एक नई सोच, एक नई धारा

जम्बू अखाड़ा का भव्य कलश यात्रा

27 मार्च को जंबू अखाड़ा समिति द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी. उक्त जानकारी समिति के संरक्षक बंटी सिंह ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी.उन्होंने रामनवमी महोत्सव के दौरान होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि 22 मार्च से 72 का घंटों का अखण्ड हरि राम नाम संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा. जिसमें बंगाल और झारखंड के प्रसिद्ध 26 हरिकीर्तन मंडली भाग लेगी. वहीं 25 और 26 मार्च को पंडित अखिल पांडे द्वारा सम्पूर्ण रामायण का पाठ किया जाएगा. 27 मार्च को भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी. इस कलश यात्रा में अखाड़ा समिति को 21 लड़के कलश उठाएंगे जो स्वर्णरेखा नदी से जल लेकर मंदिर परिसर आएंगे.

कलश यात्रा के दौरान आकर्षक झांकी निकाली जाएगी. झांकी में शिवजी, राधाकृष्ण एवं हनुमान आकर्षण के केंद्र रहेंगे.आर्कषक आतिशबाजी किया जाएगा. अखाड़ा के खिलाड़ी शस्त्र के साथ सुशोभित रहेंगे. 28 मार्च सप्तमी के दिन हनुमान पूजा अर्चना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम व भजन संध्या का कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. समिति के कलाकारों द्वारा विभिन्न करतबों का प्रदर्शन किया जाएगा. 29 मार्च अष्टमी को आशीष एवं श्रद्धा दास एंड ग्रुप के द्वारा भजन का कार्यक्रम होगा. 30 मार्च नवमी को 10 प्रकार के फूलों से हनुमान जी का अभिषेक किया जाएगा.

इस दौरान विशेष विद्युत सजावट किया जाएगा. विद्युत सजावट के लिए बंगाल के चंदननगर से कारीगर को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है. रामनवमी महोत्सव के दौरान नशा मुक्ति जागरूकता अभियान से संबंधित पोस्टर लगाया जाएगा. प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से संस्थापक कमल किशोर सिंह उर्फ जंबू, मधुसूदन गोस्वामी, लाइसेंसी रणवीर मंडल, विजय सिंह, रवीन्द्र मास्टर, जंग बहादुर सिंह, सन्नी, प्रिंस, केशव राव, संजय हजारी, अरविन्द कुमार, काकुली, आरती मुखी, रवि विश्वनाथ, विश्वनाथ गुप्ता, उपेन्द्र कुमार, विश्वजीत चक्रवर्ती सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे.

जमशेदपुर : सोनारी में बंद होगा कचरा का डंपिंग, टाटा स्टील केसहयोग से की जाएगी घेराबंदी

जमशेदपुर के सोनारी के कचरा डंपिंग में लगी आग और कचरा डंपिंग से फैलने वाले दुर्गंध के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल पूर्वोत्तर बेंच कोलकाता ने अहम सुनवाई की।

जस्टिस बी अमित सथेलकर और डॉ अफरोज अहमद ने संयुक्त रूप से इसकी सुनवाई की, जिसमें शिकायतकर्ता संजय उपाध्याय हाजिर हुए। यह सुनवाई वर्चुअल माध्यम से की गयी. इस दौरान यह बताया गया कि 15 फरवरी को झारखंड राज्य प्रदूषण बोर्ड की ओर से एक जवाब दाखिल किया गया है. इसमें प्रदूषण बोर्ड ने जानकारी दी है कि उन्होंने वहां जाकर स्थिति की जानकारी ली थी, जिसके बाद पाया था कि दोमुहानी के पास कचरा की डंपिंग गैर साइंटिफिक तरीके से किया जा रहा है।

