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कैरव किडनैपिंग केस: मास्टरमाइंड ‘तेजा’ का खौफनाक इतिहास, जेल में बना था अंतरराज्यीय सिंडिकेट का प्लान

जमशेदपुर/लुधियाना: युवा उद्यमी कैरव के अपहरण ने एक ऐसे अपराधी के चेहरे से नकाब हटा दिया है, जो पंजाब से लेकर झारखंड तक अपनी दहशत फैलाने की फिराक में था। इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार तेजिंदरपाल सिंह उर्फ तेजा (निवासी कोटमाना, जगराव) कोई छोटा अपराधी नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल किडनैपिंग सिंडिकेट का सरगना है, जिसका नेटवर्क जेल की सलाखों के पीछे से संचालित होता था।

पंजाब का मोस्ट वांटेड ‘प्रोफेशनल किडनैपर’

​तेजिंदरपाल का आपराधिक रिकॉर्ड पंजाब पुलिस की फाइलों में बेहद काला है। उस पर फिरौती के लिए अपहरण, हत्या के प्रयास और लूट के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।

लुधियाना जेल: जहाँ बुना गया अपराध का नया ताना-बाना

​पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि तेजिंदरपाल ने लुधियाना सेंट्रल जेल को ही अपना ‘कमांड सेंटर’ बना लिया था।

हाई-टेक अपराधी: तकनीक और हथियारों का घातक मेल

​तेजा केवल ताकत के दम पर नहीं, बल्कि दिमाग और तकनीक के सहारे वार करता है। पुलिस को चकमा देने में वह माहिर है:

एक नज़र में तेजिंदरपाल उर्फ तेजा का प्रोफाइल

विवरणजानकारी
निवासकोटमाना, जगराव (लुधियाना)
मुख्य अपराधफिरौती के लिए अपहरण, डकैती (2018-19), आर्म्स एक्ट
विशेषतावर्चुअल नंबरों का उपयोग और महीनों लंबी रेकी
ताजा कांडजमशेदपुर का चर्चित कैरव अपहरण कांड

मौजूदा स्थिति: झारखंड पुलिस अब पंजाब पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर तेजा के पूरे स्लीपर सेल को ध्वस्त करने में जुटी है। आशंका है कि अगर उसे जल्द काबू नहीं किया गया, तो वह राज्य में कुछ और बड़े व्यापारिक घरानों को निशाना बना सकता था।

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