हाथी को बेसुध पड़ा देखा। एक प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया, “हमने देखा कि हाथी के सूंड से खून निकल रहा था। वह हिल-डुल नहीं रहा था, जिसके बाद हमने गांव वालों को शोर मचाकर इकट्ठा किया।”

हाथी की मौत की संभावित स्थितियां:

  • सटीक कारण: फिलहाल वन विभाग ने मौत के सटीक कारण की पुष्टि नहीं की है।
  • शॉर्ट सर्किट की आशंका: क्षेत्र के कुछ लोगों ने आशंका जताई है कि खेतों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों की चपेट में आने (इलेक्ट्रोक्यूशन) से मौत हुई होगी, हालांकि अधिकारियों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने को कहा है।
  • झुंड से बिछड़ा हाथी: बताया जा रहा है कि यह हाथी पिछले कई दिनों से क्षेत्र में विचरण कर रहे हाथियों के बड़े झुंड का हिस्सा था।

इलाके में हाथियों का आतंक और ग्रामीणों का गुस्सा

​गोला और आसपास के इलाकों में हाथियों का उत्पात पिछले एक सप्ताह से काफी बढ़ गया है। ग्रामीणों में न केवल डर है, बल्कि वन विभाग के प्रति नाराजगी भी देखी जा रही है।

  • फसलों का नुकसान: एक सप्ताह पहले इसी क्षेत्र में हाथियों ने कई एकड़ में लगी फसल को रौंद दिया था।
  • घरों की क्षति: हाल ही में हाथियों के झुंड ने एक ग्रामीण के घर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिससे परिवार बेघर हो गया।
  • दहशत में जीवन: लोग रात-रात भर जागकर मशाल जलाकर अपने घरों की रक्षा कर रहे हैं।

वन विभाग की कार्रवाई

​सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया।

​”हाथी के शव को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। डॉक्टरों की टीम पोस्टमार्टम करेगी, जिससे यह साफ हो पाएगा कि मौत प्राकृतिक है, किसी दुर्घटना का परिणाम है या कोई अन्य साजिश। हम हाथियों के झुंड की गतिविधियों पर ड्रोन और पेट्रोलिंग टीम के जरिए नजर रख रहे हैं।” – वन विभाग अधिकारी

​झारखंड में हाथियों और इंसानों के बीच बढ़ता यह संघर्ष (Human-Elephant Conflict) एक गंभीर समस्या बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि कॉरिडोर का कम होना और जंगलों में भोजन की कमी हाथियों को बस्तियों की ओर धकेल रही है।

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मानगो के ज़ाकिरनगर में भीषण अग्निकांड: लाखों का सामान राख, महिला झुलसी, दमकल के न पहुंचने पर रोष

जमशेदपुर, मानगो: सोमवार रात मानगो के ज़ाकिरनगर, रोड नंबर-10 स्थित कबीरिया स्कूल के समीप मोहम्मद अजीम के मकान में अचानक आग लग जाने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और घर में रखा लाखों का कीमती सामान जलकर खाक हो गया। इस घटना में एक महिला भी गंभीर रूप से झुलस गई, जिसे स्थानीय लोगों की तत्परता से बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया।

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पलक झपकते ही फैला आग का तांडव:

देर रात लगी इस आग ने मोहम्मद अजीम के परिवार को भारी क्षति पहुंचाई है। एयर कंडीशनर, फ्रिज, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य घरेलू सामग्रियां आग की भेंट चढ़ गईं। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि घर के अंदर रखा सामान बचाने का कोई मौका नहीं मिला।

महिला को बचाने में स्थानीय लोगों ने दिखाई बहादुरी:

आग लगने के समय घर में मौजूद एक महिला लपटों की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गई। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। बिना किसी देरी के मोहल्लेवासियों ने जान जोखिम में डालकर महिला को आग से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) रेफर कर दिया गया। टीएमएच में महिला का इलाज जारी है।

दमकल के न पहुंचने पर फूटा लोगों का गुस्सा:

भीषण आग के बावजूद दमकल विभाग की गाड़ी समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाई, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना था कि यदि दमकल समय पर पहुंच जाती तो शायद नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। हालांकि, स्थानीय निवासियों ने अपनी सूझबूझ और एकजुटता का परिचय देते हुए बाल्टी, पाइप और उपलब्ध अन्य संसाधनों की मदद से घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

शॉर्ट सर्किट बना आग का कारण?

प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। इस घटना ने घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में बिजली के बुनियादी ढांचे और अग्नि सुरक्षा उपायों की कमी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की मांग की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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झारखंड नगर निकाय चुनाव: हेमंत सोरेन ने फूंका चुनावी बिगुल, कार्यकर्ताओं को दिए तैयारी के निर्देश

रांची: झारखंड में सात वर्षों से प्रतीक्षित नगर निकाय चुनावों को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। मुख्यमंत्री सह झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने सोमवार को रांची स्थित अपने आवास पर पार्टी पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि नगर निकाय चुनाव कार्यकर्ताओं के लिए जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करने का एक बेहतरीन अवसर है।

बैठक की मुख्य बातें

​कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास के सभागार में आयोजित इस बैठक में रांची जिला के सभी स्तर के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

  • संगठनात्मक समीक्षा: मुख्यमंत्री ने संगठन के कार्यों की समीक्षा की और चुनावी रणनीति पर चर्चा की।
  • जनसंपर्क पर जोर: हेमंत सोरेन ने कहा कि कार्यकर्ताओं को वार्ड स्तर पर जनता की समस्याओं को सुनना चाहिए और सरकार की योजनाओं को उन तक पहुँचाना चाहिए।
  • प्रमुख उपस्थिति: बैठक में JMM के दिग्गज नेता विनोद कुमार पांडेय, सुप्रियो भट्टाचार्य, अभिषेक प्रसाद ‘पिंटू’ और पवन जेडिया सहित कई जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

बड़ा सवाल: क्या दलीय आधार पर होंगे चुनाव?

​निकाय चुनाव को लेकर सबसे बड़ा संशय अभी भी बरकरार है कि क्या यह चुनाव दलीय (Party-based) आधार पर होंगे या गैर-दलीय

  • भाजपा की मांग: भाजपा ने हाल ही में रांची सहित राज्यभर के निकायों के बाहर धरना प्रदर्शन किया है। उनकी मांग है कि चुनाव दलीय आधार पर हों और EVM का प्रयोग किया जाए। भाजपा का तर्क है कि बिना दलीय आधार के चुनाव होने से प्रत्याशियों की बाढ़ आ जाएगी और वोट बिखर जाएंगे।
  • जदयू की सक्रियता: जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी अपनी कमर कस ली है। पार्टी ने सभी जिला अध्यक्षों से इच्छुक उम्मीदवारों की सूची मांगी है, जो यह दर्शाता है कि विपक्षी दल पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरना चाहते हैं।
  • सरकार का रुख: 2018 में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव दलीय आधार पर हुए थे, लेकिन हेमंत सोरेन सरकार ने बाद में नियमों में बदलाव कर इन्हें गैर-दलीय आधार पर कराने का निर्णय लिया था। हालांकि, विपक्ष के दबाव और बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच अब सबकी नजरें सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

चुनाव की वर्तमान स्थिति

​राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, फरवरी-मार्च 2026 तक चुनावों की घोषणा हो सकती है। राज्य में कुल 48 नगर निकायों (9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत) में चुनाव होने हैं। पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC Commission) ने भी अपनी ‘ट्रिपल टेस्ट’ रिपोर्ट सौंप दी है, जिससे आरक्षण का रास्ता साफ हो गया है।

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बड़ी कार्रवाई: जमशेदपुर के गोलमुरी में दिल्ली पुलिस और ATS का छापा, तीन संदिग्ध हिरासत में

जमशेदपुर: लौहनगरी के गोलमुरी थाना क्षेत्र में सोमवार को सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े ज्वाइंट ऑपरेशन को अंजाम दिया। झारखंड आतंक निरोधक दस्ता (ATS), दिल्ली पुलिस और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

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रडार पर थे संदिग्ध

​सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए तीनों व्यक्ति पिछले कई वर्षों से गोलमुरी इलाके में रह रहे थे। वे लंबे समय से जांच एजेंसियों की निगरानी (रडार) पर थे। उनकी संदिग्ध गतिविधियों और बाहरी संपर्कों की पुष्टि होने के बाद, तीनों एजेंसियों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

नेटवर्क खंगाल रही हैं एजेंसियां

​गिरफ्तारी के बाद टीम तीनों संदिग्धों को किसी अज्ञात सुरक्षित स्थान पर ले गई है, जहाँ उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। जांच का मुख्य केंद्र निम्नलिखित बिंदुओं पर है:

  • स्थानीय नेटवर्क: शहर में उनके मददगारों और संपर्कों की पहचान करना।
  • तकनीकी जांच: उनके पास से बरामद मोबाइल और डिजिटल उपकरणों के डेटा का विश्लेषण।
  • पुराना रिकॉर्ड: क्या वे किसी बड़े गिरोह या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े संगठनों के संपर्क में थे।
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आधिकारिक बयान का इंतजार

​हालांकि इस छापेमारी ने शहर में सनसनी फैला दी है, लेकिन अब तक दिल्ली पुलिस या झारखंड एटीएस की ओर से कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है। सुरक्षा कारणों से एजेंसियों ने फिलहाल विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। उम्मीद है कि पूछताछ पूरी होने के बाद इस मामले में बड़े खुलासे हो सकते हैं।

सुरक्षा अलर्ट: इस कार्रवाई के बाद जमशेदपुर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है और संदिग्धों के ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी रहने की संभावना है।

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सनसनीखेज: घाटशिला में भाजपा नेता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, बाइक सवार हमलावर फरार

घाटशिला/गालुडीह: घाटशिला के गालुडीह थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर अपराधियों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए प्रज्ञा केंद्र संचालक और भाजपा नेता उमाकांत महतो की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है।

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वारदात का विवरण

​जानकारी के अनुसार, उमाकांत महतो उलदा पंचायत स्थित खड़िया कॉलोनी बस स्टैंड के पास थे, तभी एक बाइक पर सवार तीन अज्ञात युवक वहां पहुंचे। हमलावरों ने उमाकांत महतो को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की और वारदात को अंजाम देने के बाद टाटा (जमशेदपुर) की दिशा में फरार हो गए।

हत्या के पीछे ‘जमीन विवाद’ की आशंका

​प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक उमाकांत महतो का अपने गांव में जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि इस विवाद को लेकर पहले भी कई बार मारपीट और झड़प की घटनाएं हो चुकी थीं। पुलिस इसी रंजिश को हत्या का मुख्य कारण मानकर जांच कर रही है।

परिवार में छाया मातम

​घटना के बाद घटनास्थल पर हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला। उमाकांत की पत्नी आशा महतो, पुत्र अनुप महतो और बड़े भाई सृष्टिपद महतो का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्यों के करुण विलाप से वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

पुलिस की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया

  • सीसीटीवी और घेराबंदी: सूचना मिलते ही गालुडीह पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिले की सीमाओं पर नाकेबंदी कर दी गई है।
  • भाजपा का आक्रोश: भाजपा नेता की हत्या की खबर मिलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
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जमशेदपुर: दोमुहानी संगम पर 13 और 14 जनवरी को बिखरेगी बनारस जैसी आभा, 11 पुरोहित करेंगे भव्य महाआरती

जमशेदपुर: लौहनगरी के बिष्टुपुर स्थित गोस्वामी मंदिर में बुधवार को हिन्दू उत्सव समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि सोनारी स्थित दोमुहानी नदी घाट (स्वर्णरेखा और खरकई नदी का संगम) पर 13 और 14 जनवरी को भव्य ‘दोमुहानी संगम महोत्सव 2026’ का आयोजन किया जाएगा।

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​यह महोत्सव ‘हिन्दू उत्सव समिति’ और ‘उम्मीद एक अभियान’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा है, जिसका मुख्य आकर्षण बनारस और हरिद्वार की तर्ज पर होने वाली भव्य गंगा आरती होगी।

कार्यक्रम की रूपरेखा:

  • 13 जनवरी (शुक्रवार): शाम को महोत्सव का विधिवत उद्घाटन होगा। सबसे पहले पर्यावरण और नदी संरक्षण पर व्याख्यान होगा, जिसके बाद भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान धर्म और पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं को सम्मानित भी किया जाएगा।
  • 14 जनवरी (शनिवार): मकर संक्रांति के अवसर पर शाम 3 बजे से नदी पूजन शुरू होगा, जिसके बाद भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा।

नदी संरक्षण का अनूठा संदेश

​समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि इस वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शहर की जीवन रेखा स्वर्णरेखा नदी को आस्था से जोड़कर इसके प्रदूषित हो रहे स्वरूप को बचाना है। लोगों को प्रकृति और नदियों के प्रति संवेदनशील बनाना ही इस महोत्सव का मूल लक्ष्य है।

बनारस के 11 पुरोहितों का शंखनाद

​महोत्सव की भव्यता के लिए विशेष रूप से बनारस से 11 पुरोहितों को आमंत्रित किया गया है। ये पुरोहित अपने पारंपरिक परिधानों में डमरू और शंखनाद के साथ 48 मिनट तक निरंतर महाआरती करेंगे, जिससे पूरा संगम तट भक्तिमय हो उठेगा।

बैठक में उपस्थित गणमान्य

​बैठक में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित थे, जिनमें समाजसेवी मनोज सिंह, बन्दे शंकर, जटाशंकर पाण्डेय, अश्वनी झा, विहिप के जेएन दास, उम्मीद एक अभियान के अध्यक्ष सुखदेव सिंह, आरएसएस के संजय कुमार और बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल थीं। सभी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्य बिंदु: > * स्थान: दोमुहानी संगम तट, सोनारी।

  • विशेष: 48 मिनट की महाआरती और पर्यावरण संरक्षण पर जोर।
  • तैयारी: सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था।
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