एक नई सोच, एक नई धारा

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बजट का झटका: सिगरेट और तंबाकू उत्पाद हुए बेहद महंगे, 25% तक बढ़ी कीमतें

जमशेदपुर/नई दिल्ली: सिगरेट पीने वालों और तंबाकू का सेवन करने वालों की जेब पर अब भारी बोझ पड़ने वाला है। केंद्र सरकार द्वारा अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और स्वास्थ्य उपकर (Health Cess) लागू किए जाने के बाद, रविवार से सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है।

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​सिगरेट की कीमतों में 22 से 55 रुपये तक की वृद्धि

​बाजार सूत्रों के अनुसार, 10 सिगरेट वाले पैकेट पर न्यूनतम 22 से 25 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं प्रीमियम श्रेणी की सिगरेट के दाम आसमान छू रहे हैं:

  • मध्यम श्रेणी (विल्स नेवी कट): जो पैकेट पहले 95 रुपये का मिलता था, अब उसकी कीमत लगभग 120 रुपये हो गई है।
  • प्रीमियम श्रेणी (गोल्ड फ्लेक लाइट्स, क्लासिक): 170 रुपये वाला पैकेट अब 220 से 225 रुपये के बीच मिलेगा (लगभग 50-55 रुपये की वृद्धि)।
  • पतली सिगरेट (क्लासिक कनेक्ट): 20 सिगरेट वाले पैकेट की कीमत 300 रुपये से बढ़कर 350 रुपये तक पहुँचने की संभावना है।

​क्यों बढ़े दाम? (नया टैक्स ढांचा)

​यह बढ़ोतरी 1 फरवरी से लागू हुए नए नियमों के कारण हुई है:

  1. जीएसटी और उपकर: अब इन उत्पादों पर उच्चतम 40% जीएसटी के साथ-साथ अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और स्वास्थ्य उपकर लगाया गया है।
  2. MRP आधारित मूल्यांकन: खैनी, गुटखा और जर्दा जैसे उत्पादों के लिए अब जीएसटी का निर्धारण पैकेट पर छपे अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के आधार पर किया जाएगा, जिससे टैक्स की चोरी रुकेगी और कीमतें बढ़ेंगी।

​बाजार की स्थिति

​फिलहाल कंपनियों ने आधिकारिक रूप से नई एमआरपी घोषित नहीं की है, लेकिन वितरकों (Distributors) ने खुदरा विक्रेताओं को पुराने स्टॉक की बिलिंग 40% जीएसटी के साथ करना शुरू कर दिया है। थोक व्यापारियों का मानना है कि सोमवार से बाजार में पूरी तरह से नई दरों वाला माल उपलब्ध होगा और महीने के अंत तक नई एमआरपी वाले पैकेट बाजार में आ जाएंगे।

विशेष नोट: विशेषज्ञों का मानना है कि इन हानिकारक वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाना सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत तंबाकू के सेवन को हतोत्साहित किया जा सके।

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जमशेदपुर: टैंगो जवान की हत्या के प्रयास में तीन गिरफ्तार, पुलिस से नाराजगी के कारण रची थी साजिश

जमशेदपुर: कदमा टोल ब्रिज के पास ड्यूटी पर तैनात टैंगो जवान हीरालाल महतो की जान लेने की कोशिश करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 3 जनवरी 2026 की मध्यरात्रि को हुई थी, जब अपराधियों ने जानबूझकर अपनी कार से जवान को कुचल दिया था।

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​जांच और गिरफ्तारी

​घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था। पुलिस ने CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मानवीय सूचना के आधार पर इस मामले का खुलासा किया।

पकड़े गए अभियुक्तों के विवरण:

  1. अमनदीप सिंह (23 वर्ष): निवासी – गोलमुरी, जमशेदपुर।
  2. अंकित मुखी (22 वर्ष): निवासी – फार्म एरिया, कदमा, जमशेदपुर।
  3. आदित्य मुखी (22 वर्ष): निवासी – धातकीडीह, कदमा, जमशेदपुर।

