जमशेदपुर: रांची और महाराष्ट्र में हाल ही में सामने आई धर्मांतरण और लव जिहाद की घटनाओं के विरोध में रविवार शाम जमशेदपुर का हिंदू समाज सड़कों पर उतर आया। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के बैनर तले साकची गोलचक्कर पर विशाल आक्रोश धरना-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में भाजपा महानगर के पदाधिकारियों सहित भारी संख्या में मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी की महिलाएं भी शामिल हुईं।
“झारखंड में बने कठोर कानून” – अरुण सिंह
विहिप सिंहभूम विभाग मंत्री अरुण सिंह ने जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा:
- कानून का अभाव: झारखंड में लव जिहाद के खिलाफ कठोर कानून न होने के कारण षड्यंत्रकारियों के हौसले बुलंद हैं। घटनाओं के बाद भी केवल खानापूर्ति वाली कार्रवाई होती है।
- सोची-समझी साजिश: यह एक संगठित अपराध है जिसमें हिंदू बेटियों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराया जाता है। इसमें मुस्लिम युवकों के साथ-साथ महिलाएं भी शामिल हैं और इसके लिए बाकायदा फंडिंग की जाती है।
- तुलना: उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां ऐसे अपराधियों पर बुलडोजर और एनकाउंटर जैसी कार्रवाई हो रही है, तो झारखंड सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है जो वह कड़े कदम नहीं उठा रही?
बेटियों की सुरक्षा और ‘घर वापसी’ का भरोसा
विहिप जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने शहर की हिंदू बेटियों को विश्वास दिलाया कि बजरंग दल हर परिस्थिति में उनकी सहायता के लिए तैयार है। उन्होंने घोषणा की कि जो बहनें ‘घर वापसी’ करना चाहती हैं, उन्हें समाज में पूरा सम्मान और सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
अभिभावकों से सजग रहने की अपील
मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी की बहनों ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान में शैक्षणिक संस्थान ऐसे षड्यंत्रों के केंद्र बनते जा रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें और उन्हें जागरूक करें ताकि वे किसी भी प्रकार के जाल में न फंसें।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से उपस्थित गणमान्य
इस आक्रोश प्रदर्शन में जिला मंत्री चंद्रिका भगत, सहमंत्री भोला लोहार, उत्तम दास, बजरंग दल संयोजक चंदन दास, उपाध्यक्ष गोपी राव, सेवा प्रमुख जितेंद्र प्रमाणिक, गौरक्षा प्रमुख मनीष सिंह, सविता सिंह, ज्योत्सना सरकार, विवेक सिंह, साई पदमजा, देवेंद्र गुप्ता, जनार्दन पांडेय, अवतार सिंह गांधी, दीपक शर्मा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज











