जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज): जुगसलाई स्टेशन रोड स्थित प्रसिद्ध मंदिर के ठीक सामने संचालित शराब दुकान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुँच गया है। शराब दुकान हटाने की माँग को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच जमशेदपुर टाइगर क्लब के अध्यक्ष आजाद गिरी ने प्रशासन और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
आजाद गिरी के अनुसार, शराब दुकान के ठेकेदार रौशन सिंह ने उनसे संपर्क कर दावा किया था कि आबकारी विभाग और जुगसलाई थाना प्रभारी के निर्देशानुसार दुकान को मौके से हटाकर किसी दूसरी जगह स्थानांतरित (शिफ्ट) कर दिया गया है। ठेकेदार की ओर से आग्रह किया गया कि अब जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जारी आंदोलन को समाप्त कर दिया जाए।
मौके पर खुली दावों की पोल
टाइगर क्लब के अध्यक्ष ने बताया कि इस दावे की जमीनी हकीकत जानने के लिए उन्होंने क्लब के सदस्य अमन पांडे को तुरंत स्टेशन रोड भेजा। लेकिन जब अमन पांडे ने मौके का मुआयना किया, तो सामने आया कि शराब दुकान अब भी बिना किसी बदलाव के मंदिर के पास ही बेधड़क चलाई जा रही है।
”हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”
आजाद गिरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि आंदोलनकारियों को भ्रामक जानकारी देकर गुमराह करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ और सामाजिक शांति को भंग करने की एक नाकाम कोशिश करार दिया।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने इस पूरे मामले में पारदर्शी और ठोस कार्रवाई नहीं की, तो टाइगर क्लब शांत नहीं बैठेगा। संगठन जल्द ही जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों से मिलकर संबंधित अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराएगा और आंदोलन को उग्र रूप देगा।
आजाद गिरी, अध्यक्ष (जमशेदपुर टाइगर क्लब):
“हमें आबकारी विभाग और पुलिस के हवाले से बताया गया कि दुकान हटा दी गई है, लेकिन हमारी पड़ताल में दुकान वहीं चलती पाई गई। लोगों और आंदोलनकारियों को इस तरह गुमराह करना बेहद गंभीर बात है। हम प्रशासन से पारदर्शी कार्रवाई की माँग करते हैं। अगर तुरंत समाधान नहीं निकाला गया, तो टाइगर क्लब सड़कों पर उतरकर आंदोलन को और तेज करेगा।”
रिपोर्ट: अंकित सिन्हा (जमशेदपुर)











