जमशेदपुर: भारतीय संस्कृति में पूजनीय गौ माता के संरक्षण और सम्मान के लिए अब राष्ट्रव्यापी आंदोलन की नींव रखी जा रही है। इसी कड़ी में जमशेदपुर में “गौ सम्मान अभियान” का शंखनाद किया गया है। आगामी 27 अप्रैल को शहर के हजारों गौ भक्त धालभूम अनुमंडल कार्यालय पर एकत्रित होकर केंद्र सरकार के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।
प्रमुख मांगें: राष्ट्र माता का दर्जा और सख्त कानून
शनिवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में अभियान के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आंदोलन के दो मुख्य उद्देश्य हैं:
- गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाना।
- देश में गौ रक्षा के लिए एक ठोस और सख्त कानून लागू करना ताकि गौ तस्करी और अत्याचार पर पूर्ण विराम लग सके।
देशभर के अनुमंडलों में एक साथ प्रदर्शन
यह अभियान केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं है। आयोजकों के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में गौ भक्त अपने-अपने अनुमंडल कार्यालयों में एक साथ जुटेंगे। इसका उद्देश्य सरकार को यह संदेश देना है कि सनातन परंपरा और भारतीय जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा मानी जाने वाली गौ माता की सुरक्षा अब पूरे देश की प्राथमिकता है।
जमशेदपुर में तैयारी और अपील
27 अप्रैल को धालभूम अनुमंडल कार्यालय में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय गौ भक्त शामिल होंगे। प्रेस वार्ता में कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्तमान में गौवंश के प्रति बढ़ते अत्याचार चिंता का विषय हैं, जिसका समाधान केवल सामाजिक एकजुटता और कड़े कानूनों से ही संभव है।
जनजागरण पर जोर:
अभियान का लक्ष्य केवल ज्ञापन सौंपना ही नहीं, बल्कि आम जनमानस में गौ सेवा और संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना भी है। इसके लिए शहर में जनसंपर्क अभियान और सभाएं आयोजित की जाएंगी।
आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे 27 अप्रैल को भारी संख्या में पहुंचकर इस अभियान को सफल बनाएं और गौ रक्षा के संकल्प को मजबूती दें।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज











