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जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल का शुभारंभ 20 से

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जमशेदपुर : जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन आगामी 20-21 दिसंबर को होटल रमाडा में होगा. दो दिवसीय इस महोत्सव में कला, संगीत, मीडिया, लेखन और सिनेमा क्षेत्र की मशहूर हस्तियां भाग लेंगी. जानिए क्या है दो दिन के पूरे कार्यक्रम.

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20 जनवरी के सत्र

पहले दिन 20 दिसंबर का शुभारंभ युवा दिलों की धड़कन राहगीर के संघर्ष, राजेश जैस के फिल्मी डायलॉग, अभिषेक चौबे का बॉलीवुड सफर, मनोज सिन्हा का कार्टून कॉर्नर, मनीष पुष्कले की ब्रश, पद्म श्री भज्जू श्याम का कैनवास, पुनीता मिश्र के सोहराय और आकांक्षा सिंह के वर्ली आर्ट के साथ आपके हाथों का छाप होगा. यह कार्यक्रम सुबह सवा दस बजे से 11.30 बजे तक होगा. साढ़े ग्यारह बजे से महोत्सव का उदघाटन और सम्मान समारोह शुरू होगा, जिसमें डॉ.अंजुम शर्मा, व्योमेश शुक्ल, बाबुषा कोहली, डॉ.रविदत्त वाजपेयी, प्रोफेसर स्वाति पराशर, बीएल मित्तल, डॉ.मयंक मुरारी और अचल प्रियदर्शी भाग लेंगे.

उदघाटन समारोह के अतिथि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग मंत्री योगेन्द्र प्रसाद, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, वरिष्ठ चित्रकार मनीष पुष्कले, लेखक और पत्रकार सोपान जोशी, डीएसडब्ल्यू, दिल्ली यूनिवर्सिटी डॉ.रंजन त्रिपाठी और फिल्म अभिनेता राजेश जैस होंगे. दोपहर बाद दो बजकर 20 मिनट से शाम साढ़े तीन बजे के बीच व्यापार और निवेश की समझ विषय पर एक सत्र होगा, जिसमें बनवारी लाल मित्तल मुख्य वक्ता होंगे.

इस सत्र का संचालन साहित्यकार विनोद दूबे करेंगे. साढ़े तीन बजे से साढ़े चार बजे के बीच बदलता भारत, बदलती मीडिया कहानी विषयक सत्र होगा. इस सत्र के वक्ता डॉ.अंजुम शर्मा होंगे. शाम साढ़े चार से साढ़े पांच बजे के बीच साइलेंट सिनेमा से ओटीटी तक विषय पर सत्र होगा, जिसमें फिल्म अभिनेता राजेश जैस और लेखक डीएन ओझा, डॉ.भारती गोरे होंगे. इस सत्र के सूत्रधार दिल्ली यूनिवर्सिटी के सत्यवती कॉलेज के प्रोफेसर एमके पांडेय होंगे.

शाम साढ़े पांच से साढ़े छह बजे के बीच पद्म श्री विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा, जिसमें लक्ष्मण सिंह, सुंडाराम वर्मा, भज्जू श्याम, जमुना टुडू, डॉ.दमयंती बेसरा, चामी मुर्मू, डॉ.जानुम सिंह सोय, प्रेमलता अग्रवाल, शशाधर आचार्या, दीपिका कुमारी और छुटनी देवी शामिल हैं. साढ़े छह बजे से संवाद, साहित्य और लोकतंत्र विषय पर एक सत्र होगा, जिसमें राज्यसभा के सभापति हरिवंश का विशेष उदबोधन होगा. रात आठ बजे से दस बजे तक संगीत की महफिल सजेगी, जिसमें राहगीर का परफॉर्मेंस होगा. पहले दिन ही सरकारी गलियारों से ओटीटी तक-हिन्दी का बढ़ता दायरा, व्यंग्य की धार-राजनीति, समाज और सच, पूर्वोत्तर गीता ज्ञान यात्रा का शुभारंभ, भारत के सबसे रंगीन कोने से बातचीत, बोलचाला की भाषा में कविता-हिन्दी, उर्दू, अंग्रेजी और अन्य भाषाओं की मिली जुली कविता सरीखे सत्र होंगे, जो ढ़ाई बजे से शाम साढ़े सात बजे के बीच होंगे. ये सारे सत्र क्रिस्टल हॉल में समानांतर चलेंगे.

