जमशेदपुर/लुधियाना: युवा उद्यमी कैरव के अपहरण ने एक ऐसे अपराधी के चेहरे से नकाब हटा दिया है, जो पंजाब से लेकर झारखंड तक अपनी दहशत फैलाने की फिराक में था। इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार तेजिंदरपाल सिंह उर्फ तेजा (निवासी कोटमाना, जगराव) कोई छोटा अपराधी नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल किडनैपिंग सिंडिकेट का सरगना है, जिसका नेटवर्क जेल की सलाखों के पीछे से संचालित होता था।

पंजाब का मोस्ट वांटेड ‘प्रोफेशनल किडनैपर’
तेजिंदरपाल का आपराधिक रिकॉर्ड पंजाब पुलिस की फाइलों में बेहद काला है। उस पर फिरौती के लिए अपहरण, हत्या के प्रयास और लूट के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
- डॉक्टर के बेटे का अपहरण: लुधियाना के एक नामचीन डॉक्टर के बेटे का अपहरण कर करोड़ों की फिरौती मांगना उसका अब तक का सबसे चर्चित जुर्म रहा है।
- उद्योगपतियों पर निशाना: वह जगराव और मोगा के कई बड़े औद्योगिक घरानों के सदस्यों के अपहरण की साजिश रचने का मुख्य आरोपी रहा है।
लुधियाना जेल: जहाँ बुना गया अपराध का नया ताना-बाना
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि तेजिंदरपाल ने लुधियाना सेंट्रल जेल को ही अपना ‘कमांड सेंटर’ बना लिया था।
- नेटवर्क बिल्डिंग: जेल के भीतर उसने दूसरे राज्यों के अपराधियों और तकनीकी विशेषज्ञों से हाथ मिलाया।
- जमशेदपुर कनेक्शन: जेल से छूटने के बाद उसने झारखंड का रुख किया और कैरव के अपहरण के लिए स्थानीय अपराधियों का एक ‘स्लीपर सेल’ तैयार किया।
हाई-टेक अपराधी: तकनीक और हथियारों का घातक मेल
तेजा केवल ताकत के दम पर नहीं, बल्कि दिमाग और तकनीक के सहारे वार करता है। पुलिस को चकमा देने में वह माहिर है:
- डिजिटल फुटप्रिंट: पुलिस ट्रैकिंग से बचने के लिए वह वर्चुअल नंबर और एन्क्रिप्टेड एप्स का इस्तेमाल करता है।
- विदेशी हथियार: उसके पास से पहले भी प्रतिबंधित विदेशी हथियार बरामद हो चुके हैं, जो उसके अंतरराष्ट्रीय आर्म्स स्मगलिंग लिंक की ओर इशारा करते हैं।
- रेकी की कला: कैरव कांड में भी यह बात सामने आई है कि तेजा का गिरोह महीनों तक ‘रेकी’ (जासूसी) करता था और शिकार की पूरी पारिवारिक और वित्तीय जानकारी जुटाने के बाद ही हमला बोलता था।
एक नज़र में तेजिंदरपाल उर्फ तेजा का प्रोफाइल
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| निवास | कोटमाना, जगराव (लुधियाना) |
| मुख्य अपराध | फिरौती के लिए अपहरण, डकैती (2018-19), आर्म्स एक्ट |
| विशेषता | वर्चुअल नंबरों का उपयोग और महीनों लंबी रेकी |
| ताजा कांड | जमशेदपुर का चर्चित कैरव अपहरण कांड |
मौजूदा स्थिति: झारखंड पुलिस अब पंजाब पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर तेजा के पूरे स्लीपर सेल को ध्वस्त करने में जुटी है। आशंका है कि अगर उसे जल्द काबू नहीं किया गया, तो वह राज्य में कुछ और बड़े व्यापारिक घरानों को निशाना बना सकता था।