जमशेदपुर अक्षेस और मानगो नगर निगम को उन्होंने तत्काल आदेश दिया कि कचरा में लगी आग को बुझाये और सही तरीके से सॉलिड वेस्ट का निस्तारन करें. इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जनवरी में क्षेत्रीय पदाधिकारी प्रदूषण विभाग ने पहले जनवरी में निरीक्षण किया था जबकि 7 फरवरी को भी जब निरीक्षण किया था तो आग निकल ही रहा था. यह भी बताया गया है कि जहां डंपिंग की जा रही है, वह स्थायी डंपिंग साइट नही है. एनजीटी ने आश्चर्य व्यक्त किया कि प्रदूषण बोर्ड ने इसके नियंत्रण को लेकर कोई स्पष्ट आदेश नहीं दिया है, जो चौंकाने वाला कृत्य है. सुनवाई के दौरान झारखंड राज्य प्रदूषण बोर्ड की ओर से शपथ पत्र दायर किया गया है. इसके अलावा सेंट्रल प्रदूषण बोर्ड ने भी अपना शपथ पत्र दायर किया है. इस सुनवाई के दौरान कहा गया है कि जमशेदपुर की डीसी कचरा निस्तारन की विस्तृत रिपोर्ट अगले तिथि की सुनवाई 5 अप्रैल के तीन दिन पहले जवाब दाखिल करने को काह गया है।

दो सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर हुई तैनाती, तैयार हो रहा डीपीआर

जमशेदपुर अक्षेस की ओर से उपायुक्त के माध्यम से शपथ पत्र दिया किया गया है. इस सुनवाई के दौरान सौंपे गये शपथ पत्र में बताया गया है कि तत्काल कचरा का निस्तारन का कदम उठाया जा रहा है. अभी आग को बुझा दिया गया है. आग बाद में भी नहीं लगे, इसके लिए पूरे एरिया की घेराबंदी की जा रही है, जिसके लिए टाटा स्टील की ओर अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया जा चुका है. इसके अलावा वहां पानी के दो टैंकर, दो एक्सकेवेटर को स्थायी. तौर पर तैनात कर दिाय गया है। स्थायी तौर पर दो सिक्यूरिटी गार्ड और सुपरवाइजर को तैनात कर दिया गया है।

यह भी बताया गया है कि वहां के कचरा के निस्तारन और शिफ्टिंग को लेकर लखनऊ के आरसीयूइएस और आदित्यप कंस्ट्रक्शन कंसोरटियम को बहाल किया गया है, जिसके माध्यम से डीपीआर तैयार किया जा चुका है. तीन माह में सारे कचरा का निस्तारन कर लेने की बात कहीं गयी है और बायो रेमेडिएशन वर्क इसके जरिये किया जा सकेगा. इसके अलावा घर घर से कचरा का उठाव का टेंडर किया जा चुका है, जो 20 साल के लिए किया जा चुका है. यह भी बताया गया है कि तत्काल टाटा स्टील की ओर से मिले 14.95 हेक्टेयर की पोटका के बेगुनडीह के जमीन पर लैंडफिल साइट को विकसित किया जायेगा. इसके लिए पर्यावरणीय स्वीकृति मिल चुकी है. इसके अलावा खैरबनी में भी कचरा प्लांट की स्थापना की जा रही है ताकि सोनारी दोमुहानी के पास किसी तरह का डंपिंग नहीं हो सके।

जुगसलाई में प्लास्टिक और कचरा का रिसाइक्लिंग को लेकर चलाया अभियान

जमशेदपुर के जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर नौ के नया बाजार बोरा पट्टी, वार्ड नंबर 12 के जुगसलाई नगर परिषद सभागार एवं वार्ड नंबर 3- हिल्व्यू एरिया में स्वयं सहायता समूह द्वारा प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान के लिए शपथ ली गयी. जुगसलाई नगर परिषद कार्यालय में वार्ड नंबर 12 के प्रेरणा महिला समिति की अध्यक्ष, सीआरपी एवं ब्रांड एंबेसडर द्वारा कचरे के निस्तारीकरण करने की प्रक्रिया को विभिन्न स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के बीच साझा किया गया।ममता शर्मा द्वारा गीला कचरा से खाद बनाने के तरीके, चंद्रलता जैन द्वारा गोबर के इस्तेमाल से अगरबत्ती, धूप, दीया एवं राखी बनाने की प्रक्रिया, अरविंदर कौर द्वारा टिशू पेपर के इस्तेमाल से सैनिटरी पैड बनाने की प्रक्रिया व उमरावती द्वारा मैदा या आटे का प्रयोग कर चाय के गिलास एवं कप बनाने की प्रक्रिया को साझा किया गया. सुलेखा चौधरी द्वारा सब्जी एवं फल के बीजों का इस्तेमाल कर एवं बेकार की वस्तुएं का इस्तेमाल कर सजावट की चीजें को बनाने की प्रक्रिया बताया गया. साथ ही साथ वार्ड नंबर 3 में सामूहिक स्वच्छता शपथ एवं ‘कचड़े का स्रोत पृथक्करण’ को लेकर जन जागरूकता अभियान चलाया गया. इस मौके पर जुगसलाई नगर परिषद से नगर प्रबंधक समेत कई उपस्थित थे।