​अपराध का कारण और बरामदगी

​पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि पुलिस के प्रति नाराजगी के कारण उन्होंने एकमत होकर योजना बनाई और कार से कुचलकर हत्या करने का प्रयास किया।

बरामद सामान:

  • ​घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की मारुति सुजुकी डिजायर (Dzire) कार, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर JH05CX7741 है, को पुलिस ने जब्त कर लिया है।

​कानूनी कार्रवाई

​इस मामले में कदमा थाना में कांड संख्या 01/26 दर्ज किया गया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं (281, 125(बी), 109(1), 132, 3(5)) और एमवी एक्ट (MV Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

​छापेमारी दल का नेतृत्व थाना प्रभारी प्रवेश चंद्र सिन्हा ने किया। पुलिस अब इस कांड में संलिप्त एक अन्य फरार अपराधी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

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डेढ़ महीने से लापता है 20 वर्षीय जानकी, पुलिस की चुप्पी से परिजनों में अनहोनी की आशंका

सरायकेला/आदित्यपुर। सरायकेला-खरसावां जिले के आरआइटी थाना क्षेत्र अंतर्गत आसंगी गांव की एक युवती पिछले 43 दिनों से लापता है। 20 वर्षीय जानकी प्रधान का अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से उसके माता-पिता और भाई गहरे सदमे में हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है, जिसके कारण उन्हें अब किसी अनहोनी का डर सता रहा है।

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क्या है पूरा मामला?

​परिजनों के अनुसार, घटना 21 दिसंबर 2025 की सुबह की है।

  • सुबह 4:30 बजे: जानकी बिना किसी को बताए घर से निकली थी।
  • लापता: जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।
  • रिश्तेदारों में खोज: पिता दुर्गा प्रधान ने अपने स्तर से सभी रिश्तेदारों, परिचितों और जानकी के दोस्तों से संपर्क किया, लेकिन कहीं भी उसका पता नहीं चला।

पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल

​लापता होने के दो दिन बाद, 23 दिसंबर को पिता दुर्गा प्रधान ने आरआइटी थाना में लिखित शिकायत (Missing Report) दर्ज कराई थी।

  • परिजनों का आरोप: शिकायत दर्ज हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है (आज 2 फरवरी है), लेकिन पुलिस ने अब तक कोई ठोस सुराग नहीं लगाया है।
  • परेशानी: परिजन लगातार थाने के चक्कर लगा रहे हैं, परंतु उन्हें केवल आश्वासन मिल रहा है।

अनहोनी की आशंका

​युवती के भाई और माता-पिता का कहना है कि इतने लंबे समय तक जानकी का संपर्क से बाहर रहना सामान्य नहीं है। पुलिस की कथित सुस्ती ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। उन्होंने जिला प्रशासन और वरीय पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई है कि उनकी बेटी को खोजने के लिए त्वरित कदम उठाए जाएं।

पहचान: लापता युवती जानकी प्रधान (20 वर्ष), निवासी- आसंगी, थाना- आरआइटी, सरायकेला-खरसावां।

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जमशेदपुर में जेएनएसी का ‘पीला पंजा’: नक्शा विचलन वाले भवनों पर बड़ी कार्रवाई, बिष्टुपुर-साकची में मचा हड़कंप

जमशेदपुर। झारखंड हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) ने सोमवार को शहर के अवैध निर्माणों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ा। उपनगर आयुक्त कृष्ण कुमार के नेतृत्व में जेएनएसी की टीम ने बिष्टुपुर और साकची के उन भवनों को निशाना बनाया, जिन्होंने स्वीकृत नक्शे का उल्लंघन कर निर्माण कार्य किया है।

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हाई कोर्ट के निर्देश पर एक्शन

​प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई सीधे तौर पर माननीय हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। शहर में लगभग दो दर्जन ऐसे भवनों की सूची तैयार की गई है, जिन्होंने नक्शे के विपरीत आलीशान इमारतें खड़ी कर ली हैं। कोर्ट ने पूर्व में दिए गए निर्देशों की अनदेखी पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया था।

