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अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग: श्रीनाथ विश्वविद्यालय ने मलेशिया की आईएनटीआई यूनिवर्सिटी के साथ किया एमओयू, छात्रों को मिलेंगे वैश्विक अवसर

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जमशेदपुर: अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को एक नई दिशा देते हुए जमशेदपुर के श्रीनाथ विश्वविद्यालय ने मलेशिया की प्रतिष्ठित आईएनटीआई (INTI) इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के साथ एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता भविष्य में विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर पर शिक्षा, शोध और बेहतरीन अकादमिक अनुभव प्राप्त करने के द्वार खोलेगा।IMG 20260605 WA0049

मलेशिया में हुआ भव्य हस्ताक्षर समारोह

​इस ऐतिहासिक एमओयू पर मलेशिया में आयोजित एक औपचारिक समारोह के दौरान हस्ताक्षर किए गए। श्रीनाथ विश्वविद्यालय की ओर से अंतरराष्ट्रीय मामलों के निदेशक डॉ. जे. राजेश तथा आईएनटीआई इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर (ग्लोबल एंगेजमेंट) प्रो. डॉ. गोह खांग वेन ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।b 1

​इस वैश्विक कार्यक्रम में श्रीनाथ विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने के लिए डॉ. जे. राजेश के साथ स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष श्री शशिकांत सिंह भी विशेष रूप से जमशेदपुर से मलेशिया पहुंचे थे। इस अवसर पर आईएनटीआई यूनिवर्सिटी के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।a 2

इन क्षेत्रों में होगा मुख्य रूप से सहयोग:

​इस समझौते के तहत दोनों संस्थान मिलकर शिक्षा की गुणवत्ता को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए कई कार्यक्रमों पर काम करेंगे:

  • स्टूडेंट और फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम: छात्र और शिक्षक एक-दूसरे के संस्थान में जाकर अंतरराष्ट्रीय शिक्षण पद्धति को समझ सकेंगे।
  • ग्लोबल इमर्शन प्रोग्राम: विद्यार्थियों को वैश्विक कामकाजी और शैक्षणिक माहौल का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
  • संयुक्त शोध परियोजनाएं (Joint Research): दोनों विश्वविद्यालयों के शोधकर्ता मिलकर अंतरराष्ट्रीय महत्व के विषयों पर रिसर्च करेंगे।
  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान: शैक्षणिक विकास के साथ-साथ दोनों देशों की संस्कृतियों को समझने का मौका मिलेगा।

वैश्विक पहचान और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में होगी वृद्धि

​विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने खुशी जताते हुए कहा कि यह साझेदारी छात्रों और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने और विभिन्न संस्कृतियों को समझने का बेहतरीन अवसर प्रदान करेगी। इससे विद्यार्थियों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता (Global Competitiveness) मजबूत होगी और उन्हें विश्वस्तरीय शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।

विश्वविद्यालय प्रबंधन का संदेश:

“यह सहयोग संस्थान की अंतरराष्ट्रीयकरण (Internationalization) की रणनीति का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। यह समझौता न केवल छात्रों और शिक्षकों के समग्र विकास में सहायक होगा, बल्कि विश्वविद्यालय की वैश्विक पहचान को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।”

 

तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो, जमशेदपुर।

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