एक नई सोच, एक नई धारा

रामगढ़: गोला वन क्षेत्र में नर जंगली हाथी का शव बरामद, इलाके में दहशत का माहौल

1002270990

रामगढ़, गोला: झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला वन क्षेत्र से एक दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है। मंगलवार सुबह चौपा दारू पेट्रोल पंप के समीप एक खेत में एक विशालकाय नर जंगली हाथी का मृत शरीर पाया गया। हाथी की सूंड से खून बहता देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी गई।

1002270990

घटना का विवरण

​स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, वे सुबह जब अपने कुओं से पानी भरने और खेतों की ओर निकले, तो उन्होंने हाथी को बेसुध पड़ा देखा। एक प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया, “हमने देखा कि हाथी के सूंड से खून निकल रहा था। वह हिल-डुल नहीं रहा था, जिसके बाद हमने गांव वालों को शोर मचाकर इकट्ठा किया।”

हाथी की मौत की संभावित स्थितियां:

  • सटीक कारण: फिलहाल वन विभाग ने मौत के सटीक कारण की पुष्टि नहीं की है।
  • शॉर्ट सर्किट की आशंका: क्षेत्र के कुछ लोगों ने आशंका जताई है कि खेतों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों की चपेट में आने (इलेक्ट्रोक्यूशन) से मौत हुई होगी, हालांकि अधिकारियों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने को कहा है।
  • झुंड से बिछड़ा हाथी: बताया जा रहा है कि यह हाथी पिछले कई दिनों से क्षेत्र में विचरण कर रहे हाथियों के बड़े झुंड का हिस्सा था।

इलाके में हाथियों का आतंक और ग्रामीणों का गुस्सा

​गोला और आसपास के इलाकों में हाथियों का उत्पात पिछले एक सप्ताह से काफी बढ़ गया है। ग्रामीणों में न केवल डर है, बल्कि वन विभाग के प्रति नाराजगी भी देखी जा रही है।

  • फसलों का नुकसान: एक सप्ताह पहले इसी क्षेत्र में हाथियों ने कई एकड़ में लगी फसल को रौंद दिया था।
  • घरों की क्षति: हाल ही में हाथियों के झुंड ने एक ग्रामीण के घर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिससे परिवार बेघर हो गया।
  • दहशत में जीवन: लोग रात-रात भर जागकर मशाल जलाकर अपने घरों की रक्षा कर रहे हैं।

वन विभाग की कार्रवाई

​सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया।

​”हाथी के शव को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। डॉक्टरों की टीम पोस्टमार्टम करेगी, जिससे यह साफ हो पाएगा कि मौत प्राकृतिक है, किसी दुर्घटना का परिणाम है या कोई अन्य साजिश। हम हाथियों के झुंड की गतिविधियों पर ड्रोन और पेट्रोलिंग टीम के जरिए नजर रख रहे हैं।” – वन विभाग अधिकारी

​झारखंड में हाथियों और इंसानों के बीच बढ़ता यह संघर्ष (Human-Elephant Conflict) एक गंभीर समस्या बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि कॉरिडोर का कम होना और जंगलों में भोजन की कमी हाथियों को बस्तियों की ओर धकेल रही है।

error: Content is protected !!