प्रमुख बिंदु: कार्रवाई के दौरान की स्थिति

  • दहशत का माहौल: जैसे ही जेएनएसी का दस्ता मशीनों के साथ बिष्टुपुर और साकची पहुंचा, भवन मालिकों और व्यापारियों में अफरातफरी मच गई।
  • अवैध निर्माण का ध्वस्तीकरण: टीम ने नक्शा विचलन कर बनाए गए हिस्सों को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की।
  • अधिकारी का पक्ष: उपनगर आयुक्त कृष्ण कुमार ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा।

भवन मालिकों ने लगाए गंभीर आरोप

​जेएनएसी की इस कार्रवाई का भवन मालिकों ने कड़ा विरोध किया है। उनका तर्क है कि:

  1. जुर्माना बनाम कार्रवाई: मालिकों का कहना है कि उन्होंने साल भर पहले ही जेएनएसी के निर्देशानुसार जुर्माना (Penalty) भर दिया था।
  2. मामला विचाराधीन: भवन स्वामियों के अनुसार, मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, ऐसे में कार्रवाई असंवैधानिक है।
  3. चयनात्मक कार्रवाई: आरोप लगाया गया कि शहर में सैकड़ों अवैध निर्माण हैं, लेकिन केवल 24 भवनों को निशाना बनाना दुर्भावना से प्रेरित लगता है।
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धनबाद में खूनी सियासत की आहट? सिंह मेंशन पर आधी रात बमबाजी, बाल-बाल बचे संजीव सिंह और रागिनी सिंह

धनबाद। नगर निकाय चुनाव की सरगर्मी के बीच कोयलांचल एक बार फिर बम धमाकों की गूंज से दहल उठा है। रविवार देर रात सरायढेला थाना क्षेत्र स्थित प्रतिष्ठित ‘सिंह मेंशन’ पर बाइक सवार अपराधियों ने दो बम फेंके। इस हमले ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मी को भी तनावपूर्ण बना दिया है।

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वारदात: आधी रात को मची अफरातफरी

​जानकारी के अनुसार, घटना रात लगभग 11:30 से 12:00 बजे के बीच की है।

  • हमले का तरीका: बाइक सवार नकाबपोश अपराधियों ने एक के बाद एक दो बम फेंके।
  • विस्फोट का स्थान: एक बम गेट के भीतर फटा, जहाँ अक्सर लोग बैठक करते हैं। दूसरा बम बाहर गिरा।
  • हताहत: गनीमत रही कि जिस वक्त विस्फोट हुआ, वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई।

घटना के वक्त अंदर मौजूद थे विधायक और पूर्व विधायक

​धमाके के समय झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह और उनकी पत्नी वर्तमान विधायक रागिनी सिंह आवास के भीतर ही थे। जोरदार धमाके की आवाज सुनते ही सुरक्षाकर्मी और परिजन बाहर की ओर दौड़े, लेकिन अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

​सूचना मिलते ही सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

  • सीसीटीवी की तलाश: पुलिस ने सिंह मेंशन के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर (DVR) कब्जे में ले लिया है।
  • संदिग्धों की पहचान: आसपास के इलाकों और स्टील गेट के पास लगे अन्य कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
  • एसपी का बयान: सिटी एसपी ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी बिंदुओं पर गहन जांच की जा रही है।

चुनाव से जुड़ा है घटनाक्रम?

​यह हमला उस वक्त हुआ है जब पूर्व विधायक संजीव सिंह ने मेयर पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है और मंगलवार (कल) को उनका नामांकन होना है। नामांकन से ठीक 36 घंटे पहले हुई इस बमबाजी को राजनीतिक हलकों में शक्ति प्रदर्शन या डराने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है।

​”सिंह मेंशन हमेशा से धनबाद की राजनीति का धुरी रहा है। चुनाव से ठीक पहले इस तरह का हमला कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है।”

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सड़क सुरक्षा का संदेश: जमशेदपुर में गूंजी ‘सेफ्टी अवेयरनेस राइड’, ‘हेल्मेट मैन’ राघवेंद्र कुमार ने बढ़ाया उत्साह

जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर की सड़कों पर आज सुरक्षा और जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। ‘यंग इंडियन्स’ (Yi) जमशेदपुर चैप्टर द्वारा लगातार तीसरे वर्ष ‘सेफ्टी अवेयरनेस राइड’ का भव्य आयोजन किया गया। इस रैली में न केवल राइडर्स, बल्कि स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

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‘हेल्मेट मैन’ बने मुख्य आकर्षण

​इस कार्यक्रम की सबसे खास बात भारत के विख्यात ‘हेल्मेट मैन’ राघवेंद्र कुमार की उपस्थिति रही। वे विशेष अतिथि के रूप में इस राइड का हिस्सा बने।

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  • मिशन जागरूकता: राघवेंद्र कुमार पूरे भारत में सड़क सुरक्षा और हेलमेट पहनने की अनिवार्यता को लेकर अभियान चला रहे हैं।
  • बड़ा योगदान: वे अब तक पूरे देश में 75,000 से अधिक हेलमेट नि:शुल्क बांट चुके हैं। उन्होंने जमशेदपुर के राइडर्स के उत्साह की सराहना की और जीवन रक्षा के लिए हेलमेट को अनिवार्य बताया।

प्रमुख राइडिंग ग्रुप्स की भागीदारी

​जमशेदपुर के प्रसिद्ध राइडिंग क्लबों ने इस रैली को सफल बनाने में अपना पूरा दमखम दिखाया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल हुए:

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  • जोड़ी राइडर्स (Jodi Riders)
  • JH05WALLE
  • RKMC (Riding Team)
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समाज को दिया सुरक्षा का मंत्र

​यंग इंडियन्स की पूरी टीम ने इस राइड के माध्यम से युवाओं और नागरिकों को यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई। रैली के दौरान बैनरों और स्लोगन के जरिए सुरक्षित ड्राइविंग, हेलमेट का सही उपयोग और तेज रफ्तार से बचने की अपील की गई।

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​”सड़क पर आपकी एक छोटी सी सावधानी आपके परिवार की खुशियां सुरक्षित रख सकती है। जमशेदपुर के युवाओं का यह जोश देखकर सुखद अनुभूति हो रही है।”

राघवेंद्र कुमार (हेल्मेट मैन)

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बॉयकॉट या बर्बादी? पाकिस्तान सरकार के ‘भारत विरोधी’ दांव ने पीसीबी को फंसाया, टीम इंडिया को ‘फ्री’ की जीत!

दुबई/इस्लामाबाद। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आगाज से ठीक पहले शहबाज शरीफ सरकार ने एक विवादास्पद आदेश जारी कर क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है। सरकार ने अपनी टीम को 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले महामुकाबले में उतरने से मना कर दिया है। यह फैसला तब आया है जब आईसीसी ने बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं को ठुकराते हुए उन्हें स्कॉटलैंड से रिप्लेस कर दिया।

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भारत के लिए ‘मुफ्त’ की राह: फाइनल तक का सफर

​इस बॉयकॉट का सबसे ज्यादा फायदा टीम इंडिया को होने वाला है। भारत का सफर अब और आसान दिख रहा है:

  • 2 अंक बिना खेले: 15 फरवरी को पाकिस्तान के मैदान पर न आने से भारत को ‘वॉकओवर’ मिलेगा और बिना पसीना बहाए 2 कीमती अंक मिल जाएंगे।
  • सेमीफाइनल की राह: नामीबिया और नीदरलैंड जैसी टीमों के खिलाफ जीत और पाकिस्तान से मिले इन 2 अंकों के साथ भारत का सुपर-8 में पहुंचना लगभग तय है।
  • फाइनल की दावेदारी: मौजूदा फॉर्म और रैंकिंग को देखते हुए भारत का 8 मार्च को फाइनल में पहुंचना निश्चित लग रहा है।