कोर्ट कभी राजनीति में शामिल नहीं होती है, बोबडे, जानिए आरोपों पर क्या बोले पूर्व सीजेआई जस्टिस

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस एसए बोबडे (SA Bobde) ने शनिवार (18 मार्च) को कहा कि सीजेआई के तौर पर काम करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ‘सुप्रीम कोर्ट का सीजेआई होना एक अहम जिम्मेदारी है।

अदालतों में बहुत ज्यादा प्रतिस्पर्धा है। हर कोई अपना केस जीतना चाहता है।

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में हिस्सा लेने के दौरान जस्टिस एसए बोबडे ने खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर राजनीति के प्रभाव को लेकर कहा कि सियासत के शब्द को किसी के साथ भी जोड़ा जा सकता हैउन्होंने कई महत्वपूर्ण फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि ‘राफेल के मामले में कुछ भी सियासी नहीं था, यह एक डिफेंस डील थी। अयोध्या का मुद्दा आजादी के पहले से चला आ रहा था। इनमें से कुछ भी राजनीतिक नहीं था, बस वहां ये तथ्य था कि नेता इन पर बात करते हैं।

‘कोर्ट कभी राजनीति में शामिल नहीं होती है’

पूर्व सीजेआई ने कहा कि अदालतों के तौर पर हम कभी राजनीति में शामिल नहीं होते हैं। जस्टिस बोबडे ने सुप्रीम कोर्ट के वकील दुष्यंत दवे के आरोपों पर भी बात की। जिसमें दवे ने आरोप लगाए थे कि सुप्रीम कोर्ट पीएम मोदी से डरता है. उन्होंने कहा कि मैं उनके विचारों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहूंगा।

बेंच फिक्सिंग पर जस्टिस बोबडे ने कही ये बात

जस्टिस बोबडे ने बेंच फिक्सिंग के आरोपों पर कहा कि वो प्रेस कॉन्फ्रेंस सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में सबसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना के तौर पर थी। मैंने उसे रोकने की काफी कोशिश की हालांकि, कुछ लोगों ने उसमें (प्रेस कॉन्फ्रेंस) मेरी कथित भूमिका को लेकर पहले ही लिख दिया है. मैंने इसे खुद से नहीं किया होता।

बता दें कि 12 जनवरी, 2018 में जस्टिस जे चेलमेश्वर, रंजन गोगोई, कुरियन जोसेफ और मदन लोकुर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। जिसमें उन्होंने तत्कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा के कामकाज पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि जस्टिस मिश्रा महत्वपूर्ण मामलों को जूनियर जजों को असाइन कर देते थे।

कश्मीर में गिरफ्तारी और किसान आंदोलन पर क्या बोले जस्टिस?

जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाए जाने पर गिरफ्तार किए गए लोगों की रिहाई के बारे में बात करते हुए जस्टिस एसए बोबडे ने कहा कि मामले की फाइलें जानबूझकर नहीं रोकी गई थीं। उस दौरान कोरोना महामारी फैली थी, तब हमारे सामने सैकड़ों केस विचाराधीन थे और जज मौजूद नहीं थे।

कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन की बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमने खबरों में लोगों और पुलिस को गणतंत्र दिवस पर लाल किले में भिड़ते-हमले करते हुए देखा। मैं तभी सरकार के पास जाने और कृषि कानूनों पर रोक लगाने के बारे में सोचा। मैंने अपने सहयोगियों से बात की और हमने कृषि कानूनों पर रोक लगाने का फैसला लिया. इसमें कुछ भी सियासी नहीं था।

वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह भगोड़ा करार, पंजाब में हाई अलर्ट

खालिस्तान समर्थक और कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अमृतपाल को भगोड़ा घोषित कर दिया है। उसकी दो कारों को जब्त करने के साथ ही उसके गनरों को पकड़ा है।