दूसरे दिन का शुभारंभ बैक लॉन में सुबह 10 बजे से शुरू होगा. ब्रेकिंग न्यूज से रील्स तक-रिपोर्टिंग की असल रियलिटी नामक सत्र में एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार प्रियदर्शन, इंडिया टूडे के डिप्टी एडिटर डॉ.अंजुम शर्मा और प्रभात खबर के पूर्व संपादक अनुज कुमार सिन्हा शामिल होंगे. पौने बारह बजे से 12 बजकर 25 मिनट तक सिकुड़ती नदियों की कहानी-जल संकट और जन भागीदारी पर डॉ.दिनेश कुमार मिश्र का व्याख्यान होगा. शब्द, समाज और सरोकार नामक सत्र 12 बजकर 25 मिनट से होगा, जिसमें लेखक और पत्रकार सोपान जोशी का व्याख्यान होगा. लंच के बाद दोपहर 2 बजकर 40 मिनट से साढ़े तीन बजे तक लकीरों में छुपा सच-हिन्दी कार्टून की ताकत सत्र में कार्टूनिस्ट आबिद सूरती और मनोज कुमार सिन्हा भाग लेंगे. अंत चेतना और स्व उत्थान-भारतीय साहित्य की दृष्टि के वक्ता वशिष्ठ चौधरी और रविदत्त वाजपेयी होंगे. शाम 4 बजकर 20 मिनट से स्क्रीन अनकट-निर्देशक और अभिनेता से बेबाक संवाद नामक सत्र को अभिनेता अभिषेक चौबे और पंकज झा संबोधित करेंगे. कहानी की कक्षा-शब्दों से लेकर पुस्तक तक का सफर विषयक सत्र को स्टोरीबाज दिव्यप्रकाश दूबे संबोधित करेंगे. रात साढ़े सात बजे से पद्मश्री गुलाबो सपेरा का मोहक कालबेलिया नृत्य होगा. इसी के साथ दूसरे दिन क्रिस्टल हॉल में कैनवास और ब्रश की जादुई क्लास, जहां रंगे बोलेंगे, गांधी और विनोबा-परिवार, समाज और राजनीति में सात्विकता के पथ प्रदर्शक, हिन्दी के प्रचार में जुटे समाज सेवियों का सम्मान, जल जंगल और जन भागीदारी, दर्शन की सीमाएं नहीं होती-एक गहन विचार यात्रा, शंकराचार्य से वीर सावरकर तक-धर्म, राष्ट्र और साहित्य, जब लगेगा गजल कविता का तड़का, तब बनेगा माहौल सत्र का समानांतर संचालन होगा.

इस महोत्सव में शहर के पांच साहित्यकारों को विद्यादीप वयोवृद्ध साहित्य गौरव सम्मान से नवाजा जाएगा. इनके नाम हैं-डॉ.सी भास्कर राव, दिनेश्वर प्रसाद सिंह दिनेश, अरविंद विद्रोही, लक्ष्मी निधि और निर्मला ठाकुर. इनके अलावा डॉ.जूही समर्पिता, प्रसन्नजोत तिवारी, गोविंद दोदराजका, सुखदेव महतो, जयनंदन, हरि मित्तल, कमल किशोर अग्रवाल, नरेश अग्रवाल, विजय शर्मा और टैगोर सोसायटी को विद्यादीप सम्मान से नवाजा जाएगा.