शहबाज शरीफ का ‘फाइनल’ वाला धर्मसंकट

​असली मुसीबत तब खड़ी होगी अगर 8 मार्च को फाइनल में भारत-पाक की भिड़ंत तय हो जाए। तब पाकिस्तान के पास केवल दो विकल्प बचेंगे:

  1. मैच छोड़ना: यदि पाकिस्तान फाइनल का भी बॉयकॉट करता है, तो भारत बिना मैच खेले वर्ल्ड चैंपियन बन जाएगा। यह पाकिस्तान क्रिकेट के लिए वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी बेइज्जती होगी।
  2. मैच खेलना: यदि वे फाइनल खेलते हैं, तो 15 फरवरी के बॉयकॉट को केवल ‘राजनैतिक नौटंकी’ माना जाएगा और सरकार की थू-थू होगी।

पीसीबी पर मंडराया $38 मिलियन (317 करोड़ रुपये) का जुर्माना

​आईसीसी के कड़े रुख से साफ है कि पाकिस्तान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी:

  • ब्रॉडकास्टर्स का केस: भारत-पाक मैच न होने से ब्रॉडकास्टर्स को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए पीसीबी पर 38 मिलियन डॉलर तक का कानूनी दावा किया जा सकता है।
  • सदस्यता पर खतरा: श्रीलंका क्रिकेट की तरह पीसीबी को भी ‘राजनैतिक हस्तक्षेप’ के कारण निलंबित किया जा सकता है।
  • साख का संकट: विदेशी खिलाड़ी पीएसएल (PSL) से दूरी बना सकते हैं और पाकिस्तान को आईसीसी से मिलने वाले फंड पर रोक लग सकती है।
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जुगसलाई नगर परिषद चुनाव: वॉर्ड 17 से रंजन पांडेय 4 फरवरी को भरेंगे हुंकार, नामांकन की तैयारी पूरी

जमशेदपुर (जुगसलाई)। जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र में चुनावी बिगुल फुंक चुका है। वॉर्ड संख्या 17 से परिषद सदस्य पद के लिए लोकप्रिय स्थानीय नेता रंजन पांडेय ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है। वह आगामी 4 फरवरी 2026 को गाजे-बाजे के साथ अपना नामांकन (नॉमिनेशन) दाखिल करेंगे।

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विकास के एजेंडे पर चुनावी मैदान में

​रंजन पांडेय के समर्थकों के अनुसार, इस बार का चुनाव केवल पद के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र की सूरत बदलने के लिए है। उनके चुनावी एजेंडे में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दे शामिल हैं:

  • बुनियादी सुविधाएँ: स्वच्छ पेयजल, नियमित बिजली आपूर्ति और बेहतर पथ निर्माण।
  • सफाई व्यवस्था: वॉर्ड 17 को कचरा मुक्त और स्वच्छ बनाना।
  • स्वास्थ्य और रोजगार: क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना।

समर्थकों में भारी उत्साह

​नामांकन प्रक्रिया सुबह 11:00 बजे से शुरू होगी। रंजन पांडेय के करीबियों का दावा है कि नामांकन के दिन भारी संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक उनके साथ मौजूद रहेंगे। स्थानीय वोटरों के बीच चर्चा है कि रंजन पांडेय की लोकप्रियता और जनता के बीच उनकी सक्रियता इस मुकाबले को काफी दिलचस्प बना सकती है।

प्रशासनिक मुस्तैदी

​नगर परिषद सदस्य पद के नामांकन को देखते हुए प्रशासन ने भी कमर कस ली है। 4 फरवरी को नामांकन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुव्यवस्थित इंतजाम किए गए हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

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बजट से अमीरों की तिजोरी भरेगी, आम जनता के आए ‘बुरे दिन’: राकेश साहू

जमशेदपुर। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट पर तीखा प्रहार करते हुए झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव राकेश साहू ने इसे ‘गरीब और जनविरोधी’ करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट आम जनता की समस्याओं को हल करने के बजाय बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुँचाने के लिए बनाया गया है।

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मध्यम वर्ग और युवाओं की अनदेखी का आरोप

​राकेश साहू ने बजट के विभिन्न पहलुओं पर सरकार को घेरते हुए कहा कि मिडिल क्लास को इस बार पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।

  • टैक्स स्लैब: इनकम टैक्स स्लैब और स्टैंडर्ड डिडक्शन में कोई राहत न मिलने से नौकरीपेशा वर्ग में भारी निराशा है। सोशल मीडिया पर इसे “मिडल क्लास इग्नोर बजट” कहा जाना सरकार की विफलता का प्रमाण है।
  • बेरोजगारी और किसान: बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और युवाओं के रोजगार के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं दिखता। किसानों के संकट से भी सरकार ने अपनी आँखें मूंद ली हैं।

आर्थिक नीतियों पर सवाल

​युवा कांग्रेस नेता ने आर्थिक आंकड़ों पर तंज कसते हुए कहा:

  1. बढ़ती खाई: एक तरफ देश की बड़ी आबादी 5 किलो अनाज पर निर्भर है, वहीं दूसरी ओर सरकार टैक्स फ्री के आंकड़ों का जश्न मनाकर गरीबों का मजाक उड़ा रही है।
  2. बाजार में गिरावट: सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) बढ़ने से शेयर बाजार में जो गिरावट आई, उसने छोटे निवेशकों की कमर तोड़ दी है।
  3. महंगाई का बोझ: महंगाई कम करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए, जिससे आम आदमी की जेब पर बोझ और बढ़ेगा।
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T20 वर्ल्ड कप 2026 पर संकट के बादल: आईसीसी ने पाकिस्तान की ‘चयनात्मक भागीदारी’ पर जताई कड़ी आपत्ति

दुबई/इस्लामाबाद। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान सरकार द्वारा अपनी टीम को T20 वर्ल्ड कप 2026 के कुछ चुनिंदा मैचों से हटने के निर्देश के बाद, आईसीसी ने सख्त लहजे में अपनी चिंता व्यक्त की है। आईसीसी ने स्पष्ट कर दिया है कि खेल में इस तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है।

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आईसीसी का सख्त संदेश: “खेल के साथ समझौता बर्दाश्त नहीं”

​आईसीसी ने एक आधिकारिक मीडिया रिलीज जारी कर कहा कि वैश्विक टूर्नामेंट इस बुनियादी सिद्धांत पर आधारित होते हैं कि सभी टीमें समान शर्तों पर खेलेंगी। आईसीसी के मुख्य बिंदुओं में शामिल हैं:

  • बुनियादी मान्यताओं का उल्लंघन: चुनिंदा मैचों में न खेलना वैश्विक खेल आयोजन की गरिमा को कमजोर करता है।
  • समान प्रतिस्पर्धा: सभी योग्य टीमों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही खेलना होगा।
  • आधिकारिक पुष्टि का इंतजार: आईसीसी फिलहाल पीसीबी के औपचारिक पत्र का इंतजार कर रही है, लेकिन चयनात्मक भागीदारी को नामंजूर कर दिया गया है।

पाकिस्तान क्रिकेट पर मंडराया ‘ब्लैकलिस्ट’ होने का खतरा

​आईसीसी ने पीसीबी को आगाह किया है कि इस फैसले के परिणाम पाकिस्तान क्रिकेट के लिए विनाशकारी हो सकते हैं।

  1. वित्तीय दंड: पाकिस्तान को आईसीसी से मिलने वाले फंड में भारी कटौती का सामना करना पड़ सकता है।
  2. वैश्विक अलगाव: यदि पाकिस्तान अपने फैसले पर अड़ा रहता है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से निलंबित या अलग-थलग किया जा सकता है।
  3. प्रशंसकों का नुकसान: इस फैसले से पाकिस्तान के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी।
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