उनके हथियारों की वैधता की जांच की जा रही है। जालंधर पुलिस कमिश्नर कुलदीप सिंह चहल के मुताबिक अमृतपाल सिंह को जल्द गिरफ्तार करने के लिए पंजाब पुलिस के जवान जुटे हुए हैं। अब तक 78 लोगों को गिरफ्तार किया गया और गहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

पंजाब पुलिस के मुताबिक अमृतपाल के खिलाफ राज्य में बड़े पैमाने पर राज्यव्यापी तलाशी अभियान शुरू किया गया है। जबकि कई अन्य खालिस्तान समर्थकों को हिरासत में लिया गया है। अमृतपाल सिंह सहित कई अन्य फरार हैं और उन्हें पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। वारिस पंजाब दे संगठन का मुखिया अमृतपाल कुछ साथियों संग भाग निकला है। गिरफ्तार आरोपियों से एक .315 बोर की राइफल, सात 12 बोर की राइफल, एक रिवाल्वर और विभिन्न कैलिबर के 373 कारतूस बरामद हुए हैं।

इस बीच, पूरे पंजाब में हाई अलर्ट है। माहौल बिगड़ने की आशंका में पंजाब में रविवार दोपहर तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। अमृतसर, फाजिल्का, मोगा, बठिंडा और मुक्तसर समेत कई जिलों में धारा 144 लागू करने के साथ ही भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर से लगती पंजाब की सीमा को सील कर दिया गया है। अमृतपाल अजनाला थाने पर पुलिस पर हुए हमले में आरोपी है।

अमृतपाल के भागने का वीडियो वायरल
अमृतपाल का कार में बैठकर भागते हुए का एक वीडियो भी सामने आया। कार में उनके एक सहयोगी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि पुलिसकर्मी ‘भाई साब’ (अमृतपाल) के पीछे थे। एक अन्य समर्थक ने एक वीडियो साझा किया जिसमें वह दावा कर रहा था कि पुलिसकर्मी उसका पीछा कर रहे हैं।

पुलिस का घेरा देख अमृतपाल भागा 60 गाड़ियां लगीं पीछे
पुलिस ने बताया कि शनिवार को सूचना मिली कि अमृतपाल जालंधर की शाहकोट मलसियां रोड पर साथियों के साथ पहुंचा हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने मौके से संस्था के सात लोगों को गिरफ्तार किया। इस बीच, अमृतपाल भाग निकला। उसके पीछे पुलिस की करीब 60 गाड़ियां लगीं थीं। पुलिस को पीछे देखकर उसका ड्राइवर गाड़ी लिंक रोड की तरफ मोड़कर भगा ले गया। जालंधर और मोगा पुलिस उसके पीछे लग गई। कई किमी पीछा करने के बाद भी पुलिस उसे दबोच नहीं पाई।

अमृतपाल पर दर्ज हैं तीन मामले
अमृतपाल पर दो मामले अमृतसर जिले के अजनाला थाने में हैं। अपने करीबी लवप्रीत सिंह की गिरफ्तारी से नाराज अमृतपाल ने 23 फरवरी को समर्थकों के साथ अजनाला थाने पर हमला कर दिया था। उस पर कार्रवाई न होने से पंजाब पुलिस की काफी आलोचना हो रही थी। अमृतपाल पर आरोप था कि वह श्रीगुरुग्रंथ साहिब की आड़ लेकर थाने पहुंचा था और भीड़ को हमले के लिए उकसाया। इसके अलावा उस पर भड़काऊ भाषण देने का केस भी दर्ज है।

कश्मीर में बस पलटने से बिहार के 4 लोगों की मौत, मुख्यमंत्री ने की मुआवजे की घोषणा

जम्मू कश्मीर में शुक्रवार को हुए सड़क हादसे में बलरामपुर प्रखंड के दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई।

मृतक मोहम्मद कैशर आलम (40 वर्ष) बलरामपुर प्रखंड अंतर्गत शरीफनगर पंचायत के वीरनगर एवं मु. सलीम (32 वर्ष) हकीमनगर का निवासी था।

मृतक के स्वजन ने बताया कि पिछले बुधवार को ही दोनों जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हुए थे। मृतक कैशर आलम पिछले 15 वर्षों से कश्मीर के पमपुर में राजमिस्त्री का काम करता था।

वहीं, मु. सलीम भी 10 वर्षों से कैशर आलम के साथ मजदूरी का काम करता था। घटना के बाद मृतक मु. कैशर आलम की पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मु. सलीम मजदूरी करके ही अपने परिवार का भरण पोषण करता था। जानकारी के मुताबिक, दोनों बस से जम्मू से श्रीनगर जा रहे थे। इसी बीच खाई में बस पलट गई।

घटना में कुल चार लोगों की मौत हुई है। इनमें से दो बलरामपुर के रहने वाले हैं। मृतकों की शिनाख्त बलरामपुर प्रखंड निवासी के रूप में की गई है।

प्रखंड उप प्रमुख अली हैदर उर्फ पिंटू, पूर्व मुखिया प्रतिनिधि मु. मुजम्मिल, अब्दुल हन्नान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए म़ृतक के आश्रित को मुआवजा देने की मांग की है।

स्थानीय लोगों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार नहीं मिलने के कारण गरीब तबके के लोग रोजी-रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को विवश हैं।

आए दिन हादसों में प्रवासी मजदूरों की मौत हो रही है। इस संबंध में अंचलाधिकारी उदय कांत मिश्र ने कहा कि मृतक के स्वजनों को श्रम संसाधन विभाग की ओर से सरकारी मुआवजा राशि दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

शनिवार को दोनों शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। प्रवासी मजदूर के शव को उनके घर तक लाने की व्यवस्था की जा रही है।

पुलवामा में सड़क दुर्घटना में बिहार के चार लोगों की मौत पर मुख्यमंत्री मर्माहत

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपोरा इलाके में हुई सड़क दुर्घटना में बिहार के चार लोगों की मौत पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।

उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक शोक संतप्त परिवार को दो-दो लाख रुपए का अनुग्रह अनुदान अविलंब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना काफी दुखद है। उन्होंने दिल्ली के स्थानिक आयुक्त को निर्देश दिया कि जम्मू-कश्मीर सरकार से आवश्यक समन्वय स्थापित कर मृत के पार्थिव शरीर को उनके गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था करें।

इसके अतिरिक्त इस हादसे में घायल हुए बिहार के लोगों के समुचित इलाज की व्यवस्था का भी उन्होंने निर्देश दिया। हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में गवाही देने आई महिला से गाली गलौज कर मारपीट का प्रयास

जमशेदपुर: सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में मुख्य दंडाधिकारी सीजेएम की कोर्ट में गवाही देने आई एक महिला दीपा कुमारी के साथ गाली गलौज की गई. उसके साथ मारपीट का प्रयास किया गया. धक्का-मुक्की की गई. महिला दीपा कुमारी जीआर केस नंबर 255/2018 में गवाही देने आई थी। तभी सोनारी के रहने वाले रंजन जघेल वहां पहुंचे और महिला के साथ भिड़ गए और उसे गाली गलौज करने लगेरंजन का कहना है कि महिला मुकदमा खत्म कराए. केस उठा ले, वरना उसे जान से हाथ धोना पड़ेगा। घटना के बाद कोर्ट में मौजूद अधिवक्ता अमित कुमार, अक्षय झा और अन्य अधिवक्ताओं ने बीच-बचाव कर महिला की जान बचाई. घटना की जानकारी मुख्य दंडाधिकारी को भी दे दी गई। जिला बार एसोसिएशन की तदर्थ समिति के अध्यक्ष लाला अजीत अंबस्ट को भी घटना की सूचना दी गई है. अधिवक्ताओं का कहना है कि घटना काफी निंदनीय है. इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए. इस मामले में दीपा कुमारी ने सीतारामडेरा थाने में रंजन जघेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

थाना प्रभारी ने किया माताओं से आग्रह, यातायात नियमों का पालन करने को चलाया अभियान

जमशेदपुर:-जुगसलाई यातायात की महिला थाना प्रभारी संगीता कुमारी हेलमेट और यातायात नियमों का पालन करने को लेकर अभियान चला रही है। उन्होंने सभी मां से आग्रह किया है कि वे अपने बेटों को बिना हेलमेट के घर से बाहर नहीं निकलने दें।

उन्हें हेलमेट पहनकर गाड़ी चलाने को कहें।

इसे लेकर टाटानगर रेलवे स्टेशन के समक्ष यातायात से संबंधित नुक्कड़ नाटक कर यातायात जागरूकता अभियान चलाया गया। इसमें राहगीरों को बताया गया कि यातायात नियम नहीं मानने से मौत भी हो सकती है। यातायात थाना प्रभारी संगीता कुमारी, आरपीएफ थाना प्रभारी संजय कुमार तिवारी, एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ वर्ल्ड के प्रदेश महामंत्री शशि आचार्या, पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता के समक्ष लोगों ने यातायात नियमों के पालन का संकल्प लिया।

बिना हेलमेट वालों को पहनाया फूलों का माला

यातायात थाना प्रभारी संगीता कुमारी ने बगैर हेलमेट पहने लोगों को फूलों का माला पहनाया। उन्हें चेतावनी दी कि दुबारा पकड़ाने पर जुर्माना वसूला जाएगा। इतना ही नहीं यातायात संबंधित सवालों के सही जवाब देने पर दर्जनों लोगों को निःशुल्क हेलमेट भी दिया गया। वहीं, आरपीएफ थाना प्रभारी विजय कुमार तिवारी एवं जिला रोड सुरक्षा के मैनेजर प्रकाश कुमार गिरी ने यातायात से संबंधित कई टिप्स दिए।

कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी के शार्प शूटर की बीवी और उसका सहयोगी जमशेदपुर से गिरफ्तार, सहयोगी है टाटा मोटर्स का कर्मचारी

जमशेदपुर/मऊ : उत्तर प्रदेश के ईनामी अपराधी अनुज कन्नौजिया और उसकी पत्नी को सिमकार्ड देने वाले उसके सहयोगी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने जमशेदपुर के परसुडीह बारीगोड़ा स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया है। यहीं से पुलिस ने उनकी पत्नी रीना राय को भी गिरफ्तार किया है, जिसकी तलाश की जा रही थी। गिरफ्तार व्यक्ति शिवरतन रजक है, जो बारीगोड़ा का रहने वाला है। बताया जाता है कि अनुज कन्नौजिया की तलाश पांच साल से उत्तर प्रदेश की पुलिस कर रही है। पकड़ा गया शिवरतन रजक टाटा मोटर्स के फाउंड्री डिवीजन में बाइसिक्स कर्मचारी है और वह शार्प शूटर का रिश्तेदार है। सूत्र बताते है कि वह साला लगता है।

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इंकाउंटर फार्मूला के डर से वह और उसकी पत्नी और रिश्तेदार भागे हुए थे, जो जमशेदपुर में ही शरण लिये हुए थे। अनुज कन्नौजिया पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी का करीबी है और शार्प शूटर भी रहा है। उसकी पत्नी रीना राय की तलाश वहां की पुलिस कर रही थी, जिसका मोबाइल लोकेशन बारीगोड़ा मिला था, जिसके बाद पुलिस ने उस तक पहुंची और सिम कार्ड मुहैया कराने वाले उसके रिश्तेदार श्री रजक को भी गिरफ्तार किया गया। बताया जाता है कि अनुज कन्नौजिया और उसकी पत्नी को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश की मऊ पुलिस लगातार छापामारी कर रही है। लेकिन उसका सिम लगातार बदलता रहा है।

बताया जाता है कि जो सिम कार्ड उसको मिलता रहा है, वह शिवरतन रजक ही मुहैया कराता था, जिसके माध्यम से वह रंगदारी वसूलता था। बताया जाता है कि जो सिमकार्ड से रंगदारी मांगी गयी थी, वह झारखंड के जमशेदपुर से जारी की गयी थी, जिसके माध्यम से हीरनपुर गांव निवासी भोलानाथ इंटर कॉलेज के मैनेजर हंसनाथ यादव से एक लाख रुपये रंगदारी मांगी गयी थी। इस मामले में केस दर्ज है. पुलिस ने काफी तकनीकी तरीके से छानबीन की, जिसके बाद शिवरतन रजक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उसको मऊ पुलिस ले गयी।

मऊ थाना के सब इंस्पेक्टर कमला पटेल और उनकी टीम यहां आयी थी और उसको पकड़कर ले गयी। शिवरतन रजक अनुज कन्नौजिया का रिश्तेदार है और यहां से सिमकार्ड मुहैया कराता था। उत्तर प्रदेश के मऊ जिला के चिरैयाकोट क्षेत्र के बहलोलपुर निवासी मुख्तार अंसारी का शार्प शूटर अनुज कन्नौजिया पिछले पांच साल से फरार चल रहा है। उसके खिलाफ पुलिस ने ईनाम घोषित कर रखा है। 28 फरवरी को चिरैयाकोट क्षेत्र के हिरनपुर कमथरी निवासी हंसनाथ यादव ने अनुज कन्नौजिया, उसकी पत्नी रीना राय और उसके अन्य रिश्तेदार के खिलाफ रंगदारी का केस दर्ज कराया था।

इसके बाद पुलिस ने रीना राय को भी झारखंड से ही गिरफ्तार किया, जिसके बाद उसकी निशानदेरी पर मऊ जिले के थाना चिरैया कोट के उपनिरीक्षक कमला प्रसाद पटेल, हेड कांस्टेबल दिलीप पटेल, कांस्टेबल रिंकू कुमार, महिला कांस्टेबल प्रभावती और सरोज के साथ छापामारी कर गिरफ्तार किया, जिसके बाद उसको जमशेदपुर कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस लेकर चली गयी। मऊ जिले के चिरैयाकोट थाना के थानाअद्यक्ष राजेश वर्मा ने बताया कि मुखबीर की सूचना पर झारखंड के जमशेदपुर के बारीगोड़ा में दबिश देकर अनुज कन्नौजिया की पत्नी रीना राय को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा उसके सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है।

बेगुनाह हैं मेरे पति, मामले की निष्पक्ष जांच करे एसएसपी- परवीन बानो

जमशेदपुर : आजादनगर थाना क्षेत्र के कुली रोड में 13 जनवरी की रात 10 बजे गोली मारकर की गयी मो. शब्बीर की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को तीन दिनों के बाद जेल भेजा था. आरोपियों को जेल भेजने के बाद हाजी सद्दाम हुसैन को बेगुनाह बताते हुये उसकी पत्नी परवीन बानो ने गुरुवार को एसएसपी से मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. बबलु नौशाद के परिवार के लोग भी उसे निर्दोष ही बता रेह हैं. जिस दिन पुलिस आरोपियों को जेल भेज रही थी उस दिन भी पुलिस ऑफिस में ही वैन का घेराव परिवार के लोगों ने कर दिया था।

घटना की रात पति घर पर थे

परवीन बानो का कहना है कि घटना की रात उनके पति अपने घर पर ही थे. उनके घर में सीसीटीवी कैमरा भी लगा हुआ है. इससे भी पुलिस मामले की जांच कर सकती है. अगर पुलिस को विश्वास नहीं है तो सीडीआर से भी पुलिस पति का लोकेशन ले सकती है. घटना के बाद जब पुलिस उनके घर पर आयी थी, तब परिवार के लोगों ने भी पुलिस का खुलकर सहयोग किया था।

एमजीएम थाना क्षेत्र के दुकानों में लगी आग,एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू

जमशेदपुर : बीती रात जमशेदपुर के एमजीएम थाना अंतर्गत डिमना रोड स्थित आशियाना के निकट बीती रात अगलगी से 5-6 दुकानें जलकर राख हो गई. आग कैसे लगी इसका खुलासा नहीं हो सका है. बताया जा रहा है कि सभी फुटपाथी दुकान थे. इनमें से ज्यादातर फल, सब्जी वगैरह की दुकानें थी. अनुमान के मुताबिक करीब तीन से चार लाख का नुकसान दुकानदारों को हुआ है. बताया जा रहा है, कि अगलगी की सूचना पर पहुंची झारखंड अग्निशमन विभाग की गाड़ी ने करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. इधर बुधवार की सुबह पीड़ित दुकानदार अगलगी से हुए नुकसान के आकलन में जुट गए हैं. बताया जा रहा है कि इससे पूर्व भी इस तरह की घटना घटित हो चुकी है. स्थानीय दुकानदारों ने इसके पीछे गहरी साजिश बताया.

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